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  • मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में

    मिर्जापुर धर्मांतरण रैकेट, मोबाइल फोल्डर से खुला भयानक सच, आरोपी विदेश भागने की फिराक में



    नई दिल्ली। मिर्जापुर धर्मांतरण मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है और अब तक इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों में इमरान और लकी अली खान शामिल हैं, जिनके देश छोड़कर भागने की तैयारी की सूचना पुलिस को मिली है। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट और नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है और कुल पांच टीमों को अलग-अलग दिशाओं में तैनात किया गया है ताकि आरोपियों की धरपकड़ हो सके।

    पुलिस को जानकारी मिली है कि इमरान और लकी के पास दुबई जाने का पासपोर्ट मौजूद है। इमरान पहले भी दुबई जा चुका है, इसलिए पुलिस को आशंका है कि वह विदेश भागने की कोशिश कर सकता है। आरोपियों की मूवमेंट और प्लानिंग से जुड़े अहम संकेत फोन कॉल्स और सर्विलांस के दौरान मिले हैं।

    कैसे हुआ मामला खुलासा?
    इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने 1090 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत की।

    शिकायत के बाद पुलिस ने एक आरोपी मोहम्मद शेख अली को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआती पूछताछ में उसने आरोपों से इनकार किया, लेकिन जब उसका मोबाइल जांचा गया तो पासवर्ड-प्रोटेक्टेड फोल्डर मिला।

    फोल्डर खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो थे। इनमें घूमने-फिरने, यात्राओं और निकाह से जुड़ी तस्वीरें भी शामिल थीं। इसी फोल्डर के आधार पर पुलिस ने पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया और कई जिमों पर छापेमारी की।

    अमीर महिलाओं को बनाते थे निशाना
    पुलिस के अनुसार यह रैकेट KGN 1, KGN 2.0, KGN 3, आयरन फायर और फिटनेस क्लब जैसे जिमों के जरिए चलाया जा रहा था।

    आरोपियों का निशाना अमीर घरों की महिलाएं थीं। गैंग के सदस्य पहले महिला को जिम ट्रेनिंग का लालच देते, फिर नंबर एक्सचेंज करके दोस्ती बढ़ाते और घूमने-फिरने के बहाने उन्हें अलग-अलग जगहों पर ले जाते थे।

    जांच में यह भी सामने आया कि कुछ महिलाओं को फ्री जिम ट्रेनिंग का ऑफर दिया जाता था और ट्रेनिंग के दौरान उनकी तस्वीरें ली जाती थीं। इसके बाद उन्हें बुर्का पहनाकर मिर्जापुर के बाजार, मंदिर, मजार और अन्य जगहों पर ले जाया जाता था और धीरे-धीरे धर्मांतरण की तरफ प्रभावित किया जाता था।

    यौन शोषण और ब्लैकमेल
    पुलिस का दावा है कि यौन शोषण के बाद महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो सुरक्षित रखे जाते थे और फिर उनसे पैसे की मांग की जाती थी। पैसे न देने पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जाता था। डर के कारण कुछ महिलाओं ने पैसे दिए, जबकि कई का धर्मांतरण कर दिया गया।

    गैंग की संरचना और गिरफ्तारी
    पुलिस ने बताया कि गैंग एक समय में एक ही महिला पर काम करता था। यदि वह महिला एक जिम में फंसती नहीं थी तो उसे दूसरे और फिर तीसरे जिम में भेजा जाता था। जिम संचालक आपस में महिलाओं की तस्वीरें शेयर कर उन्हें “टारगेट” बताते थे।

    अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली, फैजल खान, जहीर और शादाब शामिल हैं। शादाब जीआरपी में सिपाही था, जिसे पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया।

    एसएसपी सोमेन वर्मा ने बताया कि शुरुआती शिकायत के बाद ठोस सबूत नहीं मिले थे, लेकिन मोबाइल फोल्डर मिलने के बाद पूरा रैकेट उजागर हो गया। जांच में महिलाओं से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक सबूत भी बरामद हुए हैं, जिनमें महिलाओं को घुमाने-फिरने में इस्तेमाल की गई गाड़ियां भी शामिल हैं।

  • भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप

    भोपाल के युवक के साथ राजस्थान में हैवानियत: बंधक बनाकर पीटा, बीयर की बोतल में पेशाब पिलाने का आरोप



    भोपाल। प्यार की तलाश में राजस्थान गए भोपाल के एक 18 वर्षीय युवक के साथ रूह कंपा देने वाली बर्बरता का मामला सामने आया है। युवक को न सिर्फ तीन दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, बल्कि अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए उसे बीयर की बोतल में भरकर कथित तौर पर पेशाब पिलाया गया। आरोपियों ने इस खौफनाक कृत्य का वीडियो बनाकर पीड़ित के परिजनों को भेजकर उन्हें डराने की कोशिश की है।
    हनीट्रैप जैसा जाल: प्रेमिका ने कॉल कर बुलाया था गांव
    मामला भोपाल के कोलार इलाके का है। पीड़ित युवक का प्रेम-प्रसंग झालावाड़ (राजस्थान) के दांगीपुरा क्षेत्र की एक युवती से चल रहा था। युवती कुछ दिन पहले भोपाल आई थी, जिसे उसके परिजन समझा-बुझाकर वापस ले गए थे। साजिश के तहत तीन दिन पहले युवती से ही युवक को कॉल करवाया गया और उसे मिलने के लिए राजस्थान बुलाया गया। जैसे ही युवक वहां पहुँचा, युवती के परिजनों और ग्रामीणों ने उसे घेर लिया और बंधक बना लिया।

    वीडियो भेजकर दी चुनौती, दहल गए परिजन
    हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के मन में कानून का कोई खौफ नहीं था। उन्होंने युवक को पीटते हुए और उसे जबरन तरल पदार्थ (पेशाब) पिलाते हुए वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे युवक के परिवार को भेज दिया। वीडियो देखने के बाद रविवार दोपहर बदहवास परिजन कोलार थाने पहुँचे और मदद की गुहार लगाई।

    एक्शन में पुलिस: MP से राजस्थान तक घेराबंदी
    मामले की गंभीरता और युवक की जान को खतरा देखते हुए भोपाल पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला:
    इंटरस्टेट को-ऑर्डिनेशन: कोलार पुलिस ने तुरंत राजगढ़ की कालीपीठ पुलिस से संपर्क साधा, क्योंकि यह इलाका राजस्थान बॉर्डर से सटा है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन: कोलार टीआई संजय सोनी के मुताबिक, राजगढ़ पुलिस की एक विशेष टीम झालावाड़ के दांगीपुरा के लिए रवाना कर दी गई है।

    प्राथमिकता: पुलिस का पहला लक्ष्य युवक को सुरक्षित मुक्त कराना और उसे उपचार दिलाना है। राजस्थान पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है।युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

    हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
    युवक की जान बचाना हमारी पहली प्राथमिकता है। हालांकि घटना राजस्थान की है, लेकिन हमने अपनी टीमें रवाना कर दी हैं और राजस्थान पुलिस के समन्वय से आरोपियों पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। संजय सोनी, थाना प्रभारी, कोलार (भोपाल)
  • मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे

    मौनी अमावस्या पर प्रयागराज में बवाल: पुलिस ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को रोका, पालकी खींची गई, स्नान से वंचित रहे



    प्रयागराज । प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के पावन स्नान के दौरान रविवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी को पुलिस ने संगम जाने से रोक दिया। पुलिस ने भीड़ का हवाला देते हुए शंकराचार्य से रथ से उतरकर पैदल संगम जाने का अनुरोध किया, लेकिन उनके शिष्य इस बात पर सहमत नहीं हुए और पालकी आगे बढ़ाने लगे।

    इसी बात को लेकर पुलिस और शिष्यों के बीच पहले बहस हुई और फिर देखते ही देखते धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया।

    आरोप है कि इस दौरान एक साधु को चौकी में ले जाकर मारपीट भी की गई, जिससे संत समाज में नाराजगी फैल गई।

    घटना की जानकारी मिलते ही शंकराचार्य स्वयं आक्रोशित हो गए और अपने शिष्यों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। मौके पर मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़कर अनुरोध भी किया, लेकिन शंकराचार्य नहीं माने। करीब दो घंटे तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा और संगम क्षेत्र में गहमागहमी रही।

    इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के और समर्थकों को हिरासत में ले लिया और उनकी पालकी को खींचते हुए संगम से लगभग एक किलोमीटर दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का एक हिस्सा टूट भी गया।

