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  • शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    नई दिल्ली । शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बॉलीवुड की उन जोड़ियों में शामिल हैं जिन्हें दर्शकों ने पर्दे पर खूब पसंद किया। दोनों ने मोहब्बतें, देवदास और जोश जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के बीच फिल्मों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान खींचा। हैरानी की बात यह थी कि ऐश्वर्या राय को शाहरुख खान की करीब पांच फिल्मों से बाहर कर दिया गया था। बाद में खुद शाहरुख खान ने इस फैसले को लेकर माना था कि उन्हें इसका अफसोस है।

    इस कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म चलते चलते से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या राय को पहली पसंद माना जा रहा था और वह फिल्म में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाली थीं। लेकिन शूटिंग के दौरान परिस्थितियां बदल गईं और ऐश्वर्या की जगह रानी मुखर्जी को फिल्म में शामिल किया गया। फिल्म में शाहरुख और रानी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और चलते चलते बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

    ऐश्वर्या को फिल्म से हटाए जाने की वजह के तौर पर उस समय सलमान खान से जुड़े विवाद का जिक्र सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान और ऐश्वर्या के रिश्ते में चल रहे तनाव का असर शूटिंग के माहौल पर भी पड़ा था। बताया गया कि सलमान के सेट पर आने और वहां पैदा हुए विवाद के कारण शूटिंग प्रभावित हुई। ऐसे में फिल्म के निर्माताओं के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की चुनौती थी। बाद में ऐश्वर्या और सलमान दोनों ने शाहरुख से माफी भी मांगी थी लेकिन फिल्म की स्थिति को देखते हुए फैसला बदलना संभव नहीं हुआ।

    हालांकि यह मामला सिर्फ चलते चलते तक सीमित नहीं रहा। ऐश्वर्या राय ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि ऐसी कई फिल्में थीं जिनमें वह शाहरुख खान के साथ काम करने वाली थीं लेकिन अचानक उन्हें उन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। इनमें वीर जारा और कल हो ना हो जैसी फिल्मों के नाम भी सामने आए। ऐश्वर्या ने माना था कि जब बिना किसी स्पष्ट वजह के कोई फिल्म हाथ से निकल जाए तो कलाकार के लिए यह स्वाभाविक रूप से दुख पहुंचाने वाला होता है। उनके मुताबिक ऐसी परिस्थितियों में इंसान खुद से सवाल करने लगता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

    दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय बाद शाहरुख खान ने भी इस फैसले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया था कि ऐश्वर्या को फिल्मों से हटाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था और उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक निर्माता के तौर पर कई बार फैसले अकेले नहीं लिए जाते। उनके साथ पूरी टीम और दूसरे प्रोडक्शन पार्टनर्स भी जुड़े होते हैं और फिल्म को तय समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होती है।

    शाहरुख ने ऐश्वर्या की प्रोफेशनलिज्म की भी तारीफ की थी। उन्होंने माना कि वह उनकी पसंदीदा को-स्टार्स में से एक रही हैं और उनके साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। उनके मुताबिक उस समय लिया गया फैसला व्यक्तिगत से ज्यादा पेशेवर परिस्थितियों से जुड़ा था।

    बाद के वर्षों में शाहरुख और ऐश्वर्या ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखा। दोनों की दोस्ती और फिल्मों में साथ काम करने की यादें आज भी बॉलीवुड के चर्चित किस्सों में शामिल हैं। यह कहानी यह भी दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार बड़े सितारों के बावजूद किसी प्रोजेक्ट से जुड़ा अंतिम फैसला सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। परिस्थिति, निर्माता, समय और फिल्म की जरूरतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं शाहरुख का बाद में अपनी गलती स्वीकार करना इस पुराने विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू माना जाता है।

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  • नियाज खान का बड़ा दावा-नाम सुनते ही मकान देने से किया इनकार, पूछा क्या हर मुसलमान आतंकवादी है?

    नियाज खान का बड़ा दावा-नाम सुनते ही मकान देने से किया इनकार, पूछा क्या हर मुसलमान आतंकवादी है?

    भोपाल । पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने देश में मुसलमानों के प्रति कथित भेदभाव और नफरत के माहौल को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए उनके पोस्ट के मुताबिक उनका दावा है कि कोई मुसलमान कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो उसे हिंदू बहुल रिहायशी इलाके में मकान लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ धर्म की पहचान के आधार पर हर मुसलमान को आतंकवादी समझा जाना उचित है। नियाज खान इससे पहले भी धर्म और सामाजिक सौहार्द से जुड़े अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। वर्ष 2025 में भी उनके एक पोस्ट को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी जिसमें उन्होंने भारत के हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच साझा सांस्कृतिक और आनुवंशिक जुड़ाव की बात कही थी।

    नियाज खान ने अपने ताजा बयान में दावा किया कि हिंदू परिवार कई बार मुसलमानों को अपना मकान देने से बचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुद ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक भोपाल के शक्तिनगर इलाके में उन्होंने एक मकान लेने की कोशिश की थी लेकिन मकान मालिक ने उनका नाम पूछने के बाद कथित तौर पर मकान देने से इनकार कर दिया। हालांकि यह उनके व्यक्तिगत अनुभव का दावा है और इससे पूरे समाज के व्यवहार के बारे में कोई सार्वभौमिक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    नियाज खान ने अपने पोस्ट में यह सवाल भी उठाया कि क्या किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान के आधार पर उसे संदेह की नजर से देखना सही है। उन्होंने मुसलमानों को लेकर बने पूर्वाग्रहों पर चिंता जताते हुए कहा कि देश के मुसलमान भी देश के प्रति उतने ही जिम्मेदार और देशभक्त हैं। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक पहचान और आवासीय भेदभाव को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

    नियाज खान ने इससे पहले देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर भी सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी दूसरे देश पर निर्भरता कम करने की बात कही थी। उनके मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में भारत को अपनी क्षमता पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए।

    इसके अलावा नियाज खान ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और अजय देवगन को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने पान मसाला और गुटखा से जुड़े विज्ञापनों में फिल्मी सितारों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऐसे उत्पादों के प्रचार से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने दोनों अभिनेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्हें जेल भेजने तक की बात कही। यह उनका व्यक्तिगत बयान और मांग है। दोनों अभिनेताओं के खिलाफ इस बयान के आधार पर किसी आपराधिक दोष का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    गौरतलब है कि तंबाकू और गुटखा विज्ञापनों को लेकर शाहरुख खान और अजय देवगन समेत कुछ बड़े फिल्मी सितारों का नाम पहले भी कानूनी बहस में आया है। वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया गया था कि शाहरुख खान अक्षय कुमार और अजय देवगन को गुटखा कंपनियों से जुड़े विज्ञापनों के मामले में नोटिस जारी किए गए थे।

    नियाज खान के ताजा बयान ने एक बार फिर धर्म के आधार पर भेदभाव और सार्वजनिक जीवन में मशहूर हस्तियों की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके बयानों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं लेकिन इन मुद्दों पर बहस करते समय व्यक्तिगत अनुभव और व्यापक सामाजिक स्थिति के बीच अंतर करना जरूरी है। साथ ही किसी समुदाय के बारे में सामान्यीकरण करने के बजाय घटनाओं और आरोपों को तथ्य और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर देखना ज्यादा उचित होगा।

  • 'मेरा रेवेन्यू मत रोकिए…' जब शाहरुख खान ने विवादित विज्ञापनों पर दिया था बेबाक जवाब

    'मेरा रेवेन्यू मत रोकिए…' जब शाहरुख खान ने विवादित विज्ञापनों पर दिया था बेबाक जवाब


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA की ओर से विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद एक पुराना बयान फिर चर्चा में आ गया है। FDA ने इन तीनों कलाकारों से विज्ञापन को लेकर जवाब मांगा है। विभाग का मानना है कि विमल इलायची का विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का सरोगेट विज्ञापन हो सकता है। तीनों कलाकारों को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।

    इस पूरे विवाद के बीच शाहरुख खान का कई साल पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में फिर चर्चा का विषय बन गया है। उस इंटरव्यू में पत्रकार करण थापर ने शाहरुख से सेलिब्रिटीज के उन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करने पर सवाल किया था जिनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही जाती है। सवाल के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापनों का भी जिक्र हुआ था और कहा गया था कि बच्चों पर बड़े सितारों के विज्ञापन का प्रभाव पड़ता है।

    इस पर शाहरुख खान ने उस समय तर्क दिया था कि अगर सरकार को किसी प्रोडक्ट से इतनी आपत्ति है और वह उसे समाज के लिए नुकसानदायक मानती है तो उसे देश में बनाने और बेचने की अनुमति ही नहीं दी जानी चाहिए। शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट खराब है तो सरकार उसके निर्माण पर रोक लगाए और अगर सॉफ्ट ड्रिंक को नुकसानदायक माना जाता है तो उसके उत्पादन को बंद किया जाना चाहिए। उनका सवाल था कि जब सरकार ऐसे उत्पादों से मिलने वाले राजस्व को रोक नहीं रही है तो कलाकारों की कमाई को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।

    शाहरुख ने खुद को एक अभिनेता बताते हुए कहा था कि उनका काम अभिनय करना और उससे कमाई करना है। उनके मुताबिक यदि कोई उत्पाद गलत है तो उसके उत्पादन को ही बंद किया जाना चाहिए। इसी पुराने बयान के कारण मौजूदा विवाद के बीच शाहरुख का पक्ष एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि वर्तमान FDA नोटिस को लेकर शाहरुख खान या अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    FDA के नोटिस के मुताबिक तीनों कलाकारों को यह स्पष्ट करना होगा कि विमल इलायची वास्तव में एक अलग उत्पाद है या फिर इसके जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है। विभाग ने विज्ञापन से जुड़े कई दस्तावेज और जानकारियां भी मांगी हैं।

