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  • शिवपुरी में छात्रा से सरेराह अभद्रता और मारपीट, बाल पकड़कर पीटा, विरोध पर बचाने आई युवती से भी बदसलूकी

    शिवपुरी में छात्रा से सरेराह अभद्रता और मारपीट, बाल पकड़कर पीटा, विरोध पर बचाने आई युवती से भी बदसलूकी

    शिवपुरी: में रविवार शाम एक छात्रा के साथ सरेराह अभद्रता और मारपीट का मामला सामने आया है। शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में विष्णु मंदिर के सामने कार सवार चार युवकों पर 17 वर्षीय छात्रा को परेशान करने, अश्लील टिप्पणियां करने और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट करने के आरोप हैं। छात्रा को बचाने के लिए पहुंची एक अन्य युवती के साथ भी आरोपियों ने कथित तौर पर झूमाझटकी की। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। बाकी तीन आरोपी मौके से फरार हो गए।

    जानकारी के अनुसार, छात्रा रविवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अपनी स्कूटी से पुरानी शिवपुरी में एक दोस्त के यहां पढ़ने जा रही थी। इसी दौरान सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड की ओर से एक कार में सवार चार युवक वहां पहुंचे। आरोप है कि युवकों ने छात्रा की स्कूटी का पीछा किया और लगातार हॉर्न बजाकर उसे परेशान करने लगे। इसके बाद उन्होंने उसकी स्कूटी के सामने वाहन लाकर रास्ता रोकने जैसी हरकत की और अश्लील टिप्पणियां कीं।

    छात्रा ने युवकों की हरकतों का विरोध किया और विष्णु मंदिर के सामने अपनी स्कूटी रोक दी। आरोप है कि इसके बाद कार से उतरे चारों युवकों ने उसके साथ बदसलूकी की और उसकी चोटी पकड़कर मारपीट शुरू कर दी। व्यस्त सड़क पर हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। जब एक युवती ने छात्रा को बचाने के लिए हस्तक्षेप किया, तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर उसे भी घसीटा और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।

    घटना देख रहे लोगों ने विरोध करते हुए आरोपियों को रोकने की कोशिश की। इस दौरान एक युवक को पकड़ लिया गया, जबकि तीन अन्य युवक कार लेकर वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों ने पकड़े गए युवक को फिजिकल थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

    पकड़े गए युवक की पहचान पुराना अमोला निवासी बृजेंद्र गुर्जर के रूप में बताई गई है। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर अपने तीन साथियों के नाम बृजमोहन गुर्जर, मोनू चंदेल और विक्रम बुंदेला बताए। घटना में इस्तेमाल की गई कार विक्रम बुंदेला की बताई जा रही है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ वाहन का भी पता लगाने में जुटी है।

    पीड़ित छात्रा की मां ने घटना पर नाराजगी जताते हुए पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि उनकी बेटी कोचिंग और पढ़ाई से जुड़े काम के लिए घर से निकली थी, लेकिन रास्ते में उसे इस तरह की घटना का सामना करना पड़ा। उन्होंने चिंता जताई कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर छात्राओं के साथ ऐसी घटनाएं होती रहेंगी, तो उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित होगी।

    मामले में पुलिस के अनुसार, छात्रा की शिकायत पर चारों आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है। पुलिस घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी तलाश रही है। थाना प्रभारी अविनाश राठौड़ के मुताबिक, फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेचने का आरोप, विधवा ने वीडियो जारी कर मांगा न्याय

    शिवपुरी में नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेचने का आरोप, विधवा ने वीडियो जारी कर मांगा न्याय

    शिवपुरी जिले: के सिरसौद थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की कथित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अमरखौआ गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विधवा महिला ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी 14 वर्षीय बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया। महिला ने मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने राजस्थान के सिरसा गांव गई थी। वहां उसकी मुलाकात जसराज गुर्जर नामक व्यक्ति से हुई। महिला का आरोप है कि जसराज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और उसके साथ रहने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि जसराज की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी।

    पीड़िता का दावा है कि जसराज गुर्जर ने उसकी बेटी को राजस्थान में रहने वाले 40 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेच दिया। जब उसे बेटी के लापता होने का पता चला, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। महिला के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद वह अपनी बेटी को खोजने में सफल रही और उसे वापस अपने गांव अमरखौआ ले आई।

