Tag: Stock market

  • बाजार में उछाल से बड़ी कंपनियों को फायदा, चार दिग्गजों की वैल्यू में भारी बढ़ोतरी

    बाजार में उछाल से बड़ी कंपनियों को फायदा, चार दिग्गजों की वैल्यू में भारी बढ़ोतरी

    नई दिल्ली
    शेयर बाजार में पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान आई तेजी का सीधा असर देश की बड़ी कंपनियों के बाजार मूल्यांकन पर देखने को मिला। बाजार में सकारात्मक रुझान के चलते निवेशकों की धारणा मजबूत हुई, जिससे शीर्ष कंपनियों के मार्केटकैप में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई।

    इस अवधि में बाजार लगातार हरे निशान में बंद हुआ, जिससे प्रमुख सूचकांकों में भी हल्की लेकिन स्थिर बढ़त देखने को मिली। इसका असर यह हुआ कि देश की टॉप कंपनियों में शामिल चार कंपनियों के कुल मूल्यांकन में बड़ा उछाल दर्ज किया गया, जबकि कुछ अन्य कंपनियों के बाजार मूल्य में गिरावट भी देखी गई।

    बढ़ोतरी दर्ज करने वाली कंपनियों में टेलीकॉम, आईटी और वित्तीय क्षेत्र की कंपनियां प्रमुख रहीं। इन कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी, जिससे इनके मार्केटकैप में हजारों करोड़ रुपए की वृद्धि हुई। यह संकेत देता है कि बाजार में इन सेक्टरों को लेकर भरोसा अभी भी मजबूत बना हुआ है।

    दूसरी ओर, कुछ बड़ी बैंकिंग और कंज्यूमर कंपनियों के मार्केटकैप में गिरावट देखने को मिली। इसका कारण बाजार में मुनाफावसूली और कुछ सेक्टरों में दबाव माना जा रहा है। हालांकि, कुल मिलाकर बाजार में स्थिरता और सकारात्मक रुझान बना रहा।

    बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों का रुझान चुनिंदा सेक्टरों की ओर अधिक है, जिससे कुछ कंपनियों को फायदा मिल रहा है जबकि कुछ दबाव में हैं। आने वाले समय में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करेगी।

  • वैश्विक हलचल और घरेलू आंकड़ों के बीच निवेशकों की परीक्षा, बाजार में बढ़ सकती है हलचल

    वैश्विक हलचल और घरेलू आंकड़ों के बीच निवेशकों की परीक्षा, बाजार में बढ़ सकती है हलचल


    नई दिल्ली : भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाला सप्ताह कई अहम संकेत लेकर आ रहा है, जहां विभिन्न घरेलू और वैश्विक कारकों का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। हाल के सत्रों में बाजार ने सीमित दायरे में मजबूती दिखाई है, लेकिन आगे की राह अनिश्चितताओं से भरी हुई नजर आ रही है। निवेशकों की नजर अब उन प्रमुख पहलुओं पर टिकी है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

    सबसे बड़ा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों का बना हुआ है, जो लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। वैश्विक तनाव और आपूर्ति से जुड़ी बाधाओं के चलते तेल महंगा बना हुआ है, जिसका असर सीधे तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई को बढ़ावा देती हैं और कंपनियों के खर्च में इजाफा करती हैं, जिससे उनके मुनाफे पर दबाव बन सकता है। इसका असर बाजार के समग्र रुझान पर पड़ना तय माना जा रहा है।

    इसके साथ ही, कॉर्पोरेट जगत के तिमाही नतीजे भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। कई बड़ी कंपनियां अपने चौथी तिमाही के प्रदर्शन का खुलासा करने वाली हैं, जिससे निवेशकों को यह अंदाजा लगेगा कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों में कंपनियों ने किस तरह प्रदर्शन किया है। खास तौर पर मुनाफे, लागत नियंत्रण और भविष्य की योजनाओं पर बाजार की नजर रहेगी। अच्छे नतीजे बाजार को सहारा दे सकते हैं, जबकि निराशाजनक प्रदर्शन निवेशकों की चिंता बढ़ा सकता है।

