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  • Ind vs NZ: चौथा टी-20 आज ऑकलैंड में… टीम इंडिया यहां कभी नहीं हारी…. हर बार किया चेज

    Ind vs NZ: चौथा टी-20 आज ऑकलैंड में… टीम इंडिया यहां कभी नहीं हारी…. हर बार किया चेज


    ऑकलैंड।
    टीम इंड‍िया (Team India) न्यूजीलैंड (New Zealand) के ख‍िलाफ टी20 सीरीज ( T20 series) 3-0 से जीत चुकी है, अब टी20 सीरीज का कारवां ऑकलैंड (Auckland) के ईडन पार्क पहुंच चुका है.इसी ऑकलैंड के मैदान में दोनों ही टीमों के बीच चौथा टी20 (Fourth T20) होना है, लेकिन यहां भारतीय टीम ने कभी भी हार नहीं देखी है और खास बात यह है कि हर बार टीम इंड‍िया यहां की चेजमास्टर है, यानी टीम ने हर मैच चेज करते हुए जीता है।

    वहीं अगर यह कहा जाए कि न्यूजीलैंड का यह छोटा सा ग्राउंड भारत के लिए जैसे अपना घर बन गया है. तो यह बात अत‍िरेक नहीं होगी।


    ऑकलैंड में बदलेगी टीम इंडिया की प्लेइंग XI? गंभीर के सामने दो रास्ते

    यहां टीम इंडिया ने अब तक कुल तीन टी20 इंटरनेशनल खेले हैं और तीनों के तीनों जीते हैं. यहां भारतीय टीम को एक भी हार नहीं म‍िली है, टीम इंड‍िया का र‍िकॉर्ड यहां 100 प्रतिशत जीत का है. मुकाबला शुक्रवार (30 अक्टूबर) को है।


    भारत ने कब-कब खेले हैं ऑकलैंड में टी20 मैच

    1- दोनों ही टीमों के बीच इस मैदान पर पहला टी20 मैच 8 फरवरी 2019 को खेला गया. न्यूजीलैंड ने 158 रन बनाए. उस मुकाबले में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ क्रुणाल पंड्या थे, उन्होंने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट झटके थे. भारत ने 18.5 ओवर में 7 विकेट से जीत हासिल कर ली. भारतीय टीम के रनचेज में रोहित शर्मा ने 50 तो श‍िखर धवन ने 30 रन बनाए. वहीं ऋषभ पंत तब तीसरे नंबर पर खेलने उतरे थे और 28 गेंदों पर 40 रनों की नाबाद पारी खेली थी, महेंद्र स‍िंह धोनी भी 20 रन बनाकर नाबाद लौटे थे।

    2- इस मैदान पर दोनों ही टीमों के बीच दूसरा टी20 24 जनवरी 2020 को हुआ. मेजबान टीम 203 तक पहुंची. भारत ने 19 ओवर में 204 रन बनाकर 6 विकेट से 6 गेंद शेष रहते हुए जीत दर्ज की. तब उस जीत के स्टार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ श्रेयस अय्यर थे, जो इस समय मौजूदा टीम के कप्तान हैं. ऐसे में यह मैदान उनके लिए यादगार है।

    3- ईडन पार्क की धरती पर दोनों ही देशों के बीच तीसरा टी20 26 जनवरी 2020 को हुआ. न्यूजीलैंड 132 पर सिमट गई. भारत ने 17.3 ओवर में 7 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया. ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ केएल राहुल ने उस मुकाबले में 50 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली थी. वहीं श्रेयस अय्यर ने तब भी इस मैदान पर 33 गेंदों पर 44 रन बनाए थे।

    यानी कुल म‍िलाकर भारतीय टीम ने यहां तीनों मैच दूसरी पारी में हैं और चेज करते हुए जीते हैं.अब शुक्रवार (30 अक्टूबर) को यहीं चौथा टी20 है. सीरीज में पहले तीन मैच जीतकर टीम इंडिया 3-0 की बढ़त बना चुकी है।

    श्रेयस अय्यर की कप्तानी में टीम फॉर्म में है. अब ईडन पार्क पहले का र‍िकॉर्ड न्यूजीलैंड टीम के लिए डरावना रहा है, ऐसे में उस पर एक्स्ट्रा प्रेशर वाला रहेगा. सवाल यह है कि पहले तीन मैचों में हार का सिलसिला कीवी टीम तोड़ पाएगी या नहीं, क्योंकि इतिहास साफ कहता है ईडन पार्क पर टीम इंडिया का राज चलता है।

  • Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

    Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?


