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  • बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार

    बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन धूल प्रदूषण धूप तनाव खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या का असर चेहरे पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार त्वचा बेजान नजर आने लगती है और पिंपल्स रूखापन ऑयली स्किन या टैनिंग जैसी समस्याएं भी परेशान करने लगती हैं। ऐसे में जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लिया जाए। रोज की कुछ आसान आदतों और घर में मौजूद सामान्य चीजों की मदद से त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    रूखी त्वचा के लिए एलोवेरा जेल एक आसान विकल्प हो सकता है। एलोवेरा त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसे साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है। अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो नियमित मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल भी जरूरी है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले त्वचा को मॉइश्चराइज करने की आदत त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकती है। घरेलू मॉइश्चराइजर के तौर पर एलोवेरा जेल और नारियल तेल जैसे मिश्रण भी इस्तेमाल किए जाते हैं लेकिन संवेदनशील या मुंहासे वाली त्वचा पर तेल लगाने से पहले सावधानी जरूरी है।

    चेहरे की प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने के साथ फल सब्जियां दालें नट्स और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। विटामिन ए विटामिन ई ओमेगा 3 फैटी एसिड और जिंक जैसे पोषक तत्व त्वचा की सामान्य सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त नींद और तनाव कम रखना भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है।

    अगर त्वचा पर पिंपल्स हैं तो बार बार चेहरा छूने या दाने दबाने से बचना चाहिए। चेहरे को जरूरत से ज्यादा धोना भी त्वचा की प्राकृतिक नमी को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत गर्म पानी और हार्श स्क्रब के इस्तेमाल से भी बचना बेहतर है। इसी तरह नींबू जैसे अम्लीय पदार्थों को सीधे चेहरे पर लगाने से जलन हो सकती है इसलिए ऐसे नुस्खों से सावधानी रखना जरूरी है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि स्किन केयर को किसी एक घरेलू नुस्खे तक सीमित नहीं रखना चाहिए। चेहरे की नियमित सफाई मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल धूप से बचाव संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और पानी पीने की अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। अगर पिंपल्स दाग खुजली लालिमा या किसी अन्य त्वचा संबंधी समस्या लगातार बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

  • स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ

    स्किन केयर के लिए महंगे प्रोडक्ट नहीं ये आसान आदतें अपनाएं त्वचा लंबे समय तक रहेगी साफ निखरी और स्वस्थ


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन इसके लिए केवल महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना ही जरूरी नहीं है। त्वचा की सही देखभाल के लिए रोजमर्रा की कुछ आसान आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना ज्यादा जरूरी है। धूल मिट्टी प्रदूषण धूप तनाव नींद की कमी और खानपान का सीधा असर हमारी त्वचा पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में अगर स्किन केयर रूटीन को सही तरीके से अपनाया जाए तो त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर बाहर रहने के दौरान त्वचा पर धूल पसीना और गंदगी जमा हो जाती है। इसलिए त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से चेहरा साफ करना उपयोगी हो सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है इसलिए जरूरत से ज्यादा सफाई करने से बचना चाहिए। चेहरे को साफ करने के बाद त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा ज्यादा हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलते समय ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए और जरूरत के अनुसार इसे दोबारा लगाया जा सकता है। इसके साथ छाता टोपी और धूप से बचाने वाले कपड़ों का इस्तेमाल भी मददगार हो सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से की जाने वाली देखभाल पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। भोजन में फल सब्जियां दालें साबुत अनाज और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। बहुत ज्यादा तला भुना और अत्यधिक मीठा भोजन नियमित रूप से लेने की आदत को कम करना बेहतर हो सकता है।

    इसके अलावा चेहरे को बार बार छूने और बिना जरूरत पिंपल दबाने से बचना चाहिए। मेकअप इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए रात में सोने से पहले मेकअप अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। तकिए के कवर तौलिया और मेकअप ब्रश जैसी चीजों की नियमित सफाई भी स्वच्छता बनाए रखने में मदद करती है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा जलन दाग या किसी तरह का असामान्य बदलाव दिखाई दे रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही स्किन केयर का मतलब बहुत सारे प्रोडक्ट इस्तेमाल करना नहीं बल्कि अपनी त्वचा की जरूरत समझकर नियमित और संतुलित देखभाल करना है। छोटी छोटी अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं।

  • त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल

    त्वचा की छोटी छोटी गलतियां पड़ सकती हैं भारी इन आसान उपायों से रखें स्किन का खास ख्याल


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और गलत खानपान का असर त्वचा पर आसानी से दिखाई देने लगता है। कई बार लोग चेहरे पर निखार लाने के लिए महंगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करते हैं लेकिन रोजमर्रा की कुछ सामान्य आदतों में सुधार करके भी त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उसकी सफाई नमी और सुरक्षा का नियमित रूप से ध्यान रखा जाए।

    दिनभर बाहर रहने के दौरान धूल मिट्टी और प्रदूषण त्वचा पर जमा हो सकते हैं। इसलिए चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार किसी हल्के क्लींजर से साफ करना जरूरी माना जाता है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने या तेज साबुन का इस्तेमाल करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है। ऐसे में त्वचा को साफ रखने के साथ उसकी नमी बनाए रखना भी जरूरी है।

    मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल त्वचा की देखभाल का अहम हिस्सा माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर पसंद आ सकता है जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक मॉइस्चराइजिंग विकल्प उपयोगी हो सकता है। त्वचा को नियमित रूप से मॉइस्चराइज करने से रूखापन और खिंचाव कम महसूस हो सकता है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा करना भी बेहद जरूरी है। लंबे समय तक तेज धूप में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना अच्छी आदत मानी जाती है। धूप में ज्यादा समय बिताना हो तो टोपी या छाते जैसी चीजों से भी त्वचा को बचाया जा सकता है।

    त्वचा की सेहत का संबंध खानपान और जीवनशैली से भी माना जाता है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना और फल तथा सब्जियों को आहार में शामिल करना शरीर के साथ त्वचा के लिए भी फायदेमंद हो सकता है। बहुत ज्यादा तला भुना भोजन और अनियमित दिनचर्या से बचना बेहतर माना जाता है। पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है क्योंकि लगातार नींद की कमी से चेहरा थका हुआ दिखाई दे सकता है।

    चेहरे को बार बार हाथ लगाने और बिना साफ किए मेकअप के साथ सोने से भी बचना चाहिए। मेकअप करने के बाद रात में त्वचा को अच्छी तरह साफ करना जरूरी है। इसके अलावा तकिए के कवर और चेहरे के संपर्क में आने वाली चीजों की सफाई का भी ध्यान रखना चाहिए।

    घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करते समय भी सावधानी जरूरी है। हर प्राकृतिक चीज हर व्यक्ति की त्वचा के लिए सुरक्षित हो यह जरूरी नहीं है। किसी नए प्रोडक्ट या घरेलू सामग्री को चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना बेहतर होता है। यदि त्वचा पर लगातार खुजली जलन लालिमा मुंहासे या कोई अन्य समस्या बनी रहती है तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

    कुल मिलाकर त्वचा की देखभाल के लिए महंगे प्रोडक्ट से ज्यादा जरूरी नियमितता है। साफ सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से सुरक्षा संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और सही दिनचर्या को अपनी आदत में शामिल करके त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने की कोशिश की जा सकती है।

  • चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास

    चेहरे की चमक से लेकर रूखी त्वचा तक, गुलाब के ये आसान उपाय बना सकते हैं स्किन केयर रूटीन को खास


    नई दिल्ली । गुलाब का नाम आते ही सबसे पहले उसकी खूबसूरती और मनमोहक खुशबू का ख्याल आता है लेकिन यह खूबसूरत फूल त्वचा की देखभाल में भी काफी उपयोगी माना जाता है। सदियों से गुलाब की पंखुड़ियों और गुलाब जल का इस्तेमाल सौंदर्य को निखारने के लिए किया जाता रहा है। आज भी प्राकृतिक स्किन केयर रूटीन में गुलाब को खास जगह दी जाती है। बाजार में मिलने वाले कई तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी गुलाब के अर्क और गुलाब जल का उपयोग किया जाता है। अगर त्वचा को ताजगी और प्राकृतिक चमक देना चाहते हैं तो गुलाब को अपने ब्यूटी रूटीन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    गुलाब जल त्वचा को ताजगी देने के लिए सबसे लोकप्रिय प्राकृतिक उपायों में से एक है। चेहरे को साफ करने के बाद कॉटन की मदद से हल्के हाथों से गुलाब जल लगाया जा सकता है। इससे चेहरा फ्रेश महसूस होता है और त्वचा को ठंडक भी मिलती है। खासतौर पर धूल मिट्टी और तेज धूप के संपर्क में आने के बाद गुलाब जल का इस्तेमाल चेहरे को आराम देने में मदद कर सकता है। कई लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन में टोनर की तरह भी शामिल करते हैं।

