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  • ईडी की छापेमारी पर रीवा में बवाल, जब्ती को लेकर विवाद बढ़ा, विधायक पर साजिश के आरोप से तेज हुई सियासत

    ईडी की छापेमारी पर रीवा में बवाल, जब्ती को लेकर विवाद बढ़ा, विधायक पर साजिश के आरोप से तेज हुई सियासत

     मध्य प्रदेश।  के रीवा जिले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई। जिले के विभिन्न स्थानों पर की गई जांच कार्रवाई के दौरान एक स्थान पर हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब जांच टीम लंबे समय तक चली प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाहर निकलने लगी। स्थानीय लोगों और समर्थकों के विरोध के कारण स्थिति कुछ समय के लिए विवादपूर्ण हो गई, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।

    जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने जिले में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की थी। इनमें पदमधर कॉलोनी स्थित एक परिसर भी शामिल था, जहां अधिकारियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल की तथा विभिन्न दस्तावेजों का सत्यापन किया।

    बताया गया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब अधिकारी परिसर से बाहर निकलने लगे तो जब्त किए गए सामान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। संबंधित परिवार का दावा था कि टीम कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और अन्य सामग्री अपने साथ ले जा रही है। वहीं जांच एजेंसी की ओर से प्रक्रिया को कानूनी दायरे में की गई कार्रवाई बताया गया। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस की स्थिति उत्पन्न हुई।

    घटना की जानकारी आसपास के क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते परिसर के बाहर भीड़ जमा हो गई और विरोध के स्वर तेज होने लगे। कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए जांच टीम के प्रति नाराजगी जाहिर की। स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई जब अधिकारियों के वाहनों को रोकने की कोशिश की गई। हालांकि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांच टीम को परिसर से सुरक्षित बाहर निकालने में काफी समय लगा। कुछ समय तक अधिकारी परिसर के भीतर ही रहे और बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच वहां से रवाना हुए। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

    इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। संबंधित परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। परिवार के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की भूमिका हो सकती है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

    राजनीतिक आरोपों के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया। विभिन्न पक्ष इस घटनाक्रम को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। एक ओर जहां समर्थक इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को स्वतंत्र जांच का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल आरोपों और दावों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उससे जुड़े राजनीतिक आरोप अक्सर सार्वजनिक बहस का विषय बन जाते हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया के परिणामों का इंतजार करना आवश्यक होता है।

    रीवा में हुई इस घटना ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई, राजनीतिक प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था के संतुलन को लेकर बहस को हवा दे दी है। आने वाले दिनों में मामले की आगे की जांच और संभावित प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी रहेगी।

  • होटल में प्रेमिका संग मिले रेंजर, कॉन्स्टेबल पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा; रीवा में सड़क तक पहुंचा विवाद

    होटल में प्रेमिका संग मिले रेंजर, कॉन्स्टेबल पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा; रीवा में सड़क तक पहुंचा विवाद

    रीवा रीवा में एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब सतना जिले में पदस्थ एक वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) को उनकी पत्नी ने कथित रूप से एक युवती के साथ होटल के कमरे में पकड़ लिया। घटना के बाद होटल परिसर में जमकर हंगामा हुआ और देखते ही देखते मामला सड़क तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया है।

    जानकारी के अनुसार सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी बृजेंद्र पाण्डेय रीवा के एक निजी होटल में रुके हुए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी, जो स्वयं पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं, को सूचना मिली कि उनके पति होटल में किसी युवती के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलने के बाद वह सीधे होटल पहुंच गईं और संबंधित कमरे तक पहुंचकर दरवाजा खटखटाया।

    बताया जा रहा है कि दरवाजा खुलने पर पत्नी ने पति से कमरे में किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी के बारे में सवाल किया। शुरुआत में रेंजर ने किसी के होने से इनकार किया, लेकिन पत्नी जब कमरे के भीतर पहुंचीं तो वहां एक युवती मौजूद मिली। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और होटल परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पत्नी ने युवती को कमरे से बाहर लाकर दोनों के संबंधों को लेकर सवाल-जवाब किए। होटल परिसर में काफी देर तक विवाद चलता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिए, जो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गए।

    मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद रेंजर और उनके साथ मौजूद युवती होटल से बाहर निकले और एक डंपर में बैठकर वहां से चले गए। वहीं उनकी पत्नी काफी देर तक होटल परिसर में मौजूद रहीं और नाराजगी जताती रहीं। घटना के कारण होटल परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी।

    मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। जानकारी के अनुसार रीवा के चोरहटा थाना में रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय और उनकी महिला मित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शिकायत किन धाराओं के तहत दर्ज की गई है और आरोपों का स्वरूप क्या है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

    सूत्रों के मुताबिक रेंजर की पत्नी सतना जिले के बरौंधा थाने में आरक्षक के रूप में पदस्थ हैं। यह भी चर्चा है कि वह बिना अवकाश स्वीकृत कराए रीवा पहुंची थीं। हालांकि इस संबंध में विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और होटल में हुए विवाद ने इस मामले को क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना दिया है।

  • 102 दिनों से लापता पूर्व TI गजेंद्र सिंह धाकड़, अब तकनीकी जांच के सहारे तलाश में जुटी पुलिस

    102 दिनों से लापता पूर्व TI गजेंद्र सिंह धाकड़, अब तकनीकी जांच के सहारे तलाश में जुटी पुलिस

    रीवा  रीवा जिले के मनगवां थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक (टीआई) गजेंद्र सिंह धाकड़ के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला अब और अधिक गंभीर होता जा रहा है। विभागीय निलंबन के बाद से बीते 102 दिनों में उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। एक पुलिस अधिकारी का इतने लंबे समय तक विभाग और परिवार दोनों के संपर्क से बाहर रहना पुलिस महकमे के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब उनकी तलाश के लिए पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया है और मोबाइल लोकेशन से लेकर कॉल डिटेल रिकॉर्ड तक की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में गजेंद्र सिंह धाकड़ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था। निलंबन आदेश मिलने के बाद उन्होंने मनगवां थाने के रोजनामचा में स्वयं को बीमार बताते हुए ‘सिक’ की एंट्री दर्ज कराई थी। इसके बाद वे थाने से रवाना हो गए, लेकिन फिर कभी विभाग के संपर्क में नहीं आए। न तो उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया और न ही अपनी वर्तमान स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी।

    विभागीय नियमों के तहत निलंबन के बाद उन्हें पुलिस लाइन रीवा में आमद देना अनिवार्य था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण विभाग ने उन्हें कई बार नोटिस जारी किए। हालांकि इन नोटिसों का भी कोई जवाब नहीं मिला। इससे मामला और अधिक संदिग्ध एवं चिंताजनक बनता चला गया।

    जब विभागीय स्तर पर संपर्क के सभी प्रयास विफल हो गए तो पुलिस ने उनके ग्वालियर स्थित पैतृक निवास पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया। वहां भी उनकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी। परिजनों ने भी उनके लंबे समय से संपर्क में न होने को लेकर चिंता व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि परिवार अपने स्तर पर भी उनकी तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी है। जांच एजेंसियां उनके मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), अंतिम सक्रिय लोकेशन, फोन गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निलंबन के बाद उन्होंने किन लोगों से बातचीत की और आखिरी बार उनकी लोकेशन कहां दर्ज हुई थी।

    जांच टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है जो हाल के दिनों में उनके संपर्क में रहे हों। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है, जिससे उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा सके।

    रीवा पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह ने बताया कि निलंबित निरीक्षक गजेंद्र सिंह धाकड़ अभी भी गैरहाजिर हैं। उन्होंने पुलिस लाइन में आमद नहीं दी है और विभाग के संपर्क में भी नहीं हैं। उनकी लोकेशन ट्रेस करने और वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

    फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का 102 दिनों तक बिना किसी सूचना के लापता रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें तकनीकी जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिनसे इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद की जा रही है।

  • सार्वजनिक रास्ता बंद होने पर भड़के ग्रामीण, 200 लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट; मार्ग बहाल करने की लगाई गुहार

    सार्वजनिक रास्ता बंद होने पर भड़के ग्रामीण, 200 लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट; मार्ग बहाल करने की लगाई गुहार

    रीवा रीवा जिले के ग्राम शाहपुर में सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का मामला मंगलवार को जनसुनवाई में प्रमुखता से उठाया गया। गांव के करीब 200 ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए रास्ते को तत्काल बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से उपयोग में आ रहे सार्वजनिक मार्ग को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों के अनुसार ग्राम शाहपुर में अपर पूर्वी नहर सिंचाई विभाग की डगरी टोला सब माइनर क्रमांक-2 के समीप एक मार्ग लंबे समय से आवागमन के लिए उपयोग में था। इस रास्ते का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि ग्राम पंचायत ने यहां पहले पीसीसी सड़क का निर्माण भी कराया था। लेकिन 14 जून को कथित रूप से दो ट्रक मिट्टी डलवाकर इस मार्ग को बंद कर दिया गया, जिससे गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया।

    रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है, जबकि स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से वे वर्षों से आसानी से आवागमन करते थे, उसके बंद होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो गई है।

    जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण कमलेश कुमार प्रजापति ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित पक्षों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

    ग्रामीण राजेश प्रजापति ने कहा कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग का रास्ता रहा है और गांव के अनेक परिवार इसी पर निर्भर हैं। ऐसे में इसे बंद कर देना लोगों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और मार्ग को पुनः चालू कराने की मांग की।

