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  • रोहित शेट्टी के शूटिंग सेट पर सुरक्षा कड़ी, डायरेक्टर के नजदीक जाने की अनुमति केवल चुनिंदा लोगों को

    रोहित शेट्टी के शूटिंग सेट पर सुरक्षा कड़ी, डायरेक्टर के नजदीक जाने की अनुमति केवल चुनिंदा लोगों को


    नई दिल्ली। रोहित शेट्टी इन दिनों अपनी फिल्म गोलमाल 5 की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसी बीच उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। इस घटना के बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अब उनके फिल्म सेट पर भी कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू कर दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम गठित की गई है जो पूरी तरह से मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है।

    सूत्रों के अनुसार गोलमाल 5 की शूटिंग 15 फरवरी के बाद शुरू होने वाली थी। हालांकि अब शूटिंग उसी तय दिन से शुरू होगी या नहीं, इसका फैसला केवल रोहित शेट्टी ही करेंगे। लेकिन एक अन्य सूत्र का कहना है कि शूटिंग तय समय पर ही शुरू होगी और इसके लिए पहले से सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। शूटिंग शुरू होने पर सेट पर 60 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा जिसमें पुलिस कर्मी और रोहित के पर्सनल बॉडीगार्ड शामिल होंगे।

    सुरक्षा बढ़ाने के तहत सेट पर आने वाले हर व्यक्ति को रजिस्टर करवाना होगा और अपनी आईडी वेरीफाई करनी होगी। डायरेक्टर रोहित शेट्टी के नजदीक जाने की अनुमति केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलेगी। जूनियर आर्टिस्ट से लेकर क्रू मेंबर तक, सभी को पहले से सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। हर आने-जाने वाली गाड़ी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और वैनिटी वैन को भी एंट्री से पहले जांच से गुजरना जरूरी होगा। कॉल शीट को मैनेज किया जाएगा और शूटिंग लोकेशन की जानकारी केवल लिमिटेड लोगों को ही दी जाएगी।

    फायरिंग की घटना और सुरक्षा बढ़ाने के कारण रोहित शेट्टी की एक अन्य फिल्म भी फिलहाल होल्ड पर रखी गई है। इस फिल्म में जॉन अब्राहम लीड रोल में हैं और इसकी शूटिंग पिछले साल शुरू हुई थी। अब लगभग दो हफ्तों की शूटिंग बाकी है जिसे आगे पूरा किया जाएगा।सुरक्षा उपायों और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के चलते शूटिंग सेट पर काफी सावधानी बरती जा रही है। इसके बावजूद फिल्म की टीम शूटिंग के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीद है कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच गोलमाल 5 की शूटिंग बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाएगी।

  • बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार

    बैतूल में खेत में करंट से ग्रामीण की मौत, आरोपी गिरफ्तार


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में खेत में अवैध रूप से बिजली का करंट फैलाने से एक ग्रामीण की मौत का मामला सामने आया। पुलिस ने इस हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 4 सितंबर 2025 की है, जब ग्राम झाडेगांव निवासी सदन पन्द्राम जंगल में अपने मवेशी चराने गया था। इसी दौरान पास के खेत में लगे नंगे तार की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई शिवलाल पन्द्राम की शिकायत पर कोतवाली थाना में मामला दर्ज किया गया और पुलिस ने मृतक के परिवार के बयान, घटनास्थल निरीक्षण और साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की। विवेचना में यह तथ्य सामने आया कि ग्राम भोगीतेड़ा निवासी शिवचरण उपासे ने अपने खेत की मेढ़ पर खूंटी गाड़कर नंगे तार में करंट प्रवाहित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, यह तार जानबूझकर लगाया गया था, जिससे हादसा घटित हुआ।

