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  • CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा

    CJP के कार्यक्रम में हंगामा, ABVP और BJP युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने दीवार फांदी; पुलिस ने दो को पकड़ा


    नई दिल्ली। जोधपुर में रविवार को CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका के कार्यक्रम के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब ABVP और बीजेपी युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ता गांधी शांति प्रतिष्ठान परिसर में दीवार फांदकर अंदर पहुंच गए। कार्यक्रम का आयोजन शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े मुद्दों पर किया गया था। आशुतोष रांका कार्यक्रम में संविधान की किताब लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान परिसर के बाहर अचानक विरोध और नारेबाजी का माहौल बन गया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों में शामिल एक व्यक्ति ने कार्यक्रम स्थल के बाहर मौजूद युवक को थप्पड़ मार दिया और इसके बाद हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत सक्रिय हुए और दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए रातानाडा थाने ले गए।

    पुलिस के मुताबिक दो लोग दीवार फांदकर कार्यक्रम स्थल के भीतर पहुंचे थे। DCP ईस्ट मनीष चौधरी ने बताया कि दोनों को डिटेन किया गया है और उनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि कार्यक्रम स्थल में प्रवेश करने और हंगामा करने के पीछे क्या वजह थी तथा क्या किसी तरह की पूर्व योजना के तहत वहां पहुंचा गया था।

    घटना के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बताया गया कि ABVP के संयोजक ललित दाधीच और बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता राजवीर बांता को पुलिस मौके से बाहर लेकर गई। हालांकि घटनाक्रम को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ सकते हैं और पुलिस की जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।

    यह विवाद ऐसे समय हुआ है जब CJP की ओर से हाल के दिनों में ‘लीगल कॉकरोचेज’ जैसे विरोध प्रदर्शनों और विभिन्न मुद्दों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आशुतोष रांका का जोधपुर कार्यक्रम भी इसी सिलसिले का हिस्सा बताया गया। कार्यक्रम में शिक्षा और नई पीढ़ी से जुड़े सवालों पर चर्चा होनी थी लेकिन विरोध और हंगामे के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के साथ कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद आशुतोष रांका को पुलिस सुरक्षा में जोधपुर से जयपुर रवाना किया गया। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें शहर से बाहर ले जाया गया ताकि रास्ते में किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

    बताया गया है कि CJP के कार्यकर्ताओं का जोधपुर में आगे भी कार्यक्रम प्रस्तावित था। ऐसे में रविवार की घटना के बाद पुलिस की सतर्कता बढ़ गई है। प्रशासन की कोशिश है कि आगामी कार्यक्रमों के दौरान किसी तरह का विवाद या टकराव न हो। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

  • शिवपुरी में थार का हाईवोल्टेज ड्रामा, कार-बाइक को टक्कर मारकर भागे, गड्ढे में फंसने पर पकड़े गए

    शिवपुरी में थार का हाईवोल्टेज ड्रामा, कार-बाइक को टक्कर मारकर भागे, गड्ढे में फंसने पर पकड़े गए


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में गुरुवार शाम तेज रफ्तार थार सवारों ने शहर की सड़कों पर जमकर हंगामा मचाया। आरोप है कि नशे की हालत में वाहन चला रहे दो युवकों ने पहले एक कार को टक्कर मारी और विरोध होने पर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पीछा शुरू किया तो भागते समय उन्होंने एक बाइक को भी टक्कर मार दी, जिससे दो युवक घायल हो गए। करीब आधे घंटे तक चले पीछा के बाद फिजिकल थाना पुलिस ने थार को घेरकर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।

    घटना शाम करीब साढ़े सात बजे माधव चौक पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लाल रंग की थार ने गौतम शर्मा की कार को टक्कर मार दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो वाहन में सवार युवकों ने धमकाते हुए मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई कि थार सवार तेज रफ्तार में शहर से निकल रहे हैं।

    सूचना मिलते ही पुलिस ने वायरलेस के जरिए अलर्ट जारी किया और शहर के विभिन्न स्थानों पर थार को रोकने का प्रयास किया। हालांकि चालक लगातार पुलिस को चकमा देता रहा। थार ग्वालियर नाका, सोनचिरैया होटल, भूत पुलिया, टूरिस्ट विलेज और करबला क्षेत्र से तेज रफ्तार में गुजरती रही। इस दौरान वाहन का एक टायर फटने के बावजूद चालक ने रफ्तार कम नहीं की।