    नोटिस में कलाकारों से उन टीवी चैनलों डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों की जानकारी मांगी गई है जहां यह विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित हुआ। इसके साथ ही विज्ञापन की अवधि और उसे प्रसारित किए जाने से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। FDA ने कलाकारों और ब्रांड के मालिक के बीच हुए कमर्शियल या कानूनी समझौते से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं।

    अब तीनों सितारों को निर्धारित 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज FDA के सामने पेश करने होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक जवाब नहीं देने या संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में आगे कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल मामले में कलाकारों के जवाब का इंतजार है। वहीं शाहरुख खान का पुराना बयान इस विवाद के बीच एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि प्रतिबंधित या विवादित उत्पादों के प्रचार की जिम्मेदारी सिर्फ विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज की है या फिर ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर भी समान रूप से सवाल उठना चाहिए।

  • ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका

    ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका


    नई दिल्ली। साल 1997 में रिलीज हुई शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म कोयला भले ही आज अपने गानों और दमदार अंदाज के लिए याद की जाती हो लेकिन इस फिल्म की असफलता ने फिल्ममेकर राकेश रोशन को बेहद मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था। फिल्म की कहानी लिखने से लेकर निर्देशन और निर्माण तक की जिम्मेदारी राकेश रोशन ने खुद संभाली थी और उन्हें इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और इसके बाद राकेश रोशन को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई साल बाद ऋतिक रोशन ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि उनके पिता ने अपनी मेहनत से कमाई गई लगभग पूरी संपत्ति गंवा दी थी और परिवार के लिए वह समय बेहद कठिन था।

    ऋतिक रोशन के मुताबिक एक सुबह उन्होंने अपने पिता को बेहद परेशान देखा। राकेश रोशन ने उनसे कहा था कि उन्होंने जो कुछ कमाया था वह सब खत्म हो चुका है और अब मुश्किलें चारों तरफ से सामने आ रही हैं। ऋतिक ने बताया कि यह पहली बार था जब उन्होंने अपने पिता की आंखों में आंसू देखे थे। एक मजबूत और सफल फिल्ममेकर के रूप में पिता को देखने वाले ऋतिक के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही दौर आगे चलकर रोशन परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बनेगा।

    कोयला से ऋतिक रोशन की भी खास यादें जुड़ी हुई हैं। अभिनेता बनने से पहले वह अपने पिता के साथ फिल्म के निर्माण में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कैमरे के सामने आने का मौका भी मिला। ऋतिक को एक्टिंग में लाने के पीछे उनके नाना और अभिनेता ओम प्रकाश की भी अहम भूमिका बताई जाती है। राकेश रोशन ने बाद में बताया था कि उनके ससुर चाहते थे कि ऋतिक को फिल्म में एक भूमिका दी जाए। शुरुआत में राकेश रोशन को संदेह था कि ऋतिक कैमरे के सामने कैसे काम करेंगे क्योंकि वह ज्यादा बोलते नहीं थे। लेकिन जब ऋतिक ने सेट पर अपना पहला शॉट दिया तो राकेश रोशन खुद हैरान रह गए। उन्हें महसूस हुआ कि उनके बेटे के भीतर अभिनय की प्रतिभा मौजूद है।

    इसके बाद ऋतिक रोशन ने फिल्मी दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाया। साल 2000 में कहो ना प्यार है से उन्होंने बतौर लीड अभिनेता शानदार शुरुआत की और देखते ही देखते बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल हो गए। पिता और बेटे की जोड़ी ने आगे कोई मिल गया, कृष और कृष 3 जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया और इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत सफलता हासिल की। इस तरह जिस परिवार ने एक समय आर्थिक संकट और असफलता का सामना किया था, उसी परिवार ने आगे चलकर हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऋतिक की कहानी यह भी दिखाती है कि मुश्किल दौर कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी शुरुआत का कारण बन सकता है।

  • सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी की नई रैंकिंग जारी, रणवीर सिंह आगे निकले; विराट कोहली पीछे, रणबीर कपूर फिसले

    सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी की नई रैंकिंग जारी, रणवीर सिंह आगे निकले; विराट कोहली पीछे, रणबीर कपूर फिसले