    कोतवाली पुलिस ने आरोपी शिवचरण उपासे के खिलाफ अपराध क्रमांक 37/25 के तहत धारा 105 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पकड़कर पूछताछ की जा रही है और इस घटना में उसकी भूमिका की पुष्टि की जा रही है। पुलिस ने मृतक के परिवार को न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा की गंभीर स्थिति को उजागर किया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई खेतों में नंगे तार लगाकर करंट फैलाने की घटनाएं होती रहती हैं, जिससे लोगों और मवेशियों के जीवन को खतरा रहता है। पुलिस अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही और जानलेवा गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    घटना के बाद पुलिस ने इलाके में पेट्रोलिंग बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की हिदायत दी है। इसके अलावा मृतक परिवार को मुआवजा और कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कानून के अनुसार कठोर सजा दिलाने के लिए पूरी तरह से जांच जारी रहेगी। इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अवैध बिजली प्रयोग न केवल गैरकानूनी है बल्कि मानव जीवन के लिए भी घातक साबित हो सकता है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें, ताकि भविष्य में किसी और अनहोनी की घटना को रोका जा सके।

  • नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे

    नशेड़ियों ने पुलिसकर्मियों पर किया हमला, पत्थरबाजी से डरकर भागे


    सतना । कोलगवां थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक पंद्रह स्थित पानी टंकी क्षेत्र में नशेड़ियों ने पुलिस पर पत्थर से हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पुलिसकर्मी शराब पीकर हंगामा कर रहे युवकों को समझाने के लिए मौके पर पहुंचे थे। करीब एक दर्जन आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए, जिससे पुलिसकर्मियों को जान बचाकर पीछे हटना पड़ा।

    सूचना मिलने के बाद दो पुलिसकर्मी बाइक से मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि कुछ युवक शराब पीकर गाली-गलौज कर रहे थे और क्षेत्र में अशांति फैला रहे थे। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने नशेड़ियों को समझाने की कोशिश की, उन युवकों ने न केवल पुलिसकर्मियों से अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि पत्थरबाजी भी शुरू कर दी। स्थिति बिगड़ते देख पुलिसकर्मियों को अपनी जान की सुरक्षा के लिए वहां से भागना पड़ा।

    इस हमले में पांच पुलिसकर्मियों को चोटें आईं, लेकिन कोई बड़ी घटना नहीं घटी। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद नशेड़ियों का एक समूह था जो पहले तो गाली-गलौज कर रहा था और फिर अचानक हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने इलाके में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन हमलावरों का कुछ पता नहीं चल पाया है।पुलिस ने इस हमले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। इस घटना ने यह भी सवाल खड़ा किया है कि इलाके में बढ़ते नशे के मामलों पर नियंत्रण रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

  • दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया

    दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 6 जनवरी की रात को हुए हिंसक घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर दिया। एमसीडी द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाने केअभियान के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पथराव किया जिससे पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल तुर्कमान गेट के आस-पास कर्फ्यू जैसे हालात हैं सभी दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। पुलिस ने इलाके को छावनी में बदल दिया है और गली-गली में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाईएमसीडी द्वारा यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी जो लंबे समय से पेंडिंग था। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36 400स्क्वायर फीट इलाके में अवैध रूप से दो मंजिला दीवार और उसके ऊपर एकमंजिला संरचना बनाई गई थी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने 32 बुलडोजरों 4 एक्सकेवेटरों और कई ट्रकों का इस्तेमाल कर इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की पूरी टीम मौके पर मौजूद थी और स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।

    पत्थरबाजी और हिंसा

    जैसे ही बुलडोजर अभियान शुरू हुआ कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिएअतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने इलाके में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है और मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। ड्रोन कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।

    एफआईआर और गिरफ्तारी

    दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दंगा सरकारी कर्मचारी पर हमला और ड्यूटी में रुकावट डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और CCTV फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।

    सीसीटीवी और बॉडी कैमरा फुटेज से आरोपियों की पहचान

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस अधिकारियों के बॉडी कैमरा फुटेज और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा। जॉइंट पुलिस कमिश्नर सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने कहा कि इस तरह के शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए पुलिस को पूरी जानकारी उपलब्ध हो रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि पत्थरबाजी के दौरान उन्होंने अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया।

    तबाही की स्थिति और छावनी जैसा माहौल

    पथराव के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। तुर्कमान गेट क्षेत्र में सभी दुकानें और बाजार बंद हैं और सड़कें वीरान पड़ी हैं। दिल्ली पुलिस रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवान गली-गली में पैट्रोलिंग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने कर्फ्यू जैसी स्थिति बनाए रखने के लिए मुख्य मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया है।तुर्कमान गेट की यह हिंसक घटना दिल्ली में एक और विवादास्पद और संवेदनशील स्थिति का उदाहरण बन गई है। पुलिस और प्रशासन ने प्रभावी सुरक्षा कदम उठाए हैं और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है। हालांकि इस घटना से इलाके में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहरी जांच की जाएगी और जिन लोगों ने हिंसा भड़काई उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
  • सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

    सीहोर में शांति भंग के आरोप में हिंदूवादी नेता कालू भट्ट गिरफ्तारपुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई


    सीहोर । सीहोर में शनिवार को उस समय तनाव बढ़ गया जब हिंदूवादी नेता और पूर्व पार्षद कालू भट्ट को शांति भंग करने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कालू भट्ट पर आरोप है कि वह भोपाल नाके पर तिरंगे झंडे के नीचे खड़े होकर भड़काऊ भाषण दे रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें हिरासत में ले लिया और उन्हें आगे की कार्रवाई के लिए सीहोर एसडीएम कार्यालय ले जाया गया। इस दौरान एक मीडियाकर्मी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लियाहालांकि बाद में उसे छोड़ दिया गया।

    सीहोर में पिछले कुछ दिनों से माहौल तनावपूर्ण बना हुआ थाविशेष रूप से हरदा में करणी सेना पर हुए पथराव के बाद। इसके बाद से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। पुलिस ने इस दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 10 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं मुस्लिम समाज ने भी प्रशासन से सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और शनिवार को कालू भट्ट के भड़काऊ बयान के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।

    प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और शांति बनाए रखें। सीहोर एसडीएम तन्मय वर्मासीएसपी डॉ. अभिनंदन शर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर उपस्थित थे और सुरक्षा का ध्यान रख रहे थे।
    हालांकिप्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित किया गया हैलेकिन अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और कालू भट्ट को शीघ्र ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।

  • छिंदवाड़ा में कानून की धज्जियाँ जन्मदिन पर तलवार लहराते युवक का वायरल वीडियो कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मी के साथ बनाई रील

    छिंदवाड़ा में कानून की धज्जियाँ जन्मदिन पर तलवार लहराते युवक का वायरल वीडियो कोर्ट परिसर में पुलिसकर्मी के साथ बनाई रील


    छिंदवाड़ा । मध्य प्रदेश छिंदवाड़ा शहर के कुण्डीपुरा थाना क्षेत्र में एक युवक का जन्मदिन पार्टी के दौरान तलवार लहराते हुए वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो ने एक बार फिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। वीडियो में युवक तेज संगीत पर अपने दोस्तों के साथ नाचते हुए खुलेआम तलवार लहरा रहा है जो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया है। यह वीडियो इंस्टाग्राम पर ‘सुमित मालवी’ नाम की एक आईडी से पोस्ट किया गया था और इसके बाद से यह शहर भर में चर्चा का विषय बन गया। विशेष रूप से रिहायशी इलाके में इस तरह के हथियारों का प्रदर्शन स्थानीय लोगों में डर और चिंता का कारण बन रहा है।