    भागने के दौरान करबला क्षेत्र में थार ने सामने से आ रही एक बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बड़ी नोहरी निवासी वीरेंद्र शर्मा और नवाब साहब रोड निवासी गौरव शर्मा घायल हो गए। दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि वह परिवार के साथ बांकड़े मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे, तभी तेज रफ्तार थार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

    लगातार पीछा कर रही पुलिस ने आखिरकार थार को घेर लिया। भागने के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर एक गड्ढे में फंस गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने थार को भी जब्त कर लिया।

    पुलिस के मुताबिक थार चला रहे चालक की पहचान सिरसौद निवासी 30 वर्षीय बृजेश विश्वकर्मा के रूप में हुई है। वाहन मालिक चंद्रपाल चौहान भी कार में मौजूद था। दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और हादसे में हुए नुकसान सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

  • वर्चस्व की रंजिश में 50 वर्षीय व्यक्ति पर लाठी बरसाईं,  रहम की गुहार के बावजूद नहीं रुके हमलावर

    वर्चस्व की रंजिश में 50 वर्षीय व्यक्ति पर लाठी बरसाईं, रहम की गुहार के बावजूद नहीं रुके हमलावर


    भिंड मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर थाना क्षेत्र में एक 50 वर्षीय व्यक्ति पर कथित तौर पर बेरहमी से हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और जांच शुरू की। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर लाठियों से लगातार पीटते दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित रहम की गुहार लगाता नजर आता है, लेकिन हमलावर उस पर हमला जारी रखते हैं।

    पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार की है और घिरोंगी गांव में हुई। घायल की पहचान 50 वर्षीय करतार सिंह बघेल के रूप में हुई है। बताया गया कि करतार सिंह अपने एक साथी के साथ बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के ही जयसिंह गुर्जर और उसके साथियों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया।

    प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के आधार पर सामने आया है कि करतार सिंह बाइक से पूरी तरह उतर भी नहीं पाए थे कि आरोपियों ने उन पर लाठियों से हमला शुरू कर दिया। वीडियो में एक व्यक्ति पीड़ित का पैर पकड़े दिखाई देता है, जबकि अन्य लोग लगातार लाठियों से वार करते हैं। हमले के दौरान एक आरोपी यह कहते हुए भी सुनाई देता है कि सिर पर नहीं, पीठ पर मारो।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हमले के पीछे गांव में वर्चस्व और पुरानी रंजिश को वजह माना जा रहा है। आरोप है कि हमलावर गांव में अपना दबदबा बनाए रखना चाहते थे और इसी विवाद के चलते उन्होंने करतार सिंह को निशाना बनाया।

    घटना के बाद किसी स्थानीय व्यक्ति ने हमले का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी।

    मालनपुर थाना पुलिस ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस की टीमें वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी

    मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के घर के बाहर प्रदर्शन करने वाले दंपती जेल भेजे गए, सोशल मीडिया पोस्ट से पुलिस तक पहुंची जानकारी


    इंदौर। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के आवास के बाहर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे दंपती के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की थी। साथ ही टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान भी प्रदर्शनकारियों से मंत्री के घर तक चलने का आग्रह किया था।

    जानकारी के मुताबिक, बुधवार दोपहर प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता हाथ में संविधान की प्रति लेकर मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे थे। इससे पहले ही पुलिस को सोशल मीडिया के माध्यम से संभावित प्रदर्शन की सूचना मिल गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मंत्री के आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी।

    पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दंपती ने कई लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन निर्धारित समय पर कोई भी उनके समर्थन में नहीं पहुंचा। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने टंट्या भील चौराहे पर चल रहे छात्र धरना-प्रदर्शन में मौजूद लोगों से भी मंत्री के आवास तक चलने की अपील की थी, लेकिन वहां से भी किसी ने उनका साथ नहीं दिया।

    जब दंपती मंत्री के आवास के बाहर पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया और बिना अनुमति प्रदर्शन न करने की सलाह दी। इसके बावजूद वे सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे। इसके बाद पुलिस ने प्रहलाद पांडेय को उठाकर वाहन में बैठाया और उनकी पत्नी को भी हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया, जहां दोनों से पूछताछ की गई।

