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  • पाकिस्तान की शानदार वापसी, स्पिन आक्रमण के दम पर विदेशी धरती पर टेस्ट जीत दर्ज

    पाकिस्तान की शानदार वापसी, स्पिन आक्रमण के दम पर विदेशी धरती पर टेस्ट जीत दर्ज


    नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आखिरकार विदेशी धरती पर जीत का लंबा इंतजार खत्म कर दिया है। त्रिनिदाद के पोर्ट ऑफ स्पेन स्थित क्वींस पार्क ओवल मैदान पर खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर न सिर्फ शानदार जीत दर्ज की बल्कि लगभग तीन साल से चले आ रहे विदेशी सरजमीं पर हार के सिलसिले को भी समाप्त कर दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज 1 1 से बराबर कर सम्मानजनक वापसी की।

    बाबर आजम को दोबारा टेस्ट टीम की कमान मिलने के बाद यह उनकी पहली विदेशी सीरीज थी और उन्होंने शुरुआत ही यादगार जीत के साथ की। इससे पहले पाकिस्तान ने घर से बाहर आखिरी टेस्ट जीत जुलाई 2023 में श्रीलंका के खिलाफ हासिल की थी। इसके बाद टीम लगातार आठ विदेशी टेस्ट मुकाबले हार चुकी थी। ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ मिली यह जीत टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।

    मैच की शुरुआत में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए और पाकिस्तान के सामने मजबूत चुनौती पेश की। जवाब में पाकिस्तान ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 387 रन बनाए और 43 रन की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली। पहली पारी में मिली यही बढ़त बाद में मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुई।

    दूसरी पारी में वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी पाकिस्तान के स्पिन आक्रमण के सामने पूरी तरह बिखर गई। अली उस्मान और साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार चार विकेट अपने नाम किए। दोनों स्पिनरों ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और पूरी टीम महज 117 रन पर सिमट गई। पाकिस्तान के गेंदबाजों ने अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ लगातार दबाव बनाए रखा जिससे मेजबान टीम वापसी नहीं कर सकी।

    जीत के लिए मिले 75 रन के आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत हालांकि अच्छी नहीं रही। इमाम उल हक केवल 9 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि अजान अवैस भी 9 रन ही बना सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद कप्तान बाबर आजम और अब्दुल्ला शफीक ने जिम्मेदारी संभाली और किसी भी तरह का जोखिम उठाए बिना टीम को लक्ष्य तक पहुंचा दिया।

    अब्दुल्ला शफीक ने 51 गेंदों में नाबाद 24 रन बनाए जबकि कप्तान बाबर आजम भी 24 रन बनाकर अंत तक टिके रहे। दोनों बल्लेबाजों ने संयमित खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को आठ विकेट से यादगार जीत दिलाई। यह जीत सिर्फ एक टेस्ट मैच की सफलता नहीं बल्कि विदेशी परिस्थितियों में टीम के आत्मविश्वास की वापसी का संकेत भी मानी जा रही है।

    पहले टेस्ट में 90 रन से मिली हार के बाद पाकिस्तान पर सीरीज गंवाने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन दूसरे मुकाबले में टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोरदार वापसी की। बल्लेबाजों ने पहली पारी में मजबूत स्कोर खड़ा किया तो गेंदबाजों ने दूसरी पारी में मैच पूरी तरह अपने नाम कर लिया।

    इस जीत से बाबर आजम की कप्तानी को भी मजबूती मिली है और आने वाले विदेशी दौरों के लिए पाकिस्तान टीम का मनोबल काफी बढ़ा है। लंबे समय बाद विदेशी धरती पर मिली यह सफलता टीम के लिए नई शुरुआत का संकेत मानी जा रही है।

  • पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान का शिकंजा, वेस्टइंडीज के 6 विकेट गिरे, हार का खतरा गहराया

    पोर्ट ऑफ स्पेन टेस्ट में पाकिस्तान का शिकंजा, वेस्टइंडीज के 6 विकेट गिरे, हार का खतरा गहराया


