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  • मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी

    मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी


    मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर सपन जादौन को पुलिस ने रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी को मंगलवार को जयपुर से राउंडअप कर मुरैना लाया गया। पुलिस के अनुसार सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्ट शेयर किए और पहले छवि खराब करने की चेतावनी दी। इसके बाद फोन कॉल और डिजिटल माध्यम से नगर पालिका अध्यक्ष और महिला परिवहन अधिकारी से लाखों रुपये की मांग की।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किए हैं: रंगदारी (एक्सटॉर्शन), रेकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में आरक्षक की पत्नी लता भदौरिया भी सहआरोपी हैं।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम कोलिया थाना सबलगढ़ निवासी सपन जादौन के साथ लता भदौरिया, शिवेंद्र जादौन और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली और सबलगढ़ थानों में आपराधिक मामले दर्ज किए गए। लता भदौरिया कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक अनिल तोमर की पत्नी हैं।

    कोतवाली थाने में 23 फरवरी को परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने बताया कि सपन जादौन ने उन्हें फोन कर पैसों की मांग की और आरक्षक अनिल तोमर व उनकी पत्नी लता भदौरिया से जुड़े मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।

    पुलिस अब फरियादियों और संदिग्धों के बयान लेने के बाद आरोपी सपन जादौन और सहआरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मामला सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपराध बढ़ने की चुनौती को भी उजागर करता है।

  • जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा

    जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा


    मुरैना। अंबाह में किन्नर गुरु के घर हुई सनसनीखेज डकैती ने पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वारदात के पीछे मामा भांजे की जोड़ी द्वारा जेल में तैयार की गई 11 सदस्यों की संगठित गैंग का हाथ सामने आया है। इस गिरोह ने पांच दिन के भीतर तीन अलग अलग जगहों पर वारदात की कोशिश की जिनमें दो बार असफल रहने के बाद तीसरी बार अंबाह में बड़ी लूट को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह की कमान सुरेश निषाद और उसके भांजे सुनील निषाद के हाथ में थी। दोनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। समान आपराधिक पृष्ठभूमि और एक ही समाज से जुड़े होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा भांजे ने संपर्क बनाए रखा और नौ अन्य लोगों को जोड़कर गैंग 11 तैयार कर ली। गिरोह के सभी सदस्य मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दर्ज मामलों में आरोपी रहे हैं।

    गैंग ने 13 जनवरी को राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार में पहली वारदात की कोशिश की लेकिन बाजार में हलचल होने से भागना पड़ा। 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस में एक परिवार को बंधक बनाकर चोरी की पर उम्मीद के मुताबिक माल नहीं मिला। उसी रात सराफा बाजार में सीसीटीवी तार काटने के बावजूद वे सफल नहीं हो सके। 17 जनवरी की रात करीब दो बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़कर गैस कटर से गेट काटा और घर में घुस गए। किन्नर राबिया और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए।

    पीड़िता के अनुसार लूट के बाद बदमाशों ने अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी दी। बदमाश बार बार घर में किसी पुरुष की मौजूदगी के बारे में पूछते रहे। एक आरोपी के फारसी भाषा बोलने का भी जिक्र सामने आया है जिससे अंदरूनी मुखबिरी की आशंका गहराई। जांच में पता चला कि एक मुस्लिम साईं ने किन्नर के यहां कार्यक्रमों के दौरान जेवर देखे थे और यह जानकारी अपने दामाद के माध्यम से सुनील निषाद तक पहुंचाई गई जिसके बाद पूरी योजना बनाई गई।

    घटना के बाद मुरैना पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाया। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिर की सूचना पर अलग अलग राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये नकद डेढ़ किलो चांदी और छह तोला सोना बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी समेत छह बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों के भी खुलासे होने की संभावना है।

  • शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल

    शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र की महल सराय आदिवासी बस्ती में शासकीय शौचालय को तोड़कर अतिक्रमण किए जाने की सूचना पर पहुंची नगर पालिका टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई बल्कि जमकर मारपीट भी की गई। घटना के बाद से नगर पालिका अमले में आक्रोश है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    जानकारी के अनुसार महल सराय आदिवासी बस्ती में बने सरकारी शौचालय को कुछ लोग तोड़कर उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत मिलने पर नपा अतिक्रमण दस्ता प्रभारी अशोक खरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर कुछ लोग शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। जब टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मौके से खदेड़ने की कोशिश की गई।

    घटना के बाद घायल कर्मचारियों ने देहात थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से मारपीट और हंगामा दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने की बात सामने आ रही है जिससे देहात थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि जब शासकीय संपत्ति को बचाने गए कर्मचारियों पर खुलेआम हमला होता है और उसके बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फिलहाल केवल आवेदन लिया है लेकिन प्रकरण दर्ज करने में देरी की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएं।

  • शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त

    शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त


    शहडोल । शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने दुर्गा कॉलोनी स्थित टेक्निकल ग्राउंड के पास रहने वाली कथित लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 730 नग ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त किया है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी शबनम बी पहले भी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाई जा चुकी है। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित रणनीति बनाकर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से नशीली सामग्री मंगाकर जिले में युवाओं के बीच सप्लाई कर रही थी जिससे युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा था।

    कार्रवाई के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा भी हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में बंटी उसका बेटा और दामाद के अलावा अंतरराज्यीय तस्कर रमेश जायसवाल सहित अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पांच अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

    कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नशे के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। 730 ऑनरेक्स सिरप के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

    इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले में नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

    जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर


    जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है

    इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

    शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था

    पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है

    मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग


    मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे।

    स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।

    इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

    घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।

    पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।

  • नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे

    नया मोड़: नर्मदापुरम में कॉलेज प्रिंसिपल से 1 करोड़ की ठगी मामले में एक और पीड़ित सामने, कहा गोल्ड का लालच देकर 15 लाख ठगे


    नर्मदापुरम । मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम होशंगाबाद में डोलरिया के एक शासकीय कॉलेज के प्रिंसिपल के साथ हुई करोड़ों की धोखाधड़ी मामले में नया मोड़ सामने आया है। पहले प्राचार्य से लगभग ₹1 करोड़ 4 लाख की ठगी का केस सामने आया था जिस पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। अब एक और व्यक्ति पीड़ित बनकर थाने पहुंचा है और उसने भी आरोप लगाया है कि इसी आरोपी ने उससे ₹15 लाख ग़लत ढंग से लेकर ठगी की है।
    पहले मामले में प्राचार्य राकेश कुमार वर्मा को उनके ही ड्राइवर अंकित शर्मा ने गड़ी पड़ी सोने की पोटली का झांसा देकर झांसा दिया था। आरोपी ने कहा कि प्राचार्य के घर के नीचे जमीन में सोना दफन है जिससे वह डर गया और आरोपी को नकद ट्रांजैक्शन और गोल्ड लोन के माध्यम से 1 करोड़ 4 लाख रुपए दे दिए। बाद में पता चलने पर प्राचार्य ने शिकायत दर्ज कराई और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
    अब एक नया पीड़ित अमित तिवारी पुलिस स्टेशन पहुंचा है और उसने बताया कि आरोपी ने पहले उसके साथ दोस्ती बढ़ाई फिर उसे अपना जीजा बताया और धीरे-धीरे ₹15 लाख ऐंठ लिए। उसने कहा कि आरोपी ने उसे एक बॉक्स दिखाया जिसमें उसने सोना होने का झांसा दिया लेकिन असल में उस बॉक्स में सिर्फ लोहे के टुकड़े थे जिन पर सोने जैसा रंग और सिंदूर लगा था। इसी लालच में तिवारी ने करीब ₹10 लाख का लोन लिया कुछ नकद दिए और अपनी गाड़ी बेचकर बाकी रकम दी।
    तिवारी ने बताया कि आरोपी का तौर-तरीका यही था कि पहले रिश्ता बनाता फिर पैसे उधार लेता और फिर लालच देकर वापस लेता रहता था। उसने कहा कि आरोपी की पत्नी और मां भी इस ठगी में शामिल थी और उन्होंने सहायता का भरोसा दिलाया कि सोना बेचकर पैसे लौटाए जाएंगे।

    थाना प्रभारी कंचन ठाकुर ने पुष्टि की है कि आरोपी को पहले ही गिरफ्तार किया गया था और उसके कब्जे से एक स्कॉर्पियो वाहन एक बुलेट मोटरसाइकिल लगभग 30 ग्राम सोना और कुछ नकद पैसे भी जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोगों को गोल्ड के लालच में पैसे ऐंठ कर फिर उन्हें धोखा देता था। इसके अलावा उसने धोखाधड़ी से प्राप्त पैसों से कुछ प्रॉपर्टी भी खरीदी थी जिनके दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

    अब पुलिस तिवारी की शिकायत पर भी जांच कर रही है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जाएगी और जो तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि कैसे लालच और धोखे की साजिश में लोग आसानी से फँस सकते हैं चाहे वे शिक्षित हों या साबित पद पर हों और किस प्रकार अपराधी अपनी चालाकी से बड़ा आर्थिक नुकसान करवा देते हैं।

  • इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर के खजराना मंदिर में गैंगस्टर के दर्शन का मामला: सतीश भाऊ और पत्नी पर केस, 1 आरोपी गिरफ्तार

    इंदौर । इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में मंदिर के गर्भगृह में दबाव बनाकर दर्शन करवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। कुख्यात बदमाश सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला तब उजागर हुआ जब मंदिर प्रबंधन ने शिकायत दर्ज कराई कि आकाश रावत नामक आरोपी ने दबाव बनाकर सतीश भाऊ को गर्भगृह में प्रवेश दिलाया।

    खजराना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आकाश रावत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद मामले की गहन जांच की जा रही है और अन्य आरोपी भी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे। बताया गया है कि मंदिर में दबाव बनाकर किसी भी व्यक्ति को गर्भगृह में प्रवेश कराने का प्रयास कानून और धार्मिक मान्यताओं दोनों के खिलाफ है।

    इस मामले का ध्यान शासन-प्रशासन और मीडिया दोनों ने प्रमुखता से आकर्षित किया। लल्लूराम ने इस घटना को प्रकाशित कर प्रशासन की नींद उड़ा दी। खबर के प्रकाशन के बाद प्रशासन हरकत में आया और मंदिर प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी।

    सतीश भाऊ और उनकी पत्नी के खिलाफ दर्ज मामला गर्भगृह में अवैध प्रवेश और दबाव बनाने के प्रयास से संबंधित है। मंदिर प्रशासन ने कहा कि धार्मिक स्थलों में किसी भी व्यक्ति के लिए नियमों और अनुशासन का पालन जरूरी है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया कि कानून और धार्मिक मान्यताओं के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आकाश रावत की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है। फिलहाल मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

  • दिल्ली में नाबालिग अपराध बढ़ा, नई पीढ़ी क्यों भटक रही है? खेल-खेल से अपराध तक का रास्ता

    दिल्ली में नाबालिग अपराध बढ़ा, नई पीढ़ी क्यों भटक रही है? खेल-खेल से अपराध तक का रास्ता


    नई दिल्ली । दिल्ली में नाबालिगों द्वारा किए जा रहे अपराध अब गंभीर चिंता का विषय बन गए हैं। खासकर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले 12 से 17 वर्ष के किशोर जघन्य वारदातों में अधिक शामिल पाए जा रहे हैं। चोरी लूट हिंसा और नशे से जुड़े अपराधों में नाबालिगों की बढ़ती संलिप्तता कानूनव्यवस्था के लिए चुनौती बन रही है। पुलिस की लगातार कार्रवाई के बावजूद अपराध का ग्राफ कम नहीं हो रहा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नाबालिग अपराध केवल व्यक्तिगत प्रवृत्ति नहीं बल्कि सामाजिक और पारिवारिक उपेक्षा का नतीजा है। दिल्ली में करीब 75% जुवेनाइल अपराध झुग्गी-झोपड़ी और पुनर्वास कॉलोनियों से आते हैं जबकि 22% निम्न मध्यम वर्ग और केवल 3% मध्यम वर्गीय परिवारों से जुड़े हैं।