    परदेशीपुरा थाना प्रभारी आर.डी. कानवा ने बताया कि पूछताछ के दौरान दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाया था। उन्होंने यह भी माना कि बिना अनुमति प्रदर्शन करना उनकी गलती थी। इसके बाद पुलिस ने शांति भंग की आशंका और बिना अनुमति प्रदर्शन करने के आरोप में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 151 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

    इससे पहले भी दंपती ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के हालिया बयानों से आहत होने की बात कहते हुए उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करने का प्रयास किया था। उस दौरान भी पुलिस ने उन्हें समझाने की कोशिश की थी, लेकिन वे प्रदर्शन पर अड़े रहे थे।

  • खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी

    खजराना में खूनी विवाद, मीडियाकर्मी ने ठेकेदार को चाकू से गोदा; गिरफ्तारी के बाद सड़कों पर घुमाया आरोपी


    इंदौर । इंदौर के खजराना थाना क्षेत्र में आपसी विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया जब एक मीडियाकर्मी ने ठेकेदार पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का इलाके में जुलूस निकाला और फिर उसे न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं घायल ठेकेदार की हालत गंभीर बनी हुई है और उसका शहर के निजी अस्पताल के आईसीयू में उपचार जारी है।

    पुलिस के अनुसार घटना तंजीम नगर इलाके की है जहां रहने वाले मीडियाकर्मी आरिफ बरकाती और ठेकेदार शानू के बीच एक दिन पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय दोनों के बीच विवाद तो हुआ लेकिन मामला शांत हो गया। हालांकि अगले ही दिन यह विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि शानू आरिफ के घर के बाहर पहुंचा और दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हो गई। इसी दौरान माहौल इतना बिगड़ गया कि आरिफ घर के भीतर गया और चाकू लेकर बाहर आया। इसके बाद उसने शानू पर लगातार कई वार कर दिए जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।

    हमले के बाद आसपास के लोगों में अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल शानू को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए आईसीयू में भर्ती कर लिया। चिकित्सकों के अनुसार उसके पेट में गंभीर चोटें आई हैं और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    घटना के बाद खजराना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी आरिफ बरकाती की तलाश शुरू की और कुछ ही समय में उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी को पहले सीधे जेल भेजने की तैयारी थी लेकिन जैसे ही मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची उन्होंने आरोपी को वापस बुलाने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने इलाके में आरोपी का पैदल जुलूस निकाला ताकि कानून व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश दिया जा सके। जुलूस के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी सामने आए हैं जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। प्रारंभिक जांच में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात भी सामने आई है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

  • इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद

    इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने पहुंचा युवक धराया 40 हजार के जाली नोट और प्रिंटिंग मशीन बरामद


    इंदौर । इंदौर में 200 रुपये का नकली नोट चलाने की एक कोशिश ने जाली करेंसी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। एक युवक रेस्टोरेंट में नकली नोट देकर भुगतान करने पहुंचा था लेकिन संचालक की सतर्कता के कारण उसकी चालाकी सफल नहीं हो सकी। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसके दो साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन बरामद की गई है। पुलिस का कहना है कि गिरोह लंबे समय से नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की कोशिश कर रहा था।

    गांधी नगर थाना पुलिस के अनुसार 25 जून को राजनगर स्थित सांवरिया रेस्टोरेंट पर संचालक यशवंत यादव मौजूद थे। इसी दौरान दीपक नाम का युवक वहां पहुंचा और भुगतान के लिए 200 रुपये का नोट दिया। नोट को देखते ही संचालक को उस पर शक हुआ। उन्होंने कर्मचारियों की मदद से युवक को वहीं रोक लिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    पुलिस पूछताछ में दीपक ने अपने साथी संजय का नाम बताया। इसके बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए संजय और उसके साथी रवि को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 40 हजार रुपये के नकली नोट और नोट छापने में इस्तेमाल होने वाली प्रिंटिंग मशीन जब्त की गई। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने अब तक कितने नकली नोट बाजार में चलाए हैं और इनके संपर्क में कौन कौन लोग थे।