    नई दिल्ली। पोर्ट ऑफ स्पेन के क्वींस पार्क ओवल में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में पाकिस्तान ने तीसरे दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबले पर मजबूत पकड़ बना ली है। पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद पाकिस्तानी गेंदबाजों ने दूसरी पारी में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को पूरी तरह झकझोर दिया। दिन का खेल समाप्त होने तक मेजबान टीम 103 रन पर 6 विकेट गंवा चुकी थी और उसकी कुल बढ़त सिर्फ 60 रन तक पहुंच सकी थी। ऐसे में चौथे दिन पाकिस्तान जीत से कुछ ही कदम दूर दिखाई दे रहा है।

    वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 344 रन बनाए थे लेकिन पाकिस्तान ने शानदार जवाब देते हुए 387 रन बनाकर 43 रन की अहम बढ़त हासिल की। पाकिस्तान की इस बढ़त की सबसे बड़ी वजह अब्दुल्ला शफीक की धैर्यपूर्ण और शानदार बल्लेबाजी रही। टीम में शान मसूद की जगह शामिल किए गए शफीक ने 323 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 160 रन बनाए। उनकी पारी में 15 चौके और 3 छक्के शामिल रहे। उन्होंने शुरुआत से अंत तक जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम भी शतक से चूक गए लेकिन उनकी 88 रन की पारी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई। बाबर ने मध्यक्रम को मजबूती दी और अब्दुल्ला शफीक के साथ अहम साझेदारी निभाई। इसके अलावा अजान अवैस ने भी 55 रन का उपयोगी योगदान देकर टीम के स्कोर को मजबूत बनाया। वेस्टइंडीज की ओर से जोमेल वार्रिकन सबसे सफल गेंदबाज रहे जिन्होंने 6 विकेट हासिल किए जबकि शेमार जोसेफ ने 2 विकेट अपने नाम किए।

    दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत बेहद खराब रही। सलामी बल्लेबाज टैगेनारिन चंदरपॉल 17 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। आमिर जांगू भी केवल 13 रन ही बना सके और साजिद खान ने उन्हें बोल्ड कर दिया। अनुभवी बल्लेबाज रोस्टन चेज 17 रन और शाई होप 15 रन बनाकर आउट हो गए जिससे टीम पर दबाव लगातार बढ़ता गया।

    मध्यक्रम में केवम हॉज ने कुछ देर संघर्ष जरूर किया और 71 गेंदों में 34 रन बनाए लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके। निचले क्रम में जेयडन सील्स बिना खाता खोले आउट हो गए जिससे वेस्टइंडीज की स्थिति और खराब हो गई। दिन का खेल समाप्त होने तक जस्टिन ग्रीव्स एक रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे और अब चौथे दिन मेजबान टीम की उम्मीदें काफी हद तक उन्हीं पर टिकी रहेंगी।

    पाकिस्तान की ओर से अनुभवी स्पिनर साजिद खान ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 32 रन देकर 4 विकेट झटके। उनकी सटीक लाइन और टर्न ने वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अली उस्मान ने भी बेहतरीन सहयोग करते हुए 2 विकेट हासिल किए और विपक्षी बल्लेबाजी पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    अब मैच का चौथा दिन बेहद अहम होने वाला है। वेस्टइंडीज को हार से बचने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी होगी और अपनी बढ़त को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाना होगा। दूसरी ओर पाकिस्तान की नजर जल्द से जल्द शेष चार विकेट लेकर आसान लक्ष्य हासिल करने और सीरीज में महत्वपूर्ण जीत दर्ज करने पर होगी। मौजूदा स्थिति को देखते हुए पाकिस्तान का पलड़ा पूरी तरह भारी नजर आ रहा है और यदि गेंदबाज इसी लय में रहे तो टीम चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम कर सकती है।

  • पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़

    पाकिस्तानी गेंदबाजों पर भारी पड़े केवम हॉज पहले दिन वेस्टइंडीज ने तीन विकेट पर 194 रन बनाकर मजबूत की पकड़