    प्रमुख कारणों में शामिल हैं

    परिवारिक अस्थिरता और निगरानी की कमी: गरीब परिवारों में माता-पिता की व्यस्तता या घरेलू हिंसा के कारण बच्चों पर ध्यान नहीं दिया जाता।शिक्षा से दूरी: स्कूल छोड़ने और पढ़ाई में रुचि कम होने से किशोर गलत संगत की ओर जाते हैं। गलत संगत और गैंग संस्कृति: स्थानीय गैंग के प्रभाव में जल्दी पैसा और दबदबा पाने की चाह में अपराध की राह अपनाई जाती है। नशे और डिजिटल प्रभाव: नशे की उपलब्धता और हिंसक कंटेंट किशोरों के व्यवहार को प्रभावित करते हैं। सामाजिक उपेक्षा: खेल कौशल विकास और काउंसलिंग की कमी बच्चों की ऊर्जा गलत दिशा में ले जाती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़े केवल अपराध नहीं बल्कि सामाजिक ढांचे की कहानी हैं जहां बचपन धीरे-धीरे खत्म हो रहा है।दिल्ली में लगातार नाबालिग अपराधों ने समाज और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। कम उम्र में अपराध की ओर झुकाव केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं बल्कि सामाजिक संकट का संकेत है। बार-बार अपराध में शामिल किशोरों के लिए पुनर्वास और सुधार चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।

    प्रमुख प्रवृत्तियां जो सामने आईं

    छोटी उम्र में गंभीर अपराधों में संलिप्तता जैसे लूट चाकूबाजी हत्या का प्रयास। गैंग का प्रभाव और बार-बार अपराध करना। नशे की लत और उससे जुड़े अपराध। जुवेनाइल कानून के कारण सख्त सजा का डर कम होना। मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ता सुझाव देते हैं कि समाधान केवल पुलिस कार्रवाई से नहीं आएगा। इसके लिए परिवार स्कूल समुदाय और सरकार को मिलकर शिक्षा कौशल विकास और पुनर्वास पर काम करना होगा तभी किशोर अपराध की प्रवृत्ति को रोका जा सकता है।

  • ओंकारेश्वर में मुफ्त माल के लिए दौड़-धूप, विधायक नारायण पटेल ने संभाला मोर्चा..

    ओंकारेश्वर में मुफ्त माल के लिए दौड़-धूप, विधायक नारायण पटेल ने संभाला मोर्चा..


    खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में तहसील कार्यालय के पास गुरुवार को बेतुकी लूटपाट का नजारा देखने को मिला। राजस्व विभाग द्वारा सड़क किनारे व्यापारियों से जब्त किए गए धनिया, मिर्ची, हल्दी और जीरे के पैकेटों को लेकर लोगों में हड़बड़ी और भटकाव मच गया।

    सूत्रों के अनुसार, व्यापारियों की नाराजगी तब चरम पर पहुंची जब उन्होंने देखा कि जप्त मसाले को कोटवार और मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने आपस में बाँटकर सड़क पर बिखेर दिया। स्थिति ऐसी बन गई कि ओंकारेश्वर विधायक नारायण पटेल को थाने पर फोन करके पुलिस बुलानी पड़ी।

    व्यापारी पहले तहसीलदार से शिकायत लेकर नगर परिषद कार्यालय जा रहे थे, तभी उन्होंने मसालों की लूट और बिखराव देखा। करीब तीन घंटे तक कार्यालय परिसर और मुख्य सड़क पर हंगामा चलता रहा। महिला व्यापारियों ने पुलिस और प्रशासन पर जमकर नाराजगी जताई और खरी-खोटी सुनाई।

    घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अनोख सिंह सिंधिया दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और 112 पुलिस वाहन भी घटनास्थल पर तैनात किया गया। विधायक ने दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।

    अब सवाल यह है कि जप्त माल की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और यदि लूटपाट हुई है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ प्रशासन क्या कार्रवाई करेगा। प्रशासनिक कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी लोगों के सवाल बढ़ गए हैं।