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  • ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा

    ईशान किशन बने जीत के जश्न के हीरो, सूर्यकुमार यादव ने निभाई कप्तानी की खास परंपरा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने एक बार फिर अपने दमदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि मौजूदा दौर में वह टी20 क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में से एक है। न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए पांचवें और आखिरी टी20 मुकाबले में भारत ने 46 रन की शानदार जीत दर्ज करते हुए सीरीज को 4-1 से अपने नाम कर लिया। इस जीत के बाद टीम इंडिया का जश्न देखने लायक था, लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां उस पल ने बटोरीं जब ट्रॉफी सौंपने की बारी आई।

    मैच खत्म होने के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान कप्तान सूर्यकुमार यादव जब ट्रॉफी लेकर टीम के खिलाड़ियों की ओर बढ़े, तो हर किसी की नजर इस बात पर थी कि आखिर यह ट्रॉफी किसे सौंपी जाएगी। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बीसीसीआई के वीडियो में देखा गया कि रिंकू सिंह ट्रॉफी लेने के लिए आगे बढ़ते हैं, लेकिन सूर्यकुमार यादव उन्हें मुस्कुराते हुए रोक देते हैं और पास खड़े दूसरे खिलाड़ी को बुलाते हैं। यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि तिरुवनंतपुरम टी20 के हीरो ईशान किशन थे।

    दरअसल, भारतीय टीम में एक पुरानी और खास परंपरा रही है, जिसकी शुरुआत पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने की थी। इस परंपरा के तहत सीरीज जीतने के बाद ट्रॉफी टीम के सबसे युवा खिलाड़ी या फिर सीरीज में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी को सौंपी जाती है। समय के साथ इस परंपरा को विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या और अब सूर्यकुमार यादव ने भी आगे बढ़ाया है। न्यूजीलैंड के खिलाफ इस टी20 सीरीज में कोई भी खिलाड़ी डेब्यू करता नजर नहीं आया, ऐसे में कप्तान ने उस खिलाड़ी को चुना जिसने निर्णायक मुकाबले में टीम को जीत दिलाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।

    ईशान किशन का प्रदर्शन इस मैच में अविस्मरणीय रहा। उन्होंने पांचवें टी20 मुकाबले में 103 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 10 लंबे छक्के शामिल थे। उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 272 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम 225 रन पर ही सिमट गई। ईशान किशन को उनकी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के पुरस्कार से भी नवाजा गया।

    लंबे समय बाद भारतीय टीम में वापसी करने वाले ईशान किशन ने यह साबित कर दिया कि वह बड़े मंच के खिलाड़ी हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार फॉर्म दिखाने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी लय बरकरार रखी है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले उनकी यह फॉर्म भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है। अब टीम इंडिया 7 फरवरी को यूएसए के खिलाफ अपने टी20 वर्ल्ड कप 2026 अभियान की शुरुआत करेगी। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज जीत, कप्तान सूर्यकुमार यादव की नेतृत्व क्षमता और ईशान किशन जैसी पारियों ने यह साफ कर दिया है कि भारतीय टीम आने वाली चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया

    ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के तूफानी अर्धशतक से भारत ने 209 रन का लक्ष्य महज 15 ओवर में हासिल किया


    नई दिल्ली। रायपुर में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में धमाकेदार जीत दर्ज की। कीवी टीम ने भारत के सामने 209 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भारत ने महज 15.2 ओवर का समय लिया और कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। ईशान किशन ने 32 गेंदों पर 76 और सूर्यकुमार यादव ने 37 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए। किशन को प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड भी मिला।

    इस जीत के दौरान भारत ने टी20आई में फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे तेज 200 प्लस रन चेज का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इससे पहले पाकिस्तान ने 2025 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 200 रन के लक्ष्य का पीछा 16 ओवर में पूरा किया था। भारत ने यह रिकॉर्ड सिर्फ तोड़ा ही नहीं बल्कि इसे और भी शानदार अंदाज में पूरा किया।यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया ने 200 से अधिक रन बनाए और दो विकेट जल्दी गिरने के बावजूद शानदार पीछा किया। पहले टी20 में 27/2 के बाद भारत ने 211 रन जोड़े थे जबकि दूसरे टी20 में छह ओवर के बाद दो विकेट खोने के बाद 203 रन बनाए। 209 रनों का यह चेज टी20आई में सबसे बड़ा सफल पीछा भी माना जा रहा है जब टीम के दो विकेट दस रन से कम पर गिर गए हों।

