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  • ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां

    ग्वालियर में स्टंटबाजी का वीडियो वायरल: कार की छत और सनरूफ पर बैठे तीन-चार युवकों ने उड़ाई ट्रैफिक नियमों की धज्जियां


    ग्वालियर । ग्वालियर की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन अब आम दृश्य बन गया है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। पड़ाव थाना क्षेत्र के पड़ाव चौराहे के पास तीन से चार कार सवार युवकों ने खुलेआम जानलेवा स्टंट किया। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक चलती कार की विंडो से आधे बाहर लटके हुए हैं, एक युवक कार की छत पर खड़ा है, जबकि दूसरा सनरूफ से बाहर निकलकर बैठा हुआ है। यह सब तेज रफ्तार से शहर की सड़कों पर हो रहा था और आसपास गुजर रहे वाहन तथा राहगीरों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक थी।

    वीडियो में यह भी देखा गया कि कार के भीतर बैठे अन्य लोग भी युवकों की इस हरकत का समर्थन कर रहे थे, जबकि कोई भी यातायात नियम का पालन नहीं कर रहा था। ट्रैफिक पुलिस के होने के बावजूद इस दौरान कोई अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे युवकों को खुलेआम यह खतरनाक स्टंट करने का मौका मिला। वीडियो किसी राहगीर ने बनाया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे यह तेजी से वायरल हो गया।

    सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर अपनी चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि इस तरह की हरकतें न केवल खुद के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती हैं। वहीं, कुछ लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की अनदेखी को लेकर भी सवाल उठाए हैं और मांग की है कि ऐसे मामलों में तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर पड़ाव थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। वीडियो में दिखाई दे रही कार के नंबर प्लेट और अन्य विवरण के आधार पर युवकों की पहचान की जा रही है। जल्द ही इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धाराओं में खतरनाक ड्राइविंग, ट्रैफिक नियम उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

    पुलिस का कहना है कि ऐसे खतरनाक स्टंट को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। युवाओं को यह समझना होगा कि केवल सोशल मीडिया पर धमाकेदार वीडियो बनाने के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालना कानून और समाज दोनों के लिए गंभीर समस्या है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और खतरनाक स्टंट से होने वाले हादसे कभी कभी स्थायी चोट या मौत का कारण बन सकते हैं। ऐसे मामलों में ट्रैफिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है और पुलिस को भी इन गतिविधियों पर सतत निगरानी बनाए रखनी चाहिए। ग्वालियर में ट्रैफिक सुरक्षा को लेकर हाल ही में कई बार चेतावनी जारी की जा चुकी है, लेकिन लोग अब भी नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं।

    पड़ाव थाना पुलिस ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह के स्टंट को रोकने के लिए विशेष टीम बनाई जा सकती है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियम पालन की आवश्यकता को सामने ला दिया है।

  • धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत

    धार में दर्दनाक सड़क हादसा: ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को रौंदा, जन्मदिन पार्टी जा रहे थे मौके पर ही मौत


    धार। मध्य प्रदेश के धार जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे ने दो परिवारों को अंधेरे में डुबो दिया। कुक्षी मनावर रोड पर ग्राम लोहारी के पास तेज रफ्तार ट्राले ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों युवक घटनास्थल पर ही दम तोड़ गए।

    मृतकों की पहचान कुक्षी के एक होटल में काम करने वाले युवकों के रूप में हुई है। दोनों दोस्त बाइक से लोहारी गांव की ओर जा रहे थे, जहां वे एक साथी की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने वाले थे। रात के अंधेरे में ट्राले ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया और वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी।

    हादसे के बाद ट्राला चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। कुक्षी पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से दोनों शवों को कुक्षी सिविल अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों का पंचनामा कर मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा की चुनौतियों और तेज रफ्तार वाहनों के खतरों को उजागर करता है। स्थानीय लोग सड़क पर तेज रफ्तार ट्रालियों की आवाजाही पर रोक की मांग कर रहे हैं। वहीं परिवारों में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश

    जनकपुरी हादसे के बाद एक्शन मोड में सरकार, खुदाई कार्यों पर सख्ती—CM रेखा गुप्ता ने दिए कड़े निर्देश


