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  • अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज

    अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई राजस्व टीम पर खनन माफिया द्वारा खुलेआम धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। बदरवास तहसील के सड़बूड़ गांव में हुई इस घटना में तहसीलदार सचिन भार्गव और उनकी टीम को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि सिंध नदी के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। इस पर तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि भारी मशीनों की मदद से मिट्टी निकाली जा रही थी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उसका अवैध परिवहन किया जा रहा था। टीम ने मौके पर कार्रवाई शुरू की, तभी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया और सरकारी अमले के साथ अभद्रता की। इसी दौरान मुख्य आरोपी जयमंडल यादव ने तहसीलदार को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह गोली चला देगा और जेल जाने के लिए भी तैयार है। इसके साथ ही उसने अपने बेटे को घर से हथियार लाने के लिए भी कहा, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दहशत में आ गए।

    घटना के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और आरोपी पक्ष ने मौके से हाइड्रा मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भगा दिया। हालांकि राजस्व टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर बदरवास थाने में खड़ा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर करीब 15-15 फीट गहरे गड्ढे बनाकर अवैध खनन किया गया था, जिससे बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन सामने आया है।

    कोटवार और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी इस पूरी घटना की पुष्टि की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में चिंता बढ़ गई है और अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।

    यह मामला राज्य में अवैध खनन पर बढ़ते दबाव और प्रशासनिक टीमों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

  • खाना खाते समय क्लिनिक संचालक पर हमला, पीट-पीटकर हत्या: शिवपुरी में वारदात के बाद भड़का आक्रोश, थाने के सामने चक्काजाम

    खाना खाते समय क्लिनिक संचालक पर हमला, पीट-पीटकर हत्या: शिवपुरी में वारदात के बाद भड़का आक्रोश, थाने के सामने चक्काजाम


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र के भयावन गांव में एक क्लिनिक संचालक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 40 वर्षीय प्रभान सिंह लोधी की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया, जबकि गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने भौंती थाने के सामने सड़क जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। पुलिस ने मामले में 30 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम प्रभान सिंह लोधी अपने घर पर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जबरन उन्हें घर से बाहर खींच ले गए। आरोप है कि बाहर ले जाकर उन पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से हमला किया गया। हमले में प्रभान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतक की पत्नी मीना लोधी ने बताया कि जब उन्होंने, परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद आरोपी प्रभान सिंह को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए पिछोर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन भौंती थाने पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि विवाद की जानकारी पहले से होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने पिछोर-शिवपुरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले में कठोर कार्रवाई की जाए।

    पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हो सका।

    पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक महिला से जुड़े विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित महिला की कुछ समय पहले शादी हुई थी, लेकिन वह ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। हाल के दिनों में विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया था और महिला को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहरे हो गए।

    घटना वाले दिन भी दोनों पक्ष भौंती थाने पहुंचे थे, जहां विभिन्न आरोपों को लेकर शिकायतें दर्ज कराने की कोशिश की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर गांव वापस भेज दिया था। हालांकि कुछ ही घंटों बाद हिंसक घटना सामने आ गई, जिसमें प्रभान सिंह लोधी की जान चली गई।

    एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मामले में 15 नामजद और 15 अज्ञात आरोपियों सहित कुल 30 लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

    फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। वहीं मृतक के परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।

  • एनएच-46 पर दर्दनाक सड़क हादसा: ईको कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, 6 घायल; 3 की हालत गंभीर

    एनएच-46 पर दर्दनाक सड़क हादसा: ईको कार को अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, 6 घायल; 3 की हालत गंभीर


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले के लुकवासा चौकी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर रविवार रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसे में ईको कार में सवार छह लोग घायल हो गए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी घायल शिवपुरी जिले के खोड़ गांव के निवासी हैं और एक शादी समारोह से लौट रहे थे।

    पुलिस के अनुसार, खोड़ गांव निवासी विमल आदिवासी (30), अरशान खान (11), जमेदा (52), सफी खान (65), रानो खान (60) और सवाना खान (45) सहित अन्य लोग गुना जिले के म्याना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। समारोह से लौटते समय उनकी ईको कार राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर दैहरदा रोड के पास पहुंची, तभी एक अज्ञात वाहन ने कार को टक्कर मार दी।

