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  • बैरसिया रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने ली मैकेनिक की जान, पीछे से टक्कर के बाद दो ट्रकों के बीच फंसे प्यारे मियां

    बैरसिया रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने ली मैकेनिक की जान, पीछे से टक्कर के बाद दो ट्रकों के बीच फंसे प्यारे मियां


    भोपाल । भोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में 54 वर्षीय फोर व्हील मैकेनिक की मौत हो गई। प्यारे मियां रोज की तरह अपने परिवार के साथ लांबाखेड़ा स्थित घर पर थे और रात करीब 8 बजे दूध लेने के लिए चौरसिया ढाबे की तरफ निकले थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि घर से कुछ दूरी पर हुआ एक सड़क हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। ढाबे के पास पहुंचते ही पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वे संभल भी नहीं सके और ट्रक के आगे बढ़ने के साथ ही सामने खड़े दूसरे ट्रक की चपेट में आ गए।

    बताया जा रहा है कि सड़क पर पहले से एक ट्रक खड़ा हुआ था। पीछे से आ रहे ट्रक ने प्यारे मियां को टक्कर मारने के बाद आगे खड़े ट्रक को भी टक्कर मार दी। इस दौरान प्यारे मियां दोनों भारी वाहनों के बीच फंस गए। हादसा इतना भीषण था कि उन्हें बचने का मौका तक नहीं मिला और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई। हादसे की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही ईंटखेड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। प्यारे मियां के अचानक चले जाने से परिजन सदमे में हैं।

    पुलिस के मुताबिक हादसे के बाद ट्रक चालक मौके पर वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस अब ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश कर रही है। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ के साथ हादसे की परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ट्रक की रफ्तार कितनी थी और सड़क पर खड़े दूसरे ट्रक की स्थिति क्या थी।

    बैरसिया रोड और आसपास के इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में सड़क पर खड़े वाहनों और तेज रफ्तार ट्रकों के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। रात के समय सड़क पर पर्याप्त सावधानी नहीं बरतने और वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी नहीं होने की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है इसका दर्दनाक उदाहरण यह हादसा बन गया है।

    फिलहाल ईंटखेड़ी थाना पुलिस फरार ट्रक चालक की तलाश में जुटी है। पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं पोस्टमार्टम के बाद प्यारे मियां का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिवार के लिए यह हादसा अचानक आई ऐसी त्रासदी है जिसने कुछ ही देर में एक सामान्य रात को मातम में बदल दिया।

  • एमपी की सड़कों पर मौत की रफ्तार, रोज 142 हादसे और 40 मौतें, जानलेवा दुर्घटनाओं में देश में तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश

    एमपी की सड़कों पर मौत की रफ्तार, रोज 142 हादसे और 40 मौतें, जानलेवा दुर्घटनाओं में देश में तीसरे स्थान पर मध्य प्रदेश


    भोपाल । मध्य प्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है। लोकसभा में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत ताजा आंकड़ों ने राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में हर दिन औसतन 142 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और इनमें करीब 40 लोगों की मौत हो जाती है। सड़क हादसों की गंभीरता के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल है और जानलेवा दुर्घटनाओं के आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

    आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से 2024 के बीच सड़क हादसों और उनसे होने वाली मौतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि 2025 में कुल सड़क दुर्घटनाओं की संख्या घटकर 52 हजार 125 रह गई, जबकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 56 हजार 669 था। इसके बावजूद राहत नहीं मिली, क्योंकि सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हजार 842 पहुंच गई। यह दर्शाता है कि दुर्घटनाओं की संख्या कम होने के बावजूद उनकी गंभीरता और घातक प्रभाव बढ़ा है।

    देश के अन्य राज्यों से तुलना करें तो तमिलनाडु में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है। वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे ज्यादा लोगों की मौत हो रही है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 136 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन इनमें करीब 75 लोगों की जान चली जाती है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में हादसों की संख्या अधिक होने के बावजूद प्रतिदिन औसतन 40 लोगों की मौत दर्ज की गई है। यह स्थिति राज्य में सड़क सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता की ओर संकेत करती है।

    बढ़ती दुर्घटनाओं और मौतों को कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार 4E रणनीति पर काम कर रही हैं। इसका पहला हिस्सा एजुकेशन एंड अवेयरनेस है, जिसके तहत ड्राइविंग प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान तथा क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह और विभिन्न जनजागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित वाहन चलाने और यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू इंजीनियरिंग है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान कर उन्हें सुधारा जा रहा है। नए और पुराने राजमार्गों का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। साथ ही वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्रंट एयरबैग, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), ओवरस्पीड वार्निंग सिस्टम, रिवर्स पार्किंग सेंसर और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसी सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। वाहन सुरक्षा के लिए भारत एनकैप (Bharat NCAP) क्रैश टेस्ट रेटिंग भी लागू की गई है।

    तीसरे चरण इन्फोर्समेंट एंड टेक्नोलॉजी के तहत मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है। शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड रडार और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है तथा ई-चालान व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया गया है।

    चौथा महत्वपूर्ण हिस्सा इमरजेंसी केयर है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति के लिए मुआवजा 50 हजार रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये तक कर दिया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क हादसों को कम करने के लिए केवल सरकारी योजनाएं ही पर्याप्त नहीं हैं। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग न करना जैसी आदतों पर भी प्रभावी नियंत्रण जरूरी है। जब तक यातायात नियमों के प्रति लोगों में जागरूकता और जिम्मेदारी नहीं बढ़ेगी, तब तक सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों में अपेक्षित कमी लाना चुनौती बना रहेगा।

  • सड़क सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, मध्य प्रदेश में हादसे कम हुए लेकिन मौतें बढ़ीं, लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े

    सड़क सुरक्षा पर बड़ा अलर्ट, मध्य प्रदेश में हादसे कम हुए लेकिन मौतें बढ़ीं, लोकसभा में चौंकाने वाले आंकड़े


    भोपाल । मध्य प्रदेश की सड़कों पर तेज रफ्तार अब लगातार जानलेवा साबित हो रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लोकसभा में पेश ताजा आंकड़ों ने राज्य में सड़क सुरक्षा की चिंताजनक तस्वीर सामने रख दी है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में हर दिन औसतन 142 सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिनमें करीब 40 लोगों की जान चली जाती है। यही वजह है कि सड़क हादसों के मामले में मध्य प्रदेश देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल हो गया है और जानलेवा दुर्घटनाओं को लेकर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है।

    रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2021 से 2024 के बीच सड़क दुर्घटनाओं और मौतों दोनों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि वर्ष 2025 में कुल सड़क हादसों की संख्या घटकर 52 हजार 125 रह गई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 56 हजार 669 था। इसके बावजूद राहत की बात नहीं है, क्योंकि दुर्घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हजार 842 पहुंच गई। इसका सीधा मतलब है कि हादसों की संख्या भले कम हुई हो, लेकिन वे पहले से कहीं अधिक घातक साबित हो रहे हैं।

    देशव्यापी आंकड़ों पर नजर डालें तो सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में तमिलनाडु पहले स्थान पर है। वहीं उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों में सबसे अधिक लोगों की मौत हो रही है। उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 136 सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन इनमें करीब 75 लोगों की जान चली जाती है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश में प्रतिदिन होने वाले हादसों की संख्या उत्तर प्रदेश से अधिक है, लेकिन मौतों का औसत 40 प्रतिदिन दर्ज किया गया है। यह स्थिति राज्य में सड़क सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चुनौती को उजागर करती है।

    बढ़ते हादसों और मौतों को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने 4E रणनीति पर काम तेज किया है। इसके तहत पहला कदम एजुकेशन एंड अवेयरनेस है, जिसमें ड्राइविंग प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना, सड़क सुरक्षा अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं ताकि लोग यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग की आदत विकसित हो।

    दूसरा महत्वपूर्ण पहलू इंजीनियरिंग है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स को चिन्हित कर सुधार किया जा रहा है। नए और पुराने हाईवे का थर्ड पार्टी रोड सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य किया गया है। वहीं वाहनों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए फ्रंट एयरबैग, एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (ABS), ओवरस्पीड वार्निंग, रिवर्स पार्किंग सेंसर और सीट बेल्ट रिमाइंडर जैसी सुविधाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। साथ ही भारत एनकैप क्रैश टेस्ट रेटिंग व्यवस्था भी लागू की गई है।

    तीसरे चरण इन्फोर्समेंट एंड टेक्नोलॉजी के तहत मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के प्रावधानों को सख्ती से लागू किया जा रहा है। शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, स्पीड रडार और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन सिस्टम के जरिए निगरानी बढ़ाई गई है तथा ई-चालान व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है।

