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  • सूर्य-अरुण की युति आज बनाएगी दशांक योग…. इन राशि के जातकों की खुलेगी किस्मत !

    सूर्य-अरुण की युति आज बनाएगी दशांक योग…. इन राशि के जातकों की खुलेगी किस्मत !


    नई दिल्ली।
    आज शाम करीब 6 बजकर 51 मिनट से ब्रह्मांड में एक बेहद महत्वपूर्ण और दुर्लभ ज्योतिषीय घटना होने जा रही है. इस समय सूर्य देव और अरुण ग्रह (Uranus) एक-दूसरे से 36 डिग्री की विशेष कोणीय स्थिति में आ रहे हैं. वैदिक ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस विशिष्ट कोणीय दूरी के कारण दशांक योग (Dashank Ypg 2026) का निर्माण हो रहा है.

    सूर्य को आत्मा, मान-सम्मान और सफलता का कारक माना जाता है, जबकि अरुण ग्रह को अचानक बदलाव, नवीनता और क्रांतिकारी विचारों का स्वामी माना जाता है. इन दोनों का यह संयोग कुछ विशेष राशि के जातकों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. आइए जानते हैं कि इस दशांक योग से किन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है।


    1. मेष राशि (Aries)

    – मेष राशि के जातकों के लिए यह योग किसी वरदान से कम नहीं है. सूर्य और अरुण की यह स्थिति आपके कार्यक्षेत्र में बड़ा उछाल लाएगी.
    – फायदा: यदि आपका कोई सरकारी काम लंबे समय से अटका हुआ था, तो वह अब पूरा हो जाएगा.
    – आर्थिक पक्ष: अचानक धन लाभ के योग बनेंगे. व्यापार में नए और लाभकारी सौदे हाथ लग सकते हैं.
    – सलाह: इस दौरान अपने सीनियर्स के साथ संबंध मधुर बनाए रखें, पदोन्नति (Promotion) के रास्ते खुलेंगे.


    2. सिंह राशि (Leo)

    – चूंकि सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस दशांक योग का सीधा और सकारात्मक प्रभाव आप पर पड़ेगा. आपके आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिलेगी.
    – फायदा: समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. आपकी नेतृत्व क्षमता (Leadership Quality) की लोग सराहना करेंगे.
    – आर्थिक पक्ष: निवेश के लिए यह समय बेहद उत्तम है. पुराना फंसा हुआ पैसा वापस मिल सकता है.
    – सलाह: अहंकार से बचें और अपनी ऊर्जा का सही दिशा में इस्तेमाल करें.


    3. तुला राशि (Libra)

    – तुला राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से बेहद सुदृढ़ होने वाला है. अरुण ग्रह का प्रभाव आपके जीवन में कुछ सकारात्मक और अचानक बदलाव लेकर आएगा.
    – फायदा: नौकरीपेशा लोगों को नए अवसरों की प्राप्ति होगी. अगर आप नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, तो अच्छे ऑफर मिल सकते हैं.
    – आर्थिक पक्ष: आय के नए स्रोत बनेंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
    – सलाह: कोई भी बड़ा वित्तीय फैसला जल्दबाजी में न लें, सोच-समझकर आगे बढ़ें.

    4. धनु राशि (Sagittarius)

    – धनु राशि के जातकों के लिए भाग्य का पूरा साथ मिलने का समय आ गया है. इस योग के प्रभाव से आपके सोचे हुए काम समय पर पूरे होंगे.
    – फायदा: उच्च शिक्षा या विदेश यात्रा की इच्छा रखने वाले छात्रों के लिए यह समय अनुकूल परिणाम लेकर आएगा.
    – आर्थिक पक्ष: पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है. व्यापारिक यात्राएं सुखद और मुनाफेदार रहेंगी.
    – सलाह: अपने गुरु और बड़ों का आशीर्वाद लेकर ही किसी नए काम की शुरुआत करें.

  • देश में आज से VB-G RAM G योजना लागू…. ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन का रोजगार

    देश में आज से VB-G RAM G योजना लागू…. ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन का रोजगार


    नई दिल्ली।
    केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था (Rural Employment System) में बड़ा बदलाव करते हुए ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (वीबी-जी राम जी एक्ट -VB-G RAM G Act ) को 1 जुलाई से लागू कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना (New Rural Employment Scheme) के तहत मजदूरी दरों में भी बढ़ोतरी की है। अब देश में औसत दैनिक मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये हो गई है। यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी की। नई दरें 1 जुलाई से देश के सभी 34 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और मजदूरी क्षेत्रों में लागू हो गई हैं।


    अब 100 नहीं, 125 दिन के रोजगार की गारंटी

    सरकार के अनुसार, नए कानून के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों के मजदूरी वाले रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। पहले मनरेगा (MGNREGA) के तहत 100 दिनों के रोजगार की गारंटी थी।


    न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये तय

    सरकार ने नई योजना में 300 रुपये प्रतिदिन की अंतरिम न्यूनतम मजदूरी तय की है। इसका मतलब है कि इस योजना के तहत किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये से कम नहीं होगी। सरकार का कहना है कि पूरे देश में मजदूरी दरों में औसतन 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।


    इन राज्यों में सबसे ज्यादा बढ़ी मजदूरी

    मंत्रालय के अनुसार, 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों में मजदूरी को बढ़ाकर सीधे 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सबसे अधिक बढ़ोतरी अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में हुई है, जहां मजदूरी करीब 24.5 प्रतिशत बढ़ाई गई है।

    जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी बढ़ोतरी की गई है। नई अधिसूचना के अनुसार-
    हरियाणा- 409 रुपये प्रतिदिन
    गोवा- 406 रुपये प्रतिदिन
    केरल- 401 रुपये प्रतिदिन
    सिक्किम (ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्र) – 450 रुपये प्रतिदिन


    95 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट

    सरकार ने नई व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 95,692.31 करोड़ रुपये की अंतरिम राशि आवंटित की है। इसका उद्देश्य समय पर मजदूरी भुगतान और विकास कार्यों को बिना रुकावट जारी रखना है।


    शिवराज सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक कदम

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी पात्र ग्रामीण मजदूर एक भी दिन काम से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह कानून विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा और गांवों की समृद्धि तथा आजीविका सुरक्षा को नई मजबूती देगा।


    पुराने जॉब कार्ड फिलहाल रहेंगे मान्य

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी सत्यापित पुराने जॉब कार्ड तब तक मान्य रहेंगे, जब तक नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी नहीं हो जाते। नई योजना में भी ग्राम पंचायतों की अहम भूमिका बनी रहेगी। योजना के तहत जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, कृषि, ग्रामीण आधारभूत ढांचा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों पर विशेष जोर दिया जाएगा।


    विपक्ष ने उठाए सवाल

    नई व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे रोजगार की मांग आधारित व्यवस्था, राज्यों और पंचायतों की भूमिका तथा योजना के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर असर पड़ सकता है। हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि नया कानून ग्रामीण आजीविका को और मजबूत करेगा, बेहतर परिसंपत्तियों का निर्माण करेगा और रोजगार सृजन को अधिक प्रभावी बनाएगा। सरकार 2 जुलाई को मुक्कावरिपल्ली गांव में इस कानून का राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक शुभारंभ करेगी। इस कार्यक्रम में ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड वितरित किए जाएंगे और योजना से संबंधित जागरूकता सामग्री भी जारी की जाएगी।

  • भूकंप के झटकों से उबर नहीं पा रहा बेनेजुएला… आज भी आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 1430 मौतें

    भूकंप के झटकों से उबर नहीं पा रहा बेनेजुएला… आज भी आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, अब तक 1430 मौतें


    कराकस।
    वेनेजुएला (Venezuela) भूकंप (Earthquake) के झटकों से उबरता नहीं दिख रहा. बीते बुधवार को आए दो विनाशकारी भूकंप (Two devastating Earthquakes) के झटकों के बाद अब भी वेनेजुएला में भूकंप के झटके आ रहे हैं. शनिवार के बाद अब आज रविवार को भी वेनेजुएला में भूकंप के झटके महसूस किए गए. इससे लोग दहशत में आ गए. इधर बुधवार को आए दो विनाशकारी भूंकप के कारण वेनेजुएला में हजारों लोगों की मौत होने की बात कही जा रही है. आधिकारिक रूप से अभी तक 1430 लोगों की मौत का आंकड़ा सामने आया है. हजारों लोग घायल है. हजारों लापता बताए जा रहे हैं. रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है।

    नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिग्ज ने शनिवार को बताया कि बुधवार को आए भूकंप से अभी तक 1,430 लोग मारे गए और 3,238 लोग घायल हुए>


    आज वेनेजुएला में 5.6 तीव्रता का भूकंप आया

    रविवार सुबह वेनेजुएला में 5.6 की तीव्रता का भूकंप आया. शुरुआती जानकारी के अनुसार 5.6 तीव्रता का यह भूकंप वेनेजुएला के एल लिमोन से लगभग 30 किमी दूर उत्तर पूर्व में आया. स्थानीय समय 3 बजकर 20 मिनट पर भूंकप आया है. इससे पहले शनिवार सुबह वेनेजुएला में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था।

    वेनेजुएला की भूकंप अनुसंधान संस्था (फनविसिस) ने बताया कि देश के मध्य हिस्से में 4.1 तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. यह भूकंप ऐसे समय आया है जब लोग इस हफ्ते की शुरुआत में आए दो बड़े और विनाशकारी भूकंपों के बाद पहले से ही डरे हुए हैं।

    बुधवार को आए दो शक्तिशाली भूकंपों के बाद इस शहर को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया गया था, क्योंकि यहां काफी नुकसान हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को आया भूकंप जमीन से सिर्फ पांच किलोमीटर नीचे था. इतनी कम गहराई वाले भूकंप अक्सर ज्यादा तेज महसूस होते हैं और इमारतों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।

    काराकस और आसपास के इलाकों के लोगों ने भी झटके महसूस किए. कई लोग डर के कारण इमारतों से बाहर निकल आए, क्योंकि उन्हें और नुकसान होने या इमारतें गिरने का डर था. यह भूकंप बुधवार को आए दो बड़े भूकंपों के कुछ ही दिन बाद आया, जिनसे कई जगह भारी तबाही हुई थी. कई इमारतें गिर गईं, भूस्खलन हुआ और लोगों की मौत भी हुई.

  • Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

    Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका


    बेलफास्ट।
    आयरलैंड (Ireland) के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल (First T20 International) में मिली 34 रनों की हार के बाद भारतीय टीम (Indian team) आज (28 जून) दूसरे एवं आखिरी मुकाबले में सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी. यह मुकाबला बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे से खेला जाएगा।

    यह पहली बार था, जब आयरलैंड ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को हराया. अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम के सामने सम्मान बचाने की चुनौती होगी. पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी. शीर्ष क्रम बड़ी साझेदारियां नहीं कर सका और टीम 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 148 रनों पर सिमट गई।

    ऐसे में दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. इस मैच से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को लेकर है. पहले टी20 में उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला था, लेकिन हार के बाद टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है. वैभव को संजू सैमसन (Sanju Samson) के स्थान पर मौका मिल सकता है. संजू को इस मुकाबले में रेस्ट दिया जा सकता है. ऐसे में ईशान किशन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।


    इन दो खिलाड़ियों का भी हो सकता है डेब्यू

    दूसरी ओर, टीम मैनेजमेंट वॉशिंगटन सुंदर को दूसरे टी20 से बाहर रख सकता है. अगर ऐसा होता है तो भारत स्पिनर रवि बिश्नोई या ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे के साथ उतर सकता है. शेडगे ने अब तक अपना इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है. पहले टी20 मुकाबले में सुंदर गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में ही नाकाम रहे थे. गेंदबाजी में सुंदर ने एक ओवर में ही 19 रन दे दिए. वो बल्लेबाजी के दौरान भी महज 9 रन बनाकर आउट हो गए.

    इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की प्लेइंग-11 से छुट्टी हो सकती है. प्रसिद्ध ने पहले मुकाबले में 57 रन लुटाए थे. कृष्णा की जगह प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है. प्रिंस ने अब तक अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है.

    कुल मिलाकर क्रिकेट फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस मुकाबले में वैभव भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करेंगे? हालांकि, पूरी पिक्चर टॉस के बाद ही साफ होगी.

    भारत को गेंदबाजी में भी सुधार करना होगा. पहले मुकाबले में आयरलैंड के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन बटोरे, जिससे मेजबान टीम मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. दूसरी ओर, आयरलैंड जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना चाहेगा.

    बेलफास्ट के मैदान पर होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है. भारत के लिए यह सीरीज बचाने का मैच है, जबकि आयरलैंड के पास ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका होगा. अभी आयरलैंड 1-0 से सीरीज में बढ़त बनाया हुआ है.


    मुकाबले में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/सूर्यांश शेडगे, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    मुकाबले में आयरलैंड की संभावित प्लेइंग-11: टिम टेक्टर,
    रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर/कप्तान), बेंजामिन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज, जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड.

  • RS चुनावः झारखंड से 2 सीट और 3 उम्मीदवार… आज मतदान के बाद शाम तक साफ हो जाएगी तस्वीर

    RS चुनावः झारखंड से 2 सीट और 3 उम्मीदवार… आज मतदान के बाद शाम तक साफ हो जाएगी तस्वीर


    रांची।
    झारखंड में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए आज वोटिंग होनी है. मतदान सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक विधानसभा परिसर में बने मतदान केंद्र पर होगा. शाम तक रिजल्ट भी आ जाएगा. झारखंड की दो सीटों पर तीन उम्मीदवार होने की वजह से चुनाव दिलचस्प हो गया है।

    तीसरे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में परिमल नाथवानी है, जिनका समर्थन एनडीए कर रहा है. एनडीए के पास 24 विधायक हैं. इनमें बीजेपी के 21, AJSU, जेडीयू और LJP(R) का 1-1 विधायक है. वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पास 34 विधायक हैं।

    राज्यसभा की सीट जीतने के लिए 28 विधायकों का समर्थन चाहिए. पहली सीट पर JMM उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत तय है. लेकिन असली लड़ाई दूसरी सीट के लिए है. दूसरी सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी हैं. एनडीए को जीत के लिए सिर्फ 4 वोट और चाहिए, जबकि कांग्रेस के पास 14 वोट कम पड़ रहे हैं।

    राज्यसभा चुनाव के लिए इंडिया और एनडीए के बीच अपना कुनबा बचाना सबसे बड़ी चुनौती है. सोमवार को सीएम आवास पर कांग्रेस प्रभारी के राजू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद साफ कर दिया था कि गठबंधन की सरकार को समर्थन दे रहे सभी 56 विधायकों को 16 और 17 जून को सीएम हाउस में हाजिरी लगानी होगी. के राजू ने बताया था कि वहां डिनर के दौरान मॉक पोल भी होगा. विधायकों को भी शहर में ही रहने का निर्देश दिया गया है.

    इधर NDA ने भी अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए सभी 24 विधायकों को एक साथ रांची के रेडिसन ब्लू में रहने के निर्देश दिए है. दो दिन से विधायक यहीं हैं और यहीं से वोटिंग के लिए जाएंगे. यानी पॉलिटिक्स होटल में शिफ्ट हो गई है.

    जाहिर है ऐसा इसलिए किया गया है कि पोचिंग की संभावना न हो. एनडीए के नेता भी बीजेपी प्रदेश कार्यालय में सोमवार को आयोजित गठबंधन के बैठक के बाद चौंकन्ना हो गए हैं. बैठक से 7विधायक नदारद थे. चंपई सोरेन समेत सरयू राय सरीखे नेता बैठक में नहीं थे।

    कांग्रेस के नेता भी आग में घी का काम ये कहकर डालते रहे कि NDA के तीन विधायक संपर्क में है. हालांकि बाद में चंपई सोरेन के साथ नाथवानी की तस्वीर सामने सोशल मीडिया पर आई और सरयू राय की भी तस्वीर देखने को मिली।


    इंडिया ब्लॉक के 56 विधायक, फिर क्यों चिंता?

    वहीं, कांग्रेस और JMM के दावे हैं कि जब हेमंत सरकार को 56 विधायकों का समर्थन है तो कहां चिंता का विषय है? 2सीट के लिए जीत के लिए 56 विधायकों की ही जरूरत है. लिहाजा दोनों सीट पर उनके ही उम्मीदवार जीतेंगे।

    दोनों गठबंधन ने बैठके की है. दोनों ने मॉक पोल भी किया है. संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्णा किशोर ने मंगलवार रात सीएम हाउस में बैठक के बाद बताया था कि दोनों सीट पर उनकी जीत होगी. मॉक पोल में कांग्रेस को 27 और JMM को 27 मत मिले थे.


    एनडीए को क्रॉस वोटिंग से उम्मीद

    इस बीच NDA की उम्मीदें कोर्स वोटिंग पर टिकी है और इंडिया ब्लॉक क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए हर कोशिश कर रहा है. इसी कोशिश पर उसकी जीत का दारोमदार है. एनडीए समर्थित परिमल नाथवानी का कहना है कि भले ही 4 वोट कम है लेकिन झारखंड से वो 2008 और 2014 में भी राज्यसभा जा चुके हैं और सभी ने उनका काम देखा है. उनका कहना है कि अंतरात्मा की आवाज पर उन्हें जीत के लिए 28 वोट मिल जाएंगे।


    दो सीटों पर क्यों हो रहे हैं चुनाव?

    बीजेपी के सांसद दीपक प्रकाश का कार्यकाल खत्म हो रहा. दूसरी सीट शिबू सोरेन की थी, जिनका निधन हो चुका है. हालांकि, शिबू सोरेन अगर होते तो उनका कार्यकाल भी खत्म हो जाता।

  • SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला…. जानें क्या है पूरा मामला?

    SIR विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला…. जानें क्या है पूरा मामला?


    नई दिल्ली।
    देश में मतदाता सूची (Voter List) के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Review.- SIR) को लेकर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) बुधवार को अहम फैसला सुनाने जा रहा है। मामला इस सवाल पर केंद्रित है कि क्या चुनाव आयोग ने अपने संवैधानिक अधिकारों की सीमा लांघते हुए वोटर लिस्ट को लगभग नए सिरे से तैयार करने की कोशिश की। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में दावा किया कि आयोग की यह प्रक्रिया लाखों वैध मतदाताओं को मताधिकार से वंचित कर सकती है और इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

    याचिकाओं में कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 326, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के तहत चुनाव आयोग को इतनी व्यापक कार्रवाई का अधिकार नहीं है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि SIR के जरिए मतदाता सूचियों का पूरी तरह नया पुनर्गठन किया जा रहा है, जो सामान्य संशोधन प्रक्रिया से अलग है। इस दौरान आधार कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों को स्वीकार नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं।


    चुनाव आयोग का क्या है पक्ष

    दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए जरूरी है। आयोग का कहना है कि मताधिकार केवल पात्र नागरिकों को ही मिलना चाहिए और फर्जी या अपात्र नाम हटाना उसकी संवैधानिक जिम्मेदारी है। आयोग ने यह भी दलील दी कि वोट देने का अधिकार संविधान और कानून में तय योग्यताओं के अधीन है, इसलिए अपात्र लोगों को सूची से हटाना लोकतंत्र के हित में है।

    इस पूरे विवाद का राजनीतिक असर भी दिखाई दे रहा है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर असली मतदाताओं के नाम हटाए जा सकते हैं, जबकि सत्तापक्ष इसे चुनावी पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम बता रहा है। बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में यह मुद्दा पहले ही राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। अब सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, क्योंकि यह निर्णय भविष्य में देशभर में मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की शक्तियों की सीमा तय कर सकता है।

  • PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

    PM मोदी आज लेंगे कैबिनेट मीटिंग, फेरबदल की अटकलों के बीच लिए जा सकते हैं बड़े फैसले


    नई दिल्ली।
    पांच देशों के दौरे से वापस आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) गुरुवार को कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) करेंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बैठक में विभिन्न मंत्रालयों के कामकाज, लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके नतीजों तथा भविष्य की योजनाओं सहित अन्य विषयों पर चर्चा होगी। पीएम मोदी की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्रियों को शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट में फेरबदल की अटकलों के बीच, यह इस वर्ष कैबिनेट की पहली पूर्ण बैठक होगी।

    सूत्रों ने बताया कि बैठक में विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज, हाल के दिनों में लिए गए प्रमुख निर्णयों और उनके परिणामों, तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के अलग-अलग पहलुओं, उन्हें अधिकतम सफलता के लिए कैसे लागू किया जाए और अन्य विषयों की भी समीक्षा किए जाने की उम्मीद है।


    क्या होगा बैठक का एजेंडा?

    पीएम मोदी के पश्चिम एशिया में जारी संकट और उसके आर्थिक प्रभावों का जिक्र करने की संभावना है और वह मंत्रालयों तथा विभागों को निर्देश दे सकते हैं कि नागरिकों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए किस तरह से आगे बढ़ा जाए। सूत्रों ने बताया कि बैठक में ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, शिपिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।

    पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के कुछ ही समय बाद, मोदी ने सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया था कि वे नागरिकों और इससे प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएं।


    आमजन को फायदा पहुंचाने पर होगी चर्चा

    बैठक में आम लोगों के फायदे के लिए सभी क्षेत्रों में सुधार लाने की सरकार की प्राथमिकता पर भी चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले अगले 10 वर्षों के लिए सुधार की प्राथमिकताओं की रूपरेखा पेश करते हुए कहा था कि उनकी सरकार की रिफॉर्म एक्सप्रेस ने व्यवस्थागत बदलाव लाए हैं और आम नागरिकों को काफी हद तक लाभ पहुंचाया है। यह बैठक प.बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा की जबर्दस्त जीत के बाद हो रही है।

  • देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय

    देशभर में आज शनि जयंती की धूम… जानिए साढ़ेसाती-ढैय्या से मुक्ति के उपाय


    नई दिल्ली।
    आज ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) की अमावस्या (Amavasya) है और आज के ही दिन शनि जयंती भी है। देशभर में आज शनि जयंती (Shani Jayanti 2026) धूमधाम से मनाई जा रही है। इस अवसर पर शनि मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह से ही मंदिर परिसर में यज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डालीं। भक्तों ने न्याय के देवता शनि देव को सरसों का तेल और काले तिल चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इसी के साथ, बट सावित्री पर्व भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जा रहा है।

    हिंदू धर्म में शनि देव (Shani Dev) को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना जाता है. मान्यता है कि आज ही के दिन सूर्य पुत्र शनि देव का जन्म हुआ था. आज शनिवार का दिन होने के कारण इस जयंती का महत्व अनंत गुना बढ़ गया है, क्योंकि शनिवार स्वयं शनि देव को समर्पित है.


    1. आज का शुभ मुहूर्त (Shani Jayanti 2026 Muhurat)

    आज 16 मई को पूजा के लिए कई शुभ संयोग बन रहे हैं. ज्योतिष गणना के अनुसार अमावस्या तिथि का विवरण इस प्रकार है:
    – अमावस्या तिथि का आरंभ: 15 मई 2026 को दोपहर से.
    – अमावस्या तिथि का समापन: आज 16 मई 2026 को शाम 05:40 बजे तक.
    – अमृत काल (पूजा के लिए श्रेष्ठ): सुबह 09:15 से 10:45 तक.
    – संध्या काल पूजा: शाम 06:30 से रात 08:30 तक (शनि देव की पूजा सूर्यास्त के बाद विशेष फलदायी होती है.


    2. शनि जयंती पूजा विधि

    आज के दिन शनि देव की कृपा पाने के लिए भक्त इन चरणों का पालन करें.
    – ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: आज सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदी या घर के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
    – संकल्प: हाथ में जल लेकर शनि देव के व्रत या विशेष पूजा का संकल्प लें.
    – मंदिर दर्शन: पास के शनि मंदिर जाएं. यदि मंदिर जाना संभव न हो, तो घर के पश्चिम कोने में एक चौकी पर काला कपड़ा बिछाकर शनि देव की यंत्र या प्रतिमा स्थापित करें.
    – तैल अभिषेक: शनि देव की शिला या प्रतिमा पर सरसों का तेल अर्पित करें. ध्यान रहे कि तेल चढ़ाते समय उनकी आंखों में न देखें, बल्कि चरणों की ओर दृष्टि रखें.
    – नैवेद्य: उन्हें नीले फूल, काले तिल, अक्षत और भोग में इमरती या काली उड़द की खिचड़ी अर्पित करें.
    – मंत्र जाप: आज कम से कम 108 बार “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” इस मंत्र का जाप करें.


    3. शनि दोष से मुक्ति के अचूक उपाय (Effective Remedies)

    अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष है, तो आज 16 मई को ये उपाय जरूर करें.
    – पीपल के पेड़ की पूजा: आज शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं और सात बार परिक्रमा करें.
    – छाया दान: एक कटोरी में सरसों का तेल लें, उसमें अपना चेहरा देखें, फिर उस तेल को दान कर दें या मंदिर में रख आएं.
    – हनुमान जी की भक्ति: शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि वह उनके भक्तों को परेशान नहीं करेंगे. इसलिए आज हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ अवश्य करें.


    4. क्या दान करें? (Donation Guide)

    आज के दिन दान का फल कई जन्मों तक मिलता है. इन वस्तुओं का दान करना शुभ है.
    – काले वस्त्र और छाता.
    – लोहे के बर्तन या जूते-चप्पल.
    – काली उड़द की दाल और काले तिल.
    – जरूरतमंदों और कुष्ठ रोगियों को भोजन कराना.


    5. राशि अनुसार विशेष लाभ (Zodiac Insights)

    आज का दिन विशेष रूप से कुंभ, मकर और मीन राशि (साढ़ेसाती के प्रभाव वाली), कर्क और वृश्चिक राशि (ढैय्या के प्रभाव वाली) के जातकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इन राशियों के जातकों को आज सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए ताकि शनि देव के प्रतिकूल प्रभाव कम हो सकें.

  • UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे

    UP में आज होगा योगी मंत्रिमंडल का विस्तार…. सरकार में शामिल होंगे 6 नए चेहरे


    लखनऊ।
    यूपी (UP) में आज योगी सरकार (Yogi Government) का मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) होने जा रहा है। टीम योगी में छह नए चेहरे शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह रविवार को जनभवन में 3.30 से होगा। इससे पहले शनिवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल (Governor Anandiben Patel) से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नामों की सूची दी। बता दें कि योगी कैबिनेट का यह दूसरा विस्तार है।

    टीम योगी के विस्तार में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत मनोज पांडेय, पूजा पाल, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान और हंसराज विश्वकर्मा को मंत्रिमंडल में जगह मिलने जा रही है। देर रात तक जनभवन से सभी नए चेहरों को शपथ ग्रहण समारोह की सूचना भेज दी गई। योगी सरकार 2.0 का गठन 25 मार्च 2022 को हुआ था, तब मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों सहित कुल 52 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इनमें 18 कैबिनेट मंत्री, 14 स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री और 20 राज्य मंत्री शामिल थे। इसके बाद लोकसभा चुनाव से पहले 5 मार्च 2024 को पहला विस्तार हुआ, जिसमें ओमप्रकाश राजभर, अनिल कुमार, सुनील शर्मा और दारा सिंह चौहान को कैबिनेट में शामिल किया गया। तब मंत्रियों की संख्या बढ़कर 56 हो गई थी। हालांकि, जितिन प्रसाद और अनूप प्रधान के सांसद चुने जाने के बाद यह संख्या घटकर 54 रह गई।


    मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना

    इस बार के विस्तार में कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी संभावना जताई जा रही है। भाजपा इस विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने के साथ विपक्ष के पीडीए फार्मूले का जवाब देने की रणनीति पर काम कर रही है। खास बात यह है कि संभावित नए मंत्रियों में मनोज पांडेय और पूजा पाल पहले समाजवादी पार्टी में थे और बाद में भाजपा में शामिल हुए थे।


    यूपी में अधिकतम 60 बन सकते हैं मंत्री

    यूपी में अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। ऐसे में अगले साल प्रस्तावित चुनावों से पहले भाजपा मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरण साधने की कोशिश में जुटी है। पार्टी नए चेहरों को शामिल कर विभिन्न वर्गों तक राजनीतिक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

    महिला सशक्तिकरण और नारी शक्ति वंदन अभियान को आगे बढ़ाते हुए भाजपा इस विस्तार में महिला प्रतिनिधित्व पर भी जोर दे रही है। संभावित छह नए मंत्रियों में दो महिलाओं को मौका दिया जा रहा है, जिसे पार्टी महिला भागीदारी बढ़ाने के संदेश के तौर पर देख रही है। मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए भाजपा कई राजनीतिक लक्ष्य साधने की तैयारी में है। इसी को लेकर रविवार को गोपन विभाग सक्रिय रहा, जबकि राज्य संपत्ति विभाग को नए मंत्रियों के लिए आधा दर्जन गाड़ियां तैयार रखने के निर्देश दिए गए।

  • बंगाल का नया CM कौन…. आज MLAs संग अमित शाह की बैठक पर सभी की नजरें

    बंगाल का नया CM कौन…. आज MLAs संग अमित शाह की बैठक पर सभी की नजरें


    कोलकाता।
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) के नतीजों के बाद अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य की कमान किसके हाथों में होगी। भारतीय जनता पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक करने वाले हैं। बैठक के बाद जल्द ही राज्य के अगले सीएम के नाम का आधिकारिक ऐलान कर दिया जाएगा।


    अमित शाह और मोहन चरण माझी को अहम जिम्मेदारी

    पार्टी आलाकमान ने विधायक दल के नेता के चुनाव की प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक (ऑब्जर्वर) की जिम्मेदारी दी गई है। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी सह-पर्यवेक्षक की भूमिका निभाएंगे।


    बैठक में कैसे तय होगा विधायक दल का नेता?

    आज होने वाली इस बैठक में दोनों पर्यवेक्षक सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। सूत्रों के अनुसार, शाह व्यक्तिगत स्तर पर और सामूहिक रूप से विधायकों से बात करेंगे ताकि मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाई जा सके। विधायकों की राय जानने के बाद विधायक दल के नेता और अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी। माना जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं, जिसके बाद इस फैसले को आधिकारिक रूप दिया जाएगा।


    9 मई को होगा भव्य शपथ ग्रहण समारोह

    नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी जाएगी। इस बीच राजनीतिक हलचलें तेज हो गई हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 मई को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी की मौजूदगी पश्चिम बंगाल की राजनीति में होने जा रहे इस बड़े बदलाव को और भी खास बनाएगी।


    रेस में और कौन?

    नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी जीत का परचम लहराने वाले विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे शुभेंदु अधिकारी का नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहा है। हालांकि बीजेपी अक्सर अपने फैसलों से चौंकाती रही है। शुभेंदु के अलावा कुछ अन्य नामों पर भी चर्चा गर्म है।

    सुकांत मजूमदार: प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उनके शांत स्वभाव और आरएसएस (RSS) के साथ उनके गहरे जुड़ाव को देखते हुए उन्हें एक ‘डार्क हॉर्स’ माना जा रहा है।

    दिलीप घोष: पार्टी को जमीनी स्तर पर खड़ा करने वाले दिलीप घोष का नाम भी चर्चा से बाहर नहीं है। उनका आक्रामक अंदाज कार्यकर्ताओं में जोश भरता है।

    महिला कार्ड या नया चेहरा: महिला वोटरों को साधने के लिए बीजेपी किसी महिला विधायक या फिर केंद्र से किसी अनुभवी चेहरे को भी बंगाल की कमान सौंप सकती है।

    पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने 207 सीटें जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल कर लिया, जिससे राज्य में टीएमसी के लगातार 15 वर्षों के शासन का अंत हो गया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी ने 80 सीटों पर जीत दर्ज की।