Post office की धांसू स्कीम, एकमुश्त ₹2,50,000 जमा करने पर मिलेगा ₹1,16,062 का रिटर्न, जानें गणित

नई दिल्ली: अगर आप सुरक्षित और फिक्स्ड रिटर्न की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम आपके लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है। यह योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जाती है, इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और मार्केट उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता। रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की पढ़ाई या भविष्य की जरूरतों के लिए यह योजना निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद मानी जाती है।

NSC की ब्याज दर और टैक्स बेनिफिट
पोस्ट ऑफिस NSC पर वर्तमान में 7.7% सालाना फिक्स ब्याज दर मिल रही है। स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। ब्याज सालाना आधार पर कंपाउंड होता है और मैच्योरिटी पर भुगतान किया जाता है। आखिरी साल को छोड़कर ब्याज पर टैक्स छूट है और सेक्शन 80C के तहत निवेशकों को ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है। इसका मतलब है कि आप सुरक्षित निवेश के साथ टैक्स बचत का भी फायदा उठा सकते हैं।

2.5 लाख निवेश पर रिटर्न का गणित
अगर आप NSC में एकमुश्त ₹2,50,000 का निवेश करते हैं, तो सालाना 7.7% ब्याज का फायदा मिलेगा। 5 साल में इस निवेश पर कुल ₹1,16,062 ब्याज आएगा। मैच्योरिटी पर कुल राशि ₹3,66,062 हो जाएगी। यह पूरा रिटर्न पहले से तय है और किसी तरह के मार्केट रिस्क से मुक्त है। फिक्स रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए यह स्कीम आदर्श विकल्प है और भविष्य की प्लानिंग में सहायक साबित होती है।

एनएससी में कौन कर सकता है निवेश
इस स्कीम में सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। वयस्क अपने नाम से और अभिभावक नाबालिग के नाम निवेश कर सकते हैं। 10 साल या उससे अधिक उम्र के नाबालिग स्वयं भी निवेश कर सकते हैं। ध्यान रहे कि NRI, ट्रस्ट और HUF सीधे निवेश के लिए पात्र नहीं हैं, लेकिन निवेश के बाद NRI बनने पर सर्टिफिकेट वैध रहता है।

क्यों चुनें नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
NSC उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित, स्थिर और टैक्स बचत वाला विकल्प चाहते हैं। इसमें न्यूनतम निवेश राशि थोड़ी भी हो सकती है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। पोस्ट ऑफिस का भरोसा, सरकार की गारंटी और फिक्स रिटर्न इसे मिडिल क्लास और रिस्क से बचने वाले निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाते हैं। लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश की तलाश में NSC आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा बन सकती है।