    क्राइस्टचर्च।
    भारतीय टीम (Indian Team) ने न्यूजीलैंड (Zealand) के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले (India vs New Zealand) में 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है. वहीं रोमांचक अंदाज में मैच भी जीत लिया. लेकिन इस जीत के बाद टीम इंड‍िया की जीत के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं. गेंदबाजी तो इसके केंद्र में है ही, सवाल ‘बेबी बॉस’ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की एंट्री को लेकर भी है. क्योंकि ईशान किशन (Ishan Kishan) इंजरी (दाह‍िने जांघ की मांसपेशी में ख‍िंचाव) की वजह से क्राइस्टचर्च में ही होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर हो गए हैं।

    आज (24 अक्टूबर) को एक बार फ‍िर क्राइस्टचर्च में टीम इंड‍िया के सामने कुछ सवाल होंगे और कुछ सुधार भी जरूरी रहेंगे। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में गुरुवार को 226 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय मुश्किल में फंस गई थी. संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और नमन धीर की पारियों ने भारत को जीत दिलाई, लेकिन मुकाबले में कुछ ऐसी कमियां भी सामने आईं, जिन पर टीम को ध्यान देना होगा।

    भारत ने 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड के 225/4 के जवाब में 230/6 रन बनाकर जीत हासिल की. वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई स्कोरिंग सीरीज के पांच दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मुकाबले में उतरी. जीत के बावजूद फील्डिंग और गेंदबाजी के कुछ पहलुओं में सुधार की जरूरत दिखाई दी.


    1. फील्डिंग में सुधार जरूरी

    प‍िछले मैच में भारतीय फील्डर से कैच छूटा, म‍िसफील्ड‍िंंग हुई… न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में मयंक यादव की गेंद पर डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन की तरफ सीधा शॉट खेला. वहां तैनात अभिषेक शर्मा के पास कैच लेने का अच्छा मौका था, लेकिन वह इसे पकड़ नहीं सके. मिचेल को जीवनदान मिला और भारत के खाते में एक अहम विकेट जुड़ने से रह गया. म‍िचेल ने मैच में 10 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    टी20 क्रिकेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है. ऐसे में भारतीय टीम को फील्डिंग में अपनी चुस्ती और कैच पकड़ने की क्षमता पर काम करना होगा.


    2. शुरुआती ओवरों में लगाम लगानी होगी

    भारतीय गेंदबाजी में शुरुआती ओवर भी चिंता का विषय रहे. नई गेंद से विकेट निकालने और विपक्षी टीम के रनरेट पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अर्शदीप को शुरुआत में रन रोकने होंगे. न्यूजीलैंड जैसी आक्रामक बल्लेबाजी वाली टीम के खिलाफ शुरुआती ओवरों में ज्यादा रन देना आगे के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा सकता है.

    भारत को पावरप्ले में सही लाइन-लेंथ और बेहतर गेंदबाजी योजनाओं के साथ उतरना होगा, ताकि विरोधी बल्लेबाजों को शुरुआत से ही खुलकर खेलने का मौका न मिले. यहां ध्यान देना होगा भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल वापसी में पहले ओवर में 4 रन द‍िए लेकिन अगले ओवर में 17 रन लुटवा द‍िए. इसी तरह अर्शदीप ने अपने पहले ओवर ओवर में 8 रन द‍िए, तो दूसरे ओवर में उनहों ने भी 17 रन पड़वाए. न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर्स) में 65 रन बनाए.

    भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद शुरुआती ओवरों में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और डेथ ओवर्स में भी उन्होंने ठीक गेंदबाजी की. हालांकि, बीच के ओवरों में वह महंगे साबित हुए. टी20 मुकाबलों में मिडिल ओवर्स का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि इसी दौरान बल्लेबाज पारी को आगे बढ़ाने के साथ बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.


    3. अक्षर पटेल को मिलेगा सेंटनर-ब्रेसवेल जैसा स्पिन पार्टनर?

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों मिचेल सेंटनर और माइकल ब्रेसवेल ने भारतीय बल्लेबाजों को मिडिल ओवर्स में परेशान किया. दोनों ने दो-दो विकेट लेकर मैच में भारत की रफ्तार रोक दी. भारत 93 रन पर बिना विकेट गंवाए मजबूत स्थिति में था, लेकिन इसके बाद 22 गेंदों के भीतर 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए. ब्रेसवेल ने हाईस्कोर‍िंग मुकाबले में 4 ओवर्स में 37 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं सेंटनर ने भी 4 ओवर में 39 रन देकर 2 विकेट लिए थे.

    ऐसे में सवाल है कि क्या भारत को अक्षर के साथ मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने और रन रोकने वाला एक और प्रभावी स्पिन विकल्प उतारना चाहिए? सेंटनर और ब्रेसवेल ने जिस तरह भारतीय बल्लेबाजों को बांधा, उससे भारत के स्पिन विभाग के संतुलन पर चर्चा जरूर होगी. हालांकि अक्षर ने 4 ओवर्स में 51 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया. वो सबसे महंगे गेंदबाज रहे. अब देखना होगा कि कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती में से किसे टीम में जगह म‍िलेगी?


    4. क्या नीतीश की जगह श‍िवम दुबे अंदर आएंगे

    भारत ने इस मुकाबले में शिवम दुबे की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया. इसके चलते अक्षर पटेल को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. अक्षर ने 14 गेंदों में 24 रन बनाकर श्रेयस अय्यर के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी की. इस साल 18 टी20 इंटरनेशनल पारियों में अक्षर का औसत 8.66 और स्ट्राइक रेट 106.55 रहा था, हालांकि वह ज्यादातर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. नीतीश ने गेंदबाजी में 4 ओवर्स में 40 रन द‍िए और 1 विकेट लिए, वहीं बल्लेबाजी में वो 2 रन पर नाबाद रहे. हालांक‍ि, नीतीश को बाहर कर श‍िवम दुबे के आने की संभावना कम है, लेक‍िन वो ईशान किशन की जगह टीम में आ सकते हैं. ऐसे में त‍िलक वर्मा नंबर 3 पर ही खेलते द‍िख सकते हैं.


    5. दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 पर नजर

    पहले मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद दूसरे टी20 के लिए टीम कॉम्ब‍िनेशन चर्चाओं का बाजार गर्म. ईशान किशन के बाहर होने और वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 में जगह को लेकर कंफ्यूजन के बीच भारतीय टीम को यह तय करना होगा कि बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी विकल्पों में किस तरह का बैलेंस रखा जाए. क्या ईशान की जगह श‍िवम दुबे को लाया जाएगा, या वैभव भी एक ऑप्शन के तौर पर ईशान किशन की जगह नंबर 3 पर खेलते द‍िख सकते हैं.

    पहले मैच ने दिखाया कि भारत के पास बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन फील्डिंग और गेंदबाजी में निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है. सीरीज के अगले मुकाबले में टीम इंडिया इन कमियों को कितना सुधार पाती है, इस पर नजर रहेगी।


    क्राइस्टचर्च में होने वाले दूसरे टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग XI:
    वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव.


    क्राइस्टचर्च में होने वालेदूसरे टी20 में न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग XI:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन.


    भारत का फुल स्क्वॉड:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (दूसरे मैच से बाहर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव, मयंक यादव, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी.


    न्यूजीलैंड का फुल स्क्वॉड:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉन्वे, ग्लेन फिलिप्स, डेरिल मिचेल, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जोश क्लार्कसन, जैकब डफी, बेवन जैकब्स, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर.


    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा

    पहला टी20: 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, भारत की 4 विकेट से जीत
    दूसरा टी20: 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, दोपहर 12:30 बजे
    तीसरा टी20: 27 अक्टूबर, वेलिंगटन, दोपहर 12:30 बजे
    चौथा टी20: 30 अक्टूबर, ऑकलैंड, दोपहर 12:30 बजे
    पांचवां टी20: 1 नवंबर, हैमिल्टन, दोपहर 12:30 बजे
    पहला वनडे: 4 नवंबर, ऑकलैंड, सुबह 7:30 बजे
    दूसरा वनडे: 7 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 7:30 बजे
    तीसरा वनडे: 10 नवंबर, हैमिल्टन, सुबह 7:30 बजे
    चौथा वनडे: 13 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पांचवां वनडे: 15 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पहला टेस्ट: 19 से 23 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 3:30 बजे
    दूसरा टेस्ट: 27 से 1 द‍िसंबर, क्राइस्टचर्च, सुबह 3:30 बजे

  • फ्रांस में आज बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी…., सुरक्षा के कड़े इंतजाम…. 70 हजार पुलिस जवान तैनात

    फ्रांस में आज बड़े विरोध-प्रदर्शन की तैयारी…., सुरक्षा के कड़े इंतजाम…. 70 हजार पुलिस जवान तैनात


    पेरिस।
    फ्रांस (France) में आज शनिवार को एक बार फिर बड़े विरोध प्रदर्शन (Protest) होने जा रहे हैं. पिछले सप्ताह देश में हुई हिंसा और लूटपाट को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. सरकार की कोशिश है कि इस बार प्रदर्शन के दौरान हिंसा और दंगों जैसी स्थिति दोबारा न बने. इसके लिए देशभर में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों (70,000 Police Personnel) को तैनात किया गया है.

