Tag: Shivpuri News

  • शिवपुरी में मानसून की देरी से बढ़ी किसानों की चिंता: 10 दिन पिछड़ी टमाटर रोपाई, खराब हो सकती है तैयार पौध

    शिवपुरी में मानसून की देरी से बढ़ी किसानों की चिंता: 10 दिन पिछड़ी टमाटर रोपाई, खराब हो सकती है तैयार पौध


    मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी जिले में मानसून की देरी किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। समय पर बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं और खेतों में बुवाई तथा रोपाई का काम ठप पड़ा हुआ है। प्रदेश के प्रमुख टमाटर उत्पादक क्षेत्रों में शामिल शिवपुरी में इस बार टमाटर की रोपाई सामान्य समय से 10 दिन से अधिक पीछे चल रही है। किसानों ने खेत और पौध दोनों तैयार कर लिए हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेती का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

    जिले के कई गांवों में किसानों ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए पहले ही टमाटर की पौध तैयार कर ली थी। अधिकांश किसानों ने पौध को खेतों तक भी पहुंचा दिया है, लेकिन मिट्टी में नमी की कमी के कारण रोपाई शुरू नहीं हो पा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सूखी जमीन में रोपाई करने से पौध के खराब होने का खतरा रहता है, इसलिए किसान जोखिम लेने से बच रहे हैं।

    सामान्य परिस्थितियों में जून के मध्य तक टमाटर की रोपाई का काम शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मानसून की देरी ने पूरे कृषि चक्र को प्रभावित कर दिया है। किसान लगातार आसमान की ओर निगाहें टिकाए हुए हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

    किसानों का कहना है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो तैयार पौध जरूरत से अधिक बड़ी हो जाएगी। ऐसी स्थिति में पौध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और खेत में लगाने के बाद उसकी वृद्धि तथा उत्पादन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे टमाटर की पैदावार घटने की आशंका बढ़ जाएगी।

    किसान अशोक कुशवाह का कहना है कि यदि बारिश में और देरी हुई तो वर्तमान पौध अनुपयोगी हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसानों को नई पौध खरीदकर दोबारा रोपाई करनी पड़ेगी। इससे खेती की लागत में काफी वृद्धि होगी और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार किसानों ने बीज, पौध तैयार करने, खेत की तैयारी, मजदूरी और सिंचाई पर पहले ही खर्च कर दिया है। यदि तैयार पौध खराब होती है तो दोबारा निवेश करना पड़ेगा, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। शिवपुरी जिले की कृषि अर्थव्यवस्था में टमाटर उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां उत्पादित टमाटर मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी भेजे जाते हैं। ऐसे में रोपाई में देरी का सीधा असर किसानों की आय और बाजार आपूर्ति पर पड़ सकता है।

    केवल टमाटर ही नहीं, बल्कि सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई भी बारिश की कमी से प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय हो जाता है तो खेती का काम पटरी पर लौट सकता है, लेकिन 10 से 15 दिन की अतिरिक्त देरी उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी रही है। जहां आमतौर पर 15 से 16 जून तक प्रदेश में मानसून सक्रिय हो जाता है, वहीं इस बार इसकी प्रगति धीमी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 25 जून के आसपास मानसून प्रदेश में सक्रिय हो सकता है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। ऐसे में शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र के किसानों की उम्मीदें अब आगामी बारिश पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द अच्छी वर्षा होती है तो खेती की रफ्तार फिर से बढ़ सकती है, अन्यथा किसानों को उत्पादन और आय दोनों स्तरों पर नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

  • शिवपुरी में डीएपी खाद की बड़ी खेप जब्त: 79 बोरी अवैध परिवहन करते पकड़े गए दो आरोपी, FIR दर्ज

    शिवपुरी में डीएपी खाद की बड़ी खेप जब्त: 79 बोरी अवैध परिवहन करते पकड़े गए दो आरोपी, FIR दर्ज


    मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी जिले में कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने डीएपी खाद के अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 79 बोरी खाद जब्त की है। कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों को बिना वैध दस्तावेजों के खाद का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। मामले में कृषि विभाग की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। इसी क्रम में तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा के निर्देश पर कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने फतेहपुर रोड स्थित गीता पब्लिक स्कूल के समीप विशेष जांच अभियान चलाया। रात करीब 9:15 बजे टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान ग्राम बलेरा निवासी राजेश यादव के मैसी ट्रैक्टर को रोका गया। तलाशी लेने पर ट्रैक्टर में आईपीएल कंपनी की डीएपी खाद की 47 बोरियां मिलीं। इसके बाद टीम ने भोगरीपुरा निवासी अभिषेक रावत के महिंद्रा पिकअप वाहन की जांच की, जिसमें 32 बोरियां डीएपी खाद बरामद हुईं। दोनों वाहनों से कुल 79 बोरी खाद जब्त की गई।

    अधिकारियों ने मौके पर दोनों आरोपियों से खाद खरीदने और परिवहन करने से संबंधित बिल, रसीद, ई-टोकन अथवा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, दोनों ही व्यक्ति कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि खाद किसी किसान से खरीदी गई है, लेकिन इस संबंध में भी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए।

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक का बिना दस्तावेज परिवहन गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और खाद के नमूने भी लिए। इसके बाद पूरी खेप को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

    कृषि विभाग का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के उर्वरक का भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री करना उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। साथ ही यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय अपराध भी माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

    वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने राजेश यादव और अभिषेक रावत के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाद कहां से लाई गई थी और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

  • उत्कर्ष आत्महत्या केस में नया मोड़: पत्नी रिया समेत पांच लोगों पर FIR, जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप

    उत्कर्ष आत्महत्या केस में नया मोड़: पत्नी रिया समेत पांच लोगों पर FIR, जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप


    मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी के बहुचर्चित उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या मामले में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की जांच के बीच अब पुलिस ने उत्कर्ष की पत्नी रिया शिवहरे समेत पांच लोगों के खिलाफ कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में पेश करने के आरोप में नया प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने जमानत प्राप्त करने के उद्देश्य से न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की और इसके लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

    जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष शिवहरे ने अपनी शादी के लगभग एक वर्ष बाद 19 अप्रैल 2026 को आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी। मामले की जांच के बाद फिजिकल थाना पुलिस ने उत्कर्ष की पत्नी रिया शिवहरे, उनके पिता जितेंद्र शिवहरे, भाई ध्रुव शिवहरे और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। यह प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

    इसी दौरान आरोपियों की ओर से जमानत के लिए न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन के साथ एक दस्तावेज भी संलग्न किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि घटना वाले दिन यानी 19 अप्रैल को सुबह 10:15 बजे रिया शिवहरे ने भोपाल के गौतम नगर थाने में ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस कथित शिकायत का उल्लेख जमानत आवेदन में भी प्रमुखता से किया गया था।

    मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए इस दस्तावेज की सत्यता को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद इसकी जांच शुरू की गई। कोतवाली पुलिस ने भोपाल के गौतम नगर थाना पुलिस से संपर्क कर संबंधित रिकॉर्ड और जानकारी जुटाई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, जिस समय शिकायत दर्ज कराने का दावा किया गया था, उस समय रिया शिवहरे के थाने पहुंचने के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।

    इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी में भी कई तरह की विसंगतियां सामने आईं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई कि जमानत प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कथित रूप से दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

    जांच के आधार पर कोतवाली पुलिस ने गीता शिवहरे, रिया शिवहरे, जितेंद्र शिवहरे, ध्रुव शिवहरे और रियम शिवहरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस नए मामले के दर्ज होने के बाद उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या प्रकरण और अधिक संवेदनशील हो गया है। अब यह मामला केवल आत्महत्या के लिए उकसाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि न्यायालय में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज पेश कर जमानत हासिल करने के आरोप भी इसमें जुड़ गए हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस चर्चित मामले की दिशा तय कर सकते हैं।

  • शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग

    शिवपुरी में तेज आंधी-बारिश का कहर: चार मकानों की टीन शेड उड़ीं, जान बचाने घरों से बाहर भागे लोग


    मध्‍यप्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दीं। बदरवास थाना क्षेत्र के चितारा गांव में तेज हवाओं और बारिश के चलते चार मकानों की टीन शेड उड़ गईं। घटना के समय घरों में मौजूद लोगों को अपनी जान बचाने के लिए तुरंत बाहर निकलना पड़ा। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन प्रभावित परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।

    ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर के समय अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई और देखते ही देखते कई मकानों की टीन शेड हवा में उड़ गईं। चितारा गांव निवासी भरत जाटव के घर में उस समय उनका दिव्यांग भाई छोटू जाटव, पत्नी मायावती, मां श्रीयाबाई और चार बच्चे मौजूद थे। अचानक छत की टीन शेड उड़ने लगी तो परिवार में अफरा-तफरी मच गई। सभी लोग घबराकर घर से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थान पर शरण ली।

    प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवा की रफ्तार इतनी अधिक थी कि लोगों को कुछ समझने का मौका तक नहीं मिला। कुछ ही मिनटों में कई मकानों को नुकसान पहुंच गया। भरत जाटव के अलावा विजय जाटव, लखन जाटव और इमरत जाटव के मकानों की टीन शेड भी तेज आंधी में उड़ गईं। बारिश के कारण घरों में रखा घरेलू सामान, कपड़े और अनाज भी भीगकर खराब हो गया।

    इस प्राकृतिक आपदा का असर केवल मकानों तक ही सीमित नहीं रहा। विजय जाटव की मोटरसाइकिल पर टीन शेड का हिस्सा गिर गया, जिससे वाहन को भी नुकसान पहुंचा। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक हुए इस नुकसान ने प्रभावित परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि कई लोगों के लिए यह मकान और उसमें रखा सामान ही उनकी जीवनभर की पूंजी है।

    गांव के लोगों ने बताया कि आंधी और बारिश का असर इतना ज्यादा था कि कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। लोग अपने घरों से निकलकर खुले स्थानों की ओर भागने लगे। बच्चों और बुजुर्गों में डर का माहौल देखा गया। हालांकि मौसम सामान्य होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

    घटना के बाद प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन परिवारों की टीन शेड उड़ गई हैं, उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है ताकि वे अपने घरों की मरम्मत कर सकें और सामान्य जीवन फिर से शुरू कर सकें।

  • अवैध रेत कारोबार की सूचना देने के शक में किसान पर हमला: ट्रैक्टर में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा, तीन पर केस

    अवैध रेत कारोबार की सूचना देने के शक में किसान पर हमला: ट्रैक्टर में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा, तीन पर केस


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। पिपरोदा अटलपुर गांव में एक किसान पर कथित रूप से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन की सूचना देने के शक में हमला कर दिया गया। आरोप है कि तीन लोगों ने पहले किसान के ट्रैक्टर में टक्कर मारी और बाद में लाठी-डंडों तथा लात-घूंसों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

    पीड़ित अर्जुन सिंह गुर्जर ने बदरवास थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मंगलवार शाम करीब 6 बजे वह गांव में लाल साहब गुर्जर के घर के सामने खड़ा था। इसी दौरान गांव के रहने वाले सादान गुर्जर, रामकृष्ण गुर्जर और राजू गुर्जर ट्रैक्टर लेकर वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने आते ही उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी।

    अर्जुन सिंह के अनुसार जब उसने गाली देने का विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत में बताया गया है कि सादान गुर्जर ने लाठी से उसके सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। इसके बाद राजू गुर्जर ने उसके दाहिने हाथ पर और रामकृष्ण गुर्जर ने बाएं हाथ की उंगली के पास लाठी से हमला किया।

    पीड़ित का आरोप है कि तीनों हमलावरों ने मिलकर उसे जमीन पर गिरा दिया और लात-घूंसों से मारपीट की। इतना ही नहीं, आरोपियों ने अपने ट्रैक्टर से उसके ट्रैक्टर में टक्कर मारकर नुकसान भी पहुंचाया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

    मारपीट और हंगामे की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह पीड़ित को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया। ग्रामीणों को आता देख तीनों आरोपी वहां से भाग निकले। घटना के बाद घायल किसान को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमले के पीछे पुरानी रंजिश और अवैध रेत कारोबार का विवाद है। अर्जुन सिंह का कहना है कि सादान, रामकृष्ण और राजू गुर्जर क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़े हुए हैं। उन्हें शक था कि उनके अवैध कारोबार की जानकारी रेंज विभाग और पुलिस तक अर्जुन सिंह के परिवार द्वारा पहुंचाई जाती है। इसी संदेह और रंजिश के चलते आरोपियों ने हमला किया।

    शिकायत में यह भी कहा गया है कि मारपीट के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित ने बदरवास थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर अवैध रेत कारोबार से जुड़े विवादों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते तनाव को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोग भी चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

  • 85 वर्षीय किसान की जमीन पर फर्जी अनुबंध का आरोप: कोर्ट के आदेश पर FIR, दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस

    85 वर्षीय किसान की जमीन पर फर्जी अनुबंध का आरोप: कोर्ट के आदेश पर FIR, दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी में एक बुजुर्ग किसान की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। ग्वालियर बायपास रोड निवासी 85 वर्षीय किसान रामजीलाल वर्मा की जमीन का कथित रूप से फर्जी अनुबंध कराने के आरोप में कोतवाली थाना पुलिस ने न्यायालय के निर्देश पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय के आदेश के बाद की गई है।

    पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में शिवपुरी के किड्स गार्डन स्कूल के पास रहने वाले शिवकुमार गौतम को आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 336(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले ने शहर में जमीन संबंधी विवादों और दस्तावेजों में कथित हेराफेरी के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।

    शिकायतकर्ता रामजीलाल वर्मा के अनुसार, उनके नाम राजस्व अभिलेखों में सर्वे नंबर 609/2 की भूमि दर्ज है और वे इसके वैध स्वामी हैं। आरोप है कि फरवरी 2024 में शिवकुमार गौतम ने इस भूमि को अपनी बताते हुए हेमंत कुमार गुप्ता के साथ अनुबंध कर लिया। शिकायत में दावा किया गया है कि यह अनुबंध पूरी तरह फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया था।

    रामजीलाल वर्मा का कहना है कि इस कथित अनुबंध का उद्देश्य उनकी संपत्ति पर अवैध दावा स्थापित करना और आर्थिक लाभ प्राप्त करना था। जब उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की।

    बताया गया है कि रामजीलाल वर्मा ने पहले फिजिकल थाना, कोतवाली थाना और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्याय की उम्मीद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और परिवाद प्रस्तुत किया।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों का अवलोकन किया। इसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत कोतवाली थाना पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने विधिवत मामला दर्ज कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    कोतवाली थाना पुलिस अब कथित अनुबंध से जुड़े दस्तावेजों, राजस्व रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि अनुबंध किन परिस्थितियों में तैयार किया गया, उसमें प्रयुक्त दस्तावेजों की वैधता क्या है और कहीं किसी प्रकार की जालसाजी या कूटरचना तो नहीं की गई।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच प्रारंभिक चरण में है और पुलिस दस्तावेजी साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।

    यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि भूमि संबंधी मामलों में दस्तावेजों की पारदर्शिता और सत्यापन कितना महत्वपूर्ण है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं और इस पूरे प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही।

  • शिवपुरी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: सिंध नदी घाट से 13 वाहन जब्त, मचा हड़कंप

    शिवपुरी में अवैध रेत माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई: सिंध नदी घाट से 13 वाहन जब्त, मचा हड़कंप


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। बदरवास थाना क्षेत्र स्थित सिंध नदी के रिजौदी घाट पर बुधवार रात माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रेत खनन और परिवहन में लगे 13 वाहनों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में 10 ट्रैक्टर और 3 हाइड्रा वाहन शामिल हैं। प्रशासन की इस सख्ती से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, माइनिंग विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि सिंध नदी के विभिन्न घाटों से बड़े पैमाने पर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इन शिकायतों के आधार पर माइनिंग विभाग ने बदरवास थाना पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई। बुधवार देर रात जब टीम रिजौदी घाट पहुंची तो वहां अवैध रूप से रेत निकालने और ढोने का काम चल रहा था।

    अचानक हुई छापेमारी को देखकर वाहन चालक और खनन से जुड़े लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। इसके बाद माइनिंग विभाग और पुलिस ने मौके पर मौजूद 13 वाहनों को जब्त कर लिया। सभी जब्त वाहनों को सुरक्षा की दृष्टि से बदरवास थाना परिसर में पुलिस की निगरानी में खड़ा कराया गया है।

    अधिकारियों का कहना है कि रिजौदी घाट पर की गई यह कार्रवाई हाल के समय में जिले की सबसे बड़ी खनन विरोधी कार्रवाइयों में से एक है। प्रशासन को उम्मीद है कि इससे अवैध खनन करने वालों को कड़ा संदेश जाएगा और भविष्य में ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगेगा।