    चौथा और सबसे अहम हिस्सा इमरजेंसी केयर है। प्रधानमंत्री राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को गोल्डन आवर में अस्पताल पहुंचाकर कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। वहीं राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना के तहत दुर्घटना पीड़ित की मदद करने वाले व्यक्ति को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी गई है। इसके अलावा हिट एंड रन मामलों में गंभीर चोट पर मुआवजा 50 हजार रुपये और मृत्यु की स्थिति में 2 लाख रुपये तक बढ़ाया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं होगा। तेज रफ्तार, लापरवाही से वाहन चलाना, शराब पीकर ड्राइविंग और यातायात नियमों की अनदेखी पर प्रभावी नियंत्रण के साथ सड़क सुरक्षा के प्रति जनभागीदारी बढ़ाना भी जरूरी है। तभी मध्य प्रदेश समेत देशभर में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मौतों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

  • जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम

    जमोनिया रोड पर भीषण सड़क हादसा दो मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर में दो युवकों ने तोड़ा दम


    सीहोर । सीहोर जिले में रविवार रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। जमोनिया रोड स्थित ऋषभ वाटिका के सामने दो तेज रफ्तार मोटरसाइकिलों की आमने सामने हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और दोनों सवारों को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

    हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान शेरपुर निवासी 30 वर्षीय अकबर खान पुत्र बसारत खान और जमोनिया निवासी 20 वर्षीय रितेश पुत्र लक्ष्मीनारायण भिलाला के रूप में हुई है। दोनों युवक अपनी अपनी मोटरसाइकिल से विपरीत दिशा से आ रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों वाहन तेज गति में थे। अचानक आमने सामने आने के बाद दोनों चालक बाइक पर नियंत्रण नहीं रख सके और भीषण टक्कर हो गई। टक्कर का असर इतना जबरदस्त था कि दोनों युवकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।

    हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। मंडी थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को सुरक्षित करते हुए शवों को कब्जे में लिया। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं।

    मंडी थाना प्रभारी सुनील मेहर ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार थी या फिर किसी अन्य कारण से यह दुर्घटना हुई। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और दुर्घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। एक पल की लापरवाही और तेज रफ्तार ने दो युवाओं की जिंदगी खत्म कर दी। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह देते हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि तेज रफ्तार से बचें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं को रोका जा सके।

  • कानपुर में दर्दनाक हादसा कंटेनर ने ट्रैफिक सिपाहियों को कुचला एक की मौत ड्राइवर भी मरा

    कानपुर में दर्दनाक हादसा कंटेनर ने ट्रैफिक सिपाहियों को कुचला एक की मौत ड्राइवर भी मरा


    उत्तरप्रदेश। कानपुर में सोमवार तड़के बर्रा एलिवेटेड रोड पर एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। ड्यूटी पर तैनात दो ट्रैफिक सिपाही जब एक ट्रक को रोककर उसके दस्तावेजों की जांच कर रहे थे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक कंटेनर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर अफरा तफरी मच गई और कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए।

    जानकारी के अनुसार ट्रैफिक कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और राकेश कुमार नौबस्ता चौराहे पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान झारखंड नंबर का एक खाली ट्रक पनकी प्लांट की ओर जा रहा था। शक के आधार पर दोनों सिपाहियों ने ट्रक को रोका और चालक को नीचे उतारकर दस्तावेजों की जांच शुरू की। वे ट्रक के पीछे खड़े होकर पूछताछ कर ही रहे थे कि तभी पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर आया और ट्रक को जोरदार टक्कर मार दी।

    हादसे के बाद कंटेनर लगभग 50 मीटर तक वाहन को घसीटता हुआ ले गया। इस दौरान दोनों सिपाही और ट्रक चालक उसकी चपेट में आ गए। हादसे में कांस्टेबल जितेंद्र कुमार की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दूसरे सिपाही राकेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ट्रक चालक रितेश कुमार यादव की भी इस हादसे में मौत हो गई।

    जितेंद्र कुमार 2018 बैच के सिपाही थे और आगरा के रहने वाले थे। उनकी शादी 2020 में हुई थी और उनकी एक ढाई साल की बेटी भी है। इस घटना ने उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं घायल सिपाही राकेश कुमार का इलाज जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। हादसे के बाद एलिवेटेड रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा और लंबा जाम लग गया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसा तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है और कंटेनर चालक की पहचान तथा उसकी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया जारी है।

    यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की रफ्तार पर सवाल खड़े करती है। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

  • इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

    इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। राऊ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सड़क पार कर रहे एक युवक और बाइक चालक दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार हादसा सेज यूनिवर्सिटी के सामने हुआ। अलीराजपुर जिले के कदावली गांव निवासी 22 वर्षीय नरपत सिंह चौहान काम खत्म करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह सड़क पार कर रहे थे तभी राऊ की ओर से तेज गति से आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नरपत सिंह और बाइक चालक दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया लेकिन गंभीर चोटों के कारण रात के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    मृतक नरपत सिंह चौहान इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। उनके परिवार में माता पिता और तीन भाई हैं जो अलीराजपुर जिले के कदावली गांव में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनकी शादी इसी वर्ष हुई थी और वे परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए इंदौर में काम कर रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है।

    दूसरे मृतक की पहचान 22 वर्षीय आयान पुत्र इमरान खान के रूप में हुई है जो सोनवाय क्षेत्र का रहने वाला था। वह एक कपड़ों की दुकान पर काम करता था जबकि उसके पिता छोटा व्यवसाय करते हैं। पुलिस के अनुसार हादसे के समय आयान अपनी नानी से मिलने मुंडला क्षेत्र जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाइक की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    राऊ थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सड़क पर विशेष सावधानी बरतें क्योंकि तेज रफ्तार की छोटी सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।

  • कहीं ट्रक भिड़े कहीं पलटी गाड़ी ,MP में सड़क दुर्घटनाओं ने छीन ली कई जिंदगियां

    कहीं ट्रक भिड़े कहीं पलटी गाड़ी ,MP में सड़क दुर्घटनाओं ने छीन ली कई जिंदगियां


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश में मंगलवार का दिन सड़क हादसों के लिहाज से बेहद दर्दनाक साबित हुआ। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए पांच बड़े सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं तेज रफ्तार ट्रकों की टक्कर ने जान ले ली तो कहीं अनियंत्रित वाहन पलटने से लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हादसों के बाद कई स्थानों पर अफरा-तफरी और चीख पुकार का माहौल देखने को मिला।

    अनूपपुर जिले में नेशनल हाईवे 43 पर टोल प्लाजा के पास एक दर्दनाक हादसा हुआ। सड़क पार कर रहे एक व्यक्ति को तेज रफ्तार बाइक ने टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    वहीं शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे 52 पर उकावता चौकी के पास दो ट्रकों की जोरदार भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि पीछे से आ रहे ट्रक चालक को नींद की झपकी आ गई जिसके कारण ट्रक आगे चल रहे वाहन से टकरा गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को वाहन से बाहर निकाला और घायल को अस्पताल पहुंचाया।

    नरसिंहपुर जिले में तेंदूखेड़ा के पास एक स्कॉर्पियो वाहन गाय को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गया। वाहन में सवार छह लोग घायल हो गए जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायल रीवा जिले के निवासी हैं जो इंदौर से अपनी बहन का इलाज कराकर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन तीन बार पलटा जिसके कारण उसका अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    पन्ना जिले के शाहनगर थाना क्षेत्र में कचौरी मोड़ के पास एक और भीषण हादसा सामने आया। कटनी से पन्ना जा रहा तेज रफ्तार ट्रक नियंत्रण खो बैठा और सड़क से उतरकर खेतों में घुस गया। लगभग सौ मीटर तक घिसटने के बाद ट्रक एक जामुन के पेड़ से जा टकराया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रक का केबिन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में ट्रक के परिचालक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों को वाहन से बाहर निकाला।

    इधर सीहोर जिले में जताखेड़ा के पास चावल से भरा एक ट्रक पलट गया। ट्रक पलटने के बाद उसमें आग लग गई और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए गए। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

    लगातार हो रहे सड़क हादसे एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही और थकान जैसी वजहें अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती हैं। पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

  • हाई-स्पीड का खौफनाक अंत: BMW के परखच्चे उड़े, दो दोस्तों की मौके पर मौत

    हाई-स्पीड का खौफनाक अंत: BMW के परखच्चे उड़े, दो दोस्तों की मौके पर मौत


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रविवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। जन्मदिन का जश्न मनाकर लौट रहे तीन दोस्तों की तेज रफ्तार BMW कार मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसा इतना भीषण था कि लग्जरी कार के परखच्चे उड़ गए, इंजन वाहन से अलग होकर करीब 30 मीटर दूर जा गिरा और दो युवाओं की मौके पर ही मौत हो गई। तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार यह हादसा बदलापुर के पास निर्माणाधीन मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि तीनों युवक-युवती जन्मदिन की पार्टी मनाने के बाद BMW कार से वापस लौट रहे थे। कार टिटवाला से बदलापुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान एरंजाड क्षेत्र के पास चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और तेज रफ्तार कार सीधे डिवाइडर से टकरा गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार कार की रफ्तार 250 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन कई बार पलटा और करीब 200 मीटर तक घिसटता और उछलता चला गया। इसके बाद क्षतिग्रस्त कार डिवाइडर के दूसरी ओर जाकर रुकी। दुर्घटना की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का इंजन मुख्य ढांचे से अलग होकर काफी दूर जा गिरा।

    हादसे में बदलापुर निवासी 26 वर्षीय योगेश नेगी और बांद्रा निवासी 24 वर्षीय रेबेका जैकब की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं कार चला रहा युवक अंगद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि सड़क पर दूर-दूर तक वाहन के पुर्जे और अन्य मलबा बिखर गया। पुलिस और राहत दल को मौके पर पहुंचकर लंबे समय तक बचाव और साक्ष्य जुटाने का काम करना पड़ा। दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे के इस हिस्से पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।

    पुलिस को घटनास्थल से करीब नौ हजार रुपए का एक बिल भी मिला है, जिसे जन्मदिन समारोह से जुड़ा माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि दुर्घटना के समय चालक वाहन को किस परिस्थिति में चला रहा था। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो भी पुलिस के जांच के दायरे में है, जिसमें कथित रूप से BMW को अत्यधिक तेज गति से दौड़ते हुए देखा जा सकता है।

    पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि तेज रफ्तार के कारण चालक अचानक सामने आए किसी अवरोधक या डिवाइडर से बचने की कोशिश में नियंत्रण खो बैठा होगा, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों को उजागर करता है। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि आधुनिक और शक्तिशाली वाहनों की क्षमता चाहे जितनी हो, सार्वजनिक सड़कों पर निर्धारित गति सीमा का पालन ही सुरक्षित यात्रा की सबसे बड़ी गारंटी है। कुछ सेकंड का रोमांच कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दो युवक गंभीर

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दो युवक गंभीर


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर अटलपुर गांव के समीप तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई। मोहनपुर निवासी 60 वर्षीय ओंकार सिंह पटेलिया सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक बाइक अनियंत्रित होकर उनसे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बाइक पर सवार दोनों युवक भी सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल ओंकार सिंह पटेलिया को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    दुर्घटना में घायल बाइक सवार दोनों युवकों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुना रेफर किया गया है। समाचार लिखे जाने तक दोनों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी शिनाख्त करने और परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

    घटना के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बाइक की गति कितनी थी तथा हादसे के पीछे लापरवाही या अन्य कोई कारण तो नहीं था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को रेखांकित करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

  • जैक खिसका और खत्म हो गई जिंदगी: वेयरहाउस के पास ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत

    जैक खिसका और खत्म हो गई जिंदगी: वेयरहाउस के पास ट्रक ड्राइवर की दर्दनाक मौत


    मध्यप्रदेश। शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत सिरसौद गांव के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें एक ट्रक चालक की जान चली गई। यह हादसा उस समय हुआ जब सरकारी गेहूं से लदा ट्रक वेयरहाउस के पास पहुंचा हुआ था और उसी दौरान वाहन के टायर में तकनीकी खराबी आ गई।

    जानकारी के अनुसार, ट्रक चालक सुरेंद्र पाल, जो गजऊआ गांव (थाना बैराड़) का निवासी था, टायर बदलने का कार्य कर रहा था। इसी दौरान उसने ट्रक को जैक के सहारे खड़ा कर टायर में हवा भरने की कोशिश की, लेकिन अचानक जैक खिसक गया। इसी लापरवाही और असंतुलन के चलते भारी-भरकम ट्रक आगे की ओर सरक गया और चालक सीधे उसके नीचे दब गया।

    ट्रक स्टाफ के सदस्य भगवान सिंह पाल ने बताया कि टायर बदलने के दौरान सुरक्षा के लिए कोई अतिरिक्त सपोर्ट या ओट नहीं लगाई गई थी, जिसके कारण वाहन असंतुलित होकर आगे बढ़ गया और यह बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायल चालक को बाहर निकालने की कोशिश की।

    गंभीर रूप से घायल सुरेंद्र पाल को आनन-फानन में एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। बताया गया कि शिवपुरी शहर पहुंचने से पहले ही चालक ने रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    घटना की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और यह पता लगाया जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर भारी वाहनों के रखरखाव और सुरक्षा उपायों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।