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  • कलबुर्गी में बड़ा सड़क हादसा, कार-लॉरी भिड़ंत में पांच लोगों की दर्दनाक मौत से मचा कोहराम

    कलबुर्गी में बड़ा सड़क हादसा, कार-लॉरी भिड़ंत में पांच लोगों की दर्दनाक मौत से मचा कोहराम

    नई दिल्ली । Karnataka के Kalaburagi district में शुक्रवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को शोक और सदमे में डाल दिया है। यह दर्दनाक दुर्घटना लाडजापुर क्षेत्र के पास हुई, जहां एक तेज रफ्तार कार और लॉरी के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद अचानक हुआ और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बताया जा रहा है कि कार अत्यधिक तेज गति से चल रही थी और सामने से आ रही भारी वाहन लॉरी से सीधी टक्कर हो गई। टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। जब तक लोग मदद के लिए पहुंचे, तब तक कार में सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे और उनकी सांसें थम चुकी थीं।

    घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और आपातकालीन राहत दल तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों को वाहन से बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। दुर्घटनास्थल पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और यातायात भी बाधित हो गया। पुलिस टीम ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात को फिर से सामान्य कराया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ए. श्रीनिवासुलु ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच टीम को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और ड्राइविंग के दौरान हुई लापरवाही हो सकती है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और वास्तविक कारणों का पता जल्द लगाया जाएगा।

    Ladjapur area के आसपास के स्थानीय लोगों के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक अनुभव साबित हुआ है। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और लोग मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की गति नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी उठाई है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    पुलिस फिलहाल मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी कर रही है और उनके परिजनों को सूचना देने का कार्य जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या दुर्घटना में किसी तकनीकी खराबी या सड़क की स्थिति की भी कोई भूमिका थी या नहीं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    यह हादसा एक बार फिर इस बात की चेतावनी देता है कि सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी कई जिंदगियों को हमेशा के लिए खत्म कर सकती है।

  • एमपी में सड़क सुरक्षा पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने 48 घंटे में गड्ढे भरने के दिए निर्देश

    एमपी में सड़क सुरक्षा पर सख्ती, सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने 48 घंटे में गड्ढे भरने के दिए निर्देश




    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश सहित देशभर में सड़क सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रोड सेफ्टी कमेटी ने कड़े निर्देश जारी किए हैं। कमेटी ने कहा है कि सड़कों पर बने गड्ढों, खुले नालों और जलभराव वाले खतरनाक स्थानों को गंभीरता से लिया जाए और ऐसी जगहों पर तत्काल सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    निर्देशों के अनुसार, किसी भी गड्ढे या सड़क खामी की सूचना मिलने के बाद 48 घंटे के भीतर उसकी मरम्मत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही खुले मैनहोल, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टिव टेप और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करनी होगी, ताकि रात के समय दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

    कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के अनुसार ही किए जाएं। लापरवाही बरतने वाले राज्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। साथ ही सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से दो महीने के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

    निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जिला सड़क सुरक्षा समितियां नियमित ऑडिट करें और पिछले पांच वर्षों में गड्ढों और खराब सड़कों के कारण हुए हादसों का पूरा डेटा तैयार करें। इसमें मौतों और घायलों की जानकारी भी शामिल करने को कहा गया है।

    सुप्रीम कोर्ट कमेटी ने अपने पत्र में कहा है कि खराब सड़कें, बिना रोशनी वाले जलभराव क्षेत्र और खुले नाले लगातार जानलेवा हादसों का कारण बन रहे हैं, जिन्हें तुरंत सुधारा जाना जरूरी है। इससे पहले भी वर्ष 2018 में सड़क सुरक्षा सुधार को लेकर इसी तरह के निर्देश जारी किए गए थे।

  • नोएडा एक्सप्रेसवे हादसा: कार की टक्कर से चार घायल, यूट्यूबर मृदुल तिवारी ने पहुंचाया अस्पताल

    नोएडा एक्सप्रेसवे हादसा: कार की टक्कर से चार घायल, यूट्यूबर मृदुल तिवारी ने पहुंचाया अस्पताल

    नई दिल्ली ।  नोएडा में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया जब एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे एक ही परिवार के चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना सेक्टर-148 के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुई, जहां तेज गति से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार ने अचानक नियंत्रण खोते हुए राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।