    महिला ने आरोप लगाया कि बेटी के गांव लौटने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसके अनुसार, जिस व्यक्ति को कथित तौर पर लड़की बेचा गया था, वह अमरखौआ गांव पहुंच गया। महिला का कहना है कि वह व्यक्ति अब लड़की को अपने साथ भेजने का दबाव बना रहा है और छह लाख रुपये देकर उसे खरीदने का दावा कर रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने जसराज गुर्जर और उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उसकी बेटी को खरीदने का आरोप लगाया गया है। महिला के आरोपों ने नाबालिग की सुरक्षा और कथित मानव तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कथित तौर पर उसे खरीदने-बेचने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

    संक्षिप्त सार:
    शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र की एक विधवा ने आरोप लगाया है कि उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी नाबालिग बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया।

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    नई दिल्ली । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की की कथित मानव तस्करी का मामला सामने आया है। अमरखौआ गांव की रहने वाली 40 वर्षीय विधवा महिला ने एक वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि पति की मौत के बाद उसके साथ शारीरिक शोषण किया गया और उसकी 14 वर्षीय बेटी को छह लाख रुपये में बेच दिया गया। महिला ने मामले में कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

    महिला के अनुसार, पति के निधन के बाद वह अपनी बेटी के साथ मजदूरी करने राजस्थान के सिरसा गांव गई थी। वहां उसकी मुलाकात जसराज गुर्जर नामक व्यक्ति से हुई। महिला का आरोप है कि जसराज ने उससे शादी करने का भरोसा दिया और उसके साथ रहने लगा। इसके बाद उसने कथित तौर पर महिला का शारीरिक शोषण किया। महिला ने वीडियो में यह भी आरोप लगाया कि जसराज की नजर उसकी नाबालिग बेटी पर थी।

    पीड़िता का दावा है कि जसराज गुर्जर ने उसकी बेटी को राजस्थान में रहने वाले 40 से 45 वर्ष के एक व्यक्ति को छह लाख रुपये में बेच दिया। जब उसे बेटी के लापता होने का पता चला, तो उसने उसकी तलाश शुरू की। महिला के मुताबिक, काफी प्रयासों के बाद वह अपनी बेटी को खोजने में सफल रही और उसे वापस अपने गांव अमरखौआ ले आई।

    महिला ने आरोप लगाया कि बेटी के गांव लौटने के बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उसके अनुसार, जिस व्यक्ति को कथित तौर पर लड़की बेचा गया था, वह अमरखौआ गांव पहुंच गया। महिला का कहना है कि वह व्यक्ति अब लड़की को अपने साथ भेजने का दबाव बना रहा है और छह लाख रुपये देकर उसे खरीदने का दावा कर रहा है।

    इस पूरे मामले को लेकर महिला का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने जसराज गुर्जर और उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिस पर उसकी बेटी को खरीदने का आरोप लगाया गया है। महिला के आरोपों ने नाबालिग की सुरक्षा और कथित मानव तस्करी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

    फिलहाल उपलब्ध जानकारी महिला की ओर से लगाए गए आरोपों और वायरल वीडियो पर आधारित है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और संबंधित व्यक्तियों का पक्ष सामने आने की जानकारी उपलब्ध नहीं है। आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। नाबालिग की सुरक्षा सुनिश्चित करना और कथित तौर पर उसे खरीदने-बेचने से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

  • शिवपुरी में तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति ब्लास्टिंग और अवैध उत्खनन का मामला

    शिवपुरी में तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति ब्लास्टिंग और अवैध उत्खनन का मामला


    शिवपुरी जिले: के परिच्छा गांव में सड़क निर्माण से जुड़ी कंपनी तोमर बिल्डर्स के क्रेशर पर खनन नियमों और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का मामला सामने आया है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर की गई संयुक्त जांच में बिना अनुमति ब्लास्टिंग, स्वीकृत लीज क्षेत्र से बाहर करीब 7 हजार वर्गफीट जमीन पर उत्खनन और धूल नियंत्रण सहित सुरक्षा व्यवस्था में कमियां मिलने की बात सामने आई है। जांच दल अब अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेगा। इसके आधार पर कंपनी की लीज को लेकर कार्रवाई पर फैसला हो सकता है।

    गोरस-शिवपुरी सड़क का निर्माण कर रही तोमर बिल्डर्स को परिच्छा गांव के पास दो क्रेशर लीज पर दिए गए हैं। 18 अक्टूबर को यहां एक हादसा हुआ था। डंपर चालक हाइड्रोलिक डाला उठाकर वाहन ले जा रहा था, इसी दौरान बिजली के तार और तीन खंभे टूटकर गिर गए। करंट की चपेट में आने से आदिवासी बस्ती के 10 लोग झुलस गए थे। घटना के बाद ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए सड़क पर जाम लगा दिया था। इसके बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कराई।

    शुक्रवार शाम पोहरी के एसडीएम जेपी गुप्ता के नेतृत्व में तहसीलदार कल्पना शर्मा तथा खनिज, वन और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम क्रेशर पर पहुंची। जांच के दौरान टीम को खनन संबंधी अनुमति और सुरक्षा नियमों के पालन में कमियां मिलीं। जांच में सामने आया कि क्रेशर पर प्रशासनिक और खनिज विभाग की अनुमति के बिना ब्लास्टिंग की जा रही थी। इसके अलावा स्वीकृत लीज की सीमा से बाहर करीब 7 हजार वर्गफीट क्षेत्र में उत्खनन किए जाने की जानकारी भी सामने आई।

    जांच दल को क्रेशर परिसर में सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण के इंतजाम भी अपर्याप्त मिले। लीज क्षेत्र की सीमाएं स्पष्ट करने के लिए जरूरी मुनारे नहीं लगाए गए थे। परिसर की सीमा के आसपास तार फेंसिंग की व्यवस्था भी नहीं मिली, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। क्रेशर से निकलने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव नहीं किए जाने की बात भी जांच में सामने आई। इससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों को परेशानी होने की आशंका जताई गई है।

    एसडीएम ने कंपनी के प्रतिनिधि को सुरक्षा और नियमों से जुड़ी कमियों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त जांच दल विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर कलेक्टर को भेज रहा है। रिपोर्ट के आधार पर लीज की शर्तों के उल्लंघन और अन्य अनियमितताओं को लेकर प्रशासन आगे का निर्णय ले सकता है। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रावधानों के तहत जुर्माना, खनन गतिविधियों पर रोक या लीज निलंबित करने जैसी कार्रवाई संभव है। हालांकि, फिलहाल लीज निरस्त करने का कोई आदेश जारी होने की जानकारी नहीं है।

    दूसरी ओर, तोमर बिल्डर्स के महाप्रबंधक संतोष सिन्हा ने प्रशासनिक जांच को नियमित जांच बताया है। उनका कहना है कि कंपनी सभी काम आवश्यक अनुमति लेकर कर रही है। कंपनी के दावे और जांच दल को मिली अनियमितताओं के बीच अब प्रशासन की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। कलेक्टर अर्पित वर्मा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय ले सकते हैं।

  • शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर थार से 92 हजार रुपये और सोने की अंगूठी चोरी, CCTV में संदिग्ध कार दिखने से बढ़ी जांच

    शिवपुरी जिले में शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर दिनदहाड़े चोरी की घटना सामने आई है। यहां जिला अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर और वॉइस ऑफ नर्स संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की महिंद्रा थार से एक बैग चोरी होने की जानकारी सामने आई है। बैग में करीब 92 हजार रुपये नकद, सोने की एक अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। घटना के बाद नर्सिंग संगठन ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर चोरी में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है।

    जानकारी के अनुसार, यह घटना शिवपुरी-भोपाल मार्ग पर अतलपुर स्थित महाकाल होटल के पास हुई। शिवराज सिंह राजपूत अपनी पत्नी को चिकित्सीय परीक्षण और उपचार के लिए भोपाल लेकर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी महिंद्रा थार से बैग चोरी होने की बात सामने आई। वाहन का पंजीकरण नंबर MP 07 AN 1009 बताया गया है। चोरी हुए सामान में नकदी और सोने की अंगूठी के अलावा जरूरी दस्तावेज भी शामिल हैं।

    वॉइस ऑफ नर्स संगठन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, वारदात को मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की गई। संगठन का दावा है कि फुटेज में मोटरसाइकिल सवार संदिग्धों के साथ एक अन्य संदिग्ध कार भी दिखाई दे रही है। इस वजह से वारदात में एक से अधिक लोगों की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है।

    हालांकि, घटना में शामिल लोगों की पहचान और चोरी की पूरी परिस्थितियों को लेकर पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में संदिग्ध बाइक सवारों और कार से संबंधित जानकारी को फिलहाल संगठन की ओर से सामने रखे गए विवरण के आधार पर देखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की जांच इस मामले में अहम मानी जा रही है, क्योंकि इससे संदिग्ध वाहनों की गतिविधियों और घटना के आसपास की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

    घटना के बाद वॉइस ऑफ नर्स संगठन ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग के आधार पर संदिग्ध कार और मोटरसाइकिल सवारों की पहचान की जाए। साथ ही, चोरी हुए करीब 92 हजार रुपये, सोने की अंगूठी और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं।

    नर्सिंग संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शिवराज सिंह राजपूत की थार से सामान चोरी होने की घटना के बाद संगठन ने मामले को गंभीरता से लेने की अपील की है। संगठन की मांग है कि जांच में उपलब्ध साक्ष्यों का इस्तेमाल करते हुए आरोपियों तक पहुंचा जाए और चोरी गए सामान की बरामदगी सुनिश्चित की जाए।

    फिलहाल, मामले में पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से मिलने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वारदात किस तरह हुई, संदिग्ध वाहनों की इसमें क्या भूमिका थी और चोरी की घटना में कितने लोग शामिल थे। पुलिस की ओर से आरोपियों की पहचान और आगे की कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

  • करैरा में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ा, शहर काजी पर हमला होने से लोगों में दहशत..

    करैरा में बंदरों और आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ा, शहर काजी पर हमला होने से लोगों में दहशत..


    शिवपुरी जिले: के करैरा नगर में बंदरों और आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या से स्थानीय नागरिक परेशान हैं। बंदरों के झुंड घरों, छतों और गलियों में उत्पात मचा रहे हैं, जबकि आवारा कुत्तों के समूहों के कारण लोगों को सड़कों पर आने-जाने में परेशानी हो रही है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि काजी मोहल्ले में शहर काजी मंजरे आलम पर बंदरों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना के बाद नगर में लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

    जानकारी के अनुसार, शहर काजी मंजरे आलम अपने घर के आंगन में बैठे थे। इसी दौरान पीछे से आए बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। बंदरों ने उनके शरीर के कई हिस्सों में काटकर उन्हें घायल कर दिया। घर के आंगन में हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नागरिकों का कहना है कि जब लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो सार्वजनिक स्थानों पर उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, करैरा में लगभग 20 से 25 बंदरों का झुंड अलग-अलग इलाकों में घूमता रहता है। ये बंदर सुबह और शाम के समय गलियों तथा घरों की छतों पर अधिक सक्रिय दिखाई देते हैं। लोगों की शिकायत है कि बंदर सामान उठाकर फेंक देते हैं, महिलाओं के हाथों से थैलियां छीन लेते हैं और बच्चों के पीछे दौड़ते हैं। इस वजह से परिवारों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।

    बंदरों के साथ-साथ आवारा कुत्तों की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। नगर की कई गलियों और सड़कों पर कुत्तों के झुंड दिखाई देने से राहगीरों में डर बना रहता है। बच्चों को अकेले स्कूल भेजने में अभिभावक संकोच कर रहे हैं, जबकि बुजुर्गों को मंदिरों और पार्कों तक जाने में परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक, शाम के समय महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है।

    पिछले कुछ दिनों में कुत्तों के काटने की कई घटनाएं सामने आने की बात भी कही गई है। समस्या तब और बढ़ जाती है, जब पीड़ितों को इलाज के लिए जरूरी एंटी रेबीज इंजेक्शन स्थानीय अस्पताल में उपलब्ध नहीं होने की शिकायत मिलती है। ऐसी स्थिति में लोगों को उपचार के लिए शिवपुरी जाना पड़ता है। कुत्ते के काटने के बाद समय पर चिकित्सा और रेबीज से बचाव के लिए टीकाकरण बेहद जरूरी होता है, इसलिए स्थानीय स्तर पर उपचार की उपलब्धता भी नागरिकों की प्रमुख चिंता है।

    नागरिकों का आरोप है कि बंदरों और आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नगर परिषद और सीएम हेल्पलाइन पर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन उन्हें अब तक ठोस कार्रवाई के बजाय आश्वासन ही मिले हैं। लोगों का कहना है कि समस्या लगातार बनी रहने से बच्चों, बुजुर्गों और अन्य राहगीरों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

    स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनकी मांग है कि बंदरों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने और उचित स्थान पर पहुंचाने के लिए वन विभाग की टीम की मदद ली जाए तथा जरूरत के अनुसार पिंजरे लगाए जाएं। आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए नसबंदी और टीकाकरण अभियान भी शुरू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही कुत्तों के काटने के मामलों को देखते हुए अस्पतालों में एंटी रेबीज इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अब नगरवासियों की नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग समस्या के समाधान के लिए कब ठोस कदम उठाते हैं।

  • शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी में सरकारी चबूतरे पर बैठने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश की मौत, तीन आरोपी गिरफ्तार

    शिवपुरी जिले: में शासकीय चबूतरे पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक व्यक्ति की मौत का कारण बन गया। पिछोर अनुविभाग के भौती थाना क्षेत्र के महोबा डामरौन गांव में कथित मारपीट के बाद 42 वर्षीय सुरेश जाटव की मौत हो गई। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती कार्रवाई में मारपीट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था, लेकिन सुरेश की मौत के बाद पुलिस ने इसमें हत्या की धारा बढ़ा दी।

    जानकारी के अनुसार, महोबा डामरौन निवासी सुरेश जाटव, पुत्र बाबूलाल जाटव, 20 अक्टूबर की शाम अपने घर के पास स्थित सरकारी चबूतरे पर बैठा था। गांव में पंचायत के इस चबूतरे पर लोग खाली समय में बैठते रहते हैं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला रामसेवक जाटव अपने दो बेटों कृष्ण कुमार और रोहित के साथ वहां पहुंचा। आरोप है कि तीनों ने सुरेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। सुरेश ने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया और तीनों ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की।

    घटना के अगले दिन, 21 अक्टूबर को सुरेश शिकायत लेकर भौती थाने पहुंचा। पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके बाद उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। जांच के बाद चिकित्सक ने उसे घर जाने दिया। हालांकि, उसी दिन शाम को सुरेश की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। इस घटनाक्रम के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया।

    सुरेश की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस ने दर्ज प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ दी। अब पुलिस मारपीट की घटना और उसके बाद हुई मौत के बीच परिस्थितियों की जांच कर रही है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मौत के वास्तविक कारणों और घटना से जुड़े सभी पहलुओं को स्पष्ट करने के लिए जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    पुलिस ने कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी घनश्याम भदौरिया के नेतृत्व में टीम गठित की थी। टीम ने तलाश और दबिश के बाद 23 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में रामसेवक जाटव, उम्र 50 वर्ष, पुत्र स्वर्गीय राजाराम जाटव, उसका बेटा कृष्ण कुमार जाटव, उम्र 28 वर्ष, और दूसरा बेटा रोहित जाटव, उम्र 22 वर्ष शामिल हैं। तीनों महोबा डामरौन गांव के निवासी बताए गए हैं।

    मामले की जांच के दौरान सुरेश की दिनचर्या और घटना वाले दिन की परिस्थितियों से जुड़ी कुछ अन्य जानकारियां भी सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक विवेचना में पता चला कि सुरेश नवरात्र के दौरान उपवास रख रहा था और काफी समय से भूखा था। वह शराब का सेवन भी करता था। जांच में यह जानकारी सामने आई कि उसने मारपीट वाले दिन शराब पी थी। थाने में शिकायत दर्ज कराने और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद घर लौटने पर भी उसने शराब का सेवन किया था।

    इन परिस्थितियों के सामने आने के बाद पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। हालांकि, उपवास और शराब के सेवन की जानकारी अपने आप में मौत का कारण साबित नहीं करती। सुरेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई और मारपीट की घटना की उसमें क्या भूमिका रही, इसका निष्कर्ष जांच के तथ्यों और चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा।

    सुरेश के पारिवारिक हालात भी इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू हैं। उसकी पत्नी की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उसका 20 वर्षीय बेटा उससे अलग खोड़ क्षेत्र में रहता था, जबकि सुरेश गांव में अकेला रहता था। उसके भाई सहित अन्य परिजन आसपास रहते थे। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

  • शिवपुरी नगर पालिका में सात महीने से सम्मेलन नहीं, आपसी खींचतान में करोड़ों के विकास कार्य अटके

    शिवपुरी नगर पालिका में सात महीने से सम्मेलन नहीं, आपसी खींचतान में करोड़ों के विकास कार्य अटके


    शिवपुरी: शहर में नगर पालिका परिषद का सम्मेलन लंबे समय से नहीं होने के कारण विकास कार्यों की मंजूरी और प्रशासनिक फैसलों पर असर पड़ रहा है। नियमानुसार नगर पालिका का साधारण सम्मेलन प्रत्येक दो महीने में आयोजित किया जाना चाहिए, लेकिन शिवपुरी में पिछले सात महीनों से परिषद की बैठक नहीं हुई है। इस स्थिति में शहर से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव स्वीकृति के इंतजार में हैं। नगर पालिका अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सम्मेलन आयोजित करने के लिए एक-दूसरे को पत्र लिखने की बात कह रहे हैं, लेकिन बैठक की तारीख अब तक तय नहीं हो सकी है।

