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  • उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ

    उज्जैन में ई-साइकिल वितरण CM मोहन यादव ने ,PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर की तारीफ


    उज्जैन । उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इलेक्ट्रिक साइकिल की सौगात दी। यह ई-साइकिलें कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व निधि के तहत एक कंपनी की ओर से उपलब्ध कराई गई हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।

    मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि यह पहल महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी क्योंकि इससे उनके रोजमर्रा के कामकाज में सुविधा बढ़ेगी और पेट्रोल-डीजल पर होने वाला खर्च भी कम होगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में ई-साइकिल एक बेहतर और पर्यावरण अनुकूल विकल्प बनकर सामने आई है, जो कामकाज को सरल और सुलभ बनाएगी।

    डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विभिन्न जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से आई बहनों को यह ई-साइकिल उनके फील्ड वर्क में काफी मदद करेगी। उन्होंने इस पहल को महिला सशक्तिकरण और आधुनिक तकनीक के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

    कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन वर्षों में देश ने सुशासन और विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं और भारत को वैश्विक मंच पर एक नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है और आने वाले समय में यह गति और तेज होगी।

    उन्होंने यह भी कहा कि वे बाबा महाकाल से प्रार्थना करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी तरह देश की सेवा करते रहें और देश को आगे बढ़ाते रहें। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थी महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस तक पर जैकी श्रॉफ का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

    पेट्रोल-डीजल से लेकर गैस तक पर जैकी श्रॉफ का बड़ा बयान, सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस


    नई दिल्ली। अभिनेता Jackie Shroff एक बार फिर अपने अलग अंदाज और बेबाक बयान की वजह से चर्चा में आ गए हैं। इस बार उन्होंने पेट्रोल, डीजल और गैस जैसे जरूरी संसाधनों को लेकर अपनी राय जाहिर की है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती चुनौतियों और ऊर्जा संकट को देखते हुए अभिनेता ने लोगों से ईंधन के जिम्मेदारीपूर्ण इस्तेमाल की अपील की है। उनके बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और यह चर्चा का विषय बन गया है।

    हाल के दिनों में दुनियाभर में ऊर्जा संसाधनों को लेकर चिंता लगातार बढ़ी है। कई देशों में ईंधन की उपलब्धता और कीमतों से जुड़ी चुनौतियां सामने आ रही हैं। इसी बीच जैकी श्रॉफ ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि परिस्थितियों को समझने की जरूरत है और संसाधनों का इस्तेमाल सोच-समझकर किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जब जरूरी चीजें उपलब्ध हैं तो उन्हें अनावश्यक रूप से बर्बाद करने के बजाय जिम्मेदारी के साथ उपयोग करना अधिक जरूरी है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की उस अपील का समर्थन भी किया, जिसमें ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया था। अभिनेता ने अपने अंदाज में यह संदेश देने की कोशिश की कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में हर व्यक्ति की छोटी जिम्मेदारी भी बड़ा असर पैदा कर सकती है। उनका यह बयान अब तेजी से लोगों के बीच चर्चा का हिस्सा बन चुका है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं भी अलग-अलग नजर आ रही हैं। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन कर रहे हैं और इसे जिम्मेदार सोच बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर अपनी अलग राय भी रख रहे हैं। हालांकि यह पहली बार नहीं है जब जैकी श्रॉफ किसी सामाजिक मुद्दे पर खुलकर सामने आए हों। इससे पहले भी वह पर्यावरण, प्रकृति और सामाजिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त करते रहे हैं।

    वर्कफ्रंट की बात करें तो जैकी श्रॉफ जल्द ही अपनी नई फिल्म के जरिए दर्शकों के बीच दिखाई देने वाले हैं। उनकी आगामी फिल्म को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। लंबे समय से अपनी अलग शैली और अभिनय के लिए पहचान बनाने वाले जैकी श्रॉफ आज भी दर्शकों के बीच खास लोकप्रियता रखते हैं। इस बार उनका बयान मनोरंजन जगत से बाहर निकलकर सामाजिक चर्चा का विषय बन गया है और ईंधन बचत जैसे मुद्दे पर नई बहस को जन्म देता दिखाई दे रहा है।

  • भारत बना भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर, युवाओं की ताकत और टेक्नोलॉजी से दुनिया प्रभावित: पीएम मोदी

    भारत बना भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर, युवाओं की ताकत और टेक्नोलॉजी से दुनिया प्रभावित: पीएम मोदी


