Tag: Shah Rukh Khan

  • ओम शांति ओम के सेट पर मचा था जबरदस्त हंगामा, शाहरुख-सलमान भी पड़े फीके, मिथुन दा को देखते ही बेकाबू हुई भीड़

    ओम शांति ओम के सेट पर मचा था जबरदस्त हंगामा, शाहरुख-सलमान भी पड़े फीके, मिथुन दा को देखते ही बेकाबू हुई भीड़


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की कुछ फिल्में और उनके गाने ऐसे होते हैं जो सालों बाद भी दर्शकों की यादों में बने रहते हैं। फराह खान की फिल्म ओम शांति ओम भी ऐसी ही फिल्मों में शामिल है। फिल्म का गाना दीवानगी दीवानगी आज भी अपने शानदार स्टारकास्ट और खास अंदाज के लिए याद किया जाता है। इस गाने में बॉलीवुड के कई बड़े सितारे एक साथ नजर आए थे। शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के अलावा सलमान खान सैफ अली खान संजय दत्त धर्मेंद्र जीतेंद्र काजोल रानी मुखर्जी प्रियंका चोपड़ा रेखा तब्बू करिश्मा कपूर और जूही चावला जैसे सितारों ने इस गाने में हिस्सा लिया था। करीब 32 सितारों से सजे इस गाने की शूटिंग अपने आप में किसी बड़े इवेंट से कम नहीं थी लेकिन इसी दौरान एक ऐसा किस्सा हुआ जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

    फराह खान ने अपने यूट्यूब व्लॉग में इस पुराने किस्से को याद करते हुए बताया कि गाने की शूटिंग के दौरान बड़े-बड़े सितारे लगातार सेट पर पहुंच रहे थे। माहौल पहले से ही बेहद खास था लेकिन जैसे ही मिथुन चक्रवर्ती यानी मिथुन दा सेट पर पहुंचे पूरा नजारा बदल गया। फराह के मुताबिक मिथुन दा को देखते ही सेट पर मौजूद लोग उनके पास पहुंचने लगे। यहां तक कि शूटिंग में व्यस्त लाइटमैन भी अपनी जगह छोड़कर उनसे मिलने के लिए पहुंच गए। फराह और शाहरुख खान दोनों यह देखकर हैरान रह गए कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि पूरा सेट एक ही स्टार के इर्द-गिर्द जमा हो गया।

    फराह ने बताया कि मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी का असर इतना जबरदस्त था कि एक महिला उन्हें देखकर बेहोश तक हो गई थी। इसी वास्तविक घटना को बाद में दीवानगी दीवानगी के एक सीन में भी इस्तेमाल किया गया। यानी गाने में दिखाया गया महिला के बेहोश होने वाला दृश्य पूरी तरह काल्पनिक नहीं था बल्कि शूटिंग के दौरान हुई वास्तविक घटना से प्रेरित था। इस किस्से ने मिथुन दा की लोकप्रियता और उनके स्टारडम की एक अलग झलक सामने रख दी।

    मिथुन दा और शाहरुख खान से जुड़ा एक और मजेदार किस्सा भी फराह ने साझा किया। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान उन्होंने शाहरुख से मिथुन चक्रवर्ती के डांस स्टेप्स फॉलो करने को कहा था। हालांकि शाहरुख उन स्टेप्स को ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद मिथुन दा ने मजाकिया अंदाज में शाहरुख के सिर पर टपली मारनी शुरू कर दी। खास बात यह रही कि कैमरे के पीछे हुआ यह मजेदार पल इतना स्वाभाविक था कि इसे फिल्म के गाने में भी जगह मिल गई।

    दीवानगी दीवानगी में बॉलीवुड के अलग-अलग दौर के सितारों को एक साथ लाने का आइडिया उस समय काफी खास माना गया था। एक ही गाने में इतने बड़े कलाकारों की मौजूदगी ने इसे यादगार बना दिया। हालांकि फराह खान के खुलासे के बाद इस गाने से जुड़ा मिथुन दा वाला किस्सा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पर्दे पर जहां सितारों की दीवानगी दिखाई देती है वहीं कैमरे के पीछे हुई यह घटना बताती है कि मिथुन चक्रवर्ती का स्टारडम अपने दौर में कितना जबरदस्त था। शाहरुख और सलमान जैसे बड़े नामों की मौजूदगी के बावजूद सेट पर मिथुन दा को लेकर मची हलचल ने इस शूटिंग को बॉलीवुड के यादगार किस्सों में शामिल कर दिया।

  • ‘ओम शांति ओम’ के सेट पर शाहरुख खान को फराह खान ने लगाई थी डांट, लैपटॉप में पूरी फिल्म दिखाने पर हुआ था मजेदार किस्सा

    ‘ओम शांति ओम’ के सेट पर शाहरुख खान को फराह खान ने लगाई थी डांट, लैपटॉप में पूरी फिल्म दिखाने पर हुआ था मजेदार किस्सा


    नई दिल्ली । साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘ओम शांति ओम’ शाहरुख खान के करियर की चर्चित फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में शाहरुख खान ने मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि दीपिका पादुकोण ने इसी फिल्म से बतौर फीमेल लीड बॉलीवुड में शुरुआत की थी। फिल्म का निर्देशन फराह खान ने किया था। फिल्म से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा अब चर्चा में है, जब शूटिंग के दौरान फराह खान ने शाहरुख खान को डांट दिया था।