    नई दिल्ली । जनकपुरी में हुए हादसे के बाद दिल्ली सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना को सुरक्षा व्यवस्था में एक गंभीर चूक बताते हुए साफ शब्दों में कहा है कि जनता की जान से जुड़ी जिम्मेदारियों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि किसी अधिकारी या ठेकेदार की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ न सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि कठोर कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे।

    घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में सड़कों और फुटपाथों पर जहां-जहां खुदाई का कार्य चल रहा है, उसकी विस्तृत रिपोर्ट तीन दिनों के भीतर सरकार को सौंपी जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजधानी में चल रहे विकास कार्यों के नाम पर नागरिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि निर्माण और खुदाई कार्यों की निगरानी अब पहले से कहीं अधिक सख्ती से की जाएगी।

    मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद मुख्य सचिव ने एक आधिकारिक आदेश जारी किया है, जो लोक निर्माण विभाग दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम और सभी बिजली वितरण कंपनियों सहित हर संबंधित एजेंसी पर लागू होगा। इस आदेश के तहत दिल्ली में चल रहे सभी खुदाई कार्यों के लिए नए और कड़े सुरक्षा मानक अनिवार्य कर दिए गए हैं।

    अब हर खुदाई स्थल पर बड़े, स्पष्ट और पढ़ने योग्य चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा, ताकि राहगीरों को पहले से खतरे की जानकारी मिल सके। रात के समय सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकीली टेप का उपयोग जरूरी किया गया है, जिससे अंधेरे में भी खुदाई स्थल साफ नजर आए। इसके अलावा खुदाई वाली जगह को चारों तरफ से ऊंची और मजबूत बैरिकेडिंग से सुरक्षित करना होगा।

    सरकार ने मलबा प्रबंधन और धूल नियंत्रण को भी सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। सड़क पर मिट्टी या निर्माण सामग्री बिखरी नहीं होनी चाहिए और प्रदूषण को रोकने के लिए प्रभावी उपाय किए जाएंगे। पैदल यात्रियों और वाहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता सुनिश्चित करना भी अब अनिवार्य होगा। साथ ही संबंधित इंजीनियरों को रोजाना साइट का निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करनी होगी और ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए उचित डायवर्जन और प्रबंधन करना होगा।

    मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए दिल्ली सरकार एक सख्त निगरानी तंत्र विकसित कर रही है। उन्होंने दोहराया कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद राजधानी में चल रहे सभी निर्माण और खुदाई प्रोजेक्ट्स का सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिया गया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि ऑडिट के दौरान पाई जाने वाली किसी भी खामी पर तत्काल और सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए

    इटारसी में कार नहर में गिरी, 3 की मौत: युवक फंसे रहे कार में, विंडो तोड़ते रहे, देखते ही देखते डूब गए


    इटारसी/पथरोटा मार्ग शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पथरोटा की बड़ी नहर की रेलिंग तोड़ते हुए गहरे पानी में गिर गई कार में सवार तीन युवक मौके पर ही मृत पाए गए। मृतकों की पहचान रैसलपुर निवासी 30 वर्षीय लकी पटेल पिता भवानी शंकर पटेल जो कार चला रहा था, 26 वर्षीय शिवम तिवारी पिता महेश तिवारी निवासी खीर पानी और 19 वर्षीय अभय उर्फ अभि चौहान पिता राकेश चौहान, जय प्रकाश नगर, पुरानी इटारसी के रूप में हुई।

    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इटारसी की ओर से आ रही ग्रे रंग की कार अचानक पुल की रेलिंग तोड़ती हुई सीधे नहर में समा गई। एसडीआरएफ प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार सवार युवक विंडो खोलने और कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, साथ ही चिल्ला भी रहे थे, लेकिन कार के लॉक होने की वजह से वे गहरे पानी में डूब गए।

    हादसा देख स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। एक स्थानीय युवक ने नहर में कूदकर जान की परवाह किए बिना बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण सफल नहीं हो सका। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब ढाई घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद कार को नहर से बाहर निकाला गया। कार के दरवाजे खोलते ही तीनों युवक मृत पाए गए।

    एसडीआरएफ ने बताया कि कार में युवक संघर्ष करते रहे, कांच तोड़ने के निशान मिले, लेकिन वे बाहर नहीं निकल सके। परिजनों के अनुसार तीनों सिवनी मालवा गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। मृतक शिवम तिवारी के पिता महेश ने बताया कि सुबह करीब छह बजे हादसे की सूचना मिली थी। अभय चौहान के पिता राकेश ने बताया कि रात में बेटे से फोन पर बात हुई थी, अभय ने कहा था कि कार से लौट रहा है और मां से खाने को लेकर बात की थी। अभय परिवार का इकलौता बेटा था।