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को 19वें रोजगार मेले के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभर रहा है और दुनिया भारत की युवा शक्ति तथा तकनीकी क्षमता को लेकर बेहद उत्साहित है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनना चाहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और इसका सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास नए रोजगार और अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने हालिया विदेश दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि विभिन्न देशों के नेताओं और वैश्विक कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं में भारत के प्रति गहरा भरोसा देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा, उनकी क्षमता और देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया में सकारात्मक माहौल बना है।

    उन्होंने बताया कि नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, कृषि और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है। वहीं स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी पर सहमति बनी है। इसके अलावा नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और मैरीटाइम सेक्टर में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है।

    यूएई और इटली जैसे देशों के साथ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां सीधे तौर पर भारत के युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करेंगी।

    उन्होंने सेमीकंडक्टर सेक्टर का उदाहरण देते हुए बताया कि वैश्विक स्तर की कंपनियां भारत की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, जिससे देश में नई तकनीक और रोजगार दोनों का विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे और भारत इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    रोजगार मेले को लेकर उन्होंने कहा कि यह पहल देश में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। 19वें रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 47 स्थानों पर किया गया, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलेगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा देश बन रहा है जो वैश्विक विकास का प्रमुख आधार बन सकता है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत की प्रगति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।

  • गोल्ड खरीदारी को लेकर बदल रही सोच: सर्वे में सामने आया पीएम मोदी की अपील का प्रभाव

    गोल्ड खरीदारी को लेकर बदल रही सोच: सर्वे में सामने आया पीएम मोदी की अपील का प्रभाव

    नई दिल्ली । देश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोने की खरीदारी को लेकर लोगों की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह सामने आया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब आम लोगों के व्यवहार पर भी दिखाई देने लगा है। बड़ी संख्या में भारतीयों ने अगले एक साल तक गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की बात कही है।

    कुछ समय पहले प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और अनावश्यक सोने की खरीद पर नियंत्रण रखने की अपील की थी। इसके पीछे सरकार का उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को कम करना बताया गया था। अब एक सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है कि लोगों ने इस अपील को गंभीरता से लिया है और अपनी खरीदारी की आदतों पर पुनर्विचार शुरू कर दिया है।

    सर्वे में शामिल लोगों में से लगभग 61 प्रतिशत ने कहा कि वे अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का प्रयास करेंगे। इनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो नियमित रूप से सोना खरीदते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक परिस्थितियों और वैश्विक बाजार में अस्थिरता के चलते लोग अब खर्च को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं।

    भारत में सोने की खरीदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सांस्कृतिक और पारिवारिक महत्व भी काफी गहरा है। शादियों, त्योहारों और पारंपरिक आयोजनों में सोना खरीदना लंबे समय से भारतीय समाज का हिस्सा रहा है। इसके बावजूद सर्वे में बड़ी संख्या में लोगों का सोना खरीदने को लेकर संयम दिखाना एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

    रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि बीते वित्तीय वर्ष में भारत का सोना आयात बिल काफी बढ़ गया। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेज उछाल के कारण आयात की कुल लागत रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई। हालांकि आयात की मात्रा में बहुत ज्यादा वृद्धि नहीं हुई, लेकिन ऊंची कीमतों ने विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पैदा किया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लोग गैर-जरूरी सोना खरीदने में कमी करते हैं तो इससे देश की आर्थिक स्थिति को कुछ हद तक राहत मिल सकती है। विदेशी मुद्रा की बचत होने से आयात संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और आर्थिक दबाव कम किया जा सकेगा।

    हालांकि सर्वे में यह भी सामने आया कि सभी लोग अपनी पारंपरिक आदतें बदलने के लिए तैयार नहीं हैं। करीब 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे शादियों और पारिवारिक जरूरतों के लिए सोना खरीदना जारी रखेंगे। कई लोगों का यह भी मानना है कि आर्थिक अस्थिरता के दौर में सोना अब भी सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है।

    इस सर्वे ने यह साफ कर दिया है कि देश में आर्थिक मुद्दों को लेकर लोगों की जागरूकता बढ़ रही है और सरकारी अपीलों का असर अब आम नागरिकों की सोच और फैसलों में भी दिखाई देने लगा है।

  • PM मोदी की अपील के बाद अमृता फडणवीस ने रद्द किया कान्स फिल्म फेस्टिवल दौरा, बोलीं- ‘राष्ट्र सर्वोपरि’

    PM मोदी की अपील के बाद अमृता फडणवीस ने रद्द किया कान्स फिल्म फेस्टिवल दौरा, बोलीं- ‘राष्ट्र सर्वोपरि’



    नई दिल्ली। अमृता फडणवीस ने फ्रांस में आयोजित हो रहे Cannes Film Festival में शामिल होने का अपना दौरा रद्द कर दिया है। उन्होंने यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया, जिसमें पश्चिम एशिया संकट के बीच गैरजरूरी खर्च और विदेश यात्राएं कम करने की बात कही गई थी।

