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  • 85 टेस्ट के अनुभवी रहाणे अब बताएंगे क्रिकेट की बारीकियां, श्रीलंका सीरीज से कमेंट्री बॉक्स में एंट्री

    85 टेस्ट के अनुभवी रहाणे अब बताएंगे क्रिकेट की बारीकियां, श्रीलंका सीरीज से कमेंट्री बॉक्स में एंट्री


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने मैदान को अलविदा कहने के बाद अब क्रिकेट से जुड़ी अपनी नई पारी शुरू करने की तैयारी कर ली है। 38 वर्षीय रहाणे भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से कमेंट्री की दुनिया में कदम रखेंगे। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल में खेला जाना है और इसी मुकाबले से रहाणे कमेंट्री बॉक्स में अपनी नई भूमिका निभाते नजर आएंगे।

    रहाणे ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। 30 जुलाई 2026 को क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद अब वह अपने लंबे खेल अनुभव को एक अलग अंदाज में क्रिकेट फैंस तक पहुंचाएंगे। टेस्ट क्रिकेट में लंबे समय तक भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले रहाणे अब बल्ले की जगह माइक के जरिए खेल की रणनीतियों और बारीकियों पर अपनी राय साझा करेंगे।

    कमेंट्री में डेब्यू को लेकर रहाणे ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि भारत के श्रीलंका दौरे के लिए टेस्ट कमेंट्री में डेब्यू करने को लेकर वह उत्साहित हैं। उनके मुताबिक टेस्ट क्रिकेट खेल का शिखर है और इतने वर्षों तक इस फॉर्मेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने के बाद अब खेल को एक अलग नजरिए से देखना उनके लिए सौभाग्य की बात है। रहाणे ने यह भी कहा कि वह अपने अनुभव को फैंस के साथ साझा करना चाहते हैं और उन फैसलों तथा रणनीतियों को समझाने की कोशिश करेंगे जो टेस्ट मैच की दिशा तय करते हैं।

    रहाणे का कमेंट्री में पदार्पण इसलिए भी खास है क्योंकि उनका क्रिकेट करियर मुख्य रूप से टेस्ट क्रिकेट से गहराई से जुड़ा रहा है। उन्होंने 2013 में टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए डेब्यू किया था। इससे पहले 2011 में उन्होंने वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला जुलाई 2023 में टेस्ट मैच के रूप में आया था।

    अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मुकाबले खेले। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 144 पारियों में 12 शतक और 26 अर्धशतक की मदद से 5,077 रन बनाए। वनडे क्रिकेट में उनके नाम 3 शतक और 24 अर्धशतक के साथ 2,962 रन दर्ज हैं। टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उन्होंने एक अर्धशतक की मदद से 375 रन बनाए।

    रहाणे की पहचान भारतीय क्रिकेट में एक भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर रही है। मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य के साथ बल्लेबाजी करने और टीम को संभालने की उनकी क्षमता ने उन्हें खास पहचान दिलाई। अब वही अनुभव कमेंट्री के दौरान उनके लिए सबसे बड़ा हथियार होगा। टेस्ट क्रिकेट की रणनीति, बल्लेबाजों की तकनीक, गेंदबाजों की योजना और मैच के दौरान लिए जाने वाले फैसलों पर उनकी राय फैंस के लिए दिलचस्प हो सकती है।

    भारत और श्रीलंका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से रहाणे की नई भूमिका की शुरुआत ऐसे समय हो रही है जब वह खुद हाल ही में पेशेवर क्रिकेट से अलग हुए हैं। मैदान पर वर्षों के अनुभव के बाद अब कमेंट्री बॉक्स में उनका नजरिया क्रिकेट प्रेमियों को खेल को और करीब से समझने का मौका दे सकता है। ऐसे में रहाणे के फैंस के लिए यह उनके पसंदीदा क्रिकेटर को एक नए अंदाज में देखने का खास मौका होगा।

  • बाबर आजम ने लगाई 5 पायदान की छलांग, ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 में एंट्री; भारत के 2 बल्लेबाज भी टॉप-10 में

    बाबर आजम ने लगाई 5 पायदान की छलांग, ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप-10 में एंट्री; भारत के 2 बल्लेबाज भी टॉप-10 में


    नई दिल्ली। आईसीसी की ओर से बुधवार को जारी ताजा टेस्ट रैंकिंग में पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज और कप्तान बाबर आजम ने शानदार वापसी करते हुए टॉप-10 में जगह बना ली है। वेस्टइंडीज दौरे पर बल्ले से किए गए प्रभावशाली प्रदर्शन का बाबर को सीधा फायदा मिला है। उन्होंने पांच पायदान की छलांग लगाते हुए टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में 10वां स्थान हासिल कर लिया है। खास बात यह है कि टॉप-10 में शामिल होने वाले वह पाकिस्तान के इकलौते बल्लेबाज हैं।

    वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज में बाबर आजम ने चार पारियों में 193 रन बनाए थे। इस दौरान उनके बल्ले से दो अर्धशतक निकले। लगातार अच्छी बल्लेबाजी के बाद उनकी रैंकिंग में सुधार हुआ और वह पांच स्थान ऊपर पहुंच गए। बाबर की टॉप-10 में वापसी को पाकिस्तान क्रिकेट के लिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से उनके प्रदर्शन और रैंकिंग को लेकर चर्चा होती रही है।

    टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड पहले स्थान पर बने हुए हैं। इंग्लैंड के हैरी ब्रूक दूसरे और अनुभवी जो रूट तीसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ चौथे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के टेंबा बावुमा पांचवें पायदान पर हैं। श्रीलंका के कामिंडु मेंडिस छठे और भारत के शुभमन गिल सातवें स्थान पर हैं। न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र आठवें और भारत के यशस्वी जायसवाल नौवें नंबर पर हैं। बाबर आजम 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वहीं श्रीलंका के दिनेश चांदीमल एक स्थान फिसलकर 11वें नंबर पर पहुंच गए और टॉप-10 से बाहर हो गए।

    गेंदबाजों की रैंकिंग में भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह का दबदबा कायम है। बुमराह टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में नंबर-1 पर बने हुए हैं। न्यूजीलैंड के मैट हेनरी दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क तीसरे स्थान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस चौथे और दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन पांचवें पायदान पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड छठे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के कगिसो रबाडा को एक स्थान का फायदा हुआ है और वह सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं। पाकिस्तान के नोमान अली एक स्थान नीचे खिसके हैं। ऑस्ट्रेलिया के जोश हेजलवुड नौवें और नाथन लियोन 10वें स्थान पर हैं। टॉप-10 में ऑस्ट्रेलिया के पांच गेंदबाज शामिल हैं।

    ऑलराउंडरों की रैंकिंग में भारत के रवींद्र जडेजा का दबदबा बरकरार है। वह नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन दूसरे और ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क तीसरे नंबर पर हैं। बांग्लादेश के मेहदी हसन मिराज चौथे और ऑस्ट्रेलिया के पैट कमिंस पांचवें स्थान पर हैं। दक्षिण अफ्रीका के वियान मुल्डर छठे और भारत के वाशिंगटन सुंदर सातवें पायदान पर हैं। इंग्लैंड के गस एटकिंसन आठवें, वेस्टइंडीज के जस्टिन ग्रिव्स नौवें और इंग्लैंड के जो रूट 10वें नंबर पर हैं।

    भारतीय खिलाड़ियों की बात करें तो बल्लेबाजी में शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल टॉप-10 में मौजूद हैं, जबकि गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह का शीर्ष स्थान कायम है। ऑलराउंडरों की सूची में रवींद्र जडेजा के अलावा वाशिंगटन सुंदर भी शीर्ष 10 में शामिल हैं। ऐसे में ताजा रैंकिंग में भारत, पाकिस्तान और अन्य टेस्ट खेलने वाले देशों के खिलाड़ियों के बीच मुकाबला लगातार दिलचस्प बना हुआ है।

