

हालांकि अब विराट कोहली अपने करियर के अंतिम दौर की ओर बढ़ रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर उन्होंने धीरे-धीरे क्रिकेट के कुछ फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया है। टी20 क्रिकेट से पहले ही दूरी बना चुके कोहली ने इसी साल टेस्ट क्रिकेट से भी संन्यास लेकर फैंस को भावुक कर दिया। फिलहाल 37 वर्षीय कोहली केवल वनडे क्रिकेट में ही भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।फैंस भले ही विराट को टी20 में पसंद करते रहे हों, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उनकी मौजूदगी कुछ अलग ही रोमांच पैदा करती थी। उनकी आक्रामक कप्तानी, तेज गेंदबाजों को उकसाने वाला अंदाज और कठिन परिस्थितियों में टीम को संभालने की क्षमता टेस्ट क्रिकेट को खास बना देती थी। यही वजह है कि आज भी फैंस को टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली की सबसे ज्यादा कमी खलती है।
इसी भावनात्मक जुड़ाव को शब्दों में पिरोया है भारत के पूर्व क्रिकेटर और मशहूर कमेंटेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने। हाल ही में सिद्धू ने सोशल मीडिया पर विराट कोहली को लेकर एक पोस्ट साझा की जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इस पोस्ट को फैंस कोहली पगलूपोस्ट कहकर शेयर कर रहे हैं और जमकर भावनाएं जता रहे हैं।नवजोत सिंह सिद्धू ने इंस्टाग्राम पर लिखा कि अगर भगवान उन्हें सिर्फ एक इच्छा मांगने का मौका दें, तो वह विराट कोहली की टेस्ट रिटायरमेंट वापस लेने की मांग करेंगे। सिद्धू के इस बयान ने करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को जैसे आवाज दे दी हो।
अपनी पोस्ट में सिद्धू ने लिखा,
विराट कोहली ने 12 मई 2025 को आधिकारिक रूप से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा। उन्होंने भारत के लिए 123 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 46.85 की शानदार औसत से 9,230 रन बनाए। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं। आंकड़ों से कहीं ज्यादा, कोहली का योगदान भारतीय टेस्ट टीम की मानसिकता बदलने में रहा।आज भले ही विराट टेस्ट क्रिकेट से दूर हों, लेकिन उनकी मौजूदगी और विरासत हर टेस्ट मैच में महसूस की जाती है। नवजोत सिंह सिद्धू का यह पोस्ट इस बात का सबूत है कि विराट कोहली सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक युग हैं जिसकी कमी आने वाले सालों तक महसूस की जाती रहेगी।

डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से उबरने में आमतौर पर समय लगता है और इसका सीधा असर खिलाड़ी की फिटनेस और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में चहल की वापसी को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि अब उनकी नजरें विजय हजारे ट्रॉफी पर होंगी, जिसकी शुरुआत 24 दिसंबर से हो रही है। हालांकि, इसमें उनका खेलना पूरी तरह उनकी फिटनेस रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।गौरतलब है कि युजवेंद्र चहल पिछले काफी समय से भारतीय सीनियर टीम से भी बाहर चल रहे हैं। अगस्त 2023 के बाद से उन्होंने भारत के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेला है। टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्हें राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला, हालांकि इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और विदेशी लीगों में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा है।
बीमारी से पहले चहल इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलते हुए नजर आए थे। उन्होंने नॉर्थम्पटनशायर की ओर से वनडे कप और काउंटी चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी गेंदबाजी किफायती रही, जबकि रेड बॉल क्रिकेट में उन्होंने तीन मैचों में 12 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की थी। उनके इस प्रदर्शन ने यह दिखाया था कि वह अभी भी लंबे फॉर्मेट में प्रभावी गेंदबाज बने हुए हैं।फिलहाल, चहल का पूरा फोकस अपनी सेहत पर है। फैंस और क्रिकेट जगत को उम्मीद है कि वह जल्द ही इन बीमारियों से पूरी तरह उबरकर मैदान पर वापसी करेंगे और एक बार फिर अपनी लेग स्पिन से बल्लेबाजों को परेशान करते नजर आएंगे।

दरअसल, साउथ अफ्रीका ने अपने टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में अभी तक सिर्फ दो बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली है। इनमें से एक बार टीम ने उस सीरीज को जीता है, जबकि एक सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही है, लेकिन पहली बार साउथ अफ्रीका की टीम पर पांच मैचों की टी20 सीरीज को हारने का खतरा मंडरा रहा है। वेस्टइंडीज के खिलाफ साउथ अफ्रीका ने 3-2 से एक पांच मैचों की टी20 सीरीज जीती हुई है, जबकि इंडिया के साथ 2-2 से एक सीरीज बराबर कराई हुई है, लेकिन लखनऊ और अहमदाबाद में एक हार साउथ अफ्रीका का रिकॉर्ड खराब कर देगी।
टीम इंडिया ने इस चौथे टी20 या फिर 19 दिसंबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले आखिरी टी20 मैच को जीता तो टीम सीरीज जीत जाएगी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर भारत की ये दूसरी टी20 सीरीज जीत होगी। इससे पहले भारत ने 2022-23 में एक टी20 सीरीज साउथ अफ्रीका के खिलाफ जीती हुई है। हालांकि, इससे पहले एक भी सीरीज घर पर टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ नहीं जीती थी। कप्तान सूर्यकुमार यादव के पास एक नया इतिहास लिखने का मौका है। वहीं, साउथ अफ्रीका की टीम अभी भी वापसी कर सकती है। ऐसे में लखनऊ में होने वाला मैच बहुत ज्यादा रोमांचक होने की उम्मीद है। हालांकि, हाई स्कोरिंग मुकाबला शायद न हो, क्योंकि वहां की पिचों पर स्पिनरों को फायदा मिलता है।

बीसीसीआई की ओर से जारी आधिकारिक बयान में बताया गया कि अक्षर पटेल धर्मशाला में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले के दौरान प्लेइंग इलेवन के चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे। उनकी तबीयत में अपेक्षित सुधार न होने के कारण मेडिकल टीम ने उन्हें आगे के मैचों में खेलने से रोकने का फैसला किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अक्षर टीम के साथ लखनऊ जाएंगे, जहां उनकी नियमित मेडिकल जांच की जाएगी और रिकवरी पर नजर रखी जाएगी। अक्षर के बाहर होने के बाद भारतीय टीम प्रबंधन ने उनके विकल्प के तौर पर बंगाल के ऑलराउंडर शाहबाज अहमद को टीम में शामिल किया है। शाहबाज अहमद घरेलू क्रिकेट में अपने हरफनमौला प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं और पहले भी भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके हैं। उन्होंने अब तक तीन वनडे और दो टी20 मुकाबले खेले हैं, हालांकि टी20 फॉर्मेट में उन्हें बल्लेबाजी का ज्यादा अवसर नहीं मिला है। इसके बावजूद टीम को उनसे गेंद और बल्ले दोनों से संतुलन देने की उम्मीद रहेगी।
इस बीच तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बुमराह तीसरे टी20 मैच के दौरान टीम चयन के लिए उपलब्ध नहीं थे और निजी कारणों के चलते स्वदेश लौट गए थे। अब तक उनकी वापसी को लेकर बीसीसीआई या टीम मैनेजमेंट की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है। उनकी अनुपस्थिति में युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को मौका मिला, जिन्होंने अपनी ऊर्जा और गति से प्रभावित किया।सीरीज के मौजूदा हालात की बात करें तो भारतीय टीम ने तीसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण अफ्रीका को हराया और सीरीज में 2-1 की अहम बढ़त हासिल की। इस जीत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया है, लेकिन अंतिम दो मैचों से पहले टीम संयोजन में बदलाव चुनौती बन सकता है।
अंतिम दो मुकाबलों के लिए भारतीय टीम की कमान कप्तान सूर्यकुमार यादव के हाथों में रहेगी, जबकि उपकप्तान की भूमिका शुभमन गिल निभाएंगे। टीम में हार्दिक पंड्या, तिलक वर्मा, शिवम दुबे, संजू सैमसन और विकेटकीपर जितेश शर्मा जैसे आक्रामक और संतुलित खिलाड़ी शामिल हैं। गेंदबाजी विभाग में वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, वाशिंगटन सुंदर, हर्षित राणा और शाहबाज अहमद टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे।
अक्षर पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ी की गैरमौजूदगी निश्चित रूप से टीम के संतुलन को प्रभावित कर सकती है, खासकर मिडिल ओवर्स में। ऐसे में शाहबाज अहमद के लिए यह खुद को साबित करने का सुनहरा मौका होगा। वहीं, अगर जसप्रीत बुमराह की वापसी होती है तो यह भारतीय टीम के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।अब सभी की नजरें लखनऊ में होने वाले अंतिम दो मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां टीम इंडिया सीरीज जीत की मुहर लगाने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