    जांच में सामने आया कि दीपक और संजय पहले एक शराब दुकान पर सेल्समैन के रूप में साथ काम करते थे। वहीं दोनों की पहचान हुई थी। इसी दौरान संजय ने दीपक को बताया था कि उसका एक परिचित बिल्कुल असली जैसे दिखने वाले नकली नोट तैयार करता है। कुछ समय बाद दीपक ने नौकरी छोड़ दी और ट्रक ड्राइवर बन गया जबकि संजय इंदौर आ गया। बाद में दोनों के बीच फिर संपर्क हुआ और नकली नोटों के कारोबार की योजना बनाई गई।

    पुलिस के अनुसार दोनों के बीच ऐसा सौदा तय हुआ था जिसमें एक हजार रुपये देने पर चार हजार रुपये के नकली नोट उपलब्ध कराए जाते थे। दीपक पहली बार ही नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने निकला था लेकिन रेस्टोरेंट संचालक की सतर्कता के कारण वह पकड़ा गया और पूरा मामला सामने आ गया।

    जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी संजय के खिलाफ पहले से ही एसटीएफ में नकली नोटों से जुड़े दो मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि गिरोह के अन्य सदस्य कौन हैं और नकली नोट तैयार करने का सामान कहां से लाया जाता था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस नेटवर्क के जरिए जाली करेंसी उपलब्ध कराई गई। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

  • जबलपुर में स्क्रिप्टेड पुलिस कार्रवाई का आरोप: वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल

    जबलपुर में स्क्रिप्टेड पुलिस कार्रवाई का आरोप: वायरल वीडियो ने खड़े किए बड़े सवाल


    जबलपुर। जबलपुर में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। अधारताल थाना क्षेत्र में अवैध शराब के खिलाफ की गई कार्रवाई से पहले का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे पुलिस महकमे में हलचल मच गई है। वीडियो में एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर आरोपी महिला को कार्रवाई के दौरान क्या कहना है और कैसे व्यवहार करना है इसकी जानकारी देता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार अधारताल थाना क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार की सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने एक स्थान पर दबिश दी थी। कार्रवाई में हवलदार सुग्रीव तिवारी, एफआरवी दल, महिला आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने मौके से एक महिला को अवैध शराब के साथ पकड़ा था। हालांकि विवाद का केंद्र कार्रवाई नहीं बल्कि उससे पहले का कथित घटनाक्रम बन गया है।

    वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि एक आरक्षक कार्रवाई से पहले आरोपी महिला को पूरी स्थिति समझा रहा है। वीडियो में महिला को यह बताया जाता दिखाई दे रहा है कि कार्रवाई के दौरान उसे क्या कहना है और किस तरह प्रतिक्रिया देनी है। आरोप है कि महिला को सहानुभूति प्राप्त करने और खुद को मजबूर दिखाने के लिए भी निर्देश दिए गए। हालांकि वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रही बातचीत की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पुलिस की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न होगा। वहीं कुछ लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि वास्तविकता सामने आ सके।

    मामले के तूल पकड़ने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। वीडियो की प्रामाणिकता, उसमें शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की विस्तार से पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

    पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था की विश्वसनीयता सीधे तौर पर जनता के भरोसे से जुड़ी होती है। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

    फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें जांच के परिणाम पर टिकी हुई हैं। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों में कितनी सच्चाई है और पुलिस विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। तब तक यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और पुलिस की कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ चुका है।

  • बकाया किराया मांगना पड़ा भारी, युवक पर चाकू से हमला; बचाव में आए परिजन भी घायल

    बकाया किराया मांगना पड़ा भारी, युवक पर चाकू से हमला; बचाव में आए परिजन भी घायल


    देवास  देवास में बकाया किराया मांगने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत बुद्धा पार्क कॉलोनी में एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसे बचाने पहुंचे परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    जानकारी के अनुसार फरियादी किशोर पिता विक्रमसिंह मालवीय ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई कि उसके पुराने किरायेदार के बकाया रुपए दिलाने को लेकर राजेश लाठिया से विवाद हो गया था। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई।

    आरोप है कि विवाद बढ़ने पर राजेश लाठिया ने अपना आपा खो दिया और चाकू निकालकर किशोर पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घायल युवक की चीख-पुकार सुनकर उसके परिजन मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोटें आईं।

    पीड़ित परिवार का आरोप है कि हमले के दौरान आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद आसपास के लोगों ने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।

    थाना प्रभारी शशिकांत चौरसिया के निर्देशन में आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी जानकारी और मुखबिर तंत्र की मदद से फरार आरोपी की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद दबिश देकर आरोपी राजेश पिता कमलकिशोर लाठिया (29) को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी मूल रूप से भयागांव, थाना पीपलरावां का निवासी है और वर्तमान में बुद्धा पार्क कॉलोनी में रह रहा था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं क्षेत्र के लोगों ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कहा कि मामूली आर्थिक विवाद का हिंसक रूप लेना समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घायलों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

  • देवास में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हंगामा: शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो गिरफ्तार

    देवास में अवैध शराब पर पुलिस की कार्रवाई के दौरान हंगामा: शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में दो गिरफ्तार


    मध्यप्रदेश । देवास जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि अवैध शराब बिक्री की सूचना पर जांच के लिए पहुंची टीम के साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रयास किया गया। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध शराब कारोबार और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक Punit Gehlod के निर्देशन, नगर पुलिस अधीक्षक Sumit Agrawal के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक Shashikant Chaurasiya के नेतृत्व में की गई।

    पुलिस टीम क्षेत्र भ्रमण और सूचना संकलन के दौरान गांगरदी चौराहा क्षेत्र में पहुंची थी। यहां एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में मिली। पुलिस के अनुसार, तलाशी लेने पर महिला के कब्जे से देशी शराब बरामद हुई। इसके बाद संबंधित महिला के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।

    इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि क्षेत्र में एक अन्य महिला द्वारा भी कथित रूप से अवैध शराब का विक्रय किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि टीम को देखकर कुछ लोग वहां से भागने लगे। इसी बीच संबंधित महिला और उसके परिजनों ने कार्रवाई का विरोध किया।

    पुलिस के अनुसार, विरोध के दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की की तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। स्थिति को नियंत्रित करने के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।

    जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करण सिसोदिया उर्फ संतोष शर्मा (25 वर्ष) और संतोष शर्मा (56 वर्ष), निवासी ग्राम भाड़ा पिपल्या, जिला देवास को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा है कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य संबंधित तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।

  • फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त

    फोन पर ऑर्डर, घर तक डिलीवरी: देवास में अवैध शराब सप्लाई नेटवर्क का खुलासा, 79 हजार की शराब जब्त


    मध्यप्रदेश। देवास में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने एक ऐसे कथित नेटवर्क का खुलासा किया है, जो मोबाइल फोन के माध्यम से ऑर्डर लेकर ग्राहकों तक शराब पहुंचाने का काम कर रहा था। कार्रवाई के दौरान करीब 79 हजार रुपये मूल्य की 84 बल्क लीटर अवैध शराब जब्त की गई है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

    जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर के जयप्रकाश नगर क्षेत्र में एक मकान से अवैध शराब का कारोबार संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने संबंधित स्थान पर दबिश दी। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई, जिसके बाद मौके पर मौजूद अमित राठौर नामक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित रूप से मोबाइल फोन के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहकों से ऑर्डर प्राप्त होने के बाद शराब को तय स्थानों पर पहुंचाया जाता था। अधिकारियों के अनुसार यह गतिविधि एक संगठित डिलीवरी व्यवस्था की तरह संचालित की जा रही थी। हालांकि पूरे नेटवर्क की वास्तविक संरचना और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

    आबकारी विभाग का कहना है कि आरोपी के कब्जे से बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है और उसके स्रोत की भी जांच की जा रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि शराब कहां से लाई जा रही थी और इसकी आपूर्ति किन क्षेत्रों तक की जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब का कारोबार केवल बिक्री तक सीमित नहीं होता, बल्कि इसके पीछे अक्सर एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय रहता है, इसलिए मामले की गहन जांच की जा रही है।

    जांच एजेंसियों ने आरोपी के मोबाइल फोन को भी जब्त कर लिया है। पुलिस अब कॉल डिटेल्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस कथित नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। इसके अलावा आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।

    अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड से इस अवैध कारोबार के दायरे और अवधि के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

    आबकारी और पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ विशेष अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध कारोबार को किसी भी स्थिति में पनपने नहीं दिया जाएगा।

    फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही नेटवर्क के आकार और इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।