    अमृता फडणवीस ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि उन्हें कान्स फिल्म फेस्टिवल में महाराष्ट्र की संस्कृति और पारंपरिक पैठणी हथकरघा कला का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान मिला था, लेकिन “राष्ट्र सर्वोपरि” की भावना को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यात्रा रद्द करने का निर्णय लिया।

    उन्होंने बताया कि इस खास अवसर के लिए येओला की पारंपरिक पैठणी साड़ी महीनों की मेहनत से तैयार की गई थी। बावजूद इसके, उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील का सम्मान करते हुए विदेश यात्रा टाल दी।

    अमृता फडणवीस ने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इससे कई कारीगरों और डिजाइनर्स की मेहनत जुड़ी थी, लेकिन देशहित सबसे ऊपर है। उन्होंने सभी कलाकारों और सहयोगियों का आभार भी जताया।

    इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी ईंधन बचत और सादगी के संदेश के तहत चार्टर्ड विमान छोड़कर इकोनॉमी फ्लाइट और बाइक से यात्रा करते नजर आए थे।

  • नीदरलैंड दौरे पर पीएम मोदी का संबोधन, 2014 के चुनाव नतीजे किए याद; बोले- ‘16 मई को कुछ खास हुआ था’, भारत की विकास यात्रा पर गिनाईं उपलब्धियां

    नीदरलैंड दौरे पर पीएम मोदी का संबोधन, 2014 के चुनाव नतीजे किए याद; बोले- ‘16 मई को कुछ खास हुआ था’, भारत की विकास यात्रा पर गिनाईं उपलब्धियां



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीदरलैंड के आधिकारिक दौरे पर हैं, जो उनकी पांच देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। द हेग में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के नतीजों को याद किया और कहा कि 16 मई 2014 को देश में स्थिर और पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनने का रास्ता साफ हुआ था।

    पीएम मोदी ने कहा, “आज से 12 वर्ष पहले 2014 में 16 मई को कुछ खास हुआ था। उस दिन भारतवासियों के विश्वास ने नई दिशा दी, जिसने उन्हें बिना रुके और बिना थके काम करने की ताकत दी।”

    अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय समुदाय की भूमिका की सराहना की और कहा कि नीदरलैंड का हेग आज भारत-नीदरलैंड मित्रता का जीवंत प्रतीक बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट और पता बदल सकता है, लेकिन भारतीयों का अपनी संस्कृति और देश के प्रति लगाव हमेशा बना रहता है।

    पीएम मोदी ने भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि देश आज बड़े पैमाने पर सोलर पार्क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो नेटवर्क, इलेक्ट्रिफाइड रेल नेटवर्क और सिविल एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास वाले देशों में शामिल हो रहा है और नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

    प्रधानमंत्री की यह यात्रा डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के निमंत्रण पर हो रही है। नीदरलैंड में करीब 90,000 से अधिक भारतीय मूल के लोग रहते हैं और लगभग 3,500 भारतीय छात्र वहां उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।

    पीएम मोदी 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे और इस दौरान कई द्विपक्षीय और सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

  • PM मोदी का UAE दौरा: अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा

    PM मोदी का UAE दौरा: अबू धाबी में राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद से मुलाकात, रणनीतिक साझेदारी और वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा



    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पहुंचे, जहां अबू धाबी एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका भव्य स्वागत किया। पीएम मोदी को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वार्ता शुरू हुई। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक हालात पर विस्तार से चर्चा हुई।

    बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में UAE के साथ खड़ा है और दोनों देश आने वाले समय में हर क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। बातचीत में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति पर भी चिंता जताई गई, जहां दोनों नेताओं ने संयम और संवाद को ही समाधान बताया।

    इस दौरे को लेकर सबसे अहम घटनाक्रम में दोनों देशों के बीच ऊर्जा और निवेश से जुड़े कई समझौते हुए। LPG सप्लाई, स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व, रक्षा सहयोग और वडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर जैसे क्षेत्रों में MoU साइन किए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार UAE ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर, RBL बैंक और सम्मान कैपिटल में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा भी की है।

    इसके अलावा UAE ने अपनी क्रूड ऑयल उत्पादन क्षमता को 2027 तक 50 लाख बैरल प्रतिदिन तक बढ़ाने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। इस कदम को वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए अहम माना जा रहा है। वहीं, विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में यह दौरा भारत-UAE रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा।

