Tag: PMModi

  • भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    भारत की वैज्ञानिक ताकत पर जोर, पीएम मोदी ने न्यूक्लियर प्रोग्राम की उपलब्धियों को सराहा..

    नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देश की वैज्ञानिक प्रगति और सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम के महत्व पर विस्तार से विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत की विकास यात्रा में विज्ञान हमेशा एक मजबूत आधार रहा है और देश के वैज्ञानिक इसी सोच के साथ लगातार नई उपलब्धियों को हासिल कर रहे हैं।

    अपने संबोधन में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम ने भारत के औद्योगिक विकास, ऊर्जा क्षेत्र और स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम का असर सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि से जुड़े लोगों के साथ-साथ तकनीकी नवाचार करने वालों तक भी पहुंच रहा है, जिससे देश में विकास की गति और मजबूत हुई है।

    प्रधानमंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु के कलपक्कम में हासिल की गई वैज्ञानिक उपलब्धि का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है, जो भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम माना जाता है। यह वह अवस्था होती है जब रिएक्टर अपने आप ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया को स्थिर रूप से शुरू कर देता है।

    उन्होंने आगे बताया कि ब्रीडर रिएक्टर की विशेषता यह है कि यह न केवल ऊर्जा उत्पन्न करता है, बल्कि भविष्य के लिए आवश्यक ईंधन भी तैयार करने की क्षमता रखता है। यह तकनीक भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार प्रदान करती है और आने वाले समय में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने मार्च 2024 के उस अनुभव को भी याद किया, जब वे कलपक्कम में रिएक्टर की कोर लोडिंग प्रक्रिया के साक्षी बने थे। उन्होंने इसे देश की वैज्ञानिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक क्षण बताया।

    अंत में प्रधानमंत्री ने देश के सभी वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को बधाई दी, जिन्होंने भारत के परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास भारत को तकनीकी रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने में लगातार मदद करेंगे।

  • यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार

    यूपी को मिलेगा विकास का नया रफ्तार-पथ, 37 हजार करोड़ की गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना तैयार


    नई दिल्ली।
    उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने वाली गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना अब पूरी तरह तैयार हो चुकी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 29 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हरदोई में किया जाएगा। 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे देश के सबसे बड़े सड़क मार्गों में से एक माना जा रहा है, जो राज्य की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखता है।

    करीब 37 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना लंबे समय से निर्माणाधीन थी, जिसे तेजी से पूरा करने के लिए अलग-अलग हिस्सों में बांटकर काम कराया गया। पूरे एक्सप्रेस-वे को चार बड़े पैकेज में विभाजित किया गया, जिससे निर्माण कार्य समानांतर रूप से आगे बढ़ सका और समय पर पूरा किया जा सका।

    इस पूरी परियोजना में आधुनिक तकनीक और कड़े गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया है। निर्माण प्रक्रिया पर लगातार निगरानी रखी गई, ताकि काम की गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जा सकें। चारों हिस्सों में अलग-अलग लंबाई और लागत के पैकेज शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक भाग अपने आप में एक बड़ा निर्माण कार्य रहा है।

    गंगा एक्सप्रेस-वे को केवल एक सड़क परियोजना के रूप में नहीं देखा जा रहा, बल्कि इसे एक बड़े आर्थिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है। इसके किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों की योजना बनाई गई है, जिससे रोजगार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी।

    यह एक्सप्रेस-वे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान और तेज बनाएगा। इससे न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत भी घटेगी, जिससे व्यापार और उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा।

    इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में उभरने का अवसर मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क और तेज कनेक्टिविटी से राज्य में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय विकास का एक बड़ा आधार साबित हो सकती है।

  • पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बयान भारत ने दिया संवाद से समाधान का संदेश..

    पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी का बयान भारत ने दिया संवाद से समाधान का संदेश..