    नई दिल्ली। वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच त्रिनिदाद के ब्रायन लारा क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच का पहला दिन पूरी तरह मेजबान टीम के नाम रहा। कप्तान रोस्टन चेज के पहले बल्लेबाजी करने के फैसले को बल्लेबाजों ने सही साबित किया और दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने तीन विकेट के नुकसान पर 194 रन बनाकर मजबूत स्थिति हासिल कर ली। शुरुआती झटकों के बावजूद केवम हॉज और शाई होप ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान को पूरे दिन कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।

    टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। सलामी बल्लेबाज ब्रैंडन किंग 12 रन बनाकर पवेलियन लौट गए जबकि तेगनारायण चंद्रपॉल भी 21 रन से आगे नहीं बढ़ सके। शुरुआती दो विकेट जल्दी गिरने के बाद पाकिस्तान ने मैच में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की लेकिन इसके बाद कैरेबियाई बल्लेबाजों ने शानदार वापसी की।

    तीसरे विकेट के लिए आमिर जांगू और केवम हॉज ने महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए पारी को संभाला। दोनों ने 42 रन जोड़कर टीम को शुरुआती संकट से बाहर निकाला। हालांकि आमिर जांगू 21 रन बनाकर मोहम्मद अब्बास की गेंद पर आउट हो गए लेकिन इसके बाद केवम हॉज ने अनुभवी बल्लेबाज शाई होप के साथ मिलकर पाकिस्तान के गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया।

    केवम हॉज ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए दिन का खेल समाप्त होने तक नाबाद 83 रन बनाए। अपनी शानदार पारी में उन्होंने नौ चौके लगाए और पाकिस्तान के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा। दूसरी ओर शाई होप ने भी जिम्मेदारी भरी बल्लेबाजी करते हुए 39 रन बनाकर उनका शानदार साथ निभाया। दोनों बल्लेबाज चौथे विकेट के लिए 88 रन की अटूट साझेदारी कर चुके हैं और दूसरे दिन वेस्टइंडीज इस साझेदारी को बड़ी पारी में बदलने की कोशिश करेगा।

    पाकिस्तान की ओर से गेंदबाजी में सबसे सफल प्रदर्शन अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद अब्बास का रहा। उन्होंने किफायती गेंदबाजी करते हुए 44 रन देकर दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। आमिर जमाल को एक सफलता मिली लेकिन अन्य गेंदबाज कैरेबियाई बल्लेबाजों पर प्रभाव छोड़ने में नाकाम रहे। पाकिस्तान को दूसरे दिन जल्द विकेट निकालने होंगे ताकि वेस्टइंडीज को बड़े स्कोर तक पहुंचने से रोका जा सके।

    यह मुकाबला कई मायनों में खास भी है। पाकिस्तान की टीम की कमान एक बार फिर बाबर आजम के हाथों में है जिन्होंने टेस्ट कप्तान के रूप में वापसी की है। वहीं युवा खिलाड़ी अली उस्मान ने इस मैच के जरिए अपना टेस्ट डेब्यू किया। दूसरी ओर वेस्टइंडीज ने तीन तेज गेंदबाज एक स्पिनर और एक ऑलराउंडर के साथ संतुलित संयोजन मैदान में उतारा है।

    मैच शुरू होने से पहले वेस्टइंडीज के कप्तान रोस्टन चेज ने महान क्रिकेटर गैरी सोबर्स के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। अब दूसरे दिन सभी की नजरें केवम हॉज पर रहेंगी जो अपने शतक के बेहद करीब हैं। यदि वह बड़ी पारी खेलने में सफल रहते हैं तो वेस्टइंडीज इस टेस्ट में पाकिस्तान पर मजबूत बढ़त बनाने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा सकता है।

  • कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज

    कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के खिलाफ 25 जुलाई से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने इस बार युवा प्रतिभा और अनुभव के संतुलन पर भरोसा जताया है। सबसे ज्यादा चर्चा बाएं हाथ के स्पिनर जोशुआ बिशप की हो रही है जिन्हें पहली बार कैरेबियाई टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बिशप को लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में मौका मिलने की उम्मीद थी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई है। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

