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  • जमीन के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर जिंदा जलाने का आरोप: इलाज के दौरान मौत, पोते ने कहा- मेरी आंखों के सामने डीजल डालकर लगा दी आग

    जमीन के झगड़े में ग्रामीण को पीटकर जिंदा जलाने का आरोप: इलाज के दौरान मौत, पोते ने कहा- मेरी आंखों के सामने डीजल डालकर लगा दी आग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के नयागांव में जमीन विवाद को लेकर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक ग्रामीण को कथित तौर पर पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर उस पर डीजल डालकर आग लगा दी गई। गंभीर रूप से झुलसे ग्रामीण की शनिवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर जांच शुरू कर दी है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    मृतक की पहचान अरविंद धाकड़ के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक परिवार में काफी समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसका मामला अदालत में विचाराधीन है। गुरुवार को अरविंद धाकड़ और उनके परिजनों ने विवादित जमीन पर बोवनी की थी। शुक्रवार दोपहर वह अपने पोते अंशुल धाकड़ के साथ खेत पर फसल देखने पहुंचे थे। इसी दौरान आरोप है कि दूसरे पक्ष के कुछ लोग वहां पहुंचे और विवाद हिंसक हो गया।

    मृतक के पोते अंशुल धाकड़ ने आरोप लगाया कि प्रकाश धाकड़, आशा धाकड़, बंटी धाकड़, हरिओम धाकड़, हरिशंकर और विमल धाकड़ ने आते ही उन पर और उनके दादा पर लाठियों से हमला कर दिया। अंशुल किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन उसने दूर से देखा कि आरोपी उसके दादा की लगातार पिटाई कर रहे थे। अंशुल का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने ट्रैक्टर से डीजल निकालकर अरविंद धाकड़ के ऊपर डाला और उन्हें आग के हवाले कर दिया।

    घटना के समय अंशुल के पास मोबाइल फोन नहीं था। वह दौड़कर घर पहुंचा और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद गंभीर रूप से झुलसे अरविंद धाकड़ को पहले पोहरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। शनिवार सुबह करीब पांच बजे इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पोहरी थाना प्रभारी रवि चौहान ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। घटना के संबंध में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    प्राथमिक जांच में मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, लेकिन पुलिस सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

  • शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई, सड़क पर उतरीं छात्राएं तो दौड़ी बिजली कंपनी

    शिकायतों पर नहीं हुई सुनवाई, सड़क पर उतरीं छात्राएं तो दौड़ी बिजली कंपनी


    शिवपुरी। शिवपुरी जिले के पिछोर कस्बे की पाल कॉलोनी में चार दिनों तक बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया। लगातार शिकायतों और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कॉलोनी की छात्राएं सड़क पर उतर आईं। गुरुवार रात बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय के सामने उन्होंने चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा और जैसे ही मामला प्रशासन तक पहुंचा बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी हरकत में आ गए। इसके बाद टूटी हुई बिजली लाइन की मरम्मत का काम शुरू किया गया और बिजली बहाल करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।

    जानकारी के अनुसार पाल कॉलोनी की घरेलू बिजली लाइन टूट जाने के कारण पूरे क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति पिछले चार दिनों से बंद थी। लगातार अंधेरे में रहने से लोगों को पीने के पानी घरेलू कामकाज और गर्मी से राहत पाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा था। सबसे ज्यादा परेशानी उन छात्राओं को हो रही थी जो परीक्षा और नियमित पढ़ाई की तैयारी कर रही थीं। बिजली नहीं होने के कारण रात में पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही थी और मोबाइल फोन तक चार्ज नहीं हो पा रहे थे जिससे ऑनलाइन पढ़ाई और जरूरी संपर्क भी बाधित हो रहे थे।

    प्रदर्शन में शामिल छात्राओं ने बताया कि वे समय पर बिजली बिल जमा करती हैं लेकिन इसके बावजूद विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा था। उन्होंने कई बार बिजली वितरण कंपनी के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों को फोन भी किए लेकिन किसी ने समस्या का समाधान नहीं किया। उनका आरोप था कि कई अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे थे और शिकायतों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था। इसी उपेक्षा से नाराज होकर छात्राओं ने सामूहिक रूप से विरोध प्रदर्शन करने का फैसला लिया।

    गुरुवार रात प्रियंका लोधी सहित दर्जनभर छात्राएं बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचीं और मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने साफ कहा कि जब तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होगी तब तक वे सड़क से नहीं हटेंगी। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और करीब आधे घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने भी छात्राओं की मांगों का समर्थन करते हुए विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

    स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन भी सक्रिय हो गया। एसडीएम ममता शाक्य के निर्देश पर पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने छात्राओं से बातचीत कर उन्हें जल्द समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही बिजली कर्मचारियों ने तत्काल टूटी लाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया। जैसे ही मरम्मत कार्य शुरू हुआ छात्राओं ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विभाग ने शुरुआती शिकायतों पर ही कार्रवाई कर दी होती तो लोगों को चार दिनों तक अंधेरे में नहीं रहना पड़ता और सड़क पर उतरकर विरोध करने की नौबत भी नहीं आती। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आम लोगों की समस्याओं का समाधान आखिर शिकायतों से होगा या फिर प्रदर्शन के बाद ही प्रशासन और विभाग जागेंगे।

  • शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल

    शिवपुरी में अवैध खनन कार्रवाई के दौरान बवाल युवक को थप्पड़ मारते खनिज निरीक्षक का VIDEO वायरल


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई के दौरान हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित एक युवक को थप्पड़ मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का कहना है कि वीडियो समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

    जानकारी के अनुसार कुछ दिन पहले खनिज निरीक्षक ऋषभ दीक्षित अपनी टीम के साथ पिछोर क्षेत्र में अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर ट्रॉली को रोककर जांच की। चालक के पास वैध रॉयल्टी और परिवहन से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने पर ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त कर लिया गया।

    जब जब्त वाहन को पुलिस बल की मौजूदगी में थाने ले जाया जा रहा था तभी मौके पर मौजूद कुछ लोगों और अधिकारियों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान धक्का मुक्की और तीखी बहस की स्थिति बन गई। घटना के बाद खनिज निरीक्षक ने पिछोर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि मंगल लोधी और उसके साथियों ने शासकीय कार्य में बाधा डाली पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया और जब्त वाहन छुड़ाने का प्रयास किया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

    अब सामने आए वायरल वीडियो में खनिज निरीक्षक पहले युवक मंगल लोधी से मोबाइल मांगते दिखाई देते हैं। कुछ ही क्षण बाद वे युवक को थप्पड़ मार देते हैं जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच धक्का मुक्की और कहासुनी शुरू हो जाती है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है और कार्रवाई की निष्पक्षता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटना की पूरी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जाएगा कि थप्पड़ मारने से पहले क्या हुआ था और विवाद किस वजह से बढ़ा। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दोनों पक्षों की भूमिका क्या रही। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है और सभी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा पोहरी SDM के रीडर की पत्नी की मौत खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से टकराई कार


    शिवपुरी  शिवपुरी में देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से तेज रफ्तार कार टकरा गई जिससे पोहरी एसडीएम कार्यालय के रीडर श्याम सिंह दोहरे की पत्नी मनीषा दोहरे की मौत हो गई। हादसे में श्याम सिंह दोहरे सहित चार अन्य लोग घायल हुए हैं जिनका मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में उपचार जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार पोहरी एसडीएम कार्यालय में पदस्थ रीडर श्याम सिंह दोहरे का हाल ही में भिंड तबादला हुआ था। शुक्रवार को जिला मुख्यालय शिवपुरी से कार्यमुक्त होने के बाद वे अपने परिवार और परिचितों के साथ कार से पोहरी लौट रहे थे। कार में उनकी पत्नी मनीषा दोहरे के अलावा एक शिक्षक उनकी पत्नी और उनका बच्चा भी सवार थे।

    बताया जा रहा है कि शिवपुरी पोहरी मुख्य मार्ग की खराब स्थिति के कारण उन्होंने झिरी मार्ग से जाने का फैसला किया। शुक्रवार देर रात करीब साढ़े बारह बजे मुद्गल पेट्रोल पंप के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से पीछे से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मनीषा दोहरे ने दम तोड़ दिया जबकि श्याम सिंह दोहरे और अन्य घायलों का इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा है।

    शनिवार को मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर ट्रॉली से कार की टक्कर मानी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि ट्रैक्टर ट्रॉली सड़क पर किस परिस्थिति में खड़ी थी तथा सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क किनारे बिना पर्याप्त संकेतों के खड़े भारी वाहनों से होने वाले खतरों की ओर इशारा करता है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच के बाद आगे की कार्रवाई करेगी।

  • सरकारी भवनों पर कब्जे का शिकंजा 38 लाख की लैब में बस गया परिवार आंगनबाड़ी पर 6 साल से दबंग का ताला

    सरकारी भवनों पर कब्जे का शिकंजा 38 लाख की लैब में बस गया परिवार आंगनबाड़ी पर 6 साल से दबंग का ताला


    मध्यप्रदेश । सरकारी जमीनों और भवनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के दावे करने वाला प्रशासन शिवपुरी जिले में अपनी ही संपत्तियों को कब्जे से मुक्त नहीं करा पा रहा है। हालात यह हैं कि बदरवास में लाखों रुपए की लागत से बनी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला पिछले सात वर्षों से एक परिवार के कब्जे में है जबकि कोलारस क्षेत्र के एक गांव में आंगनबाड़ी केंद्र पर छह साल से ताला लटका हुआ है। इन दोनों मामलों ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    बदरवास तहसील कार्यालय के पीछे वर्ष 2018 में मंडी बोर्ड द्वारा कृषि विभाग के लिए आधुनिक मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का निर्माण कराया गया था। करीब 38 लाख रुपए की लागत से तैयार इस भवन का उद्देश्य किसानों को मिट्टी की जांच की सुविधा उपलब्ध कराना था ताकि वे अपनी फसलों के लिए वैज्ञानिक सलाह प्राप्त कर सकें। लेकिन प्रयोगशाला शुरू होने से पहले ही भवन पर एक परिवार ने कब्जा जमा लिया और धीरे-धीरे उसे अपने आवास में तब्दील कर दिया। आज स्थिति यह है कि जिस भवन में किसानों के हित से जुड़ी अत्याधुनिक सुविधाएं शुरू होनी थीं वहां घरेलू गतिविधियां संचालित हो रही हैं।

    कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भवन खाली कराने के कई प्रयास किए गए लेकिन सफलता नहीं मिली। विभाग का आरोप है कि कब्जाधारी के खिलाफ कार्रवाई करने में कई तरह की बाधाएं सामने आती रही हैं। इस संबंध में राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। परिणामस्वरूप लाखों रुपए की सरकारी संपत्ति वर्षों से बेकार पड़ी हुई है और किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा।

    दूसरी ओर कोलारस विकासखंड के ग्राम सेसईखुर्द में स्थित शासकीय आंगनबाड़ी केंद्र भी वर्षों से अपने मूल उद्देश्य से भटका हुआ है। जानकारी के अनुसार वर्ष 2020 में आए एक तेज तूफान के बाद एक स्थानीय व्यक्ति ने आंगनबाड़ी भवन का ताला तोड़कर उसमें अपना सामान रख लिया और धीरे-धीरे पूरे भवन पर कब्जा कर लिया। बताया जाता है कि बाद में भवन की संरचना में भी बदलाव कर दिया गया। इसके चलते आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन प्रभावित हो गया और बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ बाधित हो गया।

    स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत किया जा रहा है लेकिन सरकारी भवन पर कब्जा होने से व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारू नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है।

    इन दोनों मामलों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी भवनों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार की आवश्यकता है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो करोड़ों रुपए की सार्वजनिक संपत्तियां इसी तरह अतिक्रमण और लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेंगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया है लेकिन अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि जमीन पर परिणाम कब दिखाई देते हैं।

  • शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दो युवक गंभीर

    शिवपुरी में दर्दनाक सड़क हादसा तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से बुजुर्ग की मौत दो युवक गंभीर


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में रविवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। राष्ट्रीय राजमार्ग 46 पर अटलपुर गांव के समीप तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई जबकि बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और राहगीरों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुई। मोहनपुर निवासी 60 वर्षीय ओंकार सिंह पटेलिया सड़क किनारे खड़े थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक बाइक अनियंत्रित होकर उनसे जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं बाइक पर सवार दोनों युवक भी सड़क पर गिरकर बुरी तरह घायल हो गए।

    हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल ओंकार सिंह पटेलिया को शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

    दुर्घटना में घायल बाइक सवार दोनों युवकों की हालत भी गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुना रेफर किया गया है। समाचार लिखे जाने तक दोनों की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस उनकी शिनाख्त करने और परिजनों तक सूचना पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

    घटना के बाद मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने मामले की जानकारी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोमवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बाइक की गति कितनी थी तथा हादसे के पीछे लापरवाही या अन्य कोई कारण तो नहीं था।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की वजह से हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की जरूरत को रेखांकित करता है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना न केवल चालक बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है।

  • योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं

    योग दिवस पर शिवपुरी में उमड़ा जनसैलाब, मंत्री ने जनचौपाल में सुनीं समस्याएं


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को International Yoga Day 2026 बड़े उत्साह और व्यापक जनभागीदारी के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” के अनुरूप जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें हजारों लोगों ने भाग लेकर योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    जिला मुख्यालय स्थित तात्या टोपे खेल परिसर (पोलो ग्राउंड) में मुख्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां पूर्व विधायक प्रहलाद भारती, एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, विद्यार्थी और बड़ी संख्या में आम नागरिक मौजूद रहे। योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास किया।

    कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने यह संदेश दिया कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और स्वस्थ जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण साधन है। उपस्थित लोगों ने नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

    इसी क्रम में खोड़ स्थित धार महादेव मंदिर प्रांगण में भी भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ विधायक देवेंद्र जैन और भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव ने भी योगाभ्यास किया।

    इस कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि योग के बाद प्रभारी मंत्री ने जन चौपाल लगाकर स्थानीय नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लिया, जिससे कार्यक्रम केवल योग तक सीमित न रहकर जनसंपर्क का माध्यम भी बन गया।

    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को संतुलित रखने की एक प्रभावी जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि नियमित योग से व्यक्ति न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी अधिक मजबूत बनता है।

    उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करें, ताकि एक स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण हो सके।

    कुल मिलाकर, शिवपुरी में आयोजित यह योग कार्यक्रम न केवल स्वास्थ्य जागरूकता का प्रतीक बना, बल्कि इसमें जनभागीदारी और प्रशासनिक संवाद का भी सुंदर संगम देखने को मिला।

  • शिवपुरी में मानसून की देरी से बढ़ी किसानों की चिंता: 10 दिन पिछड़ी टमाटर रोपाई, खराब हो सकती है तैयार पौध

    शिवपुरी में मानसून की देरी से बढ़ी किसानों की चिंता: 10 दिन पिछड़ी टमाटर रोपाई, खराब हो सकती है तैयार पौध


    मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी जिले में मानसून की देरी किसानों के लिए चिंता का बड़ा कारण बनती जा रही है। समय पर बारिश नहीं होने से खरीफ सीजन की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं और खेतों में बुवाई तथा रोपाई का काम ठप पड़ा हुआ है। प्रदेश के प्रमुख टमाटर उत्पादक क्षेत्रों में शामिल शिवपुरी में इस बार टमाटर की रोपाई सामान्य समय से 10 दिन से अधिक पीछे चल रही है। किसानों ने खेत और पौध दोनों तैयार कर लिए हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण खेती का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।

    जिले के कई गांवों में किसानों ने मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए पहले ही टमाटर की पौध तैयार कर ली थी। अधिकांश किसानों ने पौध को खेतों तक भी पहुंचा दिया है, लेकिन मिट्टी में नमी की कमी के कारण रोपाई शुरू नहीं हो पा रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सूखी जमीन में रोपाई करने से पौध के खराब होने का खतरा रहता है, इसलिए किसान जोखिम लेने से बच रहे हैं।

    सामान्य परिस्थितियों में जून के मध्य तक टमाटर की रोपाई का काम शुरू हो जाता है, लेकिन इस बार मानसून की देरी ने पूरे कृषि चक्र को प्रभावित कर दिया है। किसान लगातार आसमान की ओर निगाहें टिकाए हुए हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

    किसानों का कहना है कि यदि अगले 10 दिनों के भीतर पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो तैयार पौध जरूरत से अधिक बड़ी हो जाएगी। ऐसी स्थिति में पौध की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और खेत में लगाने के बाद उसकी वृद्धि तथा उत्पादन क्षमता पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे टमाटर की पैदावार घटने की आशंका बढ़ जाएगी।

    किसान अशोक कुशवाह का कहना है कि यदि बारिश में और देरी हुई तो वर्तमान पौध अनुपयोगी हो सकती है। ऐसी स्थिति में किसानों को नई पौध खरीदकर दोबारा रोपाई करनी पड़ेगी। इससे खेती की लागत में काफी वृद्धि होगी और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार किसानों ने बीज, पौध तैयार करने, खेत की तैयारी, मजदूरी और सिंचाई पर पहले ही खर्च कर दिया है। यदि तैयार पौध खराब होती है तो दोबारा निवेश करना पड़ेगा, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। शिवपुरी जिले की कृषि अर्थव्यवस्था में टमाटर उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां उत्पादित टमाटर मध्य प्रदेश के अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी भेजे जाते हैं। ऐसे में रोपाई में देरी का सीधा असर किसानों की आय और बाजार आपूर्ति पर पड़ सकता है।

    केवल टमाटर ही नहीं, बल्कि सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई भी बारिश की कमी से प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय हो जाता है तो खेती का काम पटरी पर लौट सकता है, लेकिन 10 से 15 दिन की अतिरिक्त देरी उत्पादन को प्रभावित कर सकती है।

    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी रही है। जहां आमतौर पर 15 से 16 जून तक प्रदेश में मानसून सक्रिय हो जाता है, वहीं इस बार इसकी प्रगति धीमी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 25 जून के आसपास मानसून प्रदेश में सक्रिय हो सकता है।

    मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार 1 जून से अब तक प्रदेश में सामान्य से 39 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। इसका असर विशेष रूप से कृषि क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। ऐसे में शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र के किसानों की उम्मीदें अब आगामी बारिश पर टिकी हुई हैं। यदि जल्द अच्छी वर्षा होती है तो खेती की रफ्तार फिर से बढ़ सकती है, अन्यथा किसानों को उत्पादन और आय दोनों स्तरों पर नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

  • शिवपुरी में डीएपी खाद की बड़ी खेप जब्त: 79 बोरी अवैध परिवहन करते पकड़े गए दो आरोपी, FIR दर्ज

    शिवपुरी में डीएपी खाद की बड़ी खेप जब्त: 79 बोरी अवैध परिवहन करते पकड़े गए दो आरोपी, FIR दर्ज


    मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी जिले में कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने डीएपी खाद के अवैध परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 79 बोरी खाद जब्त की है। कार्रवाई के दौरान दो व्यक्तियों को बिना वैध दस्तावेजों के खाद का परिवहन करते हुए पकड़ा गया। मामले में कृषि विभाग की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी अभियान चला रहा है। इसी क्रम में तहसीलदार सिद्धार्थ शर्मा के निर्देश पर कृषि, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने फतेहपुर रोड स्थित गीता पब्लिक स्कूल के समीप विशेष जांच अभियान चलाया। रात करीब 9:15 बजे टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।

    जांच के दौरान ग्राम बलेरा निवासी राजेश यादव के मैसी ट्रैक्टर को रोका गया। तलाशी लेने पर ट्रैक्टर में आईपीएल कंपनी की डीएपी खाद की 47 बोरियां मिलीं। इसके बाद टीम ने भोगरीपुरा निवासी अभिषेक रावत के महिंद्रा पिकअप वाहन की जांच की, जिसमें 32 बोरियां डीएपी खाद बरामद हुईं। दोनों वाहनों से कुल 79 बोरी खाद जब्त की गई।