    सूर्यकुमार यादव ने लगातार 23 पारियों में कोई फिफ्टी नहीं बनाने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ 82 रन नाबाद बनाए। इस दौरान उन्होंने टॉप चार में बल्लेबाजी करते हुए टी20आई में लंबा सिलसिला तोड़ा। ऋषभ पंत के बाद यह किसी भारतीय बल्लेबाज का दूसरा सबसे लंबा रिकॉर्ड है।ईशान किशन ने अपनी फिफ्टी 21 गेंदों में पूरी की जो न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी है। पावरप्ले में उनके 56 रन मेंस टी20आई में भारत के किसी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है।

    भारत ने न्यूजीलैंड को 28 गेंदें शेष रहते हराया। इस जीत के साथ भारत ने फुल मेंबर टीम द्वारा 200 प्लस रन का पीछा करते हुए सबसे ज्यादा गेंदें शेष रहते जीत हासिल करने का रिकॉर्ड भी पाकिस्तान से छीना। इस शानदार प्रदर्शन ने टीम इंडिया के आक्रामक और मजबूत फॉर्म को फिर साबित कर दिया।ईशान और सूर्यकुमार की तूफानी पारियों के दम पर भारत ने टी20 क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम और भी ऊंचा किया और इस मैच ने दर्शकों के लिए रोमांचक और यादगार मोड़ साबित किया।

  • क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत

    क्या आप इंडिया के लिए खेलने के काबिल हैं?ईशान किशन ने कमबैक की दास्तां सुनाई, 76 रनों की धमाकेदार पारी से किया सबका दिल जीत


    नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप से ठीक पहले टीम इंडिया में वापसी करने वाले ईशान किशन ने अपने करियर की सबसे बड़ी चुनौती खुद से सवाल पूछनाकी कहानी दुनिया के सामने रखी। दो साल से ज्यादा समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर खुद को फिर से टीम में जगह दिलाई। और अब, न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 में उन्होंने 76 रनों की धुआंधार पारी खेलकर वापसी को और यादगार बना दिया। इस पारी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

    ईशान ने मैच के बाद बताया कि उन्होंने खुद से एक सवाल पूछा थाक्या मैं इंडिया के लिए खेलने के काबिल हूँ? क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ?उनका जवाब साफ था हाँ, वह कर सकते हैं। इसलिए उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना जारी रखा और इसी भरोसे के साथ मैदान पर उतरे।

    ईशान ने कहा कि उन्हें मैच के दौरान शुरुआत से ही गेंद कनेक्ट होती रही और उन्होंने खुद पर भरोसा रखा। उन्होंने बताया कि जब वे अच्छे शॉट्स खेलते रहे, तो उन्हें विश्वास था कि वे टीम के लिए बड़ा स्कोर बना सकते हैं।

    उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक क्रिकेट में रन बनाना उनके लिए इसलिए जरूरी था ताकि वह खुद के सवालों का जवाब दे सकें और अपने आत्मविश्वास को वापस पा सकें।

    ईशान ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा, मैंने खुद से पूछा कि क्या मैं यह फिर से कर सकता हूँ? और मुझे इसका साफ जवाब मिला। अगर मैं आउट भी हो जाता, तो भी मैं सिर्फ अच्छा क्रिकेट खेलना चाहता था।

    इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने भारत के सामने 209 रनों का लक्ष्य रखा था, जिसे टीम इंडिया ने ईशान किशन और सूर्यकुमार यादव के अर्धशतकों की मदद से 15.2 ओवर में 7 विकेट से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने सीरीज में मजबूती दिखाई और ईशान की पारी ने वापसी को पूरी तरह से सफल बना दिया।

  • महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना

    महाकाल की शरण में टीम इंडिया: निर्णायक मैच से पहले विराट कोहली और कुलदीप यादव ने की भस्म आरती , बाबा महाकाल से मांगी जीत की कामना


    उज्जैन । न्यूजीलैंड के खिलाफ इंदौर में होने वाले निर्णायक वनडे मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सितारे आध्यात्मिक ऊर्जा लेने उज्जैन पहुंचे। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और स्पिनर कुलदीप यादव ने शुक्रवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए और अलौकिक मानी जाने वाली भस्म आरती में शामिल होकर बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ी सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचे और लगभग दो घंटे तक नंदी हॉल में बैठकर ध्यान और आराधना में लीन रहे। भस्म आरती के दौरान विराट कोहली पूरी तरह पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। उनके मस्तक पर त्रिपुण्ड सुशोभित था और वे पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाई दिए। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं की नजरें भी एक पल के लिए विराट और कुलदीप पर ठहर गईं। हालांकि दोनों खिलाड़ियों ने पूरी सादगी और श्रद्धा के साथ बाबा महाकाल के दर्शन किए और किसी तरह की औपचारिकता से दूर रहे।

    दर्शन के बाद कुलदीप यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उन्होंने खेल और जीवन दोनों में सफलता के लिए भगवान महाकाल से आशीर्वाद मांगा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की आध्यात्मिक अनुभूति खिलाड़ियों को मानसिक शांति और आत्मविश्वास देती है जो मैदान पर बेहतर प्रदर्शन में मददगार होती है। विराट कोहली ने भले ही कोई बयान नहीं दिया लेकिन उनका शांत और ध्यानमग्न चेहरा यह साफ बयां कर रहा था कि वे इस निर्णायक मुकाबले को लेकर पूरी तरह केंद्रित हैं।गौरतलब है कि इससे पहले भी भारतीय टीम के कई खिलाड़ी बड़े मुकाबलों से पहले महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं। हाल ही में टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर और विकेटकीपर बल्लेबाज केएल राहुल भी उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। क्रिकेट और आस्था का यह संगम उज्जैन में अक्सर देखने को मिलता है जहां खिलाड़ी मैदान पर उतरने से पहले आध्यात्मिक बल लेने आते हैं।

    इंदौर में खेला जाने वाला यह एकदिवसीय मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज का आखिरी और निर्णायक मैच है। दोनों टीमें अब तक एक-एक मैच जीतकर बराबरी पर हैं ऐसे में यह मुकाबला सीरीज का फैसला करेगा। भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को टीम इंडिया से जीत की पूरी उम्मीद है वहीं विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी से एक बड़ी पारी की आस भी लगाई जा रही है।अब सबकी नजरें रविवार को होने वाले इस हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी हैं। महाकाल के आशीर्वाद के साथ टीम इंडिया मैदान में उतरेगी और करोड़ों प्रशंसक दुआ कर रहे हैं कि बाबा महाकाल की कृपा से जीत भारतीय टीम के हिस्से आए और देशभर में एक बार फिर जश्न का माहौल बने।

  • 7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा

    7 पारियों में 578 रन! भारतीय सरजमीं पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का शानदार दबदबा


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के सलामी बल्लेबाज और कप्तान शुभमन गिल का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय सरजमीं पर लगातार आग उगल रहा है। राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेले जा रहे वनडे मुकाबले में गिल ने एक बार फिर अपनी क्लास और निरंतरता का शानदार नमूना पेश किया। उन्होंने 53 गेंदों में 1 छक्का और 9 चौकों की मदद से 56 रन की अहम पारी खेली। यह इस सीरीज में उनका लगातार दूसरा अर्धशतक रहा जिसने टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाई।

    भारतीय मैदानों पर न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन गिल का रिकॉर्ड बेहद लाजवाब रहा है। गिल ने अब तक कीवी टीम के खिलाफ भारत में कुल 7 वनडे पारियां खेली हैं, जिनमें उन्होंने 115.6 की शानदार औसत से 578 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा न सिर्फ उनकी निरंतरता को दर्शाता है बल्कि बड़े मैचों में जिम्मेदारी लेने की उनकी क्षमता को भी उजागर करता है इन सात पारियों में गिल ने कई यादगार पारियां खेली हैं। इनमें 149 गेंदों पर खेली गई 208 रनों की ऐतिहासिक पारी, 78 गेंदों में 112 रन, नाबाद 80 रन और हालिया मैचों में लगातार दो अर्धशतक शामिल हैं। उनकी पारियों की सूची में 40*, 26, 56 और 56 रनों की पारियां भी शामिल हैं जो यह साबित करती हैं कि वह हर परिस्थिति में टीम के लिए योगदान दे रहे हैं।