    आर्थिक आंकड़ों की बात करें तो मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर से जुड़े पीएमआई डेटा बाजार के लिए अहम संकेत लेकर आएंगे। ये आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों की गति को दर्शाते हैं और निवेशकों को यह समझने में मदद करते हैं कि अर्थव्यवस्था किस दिशा में बढ़ रही है। मजबूत आंकड़े सकारात्मक माहौल बना सकते हैं, जबकि कमजोर डेटा से बाजार में दबाव बढ़ सकता है।

    पिछले सप्ताह बाजार का प्रदर्शन मिश्रित रहा, हालांकि प्रमुख सूचकांक हल्की बढ़त के साथ बंद हुए। सेक्टरवार नजर डालें तो ऊर्जा, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर में मजबूती देखने को मिली, जबकि बैंकिंग और आईटी सेक्टर दबाव में रहे। यह स्थिति इस बात का संकेत देती है कि बाजार में फिलहाल एकरूपता की कमी है और निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मिला-जुला रुझान देखने को मिला, जो बाजार की अनिश्चितता को दर्शाता है। निवेशक अभी बड़े जोखिम लेने से बच रहे हैं और चुनिंदा अवसरों पर ही ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

  • कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता-बिकवाली के दबाव में बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट

    कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता-बिकवाली के दबाव में बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट

    नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ तौर पर देखने को मिला, जहां कारोबारी सत्र के अंत में प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना रहा, लेकिन अंततः निवेशकों की सतर्कता और बिकवाली के दबाव ने बाजार को लाल निशान में पहुंचा दिया।

    कारोबार की शुरुआत हल्की मजबूती के साथ हुई थी, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, बाजार पर दबाव बढ़ता गया। निवेशकों ने जोखिम लेने के बजाय मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिसके चलते सूचकांक धीरे-धीरे नीचे आते गए। दिन के अंत तक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो यह दर्शाती है कि बाजार का मूड फिलहाल कमजोर बना हुआ है।

    इस गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम एक प्रमुख कारण रहा। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे आर्थिक अनिश्चितता बढ़ गई। तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर महंगाई और उत्पादन लागत पर पड़ता है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ सकता है। यही कारण है कि निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाते हुए बाजार से दूरी बनानी शुरू कर दी।

    बाजार के विभिन्न सेक्टरों में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला। धातु, बैंकिंग, रियल एस्टेट और उपभोक्ता क्षेत्र से जुड़े शेयरों में खासा दबाव रहा। इन क्षेत्रों में आई गिरावट यह संकेत देती है कि व्यापक स्तर पर निवेशकों का भरोसा डगमगाया है। हालांकि कुछ चुनिंदा सेक्टरों में हल्की बढ़त देखने को मिली, लेकिन वह समग्र गिरावट को संतुलित करने के लिए पर्याप्त नहीं रही।

    मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई, जो यह दर्शाता है कि बाजार का दबाव केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रहा। व्यापक बाजार में कमजोरी का मतलब है कि निवेशकों ने सभी स्तरों पर सतर्कता अपनाई है और जोखिम कम करने की कोशिश की है।

    व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो कुछ कंपनियों के शेयरों में मजबूती जरूर देखने को मिली, लेकिन गिरावट वाले शेयरों की संख्या ज्यादा रही। यह असंतुलन बाजार की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है, जहां सकारात्मक संकेत सीमित हैं और नकारात्मक कारक हावी हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्थिति में स्थिरता नहीं आती और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रण में नहीं आतीं, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और सोच-समझकर फैसले लेने का है।

  • आज शेयर बाजार में तेजी के संकेत: गिफ्ट निफ्टी 185 अंक ऊपर, ग्लोबल मार्केट से मिला सपोर्ट

    आज शेयर बाजार में तेजी के संकेत: गिफ्ट निफ्टी 185 अंक ऊपर, ग्लोबल मार्केट से मिला सपोर्ट


    नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत होने के संकेत मिल रहे हैं। बीएसई सेंसेक्स और NSE Nifty 50 के ऊंचे स्तर पर खुलने की उम्मीद जताई जा रही है। आज Coal India Limited, UltraTech Cement, Adani Total Gas, SBI Cards and Payment Services समेत कई कंपनियों के शेयर फोकस में रहेंगे, क्योंकि ये अपनी चौथी तिमाही के नतीजे जारी करने वाली हैं।