    नगर पालिका में सम्मेलन नहीं होने की प्रमुख वजह अध्यक्ष और 20 से अधिक विरोधी पार्षदों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद बताया जा रहा है। पार्षदों और अध्यक्ष के बीच कुछ मुद्दों पर करीब दो साल से मतभेद हैं। परिषद की बैठकों के दौरान विरोधी पार्षदों के हंगामे और पहले हुए बहिष्कार के कारण भी बैठक आयोजित करने को लेकर मुश्किलें सामने आती रही हैं। इसी राजनीतिक खींचतान के बीच शहर के विकास से जुड़े प्रस्ताव लंबित हैं।

    नगर पालिका के सीएमओ यशवंत राठौर जुलाई में पदस्थ हुए थे। उनके मुताबिक, परिषद सम्मेलन का एजेंडा तैयार कर लिया गया है और बैठक आयोजित करने के संबंध में अध्यक्ष को पत्र भी भेजे जा चुके हैं। उन्होंने जल्द सम्मेलन कराने की बात कही है। दूसरी ओर, नगर पालिका अध्यक्ष का कहना है कि वह सीएमओ को तीन बार पत्र लिखकर सम्मेलन आयोजित करने के लिए कह चुकी हैं। अध्यक्ष के अनुसार, एजेंडे के कुछ बिंदु भी निर्धारित किए जा चुके हैं और उनकी ओर से बैठक बुलाने में कोई बाधा नहीं है। इस तरह दोनों पक्ष सम्मेलन में देरी के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी बता रहे हैं।

    प्रस्तावित सम्मेलन में शहर की पेयजल व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। मड़ीखेड़ा और सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट के लिए तीन-तीन मोटरों की दरों को स्वीकृति देने का प्रस्ताव एजेंडे में रखा गया है। इनमें से एक फिल्टर प्लांट की तीन मोटरें आ चुकी हैं और अब उनके संबंध में नगर पालिका से स्वीकृति ली जानी है। इसके अतिरिक्त बस स्टैंड के संचालन के लिए ठेका देने से संबंधित प्रस्ताव भी विचार के लिए रखा गया है।

    वार्ड नंबर 29, 30 और 35 में पानी की टंकियों के निर्माण पर हुए व्यय से संबंधित प्रस्ताव भी सम्मेलन में शामिल किए जाने हैं। शहर में बाजार बैठक की वसूली, सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए दो नई जेसीबी मशीनों की खरीद तथा दो नए डंपर और एक पोकलेन मशीन खरीदने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति के मुद्दे भी लंबित एजेंडे का हिस्सा हैं। इन प्रस्तावों पर निर्णय होने से नगर पालिका के संसाधनों और शहर की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

    इसके अलावा वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाले सिद्धेश्वर वाणगंगा मेले, गांधी पार्क मेले और अन्य मेलों के आयोजन पर भी परिषद में विचार किया जाना है। इन सभी प्रस्तावों पर निर्णय के लिए सम्मेलन आवश्यक है। नगर पालिका में कुछ कार्य बिना पूर्व स्वीकृति के किए जाने और बाद में उनकी मंजूरी लेने की स्थिति भी सामने आई है। इससे परिषद की नियमित बैठक और निर्धारित प्रक्रिया के पालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    नगर पालिका परिषद के वर्तमान कार्यकाल में करीब दस महीने शेष बताए गए हैं। ऐसे में लंबित प्रस्तावों पर निर्णय लेने और विकास कार्यों को गति देने के लिए परिषद तथा पीआईसी की बैठकें समय पर आयोजित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में लगातार देरी जारी रहने पर शहर की पेयजल व्यवस्था, सफाई, परिवहन सुविधाओं और अन्य विकास योजनाओं से जुड़े फैसले प्रभावित हो सकते हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि अध्यक्ष और सीएमओ के बीच पत्राचार के बाद परिषद की बैठक कब आयोजित होती है और लंबित प्रस्तावों पर कब निर्णय लिया जाता है।

  • शिवपुरी में नारी इन साड़ी प्रतियोगिता का आयोजन, रैंप वॉक में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से बिखेरा आकर्षण

    शिवपुरी में नारी इन साड़ी प्रतियोगिता का आयोजन, रैंप वॉक में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों से बिखेरा आकर्षण

    शिवपुरी में करवाचौथ के अवसर पर भारतीय परंपरा, पारंपरिक परिधानों और महिलाओं की प्रतिभा को समर्पित कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुवार को कमलागंज स्थित होटल शगुन वाटिका में करवाचौथ मेले के साथ ‘नारी इन साड़ी’ सौंदर्य प्रतियोगिता संपन्न हुई। ‘नारी की शान है साड़ी’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं ने साड़ी पहनकर रैंप वॉक की और अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व तथा भारतीय संस्कृति के प्रति लगाव का प्रदर्शन किया। आयोजन महिला समन्वय एवं विश्व मांगल्य सभा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।

    कार्यक्रम में प्रतियोगिता के साथ खरीदारी और उत्सव से जुड़ी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं। मेले में आर्टिफिशियल ज्वेलरी, फैशनेबल एवं डिजाइनर सूट, साड़ियां, करवाचौथ की पूजन सामग्री और घर की सजावट से संबंधित सामान के स्टॉल लगाए गए। इसके अलावा नमकीन, पापड़ तथा खानपान से जुड़े विभिन्न उत्पाद भी उपलब्ध रहे। जलपान के लिए छोटे-छोटे स्टॉल लगाए गए थे, जहां लोगों को खरीदारी के साथ खानपान के विकल्प मिले।

    इस मेले में शिवपुरी के दुकानदारों के अलावा करेरा, झांसी, ग्वालियर और इंदौर से भी व्यापारी पहुंचे। विभिन्न शहरों से आए दुकानदारों की भागीदारी के कारण मेले में अलग-अलग तरह के उत्पाद देखने और खरीदने का अवसर मिला। आयोजन में करवाचौथ की तैयारियों से जुड़ी सामग्री के साथ महिलाओं की रुचि के अनुरूप परिधान और सजावटी वस्तुएं भी प्रदर्शित की गईं।

    प्रतियोगिता में लगभग 15 महिलाओं ने हिस्सा लिया। सभी प्रतिभागियों ने साड़ी पहनकर रैंप वॉक की और अपनी प्रस्तुति के माध्यम से व्यक्तित्व तथा आत्मविश्वास का परिचय दिया। प्रतियोगिता में नवनीता जैन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। कुमारी ऋतु दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि ग्वालियर की विनीता ने तीसरा स्थान हासिल किया। अपनी प्रस्तुति से अलग पहचान बनाने वाली रुपाली सोनी को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया।

    प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए नकद पुरस्कार भी निर्धारित किए गए थे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली नवनीता जैन को 5,100 रुपये, द्वितीय स्थान पर रहीं ऋतु को 3,100 रुपये और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली विनीता को 2,100 रुपये दिए गए। विशेष पुरस्कार के रूप में रुपाली सोनी को 1,100 रुपये की राशि प्रदान की गई। पुरस्कार महिला समन्वय की अध्यक्ष डॉ. सुषमा पांडेय और विश्व मांगल्य सभा की अध्यक्ष विभा रघुवंशी ने वितरित किए।

    कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण साक्षी अग्रवाल की प्रस्तुति रही। वह अपने दोनों बच्चों के साथ रैंप वॉक करती नजर आईं। उनकी इस प्रस्तुति ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा कार्यक्रम के दौरान दर्शकों से तेजी से सवाल पूछने की गतिविधि भी आयोजित की गई। सही जवाब देने वाले प्रतिभागियों को उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया।

    कार्यक्रम की शुरुआत विश्व मांगल्य सभा के छायाचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। शांति गीत सुमन तिवारी और राधा सूर्यवंशी ने प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में डॉ. आकांक्षा गौड़, दीपा शर्मा और दिव्या व्यास शामिल रहीं। मंच संचालन मणिका शर्मा ने किया। समापन पर निर्णायकों को स्मृति चिह्न स्वरूप उपहार भेंट किए गए, जबकि प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

  • शिवपुरी के भदैया कुंड पर महिला और उसके दोस्त की बेल्ट से पिटाई, पति पर मामला दर्ज..

    शिवपुरी के भदैया कुंड पर महिला और उसके दोस्त की बेल्ट से पिटाई, पति पर मामला दर्ज..


    शिवपुरी जिले: में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भदैया कुंड पर एक महिला और उसके दोस्त के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला के पति गोविंद ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर दोनों की बेल्ट से पिटाई की। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। महिला की शिकायत पर पुलिस ने उसके पति के खिलाफ मारपीट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।

    जानकारी के अनुसार, महिला मंगलवार दोपहर अपने दोस्त के साथ भदैया कुंड घूमने पहुंची थी। इसी दौरान उसका पति गोविंद भी वहां पहुंच गया। पत्नी को दूसरे युवक के साथ देखकर वह नाराज हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर गोविंद ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर महिला और उसके दोस्त पर बेल्ट से हमला कर दिया।

    मारपीट के दौरान महिला के दोस्त के पैर बांधने का भी आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि युवक के पैर बांधने के बाद दोनों की बेल्टों से पिटाई की गई। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद यह मामला लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, घटना के सभी पहलुओं और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर ही हो सकेगी।