    नई दिल्ली:  नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि यह युद्ध केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकट ने दुनिया में ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है, जिसका प्रभाव भारत पर भी देखने को मिल रहा है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन भारत लगातार कूटनीतिक प्रयासों के जरिए समाधान की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत ने हमेशा शांति और संवाद का समर्थन किया है और इसी नीति के तहत सभी संबंधित देशों के साथ संपर्क बनाए रखा है। उन्होंने जानकारी दी कि उन्होंने क्षेत्र के कई राष्ट्राध्यक्षों से दो बार बातचीत की है और ईरान, इजरायल और अमेरिका के साथ लगातार संवाद जारी है

    पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में उत्पन्न स्थिति पर भी चिंता जताई। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बड़ी संख्या में जहाजों के फंसे होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनमें भारतीय क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में बाधा और व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और भारत अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है

    उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत नागरिकों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ढांचों पर हो रहे हमलों का कड़ा विरोध करता है। किसी भी प्रकार का हिंसक संघर्ष मानवता के हित में नहीं है और सभी पक्षों को जल्द से जल्द शांति के रास्ते पर लौटना चाहिए

    विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट के दौरान अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है। खास तौर पर ईरान से 1,000 से अधिक भारतीयों की वापसी हुई है, जिनमें 700 से ज्यादा मेडिकल छात्र शामिल हैं

    प्रधानमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान कुछ भारतीयों की जान गई है और कुछ लोग घायल हुए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है और घायलों के इलाज की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की गई है

    ऊर्जा आपूर्ति के मोर्चे पर भी सरकार सक्रिय है। प्रधानमंत्री ने बताया कि हाल के दिनों में कई देशों से तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत पहुंचे हैं और सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि देश की जरूरतों से जुड़ी आवश्यक आपूर्ति बाधित न हो

    प्रधानमंत्री का यह बयान साफ संकेत देता है कि भारत इस वैश्विक संकट के बीच संतुलित कूटनीति, संवाद और मानवीय दृष्टिकोण के साथ स्थिति को संभालने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच पीएम मोदी ने ईरान से की अहम चर्चा शांति का संदेश

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच पीएम मोदी ने ईरान से की अहम चर्चा शांति का संदेश

    नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद तथा नवरोज के अवसर पर शुभकामनाएं दीं यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के बीच संघर्ष लगातार जारी है

    प्रधानमंत्री ने अपनी बातचीत में पश्चिम एशिया में शांति स्थिरता और समृद्धि की उम्मीद जताई उन्होंने कहा कि ऐसे पावन अवसर आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाने का माध्यम बन सकते हैं और क्षेत्र में सकारात्मक माहौल तैयार कर सकते हैं

    पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि क्षेत्र में महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहे हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को प्रभावित कर रहे हैं बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन को भी बाधित कर सकते हैं उन्होंने ऐसे कदमों की निंदा करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की

    समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए समुद्री रास्तों का सुरक्षित और निर्बाध रहना बेहद जरूरी है भारत ने इस दौरान ईरान का आभार भी जताया कि वह वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का ध्यान रख रहा है

    इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच 12 मार्च को बातचीत हुई थी जिसमें क्षेत्र में बढ़ते तनाव और उसके वैश्विक प्रभावों पर चर्चा की गई थी उस समय भी प्रधानमंत्री ने आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति की आवश्यकता पर जोर दिया था और चेतावनी दी थी कि किसी भी तरह की रुकावट भारत और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है

    भारत लगातार इस पूरे संकट के दौरान “डायलॉग और डिप्लोमेसी” की नीति पर जोर दे रहा है प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में कई देशों के नेताओं से बातचीत कर शांति की पहल को आगे बढ़ाया है उन्होंने कुवैत के क्राउन प्रिंस ओमान के सुल्तान फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मलेशिया के प्रधानमंत्री और कतर के अमीर से भी बातचीत की थी

    इन सभी बातचीतों में भारत का संदेश एक ही रहा है कि किसी भी विवाद का समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही संभव है प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि बातचीत और सहयोग ही स्थायी शांति का सबसे प्रभावी रास्ता है

    वर्तमान में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट और व्यापार बाधित होने की आशंका बढ़ गई है ऐसे में भारत का यह कूटनीतिक प्रयास न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है

    प्रधानमंत्री मोदी की यह बातचीत शांति संवाद और सहयोग पर आधारित भारत की विदेश नीति को दर्शाती है जो मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच संतुलन और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में अहम भूमिका निभा रही है
  • पुडुचेरी में डबल इंजन सरकार का जश्न, पीएम मोदी ने किया 2,700 करोड़ परियोजनाओं का उद्घाटन

    पुडुचेरी में डबल इंजन सरकार का जश्न, पीएम मोदी ने किया 2,700 करोड़ परियोजनाओं का उद्घाटन