    ग्लोबल मार्केट्स से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिख सकता है। एशियाई बाजारों में सोमवार को बढ़त दर्ज की गई। जापान का Nikkei 225 0.53% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI करीब 1% बढ़कर रिकॉर्ड स्तर के आसपास पहुंच गया। हांगकांग का Hang Seng Index फ्यूचर्स भी मजबूत शुरुआत का संकेत दे रहा है। वहीं, गिफ्ट निफ्टी लगभग 24,108 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले बंद स्तर से करीब 185 अंकों का प्रीमियम है। इसे भारतीय बाजार के लिए पॉजिटिव ओपनिंग का संकेत माना जा रहा है।

    अमेरिकी बाजारों में भी पिछले कारोबारी दिन तेजी देखने को मिली। टेक शेयरों में खरीदारी से Nasdaq Composite और S&P 500 रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुए। एसएंडपी 500 करीब 0.80% की बढ़त के साथ 7,165.08 पर और नैस्डैक 1.63% चढ़कर 24,836.60 पर बंद हुआ।

    कॉरपोरेट अपडेट की बात करें तो Reliance Industries ने चौथी तिमाही में मुनाफे में 12.6% की गिरावट दर्ज की है, हालांकि कंपनी की आय में लगभग 13% की वृद्धि हुई है। साथ ही, कंपनी ने ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा भी की है।

    सेंसेक्स के तकनीकी स्तरों की बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार 77,000 का स्तर बेहद अहम बना हुआ है। इसके नीचे फिसलने पर यह 76,000 तक आ सकता है और गिरावट बढ़ने पर 75,700 से 75,500 तक जाने की संभावना है। वहीं, अगर यह 77,000 के ऊपर टिकता है, तो 78,000 से 78,200 तक उछाल देखने को मिल सकता है।

    Nifty 50 के लिए भी तकनीकी संकेत थोड़ा कमजोर नजर आ रहे हैं। साप्ताहिक चार्ट पर गिरावट के संकेत मिल रहे हैं, जिससे मुनाफावसूली का अंदेशा है। विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी 23,500 तक फिसल सकता है, जबकि 24,100 के स्तर पर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। वहीं, Bank Nifty के लिए 55,500-55,400 का स्तर सपोर्ट जोन माना जा रहा है। इसके नीचे जाने पर यह 55,000 और फिर 54,500 तक गिर सकता है। दूसरी ओर, 56,500-56,600 के दायरे में मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।

  • नई दिल्ली में शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आए..

    नई दिल्ली में शेयर बाजार में तेज गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी दबाव में आए..


    नई दिल्ली । में भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में आ गए। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में कमजोरी देखने को मिली और दिन बढ़ने के साथ गिरावट और गहरी होती गई। सेंसेक्स में लगभग 600 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। इस अचानक आई बिकवाली ने निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना दिया।

    बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डाला। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी बाजारों में गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया, जिससे घरेलू बाजार में भी दबाव बढ़ गया। इसके साथ ही भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को जोखिम कम करने की ओर प्रेरित किया।

    भारतीय बाजार में इस गिरावट का सबसे बड़ा असर आईटी सेक्टर पर देखने को मिला, जहां भारी बिकवाली दर्ज की गई। आईटी सूचकांक में तेज गिरावट ने पूरे सेक्टर को नीचे खींच लिया। कुछ बड़ी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन और भविष्य को लेकर सतर्क रुख अपनाने से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ, जिससे इस क्षेत्र में बिकवाली और तेज हो गई।

    इसके अलावा हाल के दिनों में बाजार में आई तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। लगातार बढ़त के बाद ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने लाभ सुरक्षित करने के लिए शेयरों की बिक्री शुरू की, जिससे बाजार पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। यह मुनाफावसूली गिरावट का एक अहम कारण बनकर उभरी और बाजार की दिशा को प्रभावित किया।

