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  • रीवा में बेकाबू बल्कर ने बस को मारी जोरदार टक्कर, पांच की मौत और 20 से अधिक घायल

    रीवा में बेकाबू बल्कर ने बस को मारी जोरदार टक्कर, पांच की मौत और 20 से अधिक घायल

    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 39 पर बुधवार शाम तेज रफ्तार बल्कर ने यात्रियों से भरी बस को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि 20 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हादसे पर दुख व्यक्त कर मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

    पुलिस के अनुसार, हादसा गुढ़ थाना क्षेत्र में बदवार बस स्टैंड के पास बुधवार शाम करीब 5 बजे हुआ। रीवा से सीधी जा रही पवन ट्रेवल्स की बस क्रमांक एमपी 19-पी 1501 को सीधी से रीवा की ओर आ रहे बल्कर (क्रमांक एनएल 01 एआई 9213) ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बल्कर पलट गया, जबकि बस सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे के वक्त बस में करीब 30 यात्री सवार थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बस में फंसे यात्रियों और अन्य घायलों को बाहर निकाला गया।

    जानकारी मिलते ही रीवा कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी एवं पुलिस अधीक्षक गुरु करण सिंह मौके पर पहुंचे, साथ ही रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा एवं सीधी सांसद राजेश मिश्रा मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने खबर लिखे जाने तक हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि 20 से अधिक यात्रियों के घायल होने की जानकारी दी है। गंभीर घायलों को उपचार के लिए रीवा के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि कुछ घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुढ़ में जारी है। घायलों में तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इनमें एक 6 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है।अस्पताल में चिकित्सकों की टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के समय बारिश हो रही थी। सड़क पर काफी फिसलन थी। बल्कर तेज रफ्तार में था। फिसलन के कारण ड्राइवर वाहन को कंट्रोल नहीं कर पाया और बस को टक्कर मार दी। घायल यात्री पुनीत शुक्ला (30) निवासी ग्राम बघोर (जिला सीधी) ने बताया कि बस में करीब 25 से 30 यात्री सवार थे। बल्कर अचानक अपनी साइड छोड़कर विपरीत दिशा में आ गया और बस को सामने से टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे प्रशासन और पुलिस की टीम ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के बाद रीवा-सीधी मार्ग पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी रहीं।

    रीवा कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने बताया कि हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। हादसे के बाद एक तीन साल की एक बच्ची लापता है। उसकी मां हादसे में घायल हुई है और फिलहाल वह कुछ बताने की स्थिति में नहीं है। कलेक्टर के अनुसार, आशंका है कि बच्ची गड्ढे में दबी हो सकती है। गड्ढा ज्यादा गहरा नहीं है, लेकिन उसमें दलदल है। रेस्क्यू टीम बच्ची की तलाश में जुटी है। फिलहाल बच्ची के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के लापता होने की जानकारी नहीं है।

    इधर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताया है और दिवंगतों की आत्मा को शांति एवं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को 1-1 लाख रुपये देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज और राहत-बचाव कार्य की निगरानी की जा रही है।

    वहीं, पुलिस प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर बल्कर के विपरीत दिशा में आने की बात सामने आई है। हालांकि हादसे की पूरी परिस्थितियों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। बस के परमिट सहित वाहन से जुड़े अन्य दस्तावेज और बिंदुओं की भी प्रशासन द्वारा जांच की जा रही है। 
  • विंध्य में बाढ़ से बिगड़े हालात, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सतना-रीवा में स्कूल बंद

    विंध्य में बाढ़ से बिगड़े हालात, कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर; सतना-रीवा में स्कूल बंद


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम के चलते लगातार हो रही बारिश ने विंध्य क्षेत्र में हालात बिगाड़ दिए हैं। रीवा, सतना, मैहर, मऊगंज, सिंगरौली और शहडोल संभाग के कई इलाकों में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। कई नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गया है, जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    सबसे ज्यादा असर सतना और चित्रकूट में दिखाई दे रहा है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट इलाके में करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल पानी की चपेट में आ गए हैं। वहीं, रीवा जिले में बिहार और टमस नदियों के बढ़े जलस्तर के साथ तराई क्षेत्र में बेलन नदी भी उफान पर है।

    बांधों के गेट खुलने से बढ़ा पानी का बहाव

    लगातार बारिश के बीच बांधों से छोड़े जा रहे पानी ने भी स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। बाणसागर बांध के आठ गेट खोले जाने के बाद सोन नदी के बहाव में तेजी आई है। इससे नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

    बेलन नदी पर बने बांध के गेट भी खोल दिए गए हैं। इसके अलावा टमस नदी पर स्थित बकिया बैराज डैम के गेट खोले जाने से तराई क्षेत्र के गांवों में पानी का दबाव बढ़ गया है। लगातार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है।

    चित्रकूट में रामघाट की दुकानें और होटल डूबे

    चित्रकूट में लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट क्षेत्र में पानी भरने से करीब 400 दुकानें और 20 से 25 होटल प्रभावित हुए हैं।

    जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे रहने वाले लोगों और कारोबारियों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।

    सतना, रीवा और मैहर में स्कूल-कॉलेज बंद

    लगातार बारिश और बिगड़ते हालात को देखते हुए सतना, रीवा और मैहर जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ियों को 2 और 3 सितंबर को बंद रखने का फैसला लिया गया है। अगले दो दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना को देखते हुए प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।

    अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय मानसूनी सिस्टम का प्रभाव अभी बना हुआ है। इसके चलते रीवा सहित पूरे विंध्य और आसपास के क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है।

    छतरपुर, सतना, रीवा, मैहर, मऊगंज और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सिस्टम का प्रभाव ज्यादा रहने के कारण सतना, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

    निचले इलाकों में बढ़ सकता है खतरा

    मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लगातार बारिश होने पर नदियों और नालों का जलस्तर और बढ़ सकता है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर होने की आशंका है। चित्रकूट में मंदाकिनी का बढ़ा जलस्तर पहले ही हालात को चुनौतीपूर्ण बना चुका है।

    अगले 24 से 48 घंटे विंध्य और मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के लिए अहम माने जा रहे हैं। यदि बारिश का जोर बरकरार रहता है तो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की अपील की है।

  • रक्षाबंधन पर भोपाल-रीवा यात्रियों को राहत, 25 से 31 अगस्त तक चलेंगी विशेष ट्रेनें और वंदे भारत में बढ़े कोच

    रक्षाबंधन पर भोपाल-रीवा यात्रियों को राहत, 25 से 31 अगस्त तक चलेंगी विशेष ट्रेनें और वंदे भारत में बढ़े कोच

    भोपाल:  रक्षाबंधन के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मध्य प्रदेश में रेलवे ने अतिरिक्त यात्री सुविधाओं की तैयारी की है। भोपाल और रीवा के बीच 25 से 31 अगस्त तक अलग-अलग तारीखों में विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। इसके साथ ही रीवा और रानी कमलापति के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यात्रियों के लिए सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।

    रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, त्योहार के दौरान भोपाल-रीवा रेल मार्ग पर अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। गाड़ी संख्या 02155 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 25 अगस्त की रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी।

    इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 02156 के रूप में 26 अगस्त को शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रीवा से रवाना होगी। ट्रेन अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। इससे त्योहार के दौरान दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

    इसके अलावा गाड़ी संख्या 02189 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 26 और 27 अगस्त को संचालित की जाएगी। यह ट्रेन दोनों तारीखों में रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होकर अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी। इसकी वापसी सेवा गाड़ी संख्या 02190 के रूप में 27 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट पर रीवा से चलेगी और रात 9 बजे भोपाल पहुंचेगी।

    रक्षाबंधन के बाद 29 और 30 अगस्त को भी यात्रियों के लिए विशेष रेल सुविधा उपलब्ध रहेगी। गाड़ी संख्या 02154 रीवा से 29 अगस्त को शाम 6 बजकर 35 मिनट पर रवाना होकर अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भोपाल पहुंचेगी। वहीं गाड़ी संख्या 02180 भी 30 अगस्त को रीवा से भोपाल के लिए संचालित होगी।