    यह मामला शाहरुख खान की एक्टिंग या शूटिंग के दौरान किसी सीन में की गई गलती से जुड़ा नहीं था। दरअसल, शाहरुख खान ने उस दौर में नया लैपटॉप खरीदा था और ‘ओम शांति ओम’ की एडिट हो चुकी फिल्म उनके लैपटॉप में मौजूद रहती थी। वह सेट पर आने वाले लोगों को लैपटॉप में फिल्म के सीन दिखाया करते थे।

    फिल्म से जुड़े रहे मयूर पुरी ने इस किस्से को याद करते हुए बताया कि उस समय फिल्म की टीम को अपने काम पर काफी भरोसा था। शाहरुख खान के पास फिल्म का एडिटेड वर्जन उनके लैपटॉप में रहता था। वह रोज सेट पर आते और फिल्म में अब तक तैयार हो चुके हिस्से को लोगों को दिखाते थे।

    शाहरुख खान किसी भी व्यक्ति को अपने लैपटॉप में फिल्म के एडिटेड सीन दिखाने से पीछे नहीं हटते थे। वह लोगों को सीन दिखाते हुए फिल्म की तारीफ भी करते थे और बताते थे कि टीम ने कैसी फिल्म तैयार की है। उस दौर में सेट पर लैपटॉप में पूरी फिल्म का एडिटेड वर्जन रखना और उसे लोगों को दिखाना आज की तरह सामान्य बात नहीं थी।

    शाहरुख खान का यह अंदाज फराह खान को ज्यादा पसंद नहीं आ रहा था। एक तरफ शाहरुख खान फिल्म के एडिटेड हिस्से को लेकर उत्साहित थे, वहीं दूसरी तरफ वह अपने नए लैपटॉप को लेकर भी काफी उत्साहित नजर आते थे। इसी वजह से वह सेट पर आने-जाने वाले लोगों को बार-बार लैपटॉप में फिल्म के सीन दिखाते थे।

    एक समय फराह खान ने शाहरुख खान को इसी बात पर टोक दिया। मयूर पुरी के मुताबिक, फराह खान ने मजाकिया अंदाज में शाहरुख खान से कहा था कि वह पूरी फिल्म ही सबको दिखा दें। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया की पहली ऐसी फिल्म होगी, जो शाहरुख खान के लैपटॉप पर रिलीज हो रही है।

    फराह खान की इस बात पर शाहरुख खान ने स्थिति को हंसी-मजाक में लिया। हालांकि, उन्हें यह भी समझ आया कि फराह की नाराजगी की वजह थी। फिल्म की कहानी और सीन को लेकर उत्साह में वह सेट पर मौजूद लोगों को लगातार एडिटेड फुटेज दिखा रहे थे।

    शाहरुख खान और फराह खान की दोस्ती काफी पुरानी है। दोनों के बीच लंबे समय से पेशेवर और व्यक्तिगत रिश्ता रहा है। यही वजह है कि दोनों एक-दूसरे के साथ खुलकर मजाक करते और अपनी बात रखते रहे हैं। ‘ओम शांति ओम’ की शूटिंग से जुड़ा यह किस्सा भी दोनों की इसी बेबाक दोस्ती को दिखाता है।

    ‘ओम शांति ओम’ में शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण के अलावा कई कलाकार नजर आए थे। फिल्म के गाने और कहानी भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुए थे। फिल्म की सफलता के बाद शाहरुख और दीपिका की जोड़ी भी काफी चर्चित हुई।

    वहीं शाहरुख खान इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘किंग’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक्शन अवतार में नजर आने वाले हैं। दूसरी ओर ‘ओम शांति ओम’ से जुड़ा यह पुराना किस्सा एक बार फिर शाहरुख खान और फराह खान की दोस्ती को लेकर लोगों का ध्यान खींच रहा है।

  • बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान को पछाड़ा, इस खास मामले में निकले सबसे आगे, जानें पूरी कहानी

    बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान को पछाड़ा, इस खास मामले में निकले सबसे आगे, जानें पूरी कहानी


    नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान बॉलीवुड के दो ऐसे नाम हैं जिनकी लोकप्रियता कई दशकों से कायम है। अमिताभ बच्चन को हिंदी सिनेमा का शहंशाह कहा जाता है तो शाहरुख खान को बॉलीवुड का बादशाह और किंग खान कहा जाता है। दोनों की फैन फॉलोइंग देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में है। अब सोशल मीडिया से जुड़े एक आंकड़े में अमिताभ बच्चन ने शाहरुख खान को मामूली अंतर से पीछे छोड़ दिया है। एम3एम हुरुन इंडिया रिच लिस्ट की रिपोर्ट में दोनों सितारों की सोशल मीडिया मौजूदगी को लेकर आंकड़े सामने आए हैं।

    रिपोर्ट के मुताबिक इंस्टाग्राम लिंक्डइन और एक्स यानी पहले ट्विटर पर अमिताभ बच्चन की कुल फॉलोइंग करीब 4.87 करोड़ है। वहीं शाहरुख खान की इन तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुल फॉलोइंग करीब 4.86 करोड़ बताई गई है। इस तरह दोनों सितारों के बीच करीब एक लाख फॉलोअर्स का अंतर है। यानी सोशल मीडिया फॉलोइंग के इस आंकड़े में अमिताभ बच्चन शाहरुख खान से थोड़ा आगे निकल गए हैं। हालांकि अंतर इतना कम है कि दोनों की लोकप्रियता के स्तर में इससे कोई बड़ा फर्क नजर नहीं आता।

