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  • धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण तुलना पर मचा विवाद, बोले हमारे राम सीधे तुम्हारे कृष्ण टेढ़े, सफाई में कहा प्रेम भाव में कही बात

    धीरेंद्र शास्त्री की राम-कृष्ण तुलना पर मचा विवाद, बोले हमारे राम सीधे तुम्हारे कृष्ण टेढ़े, सफाई में कहा प्रेम भाव में कही बात


    शिवपुरी । बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए ऐसी टिप्पणी की है जिस पर विवाद खड़ा हो सकता है। शिवपुरी जिले के करैरा में 29 अक्टूबर को आयोजित श्रीराम कथा के दौरान उन्होंने कहा कि हमारे राम सीधे हैं जबकि तुम्हारे कृष्ण टेढ़े हैं। उन्होंने भगवान कृष्ण की वेशभूषा और उनकी प्रसिद्ध त्रिभंग मुद्रा का जिक्र करते हुए कई टिप्पणियां कीं। इतना ही नहीं उन्होंने भगवान कृष्ण के बांसुरी बजाने और गोवर्धन पर्वत उठाने की तुलना भगवान राम के धनुष चलाने और हनुमान जी के पर्वत उठाकर लाने से भी की।

    कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान कृष्ण की तस्वीरों में वे कई बार कमर और गर्दन को झुकाकर खड़े दिखाई देते हैं। उनके मुताबिक भगवान कृष्ण का नाम भी टेढ़ा है और उनका खड़ा होने का अंदाज भी अलग है। इसके विपरीत उन्होंने भगवान राम को सीधे खड़े होने वाला और सरल स्वरूप वाला बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से पूछा कि वहां रामजी को मानने वाले कितने लोग बैठे हैं। इस दौरान उन्होंने राम और कृष्ण के भक्तों के बीच तुलना करते हुए अपनी बात आगे बढ़ाई।

    धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण की बांसुरी का जिक्र करते हुए कहा कि बांसुरी बजाना कोई बहुत बड़ी बात नहीं है क्योंकि कलाकार भी बांसुरी बजा लेते हैं। उन्होंने कथा में मौजूद बांसुरी वादक की ओर इशारा करते हुए उससे धुन बजाने को कहा। इसके बाद कलाकार ने कुछ देर तक बांसुरी बजाई। शास्त्री ने कहा कि बांसुरी बजाना तो खेल है लेकिन धनुष चलाना आसान काम नहीं है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने भगवान राम के धनुष धारण करने और उनके पराक्रम को भगवान कृष्ण की बांसुरी से जोड़कर तुलना की।

    उन्होंने भगवान कृष्ण के गाय चराने और गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा का भी उल्लेख किया। शास्त्री ने कहा कि गाय चराना कोई बड़ी बात नहीं है। इसके बाद उन्होंने बंदरों को नचाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह भी आसान काम नहीं है। गोवर्धन पर्वत उठाने की घटना पर उन्होंने कहा कि लोग कहेंगे कि हमारे भगवान पर्वत उठा लेते हैं लेकिन इसमें क्या बड़ी बात है। हमारे भगवान के चेले ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया। यहां उनका इशारा भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी की ओर था जिन्होंने रामायण की कथा में संजीवनी बूटी लाने के लिए पर्वत का हिस्सा उठा लिया था।

    हालांकि अपने संबोधन के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनकी बात का अर्थ भगवान श्रीकृष्ण का विरोध करना नहीं है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि वे ठाकुर जी के विरोधी हैं। बाद में अपने बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि कृष्ण जी टेढ़े हैं और रामजी सीधे हैं तो इसमें गलत क्या कहा। उन्होंने दावा किया कि यह बात उन्होंने प्रेम भाव में कही थी। उनके मुताबिक जिससे ज्यादा प्रेम होता है उससे इस तरह की बातें भी की जाती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके नाम में भी कृष्ण शब्द जुड़ा हुआ है।

    धीरेंद्र शास्त्री की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब धार्मिक कथावाचकों के बयानों पर पहले भी विवाद होते रहे हैं। इससे पहले जून 2024 में कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने राधारानी के विवाह को लेकर टिप्पणी की थी। उनके बयान पर ब्रज क्षेत्र में नाराजगी सामने आई थी। विवाद बढ़ने के बाद प्रदीप मिश्रा बरसाना पहुंचे थे और राधारानी मंदिर में नाक रगड़कर माफी मांगी थी।

    अब धीरेंद्र शास्त्री की राम और कृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। एक ओर उन्होंने इसे प्रेम और भक्ति की भावना से कही गई बात बताया है तो दूसरी ओर भगवान के दोनों स्वरूपों की तुलना को लेकर बहस शुरू हो गई है। फिलहाल उनके बयान और सफाई को लेकर लोगों की प्रतिक्रियाएं सामने आने का इंतजार है।

  • लुकवासा से लौटते समय रास्ते में मिली संतोष की लाश, क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर भी मिला, भाई ने जताई हत्या की आशंका

    लुकवासा से लौटते समय रास्ते में मिली संतोष की लाश, क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर भी मिला, भाई ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में 26 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह खोड़ और नेगुवा गांव के बीच गौरा टीला रोड पर सड़क किनारे एक ट्रैक्टर और युवक का शव मिला। मृतक की पहचान आसपुर निवासी संतोष केवट के रूप में हुई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक संतोष ट्रैक्टर से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और वह ट्रैक्टर से गिर पड़ा। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मृतक के भाई ने दो लोगों पर हत्या का संदेह जताया है। पुलिस ने इस पहलू को भी जांच में शामिल किया है।

    जानकारी के अनुसार संतोष केवट हरभजन उर्फ पप्पू केवट का बेटा था। वह अपना स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर लुकवासा क्षेत्र में सड़क निर्माण के काम के लिए गया था। बताया गया है कि काम पूरा करने के बाद वह ट्रैक्टर लेकर अपने घर आसपुर लौट रहा था। इसी दौरान खोड़ और नेगुवा गांव के बीच गौरा टीला रोड पर यह घटना हो गई। सोमवार सुबह सड़क किनारे ट्रैक्टर और शव पड़े होने की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को जानकारी दी।

    सूचना मिलते ही खोड़ चौकी प्रभारी संजय सिंह लोधी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और मृतक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। शुरुआती जांच में पुलिस को आशंका है कि ट्रैक्टर का अगला टायर फटने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया होगा। इसके बाद संतोष ट्रैक्टर से नीचे गिर गया और सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी जान चली गई। हालांकि यह अभी जांच का शुरुआती अनुमान है। दुर्घटना की वास्तविक वजह की पुष्टि जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद संतोष के परिजन भी मौके पर पहुंचे। इस दौरान उसके भाई रिंकू केवट ने दो लोगों पर हत्या किए जाने का संदेह जताया। परिवार की ओर से जताई गई इस आशंका के बाद मामला केवल सड़क दुर्घटना तक सीमित नहीं रह गया है। पुलिस ने भाई के आरोप को गंभीरता से लेते हुए जांच में शामिल किया है। फिलहाल जिन दो लोगों पर संदेह जताया गया है उनके खिलाफ आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस ने परिजनों की सहमति से संतोष के शव को पोस्टमार्टम के लिए पिछोर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मौत के कारणों को समझने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और ट्रैक्टर की स्थिति की भी जांच कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वाहन का अगला टायर वास्तव में फटा था या हादसे के पीछे कोई दूसरी वजह थी।

    फिलहाल भौती थाना क्षेत्र की पुलिस दुर्घटना और हत्या के संदेह दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के बाद ही संतोष की मौत की असली वजह स्पष्ट हो पाएगी।

  • रात में ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ और केबल काटने का आरोप, ग्रामीणों ने पुलिस से लगाई कार्रवाई की गुहार

    रात में ट्रांसफार्मर से छेड़छाड़ और केबल काटने का आरोप, ग्रामीणों ने पुलिस से लगाई कार्रवाई की गुहार