    इसके बाद गाड़ी संख्या 02179 भोपाल-रीवा विशेष ट्रेन 31 अगस्त की रात 10 बजकर 25 मिनट पर भोपाल से रवाना होगी और अगले दिन सुबह 7 बजकर 20 मिनट पर रीवा पहुंचेगी। इन विशेष ट्रेनों के संचालन से त्योहार के दौरान बढ़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    विशेष ट्रेनों का मार्ग विदिशा, बीना, सागर, दमोह, कटनी मुड़वारा, मैहर और सतना से होकर रहेगा। इससे केवल भोपाल और रीवा के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि मार्ग में आने वाले कई शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी अतिरिक्त रेल सुविधा मिल सकेगी।

    इसके अलावा रीवा-रानी कमलापति-रीवा वंदे भारत एक्सप्रेस में भी यात्रियों की सुविधा के लिए बड़ा बदलाव किया गया है। 7 अगस्त से 24 अक्टूबर 2026 तक इस ट्रेन में 8 की जगह 16 कोच वाली रेक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

    कोच की संख्या दोगुनी किए जाने से ट्रेन में उपलब्ध सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे त्योहारी सीजन में आरक्षित टिकट की मांग पूरी करने और यात्रियों को अतिरिक्त सीट उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन के समय और ठहराव की जानकारी की पुष्टि करने की अपील की है। यात्रियों को स्टेशन, रेलवे की हेल्पलाइन 139 और रेल ऐप के माध्यम से ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। त्योहार के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों और बढ़ी हुई क्षमता से भोपाल-रीवा मार्ग पर यात्रियों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।

  • आजादी के 80वें पर्व पर स्वतंत्रता सेनानी जवाहर सिंह का निधन, रीवा में राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

    आजादी के 80वें पर्व पर स्वतंत्रता सेनानी जवाहर सिंह का निधन, रीवा में राजकीय सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

    मध्य प्रदेश: के रीवा जिले में स्वतंत्रता दिवस का दिन एक ओर देशभक्ति के उत्सव और दूसरी ओर एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की अंतिम विदाई का गवाह बना। जवा तहसील के डोरी-भितरी गांव निवासी स्वतंत्रता सेनानी जवाहर सिंह का 15 अगस्त 2026 को निधन हो गया। जिस दिन देश आजादी का 80वां पर्व मना रहा था, उसी दिन गांव ने उस सेनानी को अंतिम विदाई दी, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करते हुए जेल की सजा भुगती थी।

    जवाहर सिंह ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान 1932 के राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें छह महीने के कारावास की सजा हुई थी। इसके साथ ही उन पर 100 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के अन्य चरणों में भी योगदान दिया और 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन तथा नमक आंदोलन से जुड़े रहे।

    स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल जाने और आर्थिक दंड भुगतने के बावजूद जवाहर सिंह की देश के प्रति प्रतिबद्धता कम नहीं हुई। आजादी के बाद भी उन्होंने सामाजिक जीवन में अपनी जिम्मेदारियों को महत्व दिया और आने वाली पीढ़ियों को स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्षों और उसके मूल्यों के बारे में बताते रहे।

    उनके परिवार के अनुसार, जवाहर सिंह स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को अपने बच्चों और पोतों तक पहुंचाते रहे। उनका मानना था कि नई पीढ़ी को यह जानना चाहिए कि देश को स्वतंत्रता आसानी से नहीं मिली, बल्कि इसके लिए अनेक लोगों ने संघर्ष, त्याग और कठिनाइयों का सामना किया था।

