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  • Maharashtra Politics Alert: BMC चुनाव से पहले माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे को लेकर सियासी उठापटक

    Maharashtra Politics Alert: BMC चुनाव से पहले माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे को लेकर सियासी उठापटक


    मुंबई/महाराष्ट्र की राजनीति में BMC चुनाव से पहले सियासी तूफान उठ खड़ा हुआ है। खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे को सदनिका घोटाला मामले में नासिक जिला न्यायालय द्वारा दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। अदालत ने 16 नवंबर को सजा को बरकरार रखा था। इसके बाद पुलिस ने कोकाटे की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है और किसी भी समय उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी होने की संभावना बनी हुई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर वारंट जारी हुआ, तो पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसे में एनसीपी प्रमुख अजित पवार को यह निर्णय लेना होगा कि कोकाटे इस्तीफा दें या हाई कोर्ट की रोक तक अपने मंत्री पद को बरकरार रखें। इस राजनीतिक पेंच ने सत्तारूढ़ दल और पार्टी नेतृत्व दोनों के लिए रणनीति बदलने की चुनौती खड़ी कर दी है।

    अजित पवार और देवेंद्र फडणवीस की अहम बैठक
    हालिया राजनीतिक चर्चाओं के बीच अजित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से ‘वर्षा’ निवास पर मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे और विभाग के आवंटन पर विस्तृत चर्चा हुई। फडणवीस ने साफ कहा कि कोकाटे के इस्तीफे का निर्णय पार्टी नेतृत्व और अजित पवार पर निर्भर करेगा। बैठक में विभाग आवंटन पर भी बात हुई। फडणवीस ने अजित पवार से राय मांगी कि किसे विभाग सौंपा जाए। इससे पहले इसी तरह के हालात में धनंजय मुंडे को इस्तीफा देना पड़ा था।राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कोकाटे के इस्तीफे से एनसीपी की अंदरूनी राजनीति प्रभावित हो सकती है और आगामी BMC चुनाव में इसका असर भी देखने को मिल सकता है।

    हाई कोर्ट की रोक और मंत्री पद की स्थिति
    माणिकराव कोकाटे का मंत्री पद केवल हाई कोर्ट की रोक पर सुरक्षित रह सकता है। अगर कोर्ट रोक नहीं लगाती है, तो उनके इस्तीफे की संभावना लगभग तय मानी जा रही है। विभाग आवंटन के मामले में पार्टी नेतृत्व को नई रणनीति तैयार करनी होगी। विश्लेषकों का मानना है कि BMC चुनाव से पहले यह मामला पार्टी और सरकार दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। अदालत का फैसला और अजित पवार के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी को इसी समय रणनीति बदलकर चुनावी समीकरणों को मजबूत करना होगा।

    मंत्रिपद और BMC चुनाव रणनीति पर असर
    कुल मिलाकर, माणिकराव कोकाटे के इस्तीफे और विभाग आवंटन के फैसले से महाराष्ट्र में सियासी उठापटक बढ़ सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़ी नई रणनीतियों और संभावित बदलावों पर चर्चाएं तेज हो सकती हैं।BMC चुनाव के नजदीक आने के कारण यह मामला सिर्फ एनसीपी के आंतरिक समीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इसके प्रभाव से सरकार की सियासी छवि, गठबंधन की स्थिति और चुनावी रणनीति भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए पार्टी के नेताओं और सियासी विश्लेषकों की निगाहें लगातार इस मामले पर बनी हुई हैं।

  • 'EVM नहीं, दिलों को हैक करते हैं PM मोदी'; कंगना रनौत का कांग्रेस पर तंज

    'EVM नहीं, दिलों को हैक करते हैं PM मोदी'; कंगना रनौत का कांग्रेस पर तंज


    नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत संसद कांग्रेस के EVM हैक वाले आरोप को लेकर बड़ा आरोप लगया। कंगना रनौता ने कहा कि कांग्रेस वालों तुम लोग ये समझ नहीं पा रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी EVM हैक नहीं करते प्रधानमंत्री, वो तो दिलों को हैक करते है।Modi EVM Hack Row
    दरअसल, फिल्म अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में एसआईआर पर चर्चा के दौरान बोल रहीं थी। इस दौरान उन्होंने में एसआईआर पर बात करते हुए कहा कि पीएम मोदी ‘EVM नहीं बल्कि दिल हैक करते हैं। कंगना रनौत का कहना है कि विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया और हर तरह की चालें चलीं।

    उल्लेखनीय है कि संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान जहां विपक्ष ने एसआईआर, वोट चोरी और वंदे मातरम के मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। इसी के जवाब के दौरान बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने बीजेपी पर तीखा व्यंग किया।

    इससे पहले हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी के जर्मनी दौरे को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘मैं उनके (राहुल गांधी) के दौरों की कोई खबर नहीं रखती हूं, न ही उनके बारे में कोई न्यूज पढ़ती हूं। उनकी खबरें हमेशा बेकार ही होती हैं।’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के चरित्र में कोई ताकत नहीं है इसलिए मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है।

    राहुल गांधी पर्यटन वाले नेता
    राहुल गांधी के जर्मनी यात्रा को लेकर भाजपा ने निशाना साधते हुए उन्हें पर्यटन वाला नेता कहा है। एक तरफ जहां, सत्ताधारी बीजेपी ने उन पर बार-बार विदेश यात्राओं के लिए अपने कर्तव्यों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। तो वहीं, कांग्रेस ने पलटवार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश यात्राओं का हवाला दिया है।