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के श्रीपुर चक्क गांव में बिजली ट्रांसफार्मर में तोड़फोड़ और केबल काटने का मामला सामने आया है। गांव के दो भाइयों पर इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रांसफार्मर और बिजली केबल को नुकसान पहुंचने के बाद पूरे गांव की बिजली सप्लाई बंद हो गई। इसके चलते ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी। मामले को लेकर गांव के सरपंच विनोद कुमार सहित कई ग्रामीण वीडियो लेकर इंदार थाने पहुंचे और पुलिस से शिकायत की। पुलिस ने शिकायत और वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

    ग्रामीणों की शिकायत के मुताबिक मोहर सिंह लोधी और सपेंद्र सिंह लोधी पर रात के समय गांव के बिजली ट्रांसफार्मर यानी डीपी में तोड़फोड़ करने का आरोप है। शिकायत में कहा गया है कि दोनों भाइयों ने बिजली लाइन में तार डालकर फॉल्ट पैदा किया। इसके बाद बस्ती की ओर जाने वाली बिजली की केबल भी काट दी गई। इस घटना के कारण गांव की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई और घरों में बिजली पहुंचना बंद हो गई।

    सरपंच विनोद कुमार का आरोप है कि दोनों भाई आए दिन गांव में विवाद करते हैं और उत्पात मचाते रहते हैं। इस बार उन्होंने बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया जिससे पूरे गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली सप्लाई बंद होने से रातभर लोगों को अंधेरे में रहना पड़ा। अचानक बिजली गुल होने से गांव के परिवारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    घटना के बाद ग्रामीणों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस तक पहुंचने का फैसला किया। सरपंच विनोद कुमार अन्य ग्रामीणों के साथ इंदार थाने पहुंचे। उनके पास घटना से संबंधित वीडियो भी था जिसे शिकायत के साथ पुलिस को सौंपा गया है। ग्रामीणों ने आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि गांव की बिजली व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने से सभी लोगों को परेशानी होती है और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए।

    इंदार थाना पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। फिलहाल दोनों भाइयों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्रांसफार्मर और केबल को किस तरह नुकसान पहुंचाया गया और घटना में कौन-कौन शामिल था।

    इस घटना ने गांव की बिजली व्यवस्था और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। ट्रांसफार्मर और बिजली केबल जैसी सुविधाएं पूरे गांव के लिए जरूरी होती हैं। इन्हें नुकसान पहुंचने का असर केवल किसी एक परिवार पर नहीं बल्कि पूरी बस्ती पर पड़ता है। अब ग्रामीणों को पुलिस जांच के नतीजे और बिजली व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार है।

  • शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका

    शिवपुरी में रहस्यमयी हालात में युवक की मौत, पुल के नीचे मिला शव और पास खड़ी बाइक, पिता ने जताई हत्या की आशंका


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शुक्रवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब गुना बायपास की थीम रोड पर एक पुल के नीचे 28 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई है। शव के पास ही उनकी बाइक भी पड़ी हुई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बेटे का शव देखकर उनके पिता सुरेश शर्मा सदमे में आ गए और मौके पर ही बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उन्हें भर्ती कराया गया। मृतक के पिता ने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या कर शव को पुल के नीचे फेंका गया है। हालांकि अभी तक युवक की मौत की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    जानकारी के मुताबिक शिवम शर्मा शिवपुरी की विवेकानंद कॉलोनी में रहते थे और एक निजी सोलर कंपनी में नौकरी करते थे। गुरुवार शाम वह अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों को उम्मीद थी कि वह कुछ देर में वापस लौट आएंगे लेकिन देर रात तक उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों ने उनसे मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन फोन नहीं लगा। काफी देर तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिवार की चिंता बढ़ गई। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी और युवक की तलाश शुरू कर दी गई।

    शुक्रवार सुबह कोतवाली पुलिस शिवम की गुमशुदगी दर्ज करने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को गुना बायपास की थीम रोड पर श्रीराम धर्म कांटे के पास पुल के नीचे एक युवक का शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। वहां युवक का शव पड़ा था और कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी मिली। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया और पहचान की प्रक्रिया शुरू की। जांच के दौरान मृतक की पहचान शिवम शर्मा के रूप में हुई। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी दी गई।