    टक्कर इतनी तेज थी कि ईको कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार लोग घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही लुकवासा चौकी पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

    अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के दौरान तीन लोगों की स्थिति गंभीर पाई गई, जिसके बाद उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का उपचार स्थानीय स्तर पर जारी है।

    प्राथमिक जानकारी में सामने आया है कि टक्कर मारने वाला वाहन संभवतः पार्सल और कोरियर सामग्री से भरा एक ट्रक था, जो सूरत से मुजफ्फरनगर की ओर जा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले की जांच जारी है और दुर्घटना में शामिल वाहन की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से वाहन की पहचान की जाएगी। वहीं, घायलों के परिजनों को भी हादसे की जानकारी दे दी गई है।

    राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर बढ़ते सड़क हादसों को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि हाईवे पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

  • बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने

    बिजली के तार हटाने को लेकर पड़ोसियों में विवाद: महिला से मारपीट का आरोप, सीसीटीवी वीडियो आया सामने


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी शहर की मदकपुरा कॉलोनी में शनिवार दोपहर पड़ोसियों के बीच चल रहा विवाद उस समय हिंसक रूप ले बैठा, जब बिजली के तार हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी मारपीट तक पहुंच गई। घटना में एक महिला के घायल होने की जानकारी सामने आई है। महिला ने पड़ोसी परिवार पर बाल पकड़कर घसीटने और सड़क पर गिराकर मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    पुलिस के अनुसार, मदकपुरा कॉलोनी निवासी शिवानी कुशवाह और उनके पड़ोसी मिथलेश लोधी के परिवार के बीच पहले से कुछ विवाद चल रहा था। शनिवार को बिजली के तार हटाने के मुद्दे पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। शुरुआती बहस देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई और फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति बन गई।

    शिवानी कुशवाह ने शिकायत में आरोप लगाया है कि विवाद के दौरान मिथलेश लोधी, उनके पति अमर लोधी और बेटे हजरत लोधी ने उनके साथ मारपीट की। शिकायत के अनुसार, उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर गिराया गया और घसीटते हुए पीटा गया। इस घटना में घायल होने के बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों पक्षों के बीच विवाद और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। घटना के समय आसपास के लोग भी मौजूद थे, लेकिन विवाद बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

    देहात थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिवानी कुशवाह की रिपोर्ट पर मिथलेश लोधी, अमर लोधी और हजरत लोधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं दूसरी ओर, मिथलेश लोधी की शिकायत के आधार पर शिवानी कुशवाह और उनके पति के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया गया है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों परिवारों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका है। इस ताजा घटना के बाद कॉलोनी में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने दोनों पक्षों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने की हिदायत दी है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।

  • पूरनखेड़ी के पास बड़ा सड़क हादसा टला: कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर तीन हिस्सों में टूटा, चालक फरार

    पूरनखेड़ी के पास बड़ा सड़क हादसा टला: कैंटर की टक्कर से ट्रैक्टर तीन हिस्सों में टूटा, चालक फरार


    मध्यप्रदेश । शिवपुरी जिले में रविवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-46 पर एक बड़ा सड़क हादसा टल गया। लुकवासा चौकी क्षेत्र के अंतर्गत पूरनखेड़ी के पास बांस से भरे एक ट्रैक्टर और मिर्च से लदी आयशर कैंटर के बीच हुई जोरदार टक्कर में ट्रैक्टर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर तीन हिस्सों में बंट गया और उस पर लदा बांस सड़क पर दूर-दूर तक फैल गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर चोट की सूचना नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर अशोकनगर से बांस लेकर बीरखेड़ी की ओर जा रहा था। इसी दौरान शिवपुरी की दिशा से आ रही मिर्च लदी आयशर कैंटर ने ट्रैक्टर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर का प्रभाव इतना अधिक था कि ट्रैक्टर का अगला और पिछला हिस्सा अलग हो गया तथा वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ट्रैक्टर में लदा बांस राजमार्ग पर बिखर गया, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। कई वाहन सड़क के दोनों ओर रुक गए और जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। सूचना मिलने पर स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंचे तथा सड़क पर फैले बांस को हटाने का काम शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया जा सका।

    पुलिस के अनुसार, दुर्घटना के तुरंत बाद आयशर कैंटर का चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरनखेड़ी क्षेत्र में इन दिनों नव निर्मित पुल के निर्माण कार्य के चलते यातायात एकांकी मार्ग यानी सिंगल लेन से संचालित किया जा रहा है। सड़क का यह हिस्सा अपेक्षाकृत संकरा है, जिसके कारण भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य के कारण पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन नहीं होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    रहवासियों और वाहन चालकों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्रबंधन से मांग की है कि निर्माणाधीन हिस्से में जल्द से जल्द आवश्यक सुधार किए जाएं और यातायात के लिए पर्याप्त चौड़ाई उपलब्ध कराई जाए। उनका कहना है कि मानसून की शुरुआत होने वाली है और यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो भविष्य में गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार कैंटर चालक की तलाश की जा रही है। वहीं, इस हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन सड़क मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

  • गुजरात के होटल में युवती की हत्या: प्रेमी पर गला रेतने का आरोप, पुलिस अभिरक्षा में हुई वारदात से उठे सवाल

    गुजरात के होटल में युवती की हत्या: प्रेमी पर गला रेतने का आरोप, पुलिस अभिरक्षा में हुई वारदात से उठे सवाल


    मध्‍य प्रदेश । मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले से लापता एक युवती की गुजरात में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या का आरोप उसके साथ बरामद किए गए युवक पर है। घटना गांधीनगर के एक होटल में उस समय हुई, जब दोनों को पुलिस टीम गुजरात से शिवपुरी वापस लेकर आ रही थी। इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी रजनी धाकड़ (21) और संतोष जाटव (25) 7 जून की रात अपने घरों से लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों के गुजरात में होने की जानकारी मिली।

    इसके बाद देहात थाना की एक टीम, जिसमें दो पुलिसकर्मी और युवती के परिजन शामिल थे, गुजरात रवाना हुई। पुलिस के अनुसार 11 जून को दोनों को गुजरात के राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र में एक फैक्ट्री के पास स्थित झोपड़ी से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोनों को शिवपुरी वापस लेकर रवाना हुई।

    वापसी के दौरान लंबी यात्रा और थकान के कारण टीम ने गांधीनगर क्षेत्र में एक होटल में रुकने का निर्णय लिया। परिजनों के अनुसार सभी लोग एक ही कमरे में ठहरे हुए थे। रात के दौरान अचानक चीखने की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुली। मौके पर देखा गया कि युवती गंभीर रूप से घायल थी, जबकि संतोष जाटव भी खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

    पुलिस के अनुसार युवती को तत्काल बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मृत्यु हो चुकी थी। वहीं आरोपी युवक को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

    घटना के बाद Chiloda Police Station ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और होटल में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रेमी युगल को गुजरात से लाने गई टीम में महिला पुलिसकर्मी क्यों शामिल नहीं थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि होटल में ठहरने के दौरान सुरक्षा संबंधी क्या इंतजाम किए गए थे और आरोपी के पास कथित तौर पर धारदार हथियार कैसे पहुंचा।

    प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस टीम की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के पालन से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

    फिलहाल युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपी युवक की चिकित्सकीय निगरानी में पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच जारी है। मध्य प्रदेश के Shivpuri जिले से लापता एक युवती की गुजरात में संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार युवती की हत्या का आरोप उसके साथ बरामद किए गए युवक पर है। घटना गांधीनगर के एक होटल में उस समय हुई, जब दोनों को पुलिस टीम गुजरात से शिवपुरी वापस लेकर आ रही थी। इस घटना ने पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षा व्यवस्था और प्रक्रियाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    जानकारी के अनुसार देहात थाना क्षेत्र के पिपरसमा गांव निवासी रजनी धाकड़ (21) और संतोष जाटव (25) 7 जून की रात अपने घरों से लापता हो गए थे। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी तलाश शुरू की। मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों के गुजरात में होने की जानकारी मिली।

    इसके बाद देहात थाना की एक टीम, जिसमें दो पुलिसकर्मी और युवती के परिजन शामिल थे, गुजरात रवाना हुई। पुलिस के अनुसार 11 जून को दोनों को गुजरात के राजकोट जिले के सांपर क्षेत्र में एक फैक्ट्री के पास स्थित झोपड़ी से बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस टीम दोनों को शिवपुरी वापस लेकर रवाना हुई।

    वापसी के दौरान लंबी यात्रा और थकान के कारण टीम ने गांधीनगर क्षेत्र में एक होटल में रुकने का निर्णय लिया। परिजनों के अनुसार सभी लोग एक ही कमरे में ठहरे हुए थे। रात के दौरान अचानक चीखने की आवाज सुनकर लोगों की नींद खुली। मौके पर देखा गया कि युवती गंभीर रूप से घायल थी, जबकि संतोष जाटव भी खुद को चोट पहुंचाने का प्रयास कर रहा था।

    पुलिस के अनुसार युवती को तत्काल बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मृत्यु हो चुकी थी। वहीं आरोपी युवक को घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

    घटना के बाद Chiloda Police Station ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और होटल में मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

    मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी उठ रहा है कि प्रेमी युगल को गुजरात से लाने गई टीम में महिला पुलिसकर्मी क्यों शामिल नहीं थी। इसके अलावा यह भी जांच का विषय बना हुआ है कि होटल में ठहरने के दौरान सुरक्षा संबंधी क्या इंतजाम किए गए थे और आरोपी के पास कथित तौर पर धारदार हथियार कैसे पहुंचा।

    प्रारंभिक जानकारी के आधार पर पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस टीम की कार्यप्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल के पालन से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों और जिम्मेदारियों को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

    फिलहाल युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जबकि आरोपी युवक की चिकित्सकीय निगरानी में पूछताछ की जाएगी। मामले की जांच जारी है।

  • 250 क्विंटल सरसों गबन मामले में बड़ा खुलासा: 29 लाख का ट्रक और माल बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

    250 क्विंटल सरसों गबन मामले में बड़ा खुलासा: 29 लाख का ट्रक और माल बरामद, मुख्य आरोपी गिरफ्तार


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र में सरसों गबन के चर्चित मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। तेंदुआ थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करोड़ों के कृषि व्यापार से जुड़े इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही पुलिस ने लगभग 29 लाख रुपए मूल्य का ट्रक और बची हुई सरसों भी बरामद की है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस के अनुसार मामला उस समय सामने आया जब कोलारस निवासी व्यापारी Anita Gupta ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी फर्म ‘बुलबुल इंटरप्राइजेज’ से आगरा भेजी गई सरसों निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंची। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत का प्रकरण दर्ज किया।

    जानकारी के मुताबिक 21 मार्च 2026 को बुलबुल इंटरप्राइजेज से 250 क्विंटल सरसों आगरा स्थित Mahesh Edible Oil Mills के लिए भेजी गई थी। लेकिन माल लेकर रवाना हुआ ट्रक निर्धारित स्थान तक नहीं पहुंचा। इसके बाद व्यापारी की शिकायत पर ट्रक मालिक रामब्रज गुर्जर और उसके भाई श्रीकेश गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ के अनुसार पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी बची हुई सरसों को बेचने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर खरई और कस्बाथाना के बीच घेराबंदी कर कार्रवाई की। इस दौरान ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई और मुख्य आरोपी रामब्रज गुर्जर निवासी Dholpur को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस ने ट्रक (आरजे 11 जीए 9297) को भी जब्त कर लिया। अधिकारियों के अनुसार ट्रक की अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपए है। वहीं वाहन में लगभग 100 क्विंटल सरसों बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 7 लाख रुपए आंकी गई है। इस प्रकार पुलिस ने कुल 29 लाख रुपए का मशरूका बरामद किया है।

    जांच अधिकारियों का कहना है कि 250 क्विंटल में से बड़ी मात्रा में सरसों पहले ही बेची जा चुकी है। अब पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शेष माल कहां और किसे बेचा गया तथा उससे प्राप्त राशि का क्या हुआ। आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    मामले की जांच के दौरान एक और नया नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार रामकेश गुर्जर, जो मुख्य आरोपी रामब्रज का रिश्तेदार बताया जा रहा है, इस पूरे मामले में सहयोगी भूमिका में हो सकता है। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। हालांकि उसके खिलाफ आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    वहीं, मामले में नामजद आरोपी श्रीकेश गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर मामले के सभी पहलुओं का खुलासा किया जाएगा।

  • शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां

    शिवपुरी छात्रावास विवाद में बड़ी कार्रवाई: शिकायतों के बाद अधीक्षिका हटाई गईं, जांच में मिलीं गंभीर खामियां


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी में छात्राओं की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की अधीक्षिका प्रीति सूर्येश को उनके पदभार से हटा दिया है। छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं और अधीक्षिका की कार्यप्रणाली को लेकर छात्राओं द्वारा की गई शिकायतों की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।

    जानकारी के अनुसार छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने 9 जून को आयोजित जनसुनवाई में कलेक्टर के समक्ष अपनी समस्याएं रखी थीं। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि छात्रावास में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके बाद 11 जून को भी छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं और अपनी समस्याओं को विस्तार से प्रशासन के सामने रखा।

    छात्राओं के अनुसार छात्रावास में परोसे जा रहे भोजन में कई बार कीड़े निकल रहे थे। इसके अलावा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी, शौचालयों की संख्या कम थी तथा साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। छात्राओं ने अधीक्षिका के व्यवहार को लेकर भी शिकायत दर्ज कराई थी। कुछ छात्राओं ने यह आरोप भी लगाया था कि शिकायत करने के बाद उन्हें दबाव में लेने और धमकाने का प्रयास किया गया।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया, जिसने छात्रावास का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जांच दल ने छात्राओं, कर्मचारियों और संबंधित अभिलेखों के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रशासन को सौंपी।

    जांच रिपोर्ट में छात्रावास की व्यवस्थाओं में कई खामियां और अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। साथ ही यह भी पाया गया कि अधीक्षिका प्रीति सूर्येश अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में अपेक्षित स्तर की जिम्मेदारी नहीं निभा पाईं। रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया।

    इसके बाद जिला स्तर पर जारी आदेश में प्रीति सूर्येश को शासकीय अनुसूचित जाति कन्या पोस्ट मैट्रिक छात्रावास, शिवपुरी के अधीक्षकीय प्रभार से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया गया। उन्हें अब शासकीय अनुसूचित जनजाति बालक आश्रम शाला, कोटा में शिक्षकीय कार्य के लिए पदस्थ किया गया है।

    वहीं छात्रावास की व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए नई जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। शासकीय अनुसूचित जाति कन्या सीनियर छात्रावास, फतेहपुर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षिका अनीता तिग्गा को छात्रावास का नया प्रभार सौंपा गया है। प्रशासन का कहना है कि छात्राओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है और छात्रावासों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    यह कार्रवाई छात्राओं द्वारा उठाई गई समस्याओं पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया के रूप में देखी जा रही है। अब छात्राओं को उम्मीद है कि नई व्यवस्था के तहत छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं और व्यवस्थाओं में सुधार होगा।

  • शिवपुरी में ज्वेलर्स की दुकान पर अनोखी चोरी, सोने की बाली ले गए शातिर, जगह पर रख गए पीतल की बाली

    शिवपुरी में ज्वेलर्स की दुकान पर अनोखी चोरी, सोने की बाली ले गए शातिर, जगह पर रख गए पीतल की बाली



    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में सराफा बाजार स्थित एक ज्वेलर्स की दुकान पर बेहद शातिराना अंदाज में चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राहक बनकर आए दो युवकों ने दुकानदार को बातचीत में उलझाकर सोने की बाली चुरा ली और उसकी जगह पीतल की बाली रख दी। हैरानी की बात यह रही कि इस चोरी की भनक दुकानदार को करीब 11 दिन तक नहीं लगी। बाद में जब बालियों की जांच की गई और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तब पूरी घटना का खुलासा हुआ।

    जानकारी के अनुसार, सराफा बाजार स्थित कनक ज्वेलर्स के संचालक विष्णु सोनी ने कोतवाली थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि 1 जून को दो युवक उनकी दुकान पर पहुंचे थे। दोनों ने ग्राहक होने का परिचय देते हुए सोने की बालियां देखने की इच्छा जताई। सामान्य प्रक्रिया के तहत दुकानदार ने उनके सामने बालियों की ट्रे रख दी और विभिन्न डिजाइनों की जानकारी देने लगे।

    दुकानदार के अनुसार, इसी दौरान दोनों युवकों ने अपनी योजना को अंजाम दिया। आरोप है कि एक युवक लगातार दुकानदार को बातचीत में उलझाए रहा, जबकि दूसरा युवक मौका मिलते ही ट्रे में रखी सोने की बाली निकालने में सफल हो गया। आरोपियों ने चोरी को छिपाने के लिए पहले से साथ लाई गई पीतल की बाली ट्रे में उसी स्थान पर रख दी, जिससे किसी को तत्काल संदेह न हो। इसके बाद दोनों युवक बिना किसी शक के दुकान से निकल गए।

    घटना का खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को एक अन्य ग्राहक को बालियां दिखाने के लिए वही ट्रे निकाली गई। ट्रे में रखी एक बाली दुकानदार को संदिग्ध लगी। जांच करने पर पता चला कि वह सोने की नहीं बल्कि पीतल की है। इसके बाद दुकान संचालक ने पिछले दिनों के सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की।

    फुटेज देखने पर कथित चोरी की पूरी घटना सामने आ गई। सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि एक युवक दुकानदार का ध्यान दूसरी ओर लगाए रखता है, जबकि दूसरा युवक ट्रे से सोने की बाली निकालकर उसकी जगह पीतल की बाली रख देता है। फुटेज मिलने के बाद दुकानदार ने पुलिस को इसकी जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।

    पुलिस के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि फुटेज में दिखाई दे रहे व्यक्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना सराफा कारोबारियों के लिए भी चेतावनी मानी जा रही है। व्यापारियों का कहना है कि ग्राहकों के रूप में आने वाले शातिर अपराधी नई-नई तरकीबों से चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं, ऐसे में दुकानदारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

  • थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता

    थाली में पानी गिरने से शुरू हुआ विवाद, मारपीट में महिला घायल: टांके लगे, 5 दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं, एसपी ऑफिस के चक्कर लगा रही पीड़िता


    मध्‍य प्रदेश । शिवपुरी जिले के सीहोर थाना क्षेत्र के ग्राम गनियार में एक मामूली-सी बात ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जो अब पुलिस कार्रवाई को लेकर सवालों के घेरे में है। गांव निवासी सीमा कुशवाह ने दो पड़ोसी भाइयों पर गंभीर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि घटना के बाद से वह लगातार न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन पांच दिन बीत जाने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं की गई है।

    घटना 7 जून की सुबह की बताई जा रही है, जब सीमा कुशवाह अपने घर में खाना खा रही थीं। इसी दौरान पड़ोसी दौलत सिंह कुशवाह ने कथित रूप से अपने घर की पाइपलाइन चालू कर दी, जिससे पानी बहकर उनकी थाली में गिर गया। इस बात को लेकर सीमा ने विरोध जताया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

    पीड़िता का आरोप है कि विवाद के दौरान दौलत सिंह ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उनके चेहरे और नाक के पास गंभीर चोटें आईं। चोट इतनी गंभीर थी कि उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां डॉक्टरों ने टांके लगाए। इसी दौरान दूसरे आरोपी सतेन्द्र कुशवाह भी मौके पर पहुंच गया और दोनों भाइयों ने मिलकर उनके साथ मारपीट की। जब पीड़िता के पति बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।

    घटना के बाद पीड़िता ने सीहोर थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन उनका आरोप है कि पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद उन्होंने जनसुनवाई में पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। सीमा कुशवाह के अनुसार, एसपी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था और उन्हें थाने भेजा गया, लेकिन वहां भी FIR दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्हें वापस एसपी कार्यालय भेज दिया गया, जिससे वे लगातार चक्कर काटने को मजबूर हैं।

    पीड़िता का कहना है कि वह पिछले पांच दिनों से न्याय की मांग कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने एक बार फिर एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने, जांच कराने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

    यह मामला न केवल एक घरेलू विवाद से शुरू होकर गंभीर मारपीट तक पहुंच गया, बल्कि पुलिस कार्रवाई की धीमी गति को लेकर भी सवाल खड़े कर रहा है। पीड़िता लगातार प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, जबकि मामला अभी तक दर्ज नहीं हो सका है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक कार्रवाई करती है और पीड़िता को न्याय मिल पाता है या नहीं।