    दूसरी ओर हैरान करने वाली बात यह है कि युवक का एक और वीडियो सामने आया है जिसमें वह छिंदवाड़ा जिला न्यायालय परिसर के भीतर एक पुलिसकर्मी के साथ रील बनाता हुआ नजर आ रहा है। इस वीडियो में बैकग्राउंड में गाने के बोल हैं  कचहरी अपना ठिकाना है” और कोतवाली से रिश्ता पुराना है जो उसकी बेखौफ मानसिकता को उजागर करता है।इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस का कहना है कि यह घटना कानून और व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती पेश करती है। पुलिस ने इंस्टाग्राम आईडी के आधार पर युवक की पहचान शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक रूप से हथियारों का प्रदर्शन और प्रतिबंधित क्षेत्रों में इस तरह की रील बनाने के लिए युवक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने यह भी दर्शाया कि युवा वर्ग में कानून के प्रति कितनी लापरवाही और बेखौफ मानसिकता फैल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएँ समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं और पुलिस प्रशासन को इसे सख्ती से नियंत्रित करना चाहिए।

  • मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों को किया गया अलर्ट; सरकार बनाने की कयावद जारी

    मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव गोलीबारी के बाद सुरक्षा बलों को किया गया अलर्ट; सरकार बनाने की कयावद जारी


    नई दिल्ली । मणिपुर में मंगलवार रात हुई गोलीबारी के बाद एक बार फिर राज्य में तनाव का माहौल बन गया है। बिष्णुपुर जिले के बाहरी इलाकों में खासकर चूड़ाचांदपुर जिले की सीमा से लगे तोरबंग और फौगाकचाओ इखाई इलाकों के पास कई बार गोलीबारी हुई जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है। अधिकारियों के मुताबिक गोलीबारी के कारणों और इसके मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

    घटना के बाद सुरक्षा बलों को घटनास्थल पर भेजा गया और एहतियात के तौर पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। मणिपुर के पहाड़ी इलाकों में ताजा गोलीबारी ने पहले से भड़क चुके जातीय संघर्ष को और उग्र बना दिया है। मणिपुर में 3 मई 2023 से जारी हिंसा के बाद यह पहली बार नहीं है जब गोलीबारी की घटना सामने आई है।

    इस बीच राज्य में सरकार गठन की कवायद भी जारी है। बीजेपी नेतृत्व ने मणिपुर में स्थिरता लाने के लिए राज्य के बीजेपी विधायकों के साथ कई दौर की बातचीत की है। इनमें कुकी और मैतेई समुदाय के बीजेपी विधायक भी शामिल हैं। मणिपुर विधानसभा के स्पीकर सत्यब्रत और पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह समेत 34 विधायक हाल ही में पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए एक साथ बैठे थे। यह मुलाकातें हिंसा के बाद पहली बार हुई थीं जब दोनों समुदायों के विधायक एक साथ बातचीत में शामिल हुए थे।

    राज्य में जातीय हिंसा के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है और सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। बीजेपी नेतृत्व का उद्देश्य मणिपुर में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करते हुए राज्य में एक मजबूत और समावेशी सरकार का गठन करना है।बीजेपी के नेताओं का कहना है कि विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास बहाली और समझौते के आधार पर ही राज्य में शांति की स्थिति बहाल की जा सकती है। हालांकि मणिपुर में संघर्ष की जड़ें गहरी हैं और हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा कई बार सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई जा चुकी है। मणिपुर में बढ़ती हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता के बीच राज्य के लिए आगामी समय में स्थिरता लाना एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

  • रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने वाली टीम पर बढ़ रहे हमलेसुरक्षा की मांग

    रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने वाली टीम पर बढ़ रहे हमलेसुरक्षा की मांग


    रतलाम ।
    रतलाम में आवारा मवेशी पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम पर पशुपालकों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में निगम की टीम के साथ मारपीटधमकियां और जबरन मवेशियों को छुड़ाने की घटनाएं सामने आई हैं। इस बढ़ते खतरे के कारण नगर निगम कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
    आवारा मवेशी पकड़ने में बढ़ रही हिंसा