    हालांकि बाजार में पूरी तरह नकारात्मक माहौल नहीं रहा और कुछ सेक्टरों में खरीदारी भी देखने को मिली। उपभोक्ता आधारित कंपनियों और कुछ चुनिंदा शेयरों में मजबूती दर्ज की गई, जिससे बाजार को आंशिक सहारा मिला। इसके बावजूद समग्र रूप से बाजार में अस्थिरता और अनिश्चितता का माहौल बना रहा।

    कच्चे तेल की कीमतों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाए रखी। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊंचे दाम और आपूर्ति से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण तेल की कीमतें दबाव में बनी हुई हैं। इसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, जिससे निवेशकों की धारणा प्रभावित होती है और बाजार में अस्थिरता बढ़ती है।

    तकनीकी विश्लेषण के अनुसार बाजार में कुछ महत्वपूर्ण समर्थन और प्रतिरोध स्तर बने हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बाजार इन स्तरों से नीचे जाता है तो गिरावट और बढ़ सकती है, जबकि स्थिरता आने पर सुधार की संभावना भी बनी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों की नजर आगामी कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक संकेतों पर टिकी हुई है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।

  • बैंकिंग शेयरों में दबाव और कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार पर बना रहा नकारात्मक असर

    बैंकिंग शेयरों में दबाव और कमजोर वैश्विक संकेतों से बाजार पर बना रहा नकारात्मक असर

    नई दिल्ली: वैश्विक संकेतों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। निवेशकों की सतर्कता और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के इंतजार का असर बाजार पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक दबाव में नजर आए।

    शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ 77,976 के स्तर के आसपास खुला, जबकि निफ्टी भी कमजोरी के साथ 24,166 के करीब पहुंच गया। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था, जिससे निवेशकों का रुख पहले से ही सतर्क बना हुआ था और बाजार में भरोसे की कमी दिखाई दी।

    बाजार की इस कमजोरी का असर बैंकिंग सेक्टर पर भी पड़ा, जहां प्रमुख बैंकिंग शेयरों में दबाव देखने को मिला। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं और सुरक्षित निवेश रणनीति अपना रहे हैं। वित्तीय शेयरों में बिकवाली ने बाजार की चाल को और कमजोर किया।

    वैश्विक स्तर पर भी मिश्रित संकेत देखने को मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में गिरावट का रुख बना हुआ है, जहां कई प्रमुख सूचकांक कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि अमेरिकी बाजारों में पिछले सत्र में हल्की बढ़त दर्ज की गई, लेकिन इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर दिखाई नहीं दिया।

    कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए कुछ राहत का संकेत है। इसके बावजूद निवेशक पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और बाजार में सतर्कता बनी हुई है।

    डॉलर की मजबूती भी बाजार पर दबाव बना रही है। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी निवेश प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जिससे उभरते बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की संभावना रहती है। यही कारण है कि घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है।

    पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत जरूर सामने आए हैं, लेकिन निवेशक अभी भी किसी ठोस परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। प्रमुख देशों के बीच चल रही बातचीत का सीधा असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है, इसलिए बाजार की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर बनी हुई है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे धैर्य बनाए रखें और सोच-समझकर निवेश निर्णय लें।

  • अदाणी समूह के शेयरों में तेजी से संपत्ति में भारी बढ़ोतरी और बाजार में सकारात्मक असर

    अदाणी समूह के शेयरों में तेजी से संपत्ति में भारी बढ़ोतरी और बाजार में सकारात्मक असर

    नई दिल्ली: वैश्विक अरबपति रैंकिंग में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है जिसमें भारतीय उद्योग जगत के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव दर्ज किया गया है बाजार में जारी उतार चढ़ाव और शेयरों में तेज गतिविधियों के बीच गौतम अदाणी ने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल कर लिया है और इस उपलब्धि के साथ उन्होंने लंबे समय से शीर्ष पर बने मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है यह बदलाव ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता और निवेश प्रवाह में लगातार बदलाव देखा जा रहा है

    ताजा आंकड़ों के अनुसार गौतम अदाणी की कुल संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है जिससे वह वैश्विक रैंकिंग में भी ऊपर पहुंच गए हैं उनकी संपत्ति में यह उछाल मुख्य रूप से उनके समूह की कंपनियों के शेयरों में आई तेजी के कारण देखा गया है विशेषकर ऊर्जा बंदरगाह और गैस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की बढ़ती रुचि ने उनकी संपत्ति को नई ऊंचाई दी है दूसरी ओर मुकेश अंबानी की संपत्ति में मामूली गिरावट देखने को मिली है जिसके चलते वह रैंकिंग में दूसरे स्थान पर खिसक गए हैं

    शेयर बाजार में अदाणी समूह की कंपनियों ने हाल के सत्रों में मजबूत प्रदर्शन किया है जिससे न केवल समूह की बाजार स्थिति मजबूत हुई है बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है एक ही दिन में संपत्ति में अरबों डॉलर का इजाफा इस बात को दर्शाता है कि बाजार में सकारात्मक धारणा तेजी से बदल सकती है और बड़े उद्योगपतियों की रैंकिंग पर इसका सीधा असर पड़ता है

    वैश्विक स्तर पर अरबपतियों की सूची में टेक्नोलॉजी सेक्टर का दबदबा लगातार बना हुआ है और शीर्ष स्थानों पर अधिकांश नाम इसी क्षेत्र से जुड़े हुए हैं टेस्ला और अन्य बड़ी टेक कंपनियों से जुड़े उद्योगपति अब भी सूची में मजबूत स्थिति में हैं जबकि विभिन्न क्षेत्रों जैसे ऊर्जा खुदरा और औद्योगिक सेक्टर के अरबपतियों की संपत्ति में अधिक उतार चढ़ाव देखा जा रहा है

    विश्लेषकों के अनुसार यह रैंकिंग केवल व्यक्तिगत संपत्ति का संकेत नहीं है बल्कि यह वैश्विक बाजारों में पूंजी प्रवाह तकनीकी विकास और भू राजनीतिक परिस्थितियों का भी प्रतिबिंब है पिछले कुछ समय से वैश्विक निवेश माहौल में अस्थिरता बनी हुई है जिसके कारण बड़े उद्योगपतियों की संपत्ति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहा है

    भारतीय उद्योग जगत की बात करें तो अन्य प्रमुख नाम भी वैश्विक सूची में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए हुए हैं जिनमें विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शामिल हैं हालांकि उनकी रैंकिंग में मामूली उतार चढ़ाव देखा गया है लेकिन समग्र रूप से भारतीय अरबपतियों की वैश्विक प्रभावशीलता बनी हुई है

    अदाणी समूह की कंपनियों में हालिया तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाया है और बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों के आधार पर यह स्थिति और भी बदल सकती है फिलहाल यह बदलाव भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है

  • जबलपुर: साइबर ठगी का पर्दाफाश 3 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी पुलिस के हत्थे

    जबलपुर: साइबर ठगी का पर्दाफाश 3 करोड़ की ठगी में एक और आरोपी पुलिस के हत्थे


    जबलपुर । जबलपुर में शेयर बाजार में मुनाफे के झांसे में फंसाकर डॉक्टर से तीन करोड़ रुपये की ठगी करने वाले आरोपी मोहित पटेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल तीन आरोपियों को पकड़ने में सफलता मिली है। साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की संयुक्त कार्रवाई ने इस मामले को उजागर किया है और आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

    पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों संस्कार केशरवानी और सौरभ विश्वकर्मा की पूछताछ में मोहित पटेल का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 500 प्रतिशत तक मुनाफे का झांसा दिया और डॉक्टर के साथ 3 करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी ने यस बैंक में करेंट अकाउंट खोलकर साइबर ठगों को मोटे कमीशन पर पैसे ट्रांसफर किए।

    मोहित पटेल पेशे से गुमास्ता और एमएसएमई के दस्तावेज तैयार करने का काम करता है। इसके साथ ही वह इनकम टैक्स के दस्तावेज बनाने में भी संलिप्त रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। वर्तमान में क्राइम ब्रांच और साइबर सेल आरोपी से पूछताछ कर मामले की गहनता से जांच कर रही है।

    इस मामले ने यह साफ कर दिया है कि शेयर बाजार में अवास्तविक मुनाफे का लालच लोगों को गंभीर वित्तीय नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की ठगी की घटनाओं में निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। इस गिरफ्तारी से अन्य संभावित आरोपियों तक पुलिस की पकड़ मजबूत हुई है और मामले की जांच जारी है।

  • शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में, बैंकिंग और रियल्टी शेयर लीड..

    शेयर बाजार में दबाव, सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में, बैंकिंग और रियल्टी शेयर लीड..


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में कमजोर दिखा और दोपहर तक लाल निशान में रहा। दोपहर 1 बजे तक सेंसेक्स 588 अंक यानी 0.72 प्रतिशत फिसलकर 79,427 पर और निफ्टी 154 अंक यानी 0.62 प्रतिशत कमजोरी के साथ 24,612 पर कारोबार कर रहा था।

    इस गिरावट की अगुवाई बैंकिंग और रियल्टी शेयरों ने की। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 1.85 प्रतिशत और निफ्टी बैंक इंडेक्स 1.31 प्रतिशत कमजोर हुए। इसके अलावा ऑटो, सर्विसेज और कंज्यूमर सेक्टर पर भी दबाव देखा गया। हालांकि, डिफेंस, एनर्जी, पीएसई, ऑयल एंड गैस, कमोडिटी और मेटल इंडेक्स हरे निशान में बने रहे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य कारण अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध है। युद्ध के लंबा चलने से वैश्विक एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे निवेशकों का सेंटीमेंट नकारात्मक हो गया है।

    युद्ध के प्रभाव से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी है। डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमत 80.39 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 84.84 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इससे निवेशक जोखिम वाले एसेट्स से हटकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोने की कीमत 0.81 प्रतिशत बढ़कर 5,120 डॉलर प्रति औंस और चांदी 2.96 प्रतिशत मजबूत होकर 84.61 डॉलर प्रति औंस पर थी।

    अमेरिकी बाजार में भी गिरावट ने भारतीय बाजार की कमजोरी को बढ़ावा दिया। गुरुवार को डाओ इंडेक्स 1.61 प्रतिशत और नैस्डैक 0.26 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुआ। इससे एफआईआई और घरेलू निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव बढ़ा।

    विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली भी सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा रही है। गुरुवार को एफआईआई ने 3,752.52 करोड़ रुपए के इक्विटी शेयर बेचे। इस बिकवाली ने भारतीय बाजार में लगातार कमजोरी का माहौल बनाया और निवेशकों में सतर्कता बढ़ा दी।

    विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों की बेचैनी का असर अभी कुछ समय तक जारी रह सकता है, खासकर जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में स्थिरता नहीं आती। ऐसे समय में बैंकिंग, रियल्टी और ऑटो सेक्टर पर दबाव बना रहेगा, जबकि सोना, चांदी और एनर्जी सेक्टर निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बने

  • तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला

    तीन दिन की गिरावट के बाद शेयर बाजार में आयी तेजी, सेंसेक्स 414 अंक उछला


    मुंबई । लगातार तीन दिन की गिरावट के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार में तेजी देखने को मिली। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 414.29 अंक बढ़कर 79,530.48 अंक पर खुला।

    निफ्टी में भी मजबूती
    इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक 135.45 अंक चढ़कर 24,615.95 अंक पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह 123.95 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,604.45 अंक पर रहा।

    रुपया भी मजबूती के साथ खुला
    विदेशी मुद्रा बाजार में भी सुधार देखने को मिला। बुधवार के ऐतिहासिक निचले स्तर से उबरते हुए रुपया 45 पैसे की मजबूती के साथ 91.62 रुपये प्रति डॉलर पर ट्रेड कर रहा है।

    अधिकांश सेक्टरों में तेजी
    आईटी और एफएमसीजी को छोड़कर सभी प्रमुख समूहों के सूचकांक हरे निशान में हैं। ऑटो, धातु, फार्मा, रियल्टी, स्वास्थ्य, मीडिया, बैंकिंग और रसायन सेक्टरों में बढ़त दर्ज की गई।

    सेंसेक्स की बढ़त में शामिल प्रमुख शेयर
    सेंसेक्स में सबसे ज्यादा योगदान देने वाले शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी, सनफार्मा, एयरटेल, एनटीपीसी और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, टीसीएस, इन्फोसिस और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर फिलहाल नीचे चल रहे हैं।