    लकी पटेल की मां वैष्णो देवी यात्रा पर हैं। लकी के पिता पहले ही देहांत हो चुके हैं और बड़े भाई की कुछ साल पहले नर्मदा में डूबने से मौत हो गई थी। लकी के घर में दो बहनें हैं, एक शादीशुदा और दूसरी अविवाहित शुभांगी।हादसे ने इटारसी और आसपास के इलाकों में मातम मचा दिया है। ग्रामीणों और परिवारवालों में गहरी शोक की लहर है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में लगी है और सुरक्षा उपायों की समीक्षा कर रही है। का हिस्सा बन गए हैं

  • भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत

    भोपाल में दर्दनाक हादसा: पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने दौड़ी 6 साल की मासूम, तेज रफ्तार कार की टक्कर से मौत


    भोपाल। राजधानी के ईटखेड़ी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक मर्मांतक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। अपने पिता का हाथ छुड़ाकर सड़क पार करने की कोशिश कर रही 6 वर्षीय बच्ची को एक बेकाबू कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    इलाज कराकर लौट रहे थे घर मृतक बच्ची की पहचान 6 वर्षीय आसिया अली के रूप में हुई है, जो परेवा खेड़ा (पतलोन) की रहने वाली थी। परिजनों के अनुसार, आसिया पिछले तीन दिनों से वायरल फीवर (बुखार) से पीड़ित थी। शनिवार रात करीब 10 बजे उसके पिता इकबाल अली उसे हाईवे स्थित एक क्लीनिक पर डॉक्टर को दिखाने ले गए थे। डॉक्टर से दवाई लेने के बाद पिता-पुत्री पैदल ही अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि घर पहुँचने से पहले ही काल उनके सामने खड़ा है।

    एक पल की चूक और मातम में बदली रात हादसा परेवा खेड़ा के पास मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिता इकबाल ने बच्ची का हाथ पकड़ रखा था, लेकिन अचानक आसिया ने पिता का हाथ छुड़ाया और सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ लगा दी। इसी दौरान अंधेरे में आ रही एक तेज रफ्तार कार ने मासूम को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची सड़क पर काफी दूर जाकर गिरी और लहूलुहान हो गई।

    ड्राइवर ही लेकर पहुँचा अस्पताल हादसे के बाद कार चालक ने इंसानियत दिखाते हुए भागने के बजाय अपनी ही कार से घायल बच्ची और उसके पिता को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुँचाया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद मासूम आसिया को मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर ईटखेड़ी पुलिस मौके पर पहुँची और कार को जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। इस घटना के बाद से ही गांव में मातम पसरा हुआ है।

    भोपाल के ईटखेड़ी में पिता के साथ डॉक्टर के पास से लौट रही 6 साल की आसिया की कार की टक्कर से मौत हो गई। सड़क पार करते समय पिता का हाथ छूटने से यह हादसा हुआ। कार चालक बच्ची को अस्पताल ले गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। पुलिस जांच जारी है।

  • ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू

    ग्वालियर में तेज रफ्तार ट्रक डिवाइडर पार कर बिजली पोल से टकराया चालक स्टेयरिंग में फंसा, गैस कटर से रेस्क्यू


    ग्वालियर के व्यस्त बारादरी चौराहे पर बुधवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया जब तेज रफ्तार में जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर पर चढ़ा और फिर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से जा टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रक का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक स्टेयरिंग में फंस गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मुरार थाना पुलिस ने दमकल विभाग की मदद से गैस कटर से ट्रक का केबिन काटकर चालक को बाहर निकाला। गंभीर चोटों के साथ उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना मुरार थाना क्षेत्र के बारादरी चौराहे पर बुधवार रात करीब बारह बजे हुई। ट्रक का पंजीयन क्रमांक MP07-HR-3553 बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक तेज गति में सात नंबर क्षेत्र से सिरोल की ओर जा रहा था। चौराहे के पास ट्रक अचानक असंतुलित हुआ और डिवाइडर पर चढ़ गया। इसके बाद ट्रक बिजली के खंभे से जा टकराया। टक्कर के कारण खंभा झुक गया और आसपास के लोग सहम गए। राहत की बात यह रही कि बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कर दी गई, जिससे करंट फैलने का खतरा टल गया।

