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  • पीएम मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से सर्विकल कैंसर के खिलाफ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया और पांच लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस टीका लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य हर साल लगभग 1.15 करोड़ 14 साल की लड़कियों को हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में टीका मुफ्त उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि परिवार में जब मां बीमार होती है तो घर बिखर जाता है लेकिन मां स्वस्थ हो तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। यही कारण है कि महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले शौचालय की सुविधा न होने के कारण लड़कियों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, यह किसी ने महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि उस समय यह मुद्दा सत्ता के लिए छोटी बात था लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे संवेदनशीलता के साथ हल किया। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान कुपोषण और माताओं की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया। सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत माताओं को पोषक आहार मुहैया कराया गया और पांच हजार रुपए उनके खातों में जमा किए गए।

    प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला गैस योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि घर में धुएं के कारण महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना से यह समस्या दूर हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ काम करती है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस अभियान के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बनें।

    उन्होंने आगे कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं है बल्कि यह नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान के तहत लड़कियों को टीका तय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर मुफ्त मिलेगा और यह कार्यक्रम देशभर में समान रूप से लागू होगा। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने और इसे सफल बनाने की अपील भी की।

    इस अभियान के माध्यम से न केवल सर्विकल कैंसर की रोकथाम होगी बल्कि महिलाओं और लड़कियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर हों। उन्होंने युवाओं को भी प्रेरित किया कि वे इस तरह की पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।

    इस तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान न केवल लड़कियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा बल्कि नारीशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • PM मोदी के इजरायल दौरे पर PM नेतन्याहू ने भारतीय लुक में किया डिनर होस्ट, सबको किया चौंका

    PM मोदी के इजरायल दौरे पर PM नेतन्याहू ने भारतीय लुक में किया डिनर होस्ट, सबको किया चौंका


    नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi इस समय दो दिवसीय दौरे पर इजरायल में हैं। इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी Sara Netanyahu ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान नेतन्याहू ने मोदी के लिए रात्रि भोज भी होस्ट किया जिसमें उन्होंने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर सभी को चौंका दिया।

    नेतन्याहू ने खुद इस पल की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और लिखा हमारे संयुक्त रात्रिभोज से पहले मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर चौंका दिया।

    इससे पहले एयरपोर्ट पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इस दौरान सारा नेतन्याहू और पीएम मोदी के सैफरन रंग के कपड़े मैच करने पर सभी ने ठहाके लगाए और मुस्कुराते हुए इस पल का आनंद लिया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित किया और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। संसद में मोदी के भाषण के दौरान सांसद खड़े होकर उनका अभिवादन किया और स्पीकर ने हिंदी में उनका स्वागत किया।

    संसद में संबोधन के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कहा नरेंद्र मेरे प्यारे दोस्त मैं आपके यहां आने से बहुत-बहुत खुश हूं। आप मेरे भाई से कम नहीं हैं। पिछली बार हमने मेडिटेरेनियन कोस्ट पर समय बिताया था और तब से हमारे सहयोग और समझ ने नए आयाम हासिल किए हैं।इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की साथ ही यह रंगीन और दोस्ताना पल भारत-इजरायल संबंधों में एक यादगार क्षण बन गया।

  • पीएम मोदी का इजरायल दौरा, नेतन्याहू बोले-भारत-इजरायल पर फिल्म बने तो हिट होगी

    पीएम मोदी का इजरायल दौरा, नेतन्याहू बोले-भारत-इजरायल पर फिल्म बने तो हिट होगी


    नई दिल्ली से रिपोर्ट: प्रधानमंत्री Narendra Modi इजरायल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। स्वागत के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने गर्मजोशी से उन्हें अभिवादन किया और कहा कि अगर भारत-इजरायल भाईचारे पर कोई बॉलीवुड फिल्म बने तो वह जबरदस्त हिट साबित होगी।

    यह बयान दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को उजागर करता है। इजरायल में बॉलीवुड की लोकप्रियता को देखते हुए नेतन्याहू ने 2018 में भारत दौरे के दौरान भी इस जुड़ाव पर जोर दिया था।

    पीएम मोदी की यह यात्रा उनके 2017 के ऐतिहासिक दौरे के बाद दूसरी है। इस दौरे के दौरान दोनों नेता सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।