    माइनिंग इंस्पेक्टर ऋषभ दीक्षित ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई है। उन्होंने बताया कि अवैध खनन के खिलाफ जिलेभर में लगातार निगरानी रखी जा रही है और जहां भी शिकायतें मिल रही हैं, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। रिजौदी घाट से कुल 13 वाहन जब्त किए गए हैं और उनके खिलाफ नियमानुसार प्रकरण तैयार किए जा रहे हैं।

    माइनिंग विभाग की कार्रवाई केवल रिजौदी घाट तक सीमित नहीं रही। विभाग ने गोपालपुर थाना क्षेत्र में भी अवैध उत्खनन के दौरान एक जेसीबी मशीन को पकड़ा है। अधिकारियों के अनुसार, जिले के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध खनन पर नजर रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

    जब्त किए गए वाहनों और मशीनों से जुड़े सभी मामलों की रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर न्यायालय में प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद संबंधित वाहन मालिकों और खनन गतिविधियों में शामिल लोगों पर नियमानुसार जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि शिवपुरी जिले में सिंध नदी के कई घाट लंबे समय से अवैध रेत कारोबार का केंद्र बने हुए हैं। प्रशासन समय-समय पर कार्रवाई करता रहा है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में ताजा कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

  • गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात

    गुजरात के होटल में प्रेमिका की हत्या का आरोप, शिवपुरी ला रही पुलिस टीम के सामने हुई सनसनीखेज वारदात


    मध्य प्रदेश। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से जुड़े एक मामले में गुजरात के गांधी नगर जिले में ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया है। पुलिस के अनुसार, शिवपुरी से फरार हुए एक प्रेमी जोड़े को गुजरात से बरामद कर वापस लाया जा रहा था। इसी दौरान होटल में ठहरने के समय युवती की मौत हो गई, जबकि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक पर युवती की हत्या करने और बाद में खुद को घायल करने का आरोप है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

    जानकारी के मुताबिक, शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी 21 वर्षीय रजनी धाकड़ और 25 वर्षीय संतोष जाटव 7 जून को घर से चले गए थे। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर उनकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम युवती के भाई को साथ लेकर गुजरात पहुंची और 11 जून को दोनों को राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र से बरामद कर लिया।

    इसके बाद पुलिस टीम दोनों को लेकर शिवपुरी लौट रही थी। लंबी यात्रा के चलते टीम ने गांधी नगर से आगे उदयपुर हाईवे पर स्थित एक होटल में रात के समय विश्राम करने का निर्णय लिया। पुलिस के अनुसार, होटल के कमरे में पुलिसकर्मी, दोनों युवक-युवती और युवती का भाई समेत कुल छह लोग मौजूद थे।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, देर रात करीब दो से ढाई बजे के बीच कमरे में अचानक हलचल और चीख-पुकार की आवाज सुनाई दी। मौजूद लोगों के जागने पर युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली, जबकि युवक भी घायल था। पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और दोनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने युवती को मृत घोषित कर दिया, जबकि युवक को गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती कराया गया है।

    घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवक की तलाशी ली गई थी और उसके पास कोई धारदार वस्तु नहीं मिली थी। हालांकि, महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं होने के कारण युवती की तलाशी नहीं ली गई थी। ऐसे में घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार कहां से आया, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।

    चूंकि घटना गुजरात के गांधी नगर जिले के अंतर्गत हुई है, इसलिए स्थानीय चिलोड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिवपुरी पुलिस के अधिकारियों ने भी घटना की पुष्टि की है और बताया है कि अब पूरे मामले की जांच गुजरात पुलिस के अधिकार क्षेत्र में की जा रही है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। होटल स्टाफ, प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस टीम के सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    फिलहाल युवक अस्पताल में उपचाराधीन है और मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • 39 लाख की सप्लाई ठगी का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, भरोसा जीतकर कारोबारी को लगाया चूना

    39 लाख की सप्लाई ठगी का आरोपी जयपुर से गिरफ्तार, भरोसा जीतकर कारोबारी को लगाया चूना


    मध्‍य प्रदेश। शिवपुरी में एक बड़े सप्लाई फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए देहात थाना पुलिस ने करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी राजीव भाटिया को राजस्थान के जयपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर एक कारोबारी से मार्केटिंग सामग्री सप्लाई के नाम पर 39.49 लाख रुपये की ठगी करने का गंभीर आरोप है।

    पुलिस के अनुसार, शिवपुरी के छोटा लुहारपुरा निवासी राहुल गुप्ता, जो ‘श्री मां इंटरप्राइजेज’ नाम से मार्केटिंग व्यवसाय चलाते हैं, उनकी मुलाकात जयपुर स्थित ‘आरबीएम मार्ट प्राइवेट लिमिटेड’ के संचालक राजीव भाटिया से हुई थी। शुरुआत में आरोपी ने समय पर भुगतान लेकर माल की सप्लाई कर दी, जिससे दोनों के बीच विश्वास बन गया।

    यही भरोसा बाद में ठगी का आधार बन गया। अगस्त 2024 से राहुल गुप्ता ने आरोपी की कंपनी के खाते में लगातार आरटीजीएस के जरिए बड़ी रकम भेजनी शुरू कर दी। शुरुआती दौर में सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने माल भेजना बंद कर दिया और संपर्क से बचने लगा।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने कुल 39 लाख 49 हजार रुपये प्राप्त करने के बाद न तो कोई माल सप्लाई किया और न ही रकम वापस लौटाई। जब कारोबारी ने पैसे या सामान की मांग की तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा।

    मामले को लेकर पीड़ित राहुल गुप्ता ने बताया कि जनवरी 2025 में वह अपने भाई के साथ जयपुर पहुंचे थे, जहां उनकी मुलाकात आरोपी से होटल रॉयल ऑर्किड में हुई थी। वहां आरोपी ने पान मसाला ब्रांड लॉन्च करने की बात कही और 20 जनवरी से सप्लाई शुरू करने का आश्वासन दिया, लेकिन यह वादा भी पूरा नहीं हुआ।

    बैंक ट्रांजेक्शन, दस्तावेज और अन्य सबूतों की जांच के बाद पुलिस ने पाया कि यह पूरा मामला सुनियोजित धोखाधड़ी का है। इसी आधार पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अमानत में खयानत जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।

    देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि आरोपी लंबे समय से फरार था और उसकी तलाश लगातार की जा रही थी। आखिरकार तकनीकी निगरानी और इनपुट के आधार पर उसे जयपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों के साथ भी ठगी की है।

  • विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश

    विश्व साइकिल दिवस पर सड़कों पर उतरे ITBP जवान, फिट इंडिया का दिया संदेश


    मध्य प्रदेश । विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर शिवपुरी में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईटीआई) द्वारा एक प्रेरणादायी साइकिल रैली का आयोजन किया गया। ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ के तहत आयोजित इस रैली का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम में संस्थान के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने का संदेश दिया।

    रैली का शुभारंभ संस्थान के उप महानिरीक्षक (दूरसंचार) राजेश चौधरी ने हरी झंडी दिखाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए साइकिलिंग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और तनाव के बीच साइकिल चलाना स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने का एक सरल, सस्ता और प्रभावी माध्यम है। नियमित साइकिलिंग न केवल शरीर को सक्रिय रखती है, बल्कि हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को भी कम करने में सहायक होती है।

    राजेश चौधरी ने कहा कि साइकिल चलाने से शारीरिक क्षमता में वृद्धि होती है, शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है और मोटापा, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि साइकिलिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है, क्योंकि यह तनाव और चिंता को कम करने में सहायक होती है तथा व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है।

    कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर भी विशेष जोर दिया गया। डीआईजी ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच साइकिल का उपयोग एक प्रभावी समाधान बन सकता है। साइकिल चलाने से ईंधन की बचत होती है, कार्बन उत्सर्जन कम होता है और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में योगदान मिलता है। उन्होंने कहा कि यदि लोग छोटी दूरी के लिए मोटर वाहनों की बजाय साइकिल का उपयोग करें तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

    इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों को ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल चलाने की आदत विकसित करे, ताकि स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि फिट और स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और विकसित राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

    रैली में शामिल अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के संदेश के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का माध्यम बना, बल्कि समाज को स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य की दिशा में प्रेरित करने वाला एक सकारात्मक प्रयास भी साबित हुआ।