    स्वतंत्रता सेनानी के रूप में मिलने वाली सम्मान निधि को लेकर भी जवाहर सिंह की सोच अलग रही। बताया जाता है कि उन्होंने शुरुआती दौर में सम्मान निधि लेने से इनकार कर दिया था। उनका विचार था कि शासन की राशि का उपयोग जनहित और देशहित के कार्यों में किया जाना चाहिए। बाद में उन्होंने इस उम्मीद के साथ सम्मान निधि स्वीकार की कि उनके परिवार को भी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के रूप में सम्मान और पहचान मिलती रहे।

    जवाहर सिंह के तीन पुत्र कमल नारायण सिंह, कमलाकर सिंह और प्रभाकर सिंह हैं। परिवार ने उनके जीवन से जुड़े स्वतंत्रता आंदोलन के अनुभवों और मूल्यों को आगे बढ़ाने की बात कही। उनके निधन के बाद परिवार के साथ क्षेत्र के लोगों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।

    15 अगस्त को उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया राजकीय सम्मान के साथ पूरी की गई। अंतिम यात्रा में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हिस्सा लिया। उपस्थित लोगों ने पुष्पचक्र और पुष्प अर्पित कर स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पुलिस जवानों की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उन्हें अंतिम सलामी दी।

    अंतिम संस्कार में सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह, राज्यसभा सांसद राजमणि सिंह पटेल, युवराज घनश्याम सिंह बसरेही, संचार निर्माण समिति अध्यक्ष प्रवल पाण्डेय, जवा तहसीलदार राजेश शुक्ला और अतरैला थाना प्रभारी विजय प्रताप सिंह समेत कई लोग मौजूद रहे। जवाहर सिंह के बड़े पुत्र कमल नारायण सिंह ने उन्हें मुखाग्नि दी।

    जवाहर सिंह के अंतिम संस्कार में हजारों ग्रामीणों के शामिल होने की बात सामने आई। लोगों ने उनकी पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित किए और अंतिम यात्रा में शामिल होकर श्रद्धांजलि दी। स्वतंत्रता दिवस के दिन गांव में तिरंगे और देशभक्ति के वातावरण के बीच शोक का माहौल भी दिखाई दिया।

    जवाहर सिंह का सार्वजनिक जीवन में भी क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों से संपर्क रहा। बताया जाता है कि मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी उनका संपर्क रहा था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी भागीदारी और सामाजिक जीवन में सक्रियता ने उन्हें क्षेत्र में अलग पहचान दिलाई।

    जवाहर सिंह की अंतिम विदाई उस पीढ़ी को सम्मान देने का अवसर भी बनी, जिसने देश की स्वतंत्रता के लिए अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा संघर्ष में बिताया। 15 अगस्त को जब देश आजादी का उत्सव मना रहा था, उसी दिन रीवा के डोरी-भितरी गांव ने एक स्वतंत्रता सेनानी को अंतिम सलामी देकर उनके योगदान को याद किया।

  • MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार

    MP में आज 3 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, भोपाल-इंदौर समेत 52 जिलों में बूंदाबांदी के आसार


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की बेरुखी के बीच शनिवार को पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, इन तीनों जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 4 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेश के 52 जिलों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने का अनुमान है।

    IMD के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 16.8 इंच (426.6 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 21 इंच (533.6 मिमी) पानी गिरना चाहिए था। इस तरह प्रदेश में 4.2 इंच यानी 20% बारिश कम हुई है। सीजन में अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे की आधी भी नहीं है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा 37.3 इंच है।

    दतिया में 24 घंटे में 3.5 इंच बारिश
    शुक्रवार को दतिया में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। यहां सुबह महज 4 घंटे में करीब 1.57 इंच (40 मिमी) बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि 24 घंटे में कुल 3.5 इंच पानी बरसा। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके बाद स्कूलों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी।

    भांडेर और सेवढ़ा ब्लॉक में कक्षा 8वीं से ऊपर के स्कूलों को लेकर फैसला स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर संस्था प्रमुखों पर छोड़ दिया गया है। रायसेन में भी शुक्रवार सुबह करीब 15 मिनट तेज बारिश हुई। इसके बाद रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा, जिससे कई सड़कों पर पानी भर गया।

    सीधी में सोन नदी के पुल पर पानी, 40 गांवों का संपर्क प्रभावित
    सीधी जिले के भंवरसेन घाट पर शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद सोन नदी के पुल पर पानी भर गया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल को बंद कर दिया गया, जिससे करीब 40 गांवों का मुख्यालय से संपर्क कट गया।

    भंवरसेन पहाड़ी से मिट्टी और पत्थर भी खिसककर सड़क पर आ रहे हैं। इससे मार्ग पर हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके अलावा खरगोन, सतना, उज्जैन, ग्वालियर, रीवा और रायसेन समेत कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।

    पूर्वी MP में 23% कम बारिश
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में अब तक 23% कम बारिश हुई है। इन संभागों का कोई भी जिला औसत से आगे नहीं है।

    अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़ और उमरिया में सामान्य से 5% से 48% तक कम बारिश दर्ज की गई है।

    पश्चिमी हिस्से में भी बारिश का आंकड़ा माइनस में
    भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और ग्वालियर-चंबल संभाग वाले पश्चिमी हिस्से में भी औसत से 17% कम बारिश हुई है। आगर-मालवा, अलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, भोपाल, दतिया, धार, गुना, हरदा, इंदौर, झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन, बड़वानी और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन 6 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश
    मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हिस्से के सिर्फ ग्वालियर, भिंड, बुरहानपुर, देवास, खंडवा और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश हुई है। बाकी अधिकांश जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

  • ईडी की छापेमारी पर रीवा में बवाल, जब्ती को लेकर विवाद बढ़ा, विधायक पर साजिश के आरोप से तेज हुई सियासत

    ईडी की छापेमारी पर रीवा में बवाल, जब्ती को लेकर विवाद बढ़ा, विधायक पर साजिश के आरोप से तेज हुई सियासत

     मध्य प्रदेश।  के रीवा जिले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद शुक्रवार को राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई। जिले के विभिन्न स्थानों पर की गई जांच कार्रवाई के दौरान एक स्थान पर हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए जब जांच टीम लंबे समय तक चली प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाहर निकलने लगी। स्थानीय लोगों और समर्थकों के विरोध के कारण स्थिति कुछ समय के लिए विवादपूर्ण हो गई, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी।

    जानकारी के अनुसार प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने जिले में कई स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की थी। इनमें पदमधर कॉलोनी स्थित एक परिसर भी शामिल था, जहां अधिकारियों ने कई घंटों तक दस्तावेजों और अन्य सामग्रियों की जांच की। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पड़ताल की तथा विभिन्न दस्तावेजों का सत्यापन किया।

    बताया गया है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब अधिकारी परिसर से बाहर निकलने लगे तो जब्त किए गए सामान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। संबंधित परिवार का दावा था कि टीम कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज, नकदी और अन्य सामग्री अपने साथ ले जा रही है। वहीं जांच एजेंसी की ओर से प्रक्रिया को कानूनी दायरे में की गई कार्रवाई बताया गया। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस की स्थिति उत्पन्न हुई।

    घटना की जानकारी आसपास के क्षेत्र में फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते परिसर के बाहर भीड़ जमा हो गई और विरोध के स्वर तेज होने लगे। कुछ लोगों ने नारेबाजी करते हुए जांच टीम के प्रति नाराजगी जाहिर की। स्थिति उस समय और संवेदनशील हो गई जब अधिकारियों के वाहनों को रोकने की कोशिश की गई। हालांकि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने हालात को नियंत्रित करने का प्रयास किया और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांच टीम को परिसर से सुरक्षित बाहर निकालने में काफी समय लगा। कुछ समय तक अधिकारी परिसर के भीतर ही रहे और बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच वहां से रवाना हुए। प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी और कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए।

    इस बीच मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। संबंधित परिवार की ओर से आरोप लगाया गया कि यह कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। परिवार के प्रतिनिधियों ने सार्वजनिक रूप से दावा किया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता की भूमिका हो सकती है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है।

