Tag: Ramayana

  • रणबीर, साई पल्लवी और यश की कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, 'रामायण' को लेकर सोशल मीडिया दो धड़ों में बंटा

    रणबीर, साई पल्लवी और यश की कास्टिंग पर फिर उठे सवाल, 'रामायण' को लेकर सोशल मीडिया दो धड़ों में बंटा


    नई दिल्ली । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण अपनी घोषणा के बाद से लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म के भव्य विजुअल्स, स्टारकास्ट और बड़े बजट की चर्चा जहां हर ओर हो रही है वहीं दूसरी तरफ इसके मुख्य कलाकारों रणबीर कपूर साई पल्लवी और यश से जुड़े पुराने विवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गए हैं। फिल्म में रणबीर भगवान राम साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में इन कलाकारों की कास्टिंग को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच अलग-अलग राय देखने को मिल रही है।

    रणबीर कपूर को भगवान राम के किरदार में चुने जाने के बाद सबसे ज्यादा चर्चा उनकी पिछली फिल्मों और सार्वजनिक बयानों को लेकर हुई। खासतौर पर फिल्म एनिमल में निभाए गए हिंसक और ग्रे शेड वाले किरदार के कारण कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि क्या इस तरह की छवि वाले अभिनेता को भगवान राम के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। हालांकि बड़ी संख्या में दर्शकों का मानना है कि किसी अभिनेता का मूल्यांकन उसके अभिनय के आधार पर होना चाहिए न कि उसके पुराने किरदारों के आधार पर।

    रणबीर पहले भी अपने एक बयान को लेकर विवादों में आ चुके हैं जब उन्होंने पत्नी आलिया भट्ट की प्रेग्नेंसी के दौरान मजाकिया अंदाज में टिप्पणी की थी। इस बयान की सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी जिसके बाद अभिनेता ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। इसके अलावा सात्विक जीवनशैली अपनाने और खानपान को लेकर भी उनके बारे में कई तरह के दावे और चर्चाएं सोशल मीडिया पर वायरल होती रही हैं लेकिन इन दावों की अलग-अलग व्याख्या सामने आई।

    फिल्म में माता सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी भी पहले अपने एक इंटरव्यू के बयान को लेकर विवादों में आ चुकी हैं। उन्होंने हिंसा के विभिन्न मामलों का जिक्र करते हुए कहा था कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति या जीव के साथ हिंसा गलत है। उनके इस बयान की अलग-अलग तरह से व्याख्या की गई। कुछ लोगों ने इसे गलत तरीके से पेश किया जबकि कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन भी किया। अब रामायण में उनकी कास्टिंग को लेकर भी लुक, भाषा और स्क्रीन प्रेजेंस पर बहस जारी है हालांकि उनके अभिनय की तारीफ करने वालों की भी बड़ी संख्या है।

    रावण की भूमिका निभा रहे कन्नड़ सुपरस्टार यश भी समय-समय पर विवादों में रहे हैं। उनके परिवार का नाम कभी कथित जमीन विवाद से जुड़ी खबरों में सामने आया था हालांकि यह कोई बड़ा आपराधिक मामला नहीं बना। इसके अलावा उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में कहा था कि वह ऐसी फिल्में करना पसंद करते हैं जिन्हें परिवार के साथ बैठकर देखा जा सके और वह अंतरंग दृश्यों से बचना चाहते हैं। बाद में उनकी फिल्मों में कुछ इंटीमेट सीन्स सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस छिड़ गई।

    रामायण की घोषणा के बाद एक ओर फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ रही है तो दूसरी ओर कलाकारों से जुड़े पुराने विवाद भी चर्चा में बने हुए हैं। हालांकि फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि किसी भी अभिनेता की असली परीक्षा पर्दे पर उसके प्रदर्शन से होती है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि रणबीर कपूर साई पल्लवी और यश अपने दमदार अभिनय से दर्शकों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं और क्या उनकी परफॉर्मेंस इन सभी बहसों को पीछे छोड़ पाएगी।

  • 'रामायण' से पहले रणबीर कपूर को सलाह, 'महाभारत' के कृष्ण बोले- अपनी भाषा और आचरण का रखें ख्याल

    'रामायण' से पहले रणबीर कपूर को सलाह, 'महाभारत' के कृष्ण बोले- अपनी भाषा और आचरण का रखें ख्याल


    नई दिल्ली । नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण का ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा तेज हो गई है। ट्रेलर को लेकर दर्शकों और फिल्मी हस्तियों की ओर से लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच टीवी के चर्चित धारावाहिक महाभारत में भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाकर घर-घर पहचान बनाने वाले अभिनेता नितीश भारद्वाज ने भी फिल्म और इसकी स्टारकास्ट को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने फिल्म की भव्यता की तारीफ करते हुए रणबीर कपूर को एक खास सलाह भी दी।

