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  • बिजली संकट से उबल पड़ा शिवपुरी सरपंच सड़क पर लेटे ग्रामीणों ने तीन घंटे किया चक्काजाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता

    बिजली संकट से उबल पड़ा शिवपुरी सरपंच सड़क पर लेटे ग्रामीणों ने तीन घंटे किया चक्काजाम अधिकारियों के आश्वासन के बाद खुला रास्ता


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र के सिरसौद गांव में लगातार हो रही बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। रविवार सुबह सरपंच अतर सिंह लोधी के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने सिरसौद पिछोर मार्ग पर चक्काजाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन के दौरान सरपंच खुद सड़क पर लेट गए और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। करीब तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने मानवता का परिचय देते हुए एम्बुलेंस को बिना किसी बाधा के गुजरने दिया। सुबह करीब नौ बजे बिजली विभाग के अधिकारियों के मौके पर पहुंचकर समाधान का भरोसा देने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।

    ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से लोड सेटिंग के नाम पर रोजाना 10 से 12 घंटे तक बिजली की आपूर्ति बाधित की जा रही है। सबसे अधिक परेशानी रात के समय होने वाली कटौती से हो रही है। लगातार बिजली गुल रहने के कारण लोग भीषण गर्मी और उमस में रातभर जागने को मजबूर हैं। घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अंधेरे के कारण हाल ही में एक महिला छत से गिरकर घायल भी हो गई थी जिससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया।

    चक्काजाम की सूचना मिलते ही अमोला थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह सेंगर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी बिजली विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद विभाग के अधिकारी घटनास्थल पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

    सरपंच अतर सिंह लोधी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में एक घंटे बिजली देने के बाद अगले घंटे फिर कटौती कर दी जाती है जिससे सिरसौद सहित आसपास के करीब 15 गांवों के लोग परेशान हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायत दी गई लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। उनका कहना है कि करैरा कस्बे में लोड सेटिंग के नाम पर बिजली कटौती नहीं की जाती जबकि ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली बंद रखी जाती है जिससे लोगों में भेदभाव की भावना पैदा हो रही है।

    ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और लोड सेटिंग के नाम पर घंटों कटौती जारी रही तो वे दोबारा सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है बल्कि कुछ महीने पहले भी इसी समस्या को लेकर प्रदर्शन किया जा चुका है लेकिन हालात अब तक नहीं बदले। ऐसे में अब वे स्थायी समाधान मिलने तक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।

  • श्रद्धालुओं की आस्था पर वार, शिवपुरी के मंदिर से दो दानपात्र चोरी; पुलिस जांच में जुटी

    श्रद्धालुओं की आस्था पर वार, शिवपुरी के मंदिर से दो दानपात्र चोरी; पुलिस जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के करैरा स्थित प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में चोरों ने आस्था पर हाथ डालते हुए सीता रसोई को निशाना बनाया। मंगलवार तड़के अज्ञात बदमाश रसोई का ताला तोड़कर अंदर घुसे और वहां रखे दो दानपात्र चोरी कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मंदिर समिति में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना करैरा थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

    मंदिर परिसर में संचालित सीता रसोई का संचालन अन्नपूर्णा सेवा समिति द्वारा किया जाता है। समिति के सदस्य सुमित तिवारी ने बताया कि यहां प्रत्येक मंगलवार विशाल भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें करीब चार से पांच हजार श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 40 से 50 जरूरतमंद, गरीब और असहाय लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जाता है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार दानपात्र में राशि डालकर इस सेवा कार्य में सहयोग करते हैं।

    मंगलवार सुबह जब समिति के सदस्य भंडारे की तैयारी के लिए सीता रसोई पहुंचे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर प्रवेश करने पर देखा कि कमरे में रखे दो बड़े बक्सों के ताले भी तोड़े गए थे और उनमें रखे दोनों दानपात्र गायब थे। घटना देखकर समिति के सदस्यों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

    समिति के अनुसार, चोरी हुए दानपात्रों में श्रद्धालुओं द्वारा गुप्त रूप से दान की गई पांच हजार रुपए से अधिक की नकदी होने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक राशि का पता जांच और रिकॉर्ड के आधार पर लगाया जाएगा। समिति के सदस्यों का कहना है कि यह केवल चोरी की घटना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा कार्य पर भी चोट है।

    सूचना मिलते ही करैरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ अन्य साक्ष्य भी जुटाने शुरू कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा।

    मंदिर समिति ने प्रशासन से मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित गश्त बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित बनी रहे।
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  • सरकारी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, मिड-डे मील भी बंद; निरीक्षण में लापरवाही पर शिक्षकों को फटकार

    सरकारी स्कूल में नहीं मिला एक भी छात्र, मिड-डे मील भी बंद; निरीक्षण में लापरवाही पर शिक्षकों को फटकार


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर बैराड़ तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैश ने मंगलवार को पोहरी विकासखंड के सड़ और ककरई गांव के शासकीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़ प्राथमिक विद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली। यहां रिकॉर्ड में 33 छात्र दर्ज थे, लेकिन स्कूल में एक भी छात्र उपस्थित नहीं मिला। इतना ही नहीं, विद्यार्थियों के लिए बनने वाला मध्यान्ह भोजन भी तैयार नहीं किया गया था।

    निरीक्षण के समय विद्यालय में केवल एक शिक्षक मौजूद थे। छात्रों की शून्य उपस्थिति और मिड-डे मील जैसी महत्वपूर्ण योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही देखकर तहसीलदार ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित शिक्षक को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए।

    दरअसल, जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा ने हाल ही में सभी एसडीएम और तहसीलदारों को ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इसी अभियान के तहत मंगलवार सुबह करीब 11 बजे तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैश ने सड़ और ककरई गांव के स्कूलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य शिक्षा और पोषण योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।

    सड़ प्राथमिक विद्यालय में मिली अव्यवस्थाओं के बाद तहसीलदार ककरई गांव पहुंचे, जहां प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय एक ही भवन में संचालित हो रहे हैं। यहां चार शिक्षक उपस्थित मिले, लेकिन छात्रों की संख्या अपेक्षा से काफी कम थी। कम उपस्थिति को लेकर तहसीलदार ने शिक्षकों से जवाब-तलब किया और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए घर-घर संपर्क अभियान चलाने तथा अभिभावकों को जागरूक करने के निर्देश दिए।

    तहसीलदार ने शिक्षकों से कहा कि सरकारी योजनाओं का उद्देश्य केवल रिकॉर्ड पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण पहुंचाना है। यदि विद्यालयों में छात्र ही नहीं आएंगे तो शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि निरीक्षण का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में लगातार सामने आ रही कम उपस्थिति और मिड-डे मील जैसी योजनाओं के सही क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन अब सख्त नजर आ रहा है। जिला प्रशासन का मानना है कि नियमित निरीक्षण से न केवल व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की उपस्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।

  • दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग

    दुष्कर्म मामले में आरोपी पक्ष का पलटवार, सीसीटीवी और डीएनए जांच की मांग; पुलिस बोली- शैक्षणिक रिकॉर्ड में बालिग


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म प्रकरण में मंगलवार को नया मोड़ सामने आया, जब आरोपी के पिता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को पारिवारिक रंजिश के चलते झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं पुलिस ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध शैक्षणिक दस्तावेजों के अनुसार आरोपी बालिग है और मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है।

    आरोपी के पिता अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय पहुंचे और एक लिखित आवेदन सौंपा। आवेदन में उन्होंने बताया कि 14 जुलाई 2026 को उनके पुत्र विशाल के खिलाफ दुष्कर्म समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता महिला और उसके मायके पक्ष से उनके परिवार की पुरानी रंजिश चली आ रही है, जिसके कारण उनके बेटे को साजिश के तहत झूठे प्रकरण में फंसाया गया है।

    पिता ने दावा किया कि जिस समय कथित घटना हुई, उस समय उनका बेटा घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं था। उनके अनुसार, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्य इस बात की पुष्टि कर सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मांग की कि मामले की जांच केवल आरोपों के आधार पर नहीं बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर की जाए। इसके लिए उन्होंने डीएनए जांच कराने और सीसीटीवी फुटेज की जांच की भी मांग की। उन्होंने बताया कि संबंधित सीसीटीवी फुटेज पेन ड्राइव के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराया गया है।

    आवेदन में पिता ने यह भी कहा कि उनका बेटा नाबालिग है और वर्तमान में पोहरी उप जेल में बंद है। उन्होंने मांग की कि यदि उसकी उम्र नाबालिग साबित होती है तो उसे तत्काल किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार किशोर बंदी गृह में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उसकी मानसिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