    भारत और इजरायल के बीच फिल्म सह-निर्माण समझौता 2018 में हुआ था, जब नेतन्याहू भारत आए थे। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। समझौते के तहत सह-निर्मित फिल्मों को दोनों देशों में राष्ट्रीय उत्पादन का दर्जा मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, पटकथा लेखन, प्रतिभा और वितरण में सहयोग संभव हुआ।

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी, वित्तीय और मार्केटिंग संसाधनों का साझा उपयोग किया जा सकता है। सह-निर्मित फिल्में दोनों देशों के फिल्म समारोहों में घरेलू फिल्म की तरह भाग ले सकती हैं और निर्माण तथा पोस्ट-प्रोडक्शन में प्रोत्साहन भी मिलता है।

    यह समझौता कलाकारों और तकनीकी कर्मियों के बीच रोजगार सृजन में सहायक साबित हो रहा है। इससे कला-संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ा है और दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना मजबूत हुई है।

    2018 में भारत यात्रा के दौरान ‘शालोम बॉलीवुड’ कार्यक्रम में नेतन्याहू ने Amitabh Bachchan और Imtiaz Ali समेत अन्य सितारों से मुलाकात की थी। उन्होंने इजरायल में बॉलीवुड फिल्मों के लिए न्योता भी दिया था और वादा किया कि वहां बॉलीवुड फिल्में बढ़ेंगी।

    सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा, विज्ञान और फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ फिल्म उद्योग में यह समझौता भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जा रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और सांस्कृतिक, तकनीकी तथा आर्थिक सहयोग में भी विस्तार हुआ है।

  • ब्राजील बना भारत का 'सुपर पार्टनर': रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर एयरोस्पेस तक 9 बड़े समझौते, चीन के एकाधिकार पर मोदी का सीधा प्रहार!

    ब्राजील बना भारत का 'सुपर पार्टनर': रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर एयरोस्पेस तक 9 बड़े समझौते, चीन के एकाधिकार पर मोदी का सीधा प्रहार!


    नई दिल्ली ।दुनिया भर में ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ दुर्लभ खनिजों की प्रोसेसिंग और खनन पर लगभग 70% से 90% तक नियंत्रण रखने वाला चीन अब मुश्किल में पड़ सकता है। अपनी इस ताकत के दम पर समय-समय पर दुनिया को आंख दिखाने वाले चीन की हेकड़ी को शांत करने के लिए भारत ने एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। शनिवार को भारत और ब्राजील के बीच एक ऐसी ऐतिहासिक ट्रेड डील हुई है, जो न केवल चीन पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरण को भी पूरी तरह बदल कर रख देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने जरूरी मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन में सहयोग के लिए समझौतों पर मुहर लगा दी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस साझेदारी को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ब्राजील के साथ हुए इस खनिज समझौते से चीन पर भारत की निर्भरता काफी हद तक कम होगी और यह एक मजबूत, सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस मुलाकात के दौरान भारत और ब्राजील ने साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है। आपको बता दें कि 2006 में जहां यह व्यापार महज 2.4 अरब डॉलर था, वहीं अब यह 15 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन दोनों नेताओं का मानना है कि दोनों देशों की क्षमता इससे कहीं अधिक है।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 9 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें सबसे प्रमुख है ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ के क्षेत्र में सहयोग और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बनाई गई ‘डिजिटल साझेदारी’। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि ब्राजील के पास नायोबियम, लिथियम और लौह अयस्क जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधनों का भंडार है, जबकि भारत के पास विश्व स्तरीय तकनीक और विनिर्माण क्षमता है। जब ये दोनों शक्तियां हाथ मिलाएंगी, तो दुनिया को एक वैकल्पिक और विश्वसनीय औद्योगिक पार्टनर मिलेगा।

    व्यापारिक मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। एनएमडीसी, वेल और अडानी गंगावरम पोर्ट के बीच करीब 500 मिलियन डॉलर की लागत से लौह अयस्क ब्लेंडिंग सुविधा स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, एयरोस्पेस क्षेत्र में एक बड़ी सफलता तब मिली जब ब्राजील की दिग्गज कंपनी ‘एम्ब्रेयर’ और ‘अडानी डिफेंस’ ने भारत में ई175 रीजनल जेट की असेंबली लाइन स्थापित करने का फैसला किया। फार्मा क्षेत्र में भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं के संयुक्त शोध के लिए हाथ मिलाया गया है। साफ है कि भारत और ब्राजील की यह नई जुगलबंदी न केवल चीन के आर्थिक दबदबे को चुनौती दे रही है, बल्कि विकासशील देशों के हितों को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित भी कर रही है।