    इस मुकाबले में भारतीय टीम शुभमन गिल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। टीम में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन संतुलन नजर आया। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों के साथ श्रेयस अय्यर और केएल राहुल विकेटकीपर मध्यक्रम को मजबूती दे रहे हैं। ऑलराउंडर के रूप में रवींद्र जडेजा और नितीश रेड्डी को शामिल किया गया है, जबकि गेंदबाजी विभाग में हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा टीम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम माइकल ब्रेसवेल की कप्तानी में मैदान पर उतरी है। कीवी टीम में डेवोन कॉनवे, हेनरी निकोल्स, विल यंग और डेरिल मिशेल जैसे भरोसेमंद बल्लेबाज मौजूद हैं। ग्लेन फिलिप्स और मिशेल हे विकेटकीपर की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि काइल जैमीसन और जैकरी फाउल्क्स गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई कर रहे हैं।

    सीरीज के पहले मुकाबले में भारत ने वडोदरा में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हराकर बढ़त बनाई थी। उस मैच में न्यूजीलैंड ने 300 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था, जवाब में टीम इंडिया ने विराट कोहली की 93 रनों की शानदार पारी और शुभमन गिल के अर्धशतक की बदौलत लक्ष्य हासिल कर लिया था।फिलहाल तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत 1-0 से आगे है। ऐसे में दूसरे मुकाबले में जीत दर्ज कर टीम इंडिया सीरीज पर कब्जा जमाने के इरादे से मैदान पर उतरी है। शुभमन गिल का मौजूदा फॉर्म देखकर यह कहना गलत नहीं होगा कि न्यूजीलैंड के गेंदबाजों के लिए आगे की राह आसान नहीं होने वाली है।

  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।


    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 और वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मुकाबले वडोदरा, राजकोट और इंदौर में आयोजित होंगे और तीनों मैच डे-नाइट होंगे।सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को वडोदरा में होगी। दूसरा मैच 14 जनवरी को राजकोट और तीसरा तथा अंतिम मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। मुकाबलों में टॉस दोपहर 1 बजे होगा और मैच 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    टीम चयन और सस्पेंस

    भारतीय टीम के चयन को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। चयनकर्ता श्रेयस अय्यर की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि अय्यर फिट नहीं होते हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिल सकता है। इसके अलावा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिए जाने की चर्चा है। वहीं ऋषभ पंत की वापसी पर भी संशय है।विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान और ईशान किशन भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं।

    रोहित और विराट पर नजर
    टीम के दो सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं। दोनों से इस सीरीज में बड़ी पारियों की उम्मीद है। उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलेगा। यह सीरीज वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    भारत बनाम न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड

    वनडे क्रिकेट में भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत रहा है। अब तक 120 वनडे मुकाबलों में भारत ने 62 जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 52 में सफलता मिली है। सात मैच बेनतीजा रहे हैं और एक मुकाबला टाई रहा है।

    लाइव प्रसारण
    भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल और ऑनलाइन दर्शक JioHotstar के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

    संभावित प्लेइंग-11

    भारत: शुभमन गिल कप्तान, रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी।न्यूजीलैंड: माइकल ब्रेसवेल कप्तान, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, टॉम लैथम, ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम, काइल जैमीसन, ट्रेंट बोल्ट, मिच हे, विल यंग, निकोल्स।इस सीरीज से टीम इंडिया को नई प्रतिभाओं की परख करने का मौका मिलेगा और खिलाड़ियों की फॉर्म पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रतिस्पर्धा और रोमांचक मुकाबले फैंस के लिए उत्साह बढ़ाने वाले होंगे।
  • 2026 में 18 मैचों में मैदान पर दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, नोट कर लीजिए डेट!

    2026 में 18 मैचों में मैदान पर दिखेंगे रोहित शर्मा और विराट कोहली, नोट कर लीजिए डेट!