    घटना के समय वहां से गुजर रहे यूट्यूबर मृदुल तिवारी ने बिना देर किए अपनी गाड़ी रोकी और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घायलों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने चारों घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। समय पर मिली इस मदद की वजह से घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सकी, जिससे उनकी हालत बिगड़ने से बच गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मृदुल तिवारी की त्वरित और मानवीय प्रतिक्रिया की व्यापक सराहना हो रही है।

    हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वाहन तेज गति से चलाया जा रहा था, जिसके कारण चालक नियंत्रण नहीं रख सका और यह दुर्घटना हो गई।

    घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि उन्हें हल्की चोटें आई हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति गंभीर नहीं बनी।

    इस घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, क्योंकि दुर्घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई थी और राहत कार्यों में समय लगा। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए ट्रैफिक को सामान्य कर दिया।

    यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खतरों को सामने लाता है। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं इस घटना में मृदुल तिवारी की त्वरित मानवीय मदद ने यह भी दिखाया कि सही समय पर की गई छोटी कोशिश किसी की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

  • पेट्रोल पंप अग्निकांड से हड़कंप, 13 वाहन जले और भारी नुकसान का अनुमान

    पेट्रोल पंप अग्निकांड से हड़कंप, 13 वाहन जले और भारी नुकसान का अनुमान


    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के पचोर में हुए पेट्रोल पंप आग हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। सोमवार रात भारत पेट्रोल पंप पर अचानक भड़की आग में 13 लोग झुलस गए, जबकि 12 मोटरसाइकिल और एक डीजल टैंकर जलकर खाक हो गया।
    अब इस दर्दनाक हादसे का एक नया वीडियो सामने आया है, जो लोगों को झकझोर रहा है। वीडियो में आग में झुलसा एक युवक अस्पताल ले जाए जाने के बजाय अपने पैसों की चिंता करता नजर आता है। यह दृश्य हादसे की भयावहता और उसकी मानसिक स्थिति दोनों को उजागर करता है।
    वीडियो में युवक सड़क किनारे पानी से भरी सीमेंट की टंकी के पास बैठा दिखाई देता है। उसके शरीर पर गंभीर जलन के निशान हैं और कपड़े जलकर त्वचा से चिपक चुके हैं। आसपास मौजूद लोग उसे पानी डालकर राहत देने की कोशिश करते हैं।
    इसी दौरान एंबुलेंस मौके पर पहुंचती है और लोग उसे तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह देते हैं, लेकिन युवक कहता है “मेरे पास पैसे रखे हैं।” इस पर वहां मौजूद लोग उसे समझाते हैं कि पहले इलाज जरूरी है, पैसे बाद में देख लिए जाएंगे।
    जानकारी के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब पेट्रोल पंप पर डीजल टैंकर से ईंधन खाली किया जा रहा था। इसी दौरान एक बाइक में अचानक स्पार्क हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई। कुछ ही सेकंड में पूरा परिसर आग की चपेट में आ गया।
    बताया जा रहा है कि पंप पर कैन में भी ईंधन दिया जा रहा था, जिससे आग और तेजी से फैल गई। तेज लपटों के कारण वहां मौजूद लोगों को संभलने या वाहन हटाने का मौका तक नहीं मिला। इस भयावह हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं।
  • रायसेन में बड़ा हादसा: बाइक सवार को बचाने में टैंकर पुलिया पर लटका

    रायसेन में बड़ा हादसा: बाइक सवार को बचाने में टैंकर पुलिया पर लटका


    नई दिल्ली। सलामतपुर क्षेत्र में भोपाल-विदिशा नेशनल हाईवे 146 पर शुक्रवार रात एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। आमखेड़ा और काछी कानाखेड़ा गांव के बीच एक ऑयल टैंकर अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया की रेलिंग पर अटक गया और आधा वाहन हवा में लटक गया। यह घटना उस समय हुई जब टैंकर चालक ने सामने से आ रही बाइक को बचाने के प्रयास में अचानक वाहन मोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार, टैंकर (एमपी04 एचई 7333) विदिशा की ओर जा रहा था, तभी अचानक सामने से बाइक सवार आ गया। उसे बचाने के प्रयास में चालक ने तेजी से स्टेयरिंग घुमा दिया, जिससे टैंकर नियंत्रण खो बैठा और पुलिया की रेलिंग पर जाकर फंस गया। गनीमत रही कि टैंकर पूरी तरह नीचे नहीं गिरा, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

    इस टक्कर में बाइक को भी नुकसान पहुंचा, जिसका अगला पहिया टूट गया। हालांकि बाइक सवार को गंभीर चोट नहीं आई और वह सुरक्षित बच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना इतनी अचानक हुई कि कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग घबरा गए।

    घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद क्रेन की मदद से टैंकर को सुरक्षित रूप से हटाया गया और हाईवे पर यातायात को फिर से बहाल किया गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि टैंकर पूरी तरह पुलिया से नीचे गिर जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि नीचे काफी गहराई है और वाहन में भारी मात्रा में तेल भी भरा हुआ था।

  • इंदौर में दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत, महिला ड्राइवर अस्पताल से फरार

    इंदौर में दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत, महिला ड्राइवर अस्पताल से फरार


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हीरानगर क्षेत्र में 12 साल के बच्चे की ई-रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान करण डामोर के रूप में हुई है। वह अपने घर के पास स्थित ग्लोवर गार्डन में खेलने के लिए जा रहा था। इसी दौरान सड़क पार करते समय एक ई-रिक्शा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा दोपहर करीब 4 बजे हुआ।

    स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाकर एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में मौत की सूचना मिलते ही ई-रिक्शा चला रही महिला वहां से फरार हो गई।

    पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा (MP09-AT5741) को एक महिला चला रही थी, जिसकी तलाश की जा रही है। मामले की जांच हीरानगर थाना क्षेत्र पुलिस कर रही है। परिजनों ने बताया कि करण मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला था और उसका परिवार मजदूरी करता है। उसके परिवार में एक छोटा भाई भी है।

    हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने वाहन जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

    इसी बीच शहर में एक और दुखद घटना सामने आई है। इंदौर के तेजाजी नगर इलाके में स्थित एक यूनिवर्सिटी हॉस्टल में इंजीनियरिंग के छात्र ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में पुलिस को डिप्रेशन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और संबंधित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।

  • इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

    इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 210 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पिछले तीन महीनों में बार-बार गंभीर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें रेड सिग्नल जंप करना, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जैसे खतरनाक व्यवहार शामिल हैं, जो सड़क पर अन्य लोगों की जान को जोखिम में डालते हैं।
    राजेश त्रिपाठी (डीसीपी ट्रैफिक) ने बताया कि ऐसे चालकों की पहचान वाहन नंबर और रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है। इनकी सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है, जहां से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
    पुलिस का कहना है कि यह कदम सड़क हादसों को कम करने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लगातार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। 
    ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि खुद की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों की अनदेखी न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
  • सरगुजा सड़क हादसा: अंबिकापुर की ओर जा रही कार पर ट्रक ने मारी टक्कर, परिवार को भारी नुकसान

    सरगुजा सड़क हादसा: अंबिकापुर की ओर जा रही कार पर ट्रक ने मारी टक्कर, परिवार को भारी नुकसान

    सरगुजा । सरगुजा जिला छत्तीसगढ़ में सड़क हादसों का सिलसिला जारी है सोमवार सुबह गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक भयानक दुर्घटना में ट्रक और कार की भिड़ंत हुई जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और एक व्यक्ति घायल हो गया पुलिस सूत्रों के अनुसार यह हादसा ग्राम सकालो के पास जंगल वाले इलाके में हुआ था

    दुर्घटना के समय कार अंबिकापुर की ओर जा रही थी और ट्रक प्रतापपुर से अंबिकापुर की दिशा में आ रहा था सुबह लगभग छह बजे यह हादसा घटा मृतकों में दो लोग पिता-पुत्र थे जिनमें कईला राम (52), उनकी पत्नी मानमति (50) और पुत्र राहुल टोप्पो (25) शामिल हैं सभी मृतक ग्राम दुप्पी चौरा रजापुर जिला सरगुजा के निवासी थे

    घायल कार चालक सोनू केरकेट्टा भी इसी गांव के निवासी हैं उनका इलाज अस्पताल में जारी है पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के कारण कार पर ट्रक ने सीधी टक्कर मारी जिससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयी और तीनों लोगों की घटनास्थल पर मौत हो गयी

    स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गए हैं उन्होंने घायल की प्राथमिक उपचार व्यवस्था कर अस्पताल भेजा और मृतकों के परिजनों को घटना की जानकारी दी पुलिस अब दुर्घटना की जांच कर रही है और ट्रक चालक की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं

    सरगुजा जिले में यह सड़क हादसा सड़क सुरक्षा की अनदेखी और तेज रफ्तार वाहनों के कारण होने वाले खतरों की याद दिलाता है प्रशासन ने लोगों से वाहन सावधानीपूर्वक चलाने की अपील की है और दुर्घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है स्थानीय प्रशासन का कहना है कि सड़क पर सुरक्षा उपाय बढ़ाए जा रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके और जनता को सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा सके

  • सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान

    सुसनेर से कुरावर जा रही बस बनी हादसे का शिकार तेज रफ्तार ने ली एक जान


    शाजापुर । मध्यप्रदेश में लगातार बढ़ते सड़क हादसे एक बार फिर चिंता का विषय बनते जा रहे हैं और ताजा मामला आगर मालवा जिले से सामने आया है जहां तेज रफ्तार का कहर एक और जान ले गया। सुसनेर से कुरावर जा रही एक निजी यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे मौके पर अफरा तफरी और चीख पुकार मच गई। इस दर्दनाक हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार यह बस सुसनेर से कुरावर की ओर जा रही थी तभी बड़ागांव के पास चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा और वाहन सड़क किनारे पलट गया। बस के पलटते ही यात्रियों में चीख पुकार मच गई और कई लोग अंदर ही फंस गए। आसपास के ग्रामीणों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया और स्थानीय लोगों की मदद से बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।

    घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को नलखेड़ा के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस उसकी शिनाख्त करने में जुटी हुई है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लेकर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है हालांकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

    इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश में लगातार हो रहे ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि यातायात नियमों का पालन और वाहनों की नियमित जांच बेहद जरूरी है। खासकर निजी बसों में ओवरस्पीडिंग और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं आम होती जा रही हैं जो यात्रियों की जान के लिए खतरा बन रही हैं।

    जरूरत इस बात की है कि प्रशासन सख्ती दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे और लोगों में भी सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए ताकि इस तरह के दर्दनाक हादसों को रोका जा सके। फिलहाल इस दुर्घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है और लोग घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल

    डीजल बचाने के चक्कर में बेकाबू हुआ कंटेनर, डिवाइडर तोड़ बाइक पर पलटा; बिजली कर्मचारी की मौत, पत्नी-बेटा घायल


    नर्मदापुरम । बैतूल-नागपुर फोरलेन पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में नर्मदापुरम के 38 वर्षीय बिजली कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी और सात वर्षीय बेटा घायल हो गए। हादसा ग्राम झिटापाटी जोड़ के पास सुबह करीब 10.30 बजे हुआ जब तेज रफ्तार कंटेनर ढलान पर बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में जा पलटा और सामने से आ रही बाइक को अपनी चपेट में ले लिया।

    पुलिस के मुताबिक नर्मदापुरम निवासी विकास झरबड़े अपनी पत्नी मीनाक्षी 34 और बेटे दिवांश 7 के साथ बाइक से मोहरखेड़ा गांव जा रहे थे। परिवार वहां एक रिश्तेदार के तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकला था। इसी दौरान चेन्नई से आठ कार लेकर कोटा जा रहा एक कंटेनर झिटापाटी जोड़ के पास घाट क्षेत्र में अनियंत्रित हो गया। बताया जा रहा है कि कंटेनर चालक डीजल बचाने के उद्देश्य से वाहन को न्यूट्रल में डालकर ढलान में उतार रहा था। ढलान पर अचानक वाहन की रफ्तार तेज हो गई और चालक कंटेनर पर से नियंत्रण खो बैठा।

    तेज रफ्तार कंटेनर करीब दस डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया और पलट गया। इसी समय सामने से आ रही विकास झरबड़े की बाइक कंटेनर की चपेट में आ गई। भारी कंटेनर के नीचे दबकर बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई और विकास झरबड़े की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उनकी पत्नी मीनाक्षी और बेटा दिवांश गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें तत्काल स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। कंटेनर के टैंक से डीजल रिसने लगा था जिससे आग लगने का खतरा पैदा हो गया था। स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। सुरक्षा के इंतजाम करते हुए क्रेन की मदद से पलटे कंटेनर को हटाया गया। इस दौरान करीब दो घंटे तक फोरलेन पर यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतार लग गई।

    थाना प्रभारी अंजना धुर्वे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कंटेनर चालक घाट क्षेत्र में वाहन को न्यूट्रल में डालकर उतार रहा था जिससे ढलान में वाहन की गति अचानक बढ़ गई और चालक नियंत्रण खो बैठा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है वहीं मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।