    जैसे ही पिता सुरेश शर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और बेटे का शव देखा तो वह खुद को संभाल नहीं पाए। सदमे के कारण वह बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया। परिवार के लिए यह घटना बेहद दुखद और चौंकाने वाली है। जिस बेटे के घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर दिया।

    बताया गया है कि शिवम की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। ऐसे में उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पिता सुरेश शर्मा पटवारी हैं। उन्होंने बेटे की मौत को सामान्य हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि किसी ने शिवम की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया होगा। हालांकि पुलिस जांच पूरी होने से पहले इस आशंका की पुष्टि नहीं हुई है।

    कोतवाली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच से युवक की मौत के कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस घटनास्थल की परिस्थितियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवम की मौत सड़क हादसे में हुई या इसके पीछे कोई आपराधिक साजिश है। पुलिस जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • IPO में निवेश के नाम पर 60 लाख रुपये हड़पे, व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा करना पड़ा भारी, शिवपुरी पुलिस ने दर्ज की FIR

    IPO में निवेश के नाम पर 60 लाख रुपये हड़पे, व्हाट्सएप ग्रुप पर भरोसा करना पड़ा भारी, शिवपुरी पुलिस ने दर्ज की FIR


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 60 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए एक व्यक्ति को निवेश के लिए तैयार किया गया और कई महीनों तक अलग-अलग खातों में रकम जमा कराई जाती रही। जब निवेशक ने अपनी राशि निकालने की कोशिश की तो संबंधित लोगों से संपर्क नहीं हो सका। मोबाइल नंबर बंद या अमान्य मिलने और व्हाट्सएप कॉल का जवाब नहीं मिलने के बाद पीड़ित को ठगी का संदेह हुआ। शिकायत के आधार पर फिजिकल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    श्री शिवबिहार कॉलोनी खिन्नी नाका निवासी ललित श्रीवास्तव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 मार्च 2026 को उन्हें 120 Lansdown Collective Combination Strategy नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। ग्रुप में शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश करने पर भारी मुनाफा मिलने का दावा किया जा रहा था। निवेश से संबंधित संदेशों और मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने भी रकम लगाने का फैसला किया। शिकायत के मुताबिक शुरुआत में निवेश के नाम पर राशि जमा कराई गई और इसके बाद उनसे लगातार पैसे ट्रांसफर करवाए गए।

    ललित श्रीवास्तव के अनुसार उन्होंने पहली बार 27 अप्रैल 2026 को एक लाख रुपये जमा किए थे। इसके बाद अलग-अलग तारीखों पर उनसे निवेश के नाम पर रकम मंगाई जाती रही। शिकायत में बताया गया है कि उन्होंने आखिरी बार 19 अगस्त 2026 को पांच लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। आरोप है कि 27 अप्रैल से 19 अगस्त के बीच उनसे कुल 60 लाख रुपये जमा कराए गए। इतनी बड़ी रकम निवेश करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि वे मुनाफे के साथ अपनी राशि वापस प्राप्त कर सकेंगे।

    पीड़ित के मुताबिक रकम अलग-अलग मोबाइल नंबरों से जुड़ी यूपीआई आईडी और बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई। इसके लिए आईएमपीएस और आरटीजीएस जैसे बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। जब ललित ने अपनी जमा रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। जिन मोबाइल नंबरों के जरिए उनसे संपर्क किया जाता था वे अमान्य बताने लगे। व्हाट्सएप कॉल पर भी जवाब मिलना बंद हो गया। इसके बाद उन्हें आशंका हुई कि निवेश के नाम पर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने पुलिस से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की।

    फिजिकल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के सामने अब लेनदेन से जुड़े बैंक खातों और यूपीआई आईडी की जानकारी जुटाने के साथ संबंधित मोबाइल नंबरों की जांच करना महत्वपूर्ण होगा। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि रकम किन खातों में पहुंची और कथित धोखाधड़ी में कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल मामले में आरोपों की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    इसी बीच शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र में भी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी का एक अन्य मामला सामने आया है। न्यू अमोला अमोला कॉलोनी नंबर दो निवासी हेमंत जाटव ने 49 हजार रुपये की कथित ठगी की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्हें ऑनलाइन डराने धमकाने और धोखे में रखकर रकम हड़पी गई। पुलिस ने इस मामले में भी अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