    राजनीतिक आरोपों के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर और तेज हो गया। विभिन्न पक्ष इस घटनाक्रम को अपने-अपने नजरिए से देख रहे हैं। एक ओर जहां समर्थक इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बता रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं को स्वतंत्र जांच का हिस्सा माना जा रहा है। फिलहाल आरोपों और दावों पर संबंधित एजेंसियों की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और उससे जुड़े राजनीतिक आरोप अक्सर सार्वजनिक बहस का विषय बन जाते हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जांच और कानूनी प्रक्रिया के परिणामों का इंतजार करना आवश्यक होता है।

    रीवा में हुई इस घटना ने एक बार फिर जांच एजेंसियों की कार्रवाई, राजनीतिक प्रतिक्रिया और कानून-व्यवस्था के संतुलन को लेकर बहस को हवा दे दी है। आने वाले दिनों में मामले की आगे की जांच और संभावित प्रतिक्रियाओं पर सभी की नजर बनी रहेगी।

  • होटल में प्रेमिका संग मिले रेंजर, कॉन्स्टेबल पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा; रीवा में सड़क तक पहुंचा विवाद

    होटल में प्रेमिका संग मिले रेंजर, कॉन्स्टेबल पत्नी ने रंगे हाथों पकड़ा; रीवा में सड़क तक पहुंचा विवाद

    रीवा रीवा में एक हाई-प्रोफाइल पारिवारिक विवाद उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब सतना जिले में पदस्थ एक वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) को उनकी पत्नी ने कथित रूप से एक युवती के साथ होटल के कमरे में पकड़ लिया। घटना के बाद होटल परिसर में जमकर हंगामा हुआ और देखते ही देखते मामला सड़क तक पहुंच गया। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे मामला और अधिक सुर्खियों में आ गया है।

    जानकारी के अनुसार सतना जिले के बरौंधा सर्किल में पदस्थ वन परिक्षेत्र अधिकारी बृजेंद्र पाण्डेय रीवा के एक निजी होटल में रुके हुए थे। इसी दौरान उनकी पत्नी, जो स्वयं पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं, को सूचना मिली कि उनके पति होटल में किसी युवती के साथ मौजूद हैं। सूचना मिलने के बाद वह सीधे होटल पहुंच गईं और संबंधित कमरे तक पहुंचकर दरवाजा खटखटाया।

    बताया जा रहा है कि दरवाजा खुलने पर पत्नी ने पति से कमरे में किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी के बारे में सवाल किया। शुरुआत में रेंजर ने किसी के होने से इनकार किया, लेकिन पत्नी जब कमरे के भीतर पहुंचीं तो वहां एक युवती मौजूद मिली। इसके बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और होटल परिसर में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पत्नी ने युवती को कमरे से बाहर लाकर दोनों के संबंधों को लेकर सवाल-जवाब किए। होटल परिसर में काफी देर तक विवाद चलता रहा, जिससे वहां मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोगों ने पूरे घटनाक्रम के वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिए, जो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गए।

    मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद रेंजर और उनके साथ मौजूद युवती होटल से बाहर निकले और एक डंपर में बैठकर वहां से चले गए। वहीं उनकी पत्नी काफी देर तक होटल परिसर में मौजूद रहीं और नाराजगी जताती रहीं। घटना के कारण होटल परिसर में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई थी।

    मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। जानकारी के अनुसार रीवा के चोरहटा थाना में रेंजर बृजेंद्र पाण्डेय और उनकी महिला मित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शिकायत किन धाराओं के तहत दर्ज की गई है और आरोपों का स्वरूप क्या है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है।

    सूत्रों के मुताबिक रेंजर की पत्नी सतना जिले के बरौंधा थाने में आरक्षक के रूप में पदस्थ हैं। यह भी चर्चा है कि वह बिना अवकाश स्वीकृत कराए रीवा पहुंची थीं। हालांकि इस संबंध में विभागीय स्तर पर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है। पुलिस सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है और संबंधित पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और होटल में हुए विवाद ने इस मामले को क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना दिया है।