  • विश्व रेडियो दिवस पर पीएम मोदी ने रेडियो को बताया भरोसेमंद साथी, ‘मन की बात’ के लिए जनता से मांगे सुझाव

    विश्व रेडियो दिवस पर पीएम मोदी ने रेडियो को बताया भरोसेमंद साथी, ‘मन की बात’ के लिए जनता से मांगे सुझाव


    नई दिल्ली।विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो को एक सशक्त और भरोसेमंद माध्यम बताते हुए इसकी अहमियत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रेडियो ने दशकों से देश के कोने-कोने में लोगों को जोड़ने का काम किया है और आज भी यह सूचना, प्रेरणा और संवाद का एक मजबूत जरिया बना हुआ है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात के आगामी संस्करण के लिए सुझाव देने की अपील भी की।

    प्रधानमंत्री ने विश्व रेडियो दिवस के मौके पर सोशल मीडिया मंच X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि यह दिन उस माध्यम का उत्सव मनाने का अवसर है, जिसने समय की कसौटी पर खुद को हमेशा साबित किया है। उन्होंने रेडियो को एक ऐसी “भरोसेमंद आवाज़” बताया जो दूर-दराज के गांवों से लेकर बड़े शहरों तक लोगों को एक सूत्र में बांधे रखती है। उनके अनुसार, रेडियो ने वर्षों से लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाने, नई प्रतिभाओं को मंच देने और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उन्होंने कहा कि रेडियो केवल एक तकनीकी माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली एक सशक्त कड़ी है। यह उन लाखों लोगों के प्रयासों का परिणाम है जो इस माध्यम से जुड़े हैं और निरंतर लोगों तक सटीक जानकारी और मनोरंजन पहुंचाते हैं। प्रधानमंत्री ने इस दिन को उन सभी लोगों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी बताया, जिन्होंने रेडियो को आज भी प्रासंगिक बनाए रखा है।

    अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने खुद महसूस किया है कि रेडियो किस तरह लोगों की सामाजिक ताकत और सकारात्मक पहलों को सामने लाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने आम नागरिकों, समाजसेवियों और नवाचार करने वाले लोगों की कहानियों को देशभर तक पहुंचाने का काम किया है, जिससे प्रेरणा और जागरूकता दोनों का विस्तार हुआ है।

    प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे 22 फरवरी को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ के अगले एपिसोड के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करें। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम की असली ताकत जनता की भागीदारी में है और लोगों के सुझाव ही इसे और अधिक प्रभावी बनाते हैं।

    गौरतलब है कि ‘मन की बात’ एक मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री देशवासियों से सीधे संवाद करते हैं और समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों, जमीनी स्तर की पहलों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं। इसमें स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक विकास जैसे कई विषयों पर चर्चा की जा चुकी है। साथ ही ऐसे लोगों के कार्यों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाता है, जिन्होंने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव लाने में योगदान दिया है।

    हर साल 13 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व रेडियो दिवस इस बात की याद दिलाता है कि रेडियो आज भी संचार का एक सशक्त और सुलभ माध्यम है। खासतौर पर भारत जैसे विशाल देश में, जहां दूरदराज के इलाकों में अन्य संचार साधनों की पहुंच सीमित हो सकती है, वहां रेडियो सूचना और मनोरंजन का भरोसेमंद स्रोत बना हुआ है। यही कारण है कि बदलते समय और नई तकनीकों के बीच भी रेडियो की प्रासंगिकता आज तक बनी हुई है।

  • पीएम मोदी के नेतृत्व में तेजी से बढ़ा भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से कारोबार हुआ आसान

    पीएम मोदी के नेतृत्व में तेजी से बढ़ा भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से कारोबार हुआ आसान


    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम पिछले आठ वर्षों में अभूतपूर्व गति से बढ़ा है। केवल नीति समर्थन ही नहींबल्कि मजबूत डिजिटल और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण स्टार्टअप्स को अब व्यापार करना आसान हो गया है। यह बात स्टार्टअप फाउंडर्स ने गुरुवार को साझा की।हेल्थकेयर स्टार्टअप 1एमजी के सीईओ प्रशांत टंडन ने कहा कि आज भारत में एक उद्यमी को वही सुविधाएँ मिलती हैंजिनकी उसे ज़रूरत होती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के आने के बाद स्टार्टअप्स को स्टॉपलाइट में रखा गयाजिससे भारत को ग्लोबल स्टार्टअप मैप पर मान्यता मिली। टंडन के अनुसार सरकार कॉरपोरेट्स और आम जनता भी अब स्टार्टअप्स की अहमियत समझ रही है।

    उन्होंने आगे बताया कि इस बदलाव के पीछे जेएएम ट्रिनिटी (जनधन आधार मोबाइल) और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इससे उद्यमियों को ऐसी प्रणालियाँ विकसित करने का अवसर मिला जिनसे देश की जरूरतों को पूरा किया जा सकता है।अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ अभिराज सिंह बहल ने कहा कि जब उन्होंने अर्बन कंपनी शुरू की थी तब भारत में केवल एक-दो यूनिकॉर्न मौजूद थे। लेकिन पिछले आठ वर्षों में स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ है। आज देश में 110 यूनिकॉर्न और हजारों स्टार्टअप्स विभिन्न सेक्टर्स में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनके मुताबिक इस विकास और विस्तार का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है।

    प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक हरसिमरबीर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी के 2015 के न्यूयॉर्क भाषण को उनके जीवन में परिवर्तनकारी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री में स्टार्टअप्स के लिए CEO जैसी विशेषताएं हैं-समस्याओं को तुरंत पहचानना और उनका समाधान करना। उन्होंने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के हालिया उदाहरण का जिक्र किया जहां सरकार ने समय रहते निवेश और सुधार के लिए पहल की।

    रेज कॉफी के संस्थापक भरत सेठी ने 2016 में स्टार्टअप इंडिया मिशन के उद्घाटन का अनुभव साझा किया। उनके मुताबिकउस समय भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था और इस मिशन ने स्टार्टअप्स के लिए एक नई दिशा तय की। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया मिशन ने न केवल व्यवसायियों को प्रोत्साहित किया बल्कि पूरे देश में उद्यमिता के लिए जागरूकता भी बढ़ाई।स्टार्टअप फाउंडर्स का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नीति  डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रेरणा का अनोखा मिश्रण भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में सक्षम रहा है।

  • प्रधानमंत्री मोदी और बड़े नेताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान की सराहना

    प्रधानमंत्री मोदी और बड़े नेताओं ने सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें नमन किया, नारी सशक्तिकरण और शिक्षा में योगदान की सराहना


    नई दिल्ली । देश की पहली महिला शिक्षिका और नारी सशक्तिकरण की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती शनिवार को धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह और कई अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर हम उस अग्रणी समाज सुधारक को स्मरण करते हैं जिन्होंने सेवा और शिक्षा के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए अपना जीवन समर्पित किया। वे समानता न्याय और करुणा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध थीं। उनका मानना था कि शिक्षा सामाजिक बदलाव का सबसे शक्तिशाली साधन है।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं को शिक्षा के मूल अधिकार से जोड़कर नारी सशक्तिकरण को नई दिशा दी। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए देश के पहले बालिका विद्यालय की स्थापना की और समाज सुधार की अलख जगाई। उनका प्रेरणादायी जीवन राष्ट्र निर्माण में सदैव मार्गदर्शक बना रहेगा।

    केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट किया नारी शिक्षा व सशक्तिकरण के लिए जीवनपर्यंत संघर्ष करने वाली महान समाज सुधारिका भारत की प्रथम महिला शिक्षिका श्रद्धेय माता सावित्रीबाई फुले जी की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूं। शोषितों-वंचितों और नारी उत्थान के लिए आपने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं वे सदैव समाज के नवनिर्माण के लिए हम सबको प्रेरित करते रहेंगे।

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा ‘क्रांतिज्योति’ सावित्रीबाई फुले ने अपने साहस संघर्ष और दूरदर्शिता से समाज में शिक्षा समानता व महिला अधिकारों की अलख जगाई। उनका जीवन सामाजिक परिवर्तन और मानवीय गरिमा का प्रतीक है। नारी सशक्तिकरण के लिए आजीवन संघर्षरत रहीं सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि।

    सावित्रीबाई फुले का जीवन समाज में शिक्षा के प्रसार और महिलाओं के अधिकारों के लिए उनके संघर्ष को दर्शाता है। उन्होंने न केवल महिलाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले बल्कि अपने समय में प्रचलित जातिवाद और महिला शोषण के खिलाफ भी आवाज उठाई। उनके योगदान को आज भी समाज सुधारकों और महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों द्वारा याद किया जाता है।