    नई दिल्ली। भारत के सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी ब्रांड्स की नई रैंकिंग सामने आने के बाद मनोरंजन और खेल जगत में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस बार बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान ने एक बार फिर अपनी बादशाहत कायम रखते हुए देश के सबसे वैल्यूबल सेलेब्रिटी का खिताब अपने नाम किया है। वहीं रणवीर सिंह ने शानदार छलांग लगाते हुए क्रिकेट स्टार विराट कोहली को पीछे छोड़ दिया है। इस नई सूची ने यह साफ कर दिया है कि मनोरंजन और विज्ञापन जगत में सितारों की लोकप्रियता लगातार बदल रही है और ब्रांड वैल्यू के मामले में कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।

    रिपोर्ट के अनुसार शाहरुख खान की अनुमानित ब्रांड वैल्यू 177.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसी के साथ वह देश के सबसे मूल्यवान सेलेब्रिटी ब्रांड बन गए हैं। दूसरे स्थान पर रणवीर सिंह ने कब्जा जमाया है जिनकी ब्रांड वैल्यू 162.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। यह उपलब्धि उनके करियर के लिए बेहद अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले साल तक इस स्थान पर विराट कोहली थे। इस बार विराट कोहली 158.4 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

    रैंकिंग में क्रिकेट और बॉलीवुड दोनों का दबदबा देखने को मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर 125.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर की ब्रांड वैल्यू के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 115.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर के साथ पांचवें नंबर पर हैं। इससे साफ है कि खेल जगत के दिग्गज आज भी विज्ञापन बाजार में सबसे भरोसेमंद चेहरों में शामिल हैं।

    महिला सितारों में आलिया भट्ट ने शानदार प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया है। उनकी ब्रांड वैल्यू 93.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। इसके बाद दीपिका पादुकोण सातवें स्थान पर हैं जिनकी ब्रांड वैल्यू 89.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर आंकी गई है। इसके अलावा ऋतिक रोशन आठवें स्थान पर जबकि महानायक अमिताभ बच्चन नौवें स्थान पर मौजूद हैं।

    सूची में रणबीर कपूर और अक्षय कुमार संयुक्त रूप से दसवें स्थान पर रहे। हालांकि टॉप 10 में रणबीर कपूर सबसे निचले पायदान पर दिखाई दिए। इसके बावजूद वह देश के सबसे प्रभावशाली ब्रांड चेहरों में अपनी जगह बनाए रखने में सफल रहे हैं। यह सूची बताती है कि फिल्मों की सफलता के साथ साथ विज्ञापन जगत में विश्वसनीयता और लोकप्रियता भी किसी स्टार की ब्रांड वैल्यू तय करने में बड़ी भूमिका निभाती है।

    रणवीर सिंह के लिए यह उपलब्धि कई मायनों में खास मानी जा रही है। हाल के समय में उनकी फिल्मों की सफलता और लगातार बढ़ती लोकप्रियता ने उन्हें विज्ञापन कंपनियों की पहली पसंद बना दिया है। आने वाले समय में उनकी नई फिल्म प्रलय को लेकर भी दर्शकों में काफी उत्साह है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म की शूटिंग पूरी करने के बाद वह परिवार के साथ समय बिताने के लिए कुछ समय का ब्रेक भी ले सकते हैं।

    नई रैंकिंग यह संकेत देती है कि भारतीय मनोरंजन और खेल जगत के सितारे केवल पर्दे या मैदान तक सीमित नहीं हैं बल्कि वैश्विक ब्रांड्स के लिए भी सबसे बड़े आकर्षण बने हुए हैं। आने वाले वर्षों में यह प्रतिस्पर्धा और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है।

  • Bigg Boss 20 में नया गेम प्लान, पुराने कंटेस्टेंट्स के 'रीबर्थ' कॉन्सेप्ट से बढ़ेगा रोमांच!

    Bigg Boss 20 में नया गेम प्लान, पुराने कंटेस्टेंट्स के 'रीबर्थ' कॉन्सेप्ट से बढ़ेगा रोमांच!


    नई दिल्ली। सलमान खान का लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस अपने 20वें सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच आने के लिए तैयार है। शो का प्रीमियर 6 सितंबर को प्रस्तावित है और हाल ही में जारी हुए टीजर ने दर्शकों की उत्सुकता कई गुना बढ़ा दी है। टीजर में सलमान खान का करण अर्जुन फिल्म से जुड़ा डायलॉग सुनते ही सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। अब शो से जुड़े सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि इस बार बिग बॉस 20 का पूरा कॉन्सेप्ट पुनर्जन्म यानी रीबर्थ की थीम पर आधारित हो सकता है। हालांकि मेकर्स की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    बताया जा रहा है कि इस सीजन में पुराने और चर्चित कंटेस्टेंट्स को दोबारा मौका दिया जा सकता है। ऐसे प्रतियोगी जिन्होंने अपने सीजन में शानदार प्रदर्शन किया लेकिन ट्रॉफी जीतने से चूक गए थे उन्हें एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाने का अवसर मिल सकता है। मेकर्स इस सीजन को पुराने यादगार पलों और नए ट्विस्ट के मेल के रूप में पेश करने की तैयारी कर रहे हैं ताकि दर्शकों को एक अलग अनुभव मिल सके।