    इस सूची में ऋतिक रोशन भी दोनों सितारों के काफी करीब हैं। रिपोर्ट में ऋतिक रोशन की तीनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुल फॉलोइंग करीब 4.81 करोड़ बताई गई है। इसके बाद करण जौहर का नाम आता है जिनकी कुल फॉलोइंग करीब 1.82 करोड़ है। इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि बॉलीवुड के बड़े सितारों की सोशल मीडिया पर कितनी मजबूत पकड़ है।

    सोशल मीडिया फॉलोइंग के अलावा रिपोर्ट में सितारों की संपत्ति से जुड़े आंकड़े भी चर्चा में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख खान और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 10 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं अमिताभ बच्चन और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 4 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। सलमान खान की नेटवर्थ करीब 3 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। इस तरह संपत्ति के मामले में भी इन सितारों से जुड़े आंकड़े काफी चर्चा में रहे हैं।

    वहीं खेल जगत के दिग्गज भी इस रिच लिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए हैं। क्रिकेटर विराट कोहली पांचवें स्थान पर बताए गए हैं। उनके बाद सचिन तेंदुलकर और महेंद्र सिंह धोनी का नाम आता है। इससे साफ है कि मनोरंजन जगत के साथ क्रिकेट सितारों की लोकप्रियता और आर्थिक प्रभाव भी काफी बड़ा है।

    शाहरुख खान की फिल्मों की बात करें तो वह आखिरी बार 2023 में रिलीज हुई फिल्म डंकी में नजर आए थे। इसी साल उनकी पठान और जवान जैसी फिल्मों ने भी दर्शकों के बीच जबरदस्त चर्चा बटोरी थी। अब उनकी अगली फिल्म किंग को लेकर फैंस में उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में शाहरुख खान के साथ सुहाना खान दीपिका पादुकोण अभिषेक बच्चन और अरशद वारसी जैसे कलाकार नजर आएंगे।

    किंग का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं और फिल्म को लेकर शाहरुख पहले ही बता चुके हैं कि यह प्रोजेक्ट उनके लिए खास है। उन्होंने फिल्म के एक्शन स्टोरी और विजुअल्स को लेकर भी फैंस की उत्सुकता बढ़ाई है। फिल्म क्रिसमस के मौके पर दिसंबर में रिलीज होने की बात सामने आई है। ऐसे में एक तरफ जहां अमिताभ बच्चन सोशल मीडिया फॉलोइंग के आंकड़े में मामूली बढ़त के कारण चर्चा में हैं वहीं शाहरुख खान की नजर अब अपनी अगली फिल्म किंग पर टिकी है।

  • शाहरुख के साथ जवान बनाने से पहले विजय ने एटली से कही थी ये बात, डायरेक्टर बोले- मेरी जिंदगी सच में बदल गई

    शाहरुख के साथ जवान बनाने से पहले विजय ने एटली से कही थी ये बात, डायरेक्टर बोले- मेरी जिंदगी सच में बदल गई


    नई दिल्ली। शाहरुख खान की फिल्म जवान ने साल 2023 में बॉक्स ऑफिस पर ऐसा धमाल मचाया था जिसने न सिर्फ अभिनेता के करियर में एक नया अध्याय जोड़ा बल्कि डायरेक्टर एटली कुमार की पहचान को भी देशभर में मजबूत कर दिया। तमिल सिनेमा में अपनी खास पहचान बना चुके एटली ने जवान के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा और शाहरुख खान के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों को खूब पसंद आई। अब एटली ने खुलासा किया है कि शाहरुख के साथ काम करने का फैसला लेने से पहले उन्हें थलपति विजय से एक ऐसी सलाह मिली थी जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।

    चेन्नई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एटली ने अपने करियर और थलपति विजय के साथ अपने रिश्ते को लेकर कई बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि आज वह जिस मुकाम पर हैं उसमें विजय का बड़ा योगदान है। एटली के मुताबिक उनकी दूसरी फिल्म राजा रानी के बाद उन्हें पहचान मिलनी शुरू हुई थी और इसके बाद विजय ने उन्हें लगातार बड़े मौके दिए। थेरी मर्सल और बिगिल जैसी फिल्मों के जरिए एटली और विजय की जोड़ी ने दर्शकों के बीच अपनी खास जगह बनाई।

    एटली ने बताया कि जब शाहरुख खान उनके ऑफिस पहुंचे और जवान को लेकर उनसे मुलाकात हुई तो उनके सामने एक बड़ा फैसला था। उन्होंने इस बारे में थलपति विजय से बात की थी। एटली के अनुसार विजय ने उन्हें कहा था कि उन्हें नहीं पता कि वह शाहरुख खान के साथ इस फिल्म को किस तरह बनाएंगे या इसे कैसे संभालेंगे लेकिन उन्हें विजय के पीछे घूमने के बजाय यह फिल्म करनी चाहिए। विजय ने कथित तौर पर उन्हें भरोसा दिलाया था कि यह फिल्म उनके करियर की दिशा बदल सकती है।

    एटली ने बताया कि विजय की यह बात आगे चलकर सच साबित हुई। जवान रिलीज होने के बाद एटली की पहचान तमिल सिनेमा से निकलकर देशभर में पहुंच गई। फिल्म में शाहरुख खान के साथ नयनतारा और विजय सेतुपति जैसे कलाकार नजर आए थे और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की। इस कामयाबी के बाद एटली का नाम भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के बड़े निर्देशकों में गिना जाने लगा।