    नितीश भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लंबा संदेश लिखते हुए कहा कि रामायण भारतीय सिनेमा के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी की प्रशंसा करते हुए लिखा कि यह फिल्म अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बना सकती है और प्रोडक्शन डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी तथा तकनीकी प्रस्तुति के लिए कई पुरस्कार जीतने की क्षमता रखती है। उन्होंने फिल्म में संगीतकार हैंस जिमर के जुड़ने को भी भारतीय सिनेमा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

    अपने संदेश में उन्होंने अभिनेता यश की भी सराहना करते हुए कहा कि उनका काम वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने वाला है। वहीं रणबीर कपूर की अभिनय क्षमता की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि अब राम का किरदार निभाने के बाद उनकी जिम्मेदारी पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।

    नितीश भारद्वाज ने रणबीर कपूर को सलाह देते हुए लिखा कि भारत की संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले किरदार निभाने के बाद उन्हें भविष्य में अपनी फिल्मों के चयन पर भी गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब उन्हें ‘एनिमल’ जैसी फिल्मों से दूरी बनानी चाहिए, चाहे कितना भी बड़ा प्रस्ताव क्यों न मिले। साथ ही उन्होंने रणबीर से अपनी भाषा और सार्वजनिक छवि का भी ध्यान रखने की अपील की।

    उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत में ऐसी अनेक कहानियां हैं जो एक अभिनेता की प्रतिभा को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं। इसलिए सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए ऐसे विषयों को प्राथमिकता देना बेहतर होगा।

    नितीश भारद्वाज ने फिल्म में सीता की भूमिका निभा रहीं साई पल्लवी को लेकर भी उम्मीद जताई कि दर्शक उन्हें इस किरदार में स्वीकार करेंगे। उन्होंने इच्छा व्यक्त की कि फिल्म में तुलसीदास की चौपाइयों और पारंपरिक संगीत का भी प्रभावशाली उपयोग देखने को मिले, क्योंकि यही भारतीय समाज की सांस्कृतिक स्मृतियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    उन्होंने अंत में कहा कि फिल्म बनाने में पूरी टीम ने जिस स्तर की मेहनत की है, उसके सम्मान में वह रामायण को कम से कम पांच बार सिनेमाघरों में देखना चाहेंगे।

    बता दें कि नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में गिनी जा रही है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेरॉय, रकुल प्रीत सिंह और सौरभ सचदेवा भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का पहला भाग दिवाली 2026 पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग 2027 में सिनेमाघरों में आने की योजना है।

  • ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    ट्रेलर में 'श्रीराम' और 'रावण' का दिखा भव्य अवतार, लेकिन 'बजरंगबली' की झलक न मिलने से प्रशंसक हुए उत्सुक

    नई दिल्ली । सहित देशभर के सिनेमा प्रेमियों के बीच बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ का पहला आधिकारिक ट्रेलर आते ही चर्चा में आ गया है। इस भव्य फिल्म के ट्रेलर में मुख्य पात्रों के अवतार ने दर्शकों को प्रभावित किया है, लेकिन प्रशंसकों को सबसे बड़ा कौतूहल तब हुआ जब ‘हनुमान’ का किरदार निभा रहे वरिष्ठ अभिनेता सनी देओल स्क्रीन पर कहीं नजर नहीं आए। ट्रेलर की समाप्ति के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर विविध अटकलों का दौर शुरू हो चुका है।

    फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि सबसे महत्वपूर्ण और चर्चित किरदार के लुक को पहले ही प्रोमो से छिपाकर रखना मेकर्स की एक सुपरियोजित विपणन रणनीति का हिस्सा है। बड़े बजट की पौराणिक और ऐतिहासिक फिल्मों में अक्सर सबसे शक्तिशाली पात्रों के दृश्यों को प्राथमिक प्रचार सामग्री से दूर रखा जाता है, ताकि दर्शकों के बीच उत्सुकता और रहस्य का माहौल बना रहे। सनी देओल की सशक्त स्क्रीन प्रेजेंस और आवाज को देखते हुए उनके प्रवेश दृश्य को थिएटर के लिए सरप्राइज एलिमेंट के रूप में सुरक्षित रखा गया माना जा रहा है।

    प्रचार के नजरिए से भी यह कदम बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। पहले ट्रेलर के बाद जब दर्शकों के बीच उत्सुकता चरम पर होगी, तब मेकर्स उनके लुक का एक पृथक टीजर या पोस्टर जारी कर सकते हैं। इससे फिल्म को रिलीज से पहले दोबारा बड़ा पब्लिसिटी बज मिलेगा और सोशल मीडिया पर इस विषय पर चर्चा लंबे समय तक बनी रहेगी।

    कहानी के अनुसार हनुमान जी का किरदार अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय प्रभाव रखने वाला है। मेकर्स का उद्देश्य सीधे सिनेमाघरों में दर्शकों को एक भव्य अनुभव देना या आगामी प्रचार चरणों में विशेष सरप्राइज प्रस्तुत करना हो सकता है। फिलहाल दर्शक फिल्म के दूसरे ट्रेलर और इसके विशेष प्रचार अभियानों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

  • 'रामायण' में मंदोदरी निभा रहीं काजल अग्रवाल ने सुनाई पुरानी घटना, कहा- आज भी याद कर सिहर उठती हूं

    'रामायण' में मंदोदरी निभा रहीं काजल अग्रवाल ने सुनाई पुरानी घटना, कहा- आज भी याद कर सिहर उठती हूं

    नई दिल्ली । दक्षिण भारतीय और हिंदी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री काजल अग्रवाल ने अपने फिल्मी करियर के शुरुआती दौर से जुड़ा एक ऐसा अनुभव साझा किया है, जिसने उन्हें गहरे स्तर पर प्रभावित किया था। अभिनेत्री ने बताया कि एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ हुई एक अप्रत्याशित घटना आज भी उन्हें असहज कर देती है। उनका कहना है कि उस समय जो कुछ हुआ, उसने उन्हें कुछ क्षणों के लिए पूरी तरह स्तब्ध कर दिया था।

    हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में काजल अग्रवाल ने बताया कि वह शूटिंग के बीच अपने वैनिटी वैन में आराम कर रही थीं। इसी दौरान फिल्म यूनिट से जुड़ा एक असिस्टेंट डायरेक्टर बिना किसी अनुमति के सीधे उनकी वैनिटी वैन के भीतर आ गया। अचानक किसी अनजान व्यक्ति को सामने देखकर वह हैरान रह गईं और कुछ पल के लिए समझ ही नहीं पाईं कि स्थिति से कैसे निपटा जाए।

    अभिनेत्री के अनुसार, मामला तब और अधिक चौंकाने वाला हो गया जब उस व्यक्ति ने अपनी शर्ट उतारकर उन्हें अपनी छाती पर बना उनके नाम का टैटू दिखाया। काजल ने बताया कि यह सब इतनी तेजी से हुआ कि वह पूरी तरह घबरा गई थीं। उन्हें उस समय भय और असुरक्षा का एहसास हुआ तथा उनके हाथ-पैर तक कांपने लगे थे। उन्होंने कहा कि यह घटना उनके लिए बेहद असहज और डरावनी थी तथा इसकी याद आज भी उन्हें विचलित कर देती है।

    काजल अग्रवाल ने इस अनुभव को साझा करते हुए व्यक्तिगत सीमाओं और कार्यस्थल पर पेशेवर व्यवहार के महत्व पर भी जोर दिया। उनका मानना है कि किसी भी कलाकार या कर्मचारी की निजी जगह का सम्मान किया जाना आवश्यक है और बिना अनुमति किसी के निजी क्षेत्र में प्रवेश करना स्वीकार्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म उद्योग सहित हर कार्यस्थल पर सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    फिल्मी करियर की बात करें तो काजल अग्रवाल ने दक्षिण भारतीय सिनेमा से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। अपनी दमदार अदाकारी और कई सफल फिल्मों के दम पर उन्होंने तेलुगु, तमिल और हिंदी फिल्मों में मजबूत पहचान बनाई। समय के साथ उन्होंने विभिन्न प्रकार के किरदार निभाकर खुद को एक बहुमुखी अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया है।

    इन दिनों काजल अग्रवाल अपनी आगामी फिल्म ‘रामायण’ को लेकर भी चर्चा में हैं। इस बहुचर्चित फिल्म में वह मंदोदरी की भूमिका निभाती नजर आएंगी। बड़े बजट में तैयार की जा रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म का ट्रेलर 30 जुलाई को जारी किया जाना है और इसके बाद दर्शकों को इसके भव्य प्रस्तुतीकरण की पहली झलक देखने को मिलेगी।

    मनोरंजन जगत में जहां कलाकार अपनी उपलब्धियों के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं समय-समय पर उनके निजी अनुभव भी कार्यस्थल की सुरक्षा और पेशेवर मर्यादाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित करते हैं। काजल अग्रवाल द्वारा साझा किया गया यह अनुभव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है कि किसी भी पेशे में सम्मान, सहमति और व्यक्तिगत सीमाओं का पालन सर्वोपरि होना चाहिए।

  • रणबीर कपूर की रामायण ने रिलीज से पहले जीता बड़ा मुकाबला 75 करोड़ की म्यूजिक डील से बनाया नया कीर्तिमान

    रणबीर कपूर की रामायण ने रिलीज से पहले जीता बड़ा मुकाबला 75 करोड़ की म्यूजिक डील से बनाया नया कीर्तिमान


    नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी फिल्मों में शामिल रामायण अपनी रिलीज से पहले ही लगातार नए रिकॉर्ड बनाती नजर आ रही है। करीब 4000 करोड़ रुपये के संयुक्त बजट में तैयार हो रही इस मेगा प्रोजेक्ट ने अब म्यूजिक राइट्स के मामले में भी इतिहास रच दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म के म्यूजिक राइट्स टी सीरीज ने 75 करोड़ रुपये में खरीद लिए हैं। हालांकि इस डील की आधिकारिक पुष्टि अभी फिल्म के निर्माताओं की ओर से नहीं की गई है लेकिन इंडस्ट्री में इसे हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी म्यूजिक डील में से एक माना जा रहा है।

    बताया जा रहा है कि इस डील के लिए टी सीरीज और सोनी म्यूजिक के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनी म्यूजिक ने 70 करोड़ रुपये की पेशकश की थी जबकि टी सीरीज ने 75 करोड़ रुपये का ऑफर देकर बाजी अपने नाम कर ली। चर्चा यह भी है कि निर्माता नमित मल्होत्रा फिल्म के म्यूजिक राइट्स के लिए 100 करोड़ रुपये तक की डील चाहते थे लेकिन 75 करोड़ रुपये का सौदा भी अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जा रहा है।

    रामायण का निर्माण बड़े स्तर पर किया जा रहा है और इसे भारतीय सिनेमा की सबसे भव्य फिल्मों में गिना जा रहा है। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं जबकि निर्माता नमित मल्होत्रा हैं। फिल्म दो भागों में रिलीज होगी। पहला भाग इस साल दिवाली पर सिनेमाघरों में आएगा जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष दिवाली पर रिलीज किया जाएगा। मेकर्स का लक्ष्य भारतीय पौराणिक कथा को वैश्विक स्तर पर आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल इफेक्ट्स के साथ प्रस्तुत करना है।

    फिल्म की स्टारकास्ट भी इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है। रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखाई देंगी। कन्नड़ सुपरस्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं और वह इस फिल्म के सह निर्माता भी हैं। इसके अलावा रवि दुबे लक्ष्मण तथा सनी देओल भगवान हनुमान के किरदार में नजर आएंगे। इस दमदार स्टारकास्ट ने दर्शकों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    फिल्म के संगीत पर भी खास ध्यान दिया गया है। ऑस्कर विजेता संगीतकार ए आर रहमान और हॉलीवुड के दिग्गज हांस जिमर पहली बार किसी भारतीय फिल्म के लिए साथ काम कर रहे हैं। हांस जिमर ने दुनिया की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में यादगार संगीत दिया है जबकि ए आर रहमान भारतीय सिनेमा के सबसे सफल संगीतकारों में शामिल हैं। ऐसे में दर्शकों को इस फिल्म के संगीत से भी बड़ी उम्मीदें हैं।

    रामायण केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में बड़े स्तर पर रिलीज की जाएगी। इसके लिए मेकर्स ने अंतरराष्ट्रीय वितरण को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सोनी पिक्चर्स के साथ साझेदारी की है। यही वजह है कि इस फिल्म को भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा ग्लोबल प्रोजेक्ट माना जा रहा है। ट्रेलर को लेकर भी जबरदस्त उत्साह बना हुआ है और माना जा रहा है कि इसकी रिलीज के बाद फिल्म को लेकर चर्चा और तेज हो जाएगी।

    अगर 75 करोड़ रुपये की म्यूजिक डील की रिपोर्ट आधिकारिक रूप से सही साबित होती है तो यह हिंदी फिल्म उद्योग के इतिहास की सबसे बड़ी ऑडियो डील में शामिल होगी। रिलीज से पहले ही रामायण ने जिस तरह कारोबार और लोकप्रियता के नए रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं उससे साफ है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय लिखने की तैयारी में है।

  • रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल

    रावण बनने के लिए यश का अनोखा तरीका बड़े स्पीकर्स पर बजाते थे शिव भक्ति के गाने सेट पर बात करना भी हो जाता था मुश्किल


    नई दिल्ली । फिल्म रामायण के बहुप्रतीक्षित ट्रेलर लॉन्च के दौरान अभिनेता यश ने शूटिंग से जुड़ा एक दिलचस्प अनुभव साझा किया। रावण का किरदार निभा रहे यश ने बताया कि वह सेट पर बड़े स्पीकर्स लेकर आते थे और तेज आवाज में शिव भक्ति के गीत बजाते थे। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनकी इस आदत से पूरे सेट का माहौल बदल जाता था और कई बार लोगों को बातचीत करने में भी दिक्कत होती थी।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर निर्देशक नितेश तिवारी निर्माता नमित मल्होत्रा और यश मौजूद रहे। बातचीत के दौरान जब यश से पूछा गया कि वह हर दिन खुद को रावण के किरदार में कैसे ढालते थे तो उन्होंने बताया कि जैसे ही वह रावण का विशाल मुकुट पहनते थे वह अपने किरदार के भाव में पहुंच जाते थे। इसके साथ ही संगीत भी उनके लिए इस तैयारी का अहम हिस्सा था।

    इसी दौरान निर्देशक नितेश तिवारी ने यश को उनके तेज म्यूजिक की याद दिलाई। इस पर यश ने मजाकिया अंदाज में कहा कि उन्होंने एक तरह से पूरे सेट का माहौल बदल दिया था। वह बड़े स्पीकर्स पर पूरी आवाज में गाने चलाते थे ताकि अपने किरदार की मानसिक स्थिति में बने रह सकें।

    यश ने बताया कि वह खास तौर पर भगवान शिव की भक्ति से जुड़े गीत सुनते थे। उनके अनुसार रावण भगवान शिव का परम भक्त था इसलिए वह उसी भक्ति और ऊर्जा को महसूस करना चाहते थे। उनका मानना था कि इस तरह का माहौल उन्हें अपने अभिनय में गहराई लाने में मदद करता था। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि तेज संगीत के कारण सेट पर मौजूद अन्य लोगों को बातचीत करने में परेशानी होती थी।

    रणबीर कपूर ने भी इस दौरान यश की तारीफ करते हुए कहा कि भले ही पहले भाग में उनके और यश के साथ कोई दृश्य नहीं है लेकिन जिन कलाकारों ने यश के साथ काम किया उन्होंने बताया कि उनका व्यक्तित्व और उनकी तैयारी पूरे सेट की ऊर्जा बदल देती थी। रणबीर ने कहा कि यश का प्रभाव इतना मजबूत था कि उनके किरदार की झलक शूटिंग के माहौल में भी महसूस होती थी।

    फिल्म रामायण का पहला भाग इस साल दिवाली पर रिलीज होने वाला है। पहले भाग में राम और रावण आमने सामने नहीं दिखाई देंगे जबकि दोनों के बीच महायुद्ध दूसरे भाग में दिखाया जाएगा जो वर्ष 2027 में रिलीज होगा। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में और यश रावण के किरदार में नजर आएंगे। इसके अलावा साई पल्लवी सीता सनी देओल हनुमान काजल अग्रवाल मंदोदरी रवि दुबे लक्ष्मण अरुण गोविल दशरथ और लारा दत्ता कैकेयी सहित कई कलाकार अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

  • 'रामायण' का ट्रेलर रिलीज से पहले लीक, रणबीर कपूर और यश की झलक ने बढ़ाई फिल्म को लेकर उत्सुकता

    'रामायण' का ट्रेलर रिलीज से पहले लीक, रणबीर कपूर और यश की झलक ने बढ़ाई फिल्म को लेकर उत्सुकता

    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। फिल्म का आधिकारिक ट्रेलर अभी जारी नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर इसके कथित वीडियो क्लिप्स तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन क्लिप्स में फिल्म के कई प्रमुख किरदारों की झलक दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद से दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है तथा बड़ी संख्या में प्रशंसक आधिकारिक ट्रेलर जल्द जारी करने की मांग कर रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का ट्रेलर पहले जुलाई के अंतिम सप्ताह में रिलीज किए जाने की तैयारी थी। हालांकि अंतिम समय में इसकी रिलीज को टाल दिया गया। इसके बाद से दर्शकों के बीच नई रिलीज तारीख को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। अब तक निर्माताओं की ओर से ट्रेलर की नई आधिकारिक रिलीज तिथि की घोषणा नहीं की गई है, जिससे प्रशंसकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    फिल्म के ट्रेलर को आम दर्शकों के लिए सार्वजनिक करने से पहले सीमित स्तर पर कुछ विशेष कार्यक्रमों में प्रदर्शित किया गया था। दिल्ली और मुंबई में आयोजित विशेष स्क्रीनिंग के अलावा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी चुनिंदा दर्शकों को इसकी प्रस्तुति दिखाई गई थी। माना जा रहा है कि इन्हीं आयोजनों में मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किए गए कथित वीडियो बाद में इंटरनेट पर साझा किए गए, जो अब विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो रहे हैं।

    वायरल हो रहे कथित क्लिप्स में अभिनेता यश को रावण के रूप में दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके साथ ही रणबीर कपूर के भगवान राम, साई पल्लवी के माता सीता, लक्ष्मण और शूर्पणखा जैसे प्रमुख पात्रों की झलक भी दिखाई दे रही है। एक दृश्य में राम-सीता स्वयंवर का प्रसंग नजर आता है, जहां भगवान राम शिव के पिनाक धनुष को उठाते हुए दिखाई देते हैं। वहीं एक अन्य दृश्य में रावण का युद्ध से जुड़ा भव्य दृश्य चर्चा का विषय बना हुआ है।

    हालांकि वायरल वीडियो की गुणवत्ता काफी कम बताई जा रही है, फिर भी फिल्म के सेट, विजुअल इफेक्ट्स, वेशभूषा और भव्य प्रस्तुति को लेकर सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई दर्शकों का मानना है कि यदि कम गुणवत्ता वाले वीडियो में दृश्य इतने प्रभावशाली दिखाई दे रहे हैं, तो आधिकारिक ट्रेलर और अधिक आकर्षक हो सकता है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर फिल्म से जुड़े हैशटैग भी तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं।

    फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है और इसे भारतीय पौराणिक महाकाव्य पर आधारित बड़े बजट की फिल्मों में शामिल माना जा रहा है। कलाकारों की लंबी सूची, आधुनिक तकनीक और बड़े पैमाने पर तैयार किए गए दृश्य पहले से ही दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर चुके हैं। यही कारण है कि ट्रेलर के आधिकारिक रूप से सामने आने से पहले ही फिल्म को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।

    निर्माताओं की योजना के अनुसार ‘रामायण’ को दो भागों में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। पहला भाग दिवाली 2026 के अवसर पर दर्शकों के बीच आएगा, जबकि दूसरा भाग अगले वर्ष त्योहारों के सीजन में रिलीज किए जाने की तैयारी है। फिलहाल दर्शकों की नजर आधिकारिक ट्रेलर की नई रिलीज तारीख पर टिकी हुई है। कथित लीक क्लिप्स ने फिल्म को लेकर उत्सुकता को और बढ़ा दिया है, लेकिन अब सभी को उस ट्रेलर का इंतजार है जिसे निर्माता आधिकारिक रूप से जारी करेंगे।

  • रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन

    रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने से पहले रणबीर कपूर ने किया ध्यान योग और शास्त्रों का गहन अध्ययन


    नई दिल्ली। नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। फिल्म का ट्रेलर सैन डिएगो कॉमिक कॉन में प्रदर्शित किया गया जहां अभिनेता रणबीर कपूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भगवान श्रीराम के किरदार को निभाने के लिए उन्होंने करीब दो वर्षों तक विशेष तैयारी की। उन्होंने कहा कि किसी भी पौराणिक चरित्र को निभाना केवल अभिनय का विषय नहीं होता बल्कि उसके विचारों आदर्शों और जीवन दर्शन को आत्मसात करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।

    रणबीर कपूर ने कहा कि किसी एक्शन फिल्म या सामान्य किरदार के लिए शरीर बनाना डांस सीखना या नई तकनीक अपनाना अपेक्षाकृत आसान होता है लेकिन भगवान श्रीराम जैसा चरित्र निभाने के लिए मन और विचारों को भी उसी दिशा में ढालना जरूरी था। उन्होंने महसूस किया कि यदि श्रीराम के आदर्शों को समझे बिना केवल बाहरी रूप अपनाया जाए तो यह किरदार अधूरा रह जाएगा।

    अभिनेता ने बताया कि उन्होंने इस भूमिका के लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास किया। उनके साथ एक आध्यात्मिक मार्गदर्शक भी रहे जिन्होंने घंटों तक उन्हें ध्यान कराया और श्रीराम के जीवन मूल्यों तथा शिक्षाओं को विस्तार से समझाया। रणबीर ने कहा कि इन सत्रों ने उन्हें केवल अभिनय के स्तर पर नहीं बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी काफी बदल दिया। उन्होंने धैर्य संयम करुणा और कर्तव्य जैसे मूल्यों को गहराई से समझने की कोशिश की।

    रणबीर कपूर ने यह भी बताया कि उन्होंने इस दौरान अनेक धार्मिक ग्रंथों और विभिन्न विद्वानों की व्याख्याओं का अध्ययन किया। उन्होंने कई विशेषज्ञों से मुलाकात कर भगवान श्रीराम के व्यक्तित्व को अलग अलग दृष्टिकोण से समझा ताकि पर्दे पर उनका अभिनय स्वाभाविक और प्रभावशाली दिखाई दे। उनके अनुसार भगवान श्रीराम का चरित्र केवल एक राजा या योद्धा का नहीं बल्कि आदर्श पुत्र आदर्श भाई आदर्श पति और आदर्श शासक का भी प्रतीक है।

    उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी कोशिश यही रही कि आठ साल के बच्चे से लेकर अस्सी वर्ष के बुजुर्ग तक हर दर्शक उनके अभिनय में भगवान श्रीराम की सहजता और मर्यादा महसूस कर सके। यही कारण है कि उन्होंने इस भूमिका के लिए मानसिक और आध्यात्मिक तैयारी को सबसे अधिक महत्व दिया। रणबीर का मानना है कि ऐसे किरदार निभाने वाले कलाकार के भीतर भी विनम्रता और सादगी होना आवश्यक है।

    सैन डिएगो कॉमिक कॉन में फिल्म के ट्रेलर को दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। सोशल मीडिया पर भी ट्रेलर की खूब चर्चा हो रही है और प्रशंसक फिल्म के रिलीज होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस मौके पर फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा निर्देशक नितेश तिवारी और अभिनेता यश भी मौजूद रहे।

    रामायण दो भागों में रिलीज होगी। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। इसके अलावा सनी देओल हनुमान रवि दुबे लक्ष्मण और अरुण गोविल राजा दशरथ के किरदार में दिखाई देंगे। भव्य विजुअल इफेक्ट्स विशाल सेट और दमदार स्टारकास्ट के कारण यह फिल्म भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।

  • रोशनी पड़ते ही सोने सा चमकने लगता है यह अनोखा पौधा जानिए श्रीलंका की अशोक वाटिका का रहस्य और वैज्ञानिक वजह

    रोशनी पड़ते ही सोने सा चमकने लगता है यह अनोखा पौधा जानिए श्रीलंका की अशोक वाटिका का रहस्य और वैज्ञानिक वजह


    नई दिल्ली । रामायण से जुड़े स्थलों और उनसे जुड़ी कथाओं को लेकर लोगों में हमेशा गहरी आस्था और जिज्ञासा रही है। श्रीलंका का नाम आते ही रावण माता सीता और अशोक वाटिका की स्मृतियां ताजा हो जाती हैं। माना जाता है कि यही वह स्थान था जहां रावण ने माता सीता को रखा था। आज भी श्रीलंका के मध्य पर्वतीय क्षेत्र में स्थित नुवारा एलिया के आसपास कई ऐसे स्थान हैं जिन्हें स्थानीय परंपराओं में रामायण से जोड़ा जाता है। इन्हीं स्थानों में एक ऐसा दुर्लभ पौधा भी चर्चा का विषय बना हुआ है जिसकी पत्तियां प्रकाश पड़ते ही सुनहरे रंग की तरह चमकने लगती हैं।

    यह पौधा सामान्य परिस्थितियों में किसी साधारण वनस्पति जैसा ही दिखाई देता है लेकिन जैसे ही इस पर सूर्य की किरणें या तेज रोशनी पड़ती है इसकी पत्तियां सुनहरी आभा बिखेरने लगती हैं। घने जंगल या हल्के अंधेरे में इसकी चमक और अधिक स्पष्ट दिखाई देती है जिससे इसे देखने वाले लोग पहली नजर में चकित रह जाते हैं। यही विशेषता इसे दुनिया के अलग अलग हिस्सों से आने वाले पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है।

    स्थानीय लोगों का विश्वास है कि यह पौधा रामायण काल की वनस्पतियों का अवशेष है और इसका संबंध अशोक वाटिका से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं से है। कई श्रद्धालु इसे दिव्य वनस्पति मानते हैं और इसकी चमक को आध्यात्मिक महत्व से जोड़ते हैं। हालांकि इन धार्मिक मान्यताओं की स्वतंत्र ऐतिहासिक या वैज्ञानिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

    दूसरी ओर वनस्पति वैज्ञानिक इस पौधे की चमक को प्राकृतिक संरचना का परिणाम मानते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इसकी पत्तियों की सतह पर मौजूद सूक्ष्म कोशिकीय संरचना और प्राकृतिक रंजक प्रकाश को विशेष तरीके से परावर्तित करते हैं। इसी कारण सूर्य का प्रकाश पड़ने पर पत्तियां सुनहरी दिखाई देती हैं। इसे प्रकाश परावर्तन की एक प्राकृतिक प्रक्रिया माना जाता है जो कुछ अन्य दुर्लभ पौधों में भी अलग अलग रूप में देखने को मिलती है।

    श्रीलंका का यह क्षेत्र अपनी जैव विविधता के लिए भी प्रसिद्ध है। यहां अनेक दुर्लभ औषधीय पौधे और वनस्पतियां पाई जाती हैं जिन पर लगातार शोध किए जा रहे हैं। कई वनस्पतियां ऐसी हैं जो भारत में बहुत कम या बिल्कुल नहीं मिलतीं। यही कारण है कि दुनिया भर के शोधकर्ता यहां की वनस्पति संपदा का अध्ययन करने पहुंचते हैं।

    रामायण से जुड़े स्थलों की ऐतिहासिकता और उनसे संबंधित वनस्पतियों को लेकर अलग अलग मत हैं। आस्था रखने वाले लोग इन्हें पौराणिक इतिहास का हिस्सा मानते हैं जबकि वैज्ञानिक इनके प्राकृतिक गुणों का अध्ययन कर रहे हैं। फिलहाल इस बात का कोई प्रमाणित वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है कि यह विशेष पौधा वास्तव में रामायण काल का ही है। फिर भी इसकी अनोखी चमक और स्थानीय परंपराओं से जुड़ाव इसे बेहद रोचक और आकर्षक बनाता है।

    आस्था और विज्ञान के इस अनूठे संगम ने श्रीलंका के इस रहस्यमयी पौधे को दुनिया भर में विशेष पहचान दिलाई है। यही वजह है कि यह स्थान धार्मिक पर्यटन के साथ साथ प्रकृति और विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए भी एक खास आकर्षण बना हुआ है।

  • रामायण के मेगा इवेंट में सितारों का महाकुंभ रणबीर बने राम साई बनीं सीता यश के रावण अवतार ने बढ़ाया रोमांच

    रामायण के मेगा इवेंट में सितारों का महाकुंभ रणबीर बने राम साई बनीं सीता यश के रावण अवतार ने बढ़ाया रोमांच


    नई दिल्ली । बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण की रिलीज से पहले दिल्ली में आयोजित भव्य रेड कारपेट इवेंट ने दर्शकों के उत्साह को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी की इस महत्वाकांक्षी फिल्म का ट्रेलर पहली बार बड़े स्तर पर प्रदर्शित किया गया जहां पूरी स्टारकास्ट ने अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रणबीर कपूर साई पल्लवी यश सनी देओल अरुण गोविल रवि दुबे और कई अन्य कलाकारों ने मंच पर फिल्म से जुड़े अनुभव साझा किए और बताया कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए कितना खास है।

    कार्यक्रम की शुरुआत ट्रेलर प्रदर्शन के साथ हुई जिसके बाद सबसे पहले रणबीर कपूर और साई पल्लवी ने मंच संभाला। पारंपरिक भारतीय परिधान में पहुंचे दोनों कलाकारों ने दर्शकों का दिल जीत लिया। रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में नजर आएंगी। निर्देशक नितेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने इन दोनों कलाकारों को केवल अभिनय क्षमता के आधार पर नहीं चुना बल्कि उनकी आंखों में उन्हें राम और सीता का व्यक्तित्व दिखाई देता था। उनका कहना था कि इन किरदारों के लिए वह किसी और की कल्पना नहीं कर सकते थे।

    निर्माता नमित मल्होत्रा ने फिल्म की परिकल्पना और निर्माण यात्रा पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी विश्व स्तर पर विजुअल इफेक्ट्स के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत चुकी है लेकिन अब समय आ गया था कि भारतीय संस्कृति की सबसे महान कथा को उसी भव्यता के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। इसी सोच के साथ रामायण पर फिल्म बनाने का निर्णय लिया गया ताकि भारतीय विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिल सके।

    निर्देशक नितेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि फिल्म की मूल कथा और भावनाओं से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और शानदार विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से दर्शकों को रामायण का ऐसा अनुभव मिलेगा जो पहले कभी बड़े पर्दे पर नहीं देखा गया। उन्होंने संकेत दिया कि लंका दहन किशकिंधा और अन्य महत्वपूर्ण दृश्यों को अत्यंत भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया है।

    कार्यक्रम में अभिनेता अरुण गोविल ने भी भावुक कर देने वाला अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि जब रामानंद सागर की रामायण बन रही थी तब शुरुआत में उन्हें भगवान राम की भूमिका नहीं मिली थी लेकिन बाद में वही किरदार उनकी पहचान बन गया। इस फिल्म में वह राजा दशरथ की भूमिका निभा रहे हैं और उन्होंने कहा कि इस सेट पर काम करते समय उन्हें हमेशा आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हुआ।

    रणबीर कपूर ने मंच से अरुण गोविल के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि बचपन से उन्होंने उन्हें भगवान राम के रूप में देखा है और यदि वह उनके अभिनय का थोड़ा सा भी अंश अपने किरदार में ला सके तो यह उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं साई पल्लवी ने कहा कि उन्होंने इस भूमिका को स्वीकार करने से पहले माता सीता से प्रार्थना की कि उन्हें इस दिव्य चरित्र को निभाने की शक्ति मिले।

    रवि दुबे ने लक्ष्मण की भूमिका मिलने को अपना सौभाग्य बताया जबकि साउथ सुपरस्टार यश ने रावण का किरदार निभाने का अवसर मिलने पर मेकर्स का आभार व्यक्त किया। उनकी एंट्री पर दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। वहीं सनी देओल के मंच पर आते ही पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फिल्म हर भारतीय तक पहुंचेगी और दर्शकों का भरपूर प्यार हासिल करेगी।

    कार्यक्रम में कवि कुमार विश्वास ने भगवान राम की कथा का महत्व बताया जबकि सितार वादक ऋषभ शर्मा की भक्तिमय प्रस्तुति ने माहौल को आध्यात्मिक बना दिया। कार्यक्रम के अंत में ट्रेलर को एक बार फिर प्रदर्शित किया गया जिसे दर्शकों ने उत्साह के साथ देखा। इस भव्य आयोजन ने साफ कर दिया कि रामायण केवल एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था को आधुनिक तकनीक के साथ बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का एक विशाल प्रयास है।