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  • बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल

    बैतूल नागपुर हाईवे पर काल बना तेज रफ्तार कंटेनर: डिवाइडर फांदकर बाइक सवार परिवार को रौंदा, युवक की मौत, पत्नी बच्चा घायल


    बैतूल । बैतूल नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रविवार को एक भीषण सड़क हादसे ने एक हंसते खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कंटेनर डिवाइडर तोड़कर दूसरी तरफ की लेन में घुस गया और सामने से आ रहे बाइक सवार परिवार को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक दुर्घटना में बाइक चालक युवक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी पत्नी और छह वर्षीय मासूम बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार यह हृदयविदारक घटना रविवार को हाईवे पर स्थित झिटापाटी जोड़ के समीप घटित हुई। मूलत नर्मदापुरम के रहने वाले विकास राव 36 वर्ष अपनी पत्नी और छह साल के बेटे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर मोहरखेड़ा गांव की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि विकास अपने एक परिचित के घर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निकले थे लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसा इतना भीषण था कि देखने वालों की रूह कांप गई। नागपुर की ओर जा रहा एक भारी भरकम कंटेनर अचानक अपना संतुलन खो बैठा। रफ्तार इतनी तेज थी कि कंटेनर डिवाइडर से टकराने के बाद उसे लांघकर विपरीत दिशा रॉन्ग साइड वाली लेन में चला गया। इसी दौरान सामने से आ रहे विकास राव की मोटरसाइकिल सीधे कंटेनर की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। एम्बुलेंस की मदद से तीनों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने विकास राव को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी और मासूम बेटे का उपचार जारी है जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आरोपी कंटेनर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन को जब्त कर लिया गया है।

    इस घटना ने एक बार फिर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की लापरवाही पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। रविवार की छुट्टी के दिन हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।

  • दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित

    दिल्ली में सड़क हादसे: 2025 में 649 मौतें, 1,738 घायल, पैदल यात्री सबसे असुरक्षित


    नई दिल्ली । राष्ट्रीय राजधानी में सड़क हादसों ने 2025 में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के जनवरी 2026 के न्यूजलेटर के अनुसार बीते साल 649 लोगों की मौत हुई और 1 738 लोग घायल हुए। इनमें पैदल यात्रियों की संख्या सबसे अधिक रही। आंकड़े बताते हैं कि निजी कारों की चपेट में आने से 92 दोपहिया वाहनों से 75 और भारी वाहनों से 43 पैदल यात्रियों की मौत हुई।

    तेज रफ्तार लापरवाही यातायात नियमों का उल्लंघन और सुरक्षित पारपथों की कमी हादसों के मुख्य कारण हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 13 जनवरी को दोपहिया वाहनों की जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में 70 पुलिस कर्मियों और 200 से अधिक लोग शामिल हुए। रैली का उद्देश्य दोपहिया वाहन चालकों के बीच सड़क सुरक्षा नियमों और हेलमेट के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फैलाना था। अधिकारियों ने जोर दिया कि आईएसआई प्रमाणित हेलमेट पहनना अनिवार्य है।

    सड़क सुरक्षा सुधारने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई। दिसंबर 2025 में गलत दिशा में वाहन चलाने वालों के खिलाफ 42 945 चालान किए गए जो पिछले साल के 8 854 मामलों से कई गुना अधिक है। इनमें दोपहिया वाहन चालक सबसे आगे थे जिनके खिलाफ 30 224 चालान किए गए। जनवरी 2026 में पहली बार भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 के तहत 173 FIR दर्ज की गईं। इस धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की कैद या 1 000 रुपये तक का जुर्माना और वाहन ज़ब्त किया जा सकता है।

    ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि गलत दिशा में वाहन चलाना सड़क हादसों की बड़ी वजह है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें सतर्क रहें और सुरक्षित ड्राइविंग अपनाएं। सड़क पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अब सबसे बड़ा चुनौती बन चुका है।
    यह आंकड़े और उपाय दर्शाते हैं कि दिल्ली में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए केवल कानून नहीं बल्कि जागरूकता और बुनियादी इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतना ही जरूरी है