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव: महायुति की प्रचंड जीत पीएम मोदी ने 'जनकेंद्रित विकास' के लिए जनता का जताया आभार

    नई दिल्ली।मुंबई/ महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों ने राज्य में एक बार फिर ‘महायुति’ के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया है। इस शानदार सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जाहिर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया।

    प्रधानमंत्री ने लिखा महाराष्ट्र विकास के साथ मजबूती से खड़ा है! नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव में भाजपा और महायुति को आशीर्वाद देने के लिए मैं जनता का आभारी हूं। यह जनकेंद्रित विकास के हमारे दृष्टिकोण में अटूट विश्वास को दर्शाता है। पीएम ने आगे कहा कि उनकी सरकार नई ऊर्जा के साथ हर नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है और उन्होंने जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम की भी सराहना की।

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गिनाए भाजपा के ‘रिकॉर्ड’
    नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भाजपा की धमाकेदार जीत पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे ‘ऐतिहासिक जनादेश’ बताया। उन्होंने परिणामों के कुछ महत्वपूर्ण आंकड़ों को साझा किया जो भाजपा की बढ़ती ताकत को दर्शाते हैं:पार्षदों की रिकॉर्ड जीत: राज्य के कुल निर्वाचित पार्षदों में से 48 प्रतिशत अकेले भाजपा के चिह्न पर जीते हैं।अध्यक्ष पद पर कब्जा: पार्टी के उम्मीदवार 129 नगर परिषदों में अध्यक्ष चुने गए हैं।कुल संख्या: भाजपा ने कुल 3300 पार्षदों के निर्वाचित होने का एक और नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।

    फडणवीस ने कहा कि यह जीत राज्य सरकार के विकास एजेंडे और सकारात्मक अभियान का परिणाम है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने चुनाव में किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाने के बजाय केवल काम के आधार पर वोट मांगे थे।चुनावी आंकड़ों में महायुति का दबदबाअब तक प्राप्त रुझानों और परिणामों के अनुसार महायुति गठबंधन ने विपक्ष को काफी पीछे छोड़ दिया है:विवरणमहायुति BJP+Sena+NCPविपक्ष MVAकुल नगर परिषद 288215 7465%44नगर परिषद अध्यक्ष BJP129 2017 में 94 थी पार्षद BJP3300+ विपक्ष का हाल कांग्रेस शिवसेना UBT और एनसीपी SP का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। कई वरिष्ठ नेताओं के गढ़ में भी महायुति ने सेंध लगाने में सफलता हासिल की है। विपक्षी नेताओं ने हार का ठीकरा धनबल और चुनावी मशीनरी पर फोड़ा है।

    अगली चुनौती: महानगरपालिका चुनाव

    स्थानीय निकायों में मिली इस बड़ी जीत को जनवरी 2026 में होने वाले बीएमसी BMC और पुणे नगर निगम सहित 29 महानगरपालिकाओं के चुनावों के लिए एक मजबूत ‘बिल्ड-अप’ माना जा रहा है। महायुति अब इसी लय को बड़े शहरों में भी दोहराने की तैयारी में है।

  • भारत ने ट्रंप के टैरिफ का तोड़ निकाला  एफटीए बना सबसे बड़ा हथियार

    भारत ने ट्रंप के टैरिफ का तोड़ निकाला एफटीए बना सबसे बड़ा हथियार


    नई दिल्ली । 2025 का वर्ष वैश्विक व्यापार के लिए एक चुनौतीपूर्ण दौर साबित हुआ खासकर भारत के लिए जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका फर्स्ट नीति को एक नई ऊंचाई पर पहुंचाते हुए भारत पर 50% आयात शुल्क लगा दिए। इस टैरिफ ने भारत के निर्यातकों को गंभीर रूप से प्रभावित किया क्योंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार था। खासकर कपड़ा रत्न-आभूषण दवा समुद्री उत्पाद और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे क्षेत्रों पर इस फैसले का असर पड़ा।

    लेकिन भारत ने इस चुनौती का सामना बड़े ही समझदारी से किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने अपनी स्ट्रैटेजिक ऑटोनॉमी को मजबूत करते हुए मुक्त व्यापार समझौतों का सहारा लिया जिससे न केवल निर्यात में वृद्धि हुई बल्कि कई देशों के साथ संबंध भी मजबूत हुए। नतीजतन नवंबर 2025 में भारत के कुल निर्यात में 19.4% की बढ़ोतरी दर्ज की गई और अमेरिका को निर्यात में 22% से ज्यादा उछाल आया जो एक बड़ा आश्चर्य था।

