Tag: Police action

  • गादेर घाटी में बड़ा हादसा टला: LPG टैंकर कंटेनर से टकराया, गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस-फायर टीम ने संभाली स्थिति

    गादेर घाटी में बड़ा हादसा टला: LPG टैंकर कंटेनर से टकराया, गैस रिसाव से मची अफरा-तफरी, पुलिस-फायर टीम ने संभाली स्थिति


    गुना । मध्यप्रदेश के गुना जिले की गादेर घाटी में मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते होते टल गया जब एलपीजी गैस से भरा एक टैंकर कंटेनर से टकरा गया और टक्कर के बाद टैंकर से गैस रिसाव शुरू हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया क्योंकि चलती गाड़ी से गैस लीक होने की सूचना मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि समय रहते पुलिस और फायर फाइटर्स की तत्परता और सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।

    जानकारी के अनुसार एलपीजी गैस से भरा टैंकर गुना के विजयपुर क्षेत्र की ओर से बनारस की तरफ जा रहा था। इसी दौरान गादेर घाटी क्षेत्र में किसी कारणवश टैंकर सामने चल रहे कंटेनर से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि टैंकर में लगे वाल्व और पाइपलाइन के हिस्से से गैस का रिसाव शुरू हो गया। जैसे ही आसपास के लोगों और राहगीरों को गैस की तेज गंध का एहसास हुआ इलाके में हड़कंप मच गया। लोगों ने तुरंत इस घटना की सूचना पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को दी।

    सूचना मिलते ही डायल 112 की पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने सबसे पहले सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के क्षेत्र को खाली करवाया और लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने की सलाह दी। साथ ही एहतियात के तौर पर कुछ समय के लिए यातायात को भी नियंत्रित कर दिया गया ताकि किसी प्रकार की चिंगारी या दुर्घटना की संभावना को टाला जा सके। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड और संबंधित विभागों को भी तुरंत सूचना देकर मौके पर बुलाया गया।

    फायर फाइटर्स की टीम मौके पर पहुंचते ही सक्रिय हो गई और गैस रिसाव को नियंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की। टीम ने सावधानीपूर्वक टैंकर की जांच की और रिसाव को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक तकनीकी उपाय किए। इस दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बनाए रखा गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस और फायर विभाग के कर्मचारियों ने पूरी सतर्कता के साथ काम करते हुए हालात पर लगातार नजर बनाए रखी।

    प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और फायर फाइटर्स की सूझबूझ के चलते गैस रिसाव की स्थिति पर समय रहते काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ा नुकसान नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि समय रहते स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जाता तो यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।

    घटना के बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र में कुछ समय तक निगरानी रखी और यह सुनिश्चित किया कि गैस का रिसाव पूरी तरह बंद हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक तौर पर यह दुर्घटना टक्कर के कारण हुई है हालांकि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और यातायात भी सामान्य कर दिया गया है। समय पर की गई कार्रवाई और प्रशासन की मुस्तैदी के कारण एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।

  • इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता

    इंदौर: बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने वाले हेड कॉन्स्टेबल को निलंबित किया गया, पुलिस ने जताई शून्य-सहनशीलता


    इंदौर इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की। गुरुवार को आयोजित जन्मदिन समारोह में संयोगितागंज क्षेत्र के तीन बदमाश भी मौजूद रहे। वीडियो में देखा गया कि हेड कॉन्स्टेबल को बदमाशों ने माला पहनाई और उनके साथ फोटो खिंचवाए।

    वीडियो वायरल होते ही मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा। शनिवार रात इंदौर पुलिस कमिश्नर की मंजूरी से हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार को निलंबित कर दिया गया। अतिरिक्त डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रारंभिक जांच के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने साफ किया कि किसी भी पुलिसकर्मी का आपराधिक तत्वों के साथ सांठगांठ बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    जानकारी के अनुसार, जन्मदिन समारोह में अक्रात, विकास और आयुष नामक व्यक्ति भी शामिल थे। ये तीनों संयोगितागंज क्षेत्र से हैं और इनके खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अक्रात और आयुष के पिता दीनू निगरानीशुदा बदमाश बताए जाते हैं, जबकि विकास पर भी नशा और मारपीट के करीब 10 मामले दर्ज हैं।

    घटना ने पुलिस विभाग के भीतर भी हलचल मचा दी है। अधिकारियों का कहना है कि विभाग किसी भी प्रकार के अनैतिक और आपराधिक संबंधों को बर्दाश्त नहीं करेगा। निलंबन के बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, शामिल व्यक्तियों की पहचान और उनके अपराध रिकॉर्ड को भी देखा जाएगा।

    परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में यह घटना नागरिकों के बीच चिंता का विषय बन गई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत थाने को दें, ताकि विभाग अपराध और अनुशासनहीनता पर नजर रख सके।

    हेड कॉन्स्टेबल जीतू सरदार का निलंबन इस बात का संदेश है कि पुलिस विभाग में भी नैतिक और कानूनी मानदंडों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आगामी जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि क्या अन्य अधिकारियों की भी इसमें भूमिका रही।

  • सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: हिस्ट्रीशीटर अजीत उपाध्याय और प्रबुद्ध शुक्ला समेत तीन गिरफ्तार, हथियार बरामद कर निकाला जुलूस

    सिवनी । मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में कोतवाली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में फरार चल रहे कुख्यात हिस्ट्रीशीटर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दबिश देकर अजीत उपाध्याय प्रबुद्ध शुक्ला और एक अन्य आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। तीनों आरोपियों को पेंच टाइगर रिजर्व क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई उस मामले में की गई है जिसमें एक युवक पर सरेआम जानलेवा हमला किया गया था। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहे थे और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई थी। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने लगातार अलग अलग स्थानों पर दबिश दी और आखिरकार पेंच टाइगर रिजर्व इलाके में घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार एक पिस्टल जिंदा कारतूस और एक चाकू भी बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि ये सभी आरोपी जिले के कुख्यात अपराधी हैं और इनके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट धमकी अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर अपराध शामिल बताए जा रहे हैं।

    पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को शहर में लाकर उनका जुलूस भी निकाला। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा और आरोपियों को पैदल घुमाया गया ताकि अपराधियों में पुलिस का खौफ बना रहे और आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हो सके।

    कोतवाली पुलिस का कहना है कि आरोपियों से फिलहाल पूछताछ की जा रही है और इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के पास से बरामद हथियार कहां से आए और इनका इस्तेमाल किन किन घटनाओं में किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और उनके आपराधिक नेटवर्क को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।

  • नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार

    नरसिंहपुर में बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय तस्कर से 152 किलो गांजा जब्त, ग्वालियर निवासी चालक गिरफ्तार


    नरसिंहपुर । नरसिंहपुर जिले में पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 152 किलो गांजा जब्त किया है। अंतर्राज्यीय स्तर पर गांजा की खेप ले जा रहे एक तस्कर को घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया है।

    पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना ने जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव से उत्तर प्रदेश के झांसी की ओर एक पिकअप वाहन में भारी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने जिले में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया और संदिग्ध वाहन की तलाश की गई।

    रणनीति के तहत पुलिस टीम ने संभावित मार्गों पर घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध पिकअप वाहन को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन से 152 किलो गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से चालक रोहित सिंह, निवासी ग्वालियर को गिरफ्तार कर लिया।

    प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि गांजा की यह खेप अंतर्राज्यीय स्तर पर सप्लाई की जानी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा गांजा कहां से लाया गया और किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए गांजा की बाजार कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है और अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    एसपी डॉ. ऋषिकेश मीना ने कहा कि अंतर्राज्यीय तस्करी के मामलों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सीमावर्ती जिलों और प्रमुख मार्गों पर नियमित चेकिंग की जा रही है जिससे मादक पदार्थों की अवैध आवाजाही पर रोक लगाई जा सके।

    इस कार्रवाई को जिले में मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने का प्रयास कर रही है ताकि तस्करी की जड़ तक पहुंचा जा सके।

  • मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी

    मुरैना में कंटेंट क्रिएटर रंगदारी मामले में गिरफ्तार, महिला परिवहन अधिकारी और नपा अध्यक्ष को धमकी


    मुरैना जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर सपन जादौन को पुलिस ने रंगदारी मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी को मंगलवार को जयपुर से राउंडअप कर मुरैना लाया गया। पुलिस के अनुसार सपन जादौन ने सोशल मीडिया पर धमकी भरे पोस्ट शेयर किए और पहले छवि खराब करने की चेतावनी दी। इसके बाद फोन कॉल और डिजिटल माध्यम से नगर पालिका अध्यक्ष और महिला परिवहन अधिकारी से लाखों रुपये की मांग की।

    पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग थानों में प्रकरण दर्ज किए हैं: रंगदारी (एक्सटॉर्शन), रेकी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले में आरक्षक की पत्नी लता भदौरिया भी सहआरोपी हैं।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम कोलिया थाना सबलगढ़ निवासी सपन जादौन के साथ लता भदौरिया, शिवेंद्र जादौन और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कोतवाली और सबलगढ़ थानों में आपराधिक मामले दर्ज किए गए। लता भदौरिया कोतवाली थाने में पदस्थ आरक्षक अनिल तोमर की पत्नी हैं।

    कोतवाली थाने में 23 फरवरी को परिवहन अधिकारी अर्चना परिहार की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज हुई। उन्होंने बताया कि सपन जादौन ने उन्हें फोन कर पैसों की मांग की और आरक्षक अनिल तोमर व उनकी पत्नी लता भदौरिया से जुड़े मामले में समझौता करने का दबाव बनाया।

    पुलिस अब फरियादियों और संदिग्धों के बयान लेने के बाद आरोपी सपन जादौन और सहआरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है। यह मामला सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए अपराध बढ़ने की चुनौती को भी उजागर करता है।

  • जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा

    जेल में बनी गैंग 11 ने अंबाह में डाली डकैती, किन्नर गुरु को बंधक बनाकर सोना-चांदी लूटा


    मुरैना। अंबाह में किन्नर गुरु के घर हुई सनसनीखेज डकैती ने पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। वारदात के पीछे मामा भांजे की जोड़ी द्वारा जेल में तैयार की गई 11 सदस्यों की संगठित गैंग का हाथ सामने आया है। इस गिरोह ने पांच दिन के भीतर तीन अलग अलग जगहों पर वारदात की कोशिश की जिनमें दो बार असफल रहने के बाद तीसरी बार अंबाह में बड़ी लूट को अंजाम देकर फरार हो गए।

    पुलिस जांच के मुताबिक गिरोह की कमान सुरेश निषाद और उसके भांजे सुनील निषाद के हाथ में थी। दोनों पहले से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं और जेल में बंद रहने के दौरान उनकी मुलाकात अन्य अपराधियों से हुई। समान आपराधिक पृष्ठभूमि और एक ही समाज से जुड़े होने के कारण इनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। जेल से रिहा होने के बाद मामा भांजे ने संपर्क बनाए रखा और नौ अन्य लोगों को जोड़कर गैंग 11 तैयार कर ली। गिरोह के सभी सदस्य मध्यप्रदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान में दर्ज मामलों में आरोपी रहे हैं।

    गैंग ने 13 जनवरी को राजस्थान के पाली जिले के सराफा बाजार में पहली वारदात की कोशिश की लेकिन बाजार में हलचल होने से भागना पड़ा। 16 जनवरी को मुरैना जिले के कैलारस में एक परिवार को बंधक बनाकर चोरी की पर उम्मीद के मुताबिक माल नहीं मिला। उसी रात सराफा बाजार में सीसीटीवी तार काटने के बावजूद वे सफल नहीं हो सके। 17 जनवरी की रात करीब दो बजे बदमाश सफेद एसयूवी से अंबाह पहुंचे। खेतों के रास्ते छत पर चढ़कर गैस कटर से गेट काटा और घर में घुस गए। किन्नर राबिया और रिया को हथियारों की नोक पर बंधक बनाकर 22 तोला सोना 4 किलो चांदी और करीब चार लाख रुपये नकद लूट लिए। पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी डीवीआर भी साथ ले गए।

    पीड़िता के अनुसार लूट के बाद बदमाशों ने अश्लील हरकतें कीं और जान से मारने की धमकी दी। बदमाश बार बार घर में किसी पुरुष की मौजूदगी के बारे में पूछते रहे। एक आरोपी के फारसी भाषा बोलने का भी जिक्र सामने आया है जिससे अंदरूनी मुखबिरी की आशंका गहराई। जांच में पता चला कि एक मुस्लिम साईं ने किन्नर के यहां कार्यक्रमों के दौरान जेवर देखे थे और यह जानकारी अपने दामाद के माध्यम से सुनील निषाद तक पहुंचाई गई जिसके बाद पूरी योजना बनाई गई।

    घटना के बाद मुरैना पुलिस ने चार विशेष टीमें गठित कर मध्यप्रदेश राजस्थान और उत्तर प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाया। 500 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और मुखबिर की सूचना पर अलग अलग राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये नकद डेढ़ किलो चांदी और छह तोला सोना बरामद किया गया है। मुख्य आरोपी समेत छह बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है जिसने योजनाबद्ध तरीके से वारदातों को अंजाम दिया। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अन्य मामलों के भी खुलासे होने की संभावना है।

  • शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल

    शिवपुरी में बेखौफ गुंडागर्दी: सरकारी शौचालय बचाने गई नपा टीम पर हमला, FIR न होने से पुलिस पर सवाल


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली घटना सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र की महल सराय आदिवासी बस्ती में शासकीय शौचालय को तोड़कर अतिक्रमण किए जाने की सूचना पर पहुंची नगर पालिका टीम पर बदमाशों ने हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ न केवल धक्का-मुक्की की गई बल्कि जमकर मारपीट भी की गई। घटना के बाद से नगर पालिका अमले में आक्रोश है और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

    जानकारी के अनुसार महल सराय आदिवासी बस्ती में बने सरकारी शौचालय को कुछ लोग तोड़कर उस पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। शिकायत मिलने पर नपा अतिक्रमण दस्ता प्रभारी अशोक खरे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मौके पर कुछ लोग शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे। जब टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और उन्हें मौके से खदेड़ने की कोशिश की गई।

    घटना के बाद घायल कर्मचारियों ने देहात थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में स्पष्ट रूप से मारपीट और हंगामा दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न किए जाने की बात सामने आ रही है जिससे देहात थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि जब शासकीय संपत्ति को बचाने गए कर्मचारियों पर खुलेआम हमला होता है और उसके बाद भी त्वरित कार्रवाई नहीं होती तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद होते हैं। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने फिलहाल केवल आवेदन लिया है लेकिन प्रकरण दर्ज करने में देरी की जा रही है।

    स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा और कर्मचारियों की सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जाएं।

  • शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त

    शहडोल में नशे पर बड़ा प्रहार: लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी गिरफ्तार, 730 ऑनरेक्स सिरप जब्त


    शहडोल । शहडोल जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने दुर्गा कॉलोनी स्थित टेक्निकल ग्राउंड के पास रहने वाली कथित लेडी ड्रग पेडलर शबनम बी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 730 नग ऑनरेक्स कफ सिरप जब्त किया है। जब्त सिरप की अनुमानित कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये बताई जा रही है।

    पुलिस के अनुसार आरोपी शबनम बी पहले भी नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त पाई जा चुकी है। लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने सुनियोजित रणनीति बनाकर दबिश दी और उसे रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी बाहरी राज्यों से नशीली सामग्री मंगाकर जिले में युवाओं के बीच सप्लाई कर रही थी जिससे युवा वर्ग तेजी से नशे की चपेट में आ रहा था।

    कार्रवाई के दौरान एक संगठित गिरोह का खुलासा भी हुआ है। पुलिस के मुताबिक इस नेटवर्क में बंटी उसका बेटा और दामाद के अलावा अंतरराज्यीय तस्कर रमेश जायसवाल सहित अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आई है। पांच अन्य संदिग्धों की पहचान भी कर ली गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

    कोतवाली थाना प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नशे के खिलाफ यह विशेष अभियान चलाया गया। 730 ऑनरेक्स सिरप के साथ एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया है जबकि पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

    इस सख्त कार्रवाई के बाद जिले में नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन ने पुलिस की इस पहल की सराहना की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

  • जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर

    जबलपुर सिहोरा विवाद: 10 और आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने दोनों पक्षों पर दर्ज की एफआईआर


    जबलपुर के सिहोरा के आजाद चौक में गुरुवार रात हुए विवाद के बाद से माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ लेकिन पुलिस की सतत गश्ती जारी रही लोग दहशत में थे लेकिन आवागमन सामान्य रूप से चलता रहा शुक्रवार और शनिवार की सुबह पुलिस की कई टीमों ने 10 और हंगामा करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया ये आरोपी हिंदू पक्ष से हैं और इन पर दूसरे वर्ग के धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाने का आरोप है

    इससे पहले ही पुलिस ने 49 लोगों को गिरफ्तार किया था अब तक कुल 59 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है वहीं कुछ और आरोपियों की तलाश जारी है पुलिस ने मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है

    शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया हंगामा बढ़ता देख पुलिस ने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया गया पुलिस ने बताया कि मामला शांतिपूर्ण बनाने के लिए यह आवश्यक था

    पुलिस ने घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और स्थानीय लोगों से पूछताछ की कई असामाजिक तत्व घटना को अंजाम देकर फरार हो गए ऐसे लोगों की पहचान भी की जा रही है इस काम में स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और अन्य अधिकारियों को लगाया गया है

    मामला गुरुवार रात का है जब सिहोरा के आजाद चौक में दो पक्षों में विवाद हुआ देखते ही देखते दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग वहां जमा हो गए और एक दूसरे पर पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी भगदड़ के हालात बन गए मौके पर सिहोरा समेत आसपास के थानों की पुलिस पहुंची भीड़ को खदेड़कर स्थिति को नियंत्रित किया गया

    पुलिस ने रात में ही उपद्रवियों की पहचान कर ली थी इनमें किशोर और अधिक उम्र के लोग शामिल थे कुछ को सिहोरा में ही छोड़ दिया गया जबकि लगभग 25 से 30 आरोपियों को बस से शहर के थानों में ले जाकर गिरफ्तारी और अन्य कार्रवाई की गई

    स्थानीय प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है और किसी भी परिस्थिति में कानून व्यवस्था को बनाए रखना प्राथमिकता है दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनावी या धार्मिक तनाव के समय ऐसे घटनाओं को रोकने के लिए सतत निगरानी और समय पर कार्रवाई जरूरी है

  • मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग

    मऊगंज में आरटीओ चेकिंग पर बवाल, 2 ट्रक चालकों ने सड़क पर मचाया उत्पात, झोपड़ी में लगाई आग


    मऊगंज । मध्यप्रदेश मऊगंज जिले में रीवा हनुमना मुख्य मार्ग पर आरटीओ चेकिंग के दौरान हंगामा मच गया। जानकारी के अनुसार, चेकपोस्ट पर वाहनों की नियमित जांच की जा रही थी। इसी दौरान दो ट्रक, MP 20 HB 6128 और UP 63 CT 3122 के चालकों ने अपने वाहन सड़क पर आड़े खड़े कर दिए। इस कारण मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और वाहन चालक परेशान होने लगे।

    स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों के अनुसार, दोनों ट्रक चालकों ने न केवल चेकिंग का विरोध किया, बल्कि अन्य वाहन चालकों को भी इसे लेकर उकसाया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात आरटीओ कर्मचारियों से गाली-गलौज की और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। स्थिति बिगड़ने पर आरटीओ प्रभारी अशोक शर्मा मौके पर पहुंचे और समझाने का प्रयास किया, लेकिन विवाद और बढ़ गया।

    इस दौरान एक स्थानीय युवक भी घटनास्थल पर पहुंच गया और कथित रूप से अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए धमकी देने लगा। तनावपूर्ण माहौल के बीच कुछ लोगों ने सड़क किनारे बनी झोपड़ी और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी। आगजनी से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई और आरटीओ चेकिंग की कार्रवाई रोकनी पड़ी।

    घटना में सौभाग्य से किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आगजनी और उत्पात के कारण मौके पर उपस्थित अन्य वाहन चालकों में डर और असुरक्षा की स्थिति बनी रही। आरटीओ और पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की।

    पुलिस ने झोपड़ी में आग लगाने और सड़क पर उत्पात मचाने के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों ने भी बताया कि घटना की पूरी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के हंगामे से ट्रैफिक और आम जनता की सुरक्षा प्रभावित होती है, इसलिए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों ने कहा कि यह घटना मुख्य मार्ग पर रोजमर्रा की जिंदगी और आवाजाही के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती थी। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क पर यातायात सुचारु रूप से चलता रहे।

    मौके पर उपस्थित आरटीओ और पुलिस टीम ने लोगों को समझाया और सड़क पर लगे जाम को तुरंत हटाया। अधिकारियों ने वाहन चालकों और स्थानीय लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की।