  • अंबाह में 12वीं के छात्र-छात्रा एक्सीडेंट का शिकार, गणित का अंतिम पेपर नहीं दे पाए

    अंबाह में 12वीं के छात्र-छात्रा एक्सीडेंट का शिकार, गणित का अंतिम पेपर नहीं दे पाए


    अंबाह में मंगलवार सुबह 8:45 बजे एक दुखद सड़क दुर्घटना हुई जिसमें दो 12वीं के छात्र-छात्रा परीक्षा देने के लिए निकलते समय घायल हो गए। गणित विषय की अंतिम बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे 17 वर्षीय दिव्या पुत्री कमल सिंह गहलोत और 18 वर्षीय नितिन श्रीवास पुत्र रामसुंदर श्रीवास। दोनों अपने घर से साधुपुरा स्थित संदीपनी स्कूल की ओर जा रहे थे।

    सूत्रों के अनुसार, दोनों छात्र परीक्षा में देर होने के कारण अपनी बाइक तेज रफ्तार से चला रहे थे। तोरगांव मोड़ पर बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और दोनों सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें अंबाह सिविल अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को घटना की सूचना दी।

    दुर्घटना में दोनों के सिर में गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। इस कारण वे अपनी 12वीं की अंतिम बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाए।

    परीक्षकों और स्कूल प्रशासन ने भी इस घटना पर चिंता जताई है और छात्रों के स्वास्थ्य लाभ के लिए परिवार के संपर्क में हैं। यह घटना एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहन चलाने के खतरों की याद दिलाती है।

  • हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल

    हादसे की राह में अनियंत्रित बस, पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस पलटी, चालक गंभीर रूप से घायल


    होशंगाबाद जिले के पिपरिया से छिंदवाड़ा जा रही बस रविवार 22 फरवरी सुबह करीब दस बजे रेनीखेड़ा गांव के पास पलट गई और हादसे में पंद्रह यात्री घायल हो गए। बस के अनियंत्रित होकर पलटने की जानकारी मिलने पर माहुलझिर थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल तामिया अस्पताल पहुंचाया।

    जानकारी के अनुसार बस पिपरिया से छिंदवाड़ा की ओर आ रही थी और रेनीखेड़ा के पास अचानक चालक ने बस पर नियंत्रण खो दिया। हादसे के समय बस में यात्रियों की संख्या अधिक नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इसके बावजूद पंद्रह यात्रियों को चोटें आई हैं। इनमें से दस से ग्यारह यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पिपरिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाकी अन्य मामूली घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

    बस चालक अमर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस के अनुसार चालक की स्थिति गंभीर है और उनकी निगरानी जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत क्रेन की मदद से पलटी हुई बस को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य किया। साथ ही पुलिस ने केस दर्ज कर हादसे की वजहों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज गति के कारण बस अनियंत्रित हो गई और पलटी।

    स्थानीय लोगों ने बताया कि बस पलटते ही आसपास के लोग मौके पर दौड़ आए और घायलों की मदद की। कई लोग घायल यात्रियों को तामिया अस्पताल तक पहुंचाने में शामिल हुए। हादसे में गनीमत यह रही कि बस में ज्यादा भीड़ नहीं थी, अन्यथा परिणाम और भी भयावह हो सकता था।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि पिपरिया-छिंदवाड़ा मार्ग पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और तेज गति से बचें। स्थानीय प्रशासन भी हादसे के बाद सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रहा है।

    बस हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा पर ध्यान देना कितना जरूरी है। तेज गति और चालक की लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। यात्रियों और आम जनता से अपील की गई है कि सड़क पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अनियंत्रित वाहन से बचने के लिए सतर्क रहें।

  • भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार

    भोपाल में हिट-एंड-रन हादसा: संघ प्रचारक विनय सिंह की दर्दनाक मौत, चालक फरार



    भोपालभोपाल के ईंटखेड़ी इलाके में गुरुवार दोपहर एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) के प्रचारक विनय सिंह और उनके साथी को टक्कर मार दी। हादसे में संघ प्रचारक विनय सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथी को गंभीर चोटें आई हैं। चार पहिया वाहन चालक हादसे के बाद मौके से फरार हो गया। पुलिस फिलहाल आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और CCTV फुटेज और गवाहों के आधार पर उसे पकड़ने की कोशिश कर रही है।

    हादसे का विवरण
    विनय सिंह 55 वर्षीय थे और ग्राम मेघराकलां, बैरसिया के रहने वाले थे। वह खेती-किसानी के साथ-साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में सक्रिय प्रचारक का काम भी कर रहे थे। गुरुवार दोपहर वह अपने मित्र के साथ बाइक पर गोलखेड़ी से घर लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

    पुलिस कार्रवाई
    ईंटखेड़ी पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों और CCTV कैमरों के माध्यम से वाहन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि हिट-एंड-रन के मामलों में आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाकर पूरे इलाके में सघन जांच की जा रही है।

    स्थानीय और संघ प्रतिक्रिया
    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने घटना पर शोक व्यक्त किया और परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि विनय सिंह समाज सेवा और प्रचार के कार्य में हमेशा सक्रिय रहे और उनका योगदान याद किया जाएगा।

    यह घटना राजधानी में सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों के बढ़ते खतरे पर चिंता बढ़ा रही है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी ने आरोपी वाहन को देखा हो या उसकी जानकारी हो, तो तुरंत स्थानीय थाने को सूचना दें।

  • ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

    ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां


    ग्वालियर । ग्वालियर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब आम दृश्य बन गया है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र के पड़ाव चौराहे के पास तीन से चार कार सवार युवकों ने खुलेआम जानलेवा स्टंट किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती कार की विंडो से आधे बाहर लटके हुए हैं, एक युवक कार की छत पर खड़ा है, जबकि दूसरा सनरूफ से बाहर निकलकर बैठा हुआ है। यह सब तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर हो रहा था और आसपास गुजर रहे वाहन तथा राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक थी।

    वीडियो में यह भी देखा गया कि कार के भीतर बैठे अन्य लोग भी युवकों की इस हरकत का समर्थन कर रहे थे, जबकि कोई भी यातायात नियम का पालन नहीं कर रहा था। ट्रैफिक पुलिस के होने के बावजूद इस दौरान कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे युवकों को खुलेआम यह खतरनाक स्टंट करने का मौका मिला। वीडियो किसी राहगीर ने बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि इस तरह की हरकतें न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठाए हैं और मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रही कार के नंबर प्लेट और अन्य विवरण के आधार पर युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में खतरनाक ड्राइविंग, ट्रैफिक नियम उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि ऐसे खतरनाक स्टंट को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि केवल सोशल मीडिया पर धमाकेदार वीडियो बनाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना कानून और समाज दोनों के लिए गंभीर समस्या है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट से होने वाले हादसे कभी कभी स्थायी चोट या मौत का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है और पुलिस को भी इन गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखनी चाहिए। ग्वालियर में ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर हाल ही में कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है, लेकिन लोग अब भी नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।

    पड़ाव थाना पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह के स्टंट को रोकने के लिए विशेष टीम बनाई जा सकती है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियम पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

  • धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत

    धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत


    धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों को अंधेरे में डुबो दिया। कुक्षी मनावर रोड पर ग्राम लोहारी के पास तेज रफ्तार ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक घटनास्थल पर ही दम तोड़ गए।

    मृतकों की पहचान कुक्षी के एक होटल में काम करने वाले युवकों के रूप में हुई है। दोनों दोस्त बाइक से लोहारी गांव की ओर जा रहे थे, जहां वे एक साथी की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने वाले थे। रात के अंधेरे में ट्राले ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

    हादसे के बाद ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुक्षी पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों शवों को कुक्षी सिविल अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की चुनौतियों और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोग सड़क पर तेज रफ्तार ट्रालियों की आवाजाही पर रोक की मांग कर रहे हैं। वहीं परिवारों में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश

    जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश


    नई दिल्ली । जनकपुरी में हुए हादसे के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक बताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि जनता की जान से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ न सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि कठोर कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

    घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में सड़कों और फुटपाथों पर जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में चल रहे विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निर्माण और खुदाई कार्यों की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सख्ती से की जाएगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, जो लोक निर्माण विभाग दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और सभी बिजली वितरण कंपनियों सहित हर संबंधित एजेंसी पर लागू होगा। इस आदेश के तहत दिल्ली में चल रहे सभी खुदाई कार्यों के लिए नए और कड़े सुरक्षा मानक अनिवार्य कर दिए गए हैं।

    अब हर खुदाई स्थल पर बड़े, स्पष्ट और पढ़ने योग्य चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि राहगीरों को पहले से खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकीली टेप का उपयोग जरूरी किया गया है, जिससे अंधेरे में भी खुदाई स्थल साफ नजर आए। इसके अलावा खुदाई वाली जगह को चारों तरफ से ऊंची और मजबूत बैरिकेडिंग से सुरक्षित करना होगा।

    सरकार ने मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर मिट्टी या निर्माण सामग्री बिखरी नहीं होनी चाहिए और प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएंगे। पैदल यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता सुनिश्चित करना भी अब अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित इंजीनियरों को रोजाना साइट का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करनी होगी और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए उचित डायवर्जन और प्रबंधन करना होगा।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित कर रही है। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजधानी में चल रहे सभी निर्माण और खुदाई प्रोजेक्ट्स का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि ऑडिट के दौरान पाई जाने वाली किसी भी खामी पर तत्काल और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए

    इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए


    इटारसी/पथरोटा मार्ग शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पथरोटा की बड़ी नहर की रेलिंग तोड़ते हुए गहरे पानी में गिर गई कार में सवार तीन युवक मौके पर ही मृत पाए गए। मृतकों की पहचान रैसलपुर निवासी 30 वर्षीय लकी पटेल पिता भवानी शंकर पटेल जो कार चला रहा था, 26 वर्षीय शिवम तिवारी पिता महेश तिवारी निवासी खीर पानी और 19 वर्षीय अभय उर्फ अभि चौहान पिता राकेश चौहान, जय प्रकाश नगर, पुरानी इटारसी के रूप में हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इटारसी की ओर से आ रही ग्रे रंग की कार अचानक पुल की रेलिंग तोड़ती हुई सीधे नहर में समा गई। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार सवार युवक विंडो खोलने और कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, साथ ही चिल्ला भी रहे थे, लेकिन कार के लॉक होने की वजह से वे गहरे पानी में डूब गए।

    हादसा देख स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एक स्थानीय युवक ने नहर में कूदकर जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफल नहीं हो सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया। कार के दरवाजे खोलते ही तीनों युवक मृत पाए गए।

    एसडीआरएफ ने बताया कि कार में युवक संघर्ष करते रहे, कांच तोड़ने के निशान मिले, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके। परिजनों के अनुसार तीनों सिवनी मालवा गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक शिवम तिवारी के पिता महेश ने बताया कि सुबह करीब छह बजे हादसे की सूचना मिली थी। अभय चौहान के पिता राकेश ने बताया कि रात में बेटे से फोन पर बात हुई थी, अभय ने कहा था कि कार से लौट रहा है और मां से खाने को लेकर बात की थी। अभय परिवार का इकलौता बेटा था।

    लकी पटेल की मां वैष्णो देवी यात्रा पर हैं। लकी के पिता पहले ही देहांत हो चुके हैं और बड़े भाई की कुछ साल पहले नर्मदा में डूबने से मौत हो गई थी। लकी के घर में दो बहनें हैं, एक शादीशुदा और दूसरी अविवाहित शुभांगी।हादसे ने इटारसी और आसपास के इलाकों में मातम मचा दिया है। ग्रामीणों और परिवारवालों में गहरी शोक की लहर है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में लगी है और सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रही है। का हिस्सा बन गए हैं

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।