Tag: Rewa

  • रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल

    रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के लौआ क्षेत्र में रविवार शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बस और ऑटो की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय बच्ची की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 15 लोग घायल हुए थे, जिनमें से अधिकांश का उपचार अभी भी अस्पताल में जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:30 बजे एक ऑटो यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान लौआ क्षेत्र में पीछे से आ रही पूजा बस सर्विस की बस ने ऑटो को टक्कर मार दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस की रफ्तार तेज थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ऑटो में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।

    घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) Sandeep Mishra उसी मार्ग से गुजर रहे थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया। उनकी पहल पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल नवागांव-सगरा निवासी 10 वर्षीय दीपाली शर्मा (दीपांजलि) को उपचार के लिए रीवा स्थित Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सिर और शरीर में आई गंभीर चोटों के कारण बच्ची ने सोमवार को दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

    पुलिस का कहना है कि बस चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस ने ऑटो को पीछे से टक्कर मारी थी, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    इस हादसे में घायल अन्य 14 लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घायलों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत में सुधार है, जबकि कुछ का उपचार अभी जारी है।

    लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में यातायात नियमों के सख्ती से पालन और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। पुलिस ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव

    तेरहवीं की तैयारियों के बीच परिवार पर टूटा दूसरा दुख, तालाब में मिला 25 वर्षीय युवक का शव


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक 25 वर्षीय युवक का शव तालाब में मिलने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई है, जो गुढ़ थाना क्षेत्र के दुआरी गांव का निवासी था और शुक्रवार से अपने घर से लापता बताया जा रहा था।

    घटना मनिकवार चौकी क्षेत्र के अमिलिहा गांव की है। स्थानीय लोगों ने शनिवार दोपहर तालाब में एक शव उतराता हुआ देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों को बुलाकर शव की पहचान कराई गई, जहां मृतक की पहचान सागर अग्निहोत्री के रूप में हुई।

    सागर की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों के अनुसार परिवार पहले से ही एक अन्य सदस्य के निधन के कारण शोक में था। शनिवार को घर में तेरहवीं का कार्यक्रम आयोजित होना था और उसकी तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच सागर के शव मिलने की सूचना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। एक ही परिवार में कम समय के भीतर दूसरी दुखद घटना होने से गांव में भी शोक का माहौल बन गया है।

    पुलिस के अनुसार सागर शुक्रवार से घर से लापता था। परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे और रिश्तेदारों तथा परिचितों से भी संपर्क किया जा रहा था। इसी दौरान शनिवार दोपहर अमिलिहा गांव के तालाब में शव मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की।

    मौके पर पंचनामा कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी मौत के कारणों को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।

    Shail Yadav ने बताया कि युवक के लापता होने और शव मिलने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।

    पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में किसी भी संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। परिजनों और स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं तथा युवक के अंतिम समय की गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच पूरी होने और चिकित्सकीय रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल सागर अग्निहोत्री की असमय मौत से दुआरी और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस घटना के पीछे की सच्चाई सामने आने का इंतजार कर रहा है।

  • रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार

    रीवा में तेज रफ्तार कार का कहर, गाय को कुचलने के बाद बाइक सवार छात्रों को मारी टक्कर; मकान में घुसी कार


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Rewa जिले में शनिवार तड़के एक भीषण सड़क हादसे ने इलाके में सनसनी फैला दी। रीवा-सीधी मार्ग पर महसांव रेडियो स्टेशन के पास तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पहले एक गाय को कुचलते हुए आगे बढ़ी, फिर सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। इसके बाद भी कार नहीं रुकी और सड़क किनारे स्थित एक मकान की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसी। हादसे में गाय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    जानकारी के अनुसार घटना शनिवार सुबह करीब तीन बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार अत्यधिक गति से चल रही थी और चालक अचानक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। सड़क किनारे खड़ी गाय को टक्कर मारने के बाद कार सीधे सामने से आ रही बाइक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उस पर सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे।

    स्थानीय लोगों के अनुसार घायल दोनों छात्र सीधी की ओर जा रहे थे। दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। दोनों छात्रों को उपचार के लिए Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

    हादसे का सबसे भयावह पहलू यह रहा कि बाइक को टक्कर मारने के बाद भी कार नहीं रुकी। अनियंत्रित वाहन सड़क किनारे बने दिनेश केवट के मकान में जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की एक दीवार पूरी तरह ढह गई। दीवार गिरने से घर में खड़ा ई-रिक्शा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