    भारत और UAE के बीच पहले से ही गहरा व्यापारिक संबंध है। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर है और दोनों देशों के बीच 6 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार होता है। भारत पेट्रोलियम प्रोडक्ट, जेम्स-ज्वेलरी, टेक्सटाइल, फूड आइटम, मशीनरी और केमिकल्स का बड़ा निर्यातक है।

    कुल मिलाकर यह दौरा ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के लिहाज से दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ता नजर आ रहा है।

  • ऊर्जा संकट और पीएम अपील पर सियासी संग्राम: मायावती ने उठाए आर्थिक हालात पर सवाल, कोरोना काल की दिलाई याद

    ऊर्जा संकट और पीएम अपील पर सियासी संग्राम: मायावती ने उठाए आर्थिक हालात पर सवाल, कोरोना काल की दिलाई याद




    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील, जिसमें उन्होंने वैश्विक ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय हालातों को देखते हुए देशवासियों से संयमित जीवनशैली अपनाने की बात कही थी, उस पर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पीएम मोदी ने लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, सार्वजनिक परिवहन और कार पूलिंग अपनाने, एक साल तक विदेश यात्रा सीमित करने, सोने की खरीद पर नियंत्रण रखने और वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने जैसी अपीलें की थीं। उनका कहना था कि इससे देश की ऊर्जा खपत घटेगी और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा।

    इस अपील के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी करते हुए कहा कि देश पहले ही कोरोना महामारी के आर्थिक झटकों से उबर रहा है और आम जनता अभी भी रोज़गार और महंगाई के दबाव में जी रही है। ऐसे में सरकार को केवल संयम की अपील करने के बजाय लोगों को वास्तविक आर्थिक राहत देने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए।

    मायावती ने अपने बयान में कहा कि देश के करोड़ों गरीब और मेहनतकश लोग पहले ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं और उनके पास अब और ज्यादा आर्थिक बोझ सहने की क्षमता नहीं बची है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा वैश्विक तनाव और ऊर्जा संकट के कारण आर्थिक स्थिति और बिगड़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ेगा।

    उन्होंने कोरोना काल को याद करते हुए कहा कि उस समय भी जनता ने भारी कठिनाइयों का सामना किया था और आज भी उसका असर पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह केवल सुझाव या अपील देने के बजाय गरीब और मध्यम वर्ग के लिए ठोस आर्थिक सहायता और राहत योजनाएं लागू करे।

    पीएम मोदी की अपील का उद्देश्य ऊर्जा बचत और आयात पर निर्भरता कम करना बताया जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। सरकार का मानना है कि घरेलू स्तर पर संयम और संसाधनों के बेहतर उपयोग से आर्थिक दबाव को कम किया जा सकता है।

    कुल मिलाकर इस मुद्दे ने एक बार फिर से देश में आर्थिक नीतियों और जनता पर पड़ने वाले असर को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है, जहां एक ओर सरकार संयम और बचत पर जोर दे रही है, वहीं विपक्ष गरीब और मध्यम वर्ग की वास्तविक स्थिति को केंद्र में रखकर राहत की मांग कर रहा है।

  • पीएम की अपील पर राहुल गांधी का पलटवार-12 साल की विफल नीतियों का परिणाम है ये हालात..

    पीएम की अपील पर राहुल गांधी का पलटवार-12 साल की विफल नीतियों का परिणाम है ये हालात..

    नई दिल्ली ।
    देश इस समय वैश्विक ऊर्जा संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव के प्रभाव से गुजर रहा है, जिसका असर सीधे तौर पर तेल और गैस की आपूर्ति पर पड़ रहा है। इसी माहौल में प्रधानमंत्री की ओर से देशवासियों से अपील की गई कि वे ऊर्जा और संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें और अनावश्यक खर्चों से बचें। यह अपील ऐसे समय में आई है जब पेट्रोल और गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर पहले से ही चिंता का माहौल बना हुआ है।

    प्रधानमंत्री ने जनता से कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए देश को सामूहिक रूप से ऊर्जा बचत की दिशा में कदम बढ़ाने होंगे। उन्होंने सुझाव दिया कि लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करें, जहां संभव हो सार्वजनिक परिवहन अपनाएं और डिजिटल वर्किंग मॉडल को प्राथमिकता दें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक खर्चों, खासकर सोने जैसी वस्तुओं की खरीद पर अस्थायी रूप से संयम बरतना देश की अर्थव्यवस्था के लिए मददगार हो सकता है।

    इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस अपील पर कड़ा रुख अपनाते हुए इसे सरकार की नीतिगत विफलता का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि जब देश के नागरिकों को यह बताने की नौबत आ जाए कि उन्हें क्या खरीदना है और क्या नहीं, तो यह एक गंभीर स्थिति को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह केवल सलाह नहीं बल्कि आर्थिक प्रबंधन की कमजोरी का परिणाम है।