    दोनों घटनाएं ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की जरूरत को सामने लाती हैं। शेयर बाजार या आईपीओ में निवेश से पहले संबंधित संस्था और निवेश मंच की विश्वसनीयता की जांच करना जरूरी है। केवल व्हाट्सएप ग्रुप में किए गए मुनाफे के दावों पर भरोसा करके बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बचना चाहिए। किसी भी संदिग्ध लेनदेन या ऑनलाइन ठगी की आशंका होने पर बैंक और पुलिस को तत्काल सूचना देना महत्वपूर्ण है।

  • शिवपुरी में कर्ज वसूली की बड़ी कार्रवाई, 12 बकायादारों की संपत्तियां कुर्क, समय सीमा खत्म होने के बाद प्रशासन सख्त

    शिवपुरी में कर्ज वसूली की बड़ी कार्रवाई, 12 बकायादारों की संपत्तियां कुर्क, समय सीमा खत्म होने के बाद प्रशासन सख्त


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बकाया राशि वसूलने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। नोटिस जारी होने के बावजूद निर्धारित समय सीमा तक रकम जमा नहीं करने वाले 12 बकायादारों की जमीनें कुर्क कर ली गई हैं। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर तहसील शिवपुरी में यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने संबंधित लोगों को 27 अक्टूबर तक बकाया राशि जमा करने का अवसर दिया था लेकिन तय समय में भुगतान नहीं होने के बाद उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। अब प्रशासन कुर्क की गई जमीनों की नीलामी कर बैंक की बकाया राशि वसूलने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

    तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा के अनुसार जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शिवपुरी की पुरानी शिवपुरी और कोटा की प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से जुड़े बकायादारों के खिलाफ अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे। संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर बकाया रकम जमा करने के लिए कहा गया था। इसके बावजूद निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं की गई और कुछ मामलों में संबंधित लोग उपस्थित भी नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनकी जमीनों को कुर्क कर लिया।

    कार्रवाई के तहत ग्राम बांसखेड़ी के आठ बकायादारों की जमीनें कुर्क की गई हैं। इनमें गुरदेव सिंह पर 23.08 लाख रुपये की सबसे अधिक बकाया राशि बताई गई है। गुरमीत कौर पर 1.23 लाख रुपये और गुरप्रीत सिंह पर 2.53 लाख रुपये बकाया हैं। इसी तरह दीदार सिंह पर 3.39 लाख रुपये और सतनाम सिंह पर 3.29 लाख रुपये की राशि बकाया है। गुरजिंदर कौर पर 1.05 लाख रुपये तथा गुरविंदर कौर पर 3.58 लाख रुपये बकाया हैं। वहीं जगजीत सिंह पर 3.02 लाख रुपये की राशि बकाया बताई गई है। प्रशासन ने इन सभी बकायादारों की संबंधित सर्वे नंबर वाली जमीनों को कुर्क किया है।

    बांसखेड़ी के अलावा जिले के अन्य गांवों में भी कार्रवाई की गई है। ग्राम बरेठ निवासी कप्तान सिंह गुर्जर पर 1.66 लाख रुपये बकाया हैं। ग्राम भगौरा निवासी जहार सिंह पर 1.91 लाख रुपये की राशि बकाया बताई गई है। ग्राम करई निवासी मारकूलिन गिल पर 1.94 लाख रुपये और ग्राम कोटा निवासी जसवीर सिंह पर 1.84 लाख रुपये बकाया हैं। इन चारों लोगों की संबंधित जमीनों को भी कुर्क किया गया है। इस तरह प्रशासन ने कुल 12 बकायादारों के खिलाफ कार्रवाई की है।

    प्रशासन के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों की नीलामी मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 147 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। नीलामी से मिलने वाली रकम का उपयोग जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की बकाया राशि की वसूली के लिए किया जाएगा। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बैंक की बकाया रकम वसूलने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

    इस कार्रवाई से सहकारी बैंक के बकायादारों को स्पष्ट संदेश मिला है कि नोटिस मिलने के बाद भी निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर प्रशासन संपत्ति कुर्क करने और नियमानुसार नीलामी के जरिए वसूली की प्रक्रिया अपना सकता है। हालांकि नीलामी की तारीख और आगे की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

  • अमोला घाटी में नर कंकाल मिलने से सनसनी, कौन था मृतक और कैसे हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस

    अमोला घाटी में नर कंकाल मिलने से सनसनी, कौन था मृतक और कैसे हुई मौत, जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में एक जंगल के पास नर कंकाल मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। सुरवाया थाना क्षेत्र की अमोला घाटी के ऊपर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना सामने आई है। शुरुआती आशंका के मुताबिक शव करीब 30 दिन पुराना हो सकता है। हालांकि मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई इसका भी खुलासा नहीं हुआ है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और मृतक की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार अमोला घाटी के ऊपर एक व्यक्ति का शव दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही सुरवाया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। शव की स्थिति को देखते हुए उसके काफी पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी वास्तविक अवधि और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की पुष्टि जांच तथा चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही हो सकेगी।

    घटना सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि मृतक कौन था और वह अमोला घाटी के ऊपर किस परिस्थिति में पहुंचा। फिलहाल पुलिस के पास मृतक की पहचान से जुड़ी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच अधिकारियों के सामने सबसे पहली चुनौती शव की पहचान करना है। इसके लिए आसपास के गांवों और क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि पता लगाया जा सके कि किसी अज्ञात व्यक्ति को हाल के दिनों में घटनास्थल के आसपास देखा गया था या नहीं।

    गुमशुदगी के मामलों से जोड़कर की जा सकती है जांच

    मृतक की पहचान का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों की जानकारी जुटा सकती है। यदि किसी व्यक्ति के लापता होने की शिकायत दर्ज है तो उसके विवरण का मिलान मृतक से जुड़े उपलब्ध तथ्यों के आधार पर किया जा सकता है। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास की परिस्थितियों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि अभी तक मृतक की पहचान या किसी संदिग्ध परिस्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

    पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएंगे अहम तथ्य

    इस मामले में पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक चिकित्सकीय जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इनकी मदद से मौत के संभावित कारणों और शव की स्थिति से जुड़े तथ्यों को समझने में सहायता मिल सकती है। यदि जांच के दौरान कोई संदिग्ध परिस्थिति सामने आती है तो पुलिस उसके आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि व्यक्ति की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही।

    अमोला घाटी के ऊपर नर कंकाल मिलने की घटना ने क्षेत्र में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का मुख्य ध्यान मृतक की पहचान करने और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने पर है। अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने और संबंधित रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • माधव चौक पर रातभर गूंजे माता के भजन, अमोला पुल पर विसर्जन के दौरान मची अफरा-तफरी, बेहोश युवक को बचाया

    माधव चौक पर रातभर गूंजे माता के भजन, अमोला पुल पर विसर्जन के दौरान मची अफरा-तफरी, बेहोश युवक को बचाया


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी में विजयादशमी के अवसर पर 20 अक्टूबर को माता रानी की प्रतिमाओं का विसर्जन धूमधाम के साथ किया गया। श्री नवदुर्गा सांस्कृतिक समारोह मंडल के आयोजन में शहर के माधव चौक से आकर्षक झांकियां निकाली गईं। इस दौरान भव्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए और माता की प्रतिमाओं के साथ निकली झांकियों का आयोजन समिति की ओर से सम्मान किया गया। पूरे शहर में उत्सव का माहौल रहा और देर रात तक डीजे तथा ढोल की धुन पर युवा माता के भजनों पर झूमते नजर आए। वहीं अमोला पुल पर बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन बुधवार सुबह तक जारी रहा। इस दौरान विसर्जन की व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस और वहां पहुंचे लोगों के बीच गहमा-गहमी भी देखने को मिली। इसी बीच पानी में ट्यूब पर बैठा एक युवक अचानक चक्कर आने से बेहोश हो गया। उसके साथ मौजूद युवकों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पानी में डूबने से बचा लिया।