    पूरे घटनाक्रम के कारण शंकराचार्य मौनी अमावस्या का पवित्र स्नान नहीं कर पाए, जिससे उनके अनुयायियों में गहरा आक्रोश देखा गया।

    प्रशासन की ओर से बताया गया कि मौनी अमावस्या के कारण संगम तट पर श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ है। अब तक करीब 3 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं, जबकि प्रशासन का अनुमान है कि दिन खत्म होने तक यह संख्या 4 करोड़ तक पहुंच सकती है। भीड़ नियंत्रण के लिए मेला क्षेत्र में AI आधारित सिस्टम, CCTV कैमरे और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेला क्षेत्र को 7 सेक्टरों में बांटा गया है और 8 किलोमीटर लंबे अस्थायी घाट बनाए गए हैं।

  • भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश

    भेड़ाघाट में नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे पर चाकू हमला, प्रॉपर्टी विवाद से बढ़ा तनाव, पुलिस ने शुरू की तलाश



    नई दिल्ली। भेड़ाघाट नगर पंचायत अध्यक्ष के बेटे नीलेश लोधी पर देर रात आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। घटना के तुरंत बाद घायल को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष चतुर सिंह की शिकायत पर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    घटना तिलवारा थाना क्षेत्र के विशाल मेगा मार्ट के पास हुई। जानकारी के अनुसार, नीलेश लोधी अपने घर भेड़ाघाट लौट रहे थे, तभी तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ चाकू मार दिया। हमलावरों में जीतू पटेल, अंकित और सचिन शामिल थे,

     उन्होंने कहा कि जीतू पटेल आदतन अपराधी है, जिसके खिलाफ अवैध वसूली और मारपीट के कई मामले पहले भी दर्ज हैं। हाल ही में जेल से छूटने के बाद वह अपने साथियों के साथ फिर से प्रॉपर्टी का काम करने लगा था।

    पुलिस की तीन टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।

    जीतू पटेल चौकी लाल का निवासी है और उसके घर एवं आस-पास भी पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि नीलेश लोधी प्रॉपर्टी के काम में सक्रिय थे और उनके घायल होने की खबर से इलाके में तनाव है। पुलिस ने मौके पर सघन गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।

    यह मामला भेड़ाघाट में प्रॉपर्टी विवाद से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और प्रशासन इसे गंभीरता से ले रहा है। नीलेश की हालत स्थिर बताई जा रही है, जबकि पुलिस आरोपियों की सूत्रों और तफ्तीश के आधार पर तलाश में जुटी हुई है।

  • ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े

    ग्वालियर में देर रात बाइक सवार बदमाशों का तांडव, डंडों से एक दर्जन से ज्यादा गाड़ियों के कांच फोड़े


    ग्वालियर /मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में देर रात बाइक सवार बदमाशों ने जमकर आतंक मचाया। थाना क्षेत्र में रात करीब एक बजे तीन बदमाशों ने सड़कों पर उत्पात मचाते हुए घरों के बाहर और सड़क किनारे खड़ी एक दर्जन से अधिक गाड़ियों के कांच तोड़ दिए। अचानक हुई इस तोड़फोड़ से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो टूटे कांच देखकर सन्न रह गए।

    घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के रामटापुरा इलाके से शुरू हुई, जहां से बाइक सवार बदमाश सेवा नगर होते हुए किला गेट तक पहुंचे। इस पूरे रास्ते में जहां-जहां उन्हें कार, लोडिंग वाहन या अन्य गाड़ियां खड़ी मिलीं, उन्होंने बिना किसी डर के डंडों से उनके शीशे तोड़ दिए। बदमाश लगातार चलते रहे और पीछे तबाही के निशान छोड़ते गए।सुबह जब वाहन मालिकों ने अपनी गाड़ियों को देखा तो कई कारों के आगे और साइड के कांच टूटे हुए थे। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हुआ बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