    गुलाब की ताजी पंखुड़ियों का उपयोग फेस पैक बनाने में भी किया जा सकता है। इसके लिए साफ और ताजी गुलाब की पंखुड़ियों को पीसकर उसमें त्वचा के अनुसार अन्य प्राकृतिक सामग्री मिलाई जा सकती है। गुलाब की पंखुड़ियों से बना हल्का फेस पैक त्वचा को ताजगी देने में मदद करता है। चेहरे पर किसी भी घरेलू नुस्खे को लगाने से पहले यह जरूरी है कि त्वचा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखा जाए और जरूरत पड़ने पर पैच टेस्ट किया जाए।

    रूखी और बेजान दिखने वाली त्वचा के लिए भी गुलाब से बने घरेलू उपाय उपयोगी हो सकते हैं। गुलाब की पंखुड़ियों को पानी में भिगोकर तैयार किया गया प्राकृतिक मिश्रण चेहरे को फ्रेश महसूस कराने में मदद कर सकता है। गर्मी के मौसम में गुलाब जल को ठंडी जगह पर रखकर इस्तेमाल करने से चेहरे को अतिरिक्त ताजगी का एहसास हो सकता है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी चीज के इस्तेमाल का परिणाम भी अलग हो सकता है।

    गुलाब से त्वचा की देखभाल करते समय साफ और अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पादों का चयन करना जरूरी है। अगर गुलाब जल खरीद रहे हैं तो उसमें अनावश्यक केमिकल और तेज खुशबू वाले तत्वों की जानकारी जरूर जांचनी चाहिए। त्वचा पर किसी नए उत्पाद का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना सुरक्षित तरीका माना जाता है। जिन लोगों को किसी कॉस्मेटिक या प्राकृतिक चीज से एलर्जी की समस्या होती है उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा की असली खूबसूरती सिर्फ बाहरी उत्पादों से नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन लेना पूरी नींद करना और धूप से त्वचा को बचाना भी जरूरी है। गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों को स्किन केयर रूटीन का एक सरल हिस्सा बनाया जा सकता है लेकिन इन्हें चमत्कारी इलाज नहीं मानना चाहिए।

    अगर त्वचा पर लगातार दाने खुजली लालिमा या किसी तरह की गंभीर समस्या बनी रहती है तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। सही देखभाल और नियमित स्किन केयर के साथ गुलाब आपकी दिनचर्या में ताजगी और प्राकृतिक खूबसूरती का एक खास एहसास जोड़ सकता है।

  • बारिश में बढ़ जाता है स्किन इंफेक्शन का खतरा, नमी और पसीने से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

    बारिश में बढ़ जाता है स्किन इंफेक्शन का खतरा, नमी और पसीने से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय


    नई दिल्ली। बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है लेकिन इस दौरान त्वचा को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत पड़ती है। वातावरण में नमी बढ़ने के कारण पसीना ज्यादा आता है और त्वचा लंबे समय तक नम बनी रह सकती है। ऐसी स्थिति में बैक्टीरिया और फंगस के बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। यही वजह है कि मानसून के दौरान कई लोगों को दाद खाज खुजली लाल चकत्ते जलन और त्वचा पर छोटे छोटे दाने जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अगर समय रहते त्वचा की सफाई और देखभाल पर ध्यान दिया जाए तो इन समस्याओं को काफी हद तक दूर रखा जा सकता है।

    मानसून में सबसे जरूरी है कि शरीर को साफ और सूखा रखा जाए। बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक रहने से त्वचा पर नमी बनी रहती है और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए बारिश में भीगने के बाद जल्द से जल्द कपड़े बदलने चाहिए। खासतौर पर अंडरआर्म्स जांघों के बीच पैर की उंगलियों के बीच और शरीर की उन जगहों को अच्छी तरह सुखाना चाहिए जहां पसीना ज्यादा आता है। गीले मोजे और जूते भी लंबे समय तक पहनने से बचना चाहिए।

