Tag: Shivpuri

  • शिवपुरी में दो बहनों और चार बच्चों की कुएं में डूबने से मौत, परिवारों में पसरा मातम..

    शिवपुरी में दो बहनों और चार बच्चों की कुएं में डूबने से मौत, परिवारों में पसरा मातम..


    शिवपुरी जिले:
    में बुधवार को हुई दो अलग-अलग घटनाओं में दो बहनों और चार बच्चों की मौत हो गई। पहली घटना बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव में हुई, जहां आठ माह की गर्भवती अंजलि रावत ने अपने छह वर्षीय बेटे के साथ कुएं में छलांग लगा दी। दूसरी घटना कोलारस थाना क्षेत्र के सेसई गांव से जुड़ी है, जहां अंजलि की बड़ी बहन सीता रावत अपने तीन बच्चों के साथ कुएं में मृत पाई गई। दोनों घटनाओं में कुल छह लोगों की जान चली गई। पुलिस ने दोनों मामलों की अलग-अलग जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, अंजलि रावत की उम्र 35 वर्ष थी और वह आठ माह की गर्भवती थी। उसके पति धर्मवीर सिंह रावत की करीब डेढ़ महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद से अंजलि मानसिक तनाव में बताई जा रही थी। बुधवार दोपहर करीब एक बजे उसने अपने छह वर्षीय बेटे प्रशांत के साथ कुएं में छलांग लगा दी। इस घटना में मां और बेटे की मौत हो गई।

    घटना के समय अंजलि की तीन बेटियां भी उसके साथ मौजूद थीं। उसकी बड़ी बेटी मोनिका ने अपनी और अपनी दोनों छोटी बहनों की जान बचा ली। इसके बाद वह घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिवार में चिंता और शोक का माहौल बन गया। अंजलि की मौत के बाद उसके परिवार के सामने पहले से मौजूद दुख और गहरा गया।

    इसी दिन कुछ घंटे बाद अंजलि की बड़ी बहन सीता रावत से जुड़ी दूसरी घटना सामने आई। 40 वर्षीय सीता कोलारस थाना क्षेत्र के सेसई गांव की निवासी थी। बुधवार को वह अपनी बेटी राखी, उम्र 14 वर्ष, बेटी प्रियंका, उम्र 11 वर्ष और बेटे श्लोक, उम्र छह वर्ष के साथ खोंकर गांव स्थित खेत पर गई थी। शाम करीब छह बजे तक जब वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू कर दी।

    खेत पर पहुंचने के बाद परिजनों को कुएं के पास चप्पलें दिखाई दीं। कुएं में देखने पर एक बच्चे का शव नजर आया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। कोलारस पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की। बुधवार रात करीब 11 बजे तक सीता और उसके तीनों बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाल लिए गए। इस घटना में सीता, राखी, प्रियंका और श्लोक की मौत हुई।

    परिवार के सदस्य हाकम सिंह के मुताबिक, दोनों बहनों के बीच गहरा लगाव था और वे अक्सर फोन पर बातचीत करती थीं। परिजनों ने सीता की मौत को छोटी बहन अंजलि की मृत्यु से जुड़े सदमे से जोड़कर देखा है। हालांकि, सीता ने यह कदम क्यों उठाया, इसकी वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। इस संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी।

    बैराड़ थाना प्रभारी रवि चौहान के अनुसार, अंजलि और उसके बेटे के शव शिवपुरी जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाए गए थे। वहीं, कोलारस थाना प्रभारी जितेंद्र चंदेलिया ने बताया कि सीता और उसके तीनों बच्चों के शव बुधवार रात तक कुएं से निकाल लिए गए थे। दोनों घटनाओं में पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जानी थी। पुलिस अलग-अलग प्रकरणों की जांच कर रही है, ताकि घटनाओं से जुड़े हालात और कारणों का पता लगाया जा सके।

  • धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ पर ली चुटकी, बोले- एक दिन व्रत रखती हैं पत्नियां और 364 दिन सुनाती हैं ताने

    धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ पर ली चुटकी, बोले- एक दिन व्रत रखती हैं पत्नियां और 364 दिन सुनाती हैं ताने

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले के करैरा में चल रही रामकथा के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। कथा के बीच उन्होंने करवा चौथ के व्रत को लेकर अपने चुटीले अंदाज में ऐसी बात कही, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस दौरान उन्होंने करवा चौथ को मजाकिया लहजे में ‘खसम पूजन दिवस’ कहा और पति-पत्नी के रिश्ते को लेकर हास्यपूर्ण टिप्पणी की।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने प्रवचनों के दौरान धार्मिक विषयों के साथ-साथ अपनी खास बोलने की शैली के लिए भी जाने जाते हैं। करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान भी उनका यही अंदाज देखने को मिला। कथा के बीच करवा चौथ का जिक्र करते हुए उन्होंने विवाहित महिलाओं के व्रत और पति-पत्नी के बीच होने वाली नोकझोंक पर चुटकी ली। उनकी इस टिप्पणी का वीडियो सामने आने के बाद यह प्रसंग लोगों के बीच चर्चा में आ गया।

    धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ बताते हुए कहा कि पत्नियां साल में एक दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं, जबकि बाकी 364 दिन उन्हें ताने मारती रहती हैं। उनकी यह बात हास्यपूर्ण अंदाज में कही गई थी। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने वैवाहिक जीवन में होने वाली सामान्य नोकझोंक को अपने प्रवचन की शैली में पेश किया।

    करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन कई महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद अपना उपवास खोलती हैं। कई परिवारों में इस अवसर पर पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक रस्में भी निभाई जाती हैं। ऐसे में इस पर्व का उल्लेख करते हुए की गई धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी ने लोगों का ध्यान खींचा है।

    करैरा में चल रही रामकथा के दौरान दिया गया यह बयान अब सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में उनकी टिप्पणी को लेकर लोगों की दिलचस्पी दिखाई दे रही है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस बयान पर किसी औपचारिक विवाद या विरोध की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए फिलहाल इस प्रसंग को उनके हास्यपूर्ण संबोधन और वायरल वीडियो के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के प्रवचनों में धार्मिक कथाओं के साथ स्थानीय संदर्भों और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े उदाहरणों का इस्तेमाल भी देखने को मिलता है। करवा चौथ पर उनकी यह टिप्पणी भी उसी शैली का हिस्सा रही। उनके कथन में पति-पत्नी के रिश्ते की नोकझोंक को हास्य के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने कथा के इस हिस्से को चर्चा में ला दिया।

    शिवपुरी जिले के करैरा में जारी रामकथा के बीच सामने आए इस वीडियो ने एक बार फिर धीरेंद्र शास्त्री के बोलने के अंदाज को सुर्खियों में ला दिया है। उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। हालांकि, इस बयान पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं, लेकिन उपलब्ध तथ्यों के आधार पर इतना स्पष्ट है कि करवा चौथ को लेकर कही गई उनकी चुटीली बात ही इस वीडियो के चर्चा में आने की प्रमुख वजह बनी है।

  • कोटा में शिवपुरी के 18 वर्षीय जेईई छात्र की मौत, छह महीने पहले गया था पढ़ाई करने..

    कोटा में शिवपुरी के 18 वर्षीय जेईई छात्र की मौत, छह महीने पहले गया था पढ़ाई करने..


    मध्य प्रदेश :
    के शिवपुरी जिले के 18 वर्षीय छात्र अजीत धाकड़ की राजस्थान के कोटा में मौत हो गई। वह जवाहर नगर क्षेत्र में एक पीजी में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। रविवार रात उसका शव कमरे में फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल भिजवाया। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

    अजीत शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के रातीकिरार गांव का रहने वाला था। वह छह महीने पहले ही इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा जेईई की तैयारी के लिए कोटा गया था। शिवपुरी से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने आगे की तैयारी के लिए राजस्थान के कोटा में रहना शुरू किया था। घटना की खबर मिलने के बाद उसके परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार, रविवार रात करीब 10 बजे अजीत के साथ रहने वाले छात्र उसे टहलने के लिए बुलाने पहुंचे थे। उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। काफी कोशिश के बाद भी दरवाजा नहीं खुला, जिसके बाद साथियों ने खिड़की से अंदर झांककर देखा। इस दौरान अजीत का शव फंदे पर लटका दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। छात्र के शव को कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने कमरे की जांच भी की, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। सोमवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।

    प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि पढ़ाई से जुड़े तनाव के कारण छात्र ने यह कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने के कारण घटना के पीछे की परिस्थितियों को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस जांच के बाद ही मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

    अजीत के परिवार पर पहले भी दुख का पहाड़ टूट चुका था। उसके पिता अशोक धाकड़ का करीब चार साल पहले निधन हो गया था। पिता की मौत के बाद परिवार की जिम्मेदारी बड़े भाई दिव्यांश ने संभाली थी। उन्होंने छोटे भाई की पढ़ाई का जिम्मा भी उठाया और उसे आगे बढ़ाने के लिए सहयोग किया। अजीत जेईई की तैयारी के लिए कोटा गया था, लेकिन उसकी मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    घटना के बाद रातीकिरार गांव में शोक का माहौल है। परिवार के लिए यह क्षति बेहद कठिन है, क्योंकि अजीत अपनी पढ़ाई के जरिए भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

    कोटा में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों पर पढ़ाई और परीक्षा से जुड़ा दबाव अक्सर चर्चा का विषय रहता है। हालांकि, अजीत की मौत के पीछे पढ़ाई का तनाव ही कारण था, यह अभी स्थापित नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही घटना की परिस्थितियों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • शिवपुरी के पटाखा कारोबारी नवाब खां की आतिशबाजी से भरा ट्रक जब्त, 10 लाख रुपये का माल बरामद

    शिवपुरी के पटाखा कारोबारी नवाब खां की आतिशबाजी से भरा ट्रक जब्त, 10 लाख रुपये का माल बरामद

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी जिले के बदरवास में पटाखों का कारोबार करने वाले नवाब खां से जुड़ी आतिशबाजी की खेप को पुलिस ने गुना जिले में जब्त किया है। म्याना थाना क्षेत्र में कार्रवाई के दौरान एक ट्रक से करीब 10 लाख रुपये कीमत की आतिशबाजी बरामद हुई। यह माल इंदौर से बदरवास लाया जा रहा था। पुलिस ने आतिशबाजी के परिवहन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद कारोबारी नवाब खां और ट्रक चालक पवन जोशी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

    पुलिस के अनुसार, ट्रक में अवैध रूप से आतिशबाजी ले जाए जाने की सूचना मिलने के बाद कार्रवाई की गई। म्याना थाना प्रभारी बृजमोहन भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस ने एबी रोड पर केवट राई होटल के सामने नाकाबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच के दौरान वाहन में बड़ी मात्रा में पटाखों के पैकेट रखे मिले।

    तलाशी में पुलिस को 16 बड़े कार्टून मिले, जिन पर नवाब खां, बदरवास लिखा हुआ था। कार्टून खोलने पर अलग-अलग प्रकार की आतिशबाजी बरामद हुई। इनमें पोगो 12 स्टार, चिकी मिकी, स्काई शॉट, अवतार फायर, अनिल चकरी, फ्लावर पॉट और गंगा-जमुना नाम के पटाखे शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ट्रक से 120 से अधिक पैकेट आतिशबाजी मिली है। जब्त किए गए माल और ट्रक की कुल कार्रवाई में लगभग 10 लाख रुपये की कीमत बताई गई है।

    पुलिस ने बताया कि ट्रक चालक पवन जोशी आतिशबाजी के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद बदरवास के कारोबारी नवाब खां को बुलाकर संबंधित कागजात की जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि उसका आतिशबाजी कारोबार से जुड़ा लाइसेंस वर्ष 2025 के बाद नवीनीकृत नहीं हुआ था। इसी आधार पर माल के परिवहन और कारोबार की वैधता को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

    लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होने का तथ्य सामने आने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित आतिशबाजी की खरीद और आपूर्ति किस आधार पर की जा रही थी। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि इंदौर से बदरवास तक माल भेजने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और परिवहन के लिए आवश्यक अनुमति या दस्तावेज उपलब्ध थे या नहीं।

    ट्रक इंदौर से रवाना होकर गुना जिले के म्याना थाना क्षेत्र तक पहुंच गया था। ऐसे में पुलिस परिवहन के पूरे रास्ते और माल की आपूर्ति से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि रास्ते में वाहन की जांच हुई थी या नहीं। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका या रास्ते में हुई जांच को लेकर कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

    पुलिस ने ट्रक और आतिशबाजी को जब्त कर लिया है। नवाब खां और चालक पवन जोशी के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। अब मामले में आतिशबाजी के स्रोत, लाइसेंस की स्थिति, परिवहन संबंधी दस्तावेजों और आपूर्ति व्यवस्था की पड़ताल की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला

    शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला

    मध्य प्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के बदरवास थाना क्षेत्र में महज 9 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर एक युवक ने गुमटी संचालक के सिर और दाहिने कंधे पर डंडे से हमला कर दिया। घटना में दुकानदार घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना 25 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। बदरवास में थाने के पीछे रहने वाले राजेश रजक के अनुसार, वह रात में कलारी के पास स्थित अपनी गुटखा दुकान पर बैठा था। इसी दौरान बदरवास का रहने वाला आनंद यादव उसकी दुकान पर पहुंचा और चार सिगरेट मांगीं।

    राजेश के मुताबिक, चार सिगरेट की कुल कीमत 24 रुपये थी। आनंद यादव ने भुगतान के लिए फोनपे का इस्तेमाल किया, लेकिन उसके खाते से दुकानदार को केवल 15 रुपये ही मिले। राजेश ने जब शेष 9 रुपये मांगे, तो आरोपी ने बाकी रकम देने से इनकार कर दिया। इसी भुगतान को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

    शिकायत के अनुसार, बकाया राशि मांगने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आनंद यादव ने राजेश रजक के साथ गाली-गलौज की। जब राजेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने डंडे से उस पर हमला कर दिया। हमले में राजेश के सिर और दाहिने कंधे पर चोटें आईं।

    घटना के बाद घायल दुकानदार को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके सिर और कंधे पर डंडे से वार किया गया था। हालांकि, घायल की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चोटों की गंभीरता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान विवाद की परिस्थितियों, भुगतान को लेकर हुए घटनाक्रम और हमले के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

    बदरवास क्षेत्र में सामने आया यह मामला एक छोटी रकम के लेनदेन से शुरू हुए विवाद के हिंसक रूप लेने से जुड़ा है। दुकानदार के बयान के अनुसार, विवाद की शुरुआत चार सिगरेट के 24 रुपये के भुगतान से हुई थी। इसमें से 15 रुपये मिलने के बाद जब उसने बाकी 9 रुपये मांगे, तो मामला बढ़ गया।

    फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। आरोपी के पक्ष और मामले में आगे की कार्रवाई से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • शिवपुरी में बंद मकान से पुराना मीटर हटाने पर विवाद, वकील और रहवासियों के विरोध के बाद लौटे बिजलीकर्मी

    शिवपुरी में बंद मकान से पुराना मीटर हटाने पर विवाद, वकील और रहवासियों के विरोध के बाद लौटे बिजलीकर्मी


    मध्य प्रदेश।
    के शिवपुरी शहर की तारकेश्वरी कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। बिजली कंपनी के ठेकेदार के कर्मचारी एक बंद मकान में पुराना मीटर हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे। इस दौरान मकान मालिक की गैरमौजूदगी में पुराना मीटर निकाल दिया गया। जानकारी मिलने पर मकान मालिक एडवोकेट कैलाश जैन मौके पर पहुंचे और इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। इसके बाद कॉलोनी के अन्य रहवासी भी एकत्रित हो गए और कर्मचारियों से सवाल करने लगे। विरोध बढ़ने पर कर्मचारियों को पुराना मीटर दोबारा लगाकर लौटना पड़ा।

    यह घटना सोमवार दोपहर की बताई गई है। बिजली कंपनी के ठेकेदार की टीम तारकेश्वरी कॉलोनी में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही थी। इसी दौरान कर्मचारी एडवोकेट कैलाश जैन के ताला लगे मकान पर पहुंचे। मकान मालिक उस समय वहां मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों ने पुराना मीटर निकाल दिया, लेकिन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई आगे बढ़ने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया।

    कैलाश जैन को जब अपने मकान का मीटर हटाए जाने की जानकारी मिली, तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि मकान बंद होने और मालिक की गैरमौजूदगी में मीटर हटाने की कार्रवाई किस अनुमति के आधार पर की गई। उनकी आपत्ति के बाद वहां बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसपास रहने वाले लोग भी मौके पर पहुंच गए और बिजली कंपनी के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।

    रहवासियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। यदि किसी मकान में कोई मौजूद नहीं है, तो वहां मीटर बदलने की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी, इस बारे में स्पष्टता जरूरी है। लोगों ने मांग की कि संबंधित ठेकेदार और बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करें। उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की आपत्तियों को सुने बिना ऐसी कार्रवाई करने से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

    मौके पर काफी देर तक बहस और विरोध जारी रहा। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं आया। स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। उन्होंने पुराने मीटर को फिर से लगा दिया और वहां से रवाना हो गए। इस तरह जिस मकान में नया स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, वहां विरोध के बाद पुराना मीटर ही बहाल करना पड़ा।

    शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। स्थानीय रहवासियों की चिंता है कि मीटर बदलने के दौरान उन्हें पर्याप्त जानकारी दी जाए और उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाए। प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट संवाद नहीं होने पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच असमंजस पैदा होने की आशंका बनी रहती है।

    इस मामले में बिजली कंपनी के महाप्रबंधक सुमित अग्रवाल ने बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीटर लगाने के दौरान उपभोक्ता की सहमति लेना जरूरी है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर परेशानी है, तो उसकी संतुष्टि के लिए स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया जा सकता है। जो उपभोक्ता सहमत नहीं हैं, उनके मामलों में आगे मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    तारकेश्वरी कॉलोनी की घटना के बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और उपभोक्ताओं की सहमति को लेकर सवाल उठे हैं। फिलहाल संबंधित मकान में पुराना मीटर दोबारा लगा दिया गया है। हालांकि, इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

  • शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.

    शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.


    मध्य प्रदेश: 
    के शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा क्षेत्र स्थित बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दो कुंडल, एक चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। घटना का पता सोमवार, 26 अक्टूबर की सुबह उस समय चला, जब एक श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचा।

    सुबह पूजा करने पहुंचे तो टूटा मिला ताला
    जानकारी के अनुसार, सतनवाड़ा कलां गांव निवासी नंदकिशोर धाकड़ पुत्र हरनारायण धाकड़ सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे बाग वाले हनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने मंदिर के भीतर जाकर सामान की जांच की, तो चोरी का पता चला।

    मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दोनों कुंडल गायब थे। इसके अलावा एक पैर का चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे भी वहां नहीं मिले। मंदिर का ताला टूटा होने और पूजा से संबंधित सामान गायब मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    रात करीब दो बजे चोरी की आशंका
    फरियादी नंदकिशोर धाकड़ ने आशंका जताई कि अज्ञात चोर रात करीब दो बजे के आसपास मंदिर में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, घटना के सही समय और चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    सुबह मंदिर पहुंचने पर चोरी का पता चलने के बाद फरियादी सतनवाड़ा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। शिकायत में मंदिर से चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी होने की बात बताई गई। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है।

    अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
    पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक सोनू रजक को सौंपी गई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आरोपी का पता लगाने के साथ चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी किए जाने की इस घटना के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करने और सामान बरामद करने की चुनौती है। फिलहाल, मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या चोरी गए सामान की बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में गूंजी खुशखबरी, बांधवगढ़ की रानी MT-3 दूसरी बार बनी मां..

    शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व में गूंजी खुशखबरी, बांधवगढ़ की रानी MT-3 दूसरी बार बनी मां..

    मध्य प्रदेश: के शिवपुरी स्थित माधव टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। बांधवगढ़ से लाई गई और ‘बांधवगढ़ की रानी’ के नाम से पहचानी जाने वाली बाघिन MT-3 ने दूसरी बार दो शावकों को जन्म दिया है। इससे रिजर्व में बाघों की नई पीढ़ी के विकास को लेकर उत्साह बढ़ा है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी MT-3 दो शावकों की मां बनी थी। अब उसके साथ दो नए शावक दिखाई दिए हैं।

    केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर नन्हे शावकों की तस्वीरें साझा कर इस खबर की जानकारी दी। माधव टाइगर रिजर्व में अब तक कुल छह शावकों का जन्म हो चुका है। MT-3 के दो नए शावकों के सामने आने के साथ यहां बाघों की कुल संख्या 11 पहुंच गई है। रिजर्व में बाघों की संख्या बढ़ने का यह घटनाक्रम वन्यजीव संरक्षण और बाघों के प्राकृतिक प्रजनन के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    भरकुली गेट की पूर्वी रेंज में मार्च 2023 के दौरान MT-1 मादा, MT-2 नर और MT-3 मादा बाघ को छोड़ा गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में MT-3 ने पहली बार दो शावकों को जन्म दिया। अब दूसरी बार उसके दो नए शावक सामने आए हैं। इन दोनों शावकों को मिलाकर पूर्वी रेंज में बाघों की संख्या छह हो गई है। इस क्षेत्र में बाघों की बढ़ती मौजूदगी रिजर्व में उनके कुनबे के विस्तार को दर्शाती है।

    रिजर्व की दक्षिणी रेंज में भी बाघों की मौजूदगी बनी हुई है। सेलिंग क्लब गेट के आसपास के क्षेत्र में MT-5 नर और MT-4 मादा बाघ मौजूद हैं। MT-4 के साथ पहले दिखाई दिए दो शावक अब बड़े हो रहे हैं और जंगल में घूमते नजर आने लगे हैं। इन दोनों शावकों को शामिल करने पर दक्षिणी रेंज में बाघों की संख्या चार बताई गई है। वहीं, MT-6 मादा बाघ को जुलाई में भोपाल के वन विहार भेज दिया गया था।

    रिजर्व में बाघों की बढ़ती संख्या के बीच MT-1 की लंबे समय से निगरानी के दौरान मौजूदगी दर्ज नहीं होने का विषय भी वन विभाग के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है। दूसरी ओर, MT-3 के दोबारा मां बनने से यहां बाघों के प्रजनन और उनके कुनबे के विस्तार की उम्मीद मजबूत हुई है।

    माधव नेशनल पार्क में बाघों को बसाने की शुरुआत 10 मार्च 2023 को हुई थी। उस दिन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने MT-1 मादा और MT-2 नर बाघ को जंगल में छोड़ा था। इसके बाद 14 मार्च 2023 को MT-3 मादा बाघिन को भी यहां बसाया गया। वर्ष 2024 में उसके पहले दो शावकों का जन्म हुआ।

    इसके बाद 7 मार्च 2025 को माधव नेशनल पार्क को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यह मध्य प्रदेश का नौवां और देश का 58वां टाइगर रिजर्व बना। 10 मार्च 2025 को MT-4 मादा बाघिन को यहां छोड़ा गया। बाद में MT-5 नर और MT-6 मादा बाघ को भी रिजर्व में बसाया गया। इस तरह अलग-अलग चरणों में बाघों को यहां लाकर उनकी आबादी विकसित करने का प्रयास किया गया।

