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  • इंदौर में दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत, महिला ड्राइवर अस्पताल से फरार

    इंदौर में दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत, महिला ड्राइवर अस्पताल से फरार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हीरानगर क्षेत्र में 12 साल के बच्चे की ई-रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान करण डामोर के रूप में हुई है। वह अपने घर के पास स्थित ग्लोवर गार्डन में खेलने के लिए जा रहा था। इसी दौरान सड़क पार करते समय एक ई-रिक्शा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा दोपहर करीब 4 बजे हुआ।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाकर एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में मौत की सूचना मिलते ही ई-रिक्शा चला रही महिला वहां से फरार हो गई।

    पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा (MP09-AT5741) को एक महिला चला रही थी, जिसकी तलाश की जा रही है। मामले की जांच हीरानगर थाना क्षेत्र पुलिस कर रही है। परिजनों ने बताया कि करण मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला था और उसका परिवार मजदूरी करता है। उसके परिवार में एक छोटा भाई भी है।

    हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने वाहन जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    इसी बीच शहर में एक और दुखद घटना सामने आई है। इंदौर के तेजाजी नगर इलाके में स्थित एक यूनिवर्सिटी हॉस्टल में इंजीनियरिंग के छात्र ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में पुलिस को डिप्रेशन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और संबंधित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।

  • इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

    इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 210 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पिछले तीन महीनों में बार-बार गंभीर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें रेड सिग्नल जंप करना, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जैसे खतरनाक व्यवहार शामिल हैं, जो सड़क पर अन्य लोगों की जान को जोखिम में डालते हैं।
    राजेश त्रिपाठी (डीसीपी ट्रैफिक) ने बताया कि ऐसे चालकों की पहचान वाहन नंबर और रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है। इनकी सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है, जहां से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस का कहना है कि यह कदम सड़क हादसों को कम करने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लगातार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। 
    ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि खुद की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों की अनदेखी न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
  • सरगुजा सड़क हादसा: अंबिकापुर की ओर जा रही कार पर ट्रक ने मारी टक्कर, परिवार को भारी नुकसान

    सरगुजा सड़क हादसा: अंबिकापुर की ओर जा रही कार पर ट्रक ने मारी टक्कर, परिवार को भारी नुकसान

    सरगुजा । सरगुजा जिला छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का सिलसिला जारी है सोमवार सुबह गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक भयानक दुर्घटना में ट्रक और कार की भिड़ंत हुई जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और एक व्यक्ति घायल हो गया पुलिस सूत्रों के अनुसार यह हादसा ग्राम सकालो के पास जंगल वाले इलाके में हुआ था

    दुर्घटना के समय कार अंबिकापुर की ओर जा रही थी और ट्रक प्रतापपुर से अंबिकापुर की दिशा में आ रहा था सुबह लगभग छह बजे यह हादसा घटा मृतकों में दो लोग पिता-पुत्र थे जिनमें कईला राम (52), उनकी पत्नी मानमति (50) और पुत्र राहुल टोप्पो (25) शामिल हैं सभी मृतक ग्राम दुप्पी चौरा रजापुर जिला सरगुजा के निवासी थे

    घायल कार चालक सोनू केरकेट्टा भी इसी गांव के निवासी हैं उनका इलाज अस्पताल में जारी है पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारण कार पर ट्रक ने सीधी टक्कर मारी जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी और तीनों लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गयी

    स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं उन्होंने घायल की प्राथमिक उपचार व्यवस्था कर अस्पताल भेजा और मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दी पुलिस अब दुर्घटना की जांच कर रही है और ट्रक चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं

    सरगुजा जिले में यह सड़क हादसा सड़क सुरक्षा की अनदेखी और तेज रफ्तार वाहनों के कारण होने वाले खतरों की याद दिलाता है प्रशासन ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने की अपील की है और दुर्घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए जा रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और जनता को सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा सके

  • सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान

    सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान


    शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।

    जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल

    डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल


    नर्मदापुरम । बैतूल-नागपुर फोरलेन पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में नर्मदापुरम के 38 वर्षीय बिजली कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटा घायल हो गए। हादसा ग्राम झिटापाटी जोड़ के पास सुबह करीब 10.30 बजे हुआ जब तेज रफ्तार कंटेनर ढलान पर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पलटा और सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।

    पुलिस के मुताबिक नर्मदापुरम निवासी विकास झरबड़े अपनी पत्नी मीनाक्षी 34 और बेटे दिवांश 7 के साथ बाइक से मोहरखेड़ा गांव जा रहे थे। परिवार वहां एक रिश्तेदार के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। इसी दौरान चेन्नई से आठ कार लेकर कोटा जा रहा एक कंटेनर झिटापाटी जोड़ के पास घाट क्षेत्र में अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि कंटेनर चालक डीजल बचाने के उद्देश्य से वाहन को न्यूट्रल में डालकर ढलान में उतार रहा था। ढलान पर अचानक वाहन की रफ्तार तेज हो गई और चालक कंटेनर पर से नियंत्रण खो बैठा।

    तेज रफ्तार कंटेनर करीब दस डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया और पलट गया। इसी समय सामने से आ रही विकास झरबड़े की बाइक कंटेनर की चपेट में आ गई। भारी कंटेनर के नीचे दबकर बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई और विकास झरबड़े की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी मीनाक्षी और बेटा दिवांश गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। कंटेनर के टैंक से डीजल रिसने लगा था जिससे आग लगने का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा के इंतजाम करते हुए क्रेन की मदद से पलटे कंटेनर को हटाया गया। इस दौरान करीब दो घंटे तक फोरलेन पर यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    थाना प्रभारी अंजना धुर्वे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर चालक घाट क्षेत्र में वाहन को न्यूट्रल में डालकर उतार रहा था जिससे ढलान में वाहन की गति अचानक बढ़ गई और चालक नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है वहीं मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

  • बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल

    बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल


    बैतूल । बैतूल नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कंटेनर डिवाइडर तोड़कर दूसरी तरफ की लेन में घुस गया और सामने से आ रहे बाइक सवार परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी और छह वर्षीय मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना रविवार को हाईवे पर स्थित झिटापाटी जोड़ के समीप घटित हुई। मूलत नर्मदापुरम के रहने वाले विकास राव 36 वर्ष अपनी पत्नी और छह साल के बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहरखेड़ा गांव की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि विकास अपने एक परिचित के घर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि देखने वालों की रूह कांप गई। नागपुर की ओर जा रहा एक भारी भरकम कंटेनर अचानक अपना संतुलन खो बैठा। रफ्तार इतनी तेज थी कि कंटेनर डिवाइडर से टकराने के बाद उसे लांघकर विपरीत दिशा रॉन्ग साइड वाली लेन में चला गया। इसी दौरान सामने से आ रहे विकास राव की मोटरसाइकिल सीधे कंटेनर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने विकास राव को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी और मासूम बेटे का उपचार जारी है जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आरोपी कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रविवार की छुट्टी के दिन हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

  • दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित

    दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में सड़क हादसों ने 2025 में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जनवरी 2026 के न्यूजलेटर के अनुसार बीते साल 649 लोगों की मौत हुई और 1 738 लोग घायल हुए। इनमें पैदल यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि निजी कारों की चपेट में आने से 92 दोपहिया वाहनों से 75 और भारी वाहनों से 43 पैदल यात्रियों की मौत हुई।

    तेज रफ्तार लापरवाही यातायात नियमों का उल्लंघन और सुरक्षित पारपथों की कमी हादसों के मुख्य कारण हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 13 जनवरी को दोपहिया वाहनों की जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में 70 पुलिस कर्मियों और 200 से अधिक लोग शामिल हुए। रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा नियमों और हेलमेट के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाना था। अधिकारियों ने जोर दिया कि आईएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

    सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई। दिसंबर 2025 में गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 42 945 चालान किए गए जो पिछले साल के 8 854 मामलों से कई गुना अधिक है। इनमें दोपहिया वाहन चालक सबसे आगे थे जिनके खिलाफ 30 224 चालान किए गए। जनवरी 2026 में पहली बार भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत 173 FIR दर्ज की गईं। इस धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की कैद या 1 000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन ज़ब्त किया जा सकता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजह है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ा चुनौती बन चुका है।
    यह आंकड़े और उपाय दर्शाते हैं कि दिल्ली में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए केवल कानून नहीं बल्कि जागरूकता और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतना ही जरूरी है

  • अंबाह में 12वीं के छात्र-छात्रा एक्सीडेंट का शिकार, गणित का अंतिम पेपर नहीं दे पाए

    अंबाह में 12वीं के छात्र-छात्रा एक्सीडेंट का शिकार, गणित का अंतिम पेपर नहीं दे पाए


    अंबाह में मंगलवार सुबह 8:45 बजे एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई जिसमें दो 12वीं के छात्र-छात्रा परीक्षा देने के लिए निकलते समय घायल हो गए। गणित विषय की अंतिम बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे 17 वर्षीय दिव्या पुत्री कमल सिंह गहलोत और 18 वर्षीय नितिन श्रीवास पुत्र रामसुंदर श्रीवास। दोनों अपने घर से साधुपुरा स्थित संदीपनी स्कूल की ओर जा रहे थे।

    सूत्रों के अनुसार, दोनों छात्र परीक्षा में देर होने के कारण अपनी बाइक तेज रफ्तार से चला रहे थे। तोरगांव मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अंबाह सिविल अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को घटना की सूचना दी।

    दुर्घटना में दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस कारण वे अपनी 12वीं की अंतिम बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए।

    परीक्षकों और स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और छात्रों के स्वास्थ्य लाभ के लिए परिवार के संपर्क में हैं। यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों की याद दिलाती है।

  • हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल

    हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल


    होशंगाबाद जिले के पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस रविवार 22 फरवरी सुबह करीब दस बजे रेनीखेड़ा गांव के पास पलट गई और हादसे में पंद्रह यात्री घायल हो गए। बस के अनियंत्रित होकर पलटने की जानकारी मिलने पर माहुलझिर थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल तामिया अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार बस पिपरिया से छिंदवाड़ा की ओर आ रही थी और रेनीखेड़ा के पास अचानक चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इसके बावजूद पंद्रह यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें से दस से ग्यारह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पिपरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी अन्य मामूली घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    बस चालक अमर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर है और उनकी निगरानी जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य किया। साथ ही पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पलटी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि बस पलटते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ आए और घायलों की मदद की। कई लोग घायल यात्रियों को तामिया अस्पताल तक पहुंचाने में शामिल हुए। हादसे में गनीमत यह रही कि बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकता था।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि पिपरिया-छिंदवाड़ा मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज गति से बचें। स्थानीय प्रशासन भी हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है।

    बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। तेज गति और चालक की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों और आम जनता से अपील की गई है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनियंत्रित वाहन से बचने के लिए सतर्क रहें।

  • भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    भोपालभोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक विनय सिंह और उनके साथी को टक्कर मार दी। हादसे में संघ प्रचारक विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी को गंभीर चोटें आई हैं। चार पहिया वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    हादसे का विवरण
    विनय सिंह 55 वर्षीय थे और ग्राम मेघराकलां, बैरसिया के रहने वाले थे। वह खेती-किसानी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय प्रचारक का काम भी कर रहे थे। गुरुवार दोपहर वह अपने मित्र के साथ बाइक पर गोलखेड़ी से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

    पुलिस कार्रवाई
    ईंटखेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और CCTV कैमरों के माध्यम से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में सघन जांच की जा रही है।

    स्थानीय और संघ प्रतिक्रिया
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विनय सिंह समाज सेवा और प्रचार के कार्य में हमेशा सक्रिय रहे और उनका योगदान याद किया जाएगा।

    यह घटना राजधानी में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर चिंता बढ़ा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी ने आरोपी वाहन को देखा हो या उसकी जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें।