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  • माइक न मिलने पर जनपद अध्यक्ष का छलका दर्द, सिंधिया के कार्यक्रम में सियासी तकरार ने पकड़ा जोर

    माइक न मिलने पर जनपद अध्यक्ष का छलका दर्द, सिंधिया के कार्यक्रम में सियासी तकरार ने पकड़ा जोर


    शिवपुरी  शिवपुरी के बदरवास में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कार्यक्रम के दौरान माइक को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार शाम बिजरौनी बायपास और दौलतपुर से खाइखेड़ा मार्ग निर्माण के भूमि पूजन कार्यक्रम में बदरवास जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार को मंच से बोलने का अवसर नहीं मिला। कार्यक्रम के बाद जनपद अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि वह अपनी बात रखने वाली थीं लेकिन उनका माइक हटा दिया गया। इसके बाद स्थानीय राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    कार्यक्रम के दौरान जनपद अध्यक्ष मीरा बाई परिहार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने क्षेत्र से जुड़ी अपनी बात रखना चाहती थीं। उनका कहना है कि उन्होंने कोलारस विधायक महेंद्र यादव से भी उन्हें बोलने का अवसर देने की बात कही थी। जनपद अध्यक्ष के मुताबिक विधायक ने उन्हें अपनी बात वहीं से कहने के लिए कहा था लेकिन वह माइक के जरिए मंच से अपनी बात रखना चाहती थीं। उनका आरोप है कि उन्हें ऐसा करने का मौका नहीं दिया गया।

    कार्यक्रम समाप्त होने के बाद मीरा बाई परिहार ने विधायक महेंद्र यादव पर नाराजगी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले करीब एक साल से जनपद क्षेत्र के विकास कार्यों में अड़चनें आ रही हैं। जनपद अध्यक्ष ने दावा किया कि विकास कार्यों से जुड़े मामलों को लेकर वह चार बार दिल्ली तक जा चुकी हैं लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।

    मीरा बाई ने कहा कि जनपद अध्यक्ष के तौर पर जनता के लिए विकास कार्य कराना उनकी जिम्मेदारी है। लेकिन यदि विकास कार्यों के लिए जरूरी प्रक्रिया और फंड से जुड़े काम ही आगे नहीं बढ़ेंगे तो सरपंचों की मांगों को पूरा करना मुश्किल होगा। उन्होंने अधिकारियों और बिचौलियों पर भी काम में बाधा डालने के आरोप लगाए। उनका कहना है कि कई मामलों में ऑनलाइन एंट्री तक नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से विकास फंड जल्द जारी करने की मांग की और संकेत दिया कि सुनवाई नहीं होने पर वह इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठा सकती हैं।

    वहीं कोलारस विधायक महेंद्र यादव ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि मीरा बाई परिहार ने उनसे केंद्रीय मंत्री से कुछ कहने की इच्छा जताई थी। विधायक के मुताबिक उन्होंने जनपद अध्यक्ष से अपनी बात कागज पर लिखकर देने के लिए कहा था ताकि उनकी बात केंद्रीय मंत्री तक स्पष्ट रूप से पहुंचाई जा सके।

    विधायक ने कहा कि यदि जनपद अध्यक्ष ने माइक के जरिए केंद्रीय मंत्री और जनता के सामने अपनी बात रखने की इच्छा जताई होती तो उन्हें बोलने का अवसर जरूर दिया जाता। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री कोलारस रेलवे स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को हरी झंडी दिखाने वाले थे। इसी कारण मंच से बोलने का समय सीमित था और मंडल अध्यक्ष विधायक तथा सांसद को ही वक्तव्य का अवसर दिया गया।

    महेंद्र यादव ने मीरा बाई परिहार को पार्टी की वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री अभी शिवपुरी में ही हैं और जनपद अध्यक्ष उनसे मुलाकात कर अपनी बात सीधे रख सकती हैं। विधायक ने यह भी कहा कि वह स्वयं मीरा बाई से इस मामले में चर्चा करेंगे।

    इस कार्यक्रम में क्षेत्र को रेल सुविधा की सौगात भी मिली। ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों से कोलारस रेलवे स्टेशन पर उज्जैनी एक्सप्रेस के नियमित ठहराव को मंजूरी मिली है। इसके अलावा अशोकनगर रेलवे स्टेशन पर सोगरिया दानापुर एक्सप्रेस के ठहराव को भी स्वीकृति दी गई है। विकास कार्यों और रेल सुविधाओं के बीच मंच पर बोलने को लेकर उठा यह विवाद अब स्थानीय सियासत में चर्चा का विषय बन गया है।

  • शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप

    शिवपुरी में बस स्टैंड पर जेबकतरा पकड़ाया, भीड़ से बचकर भागा; स्मैक नेटवर्क पर उठे सवाल, वीडियो से मचा हड़कंप


    शिवपुरी:
    मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार को बस स्टैंड पर जेबकतरी की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए। एक युवक को यात्री की जेब से दो हजार रुपए निकालते हुए लोगों ने रंगे हाथ पकड़ लिया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, लेकिन अफरातफरी के बीच आरोपी वहां से भागने में सफल रहा। घटना के बाद बस स्टैंड पर कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी भीड़भाड़ का फायदा उठाकर यात्रियों को निशाना बना रहा था। जैसे ही उसने एक यात्री की जेब से नकदी निकालने की कोशिश की, आसपास मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया। लोगों ने उसकी जमकर पिटाई की, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वह मौके से फरार हो गया। पुलिस अब उसकी पहचान और तलाश में जुटी है।

    इसी बीच शहर में नशे के बढ़ते कारोबार को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। लुधावली और फतेहपुर क्षेत्र से सामने आए कुछ वीडियो में कथित तौर पर युवाओं को खुलेआम स्मैक का सेवन और उसकी सप्लाई करते हुए देखा गया है। इन वीडियो के सामने आने के बाद शहर में नशे के नेटवर्क को लेकर बहस तेज हो गई है।

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिवपुरी में स्मैक का कारोबार लगातार फैल रहा है। उनका कहना है कि नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सिरिंज भी आसानी से उपलब्ध हो रही हैं, जिससे युवाओं के भविष्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। लोगों का यह भी आरोप है कि कार्रवाई के बावजूद नशे का अवैध कारोबार पूरी तरह नहीं रुक पा रहा है।

    हालांकि पुलिस का कहना है कि स्मैक तस्करों और पेडलरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एडिशनल एसपी आर.डी. प्रजापति के अनुसार, हाल ही में 15 दिन का विशेष अभियान चलाकर नशा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कानूनी कार्रवाई के साथ लोगों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया गया।

    इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों का दावा है कि छोटे स्तर पर कार्रवाई तो हो रही है, लेकिन कथित मुख्य सरगनाओं तक पुलिस की पहुंच नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि जब तक नशे के पूरे नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक इस समस्या पर पूरी तरह नियंत्रण पाना मुश्किल रहेगा।

    पुलिस ने कहा है कि वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान होती है और उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं, तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेबकतरी की घटना में फरार आरोपी की तलाश भी जारी है।

  • पेपर लीक के विरोध में शिवपुरी के छात्र लामबंद, आंदोलन की अनुमति के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन

    पेपर लीक के विरोध में शिवपुरी के छात्र लामबंद, आंदोलन की अनुमति के लिए कलेक्टर को दिया ज्ञापन


    शिवपुरी । पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं के विरोध में अब शिवपुरी के छात्र-छात्राओं ने भी आंदोलन का ऐलान कर दिया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य की सुरक्षा को लेकर छात्राओं ने जिला प्रशासन से शांतिपूर्ण धरना और रैली की अनुमति मांगी है। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से लाखों मेहनती अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लग रहा है और अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ सरकार की जवाबदेही तय होना जरूरी है।

    मंगलवार को छात्रा सोम्या और श्रुति जैन ने जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि देशभर में पेपर लीक के मामलों को लेकर युवाओं में भारी आक्रोश है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन से प्रेरित होकर शिवपुरी के छात्र भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करना चाहते हैं। उनका कहना है कि वे दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके, इसलिए अपने जिले में शांतिपूर्ण आंदोलन आयोजित करने का निर्णय लिया है।

    छात्राओं ने 21 से 24 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक शहर के पोलो ग्राउंड और माधव चौक पर धरना देने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही शहर में शांतिपूर्ण रैली निकालने का भी प्रस्ताव रखा गया है। उनका कहना है कि आंदोलन पूरी तरह संविधान के दायरे में रहेगा और किसी प्रकार की अव्यवस्था या कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।

    आवेदन में छात्राओं ने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) और 19(1)(ख) के तहत मिले अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण सभा के अधिकार का प्रयोग है। प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा जाएगा, जिसमें परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

    छात्राओं का कहना है कि वर्षों की मेहनत के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं का मनोबल पेपर लीक जैसी घटनाओं से टूट रहा है। इससे न केवल ईमानदार अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित होता है बल्कि भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होते हैं। उनका मानना है कि यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो युवाओं का भरोसा पूरी परीक्षा व्यवस्था से उठ सकता है।

    फिलहाल छात्र-छात्राएं जिला प्रशासन के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। यदि अनुमति मिलती है तो शिवपुरी में आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में युवा सड़क पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे। यह आंदोलन केवल पेपर लीक के विरोध तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, निष्पक्ष जांच और जवाबदेह व्यवस्था की मांग को भी प्रमुखता से उठाएगा। अब निगाहें प्रशासन के निर्णय पर टिकी हैं कि वह इस शांतिपूर्ण आंदोलन को अनुमति देता है या नहीं।

  • शिवपुरी में धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक हरकत: गांव में तनाव, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया

    शिवपुरी में धार्मिक स्थल पर आपत्तिजनक हरकत: गांव में तनाव, पुलिस ने संदिग्ध को हिरासत में लिया


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के छितिपुर गांव स्थित एक मंदिर में बुधवार सुबह आपत्तिजनक स्थिति मिलने के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया। मंदिर परिसर में इंसानी मल-मूत्र फैला होने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश ने बताया कि वह रात में मंदिर परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। बुधवार सुबह करीब साढ़े चार बजे उन्होंने गांव के सतीश जाटव नामक युवक को मंदिर की ओर से तेजी से जाते हुए देखा। इसके बाद जब वह मंदिर के भीतर पहुंचे तो माता मंदिर, भगवान शंकर के स्थान और परिसर के अन्य हिस्सों में गंदगी फैली हुई मिली।

    घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में एकत्र हो गए। लोगों ने इसे धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। सूचना पर दिनारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।

    शिकायत के आधार पर पुलिस ने सतीश जाटव नामक युवक को हिरासत में लिया। जब पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले जा रही थी, तब उसके परिजनों ने वाहन रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस युवक को अपने साथ ले गई।

    दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। युवक के परिजनों का कहना है कि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। पुलिस इस दावे की पुष्टि के लिए मेडिकल दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल गांव में स्थिति सामान्य है, लेकिन घटना के बाद लोगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी कर कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

  • पानी भरने जा रही महिलाओं ने देखा शव: शिवपुरी में युवक की संदिग्ध मौत, जांच शुरू

    पानी भरने जा रही महिलाओं ने देखा शव: शिवपुरी में युवक की संदिग्ध मौत, जांच शुरू


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के जाखनौद गांव में बुधवार सुबह एक 25 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में गांव के खरंजे पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक मंगलवार रात अपनी बुआ के घर आया था, लेकिन सुबह उसका शव घर के बाहर पड़े मिलने से परिजन और ग्रामीण हैरान रह गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।

    मृतक की पहचान देहदेह गांव निवासी 25 वर्षीय नेतराम आदिवासी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार नेतराम मंगलवार को अपनी मां से बुआ के घर जाखनौद जाने की बात कहकर निकला था और रात में अपनी बुआ कारी आदिवासी के घर पहुंचा था। परिवार को किसी अनहोनी की आशंका नहीं थी।

    बुधवार सुबह गांव की महिलाएं रोज की तरह पानी भरने जा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने गांव के खरंजे पर एक युवक को बेसुध अवस्था में पड़ा देखा। पास जाकर देखने पर युवक में कोई हलचल नहीं थी। महिलाओं ने तत्काल इसकी सूचना नेतराम की बुआ कारी आदिवासी को दी।

    सूचना मिलते ही कारी आदिवासी अपने दामाद के साथ मौके पर पहुंचीं। उन्होंने युवक की पहचान अपने भतीजे नेतराम के रूप में की। तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और पुलिस को सूचना दी गई।

    पोहरी थाना पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।

  • जमीन के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर जिंदा जलाने का आरोप: इलाज के दौरान मौत, पोते ने कहा- मेरी आंखों के सामने डीजल डालकर लगा दी आग

    जमीन के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर जिंदा जलाने का आरोप: इलाज के दौरान मौत, पोते ने कहा- मेरी आंखों के सामने डीजल डालकर लगा दी आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के नयागांव में जमीन विवाद को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ग्रामीण को कथित तौर पर पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर उस पर डीजल डालकर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसे ग्रामीण की शनिवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    मृतक की पहचान अरविंद धाकड़ के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक परिवार में काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है। गुरुवार को अरविंद धाकड़ और उनके परिजनों ने विवादित जमीन पर बोवनी की थी। शुक्रवार दोपहर वह अपने पोते अंशुल धाकड़ के साथ खेत पर फसल देखने पहुंचे थे। इसी दौरान आरोप है कि दूसरे पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद हिंसक हो गया।

    मृतक के पोते अंशुल धाकड़ ने आरोप लगाया कि प्रकाश धाकड़, आशा धाकड़, बंटी धाकड़, हरिओम धाकड़, हरिशंकर और विमल धाकड़ ने आते ही उन पर और उनके दादा पर लाठियों से हमला कर दिया। अंशुल किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन उसने दूर से देखा कि आरोपी उसके दादा की लगातार पिटाई कर रहे थे। अंशुल का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने ट्रैक्टर से डीजल निकालकर अरविंद धाकड़ के ऊपर डाला और उन्हें आग के हवाले कर दिया।

    घटना के समय अंशुल के पास मोबाइल फोन नहीं था। वह दौड़कर घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद गंभीर रूप से झुलसे अरविंद धाकड़ को पहले पोहरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के संबंध में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्राथमिक जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई, सड़क पर उतरीं छात्राएं तो दौड़ी बिजली कंपनी

    शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई, सड़क पर उतरीं छात्राएं तो दौड़ी बिजली कंपनी


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे की पाल कॉलोनी में चार दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। लगातार शिकायतों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कॉलोनी की छात्राएं सड़क पर उतर आईं। गुरुवार रात बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय के सामने उन्होंने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और जैसे ही मामला प्रशासन तक पहुंचा बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हरकत में आ गए। इसके बाद टूटी हुई बिजली लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया और बिजली बहाल करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।

    जानकारी के अनुसार पाल कॉलोनी की घरेलू बिजली लाइन टूट जाने के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पिछले चार दिनों से बंद थी। लगातार अंधेरे में रहने से लोगों को पीने के पानी घरेलू कामकाज और गर्मी से राहत पाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्राओं को हो रही थी जो परीक्षा और नियमित पढ़ाई की तैयारी कर रही थीं। बिजली नहीं होने के कारण रात में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे थे जिससे ऑनलाइन पढ़ाई और जरूरी संपर्क भी बाधित हो रहे थे।

    प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने बताया कि वे समय पर बिजली बिल जमा करती हैं लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा था। उन्होंने कई बार बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन भी किए लेकिन किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया। उनका आरोप था कि कई अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे थे और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। इसी उपेक्षा से नाराज होकर छात्राओं ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।

    गुरुवार रात प्रियंका लोधी सहित दर्जनभर छात्राएं बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचीं और मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगी। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने भी छात्राओं की मांगों का समर्थन करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

    स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एसडीएम ममता शाक्य के निर्देश पर पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही बिजली कर्मचारियों ने तत्काल टूटी लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। जैसे ही मरम्मत कार्य शुरू हुआ छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने शुरुआती शिकायतों पर ही कार्रवाई कर दी होती तो लोगों को चार दिनों तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ता और सड़क पर उतरकर विरोध करने की नौबत भी नहीं आती। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान आखिर शिकायतों से होगा या फिर प्रदर्शन के बाद ही प्रशासन और विभाग जागेंगे।

  • शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल

    शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित एक युवक को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित अपनी टीम के साथ पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोककर जांच की। चालक के पास वैध रॉयल्टी और परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया गया।

    जब जब्त वाहन को पुलिस बल की मौजूदगी में थाने ले जाया जा रहा था तभी मौके पर मौजूद कुछ लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान धक्का मुक्की और तीखी बहस की स्थिति बन गई। घटना के बाद खनिज निरीक्षक ने पिछोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि मंगल लोधी और उसके साथियों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

    अब सामने आए वायरल वीडियो में खनिज निरीक्षक पहले युवक मंगल लोधी से मोबाइल मांगते दिखाई देते हैं। कुछ ही क्षण बाद वे युवक को थप्पड़ मार देते हैं जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की और कहासुनी शुरू हो जाती है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि थप्पड़ मारने से पहले क्या हुआ था और विवाद किस वजह से बढ़ा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दोनों पक्षों की भूमिका क्या रही। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार


    शिवपुरी  शिवपुरी में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से तेज रफ्तार कार टकरा गई जिससे पोहरी एसडीएम कार्यालय के रीडर श्याम सिंह दोहरे की पत्नी मनीषा दोहरे की मौत हो गई। हादसे में श्याम सिंह दोहरे सहित चार अन्य लोग घायल हुए हैं जिनका मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार पोहरी एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर श्याम सिंह दोहरे का हाल ही में भिंड तबादला हुआ था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी से कार्यमुक्त होने के बाद वे अपने परिवार और परिचितों के साथ कार से पोहरी लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी मनीषा दोहरे के अलावा एक शिक्षक उनकी पत्नी और उनका बच्चा भी सवार थे।

    बताया जा रहा है कि शिवपुरी पोहरी मुख्य मार्ग की खराब स्थिति के कारण उन्होंने झिरी मार्ग से जाने का फैसला किया। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे मुद्गल पेट्रोल पंप के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मनीषा दोहरे ने दम तोड़ दिया जबकि श्याम सिंह दोहरे और अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

    शनिवार को मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से कार की टक्कर मानी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर किस परिस्थिति में खड़ी थी तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे बिना पर्याप्त संकेतों के खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

  • सरकारी भवनों पर कब्जे का शिकंजा 38 लाख की लैब में बस गया परिवार आंगनबाड़ी पर 6 साल से दबंग का ताला

    सरकारी भवनों पर कब्जे का शिकंजा 38 लाख की लैब में बस गया परिवार आंगनबाड़ी पर 6 साल से दबंग का ताला


    मध्यप्रदेश । सरकारी जमीनों और भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के दावे करने वाला प्रशासन शिवपुरी जिले में अपनी ही संपत्तियों को कब्जे से मुक्त नहीं करा पा रहा है। हालात यह हैं कि बदरवास में लाखों रुपए की लागत से बनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पिछले सात वर्षों से एक परिवार के कब्जे में है जबकि कोलारस क्षेत्र के एक गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर छह साल से ताला लटका हुआ है। इन दोनों मामलों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    बदरवास तहसील कार्यालय के पीछे वर्ष 2018 में मंडी बोर्ड द्वारा कृषि विभाग के लिए आधुनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया था। करीब 38 लाख रुपए की लागत से तैयार इस भवन का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि वे अपनी फसलों के लिए वैज्ञानिक सलाह प्राप्त कर सकें। लेकिन प्रयोगशाला शुरू होने से पहले ही भवन पर एक परिवार ने कब्जा जमा लिया और धीरे-धीरे उसे अपने आवास में तब्दील कर दिया। आज स्थिति यह है कि जिस भवन में किसानों के हित से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू होनी थीं वहां घरेलू गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

    कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भवन खाली कराने के कई प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। विभाग का आरोप है कि कब्जाधारी के खिलाफ कार्रवाई करने में कई तरह की बाधाएं सामने आती रही हैं। इस संबंध में राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। परिणामस्वरूप लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति वर्षों से बेकार पड़ी हुई है और किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।

    दूसरी ओर कोलारस विकासखंड के ग्राम सेसईखुर्द में स्थित शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र भी वर्षों से अपने मूल उद्देश्य से भटका हुआ है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में आए एक तेज तूफान के बाद एक स्थानीय व्यक्ति ने आंगनबाड़ी भवन का ताला तोड़कर उसमें अपना सामान रख लिया और धीरे-धीरे पूरे भवन पर कब्जा कर लिया। बताया जाता है कि बाद में भवन की संरचना में भी बदलाव कर दिया गया। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित हो गया और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ बाधित हो गया।

    स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जा रहा है लेकिन सरकारी भवन पर कब्जा होने से व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है।

    इन दोनों मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भवनों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रुपए की सार्वजनिक संपत्तियां इसी तरह अतिक्रमण और लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया है लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जमीन पर परिणाम कब दिखाई देते हैं।