    इस मामले में एक अहम सुराग उस समय मिला जब रामटापुरा इलाके में लगे एक सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सामने आई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बदमाश बाइक से उतरकर हाथ में डंडा लिए दौड़ रहे हैं और एक घर के बाहर खड़ी लोडिंग गाड़ी के कांच बेरहमी से तोड़ रहे हैं। वीडियो में बदमाशों की हरकतें इतनी बेखौफ नजर आईं कि लोगों में नाराजगी और डर दोनों बढ़ गए।सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती पूछताछ में बदमाशों ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि उन्होंने इस वारदात को क्यों अंजाम दिया। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना के पीछे कोई आपसी रंजिश, नशे की हालत या किसी अन्य कारण की भूमिका तो नहीं है।

    गाड़ी मालिकों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं आम लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं। उनका आरोप है कि रात के समय पुलिस गश्त और निगरानी मजबूत होती तो शायद इतनी बड़ी घटना नहीं होती। पीड़ितों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह का दुस्साहस न कर सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि चारों संदिग्धों के खिलाफ वाहन क्षति और सार्वजनिक शांति भंग करने की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ाई जाएगी।

  • रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में

    रतलाम में गोमांस तस्करी के शक पर चक्काजाम: हिंदू संगठनों का दो घंटे प्रदर्शन, एक संदेही हिरासत में


    रतलाम (म.प्र.)। मध्यप्रदेश के रतलाम शहर में मंगलवार सुबह गोमांस तस्करी के शक को लेकर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बाइक से गोमांस ले जाने के आरोप में बाजना बस स्टैंड पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम किया। प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह बाधित रहा और आम लोगों को रोजमर्रा की गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ा।

    प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उन्हें रात में ही सूचना मिली थी कि शहर में अवैध रूप से गोमांस का परिवहन किया जा रहा है। सुबह कार्यकर्ता संदिग्ध वाहनों की तलाश में निकल पड़े और बाजना बस स्टैंड पर एक बाइक को घेर लिया। उनके अनुसार बाइक पर मांस से भरे कट्टे थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे इलाके का वातावरण तनावपूर्ण हो गया।सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी, डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव और हाट चौकी प्रभारी पंकज राजपूत सहित अन्य पुलिस कर्मी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं से बात कर उन्हें समझाया और मांस की जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। लगभग दो घंटे बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि मौके पर तीन से चार बाइक थीं, जिनमें से तीन बाइक सवार भागने में सफल हो गए। पुलिस ने एक बाइक को पकड़ लिया, लेकिन चालक फरार हो गया। जांच में पकड़े गए मांस के दो कट्टों में से एक को पशु चिकित्सालय भेजा गया, जबकि दूसरा कट्टा मौके पर रखा गया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह मांस भैंस के बच्चों का पाया गया।डीडी नगर थाना प्रभारी अनुराग यादव ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति की पहचान रतलाम जिले के रावटी निवासी लालचंद पिता देवचंद के रूप में हुई है। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपी ने प्रारंभिक बयान में दावा किया कि उसने मांस रतलाम की एक लाइसेंसी दुकान से खरीदा और गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए ले जा रहा था।

    पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और मांस की अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि कानून के अनुसार निष्पक्ष कार्रवाई होगी।रतलाम में यह घटना स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हिंदू संगठनों ने स्पष्ट किया कि वे ऐसे मामलों पर सख्त नजर रखेंगे, जबकि पुलिस ने आश्वासन दिया कि अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।

  • मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा

    मुझे दीपक से मिला दो: प्रेमिका का बीच सड़क पर हाईवोल्टेज ड्रामा, युवती ने प्रेमी को बुलाने की जिद पर किया हंगामा


    निवाड़ी। मध्य प्रदेश के निवाड़ी जिले के पृथ्वीपर कस्बे में शुक्रवार शाम को एक युवती ने सड़क पर अजीबोगरीब हंगामा मचाया, जब उसने अपनी प्रेमिका दीपक से मिलने की जिद पकड़ी। युवती ने सड़क पर बैठकर रोते हुए बार-बार यही कहा कि दीपक को बुला दो, वह थाने में है, मुझे उससे मिला दो। यह दृश्य देख सड़क पर भारी जाम लग गया, जिससे स्थानीय पुलिस को मौके पर पहुंचने की जरूरत पड़ी।

    पुलिस ने किसी तरह युवती को शांत किया और उसे थाने ले गई। इस दौरान लोगों की भीड़ ने लगातार युवती से सवाल किए कि दीपक कौन है और कहां रहता है, जिस पर युवती ने कहा, मैं दीपक के साथ 9 महीने से रह रही हूं और उससे बहुत प्यार करती हूं। मुझे तो दीपक से ही मिलवाइए।

    यह युवती पूजा पाल है, जो दीपक पाल नाम के युवक से प्रेम करती है। पूजा और दीपक दोनों निवाड़ी जिले के ही रहने वाले हैं, लेकिन दीपक फिलहाल भोपाल में एक होटल में काम करता है। शुक्रवार को दीपक अपनी प्रेमिका पूजा के साथ पृथ्वीपर कस्बे में आया, लेकिन किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दीपक ने पूजा को छोड़ दिया और मौके से चला गया। पूजा कुछ समय तक दीपक को तलाश करती रही, लेकिन जब वह नहीं मिला तो उसने सड़क पर ही हंगामा शुरू कर दिया।

    इस घटनाक्रम से सड़क पर जाम लग गया और पुलिस को तुरंत मौके पर पहुंचकर युवती को समझाने की कोशिश करनी पड़ी। अंततः पुलिस ने पूजा को थाने ले जाने के बाद उसे समझाया, और कुछ देर बाद दीपक भी थाने पहुंच गया। दोनों को एक साथ देखकर पुलिस ने उन्हें सख्त लहजे में हिदायत दी कि आगे से ऐसी हरकतें ना करें। इसके बाद दोनों प्रेमी युगल को थाने से जाने की अनुमति दे दी गई।

  • बड़वानी में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 98 नकली नोट व प्रिंटर जब्त

    बड़वानी में नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 98 नकली नोट व प्रिंटर जब्त


    बड़वानी । जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोट बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह के पास से 98 नकली 500 रुपये के नोट और प्रिंटर बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य आरोपियों, भागीराम और गोविंद को गिरफ्तार किया है।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जगदीश डावर के मार्गदर्शन में की गई। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ निरंतर अभियान के तहत थाना प्रभारी पलसूद सुखलाल भंवर ने मुखबिर तंत्र से मिली सूचना पर कार्रवाई की।
    पलसूद पुलिस ने मटली की ओर से आ रही एक सफेद स्कॉर्पियो वाहन को घेराबंदी कर रोका और उसमें सवार दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।गिरफ्तारी के बाद विधिवत तलाशी में भागीराम कनोजे की पेंट से 48 नकली 500 रुपये के नोट बरामद हुए, जबकि गोविंद बांडोड से 50 नकली नोट मिले। इन नोटों की विशेषता यह थी कि ये बिल्कुल असली 500 रुपये के नोटों की नकल करके बनाए गए थे।
    पूछताछ में भागीराम ने खुलासा किया कि उसका सिलावद में एक कियोस्क सेंटर है, जहां वह एक रंगीन प्रिंटर और स्कैनर के माध्यम से असली नोटों की फोटो कॉपी कर नकली नोटों का निर्माण करता था। भागीराम और गोविंद के निशानदेही पर पुलिस ने सिलावद स्थित कियोस्क सेंटर पर भी छापा मारा, जहां असली 500 रुपये के नोटों की फोटो कॉपी करने का काम चल रहा था।

    पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने इस गिरोह के पकड़ने को एक बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि नकली नोटों के प्रचलन को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।नकली नोटों के इस गोरखधंधे में गिरफ्तार दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं, जिससे नकली नोटों के नेटवर्क को और भी उजागर किया जा सकेगा।

  • मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग

    मुरैना में वकील मृत्युंजय सुसाइड केस में नया मोड़,मां ने एसपी से मांगी न्यायिक कार्रवाई, महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी FIR दर्ज होने की मांग




    मुरैना।
    वकील मृत्युंजय चौहान के सुसाइड केस में नया मोड़ आया है। बुधवार को मृतक वकील की मां, शिवकुमारी जादौन, मुरैना एसपी समीर सौरभ से मिलने पहुंचीं और भावुक होकर बोलीं कि उनके बेटे के साथ जो अत्याचार हुआ, उसकी न्यायिक कार्रवाई सिर्फ ग्वालियर में नहीं, बल्कि मुरैना में भी हो। उन्होंने कहा, “मुझे भी यहीं मार डालो, मेरा बेटा तो चला ही गया।