    जोशुआ बिशप ने पिछले तीन वेस्टइंडीज चैंपियनशिप सीजन में बारबाडोस प्राइड और वेस्टइंडीज अकादमी के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 91 विकेट हासिल किए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है जहां उन्होंने केवल 25 मुकाबलों में 116 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा लिस्ट ए क्रिकेट में भी उन्होंने 54 मैचों में 79 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। लगातार दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा जीता और अब पहली बार टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

    टीम की कमान एक बार फिर रोस्टन चेज के हाथों में रहेगी। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान दाहिनी तर्जनी उंगली में चोट लगने के कारण वह मैदान से दूर थे लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं। उप कप्तान की जिम्मेदारी अनुभवी स्पिनर जोमेल वारिकन को सौंपी गई है। चयन समिति ने उस मजबूत टीम पर भरोसा बरकरार रखा है जिसने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन जीत के संयोजन को ज्यादा छेड़ना नहीं चाहता।

    बल्लेबाज किर्क मैकेंजी की भी लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है। वर्ष 2024 के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। वह चोटिल जॉन कैंपबेल की जगह टीम में शामिल किए गए हैं। कैंपबेल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट का शिकार हो गए थे। मैकेंजी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए छह पारियों में 323 रन बनाए और 64.6 की औसत से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उनकी वापसी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने निजी कारणों से खुद को चयन के लिए उपलब्ध नहीं कराया। उनकी अनुपस्थिति तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए चुनौती जरूर होगी लेकिन शमार जोसेफ केमार रोच और जायडेन सील्स जैसे गेंदबाज इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार हैं।

    दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई के बीच ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में खेला जाएगा जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 2 से 6 अगस्त तक ऐतिहासिक क्वींस पार्क ओवल में आयोजित होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में वेस्टइंडीज आठवें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान नौवें और अंतिम स्थान पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें इस सीरीज में जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव के साथ वेस्टइंडीज की टीम पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।

  • रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त

    रोच और सील्स की घातक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज का धमाका श्रीलंका को पारी और 217 रन से हराकर सीरीज में बनाई बढ़त


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए पहले टेस्ट मैच में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को एक पारी और 217 रन के विशाल अंतर से हराकर दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1 0 की बढ़त बना ली। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में कैरेबियाई टीम पूरी तरह हावी रही। खास तौर पर केमार रोच और जेयडन सील्स की धारदार गेंदबाजी ने श्रीलंका की दूसरी पारी को पूरी तरह तहस नहस कर दिया।

    पहली पारी में 318 रन से पिछड़ने के बाद दूसरी बार बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए और किसी भी बल्लेबाज को बड़ी साझेदारी बनाने का मौका नहीं मिला। पथुम निसांका केवल 3 रन बनाकर आउट हो गए जबकि निशान मदुष्का भी सिर्फ 2 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। कसुन राजिथा और कामिंदु मेंडिस भी सस्ते में आउट हो गए जिससे टीम गहरे संकट में पहुंच गई।

    पहली पारी में शानदार शतक लगाने वाले धनंजय डी सिल्वा दूसरी पारी में खाता भी नहीं खोल सके। उनके जल्दी आउट होने से श्रीलंका की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। मध्यक्रम भी पूरी तरह विफल रहा और विकेट लगातार गिरते रहे।

    ऐसे मुश्किल समय में दिनेश चांदीमल ने अकेले संघर्ष करने की कोशिश की। उन्होंने 60 गेंदों में 43 रन की जुझारू पारी खेली और कुछ आकर्षक चौके भी लगाए लेकिन दूसरे छोर से उन्हें किसी बल्लेबाज का साथ नहीं मिला। कुशल मेंडिस केवल 8 रन बनाकर आउट हुए जबकि मिलन प्रियनाथ रत्नायके और असिथा फर्नांडो बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। सोनल दिनुशा 12 रन बनाकर नाबाद रहे लेकिन पूरी टीम केवल 101 रन पर सिमट गई।

    वेस्टइंडीज की ओर से अनुभवी तेज गेंदबाज केमार रोच ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके। जेयडन सील्स ने भी अपनी तेज और सटीक गेंदबाजी से 3 विकेट हासिल किए। शेमार जोसेफ ने 2 जबकि अल्जारी जोसेफ ने 1 विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

    इससे पहले श्रीलंका ने पहली पारी में 308 रन बनाए थे। कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने 120 रन की शानदार शतकीय पारी खेली थी जबकि दिनेश चांदीमल ने 54 रन का अहम योगदान दिया था। हालांकि बाकी बल्लेबाज बड़ी पारियां खेलने में नाकाम रहे।

    जवाब में वेस्टइंडीज ने पहली पारी में बल्लेबाजी का शानदार प्रदर्शन किया और 9 विकेट पर 626 रन बनाकर अपनी पारी घोषित कर दी। आमिर जांगू ने 233 रन की यादगार पारी खेली जबकि कप्तान रोस्टन चेज 194 रन बनाकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में सफल रहे। इन दोनों बल्लेबाजों की दमदार पारियों की बदौलत वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 318 रन की बड़ी बढ़त हासिल की जो अंततः मैच का निर्णायक अंतर साबित हुई।

    इस जीत के साथ वेस्टइंडीज ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बना ली बल्कि अपने गेंदबाजों और बल्लेबाजों के बेहतरीन संतुलन का भी शानदार प्रदर्शन किया। अब कैरेबियाई टीम की नजर दूसरे टेस्ट में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी जबकि श्रीलंका वापसी के इरादे से अगले मुकाबले में उतरेगा।

  • रचिन और मिचेल का कमाल फिर गेंदबाजों का वार इंग्लैंड पर हार का खतरा मंडराया

    रचिन और मिचेल का कमाल फिर गेंदबाजों का वार इंग्लैंड पर हार का खतरा मंडराया


    नई दिल्ली । इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच का चौथा दिन पूरी तरह मेहमान टीम के नाम रहा। न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी में मजबूत बढ़त हासिल की और फिर गेंदबाजों के दम पर इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को झटके देकर मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक इंग्लैंड ने दूसरी पारी में चार विकेट खोकर 103 रन बनाए हैं। अब अंतिम दिन मेजबान टीम को जीत के लिए 270 रन की जरूरत है जबकि उसके केवल छह विकेट शेष हैं।

    373 रन के कठिन लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड को कप्तान बेन स्टोक्स और बेन डकेट ने तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 50 रन जोड़कर टीम को सकारात्मक शुरुआत दी। स्टोक्स ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की और केवल 20 गेंदों में 30 रन बना डाले लेकिन बड़ी पारी खेलने से पहले ही उनका विकेट गिर गया। उनके आउट होते ही इंग्लैंड की पारी लड़खड़ा गई।

    स्टोक्स के बाद बल्लेबाजी करने आए जैकब बेथेल बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। न्यूजीलैंड के गेंदबाज जैकरी फाउल्क्स ने उन्हें एलबीडब्ल्यू आउट कर इंग्लैंड पर दबाव और बढ़ा दिया। इसके बाद हैरी ब्रूक ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए और केवल नौ गेंदों में 21 रन बनाए लेकिन उनकी पारी भी ज्यादा देर नहीं चल सकी। दूसरी ओर बेन डकेट ने संयम के साथ बल्लेबाजी करते हुए 42 गेंदों में 36 रन बनाए लेकिन वह भी टीम को मजबूत स्थिति में नहीं पहुंचा सके।

    दिन का खेल समाप्त होने तक अनुभवी बल्लेबाज जो रूट नौ रन और एमिलियो गे छह रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। अब इंग्लैंड की सारी उम्मीदें इन दोनों बल्लेबाजों पर टिकी होंगी। अगर अंतिम दिन टीम को जीत हासिल करनी है तो इन दोनों को लंबी साझेदारी निभानी होगी।

    इससे पहले न्यूजीलैंड ने अपनी दूसरी पारी नौ विकेट पर 288 रन बनाकर घोषित की। टीम की ओर से रचिन रविंद्र और डेरिल मिचेल ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 129 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर इंग्लैंड के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया। रचिन रविंद्र शतक से चूक गए और 149 गेंदों में 94 रन बनाकर आउट हुए जबकि डेरिल मिचेल ने नाबाद 100 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी ने न्यूजीलैंड की बढ़त को निर्णायक बना दिया।