    माधव चौक पर रातभर रही उत्सव की रौनक

    दशहरे के अवसर पर माधव चौक पर भव्य मंच तैयार किया गया था। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ माता रानी की आकर्षक झांकियां निकाली गईं। आयोजन समिति ने झांकियों का सम्मान कर प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। शहर के अलग-अलग इलाकों के साथ बाहर से भी डीजे और ढोल की टीमें पहुंचीं। उनकी धुन पर युवा देर रात तक माता के भजनों पर नाचते रहे। माधव चौक पर अलग-अलग डीजे के बीच तेज संगीत बजाने की होड़ भी दिखाई दी। कई जगहों पर एक-दूसरे के पास खड़े होकर डीजे बजाए गए और युवाओं ने जमकर नृत्य किया। श्रद्धा और उत्साह के बीच पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।

    अमोला पुल पर सुबह तक चलता रहा विसर्जन

    शहर में निकलीं माता की बड़ी प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए अमोला पुल ले जाया गया। यहां मंगलवार रात से शुरू हुआ विसर्जन बुधवार सुबह तक चलता रहा। बड़ी प्रतिमाओं को पानी तक पहुंचाने और विसर्जन की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। लगातार आवाजाही के कारण मौके पर भीड़ बनी रही। व्यवस्था संभालने के दौरान पुलिस और विसर्जन करने पहुंचे कुछ लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति भी बनी। प्रतिमाओं के आकार और भीड़ को देखते हुए विसर्जन का काम सुबह तक जारी रहा।

    ट्यूब पर बैठा युवक चक्कर आने से हुआ बेहोश

    अमोला पुल के नीचे पानी में कुछ युवक ट्यूब पर बैठकर प्रतिमा विसर्जन के दौरान क्रेन का पट्टा निकाल रहे थे। इसी दौरान एक युवक को अचानक चक्कर आया और वह बेहोश हो गया। पानी में मौजूद उसके साथियों ने उसे संभालते हुए पकड़ लिया और डूबने से बचाया। इसके बाद युवक को पानी से बाहर निकाला गया और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। जानकारी के अनुसार युवक की हालत सामान्य बताई गई है। इस घटना के बाद विसर्जन के दौरान पानी में उतरने और भारी प्रतिमाओं के आसपास काम करने के समय सावधानी बरतने की जरूरत एक बार फिर सामने आई। विजयादशमी पर जहां शहर में धार्मिक उत्साह और भव्य आयोजनों की रौनक रही वहीं अमोला पुल पर हुई इस घटना ने विसर्जन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के महत्व को भी उजागर किया।

  • पत्नी को दूसरे युवक के साथ देख पति ने खोया आपा, शिवपुरी में बीच सड़क पर मारपीट, महिला की शिकायत पर कार्रवाई

    पत्नी को दूसरे युवक के साथ देख पति ने खोया आपा, शिवपुरी में बीच सड़क पर मारपीट, महिला की शिकायत पर कार्रवाई


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी में धार्मिक पर्यटन स्थल भदैया कुंड पर मंगलवार को पति पत्नी के बीच विवाद का मामला सामने आया। आरोप है कि पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर पति भड़क गया और अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर महिला और उसके दोस्त की बेल्ट से पिटाई कर दी। घटना का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित लोगों को थाने ले गई। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।

    जानकारी के अनुसार पूजा मंगलवार दोपहर अपने एक दोस्त के साथ शिवपुरी के भदैया कुंड घूमने पहुंची थी। इसी दौरान वहां उसका पति गोविंद भी पहुंच गया। पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर वह नाराज हो गया। आरोप है कि इसके बाद गोविंद ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर दोनों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बताया गया है कि महिला के दोस्त के पैर बांध दिए गए और फिर दोनों को बेल्ट से पीटा गया। इस घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। बुधवार को यह वीडियो सामने आया जिसमें दो युवक महिला और एक युवक को बेल्ट से मारते दिखाई दे रहे हैं।