    वहीं बैराड़ थाना प्रभारी सुरेश शर्मा ने आरोपी पक्ष के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पुलिस ने उपलब्ध शैक्षणिक अंकसूची और दस्तावेजों के आधार पर आरोपी को बालिग माना है। उन्होंने बताया कि पीड़िता की शिकायत और प्रारंभिक तथ्यों के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। साथ ही आरोपी पक्ष द्वारा प्रस्तुत सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की भी निष्पक्ष तरीके से जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    गौरतलब है कि बैराड़ थाना क्षेत्र की 19 वर्षीय विवाहिता ने 14 जुलाई को विशाल रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेल और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कराई थी। महिला का आरोप है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से उस पर शादी का दबाव बना रहा था। उसने मार्च 2026 में घर में घुसकर दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक तस्वीरें लेकर लंबे समय तक ब्लैकमेल करता रहा। महिला की अप्रैल 2026 में शादी हो चुकी है। उसका आरोप है कि 12 जुलाई को मायके आने के दौरान आरोपी ने रास्ते में रोककर मारपीट की और दोबारा दुष्कर्म किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सभी पक्षों से मिले साक्ष्यों का परीक्षण कर रही है।

  • PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा

    PM आवास की कुटीर का सरिया तोड़ने से रोका तो दंपति पर हमला, पति का सिर फोड़ा


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के पोहरी थाना क्षेत्र के कनाखेड़ी गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी कुटीर को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। कुटीर की छत से सरिया तोड़ने का विरोध करना एक दंपति को भारी पड़ गया। आरोप है कि गांव के दो भाइयों ने मिलकर पति-पत्नी पर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया। हमले में पति के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि बीच-बचाव करने पहुंची पत्नी को भी बेरहमी से पीटा गया। दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    जानकारी के अनुसार, कनाखेड़ी गांव निवासी 34 वर्षीय इंदर सिंह चिडार शनिवार शाम करीब सात बजे अपने घर के बाहर खड़े थे। इसी दौरान गांव का गोलू चिडार वहां पहुंचा। इंदर सिंह ने उससे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनी अपनी कुटीर की छत से सरिया तोड़ने को लेकर सवाल किया। आरोप है कि यह बात सुनते ही गोलू चिडार गुस्से में आ गया और गाली-गलौज करने लगा।

    पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने आरोपी को गालियां देने से रोका तो उसने पास में पड़ा डंडा उठाकर सीधे उनके सिर पर हमला कर दिया। डंडे का वार इतना तेज था कि इंदर सिंह के सिर से खून बहने लगा। इसके बाद आरोपी ने लाठियों से भी उनकी पिटाई की, जिससे उनके हाथ-पैर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं।

    मारपीट की आवाज सुनकर इंदर सिंह की पत्नी अमृता चिडार अपने पति को बचाने के लिए मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि तभी गोलू चिडार के भाई आशु ने भी हमला कर दिया। उसने अमृता के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया। इस दौरान महिला को भी हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद आरोपी वहां से भाग निकले।

    घायल दंपति को परिजन तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां दोनों का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार इंदर सिंह के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    घटना की सूचना मिलने पर पोहरी थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज किए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी गोलू चिडार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से जुड़े सभी तथ्यों और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजना के तहत बने मकान को लेकर शुरू हुआ यह विवाद हिंसा में बदलने से इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।

  • शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी

    शिवपुरी में संदिग्ध मौत से सनसनी, पेड़ पर लटका मिला युवक; पुलिस हर पहलू की जांच में जुटी


    शिवपुरी । शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र के लुकवासा चौकी अंतर्गत रामपुरी गांव में एक 23 वर्षीय युवक का शव पेड़ से फंदे पर लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक के परिजनों ने इस मामले में पत्नी के मायके पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक के साथ पहले मारपीट की गई और इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वहीं पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के बाद जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

    मृतक की पहचान रामपुरी निवासी मर्दन सिंह आदिवासी (23) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात मर्दन का अपनी पत्नी के साथ चरित्र शंका को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शनिवार सुबह स्थिति और बिगड़ गई। मृतक के पिता गोविंद सिंह आदिवासी का आरोप है कि उनकी बहू ने अपने मायके वालों को गांव बुला लिया था। इसके बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मर्दन के साथ मारपीट की और उसकी पत्नी को अपने साथ ले गए।

    परिजनों का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्ष लुकवासा पुलिस चौकी पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बाद में पुलिस ने मर्दन को भी चौकी बुलाया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शाम के समय मर्दन अपने घर लौट आया था और अपने तीन वर्षीय बेटे को भी अपने साथ लेकर आया था।

    रविवार सुबह मर्दन घर से निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। कुछ समय बाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर स्थित एक नर्सरी में पेड़ से उसका शव फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

    लुकवासा चौकी प्रभारी बैजनाथ मिश्रा ने बताया कि शनिवार को दोनों पक्ष चौकी आए थे, जहां बातचीत के बाद आपसी सहमति से समझौता कराया गया था। इसके बाद मृतक की पत्नी अपने मायके वालों के साथ चली गई थी, जबकि उनका तीन वर्षीय बेटा मर्दन अपने साथ घर ले गया था। रविवार सुबह युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया गया है।

    पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर लगाया जाएगा। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी तरह की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल इस घटना के बाद गांव में शोक और तनाव का माहौल है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखने की अपील की है।

  • हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस

    हवाई पट्टी इलाके में मिला युवक का शव: घर से निकला था, फिर कैसे पहुंचा मौके तक? जांच में जुटी पुलिस


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में हवाई पट्टी क्षेत्र स्थित पानी से भरे गड्ढे में मिले युवक के शव की पहचान 20 वर्षीय जाहिद खान के रूप में हो गई है। युवक बुधवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। गुरुवार शाम उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

    पुलिस के अनुसार मृतक जाहिद खान, मोमीन मोहल्ला वार्ड क्रमांक-21 का निवासी था। परिजनों ने बताया कि वह बुधवार शाम घर से बाहर गया था। देर रात तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

    गुरुवार शाम देहात थाना क्षेत्र के हवाई पट्टी इलाके में पानी से भरे गड्ढे में एक युवक का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। बाद में परिजनों ने उसकी पहचान जाहिद खान के रूप में की।

    परिवार के मुताबिक जाहिद मिर्गी की बीमारी से पीड़ित था। हालांकि, वह शहर से दूर हवाई पट्टी क्षेत्र तक कैसे पहुंचा और घटना के समय उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति मौजूद था या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

    देहात थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे। साथ ही घटनास्थल और युवक की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।

    फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहन जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप

    शिवपुरी में आत्मदाह की कोशिश से मचा हड़कंप, महिला ने ससुराल पर लगाए गंभीर आरोप


    शिवपुरी   शिवपुरी में मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक महिला अपने पति के साथ हाथ में पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पहुंची और आत्मदाह की चेतावनी देने लगी। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने तत्काल सतर्कता दिखाते हुए उसके हाथ से बोतल छीन ली और काफी देर तक समझाइश देकर उसे शांत कराया। समय रहते पुलिस की सक्रियता से एक बड़ा हादसा टल गया।

    महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही उसे दहेज को लेकर लगातार प्रताड़ित किया गया। ससुराल पक्ष मायके से पैसे लाने का दबाव बनाता था और विरोध करने पर मानसिक तथा शारीरिक रूप से परेशान करता था। महिला का कहना है कि उसके एक लाख रुपए और सोने-चांदी के जेवर भी ससुराल वालों ने अपने कब्जे में रख लिए हैं और अब उन्हें लौटाने से इनकार कर रहे हैं।

    महिला के अनुसार, उसे और उसके पति को जिस मकान में रहने का अधिकार है, उसी मकान से बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। उसने दावा किया कि मकान का निर्माण उसके पति और ससुर की कमाई से हुआ था, लेकिन रजिस्ट्री सास के नाम कराई गई। अब परिवार के लोग उन्हें घर से निकालना चाहते हैं। इतना ही नहीं, उनके उपयोग में आने वाले कॉमन शौचालय पर भी ताला लगा दिया गया है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    महिला ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 को उसके साथ मारपीट की घटना हुई थी। उसने पहले फिजिकल थाना और बाद में महिला थाना में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उसके अनुसार पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। न्याय नहीं मिलने से निराश होकर वह पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंची, लेकिन वहां भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया।

    महिला के पति ने भी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वे पिछले दो दिनों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि जिस मकान से उन्हें निकाला जा रहा है, उसके निर्माण में उनकी मेहनत और कमाई का बड़ा योगदान है। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उनकी पत्नी ने आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की।

    घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने महिला और उसके पति से बातचीत की। महिला को समझाकर शांत कराया गया और उसका आवेदन लेकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    यह घटना एक बार फिर घरेलू विवादों, दहेज प्रताड़ना और शिकायतों के समय पर निराकरण की आवश्यकता को उजागर करती है। यदि पारिवारिक विवादों और शिकायतों पर समय रहते प्रभावी कार्रवाई हो, तो ऐसे गंभीर और आत्मघाती कदम उठाने की नौबत आने से रोका जा सकता है।

  • अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज

    अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई टीम पर माफिया का हमला, तहसीलदार को दी जान से मारने की धमकी, वीडियो वायरल, एफआईआर दर्ज


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने गई राजस्व टीम पर खनन माफिया द्वारा खुलेआम धमकी देने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का गंभीर मामला सामने आया है। बदरवास तहसील के सड़बूड़ गांव में हुई इस घटना में तहसीलदार सचिन भार्गव और उनकी टीम को जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हड़कंप मच गया है।

    जानकारी के अनुसार, राजस्व विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि सिंध नदी के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा है। इस पर तहसीलदार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि भारी मशीनों की मदद से मिट्टी निकाली जा रही थी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए उसका अवैध परिवहन किया जा रहा था। टीम ने मौके पर कार्रवाई शुरू की, तभी स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

    कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया और सरकारी अमले के साथ अभद्रता की। इसी दौरान मुख्य आरोपी जयमंडल यादव ने तहसीलदार को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई तो वह गोली चला देगा और जेल जाने के लिए भी तैयार है। इसके साथ ही उसने अपने बेटे को घर से हथियार लाने के लिए भी कहा, जिससे मौके पर मौजूद अधिकारी और कर्मचारी दहशत में आ गए।

    घटना के दौरान अफरा-तफरी की स्थिति बन गई और आरोपी पक्ष ने मौके से हाइड्रा मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भगा दिया। हालांकि राजस्व टीम ने एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर बदरवास थाने में खड़ा करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि पर करीब 15-15 फीट गहरे गड्ढे बनाकर अवैध खनन किया गया था, जिससे बड़े पैमाने पर नियमों का उल्लंघन सामने आया है।

    कोटवार और मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने भी इस पूरी घटना की पुष्टि की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने न केवल गाली-गलौज की बल्कि जान से मारने की धमकी देकर शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के वीडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में चिंता बढ़ गई है और अवैध खनन पर कार्रवाई को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा रही है।

    यह मामला राज्य में अवैध खनन पर बढ़ते दबाव और प्रशासनिक टीमों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

  • खाना खाते समय क्लिनिक संचालक पर हमला, पीट-पीटकर हत्या: शिवपुरी में वारदात के बाद भड़का आक्रोश, थाने के सामने चक्काजाम

    खाना खाते समय क्लिनिक संचालक पर हमला, पीट-पीटकर हत्या: शिवपुरी में वारदात के बाद भड़का आक्रोश, थाने के सामने चक्काजाम


    मध्य प्रदेश । शिवपुरी जिले के पिछोर क्षेत्र के भयावन गांव में एक क्लिनिक संचालक की पीट-पीटकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। 40 वर्षीय प्रभान सिंह लोधी की मौत के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया, जबकि गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने भौंती थाने के सामने सड़क जाम कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई। पुलिस ने मामले में 30 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम प्रभान सिंह लोधी अपने घर पर भोजन कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए जबरन उन्हें घर से बाहर खींच ले गए। आरोप है कि बाहर ले जाकर उन पर लाठियों, डंडों और पत्थरों से हमला किया गया। हमले में प्रभान सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

    मृतक की पत्नी मीना लोधी ने बताया कि जब उन्होंने, परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। घटना के बाद आरोपी प्रभान सिंह को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गए। परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए पिछोर अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    घटना की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन भौंती थाने पहुंच गए। लोगों ने आरोप लगाया कि विवाद की जानकारी पहले से होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। इसी नाराजगी के चलते लोगों ने पिछोर-शिवपुरी मार्ग पर चक्काजाम कर दिया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और मामले में कठोर कार्रवाई की जाए।

    पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाइश दी और निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम समाप्त कराया गया और यातायात बहाल हो सका।

    पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि एक महिला से जुड़े विवाद से जुड़ी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, संबंधित महिला की कुछ समय पहले शादी हुई थी, लेकिन वह ससुराल जाने को तैयार नहीं थी। इस मामले को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ था। हाल के दिनों में विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया था और महिला को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मतभेद और गहरे हो गए।

    घटना वाले दिन भी दोनों पक्ष भौंती थाने पहुंचे थे, जहां विभिन्न आरोपों को लेकर शिकायतें दर्ज कराने की कोशिश की गई। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर गांव वापस भेज दिया था। हालांकि कुछ ही घंटों बाद हिंसक घटना सामने आ गई, जिसमें प्रभान सिंह लोधी की जान चली गई।

    एसडीओपी प्रशांत शर्मा ने बताया कि मामले में 15 नामजद और 15 अज्ञात आरोपियों सहित कुल 30 लोगों के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

    फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने। वहीं मृतक के परिवार और ग्रामीणों को उम्मीद है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और उन्हें न्याय मिलेगा।