    घटना के समय मकान के भीतर परिवार के सदस्य सो रहे थे। अचानक हुए जोरदार धमाके से सभी की नींद खुल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि कार कुछ और अंदर तक घुस जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। सौभाग्य से परिवार के किसी सदस्य को शारीरिक चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित बच गए।

    तड़के हुए हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जोरदार आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य में मदद की। लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने और सड़क पर यातायात सामान्य कराने में भी सहयोग किया।

    सूचना मिलने पर Gudh Police Station और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर चालक के खिलाफ लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। वाहन की गति, चालक की स्थिति और अन्य परिस्थितियों की पड़ताल के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल घायल छात्रों के उपचार और मामले की जांच पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

  • MP: रीवा में वाहन से 5 क्विंटल अवैध विस्फोटक बरामद…. चालक गिरफ्तार

    MP: रीवा में वाहन से 5 क्विंटल अवैध विस्फोटक बरामद…. चालक गिरफ्तार


    रीवा।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के रीवा जिले (Rewa district) में अवैध विस्फोटक (Illegal explosives) बरामद किया गया है। घटना रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र की है। पुलिस ने अवैध विस्फोटकों के परिवहन पर एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, गश्त के दौरान भारी मात्रा में अवैध विस्फोटक सामग्री ले जा रही एक गाड़ी को पकड़ा है। यह विस्फोटक करीब 5 क्विंटल है, जिसमे जिलेटिंन सहित अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल है। यह विस्फोटक मानिकवार क्षेत्र से बेला की ओर ले जाया जा रहा था। यह क्रेशर या माइनिंग में उपयोग किया जाता है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।

    इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी उदित मिश्रा ने बताया- पुलिस टीम रूटीन गश्त पर थी। तभी मुखबिर से एक संदिग्ध वाहन के बारे में सूचना मिली, जब पुलिस ने घेराबंदी कर गाड़ी को रोका और उसकी तलाशी ली, तो उसमें अवैध विस्फोटक भरा हुआ पाया गया। पुलिस द्वारा वाहन चालक से जब इस विस्फोटक के संबंध में वैध दस्तावेज और लाइसेंस मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन विस्फोटकों का इस्तेमाल क्रशर्स और माइनिंग में ब्लास्टिंग के लिए किया जाना था।

    पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए चालक को हिरासत में ले लिया है। और विस्फोटक अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। विस्फोटकों की तीव्रता और खतरे का आकलन करने के लिए, बम डिस्पोजल स्क्वाड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गाड़ी का असली मालिक कौन है। यह विस्फोटक मऊगंज के पास से कहां ले जाया जा रहा था, और क्या इससे पहले भी इस तरह की अवैध सप्लाई की गई है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन को भी सूचित कर दिया गया है ताकि इन विस्फोटकों का सुरक्षित तरीके से डिस्पोजल किया जा सके।

  • तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत

    तीन गोलियां लगने के बाद भी डटे रहे मोर्चे पर: लश्कर आतंकी को ढेर करने वाले सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी का रीवा में भव्य स्वागत


    मध्यप्रदेश। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने के बाद सीआरपीएफ जवान संजय तिवारी बुधवार को अपने गृह जिले रीवा पहुंचे, जहां उनका भव्य और भावनात्मक स्वागत किया गया। सिरमौर तहसील के डेलही गांव निवासी संजय तिवारी के सम्मान में रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। ढोल-नगाड़ों की गूंज, फूल-मालाओं की बारिश और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच विंध्य के इस वीर सपूत का अभिनंदन किया गया।

    संजय तिवारी को यह प्रतिष्ठित वीरता पुरस्कार जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान दिखाए गए अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया गया है। सुरक्षा बलों को एक विशेष अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद क्षेत्र की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। अभियान के दौरान आतंकियों ने अचानक सुरक्षा बलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिससे स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई।

    मुठभेड़ के दौरान संजय तिवारी अग्रिम हमला दल का हिस्सा थे। भारी गोलीबारी के बीच उन्होंने साहसपूर्वक आगे बढ़ते हुए मोर्चा संभाले रखा। इस दौरान उनके बांह, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों में तीन गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी पोजीशन नहीं छोड़ी और जवाबी कार्रवाई जारी रखी। उनके साहस और दृढ़ संकल्प के चलते एक आतंकी को मार गिराने में सफलता मिली।