    कार्यक्रम में एटली से यह भी पूछा गया कि वह अक्सर थलपति विजय का जिक्र क्यों करते हैं। इस पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसा सोच सकते हैं कि वह विजय का नाम इसलिए लेते हैं ताकि उनके साथ दोबारा फिल्म बनाने का मौका मिल सके। हालांकि एटली ने कहा कि अब विजय मुख्यमंत्री बन चुके हैं इसलिए उनके साथ अगली फिल्म करना संभव नहीं होगा। इसके बावजूद एटली ने विजय को अपना भाई बताते हुए उनके प्रति सम्मान और आभार जताया।

    फिलहाल एटली अपनी अगली बड़ी फिल्म राका को लेकर चर्चा में हैं। इस प्रोजेक्ट में अल्लू अर्जुन दीपिका पादुकोण मृणाल ठाकुर रश्मिका मंदाना और जाह्नवी कपूर जैसे कलाकारों के जुड़े होने की बात सामने आई है। फिल्म का बजट करीब 800 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। ऐसे में जवान के बाद एटली की अगली फिल्म पर भी दर्शकों की नजर बनी हुई है।

  • शाहरुख अजय और टाइगर को नोटिस के बाद तुकाराम मुंढे का सख्त रुख बोले विज्ञापन करने वाले भी जिम्मेदार

    शाहरुख अजय और टाइगर को नोटिस के बाद तुकाराम मुंढे का सख्त रुख बोले विज्ञापन करने वाले भी जिम्मेदार


    नई दिल्ली। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA के कमिश्नर तुकाराम मुंढे इन दिनों अपने सख्त रवैये को लेकर चर्चा में हैं। महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी से जुड़े मामलों पर कार्रवाई के बीच उन्होंने बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों शाहरुख खान अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को लेकर भी कड़ा बयान दिया है। मामला विमल इलायची के विज्ञापन से जुड़ा है। FDA की ओर से तीनों अभिनेताओं को शो कॉज नोटिस जारी किया गया था और अब इसी मामले पर तुकाराम मुंढे ने स्पष्ट किया है कि किसी सेलिब्रिटी की लोकप्रियता कानून से ऊपर नहीं हो सकती।

    एनडीटीवी से बातचीत में तुकाराम मुंढे ने कहा कि लोगों के लिए शाहरुख खान अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ बड़े स्टार हो सकते हैं लेकिन उनके लिए वे उन लोगों के तौर पर देखे जाते हैं जिन्होंने संबंधित उत्पाद का विज्ञापन किया है। उन्होंने कहा कि अगर विज्ञापन के जरिए कानून का उल्लंघन हुआ है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उनके मुताबिक FDA ने जो कार्रवाई शुरू की है वह कानून के तहत की गई है और इस मामले में आगे की प्रक्रिया भी नियमों के अनुसार ही चलेगी।

    मुंढे ने यह भी बताया कि तीनों अभिनेताओं को 11 अगस्त को नोटिस जारी किया गया था और उनसे निर्धारित समय के भीतर जवाब मांगा गया था। तीनों में से एक अभिनेता के जवाब को लेकर कार्रवाई आगे बढ़ने की बात कही गई है। हालांकि जब उनसे विशेष रूप से पूछा गया कि क्या शाहरुख खान ने नोटिस का जवाब दिया है तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी याद नहीं है क्योंकि यह मामला असिस्टेंट कमिश्नर के स्तर पर है। उन्होंने संभावना जताई कि शायद जवाब नहीं दिया गया है लेकिन इस बारे में वह निश्चित नहीं हैं। वहीं उन्होंने संकेत दिया कि बाकी दो अभिनेताओं की ओर से दिए गए जवाब पर विभाग की ओर से विचार किया जाएगा।

    इस पूरे मामले में सबसे अहम मुद्दा विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी को लेकर है। आमतौर पर किसी उत्पाद से जुड़ी कानूनी जिम्मेदारी को निर्माता या कंपनी से जोड़ा जाता है लेकिन तुकाराम मुंढे ने इस तर्क से असहमति जताई है। उनका कहना है कि जिस व्यक्ति या संस्था की ओर से किसी उत्पाद का प्रचार किया जा रहा है उसे भी उस उत्पाद और उसके दावों के बारे में पर्याप्त जानकारी हासिल करनी चाहिए। यानी किसी ब्रांड का चेहरा बनने से पहले विज्ञापन करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

    शाहरुख खान की बात करें तो उनकी पिछली रिलीज फिल्म डंकी थी जो 2023 में आई थी। अब वह किंग को लेकर चर्चा में हैं जिसमें सुहाना खान सहित कई कलाकार नजर आएंगे। अजय देवगन भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स में दिखाई देने वाले हैं। वहीं टाइगर श्रॉफ की फिल्मों को लेकर भी दर्शकों की नजर बनी हुई है। ऐसे में तीनों सितारों से जुड़ा यह मामला फिल्मी दुनिया के साथ-साथ सेलिब्रिटी विज्ञापनों की जिम्मेदारी पर भी बहस खड़ी करता है।

  • शाहरुख खान को मिली अंडरवर्ल्ड से धमकी तो मिला करारा जवाब, बोले- मैं पठान हूं, गोली मार दो लेकिन तुम्हारे लिए काम नहीं करूंगा

    शाहरुख खान को मिली अंडरवर्ल्ड से धमकी तो मिला करारा जवाब, बोले- मैं पठान हूं, गोली मार दो लेकिन तुम्हारे लिए काम नहीं करूंगा


    नई दिल्ली । बॉलीवुड की दुनिया में एक समय ऐसा भी था जब फिल्मों और सितारों पर अंडरवर्ल्ड के प्रभाव की खूब चर्चा होती थी। 80 और 90 के दशक में कई बड़े फिल्म कलाकारों और निर्माताओं को कथित तौर पर धमकियों और दबाव का सामना करना पड़ा। उस दौर में फिल्मों में पैसा लगाने से लेकर कलाकारों पर अपनी पसंद के प्रोजेक्ट करने का दबाव बनाने तक अंडरवर्ल्ड से जुड़े कई किस्से सामने आते रहे। बॉलीवुड के सबसे बड़े सितारों में शामिल शाहरुख खान का नाम भी ऐसे ही एक कथित घटनाक्रम से जुड़ा रहा है। लेकिन इस मामले में शाहरुख के बेखौफ रवैये की कहानी आज भी लोगों को हैरान करती है।

    एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान फिल्ममेकर संजय गुप्ता ने दावा किया कि शाहरुख खान उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने अंडरवर्ल्ड से जुड़े दबाव के सामने डरने के बजाय अपना फैसला साफ शब्दों में रखा। संजय गुप्ता के मुताबिक शाहरुख खान ने उन लोगों के लिए फिल्में और शो करने से इनकार कर दिया था और किसी भी तरह के दबाव में आने को तैयार नहीं थे।

    कथित तौर पर जब शाहरुख खान पर फिल्म करने और शो करने का दबाव बनाया गया तो उन्होंने बेहद बेखौफ जवाब दिया। उनका कहना था कि अगर किसी को उन्हें नुकसान पहुंचाना है तो वह पहुंचा सकता है लेकिन डर के कारण वह अपनी मर्जी के खिलाफ काम नहीं करेंगे। फिल्ममेकर के अनुसार शाहरुख ने साफ कहा था कि वह दबाव से डरने वाले नहीं हैं और किसी के कहने पर अपने करियर के फैसले नहीं बदलेंगे।

    संजय गुप्ता ने इस घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि शाहरुख के इस रवैये ने सामने वाले लोगों को भी हैरान कर दिया था। उनका मानना था कि शाहरुख ने अपनी बेखौफ सोच के कारण अलग तरह का सम्मान हासिल किया। हालांकि ऐसी कथित धमकियों और सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर शाहरुख खान को कुछ समय तक भारी पुलिस सुरक्षा के बीच भी रहना पड़ा था।

    शाहरुख खान की सुरक्षा को लेकर पुराने समय की एक और घटना का जिक्र फिल्म समीक्षक और लेखिका अनुपमा चोपड़ा की किताब King of Bollywood: Shah Rukh Khan में भी मिलता है। किताब के अनुसार जब शाहरुख खान फिल्म Duplicate पर काम कर रहे थे तब उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी। उस समय एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कथित तौर पर निर्देशक महेश भट्ट को चेतावनी दी थी कि शाहरुख खान की जान को खतरा हो सकता है। इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई और उन्हें निजी सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई।

    शाहरुख खान से जुड़े एक अन्य कथित किस्से में अंडरवर्ल्ड से जुड़े गैंगस्टर अबू सलेम के फोन कॉल का भी जिक्र मिलता है। किताब में वर्णित घटना के अनुसार शाहरुख पर एक खास प्रोड्यूसर के साथ काम करने का दबाव बनाया जा रहा था। कथित तौर पर फोन पर गुस्से और दबाव के बावजूद शाहरुख खान ने स्थिति को शांत तरीके से संभालने की कोशिश की।

    इस दौरान शाहरुख खान से जुड़ा एक जवाब भी काफी चर्चित रहा। कथित तौर पर उन्होंने साफ कहा था कि जैसे वह किसी दूसरे व्यक्ति को यह नहीं बताते कि उसे किसके खिलाफ क्या करना चाहिए वैसे ही कोई दूसरा व्यक्ति उन्हें यह निर्देश नहीं दे सकता कि उन्हें कौन सी फिल्म करनी चाहिए। इस जवाब में उनका आत्मविश्वास और अपने फैसलों पर कायम रहने वाला स्वभाव साफ दिखाई देता है।

    बेशक इन घटनाओं और दावों को अलग अलग लोगों द्वारा वर्षों बाद साझा किए गए अनुभवों के आधार पर देखा जाना चाहिए। लेकिन इन किस्सों से शाहरुख खान की उस छवि की झलक जरूर मिलती है जो मुश्किल परिस्थितियों में भी खुद को कमजोर दिखाने के बजाय मजबूती से अपने फैसले पर टिके रहने के लिए जानी जाती है। आज करोड़ों फैंस के लिए किंग खान बनने वाले शाहरुख का यह पुराना किस्सा बताता है कि सफलता के सफर में उन्होंने केवल फिल्मों की चुनौतियों का ही सामना नहीं किया बल्कि कई मुश्किल परिस्थितियों से भी गुजरना पड़ा।

  • शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    शाहरुख-ऐश्वर्या की दोस्ती के बीच क्यों आया वो फैसला? करीब 5 फिल्मों से बाहर हुईं ऐश्वर्या, ‘चलते चलते’ से जुड़ा था पूरा मामला

    नई दिल्ली । शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय बॉलीवुड की उन जोड़ियों में शामिल हैं जिन्हें दर्शकों ने पर्दे पर खूब पसंद किया। दोनों ने मोहब्बतें, देवदास और जोश जैसी फिल्मों में साथ काम किया और उनकी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री ने खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब दोनों के बीच फिल्मों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरी इंडस्ट्री का ध्यान खींचा। हैरानी की बात यह थी कि ऐश्वर्या राय को शाहरुख खान की करीब पांच फिल्मों से बाहर कर दिया गया था। बाद में खुद शाहरुख खान ने इस फैसले को लेकर माना था कि उन्हें इसका अफसोस है।

    इस कहानी का सबसे चर्चित हिस्सा साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म चलते चलते से जुड़ा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फिल्म के लिए ऐश्वर्या राय को पहली पसंद माना जा रहा था और वह फिल्म में शाहरुख खान के साथ नजर आने वाली थीं। लेकिन शूटिंग के दौरान परिस्थितियां बदल गईं और ऐश्वर्या की जगह रानी मुखर्जी को फिल्म में शामिल किया गया। फिल्म में शाहरुख और रानी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब पसंद किया और चलते चलते बॉक्स ऑफिस पर सफल रही।

    ऐश्वर्या को फिल्म से हटाए जाने की वजह के तौर पर उस समय सलमान खान से जुड़े विवाद का जिक्र सामने आया था। रिपोर्ट्स के अनुसार सलमान और ऐश्वर्या के रिश्ते में चल रहे तनाव का असर शूटिंग के माहौल पर भी पड़ा था। बताया गया कि सलमान के सेट पर आने और वहां पैदा हुए विवाद के कारण शूटिंग प्रभावित हुई। ऐसे में फिल्म के निर्माताओं के सामने प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने की चुनौती थी। बाद में ऐश्वर्या और सलमान दोनों ने शाहरुख से माफी भी मांगी थी लेकिन फिल्म की स्थिति को देखते हुए फैसला बदलना संभव नहीं हुआ।

    हालांकि यह मामला सिर्फ चलते चलते तक सीमित नहीं रहा। ऐश्वर्या राय ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि ऐसी कई फिल्में थीं जिनमें वह शाहरुख खान के साथ काम करने वाली थीं लेकिन अचानक उन्हें उन प्रोजेक्ट्स से हटा दिया गया। इनमें वीर जारा और कल हो ना हो जैसी फिल्मों के नाम भी सामने आए। ऐश्वर्या ने माना था कि जब बिना किसी स्पष्ट वजह के कोई फिल्म हाथ से निकल जाए तो कलाकार के लिए यह स्वाभाविक रूप से दुख पहुंचाने वाला होता है। उनके मुताबिक ऐसी परिस्थितियों में इंसान खुद से सवाल करने लगता है कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।

    दिलचस्प बात यह है कि कुछ समय बाद शाहरुख खान ने भी इस फैसले को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्वीकार किया था कि ऐश्वर्या को फिल्मों से हटाना उनके लिए आसान फैसला नहीं था और उन्हें लगता है कि उन्होंने गलत किया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक निर्माता के तौर पर कई बार फैसले अकेले नहीं लिए जाते। उनके साथ पूरी टीम और दूसरे प्रोडक्शन पार्टनर्स भी जुड़े होते हैं और फिल्म को तय समय में पूरा करने की जिम्मेदारी होती है।

    शाहरुख ने ऐश्वर्या की प्रोफेशनलिज्म की भी तारीफ की थी। उन्होंने माना कि वह उनकी पसंदीदा को-स्टार्स में से एक रही हैं और उनके साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। उनके मुताबिक उस समय लिया गया फैसला व्यक्तिगत से ज्यादा पेशेवर परिस्थितियों से जुड़ा था।

    बाद के वर्षों में शाहरुख और ऐश्वर्या ने एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखा। दोनों की दोस्ती और फिल्मों में साथ काम करने की यादें आज भी बॉलीवुड के चर्चित किस्सों में शामिल हैं। यह कहानी यह भी दिखाती है कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार बड़े सितारों के बावजूद किसी प्रोजेक्ट से जुड़ा अंतिम फैसला सिर्फ एक व्यक्ति के हाथ में नहीं होता। परिस्थिति, निर्माता, समय और फिल्म की जरूरतें भी अहम भूमिका निभाती हैं। वहीं शाहरुख का बाद में अपनी गलती स्वीकार करना इस पुराने विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू माना जाता है।

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  • नियाज खान का बड़ा दावा-नाम सुनते ही मकान देने से किया इनकार, पूछा क्या हर मुसलमान आतंकवादी है?

    नियाज खान का बड़ा दावा-नाम सुनते ही मकान देने से किया इनकार, पूछा क्या हर मुसलमान आतंकवादी है?

    भोपाल । पूर्व IAS अधिकारी नियाज खान एक बार फिर अपने बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने देश में मुसलमानों के प्रति कथित भेदभाव और नफरत के माहौल को लेकर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए उनके पोस्ट के मुताबिक उनका दावा है कि कोई मुसलमान कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो उसे हिंदू बहुल रिहायशी इलाके में मकान लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ धर्म की पहचान के आधार पर हर मुसलमान को आतंकवादी समझा जाना उचित है। नियाज खान इससे पहले भी धर्म और सामाजिक सौहार्द से जुड़े अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। वर्ष 2025 में भी उनके एक पोस्ट को लेकर व्यापक चर्चा हुई थी जिसमें उन्होंने भारत के हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच साझा सांस्कृतिक और आनुवंशिक जुड़ाव की बात कही थी।

    नियाज खान ने अपने ताजा बयान में दावा किया कि हिंदू परिवार कई बार मुसलमानों को अपना मकान देने से बचते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें खुद ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है। उनके मुताबिक भोपाल के शक्तिनगर इलाके में उन्होंने एक मकान लेने की कोशिश की थी लेकिन मकान मालिक ने उनका नाम पूछने के बाद कथित तौर पर मकान देने से इनकार कर दिया। हालांकि यह उनके व्यक्तिगत अनुभव का दावा है और इससे पूरे समाज के व्यवहार के बारे में कोई सार्वभौमिक निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    नियाज खान ने अपने पोस्ट में यह सवाल भी उठाया कि क्या किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान के आधार पर उसे संदेह की नजर से देखना सही है। उन्होंने मुसलमानों को लेकर बने पूर्वाग्रहों पर चिंता जताते हुए कहा कि देश के मुसलमान भी देश के प्रति उतने ही जिम्मेदार और देशभक्त हैं। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर धार्मिक पहचान और आवासीय भेदभाव को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

    नियाज खान ने इससे पहले देश की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को लेकर भी सोशल मीडिया पर अपनी राय रखी थी। उन्होंने भारत की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और किसी दूसरे देश पर निर्भरता कम करने की बात कही थी। उनके मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा के मामले में भारत को अपनी क्षमता पर ज्यादा भरोसा करना चाहिए।

    इसके अलावा नियाज खान ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और अजय देवगन को लेकर भी तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने पान मसाला और गुटखा से जुड़े विज्ञापनों में फिल्मी सितारों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि ऐसे उत्पादों के प्रचार से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। उन्होंने दोनों अभिनेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उन्हें जेल भेजने तक की बात कही। यह उनका व्यक्तिगत बयान और मांग है। दोनों अभिनेताओं के खिलाफ इस बयान के आधार पर किसी आपराधिक दोष का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

    गौरतलब है कि तंबाकू और गुटखा विज्ञापनों को लेकर शाहरुख खान और अजय देवगन समेत कुछ बड़े फिल्मी सितारों का नाम पहले भी कानूनी बहस में आया है। वर्ष 2023 में केंद्र सरकार की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया गया था कि शाहरुख खान अक्षय कुमार और अजय देवगन को गुटखा कंपनियों से जुड़े विज्ञापनों के मामले में नोटिस जारी किए गए थे।

    नियाज खान के ताजा बयान ने एक बार फिर धर्म के आधार पर भेदभाव और सार्वजनिक जीवन में मशहूर हस्तियों की जिम्मेदारी जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। उनके बयानों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं लेकिन इन मुद्दों पर बहस करते समय व्यक्तिगत अनुभव और व्यापक सामाजिक स्थिति के बीच अंतर करना जरूरी है। साथ ही किसी समुदाय के बारे में सामान्यीकरण करने के बजाय घटनाओं और आरोपों को तथ्य और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर देखना ज्यादा उचित होगा।

  • 'मेरा रेवेन्यू मत रोकिए…' जब शाहरुख खान ने विवादित विज्ञापनों पर दिया था बेबाक जवाब

    'मेरा रेवेन्यू मत रोकिए…' जब शाहरुख खान ने विवादित विज्ञापनों पर दिया था बेबाक जवाब


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA की ओर से विमल इलायची के विज्ञापन को लेकर शाहरुख खान अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बाद एक पुराना बयान फिर चर्चा में आ गया है। FDA ने इन तीनों कलाकारों से विज्ञापन को लेकर जवाब मांगा है। विभाग का मानना है कि विमल इलायची का विज्ञापन राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का सरोगेट विज्ञापन हो सकता है। तीनों कलाकारों को नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है।

    इस पूरे विवाद के बीच शाहरुख खान का कई साल पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में फिर चर्चा का विषय बन गया है। उस इंटरव्यू में पत्रकार करण थापर ने शाहरुख से सेलिब्रिटीज के उन प्रोडक्ट्स के विज्ञापन करने पर सवाल किया था जिनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की बात कही जाती है। सवाल के दौरान सॉफ्ट ड्रिंक के विज्ञापनों का भी जिक्र हुआ था और कहा गया था कि बच्चों पर बड़े सितारों के विज्ञापन का प्रभाव पड़ता है।

    इस पर शाहरुख खान ने उस समय तर्क दिया था कि अगर सरकार को किसी प्रोडक्ट से इतनी आपत्ति है और वह उसे समाज के लिए नुकसानदायक मानती है तो उसे देश में बनाने और बेचने की अनुमति ही नहीं दी जानी चाहिए। शाहरुख ने कहा था कि अगर सिगरेट खराब है तो सरकार उसके निर्माण पर रोक लगाए और अगर सॉफ्ट ड्रिंक को नुकसानदायक माना जाता है तो उसके उत्पादन को बंद किया जाना चाहिए। उनका सवाल था कि जब सरकार ऐसे उत्पादों से मिलने वाले राजस्व को रोक नहीं रही है तो कलाकारों की कमाई को लेकर सवाल क्यों उठाए जाते हैं।