    नगर निगम की टीम हाल ही में शहर के विभिन्न इलाकों से आवारा मवेशी पकड़ने में जुटी हुई थीजब टीम पर हमला होने की घटनाएं सामने आईं। 15 सितंबर को निगम टीम ने अवैध तबेलों के खिलाफ कार्रवाई की थीजिसके बाद बसंत कालोनी निवासी सुरेश राठौड़ और उसके भांजे ध्रुव राठौड़ ने अपनी गाय छुड़वाने के लिए टीम के साथ गाली-गलौच और हाथापाई की। इन दोनों ने वाहन से गायें जबरन उतार दीं और कार्रवाई से मना करने पर धमकी दी। उनका कहना था कि उन्हें निगमपुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं है।

    इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआजिसमें दोनों आरोपी टीम के साथ विवाद करते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस को दिए गए आवेदन में बताया गया कि दोनों आरोपियों ने गायों को छुड़वाने के दौरान न केवल शारीरिक हिंसा कीबल्कि धमकी भी दी कि वे आगे भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देंगे।

    कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल

    नगर निगम की टीम द्वारा की जा रही कार्रवाई के बावजूद सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जा रही है। टीम के प्रभारी विराट मेहरा ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और घटना की जांच करने का अनुरोध किया। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि टीम को सुरक्षा देने में प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

    स्वास्थ्य प्रभारी राजेंद्र सिंह पंवार ने इस मामले में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। वहींनिगम ने 15 सितंबर को सुरेश राठौड़ के अवैध तबेले पर भी कार्रवाई की थीलेकिन वहां पक्के निर्माण को हटाने में प्रशासन विफल रहा थाजिसके कारण फिर से मवेशी भाग गए।

    पशुपालकों के खिलाफ पहले भी की गई हैं शिकायतें

    सुरेश राठौड़ और ध्रुव राठौड़ के अलावाकई अन्य पशुपालकों के खिलाफ भी निगम टीम पर हमले और मवेशियों को छुड़वाने की शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें अर्जुन गुर्जरराहुल गुर्जरसचिन गुर्जरचेतन टांकसुरेश राठौड़ और अन्य के नाम शामिल हैं। इन सभी ने पहले भी निगम कर्मियों के साथ मारपीट और धमकी दी थीजिसके कारण मवेशी पकड़ने वाली टीम पर लगातार हमलों का खतरा बढ़ गया है।

    पुलिस की प्रतिक्रिया

    सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया ने कहा कि यदि निगम द्वारा सुरक्षा की मांग की जाती है तो पुलिस जवान उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावापुलिस घटनास्थल पर पहुंचेगी और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने मामले की जांच का आश्वासन भी दिया है।

    भविष्य में समाधान की आवश्यकता

    आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए नगर निगम की टीम का काम बेहद महत्वपूर्ण हैलेकिन लगातार हो रहे हमले और धमकियों के कारण उनके कार्य में रुकावट आ रही है। ऐसे मेंप्रशासन और पुलिस को आवश्यक सुरक्षा उपायों की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और टीम अपना कार्य बिना डर के कर सके। इसके अलावापशुपालकों और निगम कर्मियों के बीच बेहतर संवाद और समझ बनाने की आवश्यकता हैताकि ऐसे विवादों से बचा जा सके।

  • बिग बॉस 19 विजेता गौरव खन्ना, 50 लाख रुपए का इनाम, सलमान ने धर्मेंद्र को याद कर किया भावुक, पवन सिंह धमकी के बावजूद शामिल

    बिग बॉस 19 विजेता गौरव खन्ना, 50 लाख रुपए का इनाम, सलमान ने धर्मेंद्र को याद कर किया भावुक, पवन सिंह धमकी के बावजूद शामिल

    नई दिल्ली।  रियलिटी शो बिग बॉस 19 का ग्रैंड फिनाले रविवार को मुंबई में संपन्न हुआ। इस सीजन के विजेता बने गौरव खन्ना जिन्हें 50 लाख रुपए का कैश प्राइज और बिग बॉस की ट्रॉफी मिली। रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जबकि तीसरे चौथे और पांचवें स्थान पर क्रमशः प्रणीत मोरे तान्या मित्तल और अमाल मलिक रहे।