    संतोष प्रजापति ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है।

    ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि नहर विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए तथा मिट्टी डालकर बंद किए गए सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल किया जाए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं और वे जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

  • मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी

    मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के रीवा-सीधी मार्ग पर स्थित Mohaniya Tunnel में एक बाइक सवार युवक का खतरनाक स्टंट चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में युवक चलती बाइक पर खड़ा होकर तेज रफ्तार से वाहन चलाता नजर आ रहा है। यह स्टंट प्रदेश की सबसे लंबी टनलों में से एक मानी जाने वाली मोहनिया टनल के भीतर किया गया, जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है।

    सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक बाइक की सीट से उठकर वाहन पर खड़ा हो जाता है और संतुलन बनाते हुए तेज गति से आगे बढ़ता है। इसी दौरान वह टनल के भीतर चल रहे ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के नजदीक से गुजरता दिखाई देता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की हरकतें न केवल स्टंट करने वाले व्यक्ति के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

    टनल जैसे सीमित और नियंत्रित यातायात वाले मार्ग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस प्रकार की स्टंटबाजी से सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी होती है और दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

    स्थानीय नागरिकों का दावा है कि रीवा-सीधी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी इस तरह के स्टंट के मामले सामने आते रहे हैं। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ युवक अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया। साथ ही बाइक सवार युवक की पहचान के लिए तकनीकी और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो की पुष्टि होती है और संबंधित युवक की पहचान हो जाती है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क पर स्टंट करना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचता है।

    यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों और हाईवे पर बढ़ती स्टंटबाजी को रोकने के लिए नियमित निगरानी, जागरूकता अभियान और कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। प्रशासन ने भी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट से बचने की अपील की है।

  • रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल

    रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के लौआ क्षेत्र में रविवार शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बस और ऑटो की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय बच्ची की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 15 लोग घायल हुए थे, जिनमें से अधिकांश का उपचार अभी भी अस्पताल में जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:30 बजे एक ऑटो यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान लौआ क्षेत्र में पीछे से आ रही पूजा बस सर्विस की बस ने ऑटो को टक्कर मार दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस की रफ्तार तेज थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ऑटो में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।

    घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) Sandeep Mishra उसी मार्ग से गुजर रहे थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया। उनकी पहल पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल नवागांव-सगरा निवासी 10 वर्षीय दीपाली शर्मा (दीपांजलि) को उपचार के लिए रीवा स्थित Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सिर और शरीर में आई गंभीर चोटों के कारण बच्ची ने सोमवार को दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

    पुलिस का कहना है कि बस चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस ने ऑटो को पीछे से टक्कर मारी थी, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    इस हादसे में घायल अन्य 14 लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घायलों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत में सुधार है, जबकि कुछ का उपचार अभी जारी है।

    लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में यातायात नियमों के सख्ती से पालन और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। पुलिस ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव

    तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक 25 वर्षीय युवक का शव तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो गुढ़ थाना क्षेत्र के दुआरी गांव का निवासी था और शुक्रवार से अपने घर से लापता बताया जा रहा था।

    घटना मनिकवार चौकी क्षेत्र के अमिलिहा गांव की है। स्थानीय लोगों ने शनिवार दोपहर तालाब में एक शव उतराता हुआ देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई, जहां मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई।

    सागर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार परिवार पहले से ही एक अन्य सदस्य के निधन के कारण शोक में था। शनिवार को घर में तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित होना था और उसकी तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच सागर के शव मिलने की सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ही परिवार में कम समय के भीतर दूसरी दुखद घटना होने से गांव में भी शोक का माहौल बन गया है।

    पुलिस के अनुसार सागर शुक्रवार से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे और रिश्तेदारों तथा परिचितों से भी संपर्क किया जा रहा था। इसी दौरान शनिवार दोपहर अमिलिहा गांव के तालाब में शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

    मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

    Shail Yadav ने बताया कि युवक के लापता होने और शव मिलने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा युवक के अंतिम समय की गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल सागर अग्निहोत्री की असमय मौत से दुआरी और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।

  • रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार

    रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। रीवा-सीधी मार्ग पर महसांव रेडियो स्टेशन के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले एक गाय को कुचलते हुए आगे बढ़ी, फिर सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद भी कार नहीं रुकी और सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। हादसे में गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह करीब तीन बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार अत्यधिक गति से चल रही थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सड़क किनारे खड़ी गाय को टक्कर मारने के बाद कार सीधे सामने से आ रही बाइक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।