    सूत्रों के मुताबिक मेकर्स एक स्पेशल एपिसोड की भी योजना बना रहे हैं जिसमें बॉलीवुड के दो सुपरस्टार शाहरुख खान और सलमान खान एक साथ बिग बॉस के मंच पर नजर आ सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो करीब दस साल बाद दोनों सितारे इस मंच को फिर साझा करेंगे। चर्चा यह भी है कि इसी दौरान शाहरुख खान की फिल्म किंग से जुड़ा कोई बड़ा ऐलान किया जा सकता है लेकिन फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    कंटेस्टेंट्स की संभावित सूची को लेकर भी कई नाम चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सिंगर नेहा कक्कड़ और पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान से बातचीत होने की खबरें हैं। माना जा रहा है कि दोनों के लिए यह एक नई शुरुआत का मंच बन सकता है। हालांकि इन नामों की पुष्टि भी अभी तक नहीं हुई है और अंतिम सूची प्रीमियर से ठीक पहले सामने आएगी।

    इस बार शो की शुरुआत से ही घर को दो बड़े गुटों में बांटने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे पहले ही सप्ताह से रणनीति गठबंधन और टकराव देखने को मिल सकते हैं। मेकर्स चाहते हैं कि प्रतियोगियों के बीच मुकाबला शुरुआत से ही रोचक और तीखा बने ताकि दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी रहे।

    इसके अलावा पुराने सीजनों के लोकप्रिय टास्क और यादगार मोमेंट्स को भी नए अंदाज में दोबारा पेश करने की तैयारी है। बिग बॉस के इतिहास में सबसे चर्चित चुनौतियों को नए नियमों और नए कंटेस्टेंट्स के साथ दोहराया जा सकता है जिससे दर्शकों को नॉस्टैल्जिया के साथ ताजगी का अनुभव मिले।

    रियलिटी शो की दुनिया में पिछले कुछ वर्षों में काफी बदलाव आया है। लॉक अप द ट्रेटर्स और अन्य नए शोज ने गेम प्लानिंग रणनीति और विवादों के जरिए दर्शकों का ध्यान खींचा है। ऐसे में बिग बॉस 20 के मेकर्स इस बार केवल सेलिब्रिटी कंटेस्टेंट्स पर नहीं बल्कि कॉन्सेप्ट और प्रस्तुति को भी ज्यादा मजबूत बनाने पर फोकस कर रहे हैं।

    करीब 100 दिनों तक चलने वाले इस सीजन का फिनाले दिसंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित किए जाने की संभावना है। कंटेस्टेंट्स के नाम आखिरी समय तक गोपनीय रखे जाएंगे और अंतिम अनुबंध प्रीमियर से कुछ दिन पहले ही पूरे किए जाएंगे। ऐसे में दर्शकों को इस बार भी कई बड़े सरप्राइज देखने को मिल सकते हैं।

  • "हिम्मत है तो शाहरुख खान से कहकर दिखाओ…" रोमांटिक फिल्मों के लिए अभिनेत्रियों की उम्र पर उठने वाले सवालों पर भड़कीं तापसी पन्नू

    "हिम्मत है तो शाहरुख खान से कहकर दिखाओ…" रोमांटिक फिल्मों के लिए अभिनेत्रियों की उम्र पर उठने वाले सवालों पर भड़कीं तापसी पन्नू


    नई दिल्ली। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों के करियर की उम्र और उनके किरदारों को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। अब इस गंभीर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री तापसी पन्नू ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दोहरे रवैये को उजागर किया है। तापसी पन्नू ने खुलासा किया है कि जैसे ही कोई अभिनेत्री 30 वर्ष की उम्र पार करती है, फिल्म गलियारों में उसे रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों के लिए अनुपयुक्त या ‘बड़ी उम्र’ का माना जाने लगता है। अभिनेत्री ने साफ किया कि यह रूढ़िवादी सोच सिर्फ बॉलीवुड तक सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण भारतीय सिनेमा (साउथ इंडस्ट्री) में भी पैर पसारे हुए है।

    एक हालिया इंटरव्यू में अपने संघर्ष और कड़वे अनुभवों को साझा करते हुए तापसी पन्नू ने कहा कि वह अपने ‘मिड 20’ (25-26 साल की उम्र) में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा बनी थीं। इसके बाद किसी भी कलाकार को खुद को साबित करने और एक मजबूत मुकाम हासिल करने में कम से कम तीन से चार साल का कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जब तक एक अभिनेत्री इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाती है और एक स्थापित पोजीशन पर पहुंचती है, तब तक उसकी उम्र 30 वर्ष को पार कर जाती है। इसके ठीक बाद मेकर्स और आलोचकों का यह कहना शुरू हो जाता है कि आप अब इतनी यंग नहीं बची हैं कि किसी रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म में मुख्य भूमिका निभा सकें।

    तापसी पन्नू ने इस बात पर गहरी आपत्ति जताई कि पर्दे पर रोमांटिक किरदारों को निभाने के लिए हमेशा बहुत कम उम्र की ही लड़की की जरूरत क्यों समझी जाती है। उन्होंने पुरुषों और महिलाओं के बीच होने वाले इस उम्र के भेदभाव (एजिस्म) पर उंगली उठाते हुए कहा कि यह नियम केवल अभिनेत्रियों पर ही लागू होता है, पुरुष कलाकारों पर नहीं। उन्होंने समाज और इंडस्ट्री के इस सच को सामने रखते हुए कहा कि बड़ी उम्र के पुरुष अभिनेता पर्दे पर बेहद कम उम्र की लड़कियों के साथ रोमांस करते हैं, जिसे सहजता से स्वीकार कर लिया जाता है, लेकिन अभिनेत्रियों के मामले में नजरिया पूरी तरह बदल जाता है।

    इस दौरान तापसी ने साउथ फिल्म इंडस्ट्री का एक बेहद चौंकाने वाला किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वहां के कुछ सीनियर सुपरस्टार्स के साथ फिल्में कीं, तो उसके बाद वहां के युवा अभिनेताओं ने उनके साथ काम करने से साफ मना कर दिया। युवा अभिनेताओं का मानना था कि सीनियर एक्टर्स के साथ स्क्रीन स्पेस शेयर करने के बाद तापसी उनके अपोजिट फिट नहीं बैठेंगी। इसी बात पर तीखा पलटवार करते हुए तापसी ने कहा कि क्या किसी में इतनी हिम्मत है कि वह यही बात सुपरस्टार शाहरुख खान से जाकर बोल सके? उन्होंने कहा कि शाहरुख खान जैसे महानायक के साथ काम करने के बाद किसी भी अभिनेत्री का करियर और जीवन पूरी तरह बदल जाता है, वहां उम्र का कोई टैबू नहीं होता, लेकिन अन्य स्तरों पर अभिनेत्रियों को इस रूढ़िवादिता का सामना करना पड़ता है।

    इंटरव्यू के दौरान तापसी ने सोशल मीडिया से करीब एक साल लंबे ब्रेक के बाद अपनी वापसी पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वह वर्चुअल दुनिया में समय बर्बाद करने के बजाय अपनी वास्तविक जिंदगी का आनंद लेना चाहती थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि आज के दौर में ब्रांड्स की यह अनिवार्य शर्त होती है कि वे केवल उन्हीं चेहरों के साथ काम करना चाहते हैं जो सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय और दिखाई देते हैं। काम की बात करें तो तापसी आखिरी बार फिल्म ‘अस्सी’ में एक वकील की भूमिका में नजर आई थीं और आने वाले समय में वह ‘वो लड़की है कहां’ और ‘गांधारी’ जैसी फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाती नजर आएंगी।

  • ‘ओम शांति ओम’ के ये सीन थे पूरी तरह VFX-मेकिंग देखकर घूम जाएगा दिमाग

    ‘ओम शांति ओम’ के ये सीन थे पूरी तरह VFX-मेकिंग देखकर घूम जाएगा दिमाग

    नई दिल्ली। साल 2007 की ब्लॉकबस्टर फिल्म Om Shanti Om के कुछ बेहद खास सीन्स में ऐसा VFX इस्तेमाल किया गया था, जिसे दर्शक पकड़ ही नहीं पाए। पुराने बॉलीवुड क्लासिक फुटेज को मॉर्फ कर नए सीन में बदलने की यह तकनीक आज भी फिल्ममेकिंग का शानदार उदाहरण मानी जाती है।

    साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म Om Shanti Om न सिर्फ अपने गानों और कहानी के लिए याद की जाती है, बल्कि इसके शानदार VFX और तकनीकी प्रयोगों ने भी दर्शकों को खूब प्रभावित किया था। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण स्टारर इस फिल्म ने उस समय बॉलीवुड में विजुअल इफेक्ट्स के इस्तेमाल को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया था।

    फिल्म में कई ऐसे सीन थे जो देखने में बेहद साधारण लगे, लेकिन असल में उन्हें तैयार करने में भारी VFX और एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। सबसे चर्चित सीन वह था जिसमें दीपिका पादुकोण पुराने जमाने के दिग्गज कलाकारों जैसे राजेश खन्ना, सुनील दत्त और जीतेंद्र के साथ स्क्रीन शेयर करती नजर आती हैं। दर्शकों को लगा कि यह सब साधारण एडिटिंग है, लेकिन असलियत इससे कहीं ज्यादा जटिल थी।

    दरअसल, मेकर्स ने पुराने फिल्मों की फिजिकल रील्स को डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट किया। इसके बाद उन क्लिप्स को बेहद बारीकी से एडिट कर नए सीन में फिट किया गया। इस प्रक्रिया में पुराने एक्टर्स को उनके ओरिजिनल फुटेज से अलग कर डिजिटल कंपोजिटिंग के जरिए नए सीन में जोड़ा गया, जिसमें दीपिका पादुकोण को पूरी तरह से नए तरीके से प्लेस किया गया था।

    सबसे बड़ी चुनौती थी कि पुराने फुटेज की लाइटिंग, कैमरा एंगल और मूवमेंट को नए सेट के साथ पूरी तरह मैच किया जाए। यदि जरा भी गड़बड़ी होती, तो सीन नकली लग सकता था। यही वजह थी कि टीम को पुराने क्लिप्स की हर डिटेल कॉस्ट्यूम से लेकर एक्सप्रेशन तक का गहराई से अध्ययन करना पड़ा।

    इसके अलावा एक नया सेट भी तैयार किया गया ताकि बैकग्राउंड और वातावरण पूरी तरह से पुराने दौर जैसा लगे। VFX टीम ने इस बात का विशेष ध्यान रखा कि दर्शकों को यह महसूस ही न हो कि वे दो अलग-अलग समय की फुटेज को एक साथ देख रहे हैं।

    फिल्म की खासियत यह रही कि इतने जटिल तकनीकी काम के बावजूद यह सब इतना सहज दिखा कि दर्शकों ने इसे नोटिस भी नहीं किया। यही Om Shanti Om की सबसे बड़ी सफलता मानी जाती है कि उसने मनोरंजन के साथ-साथ तकनीकी नवाचार का भी शानदार मिश्रण पेश किया।

    आज के समय में जब VFX फिल्मों का अहम हिस्सा बन चुका है, तब भी इस फिल्म के ये सीन भारतीय सिनेमा में एक मील का पत्थर माने जाते हैं।

    ‘ओम शांति ओम’ ने साबित किया कि अगर तकनीक और क्रिएटिविटी सही तरीके से मिल जाए, तो पुरानी और नई दुनिया को एक ही फ्रेम में जोड़ा जा सकता है।

  • ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ की अनोखी कहानी: लंबा इंतजार और बिना फीस शाहरुख का फैसला

    ‘हम तुम्हारे हैं सनम’ की अनोखी कहानी: लंबा इंतजार और बिना फीस शाहरुख का फैसला

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा में कुछ फिल्में सिर्फ अपनी कहानी की वजह से नहीं, बल्कि अपने बनने की प्रक्रिया के कारण भी लंबे समय तक याद रखी जाती हैं। ऐसी ही एक फिल्म रही, जिसमें तीन बड़े सितारे एक साथ नजर आए, लेकिन इसके बनने और रिलीज होने की कहानी उतनी ही दिलचस्प और लंबी रही जितनी इसकी स्टारकास्ट बड़ी थी।
    इस फिल्म की शुरुआत 1990 के दशक के अंत में हुई थी, जब इसे बड़े स्तर पर बनाने की योजना तैयार की गई। इसमें शाहरुख खान, सलमान खान और माधुरी दीक्षित जैसे बड़े नामों को एक साथ जोड़ा गया, जिससे शुरुआत से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी उम्मीदें थीं। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म की शूटिंग आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई तकनीकी और रचनात्मक कारणों से इसका काम धीमा होता गया।
    समय के साथ फिल्म के कई हिस्सों में बदलाव करने पड़े। गानों से लेकर कुछ दृश्यों तक को दोबारा तैयार किया गया, क्योंकि बदलते समय के साथ फिल्म को नए अंदाज़ में ढालने की जरूरत महसूस की गई। यही कारण रहा कि यह प्रोजेक्ट अपने तय समय पर पूरा नहीं हो सका और लगातार आगे खिसकता चला गया।
    करीब 6 साल की लंबी प्रक्रिया के बाद आखिरकार यह फिल्म 2002 में दर्शकों के सामने आई। इतने लंबे इंतजार के बावजूद इस फिल्म को लेकर लोगों में उत्साह बना रहा, क्योंकि इसमें उस दौर के तीन बड़े सितारे एक साथ स्क्रीन पर नजर आए थे।
    इस फिल्म में शाहरुख खान ने एक ऐसा किरदार निभाया जो उनके पारंपरिक रोमांटिक रोल्स से काफी अलग था। यह किरदार एक ऐसे व्यक्ति का था जिसमें भावनात्मक संघर्ष और शंका जैसे पहलू दिखाए गए थे। शुरुआत में उन्होंने इस भूमिका को लेकर संकोच भी जताया था, लेकिन बाद में रचनात्मक टीम के समझाने पर उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया।
    सबसे खास बात यह रही कि शाहरुख खान ने इस फिल्म के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया। बताया जाता है कि उनका मेहनताना पहले तय किया गया था, लेकिन फिल्म के निर्माण में देरी और बढ़ते खर्च को देखते हुए उन्होंने स्वेच्छा से फीस लेने से इनकार कर दिया। उनका यह निर्णय फिल्म निर्माण टीम के लिए बड़ी मदद साबित हुआ।
    फिल्म से जुड़े लोगों का मानना है कि इतने लंबे समय तक प्रोजेक्ट का अटका रहना आसान नहीं था, लेकिन कलाकारों के सहयोग और उनके आपसी तालमेल ने इसे पूरा करने में अहम भूमिका निभाई। खासकर तीनों प्रमुख कलाकारों की मौजूदगी ने इस फिल्म को किसी तरह अंतिम रूप तक पहुंचाने में मदद की।
    आज भी यह फिल्म उस दौर की उन खास फिल्मों में गिनी जाती है, जिनकी पहचान सिर्फ कहानी से नहीं बल्कि उनके बनने के पीछे की लंबी और संघर्षपूर्ण यात्रा से भी होती है। यह फिल्म यह भी दिखाती है कि बड़े सपनों को पूरा करने के लिए धैर्य, सहयोग और समर्पण कितना जरूरी होता है।
  • SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन

    SRK को बताया शानदार, आमिर बोले-तीनों खान का साथ आना मुमकिन


    नई दिल्ली हिंदी सिनेमा के इतिहास में अगर तीन सबसे बड़े सुपरस्टार्स का नाम लिया जाए तो Shah Rukh Khan, Salman Khan और Aamir Khan का नाम सबसे ऊपर आता है। पिछले तीन दशकों से ये तीनों खान इंडस्ट्री पर राज कर रहे हैं और हर पीढ़ी के दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। हालांकि, आज तक इन तीनों को एक साथ किसी फिल्म में नहीं देखा गया, जो फैंस के लिए हमेशा एक अधूरी ख्वाहिश रही है। अब इस अधूरी ख्वाहिश को पूरा करने के संकेत खुद आमिर खान ने दिए हैं, जिससे फैंस के बीच उत्साह और बढ़ गया है।
    शाहरुख की एक्टिंग के कायल हुए आमिर
    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान Aamir Khan ने Shah Rukh Khan की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि शाहरुख एक शानदार अभिनेता हैं, जिनका अपना अलग चार्म है और जो दर्शकों के साथ गहराई से जुड़ने की क्षमता रखते हैं। आमिर ने यह भी कहा कि शाहरुख सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि बेहतरीन आर्टिस्ट हैं, जो हर किरदार में जान डाल देते हैं। आमिर के इस बयान से दोनों सितारों के बीच आपसी सम्मान और दोस्ती साफ झलकती है।
    अच्छी स्क्रिप्ट बनी सबसे बड़ी शर्त
    इंटरव्यू में आमिर खान ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने और शाहरुख खान ने साथ काम करने को लेकर बातचीत की है। हालांकि, दोनों ही किसी भी प्रोजेक्ट को लेकर बेहद चयनात्मक हैं और एक दमदार स्क्रिप्ट की तलाश में हैं। आमिर ने कहा कि जैसे ही उन्हें एक मजबूत कहानी मिलेगी, वे शाहरुख के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि शाहरुख और सलमान पहले साथ काम कर चुके हैं, वहीं आमिर और सलमान भी स्क्रीन शेयर कर चुके हैं, लेकिन आमिर और शाहरुख अब तक किसी फिल्म में साथ नजर नहीं आए।
    क्या सच होगा तीनों खान का सपना?
    सबसे दिलचस्प बात यह रही कि आमिर खान ने तीनों खान को एक साथ स्क्रीन पर लाने के विचार पर भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले जब Shah Rukh Khan और Salman Khan उनके साथ बैठे थे, तब तीनों ने इस संभावना पर चर्चा की थी। आमिर का मानना है कि दर्शकों के लिए यह एक बेहद खास और यादगार अनुभव होगा। हालांकि, फिल्म का स्केल कितना बड़ा होगा, यह अलग मुद्दा है, लेकिन तीनों का साथ आना ही अपने आप में एक बड़ी घटना होगी। अगर यह सपना साकार होता है तो यह बॉलीवुड इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हो सकती है।
    वर्क फ्रंट पर आमिर खान
    वर्क फ्रंट की बात करें तो Aamir Khan इन दिनों अपने प्रोडक्शन में बन रही फिल्म ‘एक दिन’ को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके बेटे जुनैद खान के साथ साउथ की चर्चित अभिनेत्री Sai Pallavi नजर आएंगी। खास बात यह है कि यह साई पल्लवी की पहली हिंदी फिल्म होगी, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। फिल्म 1 मई को रिलीज होने वाली है और इसकी एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।