भारत vs श्रीलंका की महिला टीमों के बीच होगा मुकाबला
भारत और श्रीलंका की महिला क्रिकेट टीमें जल्द ही आमने-सामने होंगी। टीम इंडिया का ऐलान हो गया है और दोनों टीमों के बीच पांच टी20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज खेली जाएगी। पहला मुकाबला 21 दिसंबर को विशाखापट्टनम में खेला जाएगा, जबकि सीरीज का समापन 30 दिसंबर को होगा। पहले तो केवल शेड्यूल की घोषणा हुई थी, लेकिन अब टीम इंडिया की लाइनअप भी सामने आ चुकी है। वनडे वर्ल्ड कप के बाद यह भारतीय महिला टीम की पहली अंतरराष्ट्रीय सीरीज होगी।
स्मृति मंधाना हाल के दिनों में रहीं सुर्खियों में
भारतीय महिला टीम ने वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में साउथ अफ्रीका को हराकर पहली बार यह खिताब जीता था और इस ऐतिहासिक जीत का हिस्सा स्मृति मंधाना भी थीं। हालांकि हाल के दिनों में वो अपने क्रिकेट से ज्यादा निजी जीवन को लेकर खबरों में रही हैं। चर्चा थी कि उनकी शादी जल्द होने वाली है, लेकिन उसी दौरान उनके पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण समारोह को टाल दिया गया। बाद में स्मृति ने सोशल मीडिया पर खुद स्पष्ट किया कि अब यह शादी नहीं होने वाली। हालांकि इस पूरे मामले में पर्दे के पीछे क्या हुआ, इसकी जानकारी अभी पूरी तरह सामने नहीं आई है।
टी20 इंटरनेशनल में स्मृति मंधाना का दमदार रिकॉर्ड
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में स्मृति मंधाना के प्रदर्शन हमेशा से शानदार रहे हैं। अब तक वह 154 मैच खेलकर 3984 रन जुटा चुकी हैं। उनके नाम एक शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी स्थिरता और क्लास का सबूत हैं। आईसीसी टी20 रैंकिंग में वह वर्तमान में तीसरे स्थान पर काबिज हैं, जहां उनकी रेटिंग 767 है। उनसे ऊपर हीली मैथ्यूज और बेथ मूनी हैं, लेकिन स्मृति के फॉर्म को देखते हुए यह भी संभव है कि वह जल्द शीर्ष स्थान पर पहुंच जाएं। कुल मिलाकर, जब भी स्मृति मैदान पर उतरती हैं, हर किसी की निगाहें उन्हीं पर टिक जाती हैं। इस बार भी ऐसे ही होने की उम्मीद है।
भारत-श्रीलंका टी20 श्रृंखला: पूरा कार्यक्रम
भारत और श्रीलंका की महिला टीमों के बीच टी20 सीरीज का कार्यक्रम इस प्रकार है-
पहला टी20: 21 दिसंबर – विशाखापत्तनम
दूसरा टी20: 23 दिसंबर – विशाखापत्तनम
तीसरा टी20: 26 दिसंबर – तिरुवनंतपुरम
चौथा टी20: 28 दिसंबर – तिरुवनंतपुरम
पांचवां टी20: 30 दिसंबर – तिरुवनंतपुरम
श्रीलंका सीरीज के लिए भारतीय महिला टीम का स्क्वॉड
हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, हरलीन देयोल, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा।

विशाखापट्टनम में आज यानी शनिवार 6 दिसंबर को खेले जाने वाले सीरीज डिसाइडर मैच में भी ओस एक अहम कारक होगा। यहां टॉस महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि दूसरी पारी में ओस गिरने की संभावना है। इसका फायदा बल्लेबाजी टीम को मिलता है, लेकिन भारत के असिस्टेंट कोच ने बताया है कि ड्यू फैक्टर से कैसे निपटा जा सकता है? तीसरे ODI मैच से पहले रयान टेन डोएशे ने बताया, “सबसे बड़ी चुनौती, फिर से, पहले बैटिंग करने और दूसरी बैटिंग करने वाली टीम के बीच का अंतर होने वाला है। मुझे लगता है कि यह वनडे क्रिकेट में ज्यादा साफ तौर पर दिख रहा है और यही असली चुनौती है।”
रायपुर में टीम इंडिया ने 359 रनों का टारगेट साउथ अफ्रीका के सामने रखा, जिसे भारतीय गेंदबाज डिफेंड नहीं कर सके। इस पर डोएशे ने कहा, “ओस का फैक्टर बहुत बड़ा है, हां, यह साफ तौर पर हमारी गलती नहीं है, लेकिन इससे निपटने का तरीका ढूंढना हमारी जिम्मेदारी है।” इसका सॉल्यूशन उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह सच है कि दूसरी पारी शुरू होते ही ओस गिरने लगती है। इसका मतलब है कि ओस पूरे समय रहती है, इसलिए मैच का समय बदलने से इसका असर थोड़ा कम हो सकता है। अगर आप दो घंटे पहले मैच शुरू करते हैं, तो यह एक समाधान हो सकता है।” उन्होंने माना है कि ऐसा करने के लिए सभी स्टेकहोल्डर्स को साथ आना होगा।

हालांकि हरभजन ने उम्मीद जताई कि रोहित और कोहली 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप तक खेलते रहेंगे। वर्तमान में रोहित 38 वर्ष के और विराट कोहली 37 वर्ष के हैं, और ये दोनों केवल वनडे प्रारूप में सक्रिय हैं। उनके वनडे विश्व कप तक खेलते रहने को लेकर अभी टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
हरभजन ने जताई अपनी चिंता
हरभजन ने कहा ये मेरी समझ से परे है। मैं इसका जवाब नहीं दे पाऊंगा। मैं खुद खिलाड़ी रहा हूं और जो मैं देख रहा हूं, वह मेरे साथ भी हुआ है। कई साथियों के साथ ऐसा हुआ, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में 417 विकेट लेने वाले इस स्पिनर ने कोहली और रोहित के साथ किए जा रहे व्यवहार पर कहा, जब मैं विराट कोहली जैसे खिलाड़ी को देखता हूं, जो अभी भी शानदार प्रदर्शन कर रहा है, तो मुझे बहुत खुशी होती है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उनके भविष्य के बारे में फैसला ऐसे लोग कर रहे हैं जिन्होंने अपने करियर में कुछ खास हासिल नहीं किया।
रोहित-कोहली युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं
हरभजन ने उम्मीद जताई कि वनडे विश्व कप तक रोहित और कोहली शानदार फॉर्म में रहेंगे और युवा खिलाड़ियों के लिए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन की भी तारीफ की। विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर लगातार दो शतक लगाए हैं जबकि रोहित शर्मा ने पिछली चार पारियों में दो अर्धशतक और एक शतक बनाया। हरभजन ने कहा, उन्होंने हमेशा रन बनाए हैं और भारत के लिए लगातार अच्छा योगदान दिया है। उन्होंने बल्लेबाज के रूप में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम के कप्तान भी रहे हैं।
हरभजन ने जोड़ते हुए कहा