    माधव टाइगर रिजर्व के संचालक उत्तम शर्मा ने MT-3 के दूसरी बार दो शावकों को जन्म देने की पुष्टि की है। वर्ष 2024 में भी वह दो शावकों को जन्म दे चुकी है। अब नए शावकों के आने से रिजर्व में बाघों की संख्या 11 हो गई है। आने वाले समय में इन शावकों की बढ़त और उनकी मौजूदगी पर वन विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण रहेगी।

  • शिवपुरी में नो एंट्री के बावजूद घुसा ईंटों से भरा ट्रक, रामकिशन के दोनों पैर कुचले, व्यवस्था पर उठे सवाल

    शिवपुरी में नो एंट्री के बावजूद घुसा ईंटों से भरा ट्रक, रामकिशन के दोनों पैर कुचले, व्यवस्था पर उठे सवाल

    मध्य प्रदेश। शिवपुरी शहर में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और यातायात व्यवस्था के पालन को लेकर एक हादसे के बाद सवाल उठ रहे हैं। शहर के फतेहपुर क्षेत्र में पुलिस सहायता केंद्र के सामने ईंटों से भरे एक ट्रक की चपेट में आने से रामकिशन आदिवासी के दोनों पैर कुचल गए। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाने के बाद उनकी हालत को देखते हुए शासकीय मेडिकल कॉलेज शिवपुरी में भर्ती कराया गया।

    जानकारी के अनुसार, शिवपुरी निवासी 35 वर्षीय रामकिशन आदिवासी रविवार सुबह करीब 10:30 बजे फतेहपुर में पुलिस सहायता केंद्र के सामने स्थित तिराहे पर खड़े थे। इसी दौरान बड़ौदी की ओर से ईंटों से भरा एक ट्रक वहां पहुंचा। ट्रक का पंजीकरण नंबर यूपी 78 डीएन 1927 बताया गया है। तिराहे पर मुड़ते समय रामकिशन ट्रक के पहियों की चपेट में आ गए।

    इस हादसे में उनके दोनों पैर ट्रक के पहियों के नीचे आ गए, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए। एक पैर में गंभीर चोट आने की जानकारी भी सामने आई है। घटनास्थल से उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चोटों की गंभीरता को देखते हुए बाद में उन्हें शासकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही और नो एंट्री के नियमों के पालन को लेकर चिंता जताई जा रही है।

    हादसे की जगह को लेकर भी यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दुर्घटना फतेहपुर पुलिस सहायता केंद्र के सामने हुई, जबकि थीम रोड पर बड़ौदी स्थित चिंकारा प्लांटेशन के पास वन नाका मौजूद है। इसी स्थान के सामने से फतेहपुर की ओर जाने वाली पक्की सड़क जुड़ती है। इस मार्ग से शहर में भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए करीब तीन साल पहले नगर पालिका ने हाइट लिमिट पोल लगाया था।

    हालांकि, कुछ समय बाद किसी अज्ञात वाहन की टक्कर से यह पोल टूट गया। इसके बाद इसे दोबारा लगाने की दिशा में कार्रवाई नहीं होने की बात सामने आई है। ऐसे में भारी वाहनों को निर्धारित सीमा के भीतर रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लंबे समय से प्रभावी नहीं है। स्थानीय यातायात व्यवस्था में इस कमी को हादसे के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    यातायात पुलिस के अनुसार, नो एंट्री के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई जारी है। यातायात थाना शिवपुरी के प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने बताया कि जनवरी से अब तक 78 वाहनों के चालान काटे गए हैं और उनसे 3.90 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूला गया है। उन्होंने कहा कि यदि नगर पालिका हाइट लिमिट पोल दोबारा लगा देती है, तो भारी वाहनों के प्रवेश को रोकने में मदद मिलेगी।

    वहीं, संबंधित व्यवस्था को लेकर दिन के समय नो एंट्री में ट्रक और डंपरों का प्रवेश रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही गई है। बड़ौदी वन नाके पर पहले लगे हाइट लिमिट पोल के बारे में जानकारी जुटाने और निर्धारित स्थान पर इसे फिर से लगवाने की बात भी कही गई है।

    रामकिशन के साथ हुए हादसे ने शहर में भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और नो एंट्री के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अब इस मामले में हाइट लिमिट पोल दोबारा लगाने और प्रतिबंधित समय में भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।

  • शिवपुरी में करवा चौथ पर रात 8:25 बजे होगा चंद्रोदय, भद्रा और शुक्रास्त का दोष नहीं, जानें व्रत से जुड़ी खास बातें

    शिवपुरी में करवा चौथ पर रात 8:25 बजे होगा चंद्रोदय, भद्रा और शुक्रास्त का दोष नहीं, जानें व्रत से जुड़ी खास बातें


    शिवपुरी: में करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को इस बार चंद्रमा के दर्शन के लिए रात 8:25 बजे तक इंतजार करना पड़ सकता है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को पर्व के अवसर पर चंद्रोदय का संभावित समय रात 8:25 बजे बताया गया है। पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के साथ महिलाएं दिनभर व्रत रखेंगी। शाम को पूजा-अर्चना के बाद चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद व्रत खोलने की परंपरा निभाई जाएगी।

    करवा चौथ विवाहित महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। परंपरा के अनुसार, व्रत रखने वाली महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास करती हैं और शाम को निर्धारित विधि से पूजा करती हैं। चंद्रमा निकलने के बाद उसके दर्शन और पूजा के साथ व्रत का पारण किया जाता है। इसी वजह से चंद्रोदय के समय को लेकर महिलाओं में खास उत्सुकता रहती है।

    इस बार पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए भी धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए किसी विशेष धार्मिक बाधा का उल्लेख नहीं है। ऐसे में नवविवाहित महिलाएं भी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार इस पर्व की तैयारी कर सकती हैं।

    आचार्य पं. प्रमोद शास्त्री के अनुसार, करवा चौथ के दिन शुक्रास्त का दोष नहीं रहेगा। उनके मुताबिक, शुक्र का उदय 28 अक्टूबर की सुबह हो जाएगा। इसके साथ ही इस बार पर्व के दिन भद्रा भी नहीं है। इन ज्योतिषीय स्थितियों के कारण व्रत रखने वाली महिलाएं बिना इन विशेष बाधाओं की चिंता किए पूजा की तैयारी कर सकती हैं। धार्मिक मान्यताओं में इन स्थितियों को पर्व के आयोजन से जोड़कर देखा जाता है।

    इस बार करवा चौथ पर रोहिणी और मृगशिरा नक्षत्र के साथ शिव योग का संयोग भी बताया गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, चंद्रमा का वृषभ राशि में होना शुभ माना जाता है। इसे वैवाहिक जीवन में प्रेम, सौहार्द और आपसी तालमेल का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, ये धारणाएं धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं।

    करवा चौथ का पर्व केवल उपवास तक सीमित नहीं है। यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण की भावना से भी जुड़ा हुआ है। महिलाएं इस दिन विशेष पूजा की तैयारी करती हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार व्रत रखती हैं। दिनभर उपवास के बाद शाम को पूजा की जाती है और चंद्रमा के निकलने का इंतजार किया जाता है।

    चंद्रमा के दर्शन होने पर महिलाएं उसे अर्घ्य देती हैं और पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। कई घरों में इस अवसर पर परिवार के सदस्य भी पूजा में शामिल होते हैं। छतों और खुले स्थानों पर चांद का इंतजार करते परिवारों के बीच यह परंपरा पर्व का प्रमुख हिस्सा बनी रहती है।

    करवा चौथ को बंगाल में दशरथ चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। अलग-अलग क्षेत्रों में इस पर्व से जुड़ी परंपराओं और पूजा की विधियों में कुछ अंतर हो सकता है, लेकिन पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन की खुशहाली की कामना इसका प्रमुख भाव है। शिवपुरी में भी महिलाएं चंद्रोदय के संभावित समय को ध्यान में रखते हुए पूजा और व्रत की तैयारियां करेंगी।