    इंग्लैंड की ओर से जोफ्रा आर्चर ने सबसे प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 53 रन देकर चार विकेट झटके। गस एटकिंसन और कप्तान बेन स्टोक्स ने दो दो विकेट अपने नाम किए लेकिन न्यूजीलैंड तब तक मजबूत बढ़त हासिल कर चुका था।

    पहली पारी में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड के 354 रन के जवाब में 438 रन बनाकर 84 रन की बढ़त बनाई थी। दूसरी पारी में 288 रन जोड़ने के बाद उसने इंग्लैंड के सामने 373 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा। अब अंतिम दिन मुकाबला पूरी तरह रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। इंग्लैंड को जीत के लिए 270 रन बनाने हैं जबकि न्यूजीलैंड को सीरीज में अहम बढ़त लेने के लिए केवल छह विकेट की जरूरत है।

  • वेस्टइंडीज ने संकट से की शानदार वापसी, जांगू-चेज की शतकीय साझेदारी बनी सहारा

    वेस्टइंडीज ने संकट से की शानदार वापसी, जांगू-चेज की शतकीय साझेदारी बनी सहारा


    नई दिल्ली । एंटीगुआ के सर विवियन रिचर्ड्स क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे वेस्टइंडीज और श्रीलंका के बीच पहले टेस्ट मुकाबले में दूसरे दिन का खेल मेजबान टीम के नाम रहा। शुरुआती झटकों के बाद आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेज ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज की पारी को संभाला। दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक वेस्टइंडीज ने पहली पारी में 5 विकेट पर 271 रन बना लिए हैं और अब वह श्रीलंका के पहली पारी के स्कोर से केवल 37 रन पीछे है।

    दिन की शुरुआत वेस्टइंडीज के सलामी बल्लेबाजों ने सकारात्मक अंदाज में की। जॉन कैंपबेल और ब्रैंडन किंग ने पहले विकेट के लिए 58 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। हालांकि अच्छी शुरुआत के बावजूद ब्रैंडन किंग 31 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद कैंपबेल भी 39 रन बनाकर पवेलियन लौट गए और वेस्टइंडीज की पारी लड़खड़ाने लगी।

    मध्यक्रम में केवम हॉज 16 रन बनाकर आउट हुए जबकि जोशुआ दा सिल्वा भी 20 रन से आगे नहीं बढ़ सके। इसके बाद जस्टिन ग्रीव्स केवल 3 रन बनाकर चलते बने। 168 रन के स्कोर तक पांच विकेट गिरने के बाद ऐसा लग रहा था कि श्रीलंका मैच पर पूरी तरह पकड़ बना लेगा।

    यहीं से आमिर जांगू और कप्तान रोस्टन चेज ने शानदार जिम्मेदारी निभाई। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए श्रीलंकाई गेंदबाजों को सफलता से दूर रखा। जांगू ने 174 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 78 रन बनाए। उनकी पारी में सात चौके शामिल रहे। दूसरी ओर कप्तान रोस्टन चेज ने भी धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी करते हुए 105 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए।

    दोनों बल्लेबाजों के बीच छठे विकेट के लिए अब तक 103 रन की अटूट साझेदारी हो चुकी है जिसने वेस्टइंडीज को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। तीसरे दिन कैरेबियाई टीम की कोशिश बढ़त हासिल कर मैच पर नियंत्रण बनाने की होगी।

    श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में असिथा फर्नांडो और मिलन रत्नायके ने दो-दो विकेट हासिल किए। शुरुआती सफलता के बावजूद दोनों गेंदबाज बाद में जांगू और चेज की साझेदारी को नहीं तोड़ सके।

    इससे पहले श्रीलंका ने अपनी पहली पारी में 308 रन बनाए थे। टीम के लिए धनंजय डी सिल्वा ने शानदार शतक जड़ते हुए 168 गेंदों में 120 रन बनाए। दिनेश चांदीमल ने 54 रन का योगदान दिया जबकि सोनल दिनुशा ने 43 और मदुशंका ने 23 रन की उपयोगी पारी खेली थी।