    पुडुचेरी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पुडुचेरी में आयोजित जनसभा में कांग्रेस और तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी की विकास यात्रा में कांग्रेस और डीएमके दोनों ही बड़े स्पीड ब्रेकर साबित हुए हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब डबल इंजन सरकार के कामों का जश्न मनाने का समय है और विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का अवसर है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने मौके पर 2,700 करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने समावेशी प्रगति सुनिश्चित करने के लिए शहरी और ग्रामीण दोनों अवसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया है।

    डीएमके और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पहले के दौर में पुडुचेरी के लोग भारी कष्ट झेलते रहे। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय राजनीतिक अस्थिरता, भ्रष्टाचार और अपराध आम बात थी। राशन की दुकानों में चावल नहीं मिलता था, सैलरी देर से मिलती थी, और सड़कों पर गुंडों और ड्रग माफिया का राज था। प्रधानमंत्री ने कहा, “कांग्रेस ने पुडुचेरी को दिल्ली में बैठे एक परिवार का एटीएम बना दिया था। डीएमके की बात करें तो तमिलनाडु में हो रहे घोटालों की लंबी सूची देखी जा सकती है।”

    पीएम मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और डीएमके अब भी सत्ता की भूखी हैं, लेकिन पुडुचेरी के लोग इसे दोबारा नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने पुडुचेरी में विकास और कल्याण के कामों को तेज गति से आगे बढ़ाया है।

    प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी के पर्यटन क्षेत्र को इसकी ताकत बताते हुए कहा कि यह वीकेंड डेस्टिनेशन के रूप में पहले से ही हजारों पर्यटकों को आकर्षित करता है। ट्रेनें और उड़ानें हमेशा भरी रहती हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक पर्यटन, इको-टूरिज्म और स्वास्थ्य पर्यटन में निवेश से पुडुचेरी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा।

    स्वास्थ्य सेवा को लेकर पीएम मोदी ने जोर देते हुए कहा कि जब तक मानव संसाधन स्वस्थ रहेगा, तब तक राष्ट्र की प्रगति संभव है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सभी के लिए सुलभ, उपलब्ध और किफायती होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि पुडुचेरी के किसी भी नागरिक को इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने की जरूरत न पड़े।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि पुडुचेरी मेडिकल टूरिज्म हब बन सकता है। वर्तमान में यहां नौ मेडिकल कॉलेज हैं, और केंद्र सरकार की नीतियां इसे वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य पर्यटन केंद्र बनाने में सहायक होंगी।

    पीएम मोदी के संबोधन में डबल इंजन सरकार की उपलब्धियों को उजागर किया गया और कांग्रेस-डीएमके शासनकाल की कमियों का उदाहरण देते हुए विकास और कल्याण पर जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने पुडुचेरीवासियों से कहा कि अब भ्रष्टाचार और अस्थिरता के दौर में लौटने का समय नहीं है, बल्कि विकास और नई परियोजनाओं का लाभ उठाने का समय है।

  • पीएम मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    पीएम मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से सर्विकल कैंसर के खिलाफ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया और पांच लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस टीका लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य हर साल लगभग 1.15 करोड़ 14 साल की लड़कियों को हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में टीका मुफ्त उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है।

    पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि परिवार में जब मां बीमार होती है तो घर बिखर जाता है लेकिन मां स्वस्थ हो तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। यही कारण है कि महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं।

    पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले शौचालय की सुविधा न होने के कारण लड़कियों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, यह किसी ने महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि उस समय यह मुद्दा सत्ता के लिए छोटी बात था लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे संवेदनशीलता के साथ हल किया। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान कुपोषण और माताओं की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया। सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत माताओं को पोषक आहार मुहैया कराया गया और पांच हजार रुपए उनके खातों में जमा किए गए।

    प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला गैस योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि घर में धुएं के कारण महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना से यह समस्या दूर हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ काम करती है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस अभियान के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बनें।

    उन्होंने आगे कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं है बल्कि यह नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान के तहत लड़कियों को टीका तय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर मुफ्त मिलेगा और यह कार्यक्रम देशभर में समान रूप से लागू होगा। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने और इसे सफल बनाने की अपील भी की।