    मृत्युंजय की मां ने आरोप लगाया कि मुरैना पुलिस अब तक किसी ठोस कार्रवाई में नहीं जुटी है।

    12 दिसंबर को मुरैना सिविल लाइन की महिला एसआई प्रीति जादौन और कॉन्स्टेबल अराफात खान ने मृत्युंजय के साथ मारपीट की थी। इसी के चलते मृत्युंजय ने 15 दिसंबर को ग्वालियर में अपने किराए के मकान में फांसी लगाई। उन्होंने मांग की कि आरोपी महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ मुरैना में भी एफआईआर दर्ज की जाए, अवैध पिस्टल जब्त की जाए और दोनों को जिले से बाहर अटैच किया जाए क्योंकि वे परिवार को धमका रहे हैं।

    ग्वालियर पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन से पुष्टि हुई कि घटना वाले दिन आरोपी और वकील साथ थे।

    जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महिला एसआई ने शादी का दबाव बनाया, पूर्व पत्नी से तलाक, जमीन-जायदाद और जेवरात हड़पने की कोशिश की। इस मामले में ग्वालियर पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत महिला एसआई और आरक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    एसपी ने कहा कि जांच जारी है और जैसे ही ग्वालियर पुलिस का एफआईआर प्रतिवेदन मिलेगा, दोनों आरोपियों को पुलिस मुख्यालय अटैच कर दिया जाएगा। शिवकुमारी जादौन की यह मांग न्यायपालिका और पुलिस पर दबाव डालती है कि किसी भी तरह की अवहेलना या विलंब न्याय में बाधक न बने।

    इस पूरे मामले ने मुरैना और ग्वालियर में पुलिस और न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक वकील के परिवार ने स्पष्ट किया कि केवल ग्वालियर में कार्रवाई से संतोष नहीं होगा, बल्कि मुरैना में भी एफआईआर दर्ज होना जरूरी है ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

  • भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश

    भोपाल का ईरानी डेरा: संगठित अपराध का गढ़, सरदार राजू के नेतृत्व में फैली ठगी और लूट की साज़िश


    भोपाल।  भोपाल की अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरा संगठित अपराध का केंद्र बन चुका है। पुलिस के अनुसार, यहां रहने वाले करीब 70 से अधिक परिवारों के लगभग हर घर का कोई न कोई सदस्य अपराध में शामिल रहा है। चोरी, लूट, ठगी और फर्जीवाड़े के मामलों में इनका नाम मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत कई राज्यों की एफआईआर में दर्ज है।

    पुलिस ने हाल ही में ईरानी डेरे में बड़ी दबिश दी, जिसमें 32 लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। इस कार्रवाई में 21 बिना नंबर की स्पोर्ट्स बाइक, नकली नोट और अवैध हथियार बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, गिरोह कबीलाई ढांचे में संचालित होता है, जिसमें अपराध से मिली रकम पहले सरदार को दी जाती है, और फिर कबीला तय करता है कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा।

    डेरे का प्रमुख सरदार राजू ईरानी है, जिसकी उम्र करीब 47 साल है। वह भोपाल में रहता है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में संगीन वारदातों को अंजाम देता है। राजू कभी खुद को CBI अधिकारी, पुलिस अफसर या पत्रकार बताकर ठगी करता है। उसका भाई जाकिर ईरानी भी गिरोह का संचालन करता है और प्रॉपर्टी कब्जा, मारपीट, अडीबाजी और ठगी जैसे संगीन अपराधों में शामिल है।
    गिरोह की रणनीति में फर्जी पहचान और रिश्तों का नेटवर्क शामिल है। आरोपी अक्सर ‘सफर’ पर रहते हैं, जहां कुछ सीधे अपराध में शामिल होते हैं, कुछ चोरी का माल वापस लाते हैं और कुछ अपराध से मिली रकम कबीले तक पहुंचाते हैं।

    2014 में अमन कॉलोनी में हुई हिंसा और आगजनी की घटना के बाद ईरानी डेरा लगातार पुलिस निगरानी में रहा। इसी साल दिल्ली पुलिस ने डेरे से जुड़े मुर्तुजा अली और शिराज अली को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

    पुलिस ने अब तक सलमान खान उर्फ गाय, अली तन्नु, सकीना, नवबहार अली, अजीज सैयद, समेत कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शेष की तलाश जारी है।