    घटना की जानकारी मिलने पर डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए संबंधित लोगों को फिजिकल थाने पहुंचाया। इसके बाद महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि घटना के सभी पहलुओं और मारपीट से पहले हुए विवाद की विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    बताया गया है कि पूजा और गोविंद के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी वजह से महिला कुछ दिनों से अपने मायके में रह रही थी। मंगलवार को भदैया कुंड पर दोनों का आमना-सामना हुआ और इसके बाद विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पति ने गुस्से में आकर कानून अपने हाथ में ले लिया और पत्नी तथा उसके दोस्त के साथ मारपीट की। घरेलू विवाद की स्थिति में इस तरह हिंसा करना कानूनन कार्रवाई का कारण बन सकता है। किसी भी विवाद का समाधान मारपीट के जरिए नहीं किया जा सकता।

    फिजिकल थाना प्रभारी अवनीश सिंह राठौड़ ने बताया कि महिला की शिकायत पर गोविंद के खिलाफ मारपीट से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। साथ ही शांति भंग करने के मामले में बुधवार को उसे जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

    इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर विवाद के दौरान हिंसा की समस्या को सामने ला दिया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मामले में अब जांच और कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे के तथ्य सामने आएंगे।

  • नरवर में माता विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक शुरू हुई मारपीट, मोटे महादेव मंदिर के पास हंगामा, अब तक शिकायत नहीं

    नरवर में माता विसर्जन जुलूस के दौरान अचानक शुरू हुई मारपीट, मोटे महादेव मंदिर के पास हंगामा, अब तक शिकायत नहीं


    शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के नरवर कस्बे में माता की प्रतिमाओं के विसर्जन जुलूस के दौरान दो गुटों के बीच विवाद हो गया। मंगलवार को हुए इस घटनाक्रम में दोनों पक्षों के युवकों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। विवाद बढ़ने से मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए वहां मौजूद पुलिसकर्मियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। स्थिति संभालने के दौरान पुलिस ने लाठियां चलाकर दोनों पक्षों को अलग किया और झगड़ा शांत कराया। घटना मोटे महादेव मंदिर के पास पेट्रोल पंप के सामने की बताई जा रही है।

    जानकारी के अनुसार नरवर में नवरात्र के अवसर पर स्थापित माता की प्रतिमाओं को नवमी की शाम नगर भ्रमण कराया जा रहा था। इसके बाद प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए लखना तालाब ले जाया जा रहा था। जुलूस में श्रद्धालु शामिल थे और प्रतिमाओं को विसर्जन स्थल तक ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान जुलूस में शामिल दो पक्षों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में हुआ विवाद देखते ही देखते बढ़ गया और दोनों पक्षों के युवक आमने-सामने आ गए।

    कुछ ही देर में विवाद ने मारपीट का रूप ले लिया। दोनों ओर से युवकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे। जुलूस के दौरान अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस को लाठियां चलानी पड़ीं। इसके बाद झगड़े को शांत कराया गया और मौके पर स्थिति को संभाला गया।

    माता की प्रतिमाओं का विसर्जन धार्मिक आस्था से जुड़ा आयोजन होता है जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में जुलूस के बीच मारपीट की घटना से आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। हालांकि विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ और इसमें शामिल लोगों के बीच पहले से कोई रंजिश थी या नहीं इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हुई थी। घटना के पीछे की वास्तविक वजह पुलिस जांच या संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

    नरवर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। शिकायत नहीं मिलने के कारण फिलहाल मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की मौजूदगी में विवाद शांत करा दिया गया था। यदि किसी पक्ष की ओर से शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

    फिलहाल घटना में शामिल युवकों की पहचान और विवाद की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। माता विसर्जन जुलूस के दौरान हुई इस मारपीट ने धार्मिक आयोजन के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात नियंत्रित किए और जुलूस के दौरान व्यवस्था संभाली। अब तक किसी पक्ष की शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण मामले में अगला कदम शिकायत और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर तय होगा।