    भारत ने एफटीए पर काम तेज किया

    अमेरिकी टैरिफ से जूझते हुए भारत ने तेजी से मुक्त व्यापार समझौतों पर काम करना शुरू कर दिया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक भारत इस समय यूरोपीय संघ न्यूजीलैंड और चिली के साथ उन्नत स्तर की एफटीए वार्ता कर रहा है। इसी कड़ी में भारत ने ओमान के साथ पहला एफटीए समझौता करने की योजना बनाई जिस पर नवंबर में हस्ताक्षर किए गए। यह एफटीए दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा देने खासकर इंजीनियरिंग उत्पादों वस्त्र फार्मास्यूटिकल्स और कृषि उत्पादों के निर्यात को नई गति देने के लिए महत्वपूर्ण था।

    एफटीए भारत की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा

    भारत की आर्थिक रणनीति में एफटीए अब एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुके हैं। ये समझौते भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में गहरी हिस्सेदारी दिलाने निर्यात में निरंतर वृद्धि और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के अवसर प्रदान करते हैं। एफटीए के माध्यम से व्यापार टैरिफ में कटौती और स्थिर व्यापार नियम भारतीय कंपनियों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करते हैं साथ ही नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का अवसर भी प्रदान करते हैं।

    अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक चुनौतियां

    अमेरिकी टैरिफ की चुनौती के बावजूद भारत ने वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं से बचने के लिए एफटीए पर तेजी से काम किया। व्यापार विशेषज्ञ अजय श्रीवास्तव के मुताबिक भारत एफटीए को एक रणनीतिक औजार की तरह इस्तेमाल कर रहा है जिससे निर्यात बाजारों में विविधता लाई जा सके और अमेरिका के ऊंचे टैरिफ के असर को कम किया जा सके। भारत के पास फिलहाल 26 देशों के साथ 15 एफटीए हैं और 26 अन्य देशों के साथ प्राथमिकता व्यापार समझौते हैं।

    भारत की एफटीए नीति से बढ़ा भरोसा

    हाल के वर्षों में भारत ने यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते किए हैं जिससे इन देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इसी साल मई में भारत और ब्रिटेन ने भी लंबे समय से लंबित एफटीए पर सहमति की घोषणा की थी जिसके तहत भारतीय खाद्य उत्पादों और मसालों को ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी। इन समझौतों ने तेज और स्पष्ट व्यापार ढांचे की जरूरत को और मजबूत किया है।

    सरकार का रुख और भविष्य की दिशा

    भारत सरकार वैश्विक व्यापार में चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद एफटीए वार्ताओं को आगे बढ़ा रही है। व्यापार सचिव राजेश अग्रवाल का कहना है कि आगामी वर्ष में इन समझौतों से अच्छे नतीजे मिलेंगे। हालांकि भारत के व्यापारिक साझेदारों से ज्यादा बाजार पहुंच की मांग और छोटे किसानों और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा की चिंता बनी हुई है।

    भारत और अमेरिका के रिश्ते

    भारत और अमेरिका के रिश्तों में पिछले कुछ समय से उतार-चढ़ाव आए हैं खासकर रूस से रियायती कच्चे तेल की निरंतर खरीद को लेकर। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों में नरमी के संकेत मिले हैं। पीएम मोदी ने ट्रंप की शांति योजना की सराहना की और दोनों नेताओं ने फोन पर व्यापार और अन्य मुद्दों पर बातचीत की।

    कई देशों से हाथ मिलाने का कारण

    वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता के दौर में भारत अब एक स्थिर और आकर्षक पार्टनर के रूप में उभर रहा है। विकसित देशों जैसे ब्रिटेन यूरोपीय संघ और ईएफटीए के देशों के लिए भारत का बड़ा बाजार और सस्ते उत्पाद आकर्षण का कारण बन रहे हैं जबकि उभरते बाजार जैसे ओमान चिली क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग देख रहे हैं
    भारत की एफटीए नीति वैश्विक व्यापार में बदलती परिस्थितियों के बीच उसके निर्यात और आर्थिक विकास को नई दिशा देने के लिए एक मजबूत रणनीतिक कदम साबित हो रही है। यह भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में और अधिक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगा साथ ही उसकी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेगा।