मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं
Tag: Team India
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वर्ल्ड कप सिर्फ खेलना नहीं, ट्रॉफी भी जीतना है"; रोहित शर्मा ने अपने इस बयान से कर दिया काफी कुछ साफ
नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में खेले जा रहे टी20 वर्ल्ड कप 2026 पर अभी सभी का ध्यान है, तो वहीं साल 2027 में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाना है जिसको लेकर भी इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली टीमों ने अपनी तैयारियों को शुरू कर दिया है। रोहित शर्मा जिनकी कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप और उसके बाद साल 2025 की शुरुआत में खेली आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी को अपने नाम किया था, अब उनका सपना देश के लिए वनडे वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को जीतना है। रोहित जो अब बतौर प्लेयर खेल रहे हैं, उनके इंटरनेशनल क्रिकेट के 2 फॉर्मेट से रिटायरमेंट लेने के बाद से वनडे से भी संन्यास लेने की अटकलें लेकर लगातार देखने को मिलती रहती हैं, जिसमें अब हिटमैन रोहित ने दिए अपने एक बयान से सबकुछ साफ कर दिया है।रोहित शर्मा जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 के ब्रांड एंबेसडर हैं उन्होंने आईसीसी के इवेंट में वनडे वर्ल्ड कप को लेकर सवाल पूछे जाने पर खुलकर अपनी बात रखी। रोहित शर्मा ने कहा कि मैं जरूर अपने देश के लिए वर्ल्ड कप जीतना चाहता हूं। यह मेरा हमेशा से सपना रहा है। मैं 50 ओवर का वर्ल्ड कप देखते हुए बड़ा हुआ हूं और उस समय ना ही टी20 वर्ल्ड कप होता था और ना ही आईपीएल। यह उस दौर में क्रिकेट का सबसे बड़ा इवेंट था जो हर चार साल में होता था और हम सभी इसका बेसब्री से इंतजार भी करते थे। इसलिए उस एक ट्रॉफी की बहुत अहमियत थी और उसे जीतने की बेचैनी भी। ये बात सही है कि मुझे सच में वह ट्रॉफी चाहिए, इसलिए मैं अपनी तरफ से उसे जीतने की पूरी कोशिश करूंगा। -

BCCI सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट: क्या स्टार खिलाड़ियों के साथ हुई नाइंसाफी? अक्षर और राहुल के ग्रेड पर उठे सवाल
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हाल ही में अपने नए सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया है लेकिन इस बार की लिस्ट ने क्रिकेट पंडितों और प्रशंसकों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। टी20 वर्ल्ड कप के रोमांच के बीच आई इस घोषणा में सबसे चौंकाने वाला फैसला A+ कैटेगरी को पूरी तरह हटाना रहा। बीसीसीआई के इस नए वर्गीकरण को लेकर अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या प्रदर्शन और अनुभव के बावजूद कई दिग्गज खिलाड़ियों के साथ ‘नाइंसाफी’ हुई है?इस बार के कॉन्ट्रैक्ट में सबसे बड़ा उलटफेर सीनियर खिलाड़ियों के साथ देखने को मिला। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज जो अब केवल चुनिंदा फॉर्मेट में ही सक्रिय हैं उन्हें ‘ग्रेड-बी’ में डिमोट कर दिया गया है। वहीं बीसीसीआई ने भविष्य की ओर देखते हुए शुभमन गिल जसप्रीत बुमराह और रवींद्र जडेजा को ‘ग्रेड-ए’ में जगह दी है। लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब तुलना हार्दिक पांड्या केएल राहुल और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ियों से की गई।
क्रिकेट गलियारों में यह चर्चा गर्म है कि अगर दो फॉर्मेट खेलने वाले रवींद्र जडेजा ‘ग्रेड-ए’ के हकदार हैं तो केएल राहुल और हार्दिक पांड्या को ‘ग्रेड-बी’ में क्यों रखा गया है? केएल राहुल लगातार टेस्ट और वनडे टीम का अहम स्तंभ रहे हैं वहीं कुलदीप यादव की फिरकी का जादू तीनों फॉर्मेट में चलता है। बावजूद इसके इन मैच-विनर खिलाड़ियों को शीर्ष कैटेगरी से बाहर रखना समझ से परे नजर आता है।
सबसे ज्यादा हैरानी अक्षर पटेल और अर्शदीप सिंह के ग्रेड को लेकर हो रही है। अक्षर पटेल आज की तारीख में भारतीय टीम के लिए ‘थ्री-फॉर्मेट प्लेयर’ हैं और टी20 में टीम के उप-कप्तान की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं फिर भी उन्हें ‘ग्रेड-सी’ में रखा गया है। यही स्थिति अर्शदीप सिंह की है जो टी20 वर्ल्ड कप 2024 की ऐतिहासिक जीत के हीरो रहे और अब वनडे में भी अपनी धाक जमा रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने भी सोशल मीडिया पर नाराजगी जताते हुए सवाल किया कि आखिर अक्षर पटेल को अपना हक पाने के लिए और क्या करना होगा?
वहीं यशस्वी जयसवाल मोहम्मद सिराज और ऋषभ पंत जैसे नाम ‘ग्रेड-बी’ में अपनी जगह बनाने में सफल रहे हैं। ‘ग्रेड-सी’ की लंबी सूची में संजू सैमसन रिंकू सिंह और अभिषेक शर्मा जैसे युवाओं को शामिल कर बीसीसीआई ने अपनी मंशा साफ की है कि वे नए टैलेंट को प्रोत्साहित करना चाहते हैं। लेकिन सीनियर और ऑल-फॉर्मेट खिलाड़ियों के ग्रेड में जो असंतुलन दिख रहा है उसने बीसीसीआई की चयन प्रक्रिया पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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भारत ने तोड़ा ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड, ICC टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बनी टीम इंडिया
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक नया रिकॉर्ड अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। टीम इंडिया अब आईसीसी टूर्नामेंट्स में सबसे ज्यादा मैच जीतने वाली टीम बन गई है। टी20 वर्ल्ड कप, वनडे वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी और WTC फाइनल को मिलाकर भारत ने कुल 123 मैच जीतकर ऑस्ट्रेलिया के 122 मैचों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ भारतीय टीम ने न सिर्फ अपनी निरंतरता साबित की है, बल्कि यह भी दिखाया है कि लंबे समय से वह आईसीसी टूर्नामेंट्स में कितनी मजबूत और खतरनाक टीम रही है।टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की। भारत ने अपने पहले मैच में यूएसए को 29 रनों से हराया और कई रिकॉर्ड्स बनाए। इस जीत के साथ भारत ICC वर्ल्ड कप में 100 जीत हासिल करने वाला दूसरा देश बन गया। वहीं ओवरऑल आईसीसी टूर्नामेंट्स की बात करें तो टीम इंडिया ने इतिहास रचते हुए ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
ऑस्ट्रेलिया के नाम क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक 10 ICC ट्रॉफी जीतने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है। कंगारू टीम ने 6 वनडे वर्ल्ड कप, 1 टी20 वर्ल्ड कप, 2 चैंपियंस ट्रॉफी और 1 WTC का खिताब जीता है। इन 10 ट्रॉफियों के लिए उन्होंने कुल 122 मैच जीते थे। हालांकि ट्रॉफियों की संख्या में ऑस्ट्रेलिया अभी भी आगे है, लेकिन मैच जीतने के आंकड़ों में भारत अब शीर्ष पर है।
टीम इंडिया के नाम फिलहाल 7 ICC ट्रॉफी हैं, जिसमें 2 वनडे वर्ल्ड कप, 2 टी20 वर्ल्ड कप और 3 चैंपियंस ट्रॉफी शामिल हैं। भारत के बाद इस सूची में न्यूजीलैंड 101 जीत के साथ तीसरे स्थान पर है, जबकि इंग्लैंड 95, साउथ अफ्रीका 92 और पाकिस्तान 91 जीत के साथ आगे हैं। श्रीलंका 87, वेस्टइंडीज 82, बांग्लादेश 30, जिम्बाब्वे 19 और अफगानिस्तान 18 जीत के साथ सूची में शामिल हैं।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम इंडिया का अगला मैच 12 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ है। इसके बाद 15 फरवरी को टूर्नामेंट का सबसे हाईवोल्टेज मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है। लेकिन इस मुकाबले पर फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया है। हालांकि अभी तक उन्होंने ICC को आधिकारिक तौर पर कोई पत्र नहीं भेजा है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में पाकिस्तान इस फैसले पर पुनर्विचार करेगा और मैच तय समय पर होगा।
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ICC T20 World Cup 2026: टीम इंडिया का पहला मुकाबला अमेरिका से कल, देखें पूरा शेड्यूल
नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने जा रहा है। टीम इंडिया अपनी डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगी और लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतने का लक्ष्य रखती है।भारत का पहला मैच
टीम इंडिया का पहला मुकाबला 7 फरवरी 2026 को अमेरिका के खिलाफ मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होगा। पिछले टी20 वर्ल्ड कप 2024 में भारत ने साउथ अफ्रीका को 7 रन से हराकर खिताब जीता था।ग्रुप और शेड्यूल
भारत को ग्रुप A में रखा गया है। ग्रुप A की टीमें हैं:
भारत
पाकिस्तान
अमेरिका
नामीबिया
नीदरलैंडटीम इंडिया के मुकाबलों का पूरा शेड्यूल:
7 फरवरी: भारत vs अमेरिका – वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई
12 फरवरी: भारत vs नामीबिया – अरुण जेटली स्टेडियम
15 फरवरी: भारत vs पाकिस्तान – कोलंबो
18 फरवरी: भारत vs नीदरलैंड – नरेंद्र मोदी स्टेडियम
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में कुल 4 ग्रुप होंगे। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमों को सुपर-8 में जगह मिलेगी।भारतीय टीम के खिलाड़ी
सूर्यकुमार यादव (कप्तान)
अक्षर पटेल (उपकप्तान)
अभिषेक शर्मा
तिलक वर्मा
संजू सैमसन
शिवम दुबे
ईशान किशन
हार्दिक पंड्या
अर्शदीप सिंह
जसप्रीत बुमराह
हर्षित राणा
वरुण चक्रवर्ती
कुलदीप यादव
वॉशिंगटन सुंदर
रिंकू सिंहटीम में 8 खिलाड़ी 2024 के विजेता टीम का हिस्सा थे, जबकि 7 नए खिलाड़ी इस बार अहम भूमिका निभा सकते हैं। टी20 वर्ल्ड कप 2026 भारत के लिए अपनी विजेता परंपरा को जारी रखने और नई चुनौतियों का सामना करने का मौका है।
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पाकिस्तान का 'बॉयकॉट' ड्रामा: मैदान पर न आने की जिद, फिर भी 15 फरवरी को कोलंबो में टॉस के लिए उतरेगी टीम इंडिया; जानें ICC का नियम
नई दिल्ली । भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने 1 फरवरी को अचानक यह ऐलान कर सबको चौंका दिया कि उनकी टीम टी20 विश्व कप 2026 में तो हिस्सा लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मैच का ‘बॉयकॉट’ करेगी। पाकिस्तान के इस अड़ियल रुख के बावजूद भारतीय टीम अपने शेड्यूल के अनुसार कोलंबो रवाना होगी। इसके पीछे की वजह कोई समझौता नहीं बल्कि आईसीसी के कड़े नियम और प्रोटोकॉल हैं।मैदान पर क्यों जाना होगा टीम इंडिया को? आईसीसी के नियमों के मुताबिक यदि कोई एक टीम मैच खेलने से मना कर देती है तो दूसरी टीम को वाकओवरके जरिए पूरे 2 अंक हासिल करने के लिए निर्धारित समय पर मैदान पर मौजूद रहना अनिवार्य है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय टीम सभी प्रोटोकॉल का पालन करेगी। टीम इंडिया कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम पहुँचेगी अभ्यास सत्र में हिस्सा लेगी और आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेगी। मैच के दिन कप्तान रोहित शर्मा टॉस के लिए मैदान पर उतरेंगे और यदि पाकिस्तान की टीम वहां नहीं पहुँचती है तो मैच रेफरी आधिकारिक तौर पर भारत को विजेता घोषित कर अंक प्रदान करेंगे।
पाकिस्तान पर मंडरा रहा है कड़ा प्रतिबंध पाकिस्तान सरकार ने भारत के खिलाफ न खेलने का कोई ठोस कारण नहीं बताया है जबकि वे श्रीलंका में अन्य टीमों के खिलाफ खेलने को तैयार हैं। पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने सुरक्षा कारणों का हवाला दिया था जिसे आईसीसी और अन्य सदस्य देश पचा नहीं पा रहे हैं। इस ‘मनमानी’ के लिए आईसीसी पाकिस्तान पर 5 बड़े प्रतिबंध लगा सकती है:
भारी जुर्मानापीसीबी पर करोड़ों का वित्तीय दंड। पॉइंट्स की कटौतीवर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की तालिका में अंकों का नुकसान। रैंकिंग पर असरआईसीसी रैंकिंग से टीम को हटाना या अंक कम करना। पर संकटपाकिस्तान सुपर लीग में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी। द्विपक्षीय सीरीज का बहिष्कारअन्य देशों द्वारा पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने से इनकार।
आईसीसी की चेतावनी आईसीसी ने आधिकारिक बयान जारी कर पीसीबी को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की चेतावनी दी है। सूत्रों का कहना है कि अगर पाकिस्तान अपने स्टैंड पर कायम रहता है तो उसे वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच से हाथ धोना पड़ सकता है। फिलहाल भारतीय टीम का रुख साफ है वे खेल के नियमों का पालन करेंगे और 15 फरवरी को कोलंबो के मैदान पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
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ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।
दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।
ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।
लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।
नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।
मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।
दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।
ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।
लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।
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ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया
नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।
सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।
भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।
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क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत
नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।
ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।
इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।
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महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना
उज्जैन । न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में होने वाले निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे आध्यात्मिक ऊर्जा लेने उज्जैन पहुंचे। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर कुलदीप यादव ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और अलौकिक मानी जाने वाली भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ी सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान और आराधना में लीन रहे। भस्म आरती के दौरान विराट कोहली पूरी तरह पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उनके मस्तक पर त्रिपुण्ड सुशोभित था और वे पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं की नजरें भी एक पल के लिए विराट और कुलदीप पर ठहर गईं। हालांकि दोनों खिलाड़ियों ने पूरी सादगी और श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और किसी तरह की औपचारिकता से दूर रहे।दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्होंने खेल और जीवन दोनों में सफलता के लिए भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आध्यात्मिक अनुभूति खिलाड़ियों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास देती है जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में मददगार होती है। विराट कोहली ने भले ही कोई बयान नहीं दिया लेकिन उनका शांत और ध्यानमग्न चेहरा यह साफ बयां कर रहा था कि वे इस निर्णायक मुकाबले को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय टीम के कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों से पहले महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं। हाल ही में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। क्रिकेट और आस्था का यह संगम उज्जैन में अक्सर देखने को मिलता है जहां खिलाड़ी मैदान पर उतरने से पहले आध्यात्मिक बल लेने आते हैं।
इंदौर में खेला जाने वाला यह एकदिवसीय मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच है। दोनों टीमें अब तक एक-एक मैच जीतकर बराबरी पर हैं ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से जीत की पूरी उम्मीद है वहीं विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी से एक बड़ी पारी की आस भी लगाई जा रही है।अब सबकी नजरें रविवार को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। महाकाल के आशीर्वाद के साथ टीम इंडिया मैदान में उतरेगी और करोड़ों प्रशंसक दुआ कर रहे हैं कि बाबा महाकाल की कृपा से जीत भारतीय टीम के हिस्से आए और देशभर में एक बार फिर जश्न का माहौल बने।
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7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर लगातार आग उगल रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में गिल ने एक बार फिर अपनी क्लास और निरंतरता का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 53 गेंदों में 1 छक्का और 9 चौकों की मदद से 56 रन की अहम पारी खेली। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा अर्धशतक रहा जिसने टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई।भारतीय मैदानों पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का रिकॉर्ड बेहद लाजवाब रहा है। गिल ने अब तक कीवी टीम के खिलाफ भारत में कुल 7 वनडे पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने 115.6 की शानदार औसत से 578 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ उनकी निरंतरता को दर्शाता है बल्कि बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने की उनकी क्षमता को भी उजागर करता है इन सात पारियों में गिल ने कई यादगार पारियां खेली हैं। इनमें 149 गेंदों पर खेली गई 208 रनों की ऐतिहासिक पारी, 78 गेंदों में 112 रन, नाबाद 80 रन और हालिया मैचों में लगातार दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी पारियों की सूची में 40*, 26, 56 और 56 रनों की पारियां भी शामिल हैं जो यह साबित करती हैं कि वह हर परिस्थिति में टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।
इस मुकाबले में भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन नजर आया। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के साथ श्रेयस अय्यर और केएल राहुल विकेटकीपर मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा और नितीश रेड्डी को शामिल किया गया है, जबकि गेंदबाजी विभाग में हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। कीवी टीम में डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग और डेरिल मिशेल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद हैं। ग्लेन फिलिप्स और मिशेल हे विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि काइल जैमीसन और जैकरी फाउल्क्स गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं।
सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने वडोदरा में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर बढ़त बनाई थी। उस मैच में न्यूजीलैंड ने 300 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जवाब में टीम इंडिया ने विराट कोहली की 93 रनों की शानदार पारी और शुभमन गिल के अर्धशतक की बदौलत लक्ष्य हासिल कर लिया था।फिलहाल तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। ऐसे में दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरी है। शुभमन गिल का मौजूदा फॉर्म देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली है।