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  • राहुल गांधी के बयान पर सियासी संग्राम तेज, सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर रोक की मांग

    राहुल गांधी के बयान पर सियासी संग्राम तेज, सदस्यता खत्म करने और चुनाव लड़ने पर रोक की मांग


    नई दिल्ली ।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर संसद और सियासत दोनों में घमासान मच गया है। भारत अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्र सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने अमेरिका के सामने पूरी तरह समर्पण कर दिया है और देश के किसानों के हितों को कुचल दिया है। उनके इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे देश को गुमराह करने वाला बताया है।

    भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में राहुल गांधी के खिलाफ प्रस्ताव पेश करते हुए उनकी संसद सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग की है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सोरोस जैसी विदेशी ताकतों के प्रभाव में आकर देश के खिलाफ माहौल बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान न केवल संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं बल्कि देश की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं। उनके अनुसार राहुल गांधी लगातार तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश कर रहे हैं और जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं।

    इस विवाद पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक गंभीर संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें अपनी जिम्मेदारियों तथा शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। पासवान ने कहा कि विशेषाधिकार प्रस्ताव लाना संसदीय प्रक्रिया का हिस्सा है और यदि कोई सदस्य तथ्यहीन या आपत्तिजनक टिप्पणी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय संसदीय प्रक्रियाओं के तहत ही होगा।

    दरअसल बुधवार को सदन में बोलते हुए राहुल गांधी ने भारत अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा कि इस समझौते में भारत के किसानों के हितों की अनदेखी की गई है जैसा पहले किसी प्रधानमंत्री ने नहीं किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार को शर्म आनी चाहिए कि उसने भारत माता को बेच दिया। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि इंडिया गठबंधन की सरकार होती तो अमेरिका के साथ बातचीत बराबरी के स्तर पर की जाती। उनके अनुसार भारतीय डेटा एक रणनीतिक संपत्ति है और अमेरिका के साथ किसी भी वार्ता में इसे केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने ऊर्जा सुरक्षा और किसानों की रक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।

    राहुल गांधी के इन बयानों ने संसद में तीखी बहस को जन्म दे दिया है। एक ओर भाजपा इसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता करार दे रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और नीतियों की आलोचना करना है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई होती है और क्या यह मामला विशेषाधिकार समिति तक पहुंचता है या सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहता है। फिलहाल इस मुद्दे ने संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

  • राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र

    राहुल-सीतारमण के बीच संसद में तीखी बहस: भारत बेचने के आरोप पर गरमा गया बजट सत्र


    नई दिल्ली। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान विपक्ष और केंद्र सरकार के बीच जोरदार टकराव देखने को मिला। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को लेकर आरोप लगाया कि सरकार ने भारत माता को बेच दिया और अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे।

    सीतारमण का पलटवार: कांग्रेस ने भारत को बेचा
    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को बेचने का असली जिम्मेदार कांग्रेस है। उन्होंने याद दिलाया कि बाली में जाकर कांग्रेस ने सौदा किया था और किसानों के हक से समझौता किया। मोदी सरकार ने 2014 में विश्व व्यापार संगठन में जाकर इसे सुधारा।

    सीतारमण ने बजट पर सवाल उठाने वाले टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के GST आरोपों को भी खारिज किया और कहा कि बंगाल में पेट्रोल दिल्ली से 10रुपए ज्यादा महंगा है, जिसे कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट शासित राज्यों में आर्थिक विकास सबसे नीचे है और वहां उद्योग नहीं टिकते।

    राहुल के अडाणी और अमेरिका केस वाले आरोप
    राहुल गांधी ने अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया और कहा कि यह मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल से सबूत पेश करने को कहा और संसद में विशेषाधिकार नोटिस देने की बात कही।

    सीतारमण ने संसद में मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
    निर्मला सीतारमण ने कहा कि बजट का मुख्य फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और MSME के लिए सहायक नीतियों पर है। उन्होंने कहा कि हेल्थकेयर, शिक्षा और लाइफ इंश्योरेंस पर जीएसटी हटाया गया है।

    ओवैसी ने तेल और विदेश नीति पर सवाल उठाया
    एआईएमआईएमके असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि किसी “गोरी चमड़ी वाले” को यह तय करने का अधिकार नहीं कि भारत किससे तेल खरीदे। उन्होंने ऑपरेशन इंसाफ, हाफिज सईद, मसूद अजहर और लखवी को भारत लाने की मांग भी की।

  • किरेन रिजिजू बोले- सरकार लाएगी राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव

    किरेन रिजिजू बोले- सरकार लाएगी राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव


    नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा सदन में लगाए गए आरोपों के कारण सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाने जा रही है। रिजिजू ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी ने बिना पूर्व सूचना दिए कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाए। यह सदन के सदस्य का विशेषाधिकार उल्लंघन है और इसकी सूचना लोकसभा अध्यक्ष को दी जाएगी।

    क्या कहा किरेन रिजिजू ने?

    रिजिजू ने बताया कि बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कोई उपयोगी या ठोस सुझाव नहीं दिए बल्कि केवल आरोप लगाते रहे। उन्होंने कहा कि जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शाम पांच बजे चर्चा का जवाब देंगी तो राहुल गांधी को सदन में उपस्थित रहने की सलाह दी गई थी।

    सदन से समय से पहले चले गए

    सांसदों के नियम के अनुसार एक सदस्य को अपना भाषण समाप्त करने के बाद तुरंत सदन छोड़ने की अनुमति नहीं होती। रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अक्सर अपना भाषण समाप्त करके तुरंत सदन छोड़ देते हैं और इसे गंभीर मामला माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाकर सदन के नियमों और सम्मान की रक्षा की जाएगी।

  • कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू का तीखा हमला, राहुल गांधी पर की कड़ी टिप्पणी

    कांग्रेस से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू का तीखा हमला, राहुल गांधी पर की कड़ी टिप्पणी


    चंडीगढ़।
    कांग्रेस पार्टी (Congress Party.) ने पूर्व क्रिकेटर और पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu.) को संगठन से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इस फैसले की जानकारी छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने अमृतसर में मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि नवजोत कौर सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu) पहले से ही पार्टी से निलंबित थीं और अब संगठन ने औपचारिक प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें निष्कासित कर दिया है।

    भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस में अनुशासन सर्वोपरि है और पार्टी विरोधी गतिविधियों को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले नवजोत कौर सिद्धू खुद सार्वजनिक मंच से कांग्रेस छोड़ने का ऐलान कर चुकी थीं। इसके बावजूद पार्टी ने संगठनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें बाहर करने का निर्णय लिया।


    सोशल मीडिया पर निकाली भड़ास

    पार्टी से निष्कासन के बाद नवजोत कौर सिद्धू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ जमकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “पप्पू” तक कह दिया। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि राहुल गांधी ने आखिरकार अपने नाम को सही साबित कर दिया है। उनके मुताबिक, राहुल खुद को अकेला ईमानदार और समझदार नेता मानते हैं, जबकि उन्हें जमीनी हकीकत की कोई समझ नहीं है।

    नवजोत कौर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के आसपास मौजूद लोग उन्हें वास्तविक स्थिति से दूर रखते हैं और फैसले होने से पहले ही टिकट बेचकर ऐश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी इमरजेंसी कॉल का जवाब देने में राहुल को छह महीने से ज्यादा लग जाते हैं, जिससे तब तक नुकसान हो चुका होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि लोगों को साथ जोड़ने से पहले राहुल को अपने तथाकथित समर्थकों से पूछना चाहिए कि क्या वे ईमानदारी से पंजाब के लिए काम करना चाहते हैं।


    राहुल गांधी पर आगे भी साधा निशाना

    अपनी पोस्ट में नवजोत कौर ने आगे कहा कि राहुल गांधी के पास न तो जमीनी सच्चाई सुनने का समय है और न ही इच्छाशक्ति, क्योंकि वे अपनी बनाई हुई दुनिया में रहना पसंद करते हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल के अधिकांश समर्थक नि:स्वार्थ सेवा के बजाय अपनी जेबें भरने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे दोबारा सत्ता में नहीं लौटने वाले।

    उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर राहुल में हिम्मत है तो वे अपने समर्थकों से मौजूदा सरकार के खिलाफ खुलकर बोलने को कहें और अपनी फाइलें खुलवाने के लिए भी तैयार रहें। नवजोत कौर ने राहुल को सलाह दी कि उन्हें सच बोलना और उसका सामना करना सीखना चाहिए, क्योंकि सच वही रहता है जो था और जो है।


    राजनीति और पंजाब पर टिप्पणी

    नवजोत कौर सिद्धू ने खुद को एक शुभचिंतक बताते हुए राहुल गांधी को ज्यादा संवेदनशील, व्यावहारिक और ग्रहणशील बनने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि राहुल के ज्यादातर कथित समर्थक भाजपा में जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि न तो वे किसी से मिलने गई हैं और न ही कोई उनके पास आया है। उनके अनुसार, वे एक फाउंडेशन के माध्यम से काम कर सकती हैं, लेकिन उनका समय और ऊर्जा केवल पंजाब की भलाई के लिए समर्पित है।

    उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि जब पार्टी में भ्रष्ट नेताओं को सम्मान मिलता है, तब ईमानदारी और सच्चाई की बातें बेमानी हो जाती हैं। अंत में उन्होंने राहुल गांधी को “गुड लक” कहते हुए राजनीति में अपना वजूद बचाने की नसीहत दी।


    बीजेपी को लेकर भी की टिप्पणी

    एक अन्य पोस्ट में नवजोत कौर सिद्धू ने भारतीय जनता पार्टी की तारीफ भी की। उन्होंने लिखा कि बीजेपी ने उनके टैलेंट को पहचाना और निष्पक्ष सर्वे के आधार पर उन्हें वर्ष 2012 में विधायक का टिकट दिया। उस समय वे अस्पताल में कार्यरत थीं और डॉक्टर होने के कारण उन्हें सीएपीएस हेल्थ की जिम्मेदारी दी गई। उन्होंने कहा कि बीजेपी में उन्हें ईमानदारी और सच्चाई से काम करने की पूरी आजादी मिली और वे किसी भी विभाग में जाकर उसी दिन काम निपटाकर लौट सकती थीं।

  • किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?

    किरेन रिजिजू ने एलन मस्क की पोस्ट पर जताई खुशी, राहुल गांधी को दी नसीहत, जानिए क्‍या कहा ?


    नई दिल्ली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला है। रिजिजू ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार की आलोचना करना अधिकार है, लेकिन आलोचना करते समय देश की छवि को नुकसान पहुँचाना बिलकुल भी स्वीकार्य नहीं है। उनका यह बयान एलन मस्क की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के संदर्भ में आया, जिसमें मस्क ने कहा कि चीन और भारत मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास में लगभग 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे।

    रिजिजू का राहुल गांधी को संदेश
    रिजिजू ने कहा कि आमतौर पर वे विदेशी हस्तियों की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया नहीं देते, लेकिन इस बार मस्क की पोस्ट का हवाला इसलिए दिया ताकि राहुल गांधी को एक सीख दी जा सके। उन्होंने साफ किया कि आलोचना और राष्ट्रहित के बीच स्पष्ट रेखा होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक भारतीय के रूप में हमें देश की प्रगति और उपलब्धियों पर गर्व होना चाहिए।

    संदर्भ: राहुल गांधी की आलोचना

    राहुल गांधी लंबे समय से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि बजट में बेरोजगारी, कमजोर विनिर्माण क्षेत्र, पूंजी निकासी और किसानों की समस्याओं जैसी गंभीर चुनौतियों को नजरअंदाज किया गया।

    सरकार का रुख

    वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट को 21वीं सदी में भारत की आर्थिक प्रगति की नींव बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में अहम कदम करार दिया।

  • TVK के प्रस्‍ताव पर कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ही हमारा ‘बूस्ट’

    TVK के प्रस्‍ताव पर कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ही हमारा ‘बूस्ट’

    चैन्‍नई। दक्षिण के चुनावी राज्य तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। दरअसल, अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कड़गम (TVK) की ओर से कांग्रेस को गठबंधन का प्रस्ताव मिला है। यह पेशकश विजय के पिता और प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक एस.ए. चंद्रशेखर ने की है। तिरुवारूर जिले में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि कांग्रेस तमिलनाडु में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाश रही है और विजय उसे फिर से ‘पुरानी शान’ दिलाने को तैयार हैं।

    उन्होंने कहा, “कांग्रेस का एक इतिहास और विरासत रही है। अब वह ढलान पर है लेकिन विजय कांग्रेस को समर्थन देने के लिए तैयार हैं। यह मौका कांग्रेस को गंवाना नहीं चाहिए।” हालांकि, अभी तक न तो विजय और न ही उनकी पार्टी TVK ने इस प्रस्ताव की आधिकारिक पुष्टि या खंडन किया है।

    कांग्रेस बोली- राहुल गांधी ही हमारा ‘बूस्ट’
    विजय के पिता के इस बयान पर कांग्रेस की ओर से भी तुरंत प्रतिक्रिया आई।

    तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष के. सेल्वापेरुंथगई ने इस ऑफर को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने तंज़ कसते हुए कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं को किसी बाहरी बूस्ट की जरूरत नहीं है। हमारे नेता राहुल गांधी ही हमें ‘बूस्ट, हॉर्लिक्स और बॉर्नविटा’ दे रहे हैं।” बावजूद इसके चंद्रशेखर के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज कर दी है।
    DMK से बढ़ती दूरी?
    कांग्रेस का यह बयान सख़्त जरूर है, लेकिन सियासी अटकलें थमी नहीं हैं। कांग्रेस फिलहाल सत्तारूढ़ DMK की सहयोगी है और 2019, 2021 और 2024 के चुनावों में दोनों ने साथ मिलकर जीत हासिल की थी। लेकिन अब कांग्रेस DMK से सत्ता में हिस्सेदारी चाहती है। सूत्रों के हवाले से NDTV की रिपोर्ट में कहा गया है कि कांग्रेस कम से कम छह मंत्री पद मांग रही है, जिस पर DMK अभी तक सहमत नहीं हुई है।
    सीट बंटवारे पर भी फंसा पेच
    इसके अलावा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर भी दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई है। कांग्रेस चाहती है कि उसे कम से कम 35 सीटें मिलें लेकिन DMK 19 से ज़्यादा सीटें देने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ता जा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने राज्य में DMK गठबंधन के साथ 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि 2021 के विधानसभा चुनावों में 25 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

    TVK का ऑफर क्यों लुभावना?
    सूत्रों के अनुसार, TVK ने कांग्रेस को 60 से अधिक सीटें और सरकार बनने की स्थिति में मंत्री पदों का भी संकेत दिया है। यही कारण है कि भले ही सार्वजनिक तौर पर कांग्रेस इनकार कर रही हो, लेकिन अंदरखाने इस प्रस्ताव पर मंथन जारी है। विश्लेषकों का कहना है कि तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनते-बिगड़ते देर नहीं लगती। ऐसे में कांग्रेस और विजय की पार्टी के बीच संभावित गठबंधन को पूरी तरह नकारा भी नहीं जा सकता। आने वाले दिनों में यह साफ़ होगा कि कांग्रेस DMK के साथ बनी रहती है या किसी नए सियासी रास्ते की ओर बढ़ती है।

  • हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”

    हिमंत सरमा का खुलासा: “राहुल और प्रियंका गांधी की आपसी लड़ाई का शिकार रहा”


    नई दिल्ली। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेतृत्व, खासकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान मीडिया से बातचीत में सरमा ने दावा किया कि भाजपा में शामिल होने से पहले वे राहुल और प्रियंका की अंदरूनी लड़ाई के शिकार रहे।

    सरमा ने कहा, “गांधी परिवार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं है। हाल के राजनीतिक फैसलों से यह साफ दिखता है कि राहुल गांधी नहीं चाहते कि प्रियंका गांधी केरल में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करें।

    उन्हें असम में भेजा गया, इसका यही मतलब है।”

    उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस में राहुल गांधी अपने करीबी नेताओं और गुट के जरिए सत्ता बनाए रखना चाहते हैं, जबकि प्रियंका उस गुट का हिस्सा नहीं हैं। सरमा ने बताया, “मैं 22 साल तक कांग्रेस में रहा हूं, मुझे अंदर की पूरी जानकारी है। यही वजह है कि प्रियंका को केरल की बजाय असम में जिम्मेदारी दी गई।”

    हिमंत सरमा बीजेपी में शामिल होने के बाद से लगातार कांग्रेस और गांधी परिवार पर हमलावर रहे हैं। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। सियासी जानकार अब इस सवाल पर चर्चा कर रहे हैं कि क्या वाकई राहुल और प्रियंका के बीच अंदरूनी मतभेद हैं, या यह विपक्ष की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

  • राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल

    राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी पर सरकार को घेरा, बोले– लोग पानी पीकर मर रहे, यही अर्बन मॉडल


    इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों को लेकर शुक्रवार को सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि लोग पानी पीकर मर रहे हैं और इसे ही स्मार्ट सिटी और अर्बन मॉडल बताया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही है और इसे पूरे मामले की जवाबदेही लेनी होगी। शनिवार को इंदौर पहुंचे राहुल गांधी ने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां उन्होंने दूषित पानी से प्रभावित मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। वहां उन्होंने रोगियों की हालत और उनके परिवारों की समस्याओं को बारीकी से समझा और अस्पताल प्रशासन से स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद वे भागीरथपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने दूषित पानी के कारण अपनी जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिवारों से मिलकर संवेदना व्यक्त की।

    राहुल गांधी ने दोनों परिवारों को आर्थिक सहायता के रूप में चेक भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ इंदौर या मध्यप्रदेश का नहीं है, बल्कि पूरे देश में शहरी जल आपूर्ति प्रणाली की कमजोरी का उदाहरण है। उन्होंने सरकार से तत्काल कार्रवाई करने और लोगों को सुरक्षित पीने के पानी की गारंटी देने की मांग की। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि जल संकट और दूषित पानी की आपूर्ति जैसी समस्याओं को अर्बन मॉडल और स्मार्ट सिटी की उपलब्धियों के नाम पर छुपाया जा रहा है। उनका कहना था कि जनता की जान से खेलना स्वीकार्य नहीं है और इस मुद्दे पर सभी स्तरों पर जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

    राहुल गांधी के इस दौरे के दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनसे मिलकर अपने अनुभव साझा किए और मांग की कि सरकार ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इंदौर का मामला चेतावनी है कि शहरों में जल प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा को गंभीरता से लिया जाए। राहुल गांधी की यह पहल लोगों के बीच संवेदनशीलता और तत्काल कार्रवाई की मांग को उजागर करती है। उनका यह दौरा केवल समर्थन और सहानुभूति दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वास्तविक मदद और आर्थिक सहायता भी मुहैया कराई, जिससे प्रभावित परिवारों को राहत मिली।

  • राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    राहुल गांधी इंदौर में दूषित पानी पीड़ितों से मिले, परिवारों को चेक देकर दी राहत कहा-स्मार्ट सिटी’ में भी लोग पानी पीकर मर रहे

    नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर दौरे पर हैं और उन्होंने सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल का दौरा किया, जहां वे दूषित जल से प्रभावित मरीजों से मिले। इसके बाद वे भागीरथपुरा इलाके पहुंचे, जो शहर के उन हिस्सों में से है जहाँ दूषित पानी के कारण लोगों की सेहत बुरी तरह प्रभावित हुई है। राहुल गांधी पैदल ही प्रभावित इलाके में गए और वहां के पीड़ित परिवारों से बातचीत की।

    भागीरथपुरा में उन्होंने गीता बाई के परिवार से मुलाकात की और उसके बाद जीवनलाल के घर भी गए।

    इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक देने का ऐलान किया। वहीं, प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार 50 हजार रुपये का चेक देंगे। राहुल गांधी के साथ इस दौरे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, हरीश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और अजय सिंह भी मौजूद रहे।

    भागीरथपुरा में मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद राहुल गांधी ने कहा कि इन परिवारों में कई लोगों की मौत हुई है और कई बीमार हुए हैं। उन्होंने इस घटना को “स्मार्ट सिटी” की विफलता करार दिया और कहा कि यह नया मॉडल है जहाँ पीने का साफ पानी नहीं है। राहुल ने कहा कि लोगों को डराया जा रहा है और सभी परिवारों को दूषित पानी पीने के बाद बीमारी हुई है।

    उन्होंने साफ कहा कि इंदौर में साफ पानी नहीं मिल रहा, और इससे लोग मर रहे हैं।

    राहुल ने सरकार पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि यह समस्या केवल इंदौर तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग शहरों में यही हाल है। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही और जहां भी यह काम करवाया गया है, उसके लिए किसी न किसी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। राहुल ने कहा कि पीड़ितों ने जो इलाज कराया और जिनकी मौत हुई, उनके लिए सरकार को मुआवजा देना चाहिए।

    रहवासियों के अनुसार, शहर में जो टंकी है, वह सिर्फ “सिंबल” बनकर रह गई है। राहुल ने कहा कि उन्हें बताया गया कि साफ पानी अभी भी नहीं मिल रहा है।

    टंकी पर बैन लगा दिया गया है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह बैन हटाकर फिर वही पानी दिया जाएगा। राहुल ने कहा कि लोग मांग कर रहे हैं कि सरकार अपनी जिम्मेदारी पूरी करे और साफ पानी उपलब्ध करवाए।

    जब पत्रकारों ने राहुल से सवाल किया कि क्या वे राजनीति करने आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वे यहां “मदद करने” आए हैं। राहुल ने कहा कि वे विपक्ष के नेता हैं और लोगों के मुद्दे उठाने और उनकी मदद करने के लिए आए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे उनकी मदद करें। राहुल ने कहा कि वे पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं और सरकार को साफ पानी उपलब्ध कराना चाहिए।
    इस दौरे से एक बार फिर सवाल उठता है कि इंदौर में पानी की समस्या कितनी गंभीर है और सरकार इस पर कब तक प्रभावी कार्रवाई करेगी।

  • MP: राहुल गांधी कल आएंगे इंदौर… दूषित पानी से मौतों पर राजनीति का अखाड़ा बना शहर

    MP: राहुल गांधी कल आएंगे इंदौर… दूषित पानी से मौतों पर राजनीति का अखाड़ा बना शहर


    इंदौर।
    लोकसभा (Lok Sabha) में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Opposition Leader Rahul Gandhi) के 17 जनवरी को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) दौरे के पहले ये शहर पूरी तरह राजनीति का अखाड़ा बन गया है। गांधी दूषित पानी से हुई लगभग 20 से भी ज्यादा लोगों की मौत के मामले को लेकर 17 को इंदौर आने वाले हैं। वे यहां प्रभावितों के परिजन से मुलाकात करेंगे। उनके इस दौरे के पहले राज्य में इस मुद्दे को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने कल अपने इंदौर प्रवास के दौरान बिना किसी का नाम लिए इस मामले को लेकर कांग्रेस और नेता प्रतिपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”हमने इस कठिनाई के दौर को महसूस किया है, संवेदना के साथ महसूस किया है, लेकिन आप अगर लाशों पर राजनीति करने आओगे, इंदौर बर्दाश्त नहीं करेगा। कोई बर्दाश्त करने वाला नहीं है।

    उन्होंने कहा कि अगर आपने आपदा में से अवसर तलाश कर राजनीति का रास्ता तलाशा, तो ये उचित नहीं कहा जा सकता। आप सकारात्मक विरोध करो, विपक्ष की आवाज विपक्ष की तरह से रखो, तो हम सब उस बात से सहमत हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा,’लेकिन अगर आपने बात निकाली, तो बात दूर तलक तक जाएगी।

    वहीं कांग्रेस ने भी सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा, भाजपाइयों की जुबान अभी भी “भागीरथपुरा” का भय बढ़ा रही है! पीड़ित परिवारों के गहरे जख्मों पर नमक लगा रही है! अहंकार में डूबे हुए “23 सरकारी हत्याओं” के अपराधी इसीलिए निरंकुश हैं, क्योंकि जनमत का अपमान इनकी आदत में आ चुका है! तभी तो ये आंसूओं में डूबे इंदौर का दर्द भूलकर, “जुबानी-जहर” उगल रहे हैं! गलती सुधारने की बजाय अभी भी मुंहजोरी कर रहे हैं!”

    इसी बीच श्री पटवारी ने राहुल गांधी के दौरे के संबंध में कहा कि नेता प्रतिपक्ष इस घटना को लेकर बहुत चिंतित थे। पूरी घटना उनके संज्ञान में है। उन्होंने प्रभावितों के परिजनों से मिलने की इच्छा जाहिर की है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का 17 जनवरी को इंदौर आगमन पीड़ित परिवारों और शहरवासियों को संबल, संवेदना और न्याय की उम्मीद देगा।

    इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 20 से भी ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। सरकार जहां लगातार व्यवस्थाएं सुधारने का दावा कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे एक मुद्दा बना रही है।