  • 102 दिनों से लापता पूर्व TI गजेंद्र सिंह धाकड़, अब तकनीकी जांच के सहारे तलाश में जुटी पुलिस

    102 दिनों से लापता पूर्व TI गजेंद्र सिंह धाकड़, अब तकनीकी जांच के सहारे तलाश में जुटी पुलिस

    रीवा  रीवा जिले के मनगवां थाने के पूर्व प्रभारी निरीक्षक (टीआई) गजेंद्र सिंह धाकड़ के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला अब और अधिक गंभीर होता जा रहा है। विभागीय निलंबन के बाद से बीते 102 दिनों में उनका कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। एक पुलिस अधिकारी का इतने लंबे समय तक विभाग और परिवार दोनों के संपर्क से बाहर रहना पुलिस महकमे के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब उनकी तलाश के लिए पुलिस ने तकनीकी जांच का सहारा लिया है और मोबाइल लोकेशन से लेकर कॉल डिटेल रिकॉर्ड तक की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार फरवरी माह के अंतिम सप्ताह में गजेंद्र सिंह धाकड़ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया था। निलंबन आदेश मिलने के बाद उन्होंने मनगवां थाने के रोजनामचा में स्वयं को बीमार बताते हुए ‘सिक’ की एंट्री दर्ज कराई थी। इसके बाद वे थाने से रवाना हो गए, लेकिन फिर कभी विभाग के संपर्क में नहीं आए। न तो उन्होंने किसी वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया और न ही अपनी वर्तमान स्थिति के बारे में कोई जानकारी दी।

    विभागीय नियमों के तहत निलंबन के बाद उन्हें पुलिस लाइन रीवा में आमद देना अनिवार्य था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। लगातार अनुपस्थित रहने के कारण विभाग ने उन्हें कई बार नोटिस जारी किए। हालांकि इन नोटिसों का भी कोई जवाब नहीं मिला। इससे मामला और अधिक संदिग्ध एवं चिंताजनक बनता चला गया।

    जब विभागीय स्तर पर संपर्क के सभी प्रयास विफल हो गए तो पुलिस ने उनके ग्वालियर स्थित पैतृक निवास पर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया। वहां भी उनकी मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी। परिजनों ने भी उनके लंबे समय से संपर्क में न होने को लेकर चिंता व्यक्त की है। बताया जा रहा है कि परिवार अपने स्तर पर भी उनकी तलाश में जुटा हुआ है, लेकिन अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए अब पुलिस ने तकनीकी जांच को प्राथमिकता दी है। जांच एजेंसियां उनके मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), अंतिम सक्रिय लोकेशन, फोन गतिविधियों और संभावित संपर्कों की जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि निलंबन के बाद उन्होंने किन लोगों से बातचीत की और आखिरी बार उनकी लोकेशन कहां दर्ज हुई थी।

    जांच टीम उन लोगों से भी पूछताछ कर सकती है जो हाल के दिनों में उनके संपर्क में रहे हों। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकता है, जिससे उनकी वर्तमान स्थिति का पता लगाया जा सके।

    रीवा पुलिस अधीक्षक गुरकरन सिंह ने बताया कि निलंबित निरीक्षक गजेंद्र सिंह धाकड़ अभी भी गैरहाजिर हैं। उन्होंने पुलिस लाइन में आमद नहीं दी है और विभाग के संपर्क में भी नहीं हैं। उनकी लोकेशन ट्रेस करने और वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

    फिलहाल यह मामला पुलिस विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का 102 दिनों तक बिना किसी सूचना के लापता रहना कई सवाल खड़े कर रहा है। अब सभी की निगाहें तकनीकी जांच के नतीजों पर टिकी हैं, जिनसे इस रहस्य से पर्दा उठने की उम्मीद की जा रही है।

  • सार्वजनिक रास्ता बंद होने पर भड़के ग्रामीण, 200 लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट; मार्ग बहाल करने की लगाई गुहार