    नई दिल्ली। भारत के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट और टी-20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। अब ये स्टार प्लेयर सिर्फ वनडे क्रिकेट में नजर आते हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा को देखने के लिए दर्शकों में काफी उत्साह रहता है। ऐसे में साल 2026 में भारत कितने वनडे मैच खेलेगा और कितने मैचों में विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलते हुए नजर आएंगे यह जानने की दिलचस्पी ज्यादातर क्रिकेट प्रशंसकों में होगी। साल 2026 कैलेंडर के लिए भारतीय टीम का शेड्यूल जारी हो चुका है। टीम इंडिया इस साल भी बहुत व्यस्त रहने वाली है। अभी तक निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक भारत को 2026 में 18 वनडे मैच खेलने हैं। इस दौरान अगर दोनों दिग्गजों को किसी मैच में आाराम नहीं दिया गया या चोटिल नहीं हुए तो सभी में एक्शन में दिखेंगे।

    2026 में निर्धारित 18 वनडेODI मैच:

    न्यूजीलैंड का भारत दौराजनवरी 2026:

    – 11 जनवरी: पहला वनडेवडोदरा।

    – 14 जनवरी: दूसरा वनडेराजकोट।

    – 18 जनवरी: तीसरा वनडेइन्दौर।

    अफगानिस्तान का भारत दौराजून 2026:

    इस दौरान 3 वनडे मैच खेले जाएंगेतारीखें अभी तय नहीं हैं

    भारत का इंग्लैंड दौराजुलाई 2026:

    – 14 जुलाई: पहला वनडेबर्मिंघम।

    – 16 जुलाई: दूसरा वनडेकार्डिफ।

    – 19 जुलाई: तीसरा वनडेलंदन।

    वेस्टइंडीज का भारत दौरासितंबर 2026:

    – इस श्रृंखला में 3 वनडे मैच खेले जाने हैं।

    भारत का न्यूजीलैंड दौराअक्टूबर-नवंबर 2026:

    – इस दौरे पर 3 वनडे मैच निर्धारित हैं।

    श्रीलंका का भारत दौरादिसंबर 2026:

    – साल के अंत में 3 वनडे मैच खेले जाएंगे।

    विराट कोहली और रोहित शर्मा 11 जनवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे हैं। रो-को ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी शिरकत की है। दोनों इस समय शानदार फॉर्म में चल रहे हैं। एक तरफ जहां विराट कोहली ने अपनी पिछली 6 पारियों में 3 शतक और 3 अर्धशतक लगाए हैं, वहीं रोहित शर्मा ने भी ऑस्ट्रेलिया में शतक, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अर्धशतकीय पारी और विजय हजारे ट्रॉफी में सेंचुरी लगातार शानदार फॉर्म में हैं।

  • विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।

    विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट पर नवजोत सिंह सिद्धू का इमोशनल पोस्ट सोशल मीडिया पर छाया, बोले-भगवान से सिर्फ एक विश मांगूंगा।


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट में अगर किसी खिलाड़ी ने पिछले डेढ़ दशक में सबसे ज्यादा जुनून, जुनूनी फैंस और जज्बे की पहचान बनाई है, तो वह नाम विराट कोहली का है। मैदान पर उतरते ही कोहली सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं रहते, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं की धड़कन बन जाते हैं। उनके हर शॉट, हर रिएक्शन और हर जश्न में फैंस खुद को देख लेते हैं।

    हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।

    इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।

    अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,

    अगर भगवान मुझे एक विश देते तो मैं उनसे कहता कि विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट की रिटायरमेंट से वापस लाओ। 1.5 अरब लोगों के देश को इससे बड़ी खुशी और आनंद किसी और चीज से नहीं मिल सकता। उनकी फिटनेस आज भी 20 साल के लड़के जैसी है। विराट खुद 24 कैरेट सोने जैसे खरे इंसान हैं।सिद्धू का यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि विराट कोहली ने इसी साल इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था। यह फैसला कई लोगों के लिए चौंकाने वाला था, क्योंकि कोहली की फिटनेस और फॉर्म अभी भी बेहतरीन मानी जा रही थी।

    विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

  • डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक

    डेंगू–चिकनगुनिया से जूझ रहे युजवेंद्र चहल, फिटनेस बिगड़ने के कारण क्रिकेट से कुछ हफ्तों का ब्रेक


    नई दिल्ली/भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इन दिनों क्रिकेट मैदान से दूर हैं। इसकी वजह उननई दिल्लीकी खराब सेहत है। चहल डेंगू और चिकनगुनिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिसके चलते उनकी फिटनेस पर गहरा असर पड़ा है और उन्हें डॉक्टरों ने पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है। इस बीमारी के कारण उन्हें घरेलू क्रिकेट के अहम मुकाबलों से भी बाहर रहना पड़ा है।युजवेंद्र चहल को आखिरी बार नवंबर महीने में हरियाणा की ओर से सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ग्रुप मैच में खेलते हुए देखा गया था। इसके बाद से ही वह टीम से लगातार बाहर चल रहे थे, जिससे उनके फैंस के बीच उनकी अनुपस्थिति को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे। अब खुद चहल ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस बात की पुष्टि कर दी है कि वह डेंगू और चिकनगुनिया से प्रभावित रहे हैं और इसी वजह से क्रिकेट से ब्रेक लेना पड़ा। 
    सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला हरियाणा के लिए बेहद अहम था, लेकिन इस निर्णायक मैच में भी चहल अपनी टीम का हिस्सा नहीं बन सके। फाइनल से पहले उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी सेहत को लेकर अपडेट साझा किया। चहल ने लिखा कि वह टीम के साथ मैदान पर उतरना चाहते थे, लेकिन शरीर ने साथ नहीं दिया। उन्होंने हरियाणा टीम को फाइनल के लिए शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि वह जल्द पूरी तरह फिट होकर वापसी करेंगे।

    डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।

    बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।

  • Ind vs SA: चौथा T-20 आज लखनऊ में… टीम इंडिया रच सकती है नया इतिहास

    Ind vs SA: चौथा T-20 आज लखनऊ में… टीम इंडिया रच सकती है नया इतिहास


    नई दिल्ली।
    टीम इंडिया (Team India) आज जब साउथ अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज (T20 series) के चौथे मुकाबले में उतरेगी तो एक नया इतिहास लिखना चाहेगी। लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम (Ekana Cricket Stadium) में सीरीज का चौथा मुकाबला आज यानी बुधवार 17 दिसंबर को खेला जाना है। टीम इंडिया सीरीज में 2-1 से आगे है। अगर इस मैच को भारतीय टीम जीतने में सफल होती है तो सीरीज भी अपने नाम कर लेगी। इसी के साथ एक नया इतिहास लिखा जाएगा। पांच मैचों की टी20 सीरीज अभी तक साउथ अफ्रीका (South Africa) की टीम हारी नहीं है, लेकिन अब ऐसा हो सकता है। या तो लखनऊ में या फिर 19 दिसंबर को अहमदाबाद में ऐसा होने की पूरी संभावना है।

    दरअसल, साउथ अफ्रीका ने अपने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में अभी तक सिर्फ दो बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली है। इनमें से एक बार टीम ने उस सीरीज को जीता है, जबकि एक सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही है, लेकिन पहली बार साउथ अफ्रीका की टीम पर पांच मैचों की टी20 सीरीज को हारने का खतरा मंडरा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ साउथ अफ्रीका ने 3-2 से एक पांच मैचों की टी20 सीरीज जीती हुई है, जबकि इंडिया के साथ 2-2 से एक सीरीज बराबर कराई हुई है, लेकिन लखनऊ और अहमदाबाद में एक हार साउथ अफ्रीका का रिकॉर्ड खराब कर देगी।

    टीम इंडिया ने इस चौथे टी20 या फिर 19 दिसंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले आखिरी टी20 मैच को जीता तो टीम सीरीज जीत जाएगी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर भारत की ये दूसरी टी20 सीरीज जीत होगी। इससे पहले भारत ने 2022-23 में एक टी20 सीरीज साउथ अफ्रीका के खिलाफ जीती हुई है। हालांकि, इससे पहले एक भी सीरीज घर पर टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ नहीं जीती थी। कप्तान सूर्यकुमार यादव के पास एक नया इतिहास लिखने का मौका है। वहीं, साउथ अफ्रीका की टीम अभी भी वापसी कर सकती है। ऐसे में लखनऊ में होने वाला मैच बहुत ज्यादा रोमांचक होने की उम्मीद है। हालांकि, हाई स्कोरिंग मुकाबला शायद न हो, क्योंकि वहां की पिचों पर स्पिनरों को फायदा मिलता है।