    त्वचा की सफाई के लिए बहुत ज्यादा तेज साबुन या ऐसे उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए जो त्वचा को अत्यधिक रूखा बना दें। अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार हल्के क्लीनजर का इस्तेमाल किया जा सकता है। चेहरा धोने के बाद उसे साफ तौलिए से धीरे से सुखाना जरूरी है। तौलिए को नियमित रूप से धोकर अच्छी तरह सुखाएं और कोशिश करें कि अपना तौलिया किसी दूसरे व्यक्ति के साथ साझा न करें।

    मानसून में त्वचा को मॉइस्चराइज करना भी जरूरी है। कई लोग सोचते हैं कि नमी वाले मौसम में मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं होती लेकिन ऐसा नहीं है। त्वचा की जरूरत के अनुसार हल्का और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर इस्तेमाल किया जा सकता है। बाहर निकलते समय मौसम बादलों वाला हो तब भी सनस्क्रीन लगाना उपयोगी रहता है क्योंकि सूर्य की पराबैंगनी किरणों का असर बादलों के बीच से भी हो सकता है।

    अगर त्वचा पर लगातार खुजली होने लगे गोल आकार के लाल चकत्ते दिखाई दें त्वचा पर जलन बढ़ती जाए या समस्या बार बार वापस आए तो इसे सामान्य खुजली समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी भी तेज दवा या स्टेरॉयड वाली क्रीम का इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। गलत क्रीम से त्वचा की समस्या दबने के बजाय और जटिल हो सकती है।

    इसके अलावा मानसून में बहुत ज्यादा तंग कपड़े पहनने से भी बचना चाहिए। सूती और आरामदायक कपड़े त्वचा को हवा मिलने में मदद करते हैं। रोजाना पर्याप्त पानी पीना संतुलित आहार लेना और शरीर की स्वच्छता बनाए रखना भी त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है। थोड़ी सी सावधानी और नियमित देखभाल से बारिश के मौसम में त्वचा को संक्रमण और दूसरी परेशानियों से बचाया जा सकता है।

  • स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण

    स्किन को ग्लोइंग बनाने के लिए डाइट में शामिल करें ये फल! विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से त्वचा को मिलेगा पोषण


    नई दिल्ली। ग्लोइंग और हेल्दी स्किन हर किसी की चाहत होती है और इसके लिए लोग तरह तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि त्वचा की देखभाल केवल बाहर से किए जाने वाले स्किन केयर तक सीमित नहीं है। हमारी डाइट का भी त्वचा की सेहत पर असर पड़ता है। रोजाना की डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर फलों को शामिल करके शरीर को जरूरी विटामिन मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं। ये पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। खासतौर पर कुछ फलों में मौजूद विटामिन सी विटामिन ए पानी और एंटीऑक्सीडेंट स्किन के लिए उपयोगी माने जाते हैं।

    संतरा और अन्य खट्टे फल त्वचा के लिए अच्छी डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इनमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है। संतरे जैसे फलों में पानी की मात्रा भी अच्छी होती है जिससे शरीर को हाइड्रेशन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से मौसमी फलों का सेवन करना त्वचा के साथ साथ पूरे शरीर के लिए बेहतर डाइट का हिस्सा बन सकता है।

    पपीता भी उन फलों में शामिल है जिन्हें स्किन फ्रेंडली डाइट में जगह दी जा सकती है। इसमें विटामिन ए विटामिन सी और कई अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। पपीते को नाश्ते या दिन के किसी दूसरे समय आसानी से खाया जा सकता है। इसके सेवन से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और संतुलित डाइट बनाए रखने में मदद मिलती है।

    तरबूज गर्म मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखने वाला लोकप्रिय फल है। इसमें पानी की मात्रा काफी अधिक होती है। शरीर में पर्याप्त पानी होना त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में तरबूज को डाइट में शामिल करना खासतौर पर गर्म दिनों में अच्छा विकल्प हो सकता है। इसे सीधे काटकर या फ्रूट बाउल के रूप में खाया जा सकता है।

    कीवी भी पोषक तत्वों से भरपूर फलों में गिना जाता है। इसमें विटामिन सी और अन्य एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए संतुलित डाइट में कीवी जैसे फलों को शामिल करना त्वचा के साथ संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

    स्ट्रॉबेरी और दूसरे बेरीज भी डाइट को पोषक बनाने का अच्छा विकल्प हैं। इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इन्हें दही के साथ या सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि किसी एक फल को त्वचा की सभी समस्याओं का इलाज नहीं माना जा सकता। हेल्दी स्किन के लिए संतुलित आहार पर्याप्त पानी अच्छी नींद नियमित शारीरिक गतिविधि और सही स्किन केयर रूटीन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    इसलिए अगर आप अपनी त्वचा को अंदर से पोषण देना चाहते हैं तो डाइट में अलग अलग रंग और प्रकार के फलों को शामिल करने की कोशिश करें। मौसमी और ताजे फलों को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है। साथ ही बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड जूस की जगह साबुत फल खाना अधिक उपयोगी हो सकता है क्योंकि इससे फल में मौजूद फाइबर भी मिलता है।

  • चेहरे की चमक खो गई है तो बदलें अपनी डेली रूटीन, त्वचा की देखभाल के ये तरीके आएंगे काम

    चेहरे की चमक खो गई है तो बदलें अपनी डेली रूटीन, त्वचा की देखभाल के ये तरीके आएंगे काम


    नई दिल्ली। खूबसूरत और स्वस्थ त्वचा हर किसी की चाहत होती है लेकिन बदलता मौसम धूल मिट्टी प्रदूषण तनाव और अनियमित दिनचर्या त्वचा की प्राकृतिक चमक को प्रभावित कर सकते हैं। कई बार लोग चेहरे पर चमक लाने के लिए तरह तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन त्वचा की सही देखभाल के लिए महंगे उत्पादों से ज्यादा जरूरी एक अच्छी और नियमित स्किन केयर रूटीन है। अगर त्वचा को पर्याप्त नमी मिले और उसे धूप प्रदूषण तथा गंदगी से बचाया जाए तो लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

    स्किन केयर की शुरुआत चेहरे की सफाई से करनी चाहिए। दिनभर त्वचा पर धूल मिट्टी पसीना और प्रदूषण जमा हो सकता है। इसलिए सुबह और रात चेहरे को अपनी त्वचा के प्रकार के अनुसार उपयुक्त क्लींजर से साफ करना जरूरी है। बहुत ज्यादा बार चेहरा धोने से भी बचना चाहिए क्योंकि इससे त्वचा की प्राकृतिक नमी कम हो सकती है और रूखापन बढ़ सकता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को खासतौर पर तेज खुशबू या कठोर सामग्री वाले उत्पादों के इस्तेमाल से सावधानी बरतनी चाहिए।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी बेहद जरूरी माना जाता है। तैलीय त्वचा वाले लोगों को हल्के और नॉन कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का चुनाव करना चाहिए जबकि रूखी त्वचा के लिए थोड़ा अधिक हाइड्रेटिंग मॉइस्चराइजर उपयोगी हो सकता है। नियमित मॉइस्चराइजिंग त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करती है और त्वचा को मुलायम महसूस करा सकती है।

    धूप से त्वचा की सुरक्षा भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है। सूर्य की अल्ट्रावायलेट किरणों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से त्वचा पर टैनिंग और समय से पहले उम्र बढ़ने के संकेत दिखाई दे सकते हैं। इसलिए बाहर निकलने से पहले ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। लंबे समय तक धूप में रहने की स्थिति में सनस्क्रीन को दोबारा लगाने की जरूरत पड़ सकती है। इसके साथ छाता या टोपी जैसी चीजों की मदद से भी धूप से बचाव किया जा सकता है।

    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। डाइट में मौसमी फल हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें बीज और नट्स जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।


    त्वचा की खूबसूरती केवल बाहर से इस्तेमाल किए जाने वाले उत्पादों पर निर्भर नहीं करती। पर्याप्त पानी पीना पौष्टिक भोजन लेना और पर्याप्त नींद लेना भी त्वचा के लिए महत्वपूर्ण है। डाइट में मौसमी फल हरी सब्जियां साबुत अनाज दालें बीज और नट्स जैसी पौष्टिक चीजों को शामिल किया जा सकता है। बहुत ज्यादा तला हुआ भोजन और अत्यधिक मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है।

    तनाव और नींद की कमी का असर भी चेहरे पर दिखाई दे सकता है। इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेने और तनाव को कम करने की कोशिश करनी चाहिए। नियमित व्यायाम भी शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। हालांकि किसी भी घरेलू नुस्खे या नए स्किन केयर प्रोडक्ट को चेहरे पर इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट करना समझदारी है।

    अगर त्वचा पर लगातार मुंहासे खुजली लालिमा दाने अत्यधिक रूखापन या किसी अन्य तरह की समस्या बनी रहती है तो खुद से उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है। सही त्वचा प्रकार की पहचान और जरूरत के अनुसार उत्पादों का इस्तेमाल ही बेहतर स्किन केयर की कुंजी है। नियमित सफाई मॉइस्चराइजिंग धूप से बचाव पौष्टिक आहार और अच्छी नींद को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और प्राकृतिक रूप से निखरा हुआ रखने में मदद मिल सकती है।
  • स्किन केयर का नेचुरल सुपरफूड है खीरा दाग धब्बों से लेकर ग्लो तक हर समस्या का आसान उपाय

    स्किन केयर का नेचुरल सुपरफूड है खीरा दाग धब्बों से लेकर ग्लो तक हर समस्या का आसान उपाय


    नई दिल्ली । अगर आप बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपनी त्वचा को स्वस्थ चमकदार और ताजगी से भरपूर बनाना चाहते हैं तो खीरा आपके लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकता है। खीरे में लगभग 95 प्रतिशत पानी होता है जो त्वचा को अंदर से हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें विटामिन सी विटामिन के पोटैशियम और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो त्वचा को पोषण देने के साथ उसे लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं। यही कारण है कि खीरे का इस्तेमाल वर्षों से घरेलू स्किन केयर का अहम हिस्सा माना जाता है।

    गर्मी के मौसम में धूप धूल और प्रदूषण के कारण त्वचा अपनी नमी खोने लगती है। ऐसे में खीरा त्वचा को ठंडक पहुंचाने के साथ उसकी प्राकृतिक नमी बनाए रखने का काम करता है। यदि चेहरा बार बार रूखा महसूस होता है तो खीरे का रस लगाना काफी फायदेमंद माना जाता है। यह त्वचा को तरोताजा बनाता है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाने में मदद करता है।

    आंखों के नीचे सूजन या डार्क सर्कल की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी खीरा बेहद लाभकारी माना जाता है। ठंडे खीरे के पतले स्लाइस कुछ मिनट तक आंखों पर रखने से आंखों को आराम मिलता है और सूजन कम होने में मदद मिल सकती है। लंबे समय तक स्क्रीन पर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसान घरेलू उपाय काफी राहत देने वाला साबित होता है।

    अगर चेहरे पर धूप की वजह से टैनिंग हो गई है तो खीरा त्वचा को ठंडक देकर उसे आराम पहुंचाने में मदद करता है। खीरे का रस गुलाब जल या एलोवेरा जेल के साथ मिलाकर लगाने से त्वचा को ताजगी मिलती है और सनबर्न से होने वाली जलन भी कम हो सकती है। नियमित उपयोग से त्वचा अधिक साफ और मुलायम महसूस होने लगती है।

    तैलीय त्वचा वाले लोगों के लिए भी खीरा किसी वरदान से कम नहीं है। यह अतिरिक्त तेल को संतुलित करने में मदद करता है जिससे मुंहासों की संभावना कम हो सकती है। खीरे के रस में थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी मिलाकर फेस पैक तैयार किया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाने के बाद सूखने पर सामान्य पानी से धो लें। इससे त्वचा साफ और फ्रेश महसूस होती है।

    खीरे का उपयोग फेस टोनर के रूप में भी किया जा सकता है। ताजा खीरे का रस निकालकर फ्रिज में रख लें और कॉटन की मदद से चेहरे पर लगाएं। इससे त्वचा को ताजगी मिलती है और रोमछिद्र साफ रखने में मदद मिलती है। यदि त्वचा संवेदनशील है तो किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें ताकि किसी प्रकार की एलर्जी की संभावना से बचा जा सके।

    स्वस्थ त्वचा के लिए केवल बाहरी देखभाल ही नहीं बल्कि सही खानपान भी जरूरी है। खीरे को सलाद के रूप में अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और इसका सकारात्मक असर त्वचा पर भी दिखाई देता है। पर्याप्त पानी पीना अच्छी नींद लेना और संतुलित आहार अपनाना भी स्किन केयर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    प्राकृतिक उपायों का असर धीरे धीरे दिखाई देता है लेकिन नियमित देखभाल और सही दिनचर्या अपनाकर लंबे समय तक त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखा जा सकता है। खीरा एक आसान सस्ता और सुरक्षित विकल्प है जिसे अपनी रोजमर्रा की स्किन केयर रूटीन में शामिल करके त्वचा की खूबसूरती को प्राकृतिक रूप से निखारा जा सकता है।

  • अलसी से करें स्किन की नेचुरल केयर चेहरे पर आएगा ग्लो कम होंगे पिंपल्स और बढ़ती उम्र के निशान भी होंगे हल्के

    अलसी से करें स्किन की नेचुरल केयर चेहरे पर आएगा ग्लो कम होंगे पिंपल्स और बढ़ती उम्र के निशान भी होंगे हल्के


    नई दिल्ली। आजकल हर कोई साफ चमकदार और स्वस्थ त्वचा चाहता है। इसके लिए लोग महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट और तरह तरह के ब्यूटी ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं। हालांकि कई बार प्राकृतिक चीजें भी त्वचा को बेहतरीन पोषण देने में मदद कर सकती हैं। इन्हीं में से एक है अलसी। छोटे से दिखने वाले अलसी के बीज पोषक तत्वों का खजाना माने जाते हैं और आयुर्वेद के साथ आधुनिक पोषण विज्ञान में भी इन्हें काफी महत्व दिया जाता है। नियमित और सही तरीके से अलसी का उपयोग करने से त्वचा को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।

    अलसी में ओमेगा थ्री फैटी एसिड एंटीऑक्सीडेंट फाइबर विटामिन ई और कई जरूरी खनिज पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देने में मदद करते हैं। एंटीऑक्सीडेंट फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में सहायक माने जाते हैं जिससे त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और दमकती हुई नजर आ सकती है। वहीं ओमेगा थ्री फैटी एसिड त्वचा की नमी बनाए रखने और उसे मुलायम रखने में मदद कर सकता है।

    अगर आपकी त्वचा रूखी रहती है तो अलसी आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकती है। नियमित रूप से संतुलित मात्रा में अलसी का सेवन करने से त्वचा को आवश्यक पोषण मिलता है जिससे उसका प्राकृतिक ग्लो बरकरार रहने में मदद मिल सकती है। कई लोग अलसी का जेल बनाकर चेहरे पर भी लगाते हैं। यह त्वचा को ठंडक देने और उसे हाइड्रेट रखने में सहायक माना जाता है।

    बढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां और महीन रेखाएं दिखाई देने लगती हैं। अलसी में मौजूद पोषक तत्व त्वचा की लोच बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। यही कारण है कि इसे प्राकृतिक एंटी एजिंग फूड भी माना जाता है। हालांकि यह किसी चिकित्सीय उपचार का विकल्प नहीं है लेकिन संतुलित आहार और सही स्किन केयर के साथ इसका उपयोग त्वचा की देखभाल में सहायक हो सकता है।

    मुंहासों और त्वचा की हल्की सूजन से परेशान लोगों के लिए भी अलसी लाभदायक मानी जाती है। इसके सूजनरोधी गुण त्वचा को शांत रखने में मदद कर सकते हैं। यदि त्वचा पर बार बार पिंपल्स निकलते हैं तो संतुलित खानपान पर्याप्त पानी और त्वचा की नियमित सफाई के साथ अलसी को आहार में शामिल किया जा सकता है। हालांकि गंभीर त्वचा समस्याओं में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

    अलसी का फेस जेल तैयार करना भी आसान माना जाता है। इसके लिए अलसी के बीजों को पानी में उबालकर गाढ़ा जेल तैयार किया जाता है। ठंडा होने के बाद इसे साफ चेहरे पर कुछ मिनट तक लगाकर सामान्य पानी से धोया जा सकता है। किसी भी घरेलू नुस्खे को अपनाने से पहले त्वचा के एक छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है ताकि एलर्जी की संभावना का पता चल सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि केवल बाहरी देखभाल से ही त्वचा स्वस्थ नहीं रहती बल्कि संतुलित आहार पर्याप्त नींद नियमित व्यायाम और भरपूर पानी पीना भी उतना ही जरूरी है। अलसी को अपनी डाइट में शामिल करने से पहले यदि किसी को एलर्जी पाचन संबंधी समस्या या कोई गंभीर बीमारी है तो डॉक्टर या पोषण विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

    यदि आप प्राकृतिक तरीके से त्वचा की देखभाल करना चाहते हैं तो अलसी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। सही जीवनशैली और नियमित स्किन केयर के साथ इसका उपयोग आपकी त्वचा को स्वस्थ चमकदार और लंबे समय तक तरोताजा बनाए रखने में मदद कर सकता है।

  • त्वचा को बनाए चमकदार और बालों को करे मजबूत बादाम के तेल के ये चौंकाने वाले फायदे बदल सकते हैं आपकी ब्यूटी रूटीन

    त्वचा को बनाए चमकदार और बालों को करे मजबूत बादाम के तेल के ये चौंकाने वाले फायदे बदल सकते हैं आपकी ब्यूटी रूटीन


    नई दिल्ली । आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता प्रदूषण अनियमित खानपान तनाव और नींद की कमी का सबसे ज्यादा असर हमारी त्वचा और बालों पर दिखाई देता है। कम उम्र में बालों का झड़ना त्वचा का रूखा होना और चेहरे की प्राकृतिक चमक कम होना अब आम समस्या बन चुकी है। ऐसे में लोग महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार प्राकृतिक उपाय अधिक सुरक्षित और लाभदायक साबित हो सकते हैं। इन्हीं प्राकृतिक विकल्पों में बादाम का तेल एक बेहद लोकप्रिय और उपयोगी उपाय माना जाता है जो त्वचा और बालों दोनों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

    बादाम के तेल में विटामिन ई हेल्दी फैटी एसिड एंटीऑक्सीडेंट और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये तत्व त्वचा को गहराई से नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद करते हैं। नियमित रूप से बादाम के तेल की हल्की मालिश करने से त्वचा का रूखापन कम हो सकता है और चेहरा अधिक स्वस्थ तथा चमकदार दिखाई दे सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को प्रदूषण और बाहरी वातावरण से होने वाले नुकसान से बचाने में भी सहायक माने जाते हैं।

    बालों की देखभाल के लिए भी बादाम का तेल काफी लाभकारी माना जाता है। सिर की हल्के हाथों से मालिश करने पर यह बालों की जड़ों को नमी प्रदान करता है जिससे बाल मुलायम और चमकदार महसूस होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बादाम के तेल में मौजूद फैटी एसिड बालों की बाहरी परत को सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं जिससे रूखापन और टूटने की समस्या कुछ हद तक कम हो सकती है। कई लोग बेहतर परिणाम के लिए इसे जैतून के तेल के साथ मिलाकर भी उपयोग करते हैं। हालांकि यदि बाल अत्यधिक झड़ रहे हों या स्कैल्प से जुड़ी कोई गंभीर समस्या हो तो त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

    आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल्स आज की व्यस्त जीवनशैली में आम समस्या बन गए हैं। देर रात तक जागना तनाव पर्याप्त नींद न लेना और शरीर में पानी की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि रात में सोने से पहले आंखों के नीचे थोड़ी मात्रा में बादाम के तेल से हल्की मालिश करने पर त्वचा को नमी मिल सकती है और वह अधिक स्वस्थ दिखाई दे सकती है। हालांकि केवल बादाम का तेल डार्क सर्कल्स का पूर्ण उपचार नहीं है। इसके लिए पर्याप्त नींद संतुलित आहार और अच्छी जीवनशैली भी उतनी ही आवश्यक है।

    बढ़ती उम्र के साथ त्वचा पर झुर्रियां आना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन समय से पहले यह समस्या दिखाई देने लगे तो बादाम का तेल त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है। विटामिन ई और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं जिससे त्वचा अधिक मुलायम और ताजगी भरी नजर आती है।

    रूखी त्वचा और फटी एड़ियों की समस्या में भी बादाम का तेल लाभदायक माना जाता है। नियमित रूप से लगाने पर त्वचा की ऊपरी परत में नमी बनी रहती है और रूखापन कम महसूस होता है। कुछ त्वचा रोगों में डॉक्टर मॉइस्चराइजर के रूप में इसका उपयोग करने की सलाह भी देते हैं लेकिन यदि त्वचा पर एलर्जी संक्रमण या घाव हो तो किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

    प्राकृतिक गुणों से भरपूर बादाम का तेल आपकी दैनिक ब्यूटी रूटीन का एक उपयोगी हिस्सा बन सकता है। सही खानपान पर्याप्त पानी नियमित नींद और उचित त्वचा देखभाल के साथ इसका संतुलित उपयोग लंबे समय तक त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है।