    इस अभियान के माध्यम से न केवल सर्विकल कैंसर की रोकथाम होगी बल्कि महिलाओं और लड़कियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर हों। उन्होंने युवाओं को भी प्रेरित किया कि वे इस तरह की पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।

    इस तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान न केवल लड़कियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा बल्कि नारीशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

  • PM मोदी के इजरायल दौरे पर PM नेतन्याहू ने भारतीय लुक में किया डिनर होस्ट, सबको किया चौंका

    PM मोदी के इजरायल दौरे पर PM नेतन्याहू ने भारतीय लुक में किया डिनर होस्ट, सबको किया चौंका


    नई दिल्ली। भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi इस समय दो दिवसीय दौरे पर इजरायल में हैं। इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu और उनकी पत्नी Sara Netanyahu ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान नेतन्याहू ने मोदी के लिए रात्रि भोज भी होस्ट किया जिसमें उन्होंने पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर सभी को चौंका दिया।

    नेतन्याहू ने खुद इस पल की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की और लिखा हमारे संयुक्त रात्रिभोज से पहले मैंने अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को पारंपरिक भारतीय परिधान पहनकर चौंका दिया।

    इससे पहले एयरपोर्ट पर नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने पीएम मोदी का स्वागत किया। इस दौरान सारा नेतन्याहू और पीएम मोदी के सैफरन रंग के कपड़े मैच करने पर सभी ने ठहाके लगाए और मुस्कुराते हुए इस पल का आनंद लिया।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली संसद को संबोधित किया और ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। संसद में मोदी के भाषण के दौरान सांसद खड़े होकर उनका अभिवादन किया और स्पीकर ने हिंदी में उनका स्वागत किया।

    संसद में संबोधन के दौरान पीएम नेतन्याहू ने कहा नरेंद्र मेरे प्यारे दोस्त मैं आपके यहां आने से बहुत-बहुत खुश हूं। आप मेरे भाई से कम नहीं हैं। पिछली बार हमने मेडिटेरेनियन कोस्ट पर समय बिताया था और तब से हमारे सहयोग और समझ ने नए आयाम हासिल किए हैं।इस दौरे के दौरान दोनों नेताओं ने सुरक्षा व्यापार और सांस्कृतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की साथ ही यह रंगीन और दोस्ताना पल भारत-इजरायल संबंधों में एक यादगार क्षण बन गया।

  • पीएम मोदी का इजरायल दौरा, नेतन्याहू बोले-भारत-इजरायल पर फिल्म बने तो हिट होगी

    पीएम मोदी का इजरायल दौरा, नेतन्याहू बोले-भारत-इजरायल पर फिल्म बने तो हिट होगी


    नई दिल्ली से रिपोर्ट: प्रधानमंत्री Narendra Modi इजरायल के दो दिवसीय दौरे पर हैं। स्वागत के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने गर्मजोशी से उन्हें अभिवादन किया और कहा कि अगर भारत-इजरायल भाईचारे पर कोई बॉलीवुड फिल्म बने तो वह जबरदस्त हिट साबित होगी।

    यह बयान दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंध और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को उजागर करता है। इजरायल में बॉलीवुड की लोकप्रियता को देखते हुए नेतन्याहू ने 2018 में भारत दौरे के दौरान भी इस जुड़ाव पर जोर दिया था।

    पीएम मोदी की यह यात्रा उनके 2017 के ऐतिहासिक दौरे के बाद दूसरी है। इस दौरे के दौरान दोनों नेता सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा कर रहे हैं।

    भारत और इजरायल के बीच फिल्म सह-निर्माण समझौता 2018 में हुआ था, जब नेतन्याहू भारत आए थे। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। समझौते के तहत सह-निर्मित फिल्मों को दोनों देशों में राष्ट्रीय उत्पादन का दर्जा मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, पटकथा लेखन, प्रतिभा और वितरण में सहयोग संभव हुआ।

    भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी, वित्तीय और मार्केटिंग संसाधनों का साझा उपयोग किया जा सकता है। सह-निर्मित फिल्में दोनों देशों के फिल्म समारोहों में घरेलू फिल्म की तरह भाग ले सकती हैं और निर्माण तथा पोस्ट-प्रोडक्शन में प्रोत्साहन भी मिलता है।