    राहुल गांधी ने आगे कहा कि पिछले कई वर्षों की नीतियों के कारण देश ऐसी स्थिति में पहुंच गया है, जहां आम जनता पर अतिरिक्त जिम्मेदारी डाली जा रही है। उनका कहना था कि सरकार अपनी जवाबदेही से बचने के लिए जनता को संदेश दे रही है कि वह अपने खर्च कम करे और जीवनशैली में बदलाव लाए।

    ऊर्जा संकट का यह दौर पूरी तरह वैश्विक परिस्थितियों से जुड़ा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित होने और कई क्षेत्रों में तनाव बढ़ने के कारण दुनिया भर के देशों में ऊर्जा कीमतों पर असर पड़ा है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए यह स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण बन जाती है, क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में तेल और गैस बाहर से मंगाया जाता है।

    सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि यह अपील किसी कमी को छिपाने के लिए नहीं बल्कि एक सतर्कता और सहयोग की भावना के तहत की गई है, ताकि देश इस वैश्विक संकट का बेहतर तरीके से सामना कर सके। वहीं विपक्ष का मानना है कि अगर नीति और प्रबंधन मजबूत होते तो ऐसी अपील की जरूरत नहीं पड़ती।

    इस पूरे मामले ने एक बार फिर राजनीति में आर्थिक नीतियों और जिम्मेदारी को लेकर बहस छेड़ दी है। एक तरफ सरकार इसे जनभागीदारी का हिस्सा बता रही है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे विफलता का संकेत मान रहा है।

    आने वाले समय में यह मुद्दा और भी चर्चा में रह सकता है, क्योंकि वैश्विक हालात अभी भी स्थिर नहीं हैं और ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। इसका सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जीवनशैली पर पड़ता दिख रहा है।

  • गणित ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने जताया गर्व, बेटियों की जमकर तारीफ

    गणित ओलंपियाड में ऐतिहासिक प्रदर्शन पर पीएम मोदी ने जताया गर्व, बेटियों की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की उन प्रतिभाशाली छात्राओं की खुलकर प्रशंसा की, जिन्होंने फ्रांस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गणित ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन कर भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने इस उपलब्धि को देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि यह भारत की युवा पीढ़ी की क्षमता और मेहनत को दर्शाता है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि यह प्रतियोगिता दुनिया की सबसे कठिन गणितीय प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है, जहां प्रतिभागियों को सीमित समय में बेहद जटिल समस्याओं को हल करना होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे दबाव भरे माहौल में भी भारत की बेटियों ने आत्मविश्वास और धैर्य के साथ बेहतरीन प्रदर्शन किया, जो सराहनीय है।

    उन्होंने विशेष रूप से उन छात्राओं का उल्लेख किया जिन्होंने इस प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें मुंबई की श्रेया मुंदड़ा, तिरुवनंतपुरम की संजना चाको, चेन्नई की शिवानी भरत कुमार और कोलकाता की श्रीमोई बेरा शामिल रहीं। इन छात्राओं ने मिलकर भारत को दुनिया में छठा स्थान दिलाया। वहीं व्यक्तिगत प्रदर्शन में श्रेया ने स्वर्ण पदक, संजना ने रजत और शिवानी ने कांस्य पदक हासिल कर देश का गौरव बढ़ाया।

    प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि इस ओलंपियाड के लिए चयन प्रक्रिया बेहद कठिन और कई चरणों वाली होती है। छात्रों को पहले क्षेत्रीय स्तर, फिर राज्य स्तर और उसके बाद राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं से गुजरना पड़ता है। इसके बाद चुनी गई प्रतिभागियों को एक विशेष प्रशिक्षण शिविर में शामिल किया जाता है, जहां उनकी क्षमता को और निखारा जाता है और अंतिम टीम का चयन किया जाता है।

    उन्होंने यह भी बताया कि हर साल लाखों छात्राएं इस गणित ओलंपियाड प्रक्रिया में हिस्सा लेती हैं और समय के साथ यह संख्या लगातार बढ़ रही है। यह इस बात का संकेत है कि देश की बेटियों में विज्ञान और गणित के प्रति रुचि तेजी से बढ़ रही है और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं।

    अंत में प्रधानमंत्री ने इन छात्राओं के साथ-साथ उनके माता-पिता और शिक्षकों की भी सराहना की, जिन्होंने इस सफलता के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारत को शिक्षा और प्रतिभा के क्षेत्र में और मजबूत करेगी।