    रीवा पहुंचने पर मीडिया से बातचीत में संजय तिवारी ने कहा कि उनके लिए देश सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान लगी चोटों की उन्हें कोई चिंता नहीं थी। उनका एकमात्र लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि आतंकी किसी भी हालत में बचकर न निकल पाए। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई उनके कर्तव्य का हिस्सा है और इसी भावना के साथ उन्होंने अभियान को अंजाम दिया।

    संजय तिवारी की इस उपलब्धि पर पूरे विंध्य क्षेत्र में गर्व का माहौल है। उनके स्वागत के लिए स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी संख्या स्टेशन पहुंची। लोगों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर सम्मानित किया और उनके साहस को राष्ट्रभक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

    इस अवसर पर सांसद जनार्दन मिश्रा ने कहा कि संजय तिवारी ने अपने शौर्य, साहस और समर्पण से न केवल रीवा और विंध्य क्षेत्र, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि तीन गोलियां लगने के बावजूद जिस तरह संजय ने मोर्चा संभाले रखा, वह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह साबित करता है कि मातृभूमि की रक्षा के लिए हमारे जवान किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं।

    संजय तिवारी की वीरता की यह कहानी केवल एक सैनिक के साहस का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा की उस भावना को भी दर्शाती है, जो भारतीय सुरक्षा बलों को दुनिया की सबसे सक्षम और सम्मानित सेनाओं में शामिल करती है। रीवा की धरती अपने इस वीर पुत्र की उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रही है।

  • रुपए दोगुने करने का झांसा, सैकड़ों निवेशक परेशान: दंपती पर करोड़ों की कथित ठगी का आरोप

    रुपए दोगुने करने का झांसा, सैकड़ों निवेशक परेशान: दंपती पर करोड़ों की कथित ठगी का आरोप


    मध्यप्रदेश। रीवा में निवेश पर रकम दोगुनी करने का लालच देकर कथित रूप से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक दंपती ने लोगों को आकर्षक निवेश योजना का भरोसा दिलाकर बड़ी मात्रा में धन एकत्र किया और बाद में फरार हो गया। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    पीड़ितों के अनुसार असलम और उसकी पत्नी अबला सुल्ताना उर्फ नंदा ने लोगों को कम समय में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया था। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि शुरुआत में कुछ निवेशकों को भुगतान कर उनका विश्वास जीता गया, जिससे क्षेत्र के अन्य लोग भी इस योजना से जुड़ते चले गए। धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जमा पूंजी निवेश कर दी। आरोप है कि बाद में जब निवेशकों ने अपनी राशि वापस मांगनी शुरू की तो आरोपियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया और फिर संपर्क से बाहर हो गए।

    प्रदर्शनकारियों का दावा है कि इस कथित ठगी से करीब 200 लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। कई परिवारों ने वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई बचत निवेश की थी, जबकि कुछ लोगों ने रिश्तेदारों और परिचितों से उधार लेकर भी रकम लगाई थी। आरोपियों के कथित रूप से फरार होने के बाद अब इन परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

    पीड़ित असलम अंसारी ने बताया कि दंपती ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाया था। शुरुआती दौर में कुछ लोगों को भुगतान मिलने से लोगों का भरोसा बढ़ गया और अधिक लोग निवेश करने लगे। हालांकि बाद में रकम वापस मांगने पर उन्हें लगातार आश्वासन दिया जाता रहा, लेकिन भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद आरोपियों के गायब होने की बात सामने आई।

    एक अन्य पीड़िता जन्नत खान ने बताया कि उन्होंने अपनी वर्षों की बचत इस योजना में निवेश की थी। उनके कहने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने भी रकम लगाई थी। अब न तो पैसा वापस मिल रहा है और न ही आरोपियों के बारे में कोई जानकारी मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं अपनी जीवनभर की जमा पूंजी खोने के कारण गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना कर रही हैं।

    प्रदर्शन के दौरान पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा निवेशकों की राशि वापस दिलाने की मांग की। कई महिलाओं ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि कथित ठगी के कारण उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।

    मामले में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्राप्त शिकायतों के आधार पर जांच की जाएगी और तथ्यों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से पीड़ितों को जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।

    फिलहाल पीड़ितों का कहना है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और उनकी राशि वापस दिलाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक वे अपनी मांगों को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। मामले की जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

  • एक ही दिन में बुझ गए दो जीवन: रीवा के कारोबारी की मौत के बाद पत्नी भी नहीं सह सकीं सदमा

    एक ही दिन में बुझ गए दो जीवन: रीवा के कारोबारी की मौत के बाद पत्नी भी नहीं सह सकीं सदमा


    मध्यप्रदेश। मध्यप्रदेश के रीवा और उत्तराखंड के पिथौरागढ़ से सामने आई एक मार्मिक घटना ने दो परिवारों को गहरे शोक में डुबो दिया है। रीवा के युवा कारोबारी प्रदीप सोनी की अचानक हुई मौत के कुछ समय बाद उनकी पत्नी वैशाली खड़ायत की भी मृत्यु हो गई। एक ही दिन में हुई इन दोनों घटनाओं ने परिजनों, मित्रों और स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया है।

    जानकारी के अनुसार प्रदीप सोनी रीवा के अनंतपुर क्षेत्र स्थित अपने घर में अकेले रह रहे थे। उनकी पत्नी वैशाली कुछ दिनों के लिए अपने मायके उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में गई हुई थीं। रविवार को जब लंबे समय तक प्रदीप का मोबाइल फोन बंद मिला और उनसे संपर्क नहीं हो पाया, तो परिजनों को चिंता हुई। परिवार के सदस्य उनके घर पहुंचे, लेकिन दरवाजा नहीं खुलने पर अंदर प्रवेश किया गया। वहां प्रदीप मृत अवस्था में मिले।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में चिकित्सकों ने कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है। हालांकि मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के अनुसार प्रदीप और वैशाली का विवाह वर्ष 2021 में हुआ था। दोनों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव था और परिवार के लोग उन्हें एक-दूसरे के प्रति बेहद समर्पित बताते हैं। प्रदीप के पिता परमानंद सोनी ने बताया कि परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि बेटे की अचानक हुई मृत्यु ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।

    इधर उत्तराखंड में मौजूद वैशाली को पति के निधन की सूचना मिली तो वह गहरे सदमे में चली गईं। परिजनों के अनुसार सूचना मिलने के कुछ समय बाद वह घर से निकल गईं। बाद में उनका शव जाजरदेवल थाना क्षेत्र के एक जलाशय के पास मिला। मौके से उनका मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान भी बरामद हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दोनों घटनाओं के बाद सोनी परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक ही दिन में बेटे और बहू को खो देने से परिवार के सदस्य गहरे सदमे में हैं। रिश्तेदारों और परिचितों का लगातार घर पहुंचना जारी है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    मामले को लेकर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच में किसी प्रकार की आपराधिक आशंका सामने नहीं आई है। दोनों राज्यों की पुलिस अपने-अपने स्तर पर घटनाओं की जांच कर रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है।

    इस घटना के साथ ही युवाओं में बढ़ते हृदय संबंधी जोखिमों पर भी चर्चा शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित दिनचर्या और स्वास्थ्य संबंधी अन्य कारक हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। चिकित्सकों का सुझाव है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर ऐसे जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    फिलहाल यह घटना एक ऐसे परिवार की त्रासदी बनकर सामने आई है, जिसने कुछ ही घंटों के अंतराल में अपने दो प्रिय सदस्यों को खो दिया। पूरे घटनाक्रम ने लोगों को भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है और हर किसी की संवेदनाएं शोकग्रस्त परिवार के साथ हैं।

  • सिलपरा डैम हादसा: नहाते समय डूबे जवान गौरव द्विवेदी, NDRF ने 3 घंटे में निकाला शव

    सिलपरा डैम हादसा: नहाते समय डूबे जवान गौरव द्विवेदी, NDRF ने 3 घंटे में निकाला शव


    मध्यप्रदेश ।  रीवा जिले के चोरहटा डीसी (डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर) में 11 केवी बिजली लाइन पर काम कर रहे एक कर्मचारी के साथ गंभीर हादसा हो गया। ट्रांसफार्मर का काम करने के लिए खंभे पर चढ़े कर्मचारी कमलेश को अचानक लाइन चालू हो जाने से तेज करंट लग गया। करंट से उसके कपड़ों में आग लग गई और वह ऊंचाई से सीधे नीचे आ गिरा, जिससे उसके हाथ-पैर टूट गए हैं और वह बुरी तरह झुलस गया है।

    घायल कर्मचारी के परिजनों और सहकर्मियों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कमलेश विधिवत लाइन बंद कराकर ही खंभे पर काम कर रहा था। इसी बीच किसी ने बिजली सप्लाई चालू कर दी। घटना मंगलवार सुबह की है।

    अस्पताल में चल रहा इलाज, हालत गंभीर
    हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग मदद के लिए दौड़े। साथी कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की मदद से कमलेश को फौरन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, करंट की चपेट में आने से वह काफी झुलस गया है और ऊंचाई से गिरने के कारण उसके दोनों हाथ और पैरों में मल्टीपल फ्रैक्चर आए हैं। फिलहाल उसे कड़ी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।

    अधिकारियों को दी गई सूचना, जांच की मांग
    इस घटना की जानकारी तुरंत बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है। हादसे के बाद से स्थानीय कर्मचारियों में रोष है। वे इस पूरे मामले की निष्पक्ष विभागीय जांच कराने और लापरवाही बरतने वालों की जिम्मेदारी तय कर उन पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

  • रीवा में सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा, मकान में लगी भीषण आग, परिवार के 4 लोग झुलसे

    रीवा में सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा, मकान में लगी भीषण आग, परिवार के 4 लोग झुलसे


    रीवा । मध्यप्रदेश के रीवा जिले में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से बड़ा हादसा हो गया। शहर के पैपखरा इलाके में हुए इस धमाके के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में एक मकान में भीषण आग लग गई, जिसमें परिवार के चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को इलाज के लिए संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के लोग दहल उठे। कुछ देर तक लोगों को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया और मकान जलकर लगभग खाक हो गया।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर घर में फंसे परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला। आग पर काबू पाने के लिए दमकल की टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घर में रखे गैस सिलेंडर का रेगुलेटर खुला हुआ था। इसी दौरान एक बछड़ा वहां टकरा गया, जिससे सिलेंडर की पाइप निकल गई और पूरे घर में गैस फैल गई। बताया जा रहा है कि चूल्हे की आग के संपर्क में आते ही गैस ने विकराल रूप ले लिया और जोरदार धमाका हो गया।

    इस हादसे में यशोदानंद शुक्ला, इंद्रकली शुक्ला और दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए हैं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही आग लगने और सिलेंडर ब्लास्ट के सही कारणों की भी जांच की जा रही है।

  • क्षतिग्रस्त पुल का काम खिंचा, बीहर नदी पर यातायात बहाली अभी टली

    क्षतिग्रस्त पुल का काम खिंचा, बीहर नदी पर यातायात बहाली अभी टली


    नई दिल्ली ।  रीवा के बायपास मार्ग स्थित बीहर नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत का कार्य अभी भी धीमी गति से चल रहा है, जिससे यातायात बहाल होने की उम्मीदें टलती नजर आ रही हैं। पुल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए अब यह स्पष्ट नहीं है कि इसे कब तक पूरी तरह से सुरक्षित किया जा सकेगा।

    मौके पर स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है। गर्डर उठाने की प्रक्रिया के दौरान एलाइनमेंट बिगड़ने से तकनीकी समस्याएं और बढ़ गई हैं। वहीं, पिलरों के बीच गैप बढ़ने की भी जानकारी सामने आई है, जिससे संरचना की मजबूती पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    सूत्रों के अनुसार, मरम्मत कार्य में लगी डीजीसी इंफ्रा की टीम ने प्रारंभिक तौर पर सुझाव दिया था कि पुल को पूरी तरह तोड़कर नए सिरे से निर्माण करना अधिक सुरक्षित विकल्प होगा। हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय जिला प्रशासन को लेना है और फिलहाल मरम्मत का काम ही जारी है।

    एमपीआरडीसी के अधिकारी इस मामले में स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। वहीं, इंजीनियरों का मानना है कि जल्दबाजी में यातायात बहाल करना जोखिम भरा हो सकता है। अनुमान है कि पुल को सुरक्षित बनाने में अभी एक महीने से अधिक समय लग सकता है।

    गौरतलब है कि प्रशासन ने पहले 10 मई तक पुल पर यातायात बहाल करने का दावा किया था, लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी काम अधूरा है। इससे लोगों को निराशा का सामना करना पड़ रहा है।

    इस बीच भारी वाहनों को शहर के भीतर से गुजरना पड़ रहा है, जिससे ट्रैफिक जाम, धूल और दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है और स्थानीय लोगों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।