    स्थानीय लोगों के अनुसार घायल दोनों छात्र सीधी की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। दोनों छात्रों को उपचार के लिए Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    हादसे का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि बाइक को टक्कर मारने के बाद भी कार नहीं रुकी। अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे बने दिनेश केवट के मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की एक दीवार पूरी तरह ढह गई। दीवार गिरने से घर में खड़ा ई-रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

    घटना के समय मकान के भीतर परिवार के सदस्य सो रहे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके से सभी की नींद खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार कुछ और अंदर तक घुस जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से परिवार के किसी सदस्य को शारीरिक चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच गए।

    तड़के हुए हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में मदद की। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और सड़क पर यातायात सामान्य कराने में भी सहयोग किया।

    सूचना मिलने पर Gudh Police Station और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। वाहन की गति, चालक की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल छात्रों के उपचार और मामले की जांच पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

  • MP: रीवा में वाहन से 5 क्विंटल अवैध विस्फोटक बरामद…. चालक गिरफ्तार

    MP: रीवा में वाहन से 5 क्विंटल अवैध विस्फोटक बरामद…. चालक गिरफ्तार


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा जिले (Rewa district) में अवैध विस्फोटक (Illegal explosives) बरामद किया गया है। घटना रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने अवैध विस्फोटकों के परिवहन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, गश्त के दौरान भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री ले जा रही एक गाड़ी को पकड़ा है। यह विस्फोटक करीब 5 क्विंटल है, जिसमे जिलेटिंन सहित अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल है। यह विस्फोटक मानिकवार क्षेत्र से बेला की ओर ले जाया जा रहा था। यह क्रेशर या माइनिंग में उपयोग किया जाता है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।

    इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी उदित मिश्रा ने बताया- पुलिस टीम रूटीन गश्त पर थी। तभी मुखबिर से एक संदिग्ध वाहन के बारे में सूचना मिली, जब पुलिस ने घेराबंदी कर गाड़ी को रोका और उसकी तलाशी ली, तो उसमें अवैध विस्फोटक भरा हुआ पाया गया। पुलिस द्वारा वाहन चालक से जब इस विस्फोटक के संबंध में वैध दस्तावेज और लाइसेंस मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल क्रशर्स और माइनिंग में ब्लास्टिंग के लिए किया जाना था।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चालक को हिरासत में ले लिया है। और विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विस्फोटकों की तीव्रता और खतरे का आकलन करने के लिए, बम डिस्पोजल स्क्वाड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गाड़ी का असली मालिक कौन है। यह विस्फोटक मऊगंज के पास से कहां ले जाया जा रहा था, और क्या इससे पहले भी इस तरह की अवैध सप्लाई की गई है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है ताकि इन विस्फोटकों का सुरक्षित तरीके से डिस्पोजल किया जा सके।

  • तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत

    तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत


    मध्यप्रदेश। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के बाद सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी बुधवार को अपने गृह जिले रीवा पहुंचे, जहां उनका भव्य और भावनात्मक स्वागत किया गया। सिरमौर तहसील के डेलही गांव निवासी संजय तिवारी के सम्मान में रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की बारिश और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच विंध्य के इस वीर सपूत का अभिनंदन किया गया।

    संजय तिवारी को यह प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया गया है। सुरक्षा बलों को एक विशेष अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान के दौरान आतंकियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।

    मुठभेड़ के दौरान संजय तिवारी अग्रिम हमला दल का हिस्सा थे। भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने साहसपूर्वक आगे बढ़ते हुए मोर्चा संभाले रखा। इस दौरान उनके बांह, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों में तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी पोजीशन नहीं छोड़ी और जवाबी कार्रवाई जारी रखी। उनके साहस और दृढ़ संकल्प के चलते एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली।

    रीवा पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में संजय तिवारी ने कहा कि उनके लिए देश सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान लगी चोटों की उन्हें कोई चिंता नहीं थी। उनका एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि आतंकी किसी भी हालत में बचकर न निकल पाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उनके कर्तव्य का हिस्सा है और इसी भावना के साथ उन्होंने अभियान को अंजाम दिया।

    संजय तिवारी की इस उपलब्धि पर पूरे विंध्य क्षेत्र में गर्व का माहौल है। उनके स्वागत के लिए स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या स्टेशन पहुंची। लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके साहस को राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

    इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि संजय तिवारी ने अपने शौर्य, साहस और समर्पण से न केवल रीवा और विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि तीन गोलियां लगने के बावजूद जिस तरह संजय ने मोर्चा संभाले रखा, वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे जवान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

    संजय तिवारी की वीरता की यह कहानी केवल एक सैनिक के साहस का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की उस भावना को भी दर्शाती है, जो भारतीय सुरक्षा बलों को दुनिया की सबसे सक्षम और सम्मानित सेनाओं में शामिल करती है। रीवा की धरती अपने इस वीर पुत्र की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है।