    सार्वजनिक रास्ता बंद होने पर भड़के ग्रामीण, 200 लोग पहुंचे कलेक्ट्रेट; मार्ग बहाल करने की लगाई गुहार

    रीवा रीवा जिले के ग्राम शाहपुर में सार्वजनिक मार्ग बंद किए जाने का मामला मंगलवार को जनसुनवाई में प्रमुखता से उठाया गया। गांव के करीब 200 ग्रामीण एकजुट होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए रास्ते को तत्काल बहाल कराने की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से उपयोग में आ रहे सार्वजनिक मार्ग को मिट्टी डालकर बंद कर दिया गया है, जिससे पूरे गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    ग्रामीणों के अनुसार ग्राम शाहपुर में अपर पूर्वी नहर सिंचाई विभाग की डगरी टोला सब माइनर क्रमांक-2 के समीप एक मार्ग लंबे समय से आवागमन के लिए उपयोग में था। इस रास्ते का महत्व इसी बात से समझा जा सकता है कि ग्राम पंचायत ने यहां पहले पीसीसी सड़क का निर्माण भी कराया था। लेकिन 14 जून को कथित रूप से दो ट्रक मिट्टी डलवाकर इस मार्ग को बंद कर दिया गया, जिससे गांव के लोगों का आवागमन बाधित हो गया।

    रास्ता बंद होने के बाद ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के लिए लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक असर किसानों, विद्यार्थियों, मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। खेतों तक पहुंचने में अतिरिक्त समय लग रहा है, जबकि स्कूली बच्चों को भी स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस रास्ते से वे वर्षों से आसानी से आवागमन करते थे, उसके बंद होने से उनकी दिनचर्या प्रभावित हो गई है।

    जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण कमलेश कुमार प्रजापति ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित पक्षों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। उन्होंने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

    ग्रामीण राजेश प्रजापति ने कहा कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग का रास्ता रहा है और गांव के अनेक परिवार इसी पर निर्भर हैं। ऐसे में इसे बंद कर देना लोगों के अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करने और मार्ग को पुनः चालू कराने की मांग की।

    संतोष प्रजापति ने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण लोगों को कई किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ सकती है।

    ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि नहर विभाग की भूमि से अतिक्रमण हटाया जाए तथा मिट्टी डालकर बंद किए गए सार्वजनिक मार्ग को तत्काल बहाल किया जाए। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्पष्ट कर दिया है। अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं और वे जल्द राहत मिलने की उम्मीद कर रहे हैं।

  • मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी

    मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के रीवा-सीधी मार्ग पर स्थित Mohaniya Tunnel में एक बाइक सवार युवक का खतरनाक स्टंट चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में युवक चलती बाइक पर खड़ा होकर तेज रफ्तार से वाहन चलाता नजर आ रहा है। यह स्टंट प्रदेश की सबसे लंबी टनलों में से एक मानी जाने वाली मोहनिया टनल के भीतर किया गया, जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है।

    सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक बाइक की सीट से उठकर वाहन पर खड़ा हो जाता है और संतुलन बनाते हुए तेज गति से आगे बढ़ता है। इसी दौरान वह टनल के भीतर चल रहे ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के नजदीक से गुजरता दिखाई देता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की हरकतें न केवल स्टंट करने वाले व्यक्ति के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

    टनल जैसे सीमित और नियंत्रित यातायात वाले मार्ग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस प्रकार की स्टंटबाजी से सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी होती है और दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

    स्थानीय नागरिकों का दावा है कि रीवा-सीधी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी इस तरह के स्टंट के मामले सामने आते रहे हैं। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ युवक अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया। साथ ही बाइक सवार युवक की पहचान के लिए तकनीकी और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो की पुष्टि होती है और संबंधित युवक की पहचान हो जाती है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क पर स्टंट करना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचता है।

    यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों और हाईवे पर बढ़ती स्टंटबाजी को रोकने के लिए नियमित निगरानी, जागरूकता अभियान और कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। प्रशासन ने भी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट से बचने की अपील की है।