  • श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप

    श्रीलंका की धरती पर टीम इंडिया का दबदबा, 24 टेस्ट में 9 जीत; कोहली की कप्तानी में 2017 में किया था क्लीन स्वीप


    नई दिल्ली । भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का रोमांच 15 अगस्त से शुरू होने जा रहा है। नए टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की अगुवाई में टीम इंडिया श्रीलंका की धरती पर अपने मजबूत रिकॉर्ड को बरकरार रखने के इरादे से मैदान में उतरेगी। भारतीय टीम के सामने न सिर्फ सीरीज जीतने की चुनौती होगी बल्कि पिछले कुछ वर्षों से श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में चले आ रहे दबदबे को कायम रखने की जिम्मेदारी भी होगी।

    श्रीलंका की सरजमीं पर भारतीय टीम का रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। भारत ने अब तक वहां कुल 24 टेस्ट मैच खेले हैं। इनमें टीम इंडिया ने 9 मुकाबलों में जीत दर्ज की है, जबकि 7 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा। वहीं 8 टेस्ट मुकाबले ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि विदेशी परिस्थितियों में खेलने के बावजूद भारतीय टीम ने श्रीलंका के खिलाफ लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है।

    भारत ने आखिरी बार 2017 में श्रीलंका का दौरा किया था। उस दौरे पर विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंकाई टीम का सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया था। उस दौरे की जीत भारतीय टेस्ट क्रिकेट के यादगार अभियानों में शामिल रही। टीम इंडिया ने तीनों मुकाबलों में अपना दबदबा कायम रखा और श्रीलंका को किसी भी मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।

    अगर भारत और श्रीलंका के बीच ओवरऑल टेस्ट रिकॉर्ड की बात करें तो दोनों टीमों के बीच अब तक 46 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारत ने 22 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि श्रीलंका को सिर्फ 7 मुकाबलों में जीत मिली है। दोनों टीमों के बीच कई मुकाबले ड्रॉ भी रहे हैं। यह आंकड़ा साफ तौर पर बताता है कि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम का पलड़ा काफी भारी रहा है।

    भारत और श्रीलंका की आखिरी टेस्ट भिड़ंत 2022 में हुई थी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने उस सीरीज में श्रीलंका को 2-0 से हराया था। ऐसे में भारतीय टीम के पास श्रीलंका के खिलाफ लगातार सीरीज जीतने का सिलसिला आगे बढ़ाने का मौका है। हालांकि इस बार कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल के कंधों पर है और उनके लिए यह सीरीज बतौर टेस्ट कप्तान एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है।

    सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम ने तीन दिवसीय वॉर्मअप मुकाबले में भी अपनी तैयारियों का मजबूत संकेत दिया। टीम इंडिया ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन को 6 विकेट से हराया। इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने अच्छी लय दिखाई। यशस्वी जायसवाल, देवदत्त पडिक्कल, रवींद्र जडेजा और कप्तान शुभमन गिल ने प्रभावशाली बल्लेबाजी की।

    देवदत्त पडिक्कल ने पहली पारी में शानदार शतक लगाते हुए 142 रन की नाबाद पारी खेली। उनके प्रदर्शन से भारतीय टीम के मध्यक्रम को मजबूती मिली। वहीं अन्य बल्लेबाजों ने भी उपयोगी पारियां खेलकर सीरीज से पहले अपनी तैयारियों का संकेत दिया।

    अब सबकी नजरें 15 अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज पर हैं। शुभमन गिल के लिए यह सिर्फ श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट मैचों की सीरीज नहीं होगी बल्कि बतौर कप्तान अपने नेतृत्व को मजबूत करने का भी बड़ा अवसर होगा। भारत के शानदार पुराने रिकॉर्ड, हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की अच्छी फॉर्म को देखते हुए टीम इंडिया को मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि श्रीलंका की परिस्थितियों में स्पिन और मौसम जैसी चुनौतियां भारतीय टीम की परीक्षा ले सकती हैं। ऐसे में गिल की कप्तानी में टीम इंडिया अपने पुराने दबदबे को नए अंदाज में कायम कर पाती है या नहीं, इसका जवाब सीरीज के दौरान मिलेगा।

  • टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार

    टीम इंडिया का श्रीलंका के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड, 2015 के बाद नहीं झेलनी पड़ी टेस्ट में हार


    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की बहुप्रतीक्षित टेस्ट सीरीज का आगाज 15 अगस्त से होने जा रहा है। इस सीरीज के लिए भारतीय टीम श्रीलंका पहुंच चुकी है और खिलाड़ियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में उतरने वाली भारतीय टीम का आत्मविश्वास काफी मजबूत है क्योंकि टेस्ट क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ उसका रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। पिछले 11 वर्षों में टीम इंडिया ने श्रीलंका के खिलाफ एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं गंवाया है और अब उसकी नजर इस शानदार सिलसिले को आगे बढ़ाने पर होगी।

    भारत और श्रीलंका के बीच अब तक कुल 46 टेस्ट मुकाबले खेले जा चुके हैं। इनमें भारतीय टीम ने 22 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि श्रीलंका केवल 7 मुकाबले जीत सका है। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। आंकड़े साफ बताते हैं कि लंबे समय से इस प्रतिद्वंद्विता में भारत का पलड़ा भारी रहा है। खास बात यह है कि वर्ष 2015 के बाद से श्रीलंका भारत के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल नहीं कर पाया है। पिछले 10 टेस्ट मुकाबलों में टीम इंडिया ने हार का स्वाद नहीं चखा और यही रिकॉर्ड उसे इस बार भी मनोवैज्ञानिक बढ़त देता है।

    हालांकि सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम को बड़ा झटका भी लगा है। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पूरी तरह फिट नहीं हो सके और चोट के कारण इस सीरीज से बाहर हो गए हैं। बुमराह की गैरमौजूदगी भारतीय तेज आक्रमण के लिए चुनौती जरूर है लेकिन टीम प्रबंधन ने उनकी जगह जम्मू कश्मीर के युवा तेज गेंदबाज आकिब नबी को मौका दिया है। आकिब घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और जम्मू कश्मीर से भारतीय टेस्ट टीम में जगह बनाने वाले पहले खिलाड़ी बनकर इतिहास भी रच चुके हैं। अब सभी की नजर उनके प्रदर्शन पर रहेगी।

    टीम इंडिया के लिए एक राहत की खबर साई सुदर्शन की फिटनेस को लेकर भी सामने आई है। शुरुआती आशंकाओं के बावजूद उम्मीद जताई जा रही है कि वह पहले टेस्ट से पहले पूरी तरह फिट होकर टीम से जुड़ जाएंगे। यदि ऐसा होता है तो भारत की बल्लेबाजी और भी मजबूत नजर आएगी। शुभमन गिल के नेतृत्व में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का संतुलन टीम को मजबूत बनाता है।

    सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। गाले की पिच पर स्पिन गेंदबाजों की भूमिका बेहद अहम रहती है इसलिए रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे स्पिनरों पर बड़ी जिम्मेदारी होगी। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा जहां भारत सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगा।

    भारतीय टीम के स्क्वॉड में शुभमन गिल कप्तान जबकि केएल राहुल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे। यशस्वी जायसवाल ऋषभ पंत साई सुदर्शन ध्रुव जुरेल रवींद्र जडेजा कुलदीप यादव मोहम्मद सिराज प्रसिद्ध कृष्णा गुरनूर बरार देवदत्त पडिक्कल सारांश जैन मानव सुथार और आकिब नबी टीम का हिस्सा हैं। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों से सजी यह टीम श्रीलंका में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। क्रिकेट प्रेमियों की नजर अब इस बात पर होगी कि क्या भारत अपना 11 साल का अजेय रिकॉर्ड कायम रखते हुए एक और टेस्ट सीरीज अपने नाम कर पाएगा।

  • पाकिस्तान की शानदार वापसी, स्पिन आक्रमण के दम पर विदेशी धरती पर टेस्ट जीत दर्ज

    पाकिस्तान की शानदार वापसी, स्पिन आक्रमण के दम पर विदेशी धरती पर टेस्ट जीत दर्ज


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आखिरकार विदेशी धरती पर जीत का लंबा इंतजार खत्म कर दिया है। त्रिनिदाद के पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित क्वींस पार्क ओवल मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की बल्कि लगभग तीन साल से चले आ रहे विदेशी सरजमीं पर हार के सिलसिले को भी समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1 1 से बराबर कर सम्मानजनक वापसी की।

    बाबर आजम को दोबारा टेस्ट टीम की कमान मिलने के बाद यह उनकी पहली विदेशी सीरीज थी और उन्होंने शुरुआत ही यादगार जीत के साथ की। इससे पहले पाकिस्तान ने घर से बाहर आखिरी टेस्ट जीत जुलाई 2023 में श्रीलंका के खिलाफ हासिल की थी। इसके बाद टीम लगातार आठ विदेशी टेस्ट मुकाबले हार चुकी थी। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली यह जीत टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    मैच की शुरुआत में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने मजबूत चुनौती पेश की। जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त बाद में मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

    दूसरी पारी में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पाकिस्तान के स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बिखर गई। अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम महज 117 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ लगातार दबाव बनाए रखा जिससे मेजबान टीम वापसी नहीं कर सकी।

    जीत के लिए मिले 75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। इमाम उल हक केवल 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि अजान अवैस भी 9 रन ही बना सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक ने जिम्मेदारी संभाली और किसी भी तरह का जोखिम उठाए बिना टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

    अब्दुल्ला शफीक ने 51 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए जबकि कप्तान बाबर आजम भी 24 रन बनाकर अंत तक टिके रहे। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को आठ विकेट से यादगार जीत दिलाई। यह जीत सिर्फ एक टेस्ट मैच की सफलता नहीं बल्कि विदेशी परिस्थितियों में टीम के आत्मविश्वास की वापसी का संकेत भी मानी जा रही है।

    पहले टेस्ट में 90 रन से मिली हार के बाद पाकिस्तान पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन दूसरे मुकाबले में टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोरदार वापसी की। बल्लेबाजों ने पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा किया तो गेंदबाजों ने दूसरी पारी में मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया।

    इस जीत से बाबर आजम की कप्तानी को भी मजबूती मिली है और आने वाले विदेशी दौरों के लिए पाकिस्तान टीम का मनोबल काफी बढ़ा है। लंबे समय बाद विदेशी धरती पर मिली यह सफलता टीम के लिए नई शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।

  • पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान का शिकंजा, वेस्टइंडीज के 6 विकेट गिरे, हार का खतरा गहराया

    पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान का शिकंजा, वेस्टइंडीज के 6 विकेट गिरे, हार का खतरा गहराया


    नई दिल्ली। पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वींस पार्क ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों ने दूसरी पारी में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह झकझोर दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक मेजबान टीम 103 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी और उसकी कुल बढ़त सिर्फ 60 रन तक पहुंच सकी थी। ऐसे में चौथे दिन पाकिस्तान जीत से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है।

    वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे लेकिन पाकिस्तान ने शानदार जवाब देते हुए 387 रन बनाकर 43 रन की अहम बढ़त हासिल की। पाकिस्तान की इस बढ़त की सबसे बड़ी वजह अब्दुल्ला शफीक की धैर्यपूर्ण और शानदार बल्लेबाजी रही। टीम में शान मसूद की जगह शामिल किए गए शफीक ने 323 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 160 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम भी शतक से चूक गए लेकिन उनकी 88 रन की पारी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। बाबर ने मध्यक्रम को मजबूती दी और अब्दुल्ला शफीक के साथ अहम साझेदारी निभाई। इसके अलावा अजान अवैस ने भी 55 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम के स्कोर को मजबूत बनाया। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वार्रिकन सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 6 विकेट हासिल किए जबकि शेमार जोसेफ ने 2 विकेट अपने नाम किए।

    दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज टैगेनारिन चंदरपॉल 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। आमिर जांगू भी केवल 13 रन ही बना सके और साजिद खान ने उन्हें बोल्ड कर दिया। अनुभवी बल्लेबाज रोस्टन चेज 17 रन और शाई होप 15 रन बनाकर आउट हो गए जिससे टीम पर दबाव लगातार बढ़ता गया।

    मध्यक्रम में केवम हॉज ने कुछ देर संघर्ष जरूर किया और 71 गेंदों में 34 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। निचले क्रम में जेयडन सील्स बिना खाता खोले आउट हो गए जिससे वेस्टइंडीज की स्थिति और खराब हो गई। दिन का खेल समाप्त होने तक जस्टिन ग्रीव्स एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे और अब चौथे दिन मेजबान टीम की उम्मीदें काफी हद तक उन्हीं पर टिकी रहेंगी।

    पाकिस्तान की ओर से अनुभवी स्पिनर साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 32 रन देकर 4 विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और टर्न ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अली उस्मान ने भी बेहतरीन सहयोग करते हुए 2 विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    अब मैच का चौथा दिन बेहद अहम होने वाला है। वेस्टइंडीज को हार से बचने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी होगी और अपनी बढ़त को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाना होगा। दूसरी ओर पाकिस्तान की नजर जल्द से जल्द शेष चार विकेट लेकर आसान लक्ष्य हासिल करने और सीरीज में महत्वपूर्ण जीत दर्ज करने पर होगी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान का पलड़ा पूरी तरह भारी नजर आ रहा है और यदि गेंदबाज इसी लय में रहे तो टीम चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम कर सकती है।

  • पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़

    पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह मेजबान टीम के नाम रहा। कप्तान रोस्टन चेज के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को बल्लेबाजों ने सही साबित किया और दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने तीन विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली। शुरुआती झटकों के बावजूद केवम हॉज और शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को पूरे दिन कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।

    टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि तेगनारायण चंद्रपॉल भी 21 रन से आगे नहीं बढ़ सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद पाकिस्तान ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की लेकिन इसके बाद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की।

    तीसरे विकेट के लिए आमिर जांगू और केवम हॉज ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए पारी को संभाला। दोनों ने 42 रन जोड़कर टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाला। हालांकि आमिर जांगू 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद केवम हॉज ने अनुभवी बल्लेबाज शाई होप के साथ मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया।

    केवम हॉज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक नाबाद 83 रन बनाए। अपनी शानदार पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और पाकिस्तान के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। दूसरी ओर शाई होप ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 39 रन बनाकर उनका शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज चौथे विकेट के लिए 88 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं और दूसरे दिन वेस्टइंडीज इस साझेदारी को बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करेगा।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में सबसे सफल प्रदर्शन अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का रहा। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। आमिर जमाल को एक सफलता मिली लेकिन अन्य गेंदबाज कैरेबियाई बल्लेबाजों पर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। पाकिस्तान को दूसरे दिन जल्द विकेट निकालने होंगे ताकि वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सके।

    यह मुकाबला कई मायनों में खास भी है। पाकिस्तान की टीम की कमान एक बार फिर बाबर आजम के हाथों में है जिन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में वापसी की है। वहीं युवा खिलाड़ी अली उस्मान ने इस मैच के जरिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने तीन तेज गेंदबाज एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर के साथ संतुलित संयोजन मैदान में उतारा है।

    मैच शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब दूसरे दिन सभी की नजरें केवम हॉज पर रहेंगी जो अपने शतक के बेहद करीब हैं। यदि वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज इस टेस्ट में पाकिस्तान पर मजबूत बढ़त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकता है।

  • कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज

    कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के खिलाफ 25 जुलाई से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने इस बार युवा प्रतिभा और अनुभव के संतुलन पर भरोसा जताया है। सबसे ज्यादा चर्चा बाएं हाथ के स्पिनर जोशुआ बिशप की हो रही है जिन्हें पहली बार कैरेबियाई टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बिशप को लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में मौका मिलने की उम्मीद थी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई है। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

    जोशुआ बिशप ने पिछले तीन वेस्टइंडीज चैंपियनशिप सीजन में बारबाडोस प्राइड और वेस्टइंडीज अकादमी के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 91 विकेट हासिल किए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है जहां उन्होंने केवल 25 मुकाबलों में 116 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा लिस्ट ए क्रिकेट में भी उन्होंने 54 मैचों में 79 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। लगातार दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा जीता और अब पहली बार टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

    टीम की कमान एक बार फिर रोस्टन चेज के हाथों में रहेगी। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान दाहिनी तर्जनी उंगली में चोट लगने के कारण वह मैदान से दूर थे लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं। उप कप्तान की जिम्मेदारी अनुभवी स्पिनर जोमेल वारिकन को सौंपी गई है। चयन समिति ने उस मजबूत टीम पर भरोसा बरकरार रखा है जिसने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन जीत के संयोजन को ज्यादा छेड़ना नहीं चाहता।

    बल्लेबाज किर्क मैकेंजी की भी लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है। वर्ष 2024 के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। वह चोटिल जॉन कैंपबेल की जगह टीम में शामिल किए गए हैं। कैंपबेल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट का शिकार हो गए थे। मैकेंजी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए छह पारियों में 323 रन बनाए और 64.6 की औसत से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उनकी वापसी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने निजी कारणों से खुद को चयन के लिए उपलब्ध नहीं कराया। उनकी अनुपस्थिति तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए चुनौती जरूर होगी लेकिन शमार जोसेफ केमार रोच और जायडेन सील्स जैसे गेंदबाज इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार हैं।

    दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई के बीच ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में खेला जाएगा जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 2 से 6 अगस्त तक ऐतिहासिक क्वींस पार्क ओवल में आयोजित होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में वेस्टइंडीज आठवें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान नौवें और अंतिम स्थान पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें इस सीरीज में जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव के साथ वेस्टइंडीज की टीम पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।

  • रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

    रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को एक पारी और 217 रन के विशाल अंतर से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1 0 की बढ़त बना ली। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कैरेबियाई टीम पूरी तरह हावी रही। खास तौर पर केमार रोच और जेयडन सील्स की धारदार गेंदबाजी ने श्रीलंका की दूसरी पारी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया।

    पहली पारी में 318 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी बार बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए और किसी भी बल्लेबाज को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं मिला। पथुम निसांका केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए जबकि निशान मदुष्का भी सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कसुन राजिथा और कामिंदु मेंडिस भी सस्ते में आउट हो गए जिससे टीम गहरे संकट में पहुंच गई।

    पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले धनंजय डी सिल्वा दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके। उनके जल्दी आउट होने से श्रीलंका की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मध्यक्रम भी पूरी तरह विफल रहा और विकेट लगातार गिरते रहे।

    ऐसे मुश्किल समय में दिनेश चांदीमल ने अकेले संघर्ष करने की कोशिश की। उन्होंने 60 गेंदों में 43 रन की जुझारू पारी खेली और कुछ आकर्षक चौके भी लगाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। कुशल मेंडिस केवल 8 रन बनाकर आउट हुए जबकि मिलन प्रियनाथ रत्नायके और असिथा फर्नांडो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। सोनल दिनुशा 12 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन पूरी टीम केवल 101 रन पर सिमट गई।

    वेस्टइंडीज की ओर से अनुभवी तेज गेंदबाज केमार रोच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके। जेयडन सील्स ने भी अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से 3 विकेट हासिल किए। शेमार जोसेफ ने 2 जबकि अल्जारी जोसेफ ने 1 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले श्रीलंका ने पहली पारी में 308 रन बनाए थे। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 120 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी जबकि दिनेश चांदीमल ने 54 रन का अहम योगदान दिया था। हालांकि बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे।

    जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया और 9 विकेट पर 626 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। आमिर जांगू ने 233 रन की यादगार पारी खेली जबकि कप्तान रोस्टन चेज 194 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में सफल रहे। इन दोनों बल्लेबाजों की दमदार पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 318 रन की बड़ी बढ़त हासिल की जो अंततः मैच का निर्णायक अंतर साबित हुई।

    इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बना ली बल्कि अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बेहतरीन संतुलन का भी शानदार प्रदर्शन किया। अब कैरेबियाई टीम की नजर दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी जबकि श्रीलंका वापसी के इरादे से अगले मुकाबले में उतरेगा।

  • रचिन और मिचेल का कमाल फिर गेंदबाजों का वार इंग्लैंड पर हार का खतरा मंडराया

    रचिन और मिचेल का कमाल फिर गेंदबाजों का वार इंग्लैंड पर हार का खतरा मंडराया


    नई दिल्ली । इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच का चौथा दिन पूरी तरह मेहमान टीम के नाम रहा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी में मजबूत बढ़त हासिल की और फिर गेंदबाजों के दम पर इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को झटके देकर मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में चार विकेट खोकर 103 रन बनाए हैं। अब अंतिम दिन मेजबान टीम को जीत के लिए 270 रन की जरूरत है जबकि उसके केवल छह विकेट शेष हैं।

    373 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को कप्तान बेन स्टोक्स और बेन डकेट ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़कर टीम को सकारात्मक शुरुआत दी। स्टोक्स ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और केवल 20 गेंदों में 30 रन बना डाले लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले ही उनका विकेट गिर गया। उनके आउट होते ही इंग्लैंड की पारी लड़खड़ा गई।

    स्टोक्स के बाद बल्लेबाजी करने आए जैकब बेथेल बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। न्यूजीलैंड के गेंदबाज जैकरी फाउल्क्स ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड पर दबाव और बढ़ा दिया। इसके बाद हैरी ब्रूक ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और केवल नौ गेंदों में 21 रन बनाए लेकिन उनकी पारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी। दूसरी ओर बेन डकेट ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में 36 रन बनाए लेकिन वह भी टीम को मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचा सके।

    दिन का खेल समाप्त होने तक अनुभवी बल्लेबाज जो रूट नौ रन और एमिलियो गे छह रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। अब इंग्लैंड की सारी उम्मीदें इन दोनों बल्लेबाजों पर टिकी होंगी। अगर अंतिम दिन टीम को जीत हासिल करनी है तो इन दोनों को लंबी साझेदारी निभानी होगी।

    इससे पहले न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी नौ विकेट पर 288 रन बनाकर घोषित की। टीम की ओर से रचिन रविंद्र और डेरिल मिचेल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 129 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर इंग्लैंड के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। रचिन रविंद्र शतक से चूक गए और 149 गेंदों में 94 रन बनाकर आउट हुए जबकि डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड की बढ़त को निर्णायक बना दिया।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर ने सबसे प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 53 रन देकर चार विकेट झटके। गस एटकिंसन और कप्तान बेन स्टोक्स ने दो दो विकेट अपने नाम किए लेकिन न्यूजीलैंड तब तक मजबूत बढ़त हासिल कर चुका था।

    पहली पारी में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के 354 रन के जवाब में 438 रन बनाकर 84 रन की बढ़त बनाई थी। दूसरी पारी में 288 रन जोड़ने के बाद उसने इंग्लैंड के सामने 373 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। अब अंतिम दिन मुकाबला पूरी तरह रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। इंग्लैंड को जीत के लिए 270 रन बनाने हैं जबकि न्यूजीलैंड को सीरीज में अहम बढ़त लेने के लिए केवल छह विकेट की जरूरत है।