    विजेता गौरव खन्ना टीवी के जाना-माना चेहरा हैं और उन्होंने CID और अनुपमा जैसे लोकप्रिय शो में काम किया है। फिनाले में कार्तिक आर्यन अनन्या पांडे अरमान मलिक और करण कुंद्रा सहित कई बॉलीवुड सितारे मौजूद थे। इस सीजन की खास बात रही भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह जिन्हें बिग बॉस के फिनाले से पहले लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से धमकी मिली थी। कॉल करने वाले ने पवन सिंह को चेतावनी दी कि अगर वे सलमान खान के साथ मंच साझा करेंगे तो उन्हें इंडस्ट्री में काम नहीं करने दिया जाएगा। बावजूद इसके पवन सिंह ने हिम्मत दिखाई और शो में शामिल हुए। सुरक्षा के भी विशेष इंतजाम किए गए थे।

    फिनाले के दौरान सलमान खान भावुक हो गए जब उन्होंने धर्मेंद्र को याद किया। शो में धर्मेंद्र के पुराने वीडियो दिखाए गए जिन्हें देखकर सलमान की आंखों से आंसू निकल आए। सलमान ने बताया कि धर्मेंद्र का निधन उनके पिता सलीम खान के जन्मदिन पर हुआ था। उन्होंने यह भी साझा किया कि 8 दिसंबर धर्मेंद्र का जन्मदिन उनकी मां सलमा का जन्मदिन भी है। फिनाले में सनी लियोनी और करण कुंद्रा ने अपने शो स्प्लिट्सविला X6 के प्रमोशन के लिए स्टेज पर मजेदार सेगमेंट किया। सलमान ने तान्या मित्तल की तारीफ करते हुए कहा कि वह बिग बॉस के इतिहास की सबसे वायरल कंटेस्टेंट्स में से हैं। वहीं बसीर अली के शो को लेकर बयानों पर सलमान ने उन्हें चेतावनी दी कि ऐसा प्रोफेशनल करियर को नुकसान पहुंचा सकता है।

    बिग बॉस का इतिहास: इस रियलिटी शो का आइडिया 1997 में नीदरलैंड में शुरू हुए शो बिग ब्रदर से लिया गया। भारत में यह शो 2006 में आया। पहले सीजन के होस्ट थे अरशद वारसी इसके बाद शिल्पा शेट्टी और अमिताभ बच्चन ने होस्ट किया। 2010 से लगातार सलमान खान शो के होस्ट हैं। बिग बॉस आज भारत का सबसे चर्चित और लोकप्रिय रियलिटी शो बन चुका है।

  • एलन मस्क के AI चैटबॉट Grok में प्राइवेसी संकट: आम नागरिकों की पर्सनल डिटेल्स लीक

    एलन मस्क के AI चैटबॉट Grok में प्राइवेसी संकट: आम नागरिकों की पर्सनल डिटेल्स लीक


    नई दिल्ली । एलन मस्क की AI कंपनी AI का चैटबॉट ग्रोक हाल ही में गंभीर प्राइवेसी विवादों में फंस गया है जब यह एक गंभीर सुरक्षा खामी का शिकार हुआ। रिपोर्टों के अनुसार ग्रोक नामक AI चैटबॉट आम नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी, जैसे कि घर के पते फोन नंबर और पारिवारिक डिटेल्स बेहद आसानी से लीक कर रहा है। यह मुद्दा खासकर तब सामने आया जब यह AI बॉट बेहद सामान्य पूछताछ पर भी यह व्यक्तिगत जानकारी साझा कर रहा था जिससे यूज़र्स की प्राइवेसी पर बड़ा खतरा मंडराया।