    हादसे में ट्रक चालक स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया। पैर और सीने में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। गैस कटर की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद चालक को बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि चालक माल की डिलीवरी के लिए सिरोल जा रहा था।

    पुलिस पूछताछ में चालक ने दावा किया कि सामने से तेज हेडलाइट की वजह से उसकी आंखों पर रोशनी पड़ी और वह सड़क का सही अंदाजा नहीं लगा सका। इसी कारण ट्रक नियंत्रण खो बैठा। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रोशनी और वाहन नियंत्रण खोना बताया गया है, लेकिन ट्रक की तकनीकी स्थिति और गति को लेकर भी जांच जारी है। ट्रक को सड़क से हटाकर थाने में खड़ा कर दिया गया है।यह घटना रात में तेज रोशनी, भारी वाहनों की गति और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि रात में हाई बीम लाइट का अनावश्यक उपयोग न करें और निर्धारित गति सीमा का पालन करें।

  • सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी में भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटा रेत से भरा हाइवा; क्लीनर की दर्दनाक मौत

    सीधी । मध्यप्रदेश में तेज रफ्तार वाहनों का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सीधी जिले से सामने आया है जहां देर रात रेत से लदा एक अनियंत्रित हाइवा ट्रक पलट गया। इस दर्दनाक हादसे में ट्रक के क्लीनर की मौके पर ही दबने से मौत हो गई जबकि ड्राइवर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।

    गांधी चौक इलाके में मची अफरा-तफरी यह हादसा सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांधी चौक से अस्पताल चौक की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रेत से भरा हाइवा ट्रक काफी तेज रफ्तार में था। जैसे ही वह गांधी चौक बाजार क्षेत्र के पास पहुँचा चालक ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और ट्रक बीच सड़क पर ही पलट गया। टक्कर और पलटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए।

    क्लीनर की मौके पर मौत ड्राइवर की हालत नाजुक हादसे में हाइवा के क्लीनर की ट्रक के नीचे दबने से मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। वहीं ट्रक का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और राहत कार्य शुरू किया। घायल ड्राइवर को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया गया है।

    जांच में जुटी पुलिस मंगलवार सुबह घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटवाया ताकि यातायात सुचारु हो सके। सिटी कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसा केवल रफ्तार की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी आई थी।

  • ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट

    ग्वालियर-इटावा हाईवे पर सुरक्षा का 'कवच': पेड़ों पर चमकेंगे रेडियम रिफ्लेक्टर, बेसहारा पशुओं को भी पहनाई जाएगी सुरक्षा बेल्ट


    भिंड । ग्वालियर-इटावा नेशनल हाईवे 719 पर होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और वाहन चालकों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए भिंड यातायात पुलिस ने एक सराहनीय मुहिम शुरू की है। हाईवे किनारे स्थित जानलेवा बन चुके पेड़ों के कारण होने वाले हादसों को देखते हुए अब उन पर ट्री स्टर्ड रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हाईवे पर अक्सर हादसों का कारण बनने वाले बेसहारा पशुओं की सुरक्षा और उनसे होने वाली टक्करों को रोकने के लिए भी विशेष योजना तैयार की गई है।

    हादसे से सबक लेकर शुरू हुआ अभियान इस विशेष अभियान की शुरुआत हाल ही में हुए एक सड़क हादसे से सबक लेते हुए की गई है। दरअसल, कुछ दिनों पहले ग्वालियर-इटावा हाईवे पर एक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे एक विशाल पेड़ से टकरा गई थी। गनीमत रही कि कार के एयरबैग समय पर खुल गए और उसमें सवार महिला की जान बच गई। इस घटना के बाद यातायात पुलिस ने उन सभी स्थानों और पेड़ों को चिह्नित किया, जो रात के अंधेरे या धुंध में वाहन चालकों को नजर नहीं आते और हादसों का सबब बनते हैं।

    क्वारी नदी पुल से सूर्या होटल तक बिछाया सुरक्षा जाल यातायात पुलिस द्वारा संचालित यह अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। इटावा रोड स्थित क्वारी नदी पुल से लेकर ग्वालियर रोड स्थित सूर्या होटल तक के क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े पेड़ों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाने का कार्य पूरा कर लिया गया है। ये रिफ्लेक्टर रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही चमक उठते हैं, जिससे चालक को दूर से ही सड़क की सीमा और किनारे लगे पेड़ों का आभास हो जाता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के सड़क से उतरकर टकराने की आशंका काफी कम हो गई है।

    पशुओं पर भी लगेगा रेडियम, सुरक्षित होगा सफर पेड़ों के साथ-साथ हाईवे पर आवारा घूमने वाले मवेशी भी एक बड़ी चुनौती हैं। पुलिस प्रशासन ने निर्णय लिया है कि हाईवे पर विचरण करने वाले बेसहारा पशुओं के गले या सींगों पर भी रेडियम रिफ्लेक्टर बेल्ट लगाए जाएंगे। अक्सर रात में काले या गहरे रंग के पशु सड़क के बीच में बैठे होने पर दिखाई नहीं देते, जिससे भीषण दुर्घटनाएं होती हैं। रेडियम बेल्ट लगने से दूर से ही चालक को पशु की मौजूदगी का पता चल जाएगा। यातायात पुलिस का यह दोहरा सुरक्षा चक्र हाईवे पर होने वाली जनहानि को रोकने में मील का पत्थर साबित होगा।

  • भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    भीषण सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, तीन घायल: दमोह में दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत

    दमोह । मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर से दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा 17 मिल के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार में चल रही दो बाइकों के बीच भिड़ंत हो गई। मृतकों की पहचान बिज्जू अहिरवार और जीतेंद्र साहू के रूप में की गई है।

    घटनास्थल पर पुलिस और 108 एम्बुलेंस की टीम ने तुरंत पहुंचकर घायलों को जिला अस्पताल दमोह भेजा। घायलों में से दामोदर अहिरवार की हालत गंभीर बताई गई है, और उन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर कर दिया गया। अन्य दो घायलों का इलाज जिला अस्पताल में ही चल रहा है, और उनकी हालत स्थिर है।ड्यूटी डॉक्टर कौशिकी राजपूत ने बताया कि हादसे में तीनों घायलों को तुरंत भर्ती किया गया था।

    इनमें से एक की हालत गंभीर थी, जिसे बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है। बाकी दो का इलाज जारी है और उनकी हालत अब स्थिर है। पुलिस इस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे की वजह माना जा रहा है।इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है। हादसे के बाद से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है, और पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने का संकल्प लिया है।

  • इंदौर में तेज रफ्तार कार की ट्रक से टक्कर, पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी समेत तीन की मौत

    इंदौर में तेज रफ्तार कार की ट्रक से टक्कर, पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी समेत तीन की मौत


    इंदौर ।इंदौर के तेजाजी नगर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना हुई, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई। दुर्घटना उस समय घटी जब एक तेज रफ्तार कार रालामंडल इलाके में ट्रक से टकरा गई। हादसे में मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मान संधू की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में कार सवार एक अन्य युवती, अनुष्का राठी, गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कर इलाज चल रहा है।

    यह दुर्घटना शुक्रवार सुबह उस समय हुई जब कार सवार युवक-युवतियां एक पार्टी से लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, और अचानक ट्रक से टकराने के कारण कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस के मुताबिक ट्रक का चालक दुर्घटना के बाद मौके से फरार हो गया। स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला और घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए, और सड़क पर यातायात बाधित हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार ट्रक चालक की तलाश जारी है।

    घटना के बाद बाला बच्चन और कासलीवाल परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है। मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और अपने परिवार के साथ इस कठिन समय को सहन करने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने भी इस हादसे पर दुख जताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दुर्घटना ने एक बार फिर इंदौर में तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा की आवश्यकता पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने बताया कि सड़क पर तेज रफ्तार से गाड़ियां चलाना बहुत खतरनाक हो सकता है, और ऐसे हादसों से बचने के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी है।

    इंदौर में इस प्रकार की दुर्घटनाएं आम हो गई हैं, और लोग सड़क सुरक्षा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए दुर्घटनाओं से बचने की कोशिश नहीं करते। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह हादसा एक और बार यह साबित करता है कि सड़कों पर अनियंत्रित और लापरवाह ड्राइविंग से न केवल वाहन चालकों, बल्कि पैदल चलने वालों और अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।