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  • प्रयागराज माघ मेला 2026 त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता साधु-संतों ने भी किया पवित्र स्नान

    प्रयागराज माघ मेला 2026 त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता साधु-संतों ने भी किया पवित्र स्नान


    नई दिल्ली । प्रयागराज में माघ मेले के पहले दिन त्रिवेणी संगम पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पौष पूर्णिमा के अवसर पर लाखों भक्त अपनी आस्था के साथ पवित्र नदियों में स्नान करने पहुंचे। माघ मेला एक धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है जो देशभर से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

    श्रद्धालुओं की भारी भीड़
    साधु-संतों और आम श्रद्धालुओं के अलावा माघ मेला के पहले दिन त्रिवेणी संगम में किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर स्वामी कल्याणी नंदगिरी भी पहुंची। उन्होंने इस मौके पर कहा यह लघु कुंभ का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में श्रद्धालुओं के लिए बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं। स्वामी कल्याणी ने मां गंगा से सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रार्थना की और कहा कि गंगा उन्हें कष्टों से मुक्त करें।

    मेला अधिकारी और सुरक्षा व्यवस्था

    माघ मेला के आयोजन को लेकर मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। पौष पूर्णिमा के अवसर पर माघ मेला शुरू हो चुका है। सुबह 8 बजे तक लगभग 65 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके थे उन्होंने कहा।प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा ने माघ मेला के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी और बताया कि पुलिसकर्मी जल पुलिस एनडीआरएफ और जीआरएफ की टीमें पूरी तत्परता से तैनात हैं। उन्होंने कहा स्नान के बाद श्रद्धालु सुरक्षित रूप से अपने-अपने गंतव्यों की ओर प्रस्थान कर रहे हैं।

    श्रद्धालुओं के अनुभव

    एक श्रद्धालु ने स्नान के बाद कहा यह मेरी तीसरी यात्रा है। मैं पहले भी आया हूं और 144 वर्षों बाद हुए कुंभ में भी था। यहां की व्यवस्था बहुत अच्छी है सब कुछ सुव्यवस्थित है। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी प्रशासन ने सारी तैयारियां कर रखी हैं। अगर किसी को तबियत खराब होती है तो डॉक्टर भी उपलब्ध हैं। इस साल के माघ मेले में आने वाले दिनों में और भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। प्रशासन और सुरक्षा बल पूरी तत्परता से उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।

  • माघ मेला 2026 के लिए रोडवेज की स्पेशल बसें, 1 जनवरी से प्रयागराज पहुंचना होगा और आसान

    माघ मेला 2026 के लिए रोडवेज की स्पेशल बसें, 1 जनवरी से प्रयागराज पहुंचना होगा और आसान




    प्रयागराज।
    प्रयागराज में 1 जनवरी से शुरू हो रहे माघ मेला 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। संगम स्नान के लिए देश-प्रदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और सस्ती परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष रोडवेज बस सेवाएं शुरू की जा रही हैं। इससे माघ मेले के दौरान प्रयागराज पहुंचना और वहां से संगम घाट तक जाना बेहद आसान हो जाएगा।

    परिवहन निगम के अनुसार, गाजीपुर डिपो से प्रयागराज के लिए कुल 15 बसों का नियमित संचालन किया जाएगा।

    इनमें से 1 जनवरी से 13 जनवरी तक गाजीपुर डिपो की 10 बसें सीधे प्रयागराज के लिए चलाई जाएंगी, जबकि जनपद की पांच बसें वाराणसी मार्ग होते हुए झूसी तक संचालित होंगी। झूसी पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं को संगम घाट तक पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

    श्रद्धालुओं की भीड़ और पैदल चलने की परेशानी को देखते हुए झूसी से संगम घाट तक चार बसों की शटल सेवा चलाई जाएगी। ये बसें लगातार फेरे लगाती रहेंगी, ताकि श्रद्धालुओं को जाम और भीड़ से राहत मिल सके।

    यह विशेष परिवहन व्यवस्था 1 जनवरी से 17 फरवरी तक, यानी पूरे माघ मेला काल में जारी रहेगी।

    माघ मेले के दौरान संगम स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम ने बसों की संख्या में इजाफा किया है। विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में गाजीपुर डिपो से 94 बसों का संचालन किया जा रहा है और माघ मेले के दौरान ग्रामीण रूटों पर भी अतिरिक्त बसें लगाई जाएंगी, ताकि दूर-दराज के गांवों से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल सके।

    इसके अलावा, प्रमुख बस अड्डों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, टिकट काउंटरों की संख्या बढ़ाने, समय-सारिणी में लचीलापन और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त फेरे लगाने की व्यवस्था की गई है।

    विशेष स्नान पर्वों के दौरान यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोतरी को देखते हुए परिवहन निगम ने सतर्कता बढ़ाने और बसों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    माघ मेले की प्रमुख स्नान तिथियों पर विशेष भीड़ रहने की संभावना है। इनमें पौष पूर्णिमा (13 जनवरी), मकर संक्रांति (14 जनवरी), मौनी अमावस्या (29 जनवरी), बसंत पंचमी (3 फरवरी) और माघी पूर्णिमा (12 फरवरी) शामिल हैं। इन तिथियों पर अतिरिक्त बसें और शटल सेवाएं चलाई जाएंगी।

    परिवहन निगम का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। माघ मेला 2026 के दौरान यह विशेष बस सेवा श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी।