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  • गणेश चतुर्थी से पहले शिवपुरी में उठी बड़ी मांग 12 दिनों तक मांस-मटन की दुकानें बंद कराने की अपील कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    गणेश चतुर्थी से पहले शिवपुरी में उठी बड़ी मांग 12 दिनों तक मांस-मटन की दुकानें बंद कराने की अपील कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    शिवपुरी । शिवपुरी में गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर राष्ट्रीय सनातन सेना भारत ने प्रशासन के सामने एक अहम मांग रखी है। संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर गणेश चतुर्थी उत्सव की 12 दिनों की अवधि में शहर की मांस और मटन की दुकानों को बंद रखने की मांग की है। संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं और शहर में धार्मिक वातावरण बना रहता है। ऐसे में प्रशासन को भी इस अवधि में विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी चाहिए।

    राष्ट्रीय सनातन सेना भारत के प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र शर्मा के नेतृत्व में संगठन के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें गणेश चतुर्थी के दौरान मांस और मटन की दुकानों को बंद रखने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी करने की अपील की गई है। संगठन ने अपनी मांग को धार्मिक आस्था के साथ शहर की स्वच्छता और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ते हुए प्रशासन से सकारात्मक कार्रवाई की उम्मीद जताई है।

    संगठन का कहना है कि गणेश उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण पर्व है। इस दौरान शहर में जगह जगह भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं। श्रद्धालु पूजा अर्चना करते हैं और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई स्थानों पर बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही भी रहती है। ऐसे में संगठन चाहता है कि उत्सव के दौरान शहर का वातावरण धार्मिक आयोजनों के अनुरूप बना रहे।

    ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि मांस और मटन की दुकानें बंद रखने की मांग किसी व्यक्ति या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं की गई है। संगठन ने इसे धार्मिक आस्था और स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान से जुड़ा विषय बताया है। साथ ही स्वच्छता को भी अपनी मांग का एक आधार बताया गया है।

    राष्ट्रीय सनातन सेना ने प्रशासन से अपील की है कि गणेश चतुर्थी की 12 दिनों की अवधि के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएं। संगठन ने संबंधित क्षेत्रों में आदेश के पालन की निगरानी के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग भी की है ताकि पर्व के दौरान प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

    गणेश उत्सव के दौरान शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर भी संगठन ने प्रशासन और नगर पालिका से विशेष इंतजाम करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि धार्मिक स्थलों और गणेश पंडालों के आसपास नियमित सफाई होनी चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

    पुष्पेंद्र शर्मा ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोग धार्मिक आयोजनों में शामिल होते हैं। इसलिए प्रशासन को श्रद्धालुओं की भावनाओं और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करते हुए जरूरी कदम उठाने चाहिए। अब संगठन की इस मांग पर प्रशासन क्या निर्णय लेता है इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

  • कचरा गाड़ी चोरी का पुलिस ने किया खुलासा: कोलारस से साढ़ौरा तक 50 CCTV ने जोड़ा पूरा रास्ता, डीजल खत्म होने पर छोड़ने का शक

    कचरा गाड़ी चोरी का पुलिस ने किया खुलासा: कोलारस से साढ़ौरा तक 50 CCTV ने जोड़ा पूरा रास्ता, डीजल खत्म होने पर छोड़ने का शक


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस में नगर परिषद की कचरा उठाने वाली सरकारी गाड़ी चोरी होने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 31 अगस्त की रात नगर परिषद परिसर से चोरी हुई टाटा ट्रिपर गाड़ी को पुलिस ने अशोकनगर जिले के साढ़ौरा से बरामद कर लिया है। वाहन की तलाश में पुलिस ने कोलारस से साढ़ौरा तक करीब 50 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और एक के बाद एक मिले सुरागों को जोड़ते हुए चोरी हुई गाड़ी तक पहुंच गई। फिलहाल वाहन को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कोलारस थाने पहुंचा दिया है जबकि CCTV फुटेज में नजर आए संदिग्ध की तलाश जारी है।

    जानकारी के मुताबिक नगर परिषद कोलारस की टाटा ट्रिपर कचरा गाड़ी क्रमांक MP33L2598 को 31 अगस्त की रात करीब 9:30 बजे नगर परिषद कार्यालय परिसर से चोरी कर लिया गया था। रात में गाड़ी के गायब होने की जानकारी मिलने के बाद नगर परिषद कर्मचारियों ने आसपास के इलाके में तलाश शुरू की लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू हुई।

    जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग उस समय मिला जब CCTV फुटेज में चोरी की गई गाड़ी रात करीब 9:40 बजे रेलवे स्टेशन रोड की तरफ जाती दिखाई दी। इसके कुछ देर बाद रात करीब 10 बजे यही वाहन पूरनखेड़ी टोल प्लाजा से गुजरता हुआ नजर आया। टोल प्लाजा के कैमरों में गाड़ी को ले जाते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति भी दिखाई दिया। इस फुटेज ने पुलिस की जांच को नई दिशा दी।

    नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी की शिकायत पर कोलारस थाने में मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी पुनीत बाजपेई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वाहन की तलाश शुरू की। पुलिस ने केवल एक या दो स्थानों के CCTV पर निर्भर रहने के बजाय पूरे संभावित रास्ते की फुटेज खंगालना शुरू किया। कोलारस से साढ़ौरा तक अलग अलग स्थानों पर लगे करीब 50 CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। कई कैमरों में वाहन की गतिविधियों को जोड़ते हुए पुलिस ने उसके संभावित मार्ग का पता लगाया।

    लगातार जांच के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी की गई सरकारी गाड़ी अशोकनगर जिले के साढ़ौरा तक पहुंच चुकी है। इसके बाद पुलिस टीम ने साढ़ौरा रेलवे स्टेशन और उसके आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की। इसी दौरान चोरी हुई टाटा ट्रिपर गाड़ी बरामद कर ली गई। वाहन को पुलिस ने कब्जे में लेकर कोलारस थाने भेज दिया।

    पुलिस की जांच में एक और अहम बात सामने आई है। बरामद गाड़ी के टैंक में डीजल नहीं मिला है। ऐसे में प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि रास्ते में डीजल खत्म होने के बाद संदिग्ध ने गाड़ी को साढ़ौरा रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दिया और वहां से ट्रेन पकड़कर फरार हो गया। हालांकि यह अभी पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है। आरोपी ने वाहन को क्यों छोड़ा और वह किस दिशा में फरार हुआ इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

    अब पुलिस का पूरा ध्यान CCTV फुटेज में दिखाई दे रहे संदिग्ध की पहचान और गिरफ्तारी पर है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तस्वीर और हुलिए का मिलान कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की वारदात अकेले व्यक्ति ने की थी या इसके पीछे कोई और भी शामिल था। नगर परिषद परिसर से सरकारी वाहन चोरी होने के कारण पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है।

    फिलहाल चोरी हुई कचरा गाड़ी बरामद होने से नगर परिषद और पुलिस ने राहत की सांस ली है लेकिन इस मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। 50 CCTV कैमरों से मिले सुरागों ने पुलिस को वाहन तक तो पहुंचा दिया है अब सबसे बड़ी चुनौती उस व्यक्ति तक पहुंचना है जिसने सरकारी गाड़ी को नगर परिषद परिसर से चोरी किया था।

  • शिवपुरी में नशे का खौफनाक VIDEO सामने आया: खुलेआम स्मैक बेचते दिखे युवक और सड़क पर सिरिंज से नशा करता मिला दूसरा युवक

    शिवपुरी में नशे का खौफनाक VIDEO सामने आया: खुलेआम स्मैक बेचते दिखे युवक और सड़क पर सिरिंज से नशा करता मिला दूसरा युवक


    शिवपुरी । शिवपुरी शहर में नशे के कारोबार और खुलेआम नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर सामने आए दो वीडियो ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में एक तरफ पुलिस की ओर से नशे से दूरी है जरूरी अभियान चलाया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ सामने आए वीडियो में कथित तौर पर नशे की खरीद बिक्री और सेवन के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। दोनों वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वीडियो में नजर आ रहे युवकों की पहचान शुरू कर दी है।

    पहला वीडियो शिवपुरी के लुधावली क्षेत्र के वार्ड नंबर 17 का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक स्थान पर नजर आ रहे हैं। इसमें दो युवक एक लड़के को कथित तौर पर स्मैक बेचते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद इलाके में नशे के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सार्वजनिक स्थान पर नशीले पदार्थ की खरीद बिक्री हो रही है तो इस पर निगरानी रखने वाली व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की वास्तविक पहचान और वहां मौजूद पदार्थ की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    इसी बीच दूसरा वीडियो भी सामने आया है जो हवाई पट्टी के पास लगने वाली रेत मंडी का बताया जा रहा है। इस वीडियो में एक युवक सड़क किनारे बैठा दिखाई देता है और उसके हाथ में सिरिंज नजर आती है। वीडियो के मुताबिक युवक कथित तौर पर सिरिंज के जरिए नशा कर रहा था। वहां मौजूद दो लोगों ने युवक को इस तरह खुलेआम नशा करते देखा तो उसे पकड़ लिया और सड़क पर नशा करने को लेकर फटकार लगाई।

    पूछताछ के दौरान युवक ने खुद को ईंट के कारोबार से जुड़ा बताया। उसने यह भी बताया कि वह फिजिकल थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला भी पुलिस के संज्ञान में आया है। सार्वजनिक स्थान पर इस तरह नशीले पदार्थ का सेवन दिखाई देना शहर में नशे की समस्या की गंभीरता को सामने लाता है।

    इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद अब पुलिस की भूमिका अहम हो गई है। देहात थाना प्रभारी विकास यादव ने बताया कि स्मैक बेचने और खरीदने से जुड़ा वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान की जा रही है। पहचान होने के बाद मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल पुलिस वीडियो की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवक कौन हैं और नशे से जुड़े इस पूरे मामले के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं। यदि जांच में नशीले पदार्थ की खरीद बिक्री की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इन घटनाओं ने एक बार फिर शहर में नशे के खिलाफ लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई की जरूरत को सामने ला दिया है।

  • राशन वितरण में गड़बड़ी पड़ी भारी: बड़ोखरा में सेल्समैन का मकान ध्वस्त, जिले में 6 राशन विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई

    राशन वितरण में गड़बड़ी पड़ी भारी: बड़ोखरा में सेल्समैन का मकान ध्वस्त, जिले में 6 राशन विक्रेताओं पर कानूनी कार्रवाई


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले में राशन वितरण में गड़बड़ी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। बदरवास क्षेत्र के बड़ोखरा गांव में ग्रामीणों की शिकायत के बाद हुई जांच में लापरवाही और अनियमितता सामने आने पर प्रशासन ने कार्रवाई की। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश के बाद टीम ने सेल्समैन के खिलाफ कदम उठाते हुए सरकारी जमीन पर बने अवैध मकान को जेसीबी की मदद से ढहा दिया। इसके साथ ही जिले में राशन वितरण से जुड़े मामलों में छह विक्रेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया की गई है।

    मामला बड़ोखरा गांव की उचित मूल्य दुकान से जुड़ा है। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अचानक दुकान का निरीक्षण किया था। इस दौरान ग्रामीणों ने सेल्समैन योगेश जाट पर राशन वितरण में मनमानी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना था कि उन्होंने राशन लेने के लिए फिंगरप्रिंट भी लगाए थे लेकिन इसके बावजूद उन्हें करीब तीन महीने से खाद्यान्न नहीं मिल रहा था। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अपनी मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों को राशन का वितरण कराया और सेल्समैन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।

    प्रशासन के निर्देश के बाद भी सेल्समैन लगातार दुकान से गायब रहा। इसके बाद गुरुवार को तहसीलदार सचिन भार्गव के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम उसके गांव सेमरी पहुंची। यहां जांच के दौरान सरकारी जमीन पर एक मकान बना मिला। प्रशासन ने निर्माण को अवैध मानते हुए कार्रवाई की और जेसीबी से मकान को ढहा दिया। इस कार्रवाई के बाद राशन वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी करने वालों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई।

    प्रशासन ने केवल एक मामले तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में राशन दुकानों की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। कोलारस क्षेत्र की बामोरखुर्द और श्रीपुरा राशन दुकानों में पीओएस मशीन के रिकॉर्ड में खाद्यान्न दर्ज था लेकिन मौके पर राशन उपलब्ध नहीं मिला। इस मामले में विक्रेता माधौ सिंह यादव और धनपाल सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें जेल भेजा गया।

    इसी तरह रन्नौद तहसील की अकोदा राशन दुकान में भी वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी सामने आने के बाद विक्रेता गोलू लोधी पर कार्रवाई की गई। पिछोर क्षेत्र में भी निवोदा के पुष्पेंद्र सिनावलकलां के भगवानलाल और बघावारा के सतेंद्र के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। इन मामलों में भी आरोपित विक्रेताओं को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।

    कलेक्टर ने अधिकारियों को जिले की सभी उचित मूल्य दुकानों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पीओएस मशीन में दर्ज खाद्यान्न और वास्तव में हितग्राहियों को वितरित किए गए राशन में किसी तरह का अंतर नहीं होना चाहिए। पात्र लोगों को समय पर उनका राशन मिले और वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे इस पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि राशन वितरण में अनियमितता मिलने पर जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में हादसे से मचा हड़कंप बाइक सवार पिता-पुत्र को कार ने कुचला नाबालिग के वाहन चलाने का दावा

    शिवपुरी में हादसे से मचा हड़कंप बाइक सवार पिता-पुत्र को कार ने कुचला नाबालिग के वाहन चलाने का दावा


    शिवपुरी । शिवपुरी में गुरुवार को तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा विष्णु मंदिर के पास पुलिया पर हुआ जहां नीलगर चौराहे की तरफ से आ रही कार ने बाइक को साइड से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार दोनों सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद दोनों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद पिता की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    हादसे में घायल धर्मेंद्र रजक उम्र 38 वर्ष ने बताया कि वह इंद्रा कॉलोनी में रहते हैं और अपनी बाइक से न्यू ब्लॉक स्थित दुकान की ओर जा रहे थे। उनके पिता भजनलाल रजक बाइक की पिछली सीट पर बैठे थे। दोनों सामान्य तरीके से अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विष्णु मंदिर के पास पुलिया पर सामने से आ रही कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

    धर्मेंद्र के मुताबिक कार तेज रफ्तार में थी और चालक ने वाहन को लापरवाही से चलाते हुए बाइक को टक्कर मारी। दुर्घटना में धर्मेंद्र के बाएं पैर में गंभीर चोट लगी और काफी खून बहने लगा। वहीं उनके पिता भजनलाल के पसली के अलावा दोनों पैरों और कंधे में भी गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और आसपास मौजूद लोगों की मदद से घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    धर्मेंद्र ने हादसे की जानकारी अपने बड़े भाई परमानंद रजक को दी। इसके बाद दोनों घायलों को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया। धर्मेंद्र के पैर में गंभीर चोट होने के कारण प्लास्टर चढ़ाया गया जबकि उनके पिता की हालत अधिक गंभीर बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद भजनलाल को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया गया।

    घायल धर्मेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में एक अहम आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि जिस समय कार ने उनकी बाइक को टक्कर मारी उस वक्त कार एक नाबालिग लड़की चला रही थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस आरोप की पुष्टि नहीं की है। पुलिस ने कार नंबर MP 33 C 9001 और अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।

    पुलिस अब दुर्घटना की परिस्थितियों के साथ कार कौन चला रहा था और हादसे के समय वाहन की रफ्तार कितनी थी जैसे बिंदुओं की जांच करेगी। साथ ही घायल पिता-पुत्र के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। हादसे के कारण बाइक सवार परिवार में चिंता का माहौल है और घायल पिता को ग्वालियर रेफर किए जाने के बाद परिजन उनके इलाज को लेकर परेशान हैं।

  • पोस्टमार्टम हाउस भी चोरों से नहीं बचा: शिवपुरी में कंप्रेसर और कॉपर केबल चोरी, पुलिस से शिकायत

    पोस्टमार्टम हाउस भी चोरों से नहीं बचा: शिवपुरी में कंप्रेसर और कॉपर केबल चोरी, पुलिस से शिकायत


    शिवपुरी ।
    शिवपुरी जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में चोरी की एक गंभीर घटना सामने आई है। अज्ञात चोरों ने उस जगह को निशाना बनाया जहां शवों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। चोर दो शव रखने वाले फ्रीजरों से कंप्रेसर, कॉपर पाइप और कॉपर केबल निकालकर ले गए। इसके साथ ही स्टेबलाइजर से जुड़ा सामान भी चोरी होने की जानकारी सामने है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया और पोस्टमार्टम हाउस की महत्वपूर्ण व्यवस्था प्रभावित होने से चिंता बढ़ गई है।

    अस्पताल प्रबंधन के अनुसार पोस्टमार्टम हाउस में रखे दोनों फ्रीजरों को चोरों ने निशाना बनाया। फ्रीजरों में लगे कंप्रेसर और कॉपर से जुड़े जरूरी उपकरण गायब मिले। चोरी की वजह से शवों को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाली फ्रीजर व्यवस्था प्रभावित हुई है। जब इस घटना की जानकारी अस्पताल के अधिकारियों तक पहुंची तो मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कराई गई।

    पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद नोडल अधिकारी और को नोडल अधिकारी ने चोरी की घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस तक पहुंचाई गई। सिविल सर्जन एवं मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. रामप्रताप सिंह चौहान ने सिटी कोतवाली पुलिस को पत्र लिखकर अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन ने चोरी हुए सामान और फ्रीजरों को हुए नुकसान की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराई है।

    मामले में फरियादी आयुष खरे के आवेदन और अस्पताल प्रबंधन की शिकायत के आधार पर सिटी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 305 ए के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आयुष खरे पोस्टमार्टम हाउस के पास शिवपुरी के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस अब चोरी की पूरी घटना की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोर पोस्टमार्टम हाउस तक कैसे पहुंचे और उन्होंने कब इस वारदात को अंजाम दिया।

    पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान करना है। इसके लिए पोस्टमार्टम हाउस और जिला अस्पताल परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा सकती है। साथ ही चोरी हुए कॉपर पाइप, कॉपर केबल और अन्य सामान की बरामदगी के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चोरी की घटना में एक व्यक्ति शामिल था या फिर किसी गिरोह ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

    पोस्टमार्टम हाउस जैसी संवेदनशील जगह पर चोरी की घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शवों को सुरक्षित रखने वाले फ्रीजरों से जरूरी उपकरण चोरी होने के कारण अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • NH-46 पर एक रात में 7 गौवंश की मौत तेज रफ्तार ट्रकों ने 9 को कुचला

    NH-46 पर एक रात में 7 गौवंश की मौत तेज रफ्तार ट्रकों ने 9 को कुचला


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाला NH-46 बुधवार रात गौवंश के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ। हाईवे पर अलग-अलग स्थानों पर हुए दो सड़क हादसों में तेज रफ्तार ट्रकों की चपेट में आने से कुल 9 गौवंश हादसे का शिकार हो गए। इनमें से 7 गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो घायल बताए जा रहे हैं। लगातार हुए इन हादसों के बाद इलाके में गौवंश की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    पहला हादसा सुमेला बायपास के ओवरब्रिज पर हुआ। बताया जा रहा है कि यहां सड़क किनारे चार गौवंश मौजूद थे। इसी दौरान शिवपुरी से गुना की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीन गौवंश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक गौवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा तफरी का माहौल बन गया।

    घटना की जानकारी मिलते ही सनातनी गो सेवा समिति की टीम मौके पर पहुंची। टीम के सदस्यों ने घायल गौवंश को संभाला और उसका उपचार कराया। साथ ही सड़क पर पड़े मृत गौवंश को हटाकर सुरक्षित स्थान पर किया गया ताकि हाईवे पर आने जाने वाले दूसरे वाहनों के लिए खतरा न बना रहे।

    इसी रात दूसरा हादसा ईश्वरी ओवरब्रिज पर हुआ। यहां गुना से शिवपुरी की ओर जा रहे एक ट्रक ने सड़क पर मौजूद पांच गौवंश को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में चार गौवंश की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक घायल हो गया। एक ही रात में कुछ ही दूरी के अंतर पर हुए दोनों हादसों ने हाईवे पर गौवंश की मौजूदगी और उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    ईश्वरी ओवरब्रिज पर हादसे की सूचना मिलने के बाद भी सनातनी गो सेवा समिति की टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने घायल गौवंश को इलाज उपलब्ध कराया और मृत गौवंश को सड़क से हटाकर किनारे किया। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बीच सबसे बड़ी चिंता यह है कि हाईवे पर आवारा या खुले में घूमने वाले गौवंश रात के समय तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं।

    NH-46 जैसे व्यस्त हाईवे पर वाहनों की रफ्तार काफी अधिक रहती है। ऐसे में सड़क पर अचानक गौवंश आ जाने से चालक के लिए वाहन नियंत्रित करना मुश्किल हो सकता है। इससे न केवल गौवंश की जान को खतरा रहता है बल्कि वाहन सवार लोगों के लिए भी गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

    बुधवार रात हुए दोनों हादसों में कुल 9 गौवंश की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। इनमें 7 की मौत हो चुकी है जबकि दो घायल हैं। घटना के बाद गो सेवा समिति की सक्रियता से घायल पशुओं को समय पर उपचार मिल सका। हालांकि एक ही रात में सात गौवंश की मौत ने हाईवे पर पशुओं की सुरक्षा के इंतजामों और तेज रफ्तार वाहनों की निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए हाईवे के संवेदनशील हिस्सों पर विशेष निगरानी और पशुओं को सड़क से दूर रखने के इंतजाम जरूरी माने जा रहे हैं।

  • माइक न मिलने पर जनपद अध्यक्ष का छलका दर्द, सिंधिया के कार्यक्रम में सियासी तकरार ने पकड़ा जोर

    माइक न मिलने पर जनपद अध्यक्ष का छलका दर्द, सिंधिया के कार्यक्रम में सियासी तकरार ने पकड़ा जोर


    शिवपुरी । शिवपुरी के बदरवास में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम के दौरान माइक को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार शाम बिजरौनी बायपास और दौलतपुर से खाइखेड़ा मार्ग निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में बदरवास जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार को मंच से बोलने का अवसर नहीं मिला। कार्यक्रम के बाद जनपद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वह अपनी बात रखने वाली थीं लेकिन उनका माइक हटा दिया गया। इसके बाद स्थानीय राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने क्षेत्र से जुड़ी अपनी बात रखना चाहती थीं। उनका कहना है कि उन्होंने कोलारस विधायक महेंद्र यादव से भी उन्हें बोलने का अवसर देने की बात कही थी। जनपद अध्यक्ष के मुताबिक विधायक ने उन्हें अपनी बात वहीं से कहने के लिए कहा था लेकिन वह माइक के जरिए मंच से अपनी बात रखना चाहती थीं। उनका आरोप है कि उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया गया।

    कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मीरा बाई परिहार ने विधायक महेंद्र यादव पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक साल से जनपद क्षेत्र के विकास कार्यों में अड़चनें आ रही हैं। जनपद अध्यक्ष ने दावा किया कि विकास कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर वह चार बार दिल्ली तक जा चुकी हैं लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

    मीरा बाई ने कहा कि जनपद अध्यक्ष के तौर पर जनता के लिए विकास कार्य कराना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन यदि विकास कार्यों के लिए जरूरी प्रक्रिया और फंड से जुड़े काम ही आगे नहीं बढ़ेंगे तो सरपंचों की मांगों को पूरा करना मुश्किल होगा। उन्होंने अधिकारियों और बिचौलियों पर भी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई मामलों में ऑनलाइन एंट्री तक नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से विकास फंड जल्द जारी करने की मांग की और संकेत दिया कि सुनवाई नहीं होने पर वह इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठा सकती हैं।

    वहीं कोलारस विधायक महेंद्र यादव ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीरा बाई परिहार ने उनसे केंद्रीय मंत्री से कुछ कहने की इच्छा जताई थी। विधायक के मुताबिक उन्होंने जनपद अध्यक्ष से अपनी बात कागज पर लिखकर देने के लिए कहा था ताकि उनकी बात केंद्रीय मंत्री तक स्पष्ट रूप से पहुंचाई जा सके।

    विधायक ने कहा कि यदि जनपद अध्यक्ष ने माइक के जरिए केंद्रीय मंत्री और जनता के सामने अपनी बात रखने की इच्छा जताई होती तो उन्हें बोलने का अवसर जरूर दिया जाता। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कोलारस रेलवे स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को हरी झंडी दिखाने वाले थे। इसी कारण मंच से बोलने का समय सीमित था और मंडल अध्यक्ष विधायक तथा सांसद को ही वक्तव्य का अवसर दिया गया।

    महेंद्र यादव ने मीरा बाई परिहार को पार्टी की वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अभी शिवपुरी में ही हैं और जनपद अध्यक्ष उनसे मुलाकात कर अपनी बात सीधे रख सकती हैं। विधायक ने यह भी कहा कि वह स्वयं मीरा बाई से इस मामले में चर्चा करेंगे।

    इस कार्यक्रम में क्षेत्र को रेल सुविधा की सौगात भी मिली। ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से कोलारस रेलवे स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को मंजूरी मिली है। इसके अलावा अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर सोगरिया दानापुर एक्सप्रेस के ठहराव को भी स्वीकृति दी गई है। विकास कार्यों और रेल सुविधाओं के बीच मंच पर बोलने को लेकर उठा यह विवाद अब स्थानीय सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।

  • पेपर लीक के विरोध में शिवपुरी के छात्र लामबंद, आंदोलन की अनुमति के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन

    पेपर लीक के विरोध में शिवपुरी के छात्र लामबंद, आंदोलन की अनुमति के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन


    शिवपुरी । पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में अब शिवपुरी के छात्र-छात्राओं ने भी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर छात्राओं ने जिला प्रशासन से शांतिपूर्ण धरना और रैली की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग रहा है और अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

    मंगलवार को छात्रा सोम्या और श्रुति जैन ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से प्रेरित होकर शिवपुरी के छात्र भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए अपने जिले में शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।

    छात्राओं ने 21 से 24 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक शहर के पोलो ग्राउंड और माधव चौक पर धरना देने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही शहर में शांतिपूर्ण रैली निकालने का भी प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह संविधान के दायरे में रहेगा और किसी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

    आवेदन में छात्राओं ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) और 19(1)(ख) के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का प्रयोग है। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

    छात्राओं का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं का मनोबल पेपर लीक जैसी घटनाओं से टूट रहा है। इससे न केवल ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है बल्कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो युवाओं का भरोसा पूरी परीक्षा व्यवस्था से उठ सकता है।

    फिलहाल छात्र-छात्राएं जिला प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि अनुमति मिलती है तो शिवपुरी में आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। यह आंदोलन केवल पेपर लीक के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष जांच और जवाबदेह व्यवस्था की मांग को भी प्रमुखता से उठाएगा। अब निगाहें प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन को अनुमति देता है या नहीं।