    यह समझौता कलाकारों और तकनीकी कर्मियों के बीच रोजगार सृजन में सहायक साबित हो रहा है। इससे कला-संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ा है और दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना मजबूत हुई है।

    2018 में भारत यात्रा के दौरान ‘शालोम बॉलीवुड’ कार्यक्रम में नेतन्याहू ने Amitabh Bachchan और Imtiaz Ali समेत अन्य सितारों से मुलाकात की थी। उन्होंने इजरायल में बॉलीवुड फिल्मों के लिए न्योता भी दिया था और वादा किया कि वहां बॉलीवुड फिल्में बढ़ेंगी।

    सुरक्षा, कृषि, ऊर्जा, विज्ञान और फार्मास्युटिकल्स के क्षेत्र में सहयोग के साथ-साथ फिल्म उद्योग में यह समझौता भारत-इजरायल संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जा रहा है। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और सांस्कृतिक, तकनीकी तथा आर्थिक सहयोग में भी विस्तार हुआ है।

  • ब्राजील बना भारत का 'सुपर पार्टनर': रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर एयरोस्पेस तक 9 बड़े समझौते, चीन के एकाधिकार पर मोदी का सीधा प्रहार!

    ब्राजील बना भारत का 'सुपर पार्टनर': रेयर अर्थ मिनरल्स से लेकर एयरोस्पेस तक 9 बड़े समझौते, चीन के एकाधिकार पर मोदी का सीधा प्रहार!


    नई दिल्ली ।दुनिया भर में ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ दुर्लभ खनिजों की प्रोसेसिंग और खनन पर लगभग 70% से 90% तक नियंत्रण रखने वाला चीन अब मुश्किल में पड़ सकता है। अपनी इस ताकत के दम पर समय-समय पर दुनिया को आंख दिखाने वाले चीन की हेकड़ी को शांत करने के लिए भारत ने एक मास्टरस्ट्रोक खेला है। शनिवार को भारत और ब्राजील के बीच एक ऐसी ऐतिहासिक ट्रेड डील हुई है, जो न केवल चीन पर निर्भरता कम करेगी, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन के समीकरण को भी पूरी तरह बदल कर रख देगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता के बाद दोनों देशों ने जरूरी मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन में सहयोग के लिए समझौतों पर मुहर लगा दी है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस साझेदारी को रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि ब्राजील के साथ हुए इस खनिज समझौते से चीन पर भारत की निर्भरता काफी हद तक कम होगी और यह एक मजबूत, सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इस मुलाकात के दौरान भारत और ब्राजील ने साल 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किया है। आपको बता दें कि 2006 में जहां यह व्यापार महज 2.4 अरब डॉलर था, वहीं अब यह 15 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है, लेकिन दोनों नेताओं का मानना है कि दोनों देशों की क्षमता इससे कहीं अधिक है।

    इस ऐतिहासिक अवसर पर कुल 9 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें सबसे प्रमुख है ‘रेयर अर्थ मिनरल्स’ के क्षेत्र में सहयोग और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए बनाई गई ‘डिजिटल साझेदारी’। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि ब्राजील के पास नायोबियम, लिथियम और लौह अयस्क जैसे बहुमूल्य खनिज संसाधनों का भंडार है, जबकि भारत के पास विश्व स्तरीय तकनीक और विनिर्माण क्षमता है। जब ये दोनों शक्तियां हाथ मिलाएंगी, तो दुनिया को एक वैकल्पिक और विश्वसनीय औद्योगिक पार्टनर मिलेगा।

    व्यापारिक मोर्चे पर भी बड़े कदम उठाए गए हैं। एनएमडीसी, वेल और अडानी गंगावरम पोर्ट के बीच करीब 500 मिलियन डॉलर की लागत से लौह अयस्क ब्लेंडिंग सुविधा स्थापित करने पर सहमति बनी है। इसके अलावा, एयरोस्पेस क्षेत्र में एक बड़ी सफलता तब मिली जब ब्राजील की दिग्गज कंपनी ‘एम्ब्रेयर’ और ‘अडानी डिफेंस’ ने भारत में ई175 रीजनल जेट की असेंबली लाइन स्थापित करने का फैसला किया। फार्मा क्षेत्र में भी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं के संयुक्त शोध के लिए हाथ मिलाया गया है। साफ है कि भारत और ब्राजील की यह नई जुगलबंदी न केवल चीन के आर्थिक दबदबे को चुनौती दे रही है, बल्कि विकासशील देशों के हितों को वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित भी कर रही है।

  • विश्व रेडियो दिवस पर पीएम मोदी ने रेडियो को बताया भरोसेमंद साथी, ‘मन की बात’ के लिए जनता से मांगे सुझाव

    विश्व रेडियो दिवस पर पीएम मोदी ने रेडियो को बताया भरोसेमंद साथी, ‘मन की बात’ के लिए जनता से मांगे सुझाव


    नई दिल्ली।विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रेडियो को एक सशक्त और भरोसेमंद माध्यम बताते हुए इसकी अहमियत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रेडियो ने दशकों से देश के कोने-कोने में लोगों को जोड़ने का काम किया है और आज भी यह सूचना, प्रेरणा और संवाद का एक मजबूत जरिया बना हुआ है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपने मासिक कार्यक्रम मन की बात के आगामी संस्करण के लिए सुझाव देने की अपील भी की।

    प्रधानमंत्री ने विश्व रेडियो दिवस के मौके पर सोशल मीडिया मंच X पर संदेश साझा करते हुए कहा कि यह दिन उस माध्यम का उत्सव मनाने का अवसर है, जिसने समय की कसौटी पर खुद को हमेशा साबित किया है। उन्होंने रेडियो को एक ऐसी “भरोसेमंद आवाज़” बताया जो दूर-दराज के गांवों से लेकर बड़े शहरों तक लोगों को एक सूत्र में बांधे रखती है। उनके अनुसार, रेडियो ने वर्षों से लोगों तक समय पर जानकारी पहुंचाने, नई प्रतिभाओं को मंच देने और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

    उन्होंने कहा कि रेडियो केवल एक तकनीकी माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाली एक सशक्त कड़ी है। यह उन लाखों लोगों के प्रयासों का परिणाम है जो इस माध्यम से जुड़े हैं और निरंतर लोगों तक सटीक जानकारी और मनोरंजन पहुंचाते हैं। प्रधानमंत्री ने इस दिन को उन सभी लोगों के योगदान को सम्मान देने का अवसर भी बताया, जिन्होंने रेडियो को आज भी प्रासंगिक बनाए रखा है।

    अपने व्यक्तिगत अनुभव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने खुद महसूस किया है कि रेडियो किस तरह लोगों की सामाजिक ताकत और सकारात्मक पहलों को सामने लाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम ने आम नागरिकों, समाजसेवियों और नवाचार करने वाले लोगों की कहानियों को देशभर तक पहुंचाने का काम किया है, जिससे प्रेरणा और जागरूकता दोनों का विस्तार हुआ है।

    प्रधानमंत्री ने लोगों से आग्रह किया कि वे 22 फरवरी को प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ के अगले एपिसोड के लिए अपने सुझाव और विचार साझा करें। उनका मानना है कि इस कार्यक्रम की असली ताकत जनता की भागीदारी में है और लोगों के सुझाव ही इसे और अधिक प्रभावी बनाते हैं।

    गौरतलब है कि ‘मन की बात’ एक मासिक रेडियो कार्यक्रम है, जिसकी शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री देशवासियों से सीधे संवाद करते हैं और समाज में हो रहे सकारात्मक बदलावों, जमीनी स्तर की पहलों और प्रेरणादायक कहानियों को सामने लाते हैं। इसमें स्वच्छता अभियान, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, तकनीकी नवाचार और सामुदायिक विकास जैसे कई विषयों पर चर्चा की जा चुकी है। साथ ही ऐसे लोगों के कार्यों को भी प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाता है, जिन्होंने स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर बदलाव लाने में योगदान दिया है।

    हर साल 13 फरवरी को मनाया जाने वाला विश्व रेडियो दिवस इस बात की याद दिलाता है कि रेडियो आज भी संचार का एक सशक्त और सुलभ माध्यम है। खासतौर पर भारत जैसे विशाल देश में, जहां दूरदराज के इलाकों में अन्य संचार साधनों की पहुंच सीमित हो सकती है, वहां रेडियो सूचना और मनोरंजन का भरोसेमंद स्रोत बना हुआ है। यही कारण है कि बदलते समय और नई तकनीकों के बीच भी रेडियो की प्रासंगिकता आज तक बनी हुई है।