    ग्रोक द्वारा लीक हुई निजी जानकारी

    भविष्यवाद की एक जांच में यह पाया गया कि जो पूर्व ट्विटर प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेटेड है बेहद खतरनाक तरीके से निजी जानकारी का खुलासा कर रहा था। उदाहरण के तौर पर अगर कोई यूज़र किसी नाम का पता पूछता है, तो न केवल वह व्यक्ति का मौजूदा पता बता देता बल्कि कई बार पुराने पते और ऑफिस के पते भी दे देता था। इसके अलावा, कुछ मामलों में यह बॉट नाम फोन नंबर और घर के पते का विकल्प तक सीधे यूज़र को प्रदान कर रहा था। यह संकेत देता है कि इंटरनेट पर मौजूद सार्वजनिक डेटा सोशल मीडिया लिंक और डेटा-ब्रोकर प्लेटफॉर्म्स से जानकारी इकट्ठा कर रहा था और उसे बिना किसी सुरक्षा के साझा कर रहा था।

    प्राइवेसी फिल्टर की विफलता

    AI का दावा था कि में प्राइवेसी को बनाए रखने के लिए फिल्टर्स मौजूद हैं जो हानिकारक या खतरनाक जानकारी के प्रवाह को रोकने में सक्षम हैं। हालांकि रिपोर्टों के अनुसार यह फिल्टर्स पूरी तरह से विफल रहे। के इस व्यवहार की तुलना में चैटजीपीटी गूगल जेमिनी और क्लाउड जैसे अन्य प्रमुख AI मॉडल्स निजी जानकारी देने से मना कर देते हैं क्योंकि वे प्राइवेसी नियमों का पालन करते हैं। इसके विपरीत बिना किसी रोक-टोक के व्यक्तिगत जानकारी लीक कर रहा था जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इसकी प्राइवेसी सुरक्षा प्रणाली में गंभीर कमी है।

    सामाजिक प्रभाव और खतरों का आकलन

    ग्रोक द्वारा लीक की गई जानकारी न केवल व्यक्तिगत प्राइवेसी के लिए खतरा है, बल्कि इससे बड़े स्तर पर समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। यदि कोई AI सिस्टम बिना उचित सुरक्षा उपायों के निजी जानकारी लीक करता है तो यह डॉक्सिंग और स्टॉकिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही यह उन यूज़र्स को भी जोखिम में डालता है जिनकी जानकारी बिना उनकी अनुमति के सार्वजनिक रूप से सामने आ जाती है। ऐसे मामलों में यह जरूरी है कि AI मॉडल्स की सुरक्षा और प्राइवेसी प्रणालियों को और मजबूत किया जाए ताकि इन खामियों को रोका जा सके।

    ग्रोक के द्वारा डेटा का उपयोग

    यह संभावना है कि ग्रोक इंटरनेट पर उपलब्ध सार्वजनिक डेटा का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफॉर्म्स से इकट्ठा किया जाता है। यह डेटा ब्रोकर सेवाओं से भी लिया जा सकता है लेकिन ग्रोक इसे चुटकियों में जोड़कर और बिना किसी सुरक्षा उपाय के पेश कर देता है जिससे प्राइवेसी को खतरा होता है। यही नहीं इसका इस्तेमाल गलत हाथों में जाकर बड़े पैमाने पर दुरुपयोग भी हो सकता है।

    ग्रोक के प्राइवेसी कांड ने यह सवाल उठाया है कि AI चैटबॉट्स का निजी डेटा के उपयोग और सुरक्षा के मानकों पर कितना भरोसा किया जा सकता है। इसका खुलासा करने से यह स्पष्ट हुआ है कि AI कंपनियों को प्राइवेसी के लिए और भी कड़े उपायों को अपनाने की आवश्यकता है। साथ ही इन कंपनियों को अपने फिल्टर सिस्टम्स की प्रभावशीलता पर पुनः विचार करना चाहिए, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके और यूज़र्स की निजी जानकारी सुरक्षित रह सके।