    शाहरुख ने खुद को एक अभिनेता बताते हुए कहा था कि उनका काम अभिनय करना और उससे कमाई करना है। उनके मुताबिक यदि कोई उत्पाद गलत है तो उसके उत्पादन को ही बंद किया जाना चाहिए। इसी पुराने बयान के कारण मौजूदा विवाद के बीच शाहरुख का पक्ष एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि वर्तमान FDA नोटिस को लेकर शाहरुख खान या अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    FDA के नोटिस के मुताबिक तीनों कलाकारों को यह स्पष्ट करना होगा कि विमल इलायची वास्तव में एक अलग उत्पाद है या फिर इसके जरिए प्रतिबंधित विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का अप्रत्यक्ष रूप से प्रचार किया जा रहा है। विभाग ने विज्ञापन से जुड़े कई दस्तावेज और जानकारियां भी मांगी हैं।

    नोटिस में कलाकारों से उन टीवी चैनलों डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों की जानकारी मांगी गई है जहां यह विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित हुआ। इसके साथ ही विज्ञापन की अवधि और उसे प्रसारित किए जाने से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। FDA ने कलाकारों और ब्रांड के मालिक के बीच हुए कमर्शियल या कानूनी समझौते से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं।

    अब तीनों सितारों को निर्धारित 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज FDA के सामने पेश करने होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक जवाब नहीं देने या संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में आगे कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। फिलहाल मामले में कलाकारों के जवाब का इंतजार है। वहीं शाहरुख खान का पुराना बयान इस विवाद के बीच एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर रहा है कि प्रतिबंधित या विवादित उत्पादों के प्रचार की जिम्मेदारी सिर्फ विज्ञापन करने वाले सेलिब्रिटीज की है या फिर ऐसे उत्पादों के निर्माण और बिक्री पर भी समान रूप से सवाल उठना चाहिए।

  • ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका

    ‘मैंने सब कुछ गंवा दिया था…’ ऋतिक ने सुनाया पिता राकेश रोशन के मुश्किल दौर का किस्सा, ऐसे मिला था एक्टिंग का पहला मौका


    नई दिल्ली। साल 1997 में रिलीज हुई शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित की फिल्म कोयला भले ही आज अपने गानों और दमदार अंदाज के लिए याद की जाती हो लेकिन इस फिल्म की असफलता ने फिल्ममेकर राकेश रोशन को बेहद मुश्किल दौर में पहुंचा दिया था। फिल्म की कहानी लिखने से लेकर निर्देशन और निर्माण तक की जिम्मेदारी राकेश रोशन ने खुद संभाली थी और उन्हें इस प्रोजेक्ट से काफी उम्मीदें थीं। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर फिल्म उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी और इसके बाद राकेश रोशन को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई साल बाद ऋतिक रोशन ने उस दौर को याद करते हुए बताया कि उनके पिता ने अपनी मेहनत से कमाई गई लगभग पूरी संपत्ति गंवा दी थी और परिवार के लिए वह समय बेहद कठिन था।

    ऋतिक रोशन के मुताबिक एक सुबह उन्होंने अपने पिता को बेहद परेशान देखा। राकेश रोशन ने उनसे कहा था कि उन्होंने जो कुछ कमाया था वह सब खत्म हो चुका है और अब मुश्किलें चारों तरफ से सामने आ रही हैं। ऋतिक ने बताया कि यह पहली बार था जब उन्होंने अपने पिता की आंखों में आंसू देखे थे। एक मजबूत और सफल फिल्ममेकर के रूप में पिता को देखने वाले ऋतिक के लिए यह पल बेहद भावुक करने वाला था। उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही दौर आगे चलकर रोशन परिवार के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत बनेगा।

    कोयला से ऋतिक रोशन की भी खास यादें जुड़ी हुई हैं। अभिनेता बनने से पहले वह अपने पिता के साथ फिल्म के निर्माण में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें कैमरे के सामने आने का मौका भी मिला। ऋतिक को एक्टिंग में लाने के पीछे उनके नाना और अभिनेता ओम प्रकाश की भी अहम भूमिका बताई जाती है। राकेश रोशन ने बाद में बताया था कि उनके ससुर चाहते थे कि ऋतिक को फिल्म में एक भूमिका दी जाए। शुरुआत में राकेश रोशन को संदेह था कि ऋतिक कैमरे के सामने कैसे काम करेंगे क्योंकि वह ज्यादा बोलते नहीं थे। लेकिन जब ऋतिक ने सेट पर अपना पहला शॉट दिया तो राकेश रोशन खुद हैरान रह गए। उन्हें महसूस हुआ कि उनके बेटे के भीतर अभिनय की प्रतिभा मौजूद है।

    इसके बाद ऋतिक रोशन ने फिल्मी दुनिया में अपना अलग मुकाम बनाया। साल 2000 में कहो ना प्यार है से उन्होंने बतौर लीड अभिनेता शानदार शुरुआत की और देखते ही देखते बॉलीवुड के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल हो गए। पिता और बेटे की जोड़ी ने आगे कोई मिल गया, कृष और कृष 3 जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया और इन फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर मजबूत सफलता हासिल की। इस तरह जिस परिवार ने एक समय आर्थिक संकट और असफलता का सामना किया था, उसी परिवार ने आगे चलकर हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बनाई। ऋतिक की कहानी यह भी दिखाती है कि मुश्किल दौर कई बार जिंदगी की सबसे बड़ी शुरुआत का कारण बन सकता है।