    घटना की सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस संबंधित लोगों को थाने ले गई, जहां मामले से जुड़ी कार्रवाई की गई। महिला की शिकायत के आधार पर उसके पति गोविंद के खिलाफ मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उपलब्ध जानकारी में पति के चचेरे भाई के खिलाफ दर्ज कार्रवाई का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है।

    बताया गया है कि महिला और उसके पति के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी कारण महिला पिछले कुछ दिनों से अपने मायके में रह रही थी। मंगलवार को भदैया कुंड पर दोनों का आमना-सामना हुआ। इसके बाद विवाद बढ़ा और कथित तौर पर महिला तथा उसके दोस्त के साथ मारपीट हुई। पुलिस इस मामले में सामने आए आरोपों की जांच कर रही है।

    भदैया कुंड शिवपुरी का प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जहां लोग घूमने और समय बिताने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे स्थान पर महिला और उसके दोस्त के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आने से मामला सुर्खियों में है। घटना के वीडियो के प्रसार के बाद पुलिस की कार्रवाई और जांच पर ध्यान केंद्रित है।

    फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के अनुसार महिला की शिकायत पर उसके पति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मारपीट की परिस्थितियों, इसमें शामिल लोगों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। आरोपों को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय पुलिस की जांच और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

  • पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    पूर्व डीएसपी की पुत्रवधु ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और संपत्ति हड़पने के आरोप लगाए, छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी में पूर्व ट्रैफिक डीएसपी हरिवंश कन्हौआ के परिवार से जुड़ा विवाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया है। उनकी पुत्रवधु प्रियांशु शर्मा ने ससुराल पक्ष के छह सदस्यों के खिलाफ शिकायत देकर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना, संपत्ति हड़पने की कोशिश तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लगाए हैं। प्रियांशु ने पुलिस से मामले में कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। फिलहाल ये आरोप शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए हैं। मामले में पुलिस की जांच और संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    प्रियांशु शर्मा ने अपने आवेदन में बताया कि उनकी शादी जनवरी 2022 में आकाश कन्हौआ के साथ हुई थी। शिकायत के मुताबिक, 23 दिसंबर 2025 को आकाश 14 लाख रुपये की व्यवस्था करने के लिए घर से निकले थे। इसके अगले दिन प्रियांशु को जबलपुर में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने की सूचना मिली। पति की मौत के हालात को लेकर शिकायत में चिंता जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उनकी मौत के कारणों और उससे संबंधित जांच के अंतिम निष्कर्ष का उल्लेख नहीं है।

    प्रियांशु का आरोप है कि पति की मौत के लगभग सवा महीने बाद भोपाल स्थित मकान से 23 लाख रुपये की चोरी के मामले में उन पर आरोप लगाया गया। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पुलिस जांच और फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला यानी एफएसएल की जांच में उनके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। इस मामले में जांच से संबंधित दस्तावेजों और निष्कर्षों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

    शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सास-ससुर और जेठ की ओर से उन पर दूसरी शादी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, बेटी सान्वी को अपने पास से छोड़ने के लिए भी दबाव बनाया गया। प्रियांशु ने दावा किया कि पति के नाम पर मौजूद संपत्ति अपने नाम कराने के लिए भी उनसे लगातार दबावपूर्वक बातचीत की जाती रही। इन आरोपों के संबंध में दूसरे पक्ष का बयान उपलब्ध नहीं है।

    प्रियांशु ने अपनी शिकायत में यह भी कहा कि उन्हें इंदौर में नौकरी छोड़ने के लिए मजबूर किया गया। उनका आरोप है कि अक्टूबर 2026 में अपने पिता के साथ बातचीत के दौरान उनसे जबरन समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर से निकालने की बात कही गई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इन परिस्थितियों के कारण उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा और अब उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता है।

    प्रियांशु शर्मा ने जिन छह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, उनमें उनके ससुर हरिवंश कन्हौआ, सास सरोज कन्हौआ, जेठ विकास कन्हौआ, जेठानी भावना कन्हौआ, ननद ऋतु अवस्थी और नंदोई सौरभ अवस्थी के नाम शामिल हैं। उन्होंने पुलिस से शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने, संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और सुरक्षा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

    मामले में अब पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। पति की संदिग्ध मौत, चोरी के आरोप, संपत्ति को लेकर विवाद और कथित प्रताड़ना से जुड़े पहलुओं की वास्तविक स्थिति संबंधित दस्तावेजों, बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जा सकता। पुलिस की कार्रवाई और जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।