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  • रीवा में भीषण सड़क हादसागिट्टी लदा डंपर बाइक सवारों पर पलटा दो की मौत दो गंभीर घायल

    रीवा में भीषण सड़क हादसागिट्टी लदा डंपर बाइक सवारों पर पलटा दो की मौत दो गंभीर घायल


    रीवा । मध्य प्रदेश के रीवा जिले में बीती रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें गिट्टी से लदा एक अनियंत्रित डंपर बाइक सवारों के ऊपर पलट गया जिससे दो युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा रायपुर कर्चुलियान थाना क्षेत्र के ग्राम बरही के पास हुआ और इसमें दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना रविवार और सोमवार की दरमियानी रात लगभग 1 बजे हुई।

    हादसा कैसे हुआ

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना मनिकवार मार्ग पर घटित हुई। गिट्टी से लदा डंपर तेज रफ्तार से जा रहा था। उसी दौरान सामने से आ रहे एक ट्रैक्टर से डंपर की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया और बाइक सवार दो युवकों के ऊपर गिर गया। पलटने के बाद डंपर बाइक और उसके सवारों को कुचलते हुए सड़क पर पूरी तरह से रुक गया।

    मृतक और घायलों की स्थिति

    हादसे में मृतकों की पहचान बाइक पर सवार दो युवकों के रूप में हुई जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। घायलों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।

    जेसीबी से निकाले गए शव

    चूंकि डंपर सड़क पर पूरी तरह से पलट चुका था इसलिए शवों को निकालने के लिए जेसीबी का सहारा लिया गया। जेसीबी की मदद से शवों को डंपर के नीचे से निकाला गया और शवों का पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

    स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए गहराई से छानबीन की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि हादसा पूरी तरह से चालक की लापरवाही के कारण हुआ है। घटना के बाद पुलिस ने डंपर चालक को गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।यह हादसा रीवा जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेज रफ्तार और लापरवाही से ड्राइविंग के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। इस दर्दनाक हादसे ने क्षेत्र के लोगों को चेतावनी दी है कि सड़क पर सुरक्षा और सतर्कता बनाए रखना कितना जरूरी है।

  • जेल से गैंग चला रहा था गुना का 'दाऊ': गवाहों को धमकाने के इनपुट पर चाचौड़ा जेल से रीवा शिफ्ट

    जेल से गैंग चला रहा था गुना का 'दाऊ': गवाहों को धमकाने के इनपुट पर चाचौड़ा जेल से रीवा शिफ्ट


    गुना/रीवा। गुना जिले के कुख्यात बदमाश और पुलिस विभाग के पूर्व सब-इंस्पेक्टर (SI) रामवीर सिंह कुशवाह उर्फ ‘दाऊ’ को अब गुना की चाचौड़ा जेल से हटाकर सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट कर दिया गया है। यह बड़ा कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इंटेलिजेंस इनपुट से यह खुलासा हुआ कि ‘दाऊ’ जेल के अंदर से ही अपना गैंग चला रहा था और अपने खिलाफ चल रहे मामलों के गवाहों और फरियादियों को धमका रहा था।

    जेल के भीतर से दबाव और साजिश
    गुना एसपी अंकित सोनी के अनुसार, मामले की विवेचना और साक्ष्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए भोपाल जेल मुख्यालय ने रामवीर को रीवा शिफ्ट करने का निर्णय लिया।
    इंटेलिजेंस सूत्रों से पता चला कि चाचौड़ा जेल में बंद रामवीर अपने खिलाफ केस लड़ रहे लोगों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।इसी दबाव के चलते, 4 दिसंबर को ‘दाऊ’ के कुछ गुर्गे उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के नाराहट गांव पहुँचे। वहाँ उन्होंने ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह के परिजनों पर अपराध में राजीनामा करने का दबाव बनाया।

    ट्रक ड्राइवर माखन कुशवाह मर्डर केस: वर्दी पर लगा दाग
    रामवीर के आपराधिक इतिहास में सबसे गंभीर केस माखन कुशवाह की संदिग्ध मौत से जुड़ा है।घटना (जून 2015): उस समय थाना प्रभारी रहे रामवीर और उसके साथियों ने अवैध वसूली (एंट्री) के दौरान ट्रक ड्राइवर माखन को रोका, पैसे छीने और रूठियाई पुलिस चौकी से सटे एक पेट्रोल पंप पर खड़ा करा दिया।माखन से और पैसे की माँग करते हुए उसे दो दिन तक चौकी में बंद रखकर मारा-पीटा गया।20-21 जून 2015 की रात माखन पुलिस चौकी के ठीक सामने जली हुई अवस्था में मृत पाया गया था।इस गंभीर अपराध में रामवीर की जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है।

    पूर्व एसआई और 1 लाख का इनामी बदमाश
    रामवीर सिंह कुशवाह का इतिहास उसे और भी कुख्यात बनाता है क्योंकि वह स्वयं पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रह चुका है, जिसे बाद में आपराधिक कृत्यों के कारण बर्खास्त कर दिया गया।नौकरी के दौरान वर्दी को दागदार करने वाले रामवीर पर गुना जिले के तीन अलग-अलग थानों में हत्या, अपहरण, हत्या का प्रयास, सबूत मिटाने और धोखाधड़ी समेत 7 संगीन अपराध दर्ज हैं।वह हाईप्रोफाइल आत्माराम मर्डर केस में तीन साल तक फरार रहा था और उस पर एक लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।
    रामवीर उस समय भी चर्चा में आया था जब हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिलने के बाद गुना आने पर उसके गुर्गों ने फूलों से उसका स्वागत किया था। हालांकि, पुलिस ने उसे दूसरे मामलों में वांछित होने के कारण उसी समय घर से गिरफ्तार कर लिया था।

    जेल से गैंग चलाने के इनपुट के बाद सेंट्रल जेल रीवा में शिफ्ट किया जाना रामवीर ‘दाऊ’ की आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

  • मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात

    मप्रः रीवा में जीएसटी विभाग का छापा, किराना दुकान में मिले संदिग्ध बिल और कागजात


    रीवा।
    मध्य प्रदेश के रीवा में शुक्रवार शाम शहर के व्यस्त बाजार क्षेत्र में जीएसटी विभाग की टीम ने रतन किराना स्टोर पर अचानक छापा मारा। लंबे समय से दुकान पर जीएसटी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद विभाग ने बिना पूर्व जानकारी के कार्रवाई करने का निर्णय लिया। टीम के पहुंचते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में दुकान के बाहर लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई।

    विभाग के अधिकारियों ने दुकान के अंदर जाकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। सूत्रों के अनुसार, टीम को कई ऐसे बिल और कागजात मिले हैं जिनमें बिलिंग से जुड़ी अनियमितताओं के संकेत मिलते हैं। बताया जा रहा है कि कुछ बिल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थे, जबकि कुछ में जीएसटी की गणना संदिग्ध पाई गई है। अधिकारियों ने इन सभी दस्तावेजों को जब्त कर लिया है और दुकान के कंप्यूटर सिस्टम का बैकअप भी लिया गया है, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जा सके।

    कार्रवाई के दौरान दुकान मालिक से भी पूछताछ की गई और विभाग ने लेखा-जोखा से जुड़े कई प्रश्नों के उत्तर मांगे। हालांकि, दुकान संचालक ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि वह सभी दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए तैयार है और किसी प्रकार की जानबूझकर की गई गलती नहीं हुई है।

    जीएसटी विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई शिकायतों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अभी जांच प्रारंभिक चरण में है और दस्तावेजों की विस्तृत जांच के बाद ही यह तय होगा कि दुकान के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे।