Tag: Shivpuri

  • शिवपुरी में कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे आरक्षक पर कार्रवाई, 5 हजार रुपये का बंधपत्र जब्त, सात दिन में जमा करनी होगी राशि

    शिवपुरी में कोर्ट में गवाही देने नहीं पहुंचे आरक्षक पर कार्रवाई, 5 हजार रुपये का बंधपत्र जब्त, सात दिन में जमा करनी होगी राशि


    शिवपुरी: में निर्धारित तारीख पर न्यायालय में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होना करैरा थाने में पदस्थ आरक्षक मनोज कतरोलिया को महंगा पड़ गया। एनडीपीएस एक्ट के विशेष सत्र प्रकरण में गवाही देने के लिए अदालत में उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने उसके 5 हजार रुपये के बंधपत्र की राशि जब्त कर ली है। विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार शर्मा ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी करते हुए आरक्षक को सात दिन के भीतर यह राशि जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार, आरक्षक मनोज कतरोलिया करैरा थाने में पदस्थ है। वह विशेष सत्र प्रकरण क्रमांक 24/2025 में मध्य प्रदेश राज्य विरुद्ध कमल सिंह व अन्य मामले में साक्षी के रूप में नामित था। इस मामले में उसकी गवाही दर्ज की जानी थी। न्यायालय ने उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए 5 हजार रुपये का जमानती वारंट जारी किया था। संबंधित वारंट की तामील भी कराई जा चुकी थी।

    न्यायालय में निर्धारित तारीख पर उपस्थित रहने के लिए आरक्षक ने 11 सितंबर 2026 को 5 हजार रुपये का बंधपत्र निष्पादित किया था। इसके तहत उसे तय तारीख पर अदालत में उपस्थित होना था, लेकिन वह निर्धारित समय पर न्यायालय में पेश नहीं हुआ। उसकी अनुपस्थिति के संबंध में कोई उचित कारण भी प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके बाद न्यायालय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बंधपत्र की राशि जब्त करने का आदेश दिया।

    विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने एमजेसी प्रकरण क्रमांक 409/2026 में 30 अक्टूबर को आदेश पारित किया। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 491 के तहत आरक्षक के 5 हजार रुपये के बंधपत्र को जब्त करने की कार्रवाई की गई। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संबंधित राशि सात दिन के भीतर जमा कराई जाए।

    आदेश के मुताबिक, आरक्षक मनोज कतरोलिया को 5 हजार रुपये की राशि अनुविभागीय अधिकारी करैरा के माध्यम से न्यायालय में जमा करनी होगी। निर्धारित अवधि के भीतर राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई न्यायालय में उपस्थित रहने के लिए दिए गए बंधपत्र की शर्तों का पालन नहीं करने के मामले में की गई है।

    इस प्रकरण में न्यायालय की ओर से जारी आदेश के तहत आरक्षक को तय समयसीमा में राशि जमा करानी होगी। मामला एनडीपीएस एक्ट से जुड़े विशेष सत्र प्रकरण में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने से संबंधित है। अदालत ने पहले उसकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए जमानती वारंट जारी किया था और बंधपत्र भी निष्पादित कराया गया था। इसके बावजूद निर्धारित तारीख पर उपस्थित नहीं होने और अनुपस्थिति का उचित कारण नहीं बताए जाने के बाद बंधपत्र की राशि जब्त करने का आदेश दिया गया।

  • शिवपुरी में रास्ते के पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट में 35 वर्षीय महिला की मौत..

    शिवपुरी में रास्ते के पुराने विवाद ने लिया हिंसक रूप, मारपीट में 35 वर्षीय महिला की मौत..

    शिवपुरी जिले: में रास्ते को लेकर लंबे समय से चले आ रहे विवाद ने शुक्रवार को हिंसक रूप ले लिया। बदरवास थाना क्षेत्र के ग्राम खजूरी में दो पक्षों के बीच हुए झगड़े और मारपीट में 35 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना में महिला का बेटा और उसकी सास भी घायल हुए हैं। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

    जानकारी के अनुसार, ग्राम खजूरी में रास्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच पिछले करीब 10 वर्षों से विवाद चला आ रहा था। लंबे समय से जारी इस विवाद को लेकर शुक्रवार को एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआत में उनके बीच कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। इस दौरान हुई हिंसा में भूरिया पत्नी फेरन जाटव, उम्र 35 वर्ष, गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    मारपीट के दौरान भूरिया के सिर में चोट लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना में उनके परिवार के दो अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। इनमें उनकी सास रामवती पत्नी गंगाराम जाटव और पुत्र राहुल, जो फेरन जाटव के बेटे हैं, शामिल हैं। दोनों को चोटें आने के बाद उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में घायलों की स्थिति के बारे में विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

    घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि रास्ते को लेकर चल रहा पुराना विवाद शुक्रवार को किस परिस्थिति में दोबारा भड़का और मारपीट की नौबत कैसे आई। साथ ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और विवाद के दौरान हुई घटनाओं के क्रम की भी जांच की जा रही है।

    ग्राम खजूरी में रास्ते को लेकर करीब एक दशक से विवाद चला आ रहा था। इतने लंबे समय से जारी विवाद का इस तरह हिंसक घटना में बदल जाना गंभीर मामला है। शुक्रवार को हुए झगड़े में एक महिला की जान चली गई, जबकि परिवार के दो अन्य सदस्य घायल हो गए। घटना के बाद गांव में चर्चा का माहौल है और लोग पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटा रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस की जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद के दौरान किन परिस्थितियों में मारपीट हुई और महिला के सिर में चोट कैसे लगी। मामले में आरोपियों की भूमिका तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रास्ते के पुराने विवाद को ही इस झगड़े की वजह बताया गया है। जांच पूरी होने के बाद घटना से संबंधित विस्तृत तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

    गांव में रास्ते जैसे स्थानीय विवादों को लेकर लंबे समय तक तनाव बने रहने से आपसी टकराव की आशंका बनी रहती है। खजूरी की इस घटना में विवाद का परिणाम एक महिला की मौत और दो लोगों के घायल होने के रूप में सामने आया है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है।

  • शिवपुरी में मां-बेटे की मौत के बाद तीन बच्चियों की जिम्मेदारी प्रशासन ने संभाली, दादी की देखरेख में रहेंगी बेटियां

    शिवपुरी में मां-बेटे की मौत के बाद तीन बच्चियों की जिम्मेदारी प्रशासन ने संभाली, दादी की देखरेख में रहेंगी बेटियां


    शिवपुरी जिले: के पोहरी अनुविभाग की बैराड़ तहसील के गूगर गांव में मां और बेटे की मौत के बाद अनाथ हुईं तीन बच्चियों की देखभाल की जिम्मेदारी प्रशासन ने संभाली है। परिवार पर एक के बाद एक दुखों का पहाड़ टूटने के बाद प्रशासन ने बच्चियों को उनकी दादी की देखरेख में रखने की व्यवस्था की है। साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई है।

    जानकारी के अनुसार, गूगर गांव निवासी अंजली रावत, उम्र 33 वर्ष, आठ महीने की गर्भवती थीं। 28 अक्टूबर को घर के पीछे बने कुएं में कूदने से अंजली और उनके छह वर्षीय बेटे प्रशांत रावत की मौत हो गई थी। बताया गया है कि अंजली के पति धर्मवीर रावत की करीब एक महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद परिवार पहले से ही मुश्किल दौर से गुजर रहा था। अब अंजली और उनके बेटे की मौत के बाद परिवार में धर्मवीर की तीन बेटियां ही रह गई हैं।

    घटना के बाद तीनों बच्चियों की देखभाल और भविष्य को लेकर प्रशासन ने कदम उठाए हैं। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर बैराड़ तहसीलदार दृगपाल सिंह बैस गांव पहुंचे और परिवार की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बच्चियों की देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उन्हें उनकी दादी दुलारी रावत की निगरानी में रखने के निर्देश दिए। इससे बच्चियों को परिवार के बीच देखभाल मिल सकेगी।

    प्रशासन ने बच्चियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए भी प्रक्रिया शुरू की है। तहसीलदार ने संबंधित पटवारी को परिवार का बीपीएल राशन कार्ड बनवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दादी को परिवार का मुखिया बनाने की कार्रवाई करने को कहा गया है, ताकि परिवार को पात्रता के अनुसार शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके।

    तीनों बच्चियों को मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आर्थिक सहायता दिलाने की पहल भी की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत माता-पिता दोनों को खो चुके बच्चों को पात्रता के अनुसार प्रतिमाह चार हजार रुपये की सहायता देने का प्रावधान है। प्रशासन बच्चियों को योजना का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठा रहा है, ताकि उनके पालन-पोषण में आर्थिक मदद मिल सके।

    तहसीलदार दृगपाल सिंह बैस ने पोहरी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से भी चर्चा की और बच्चियों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की ओर से राशन कार्ड, परिवार के मुखिया से संबंधित प्रक्रिया और आर्थिक सहायता जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। मां और भाई को खो चुकी तीनों बच्चियों के लिए अब उनकी दादी की देखरेख और सरकारी योजनाओं से मिलने वाली मदद महत्वपूर्ण होगी।

  • दुर्गेश यादव की मौत के बाद परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम, पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा

    दुर्गेश यादव की मौत के बाद परिजनों ने हाईवे पर लगाया जाम, पुलिस ने दो दिन में कार्रवाई का दिया भरोसा


    शिवपुरी जिले:
    के बदरवास में सड़क हादसे में 23 वर्षीय युवक दुर्गेश यादव की मौत के बाद शुक्रवार को परिजनों ने विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए परिजनों ने सिल्वर पार्क के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। उनकी मांग थी कि हादसे में शामिल वाहन और उसके चालक की पहचान की जाए तथा चालक का नाम एफआईआर में शामिल किया जाए। जाम के कारण हाईवे पर करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।

    जानकारी के अनुसार, घुरवार निवासी दुर्गेश यादव गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे बाइक से मंडी जा रहा था। वह अपने पिता को खाना देने के लिए घर से निकला था। घुरवार और बदरवास के बीच चंपालाल कुशवाह के घर के पास एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दुर्गेश गंभीर रूप से घायल हो गया।

    हादसे की जानकारी मिलने पर दुर्गेश का छोटा भाई विकेश मौके पर पहुंचा। वह घायल दुर्गेश को उपचार के लिए अस्पताल लेकर गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत से परिवार में शोक छा गया। हादसे में शामिल वाहन और चालक की पहचान नहीं होने के कारण परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

    शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन दुर्गेश का शव लेकर हाईवे पर पहुंचे। उन्होंने सिल्वर पार्क के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजनों का कहना था कि सड़क हादसे के लिए जिम्मेदार वाहन और उसके चालक की पहचान की जानी चाहिए। साथ ही, चालक का नाम एफआईआर में दर्ज किया जाए, ताकि मामले में आगे की कार्रवाई हो सके।

    हाईवे पर चक्काजाम की सूचना मिलने के बाद बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे परिजनों से बातचीत की और उन्हें मामले की जांच का आश्वासन दिया। थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि दो दिन के भीतर जांच पूरी कर हादसे में शामिल वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि चालक की पहचान होने पर उसका नाम एफआईआर में जोड़ा जाएगा।

    पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन जाम खोलने के लिए राजी हो गए। इसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका। करीब आधे घंटे तक चले इस चक्काजाम के दौरान परिजन वाहन चालक की पहचान और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

    फिलहाल मामले में अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती है। परिजनों को दो दिन के भीतर जांच पूरी करने का आश्वासन दिया गया है। अब पुलिस की जांच के आधार पर हादसे में शामिल वाहन और चालक के संबंध में जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

  • शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी के सालोदा गांव में मंदिर विवाद से तनाव, भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और पुजारी को गोली मारने की धमकी का आरोप

    शिवपुरी जिले: की पोहरी तहसील के ग्राम सालोदा में मंदिर और पूजा-अर्चना को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। गांव के ग्रामीणों ने वीरू बाथम और दिनेश जाटव पर शराब पीकर उत्पात मचाने, महिलाओं को परेशान करने, प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने और हनुमान जी की पूजा-अर्चना रोकने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और गांव के लोगों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार, ग्राम सालोदा में पहले कथित तौर पर अवैध रूप से देशी और विदेशी शराब की बिक्री की जा रही थी। गांव के लोगों ने इसका विरोध करते हुए शराब की बिक्री बंद कराई थी। आरोप है कि इसके बाद वीरू बाथम पुत्र जालम बाथम और दिनेश जाटव पुत्र रमेश जाटव शराब पीकर गांव में हंगामा करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों लोगों का व्यवहार लगातार परेशानी का कारण बन रहा है।

    शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित लोग गांव की महिलाओं को रास्ते में परेशान करते हैं। जब कोई ग्रामीण इस व्यवहार का विरोध करता है तो उसके साथ गाली-गलौज और विवाद किया जाता है। ग्रामीणों के मुताबिक, इस तरह की घटनाओं के कारण गांव में असहज स्थिति बनी हुई है और लोगों में नाराजगी है।

    भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ने का आरोप
    ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विरोध करने पर दोनों लोगों ने गांव के प्राचीन भैरों बाबा मंदिर के पाट तोड़ दिए। इसके साथ ही मंदिर में स्थापित मूर्ति को उखाड़ने का प्रयास किए जाने की बात भी कही गई है। ग्रामीणों का दावा है कि इस घटना से संबंधित वीडियो उनके पास मौजूद है, जिसे जरूरत पड़ने पर पुलिस के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।

    मामले में हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना रोकने का आरोप भी लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के हनुमान मंदिर में पिछले दो दिनों से पूजा नहीं हो पा रही है। इससे धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ग्रामीणों ने मंदिर में नियमित पूजा शुरू कराने और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।

    पुजारी को गोली मारने की धमकी देने का आरोप
    शिकायत में सबसे गंभीर आरोप मंदिर के पुजारी को धमकी देने से जुड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित लोग पुजारी के घर पहुंचे और कथित तौर पर चेतावनी दी कि यदि उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की तो उन्हें गोली मारकर जान से खत्म कर दिया जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि इस धमकी से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उनके पास उपलब्ध है। उन्होंने इसे पुलिस के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही है।

    पहले भी थाना पोहरी में दी थी शिकायत
    ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले को लेकर 27 अक्टूबर को थाना पोहरी में लिखित शिकायत दी गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित लोग खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें लगातार धमका रहे हैं।

    शिकायत में यह आरोप भी लगाया गया है कि हनुमान जी की मूर्ति तोड़ने की बात कही जा रही है। इसके अलावा ग्रामीणों को झूठे हरिजन एक्ट के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया है।

    शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक को सामूहिक आवेदन सौंपने के बाद ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, मंदिर में पूजा-अर्चना दोबारा शुरू कराने और पुजारी सहित गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर ग्रामीणों की मांग बनी हुई है।

  • शिवपुरी से लापता 17 वर्षीय किशोरी उज्जैन में मिली, अपहरण के आरोपी अनस खान पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

    शिवपुरी से लापता 17 वर्षीय किशोरी उज्जैन में मिली, अपहरण के आरोपी अनस खान पर दुष्कर्म का मामला दर्ज

    शिवपुरी जिले: में अपहरण के मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 17 वर्षीय किशोरी को उज्जैन से सुरक्षित बरामद किया है। इस मामले में फरार चल रहे आरोपी अनस खान को भी गिरफ्तार किया गया है। किशोरी के बयान और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

    पुलिस के अनुसार, मामला पुरानी शिवपुरी क्षेत्र का है। यहां राधारमण मंदिर के पास रहने वाली किशोरी के परिजनों ने 24 अक्टूबर को देहात थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 17 वर्षीय किशोरी को अनस खान बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।

    मामले की जांच के दौरान पुलिस ने किशोरी और आरोपी की तलाश के लिए मोबाइल लोकेशन की मदद ली। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस को दोनों के उज्जैन में होने का पता चला। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उज्जैन से किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी अनस खान को गिरफ्तार कर लिया।

    किशोरी की बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। इसके साथ ही परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की आगे जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, बयान और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म की धाराएं भी जोड़ी गईं। इसके बाद मामले की विवेचना आगे बढ़ाई गई है।

    पुलिस ने बरामद किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। वहीं, आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। इस तरह किशोरी की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी के साथ मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई है।

    यह मामला 24 अक्टूबर को दर्ज हुई अपहरण की शिकायत से शुरू हुआ था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश की और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उज्जैन तक पहुंची। किशोरी की बरामदगी के बाद उसके बयानों के आधार पर मामले में दुष्कर्म से संबंधित कार्रवाई भी की गई।

    फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और दर्ज बयानों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नाबालिग से जुड़े मामले में उसकी पहचान और निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

  • शिवपुरी में बीआरसीसी और एपीसी की नियुक्तियों पर फिर लगी रोक, राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी किए नए निर्देश

    शिवपुरी में बीआरसीसी और एपीसी की नियुक्तियों पर फिर लगी रोक, राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी किए नए निर्देश

    मध्य प्रदेश । के शिवपुरी जिले में बीआरसीसी और एपीसी पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया एक बार फिर अटक गई है। 30 अक्टूबर को जिला पंचायत सभागार में प्रस्तावित काउंसलिंग के जरिए 12 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जानी थीं, लेकिन राज्य शिक्षा केंद्र से मिले नए निर्देशों के बाद फिलहाल इस प्रक्रिया पर रोक लग गई है। निर्देशों के अनुसार, संबंधित न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण होने तक नियुक्ति की आगे की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इससे नियुक्ति की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को फिलहाल इंतजार करना पड़ेगा।

    जिला परियोजना समन्वयक दफेदार सिंह सिकरवार के अनुसार, शिवपुरी में नियुक्ति प्रक्रिया के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। निर्धारित कार्यक्रम के तहत 30 अक्टूबर को जिला पंचायत सभागार में काउंसलिंग होनी थी। इसके बाद परीक्षा के परिणाम के आधार पर रिक्त पदों पर चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी थी। हालांकि, राज्य स्तर से मिले नए दिशा-निर्देशों के कारण तय कार्यक्रम को रोकना पड़ा है।

    यह मामला सहायक परियोजना समन्वयक यानी एपीसी और बीआरसीसी पदों पर नियोजन से जुड़ा है। राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल ने न्यायालय के निर्णय और उसके अनुपालन को लेकर कलेक्टर को पत्र जारी किया है। इसमें उच्च प्रभार और कूलिंग पीरियड से संबंधित प्रावधानों के तहत आवेदकों को परीक्षा में शामिल करने के न्यायालयीन निर्देशों का उल्लेख किया गया है।

    इन निर्देशों के अनुपालन में शिवपुरी जिले में 16 याचिकाकर्ताओं को परीक्षा में शामिल किया गया था। योजना के अनुसार, परीक्षा परिणाम के आधार पर 30 अक्टूबर को होने वाली काउंसलिंग के बाद नियुक्ति से संबंधित अगली प्रक्रिया पूरी की जानी थी। लेकिन नियुक्तियों से जुड़े न्यायालयीन मामलों के चलते अब पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो गई है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि काउंसलिंग की अगली तारीख कब निर्धारित की जाएगी।

    राज्य शिक्षा केंद्र ने अपने नए निर्देशों में न्यायालयीन प्रकरणों से निपटने के लिए जिला स्तर पर जिम्मेदारी तय करने को कहा है। जिन जिलों में नियुक्ति से जुड़े मामले न्यायालय में लंबित हैं, वहां संबंधित याचिका के अनुसार एक प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया जाना है। इस अधिकारी को प्रकरण से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय में जवाबदावा प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

    निर्देशों में यह भी कहा गया है कि जवाबदावा तत्काल प्रस्तुत किया जाए और न्यायालय से मामले की शीघ्र सुनवाई का अनुरोध किया जाए। इसका उद्देश्य लंबित प्रकरणों में न्यायालय के समक्ष संबंधित पक्ष का जवाब समय पर प्रस्तुत करना है। राज्य शिक्षा केंद्र ने उन जिलों के लिए भी स्थिति स्पष्ट की है, जहां इस प्रकार के न्यायालयीन प्रकरण नहीं हैं। ऐसे जिलों में 2 सितंबर 2026 को जारी पूर्व पत्र के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जानी है।

    ये निर्देश राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह की ओर से 29 अक्टूबर को जारी किए गए। इसके बाद शिवपुरी में नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय न्यायालयीन मामलों से संबंधित निर्देशों के पालन की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    दफेदार सिंह सिकरवार ने बताया कि नए आदेश के बाद नियुक्ति प्रक्रिया कब शुरू हो सकेगी, इसका पता आगे की स्थिति स्पष्ट होने पर ही चलेगा। फिलहाल जिला स्तर पर प्रभारी अधिकारी नियुक्त करने और निर्देशों के अनुपालन की तैयारी की जा रही है। ऐसे में 12 पदों पर चयन की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को काउंसलिंग और नियुक्ति के लिए नई तारीख घोषित होने तक इंतजार करना होगा।

  • शिवपुरी में बालाजी बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, युवक घायल, गुस्साए लोगों ने फोड़ा शीशा

    शिवपुरी में बालाजी बस ने बाइक को पीछे से मारी टक्कर, युवक घायल, गुस्साए लोगों ने फोड़ा शीशा

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में बुधवार रात सड़क हादसे में बाइक सवार 28 वर्षीय युवक घायल हो गया। पोहरी थाना क्षेत्र में शिवपुरी की ओर से आ रही बालाजी बस ने उसकी पल्सर बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि युवक उछलकर सड़क पर दूर जा गिरा, जबकि उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी दौरान गुस्साए लोगों ने बस का शीशा फोड़ दिया।

    घायल युवक की पहचान परिच्छा निवासी शिवराज जाटव के रूप में हुई है। वह सरवन जाटव का पुत्र है। जानकारी के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात करीब 8:45 बजे शिवराज अपनी पल्सर बाइक से परिच्छा बस स्टैंड से सब्जी लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही बालाजी बस ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के समय बस शिवपुरी की ओर से आ रही थी।

    दुर्घटना में शिवराज बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरा। उसकी बाइक बस के नीचे फंस गई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने स्थिति देखी और बस के आसपास भीड़ एकत्रित हो गई। हादसे से नाराज कुछ लोगों ने बस का शीशा तोड़ दिया। इस घटना के कारण मौके पर कुछ समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

    परिजनों के अनुसार, बस चालक वाहन तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। उनका आरोप है कि इसी वजह से बाइक को पीछे से टक्कर लगी। हालांकि, दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकेगी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद चालक बस को मौके पर छोड़कर भाग गया।

    टक्कर में शिवराज को शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। उसके सिर और चेहरे के अलावा दोनों हाथों, बाएं पैर के टखने और कमर में भी चोट लगी है। हादसे के बाद उसके शरीर से खून निकल रहा था। घायल की हालत देखकर परिजनों ने उसे जल्द अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

    घटना की जानकारी मिलने पर शिवराज के पिता सरवन जाटव और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल युवक को निजी वाहन से जिला अस्पताल शिवपुरी पहुंचाया। वहां उसे भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजन घटना के बाद से घायल के इलाज पर ध्यान दे रहे हैं।

    मामले में शिवराज के पिता सरवन जाटव ने पोहरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने उनकी रिपोर्ट के आधार पर बालाजी बस के चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच में हादसे की परिस्थितियों और चालक की भूमिका से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी।

    हादसे के बाद बस का शीशा तोड़े जाने की घटना भी सामने आई है। पुलिस की जांच में दुर्घटना से जुड़े घटनाक्रम और उसके बाद हुई गतिविधियों की जानकारी महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल घायल शिवराज का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

  • शिवपुरी की अमोला घाटी में गहरी खाई में गिरा ट्रॉला, ड्राइवर की मौत और हेल्पर गंभीर घायल..

    शिवपुरी की अमोला घाटी में गहरी खाई में गिरा ट्रॉला, ड्राइवर की मौत और हेल्पर गंभीर घायल..

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले में अमोला घाटी के पास गुरुवार देर रात एक सड़क हादसे में ट्रॉला चालक की मौत हो गई, जबकि हेल्पर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा सुरवाया थाना क्षेत्र में वन देवी मैया मंदिर के नजदीक हुआ। ट्रॉला अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित गहरी खाई में जा गिरा। वाहन कानपुर से गुजरात के सूरत शहर की ओर जा रहा था। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद घायल को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज शिवपुरी पहुंचाया गया।

    जानकारी के अनुसार, हादसा गुरुवार रात करीब 2:30 बजे हुआ। ट्रॉला अमोला घाटी में वन देवी मैया मंदिर के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे गहरी खाई में गिर गया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि ट्रॉला चला रहे राम अनुज चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथ वाहन में मौजूद हेल्पर उमेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे की जानकारी मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई की एंबुलेंस मौके पर पहुंची। राहत सहायता के बाद घायल हेल्पर को मेडिकल कॉलेज शिवपुरी ले जाया गया। वहां उन्हें भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है। हादसे में चालक की मौत और हेल्पर के गंभीर रूप से घायल होने के बाद पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की।

    मृतक चालक की पहचान राम अनुज चौधरी के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम केशव चौधरी बताया गया है। वह उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर जिले के ग्राम कैथवालिया, पोस्ट कैथवालिया, छपिया वसई के निवासी थे। दुर्घटना के बाद उनके शव का गुरुवार को पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद पुलिस नियमानुसार आगे की प्रक्रिया में जुटी है।

    वहीं, हादसे में घायल हेल्पर उमेश कुमार उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के निवासी हैं। उनके पिता का नाम राम असीह है। उनका पता इटौरा (मुझैली), अरदौना बताया गया है। दुर्घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

    ट्रॉला कानपुर से सूरत जा रहा था। इस दौरान शिवपुरी जिले की अमोला घाटी में हुए हादसे ने वाहन चालक की जान ले ली। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के समय ट्रॉला का संतुलन बिगड़ने के बाद वह खाई में गिरा था। वाहन अनियंत्रित होने की वजह और हादसे से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी पुलिस की आगे की कार्रवाई से सामने आ सकती है।

    अमोला घाटी का यह हादसा रात के समय हुआ, जब ट्रॉला वन देवी मैया मंदिर के पास से गुजर रहा था। दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत और दूसरे के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है। घायल हेल्पर का इलाज मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में किया जा रहा है, जबकि मृतक चालक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। पुलिस मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुटी है।

  • माधव टाइगर रिजर्व में शिकारियों का खतरा बढ़ा, एक साल से लापता बाघिन एमटी-1 का सुराग नहीं, 11 बाघों की सुरक्षा चुनौती

    माधव टाइगर रिजर्व में शिकारियों का खतरा बढ़ा, एक साल से लापता बाघिन एमटी-1 का सुराग नहीं, 11 बाघों की सुरक्षा चुनौती


    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों की संख्या बढ़ने के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। जंगल में बाघ, तेंदुए और अन्य वन्यजीव शिकारियों के निशाने पर होने की आशंका है। खास चिंता बाघिन एमटी-1 को लेकर है, जो करीब एक साल से लापता है। उसका कॉलर आईडी सिग्नल नहीं मिल रहा है और पार्क प्रबंधन भी अब तक उसकी लोकेशन का पता नहीं लगा पाया है। वन विभाग उसकी तलाश जारी रखे हुए है।

    माधव टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़कर 11 हो चुका है। इनमें चार शावक भी शामिल हैं। वहीं, शिवपुरी के जंगलों में तेंदुओं की संख्या 95 से अधिक बताई गई है। वन्यजीवों की बढ़ती संख्या क्षेत्र के लिए अहम है, लेकिन इतने बड़े कुनबे की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रबंधन के लिए बड़ी जिम्मेदारी भी है। हाल ही में कूनो नेशनल पार्क क्षेत्र में 19 महीने के एक चीता शावक की गोली लगने से मौत की घटना के बाद माधव टाइगर रिजर्व में भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कूनो की सीमा के नजदीक स्थित इस रिजर्व में बाघों और दूसरे वन्यजीवों को लेकर सतर्कता बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

    बाघिन एमटी-1 की गुमशुदगी इस चिंता को और गंभीर बनाती है। करीब एक साल से उसकी गतिविधियों का पता नहीं चल पाया है। न तो उसके कॉलर आईडी से कोई सिग्नल मिल रहा है और न ही पार्क प्रबंधन उसे अपने निगरानी तंत्र के जरिए ट्रेस कर पा रहा है। हालांकि, बाघिन के लापता होने की वजह को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उसकी स्थिति का पता लगाने के लिए तलाश जारी है।

    वन्यजीवों के शिकार से जुड़ी घटनाएं भी चिंता का कारण हैं। जुलाई में आगरा वन प्रबंधन टीम ने 10 तेंदुओं की खाल के साथ चार शिकारियों को पकड़ा था। इस मामले में पकड़े गए एक व्यक्ति भोगीराम आदिवासी का संबंध शिवपुरी से होने की बात सामने आई थी। हालांकि, शिवपुरी के वन विभाग के अधिकारियों ने जिले से किसी तरह का संबंध होने से इनकार किया था। इस प्रकरण ने वन्यजीवों के अवैध शिकार और उनकी खाल के कारोबार को लेकर सवाल खड़े किए थे।

    वन विभाग ने माधव टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने की तैयारी की है। पार्क प्रबंधन पैदल गश्त बढ़ाने के साथ जंगल में प्रवेश के प्रमुख रास्तों पर निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत करेगा। इसका उद्देश्य बाहरी लोगों की आवाजाही की जानकारी समय पर हासिल करना है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। रिजर्व क्षेत्र में लगाए गए कैमरों के जरिए भी वन्यजीवों और जंगल की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

    बाघों की मौजूदगी केवल जंगल के अंदरूनी हिस्सों तक सीमित नहीं रहती। कई बार वे सड़क किनारे और पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई देते हैं, जबकि तेंदुए आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में वन्यजीवों की गतिविधियों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था का महत्व बढ़ जाता है। शिकारियों द्वारा जाल बिछाने या विस्फोटक का इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी वन विभाग के लिए चुनौती है।

    माधव टाइगर रिजर्व के बाघों से जुड़े मानव-संघर्ष के मामले भी सामने आ चुके हैं। अप्रैल 2026 में शिवपुरी के ऐरावन गांव के पास बाघिन एमटी-6 के हमले में 50 वर्षीय आदिवासी सरवन की मौत हो गई थी। डोगरपुर गांव में भी बाघों के हमले से कुछ लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इन घटनाओं के बीच वन्यजीवों की निगरानी और लोगों की सुरक्षा, दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।

    टाइगर रिजर्व के उप संचालक हरिओम के अनुसार, वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पैदल गश्त को और मजबूत किया जाएगा। विभाग की टीमें जंगल के अलग-अलग हिस्सों में तैनात हैं और निगरानी लगातार की जा रही है। अब चुनौती बाघिन एमटी-1 का पता लगाने के साथ बढ़ते वन्यजीव कुनबे को शिकारियों से सुरक्षित रखने की है।