    अधिकारियों ने मौके पर दोनों आरोपियों से खाद खरीदने और परिवहन करने से संबंधित बिल, रसीद, ई-टोकन अथवा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, दोनों ही व्यक्ति कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि खाद किसी किसान से खरीदी गई है, लेकिन इस संबंध में भी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर पाए।

    प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में उर्वरक का बिना दस्तावेज परिवहन गंभीर अनियमितता की श्रेणी में आता है। कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और खाद के नमूने भी लिए। इसके बाद पूरी खेप को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।

    कृषि विभाग का कहना है कि बिना वैध दस्तावेजों के उर्वरक का भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री करना उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। साथ ही यह आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत दंडनीय अपराध भी माना जाता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

    वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी द्वारा दी गई शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने राजेश यादव और अभिषेक रावत के खिलाफ उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खाद कहां से लाई गई थी और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था।

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के लिए निर्धारित उर्वरकों की कालाबाजारी और अवैध परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।

  • उत्कर्ष आत्महत्या केस में नया मोड़: पत्नी रिया समेत पांच लोगों पर FIR, जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप

    उत्कर्ष आत्महत्या केस में नया मोड़: पत्नी रिया समेत पांच लोगों पर FIR, जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज पेश करने का आरोप


    मध्‍यप्रदेश । शिवपुरी के बहुचर्चित उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या मामले में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ सामने आया है। आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले की जांच के बीच अब पुलिस ने उत्कर्ष की पत्नी रिया शिवहरे समेत पांच लोगों के खिलाफ कथित फर्जी दस्तावेज तैयार कर न्यायालय में पेश करने के आरोप में नया प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने जमानत प्राप्त करने के उद्देश्य से न्यायालय को गुमराह करने की कोशिश की और इसके लिए कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

    जानकारी के अनुसार, उत्कर्ष शिवहरे ने अपनी शादी के लगभग एक वर्ष बाद 19 अप्रैल 2026 को आत्महत्या कर ली थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में काफी चर्चा बटोरी थी। मामले की जांच के बाद फिजिकल थाना पुलिस ने उत्कर्ष की पत्नी रिया शिवहरे, उनके पिता जितेंद्र शिवहरे, भाई ध्रुव शिवहरे और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। यह प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है।

    इसी दौरान आरोपियों की ओर से जमानत के लिए न्यायालय में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया। आवेदन के साथ एक दस्तावेज भी संलग्न किया गया था, जिसमें दावा किया गया था कि घटना वाले दिन यानी 19 अप्रैल को सुबह 10:15 बजे रिया शिवहरे ने भोपाल के गौतम नगर थाने में ससुराल पक्ष द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस कथित शिकायत का उल्लेख जमानत आवेदन में भी प्रमुखता से किया गया था।

    मामले की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए गए इस दस्तावेज की सत्यता को लेकर सवाल उठे, जिसके बाद इसकी जांच शुरू की गई। कोतवाली पुलिस ने भोपाल के गौतम नगर थाना पुलिस से संपर्क कर संबंधित रिकॉर्ड और जानकारी जुटाई। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस के अनुसार, जिस समय शिकायत दर्ज कराने का दावा किया गया था, उस समय रिया शिवहरे के थाने पहुंचने के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी उनकी उपस्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी।

    इसके अलावा पुलिस रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों से प्राप्त जानकारी में भी कई तरह की विसंगतियां सामने आईं। प्रारंभिक जांच में यह आशंका व्यक्त की गई कि जमानत प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए कथित रूप से दस्तावेज तैयार किए गए और उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।

    जांच के आधार पर कोतवाली पुलिस ने गीता शिवहरे, रिया शिवहरे, जितेंद्र शिवहरे, ध्रुव शिवहरे और रियम शिवहरे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    इस नए मामले के दर्ज होने के बाद उत्कर्ष शिवहरे आत्महत्या प्रकरण और अधिक संवेदनशील हो गया है। अब यह मामला केवल आत्महत्या के लिए उकसाने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि न्यायालय में कथित रूप से फर्जी दस्तावेज पेश कर जमानत हासिल करने के आरोप भी इसमें जुड़ गए हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष इस चर्चित मामले की दिशा तय कर सकते हैं।