    अब मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका है। वेस्टइंडीज के पास पहली पारी में बढ़त लेने का सुनहरा मौका है जबकि श्रीलंका तीसरे दिन शुरुआती विकेट लेकर मैच में फिर से वापसी करना चाहेगा।

  • टीम इंडिया की गेंदबाजी ने दिखाया दम, अफगानिस्तान की पारी लड़खड़ाई

    टीम इंडिया की गेंदबाजी ने दिखाया दम, अफगानिस्तान की पारी लड़खड़ाई


    नई दिल्ली। भारत के 564 रनों के जवाब में अफगानिस्तान की शुरुआत ही कमजोर रही। टीम ने तीसरे दिन 113/5 से आगे खेलना शुरू किया, लेकिन इसके बाद बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया। केवल अनुभवी बल्लेबाज रहमत शाह ही टिककर खेल सके और उन्होंने 60 रनों की उपयोगी पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला।

    मानव सुथार का ‘अबूझ पहेली’ जैसा डेब्यू
    मानव सुथार ने अपने टेस्ट डेब्यू को यादगार बना दिया। उन्होंने अफगान बल्लेबाजों को पूरी तरह परेशान करते हुए 33 रन देकर 6 विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी इतनी प्रभावशाली रही कि अफगानिस्तान के बल्लेबाज लगातार दबाव में नजर आए और एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए।

    तेज गेंदबाजों का भी योगदान
    भारत की ओर से प्रसिद्ध कृष्णा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट झटके, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने अफगानिस्तान को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।

    भारत की मजबूत पकड़
    पहली पारी के आधार पर भारत ने 412 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली है, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा होता नजर आ रहा है। भारत की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है।

    डेब्यू मैच में ही मानव सुथार ने जिस तरह का प्रदर्शन किया है, उसने उन्हें भविष्य के बड़े स्पिनरों की सूची में चर्चा में ला दिया है। अफगानिस्तान के लिए यह मैच मुश्किल साबित हो रहा है, जबकि भारत पूरी तरह नियंत्रण में है।

  • ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा

    ऋषभ पंत को लेकर आया समर्थन, कहा- टेस्ट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा


    मध्य प्रदेश । भारतीय क्रिकेट टीम के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत को लेकर पूर्व चयनकर्ता देवांग गांधी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पंत को भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन विकेटकीपर-बल्लेबाज बताते हुए उनकी टेस्ट क्रिकेट में भूमिका की जमकर सराहना की।

    देवांग गांधी ने कहा कि भले ही पंत इस समय खराब फॉर्म से गुजर रहे हों, लेकिन उनकी क्षमता और मैच जिताने वाली पारियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चयनकर्ता भी उनकी काबिलियत को समझते हैं और इसी वजह से उन्हें लगातार मौके दिए जा रहे हैं।

    उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पंत का इंग्लैंड दौरा काफी प्रभावशाली रहा था, हालांकि चोट के कारण वह पूरी सीरीज नहीं खेल पाए थे। इसके बावजूद टेस्ट क्रिकेट में उनका योगदान भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा है।

    देवांग गांधी के अनुसार, पंत ने विदेशी पिचों पर भी शानदार प्रदर्शन किया है। चाहे दक्षिण अफ्रीका हो, इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया—उन्होंने कई अहम मौकों पर मैच जिताने वाली पारियां खेली हैं, जिससे उनकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है।

    पूर्व चयनकर्ता ने यह भी कहा कि पंत की विकेटकीपिंग पर अक्सर बात नहीं होती, जबकि उन्होंने इसमें काफी सुधार किया है और घरेलू व विदेशी दोनों परिस्थितियों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उन्होंने पंत को “आधुनिक दौर का सबसे प्रभावशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज” करार दिया।

    उन्होंने खास तौर पर गाबा टेस्ट में खेली गई पंत की ऐतिहासिक पारी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमेशा क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार रहेगी। पंत अब अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट में अपने करियर का 50वां टेस्ट मैच खेलने उतर सकते हैं, जो उनके करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

  • मुशफिकुर रहीम का शतक, बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दिया 437 रन का विशाल लक्ष्य, तीसरे दिन खेल बना रोमांचक

    मुशफिकुर रहीम का शतक, बांग्लादेश ने पाकिस्तान को दिया 437 रन का विशाल लक्ष्य, तीसरे दिन खेल बना रोमांचक


    नई दिल्ली ।
    सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट मैच में बांग्लादेश ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 437 रनों का विशाल लक्ष्य रखकर मुकाबले को पूरी तरह रोमांचक बना दिया है। मैच के तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक पाकिस्तान ने अपनी दूसरी पारी की शुरुआत तो की, लेकिन दो ओवर खेलने के बाद बिना किसी रन के विकेट बचाकर दिन खत्म किया। अब अंतिम दिन का खेल निर्णायक साबित होगा, जहां दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने की उम्मीद है।

    इस मुकाबले में बांग्लादेश की शुरुआत पहली पारी में उतनी मजबूत नहीं रही और टीम महज 278 रनों पर सिमट गई थी। इस पारी में सबसे शानदार प्रदर्शन लिटन दास ने किया, जिन्होंने 126 रनों की जिम्मेदार और आक्रामक पारी खेली। उनकी पारी में 16 चौके और 2 छक्के शामिल रहे, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान नजमुल हुसैन शान्तो ने भी 29 रन बनाकर कुछ देर तक संघर्ष किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारियां बनाने में असफल रहे।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी इस पारी में काफी प्रभावी रही, जहां खुर्रम शहजाद ने चार विकेट लेकर बांग्लादेश की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। मोहम्मद अब्बास ने भी तीन महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जबकि हसन अली को दो सफलताएं मिलीं। साजिद खान ने एक विकेट लेकर टीम को शुरुआती सफलता दिलाई।

    इसके जवाब में पाकिस्तान की पहली पारी पूरी तरह लड़खड़ा गई और टीम सिर्फ 232 रन पर सिमट गई। इस पारी में बाबर आजम ने 68 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल सका। कप्तान शान मसूद और सलमान आगा ने 21-21 रन बनाए, जबकि साजिद खान ने 38 रनों की उपयोगी पारी खेली। बांग्लादेश की गेंदबाजी यहां बेहद प्रभावी रही, जहां नाहिद राणा और तैजुल इस्लाम ने तीन-तीन विकेट हासिल किए। तस्कीन अहमद और मेहदी हसन ने दो-दो विकेट लेकर पाकिस्तान की पारी को जल्द समाप्त कर दिया।

    पहली पारी के आधार पर बांग्लादेश को 46 रनों की बढ़त मिली, जिसने टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त दी। दूसरी पारी में बांग्लादेश ने बेहद आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 390 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया। इस पारी में अनुभवी बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने शतक लगाते हुए 137 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 13 चौके शामिल रहे। वहीं लिटन दास ने एक बार फिर उपयोगी योगदान देते हुए 69 रन बनाए। महमूदुल हसन जॉय ने 52 रनों की अहम पारी खेली, जिसने टीम की स्थिति को और मजबूत किया।

    पाकिस्तान की गेंदबाजी दूसरी पारी में भी कुछ हद तक प्रभावी रही, जहां खुर्रम शहजाद ने चार विकेट झटके। साजिद खान ने तीन विकेट लिए, जबकि हसन अली और मोहम्मद अब्बास ने भी विकेट निकालने में सफलता पाई। इसके बावजूद बांग्लादेश ने बड़ा लक्ष्य खड़ा कर पाकिस्तान को दबाव में डाल दिया।

    अब पाकिस्तान के सामने चौथी पारी में 437 रनों का कठिन लक्ष्य है, जो टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। तीसरे दिन के अंतिम क्षणों में पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज क्रीज पर उतरे, लेकिन कोई रन बनाए बिना दिन का खेल समाप्त करना पड़ा। अंतिम दिन का खेल इस मैच और संभवतः पूरी सीरीज का फैसला तय कर सकता है।