    फ्रांस के गृह मंत्रालय के मुताबिक, शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान विशेष पुलिस बल, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन, पुलिस डॉग स्क्वॉड (Police Dog Squad) और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियां भी तैनात रहेंगी. प्रशासन ने किसी भी तरह की हिंसा और तोड़फोड़ से सख्ती से निपटने की तैयारी की है।

    गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज (Home Minister Laurent Nuñez) ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं बरतेगी. उन्होंने कहा कि हिंसा और नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


    आज पेरिस में होगा बड़ा प्रदर्शन

    शनिवार दोपहर पेरिस में बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है. फ्रांस की मुख्य छात्र यूनियन UNEF ने इसका आयोजन किया है. देश की बड़ी ट्रेड यूनियन CGT ने भी इसमें शामिल होने का ऐलान किया है. किसानों, जलवायु कार्यकर्ताओं और येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े लोगों के भी प्रदर्शन में शामिल होने की उम्मीद है।

    पेरिस में होने वाले इस प्रदर्शन को प्रशासन ने मंजूरी दी है. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शनिवार को ट्रेड यूनियनों से जुड़े प्रदर्शनों के अलावा दूसरे विरोध प्रदर्शनों पर रोक लगा दी है. सरकार का कहना है कि इसका मकसद देश में बढ़ रही अशांति को नियंत्रित करना है।


    पिछले सप्ताह हुई थी हिंसा और लूटपाट

    फ्रांस में पिछले कुछ हफ्तों से शिक्षा व्यवस्था, रोजगार के खराब अवसर और बढ़ती महंगाई को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. शुरुआत में ये प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे और इनमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे. लेकिन बाद में कई जगहों पर हालात बिगड़ गए और हिंसा शुरू हो गई. पिछले सप्ताह हुए प्रदर्शनों के दौरान देश के कई हिस्सों में हिंसा और लूटपाट की घटनाएं सामने आई थीं. इसे हाल के वर्षों में देश में हुई सबसे गंभीर और व्यापक हिंसा में से एक माना गया।


    70 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

    रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के लिए फ्रांस में करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है. पुलिस के साथ विशेष सुरक्षा इकाइयों और भारी हथियारों से लैस मोबाइल दस्तों को भी तैनात किया गया है.अधिकारियों को आशंका है कि कट्टरपंथी समूह और कुछ युवा हिंसा और लूटपाट का फायदा उठाकर स्थिति बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं. इसी वजह से सुरक्षा बलों की बड़े स्तर पर तैनाती की गई है।


    प्रवासियों और कट्टरपंथी इस्लाम पर आरोप

    फ्रांस में जारी हिंसा को लेकर कुछ दक्षिणपंथी नेताओं ने प्रवासियों और कट्टरपंथी इस्लाम को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इन आरोपों को खारिज किया है. सरकार का पूरा फोकस अब शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर है. पुलिस के अलावा हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन और पानी की बौछार करने वाली गाड़ियों को भी तैयार रखा गया है।


    पेरिस में सुरक्षा बढ़ाई गई

    प्रदर्शनों के बीच पेरिस में सुरक्षा व्यवस्था और बढ़ा दी गई है. शुक्रवार को शहर के कई हिस्सों में पुलिस की तैनाती देखी गई. फ्रांस की आतंकवाद रोधी व्यवस्था के तहत पेरिस में आम तौर पर गश्त करने वाले सेना के जवानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है. इसका मकसद पुलिस को स्थायी सुरक्षा ड्यूटी से मुक्त करना है, ताकि उन्हें प्रदर्शन वाले इलाकों में तैनात किया जा सके. प्रशासन अब शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के दौरान किसी भी तरह की हिंसा और लूटपाट को रोकने के लिए पूरी तरह तैयार है।

  • आज दशहरे पर देश में इन 7 जगह नहीं होगा रावण दहन…. कहीं दामाद तो कहीं पूर्वज के रूप में पूजे जाएंगे दशानन…

    आज दशहरे पर देश में इन 7 जगह नहीं होगा रावण दहन…. कहीं दामाद तो कहीं पूर्वज के रूप में पूजे जाएंगे दशानन…


    नई दिल्ली।
    आज देशभर में विजयादशमी (Vijayadashami) यानी दशहरा (Dussehra) मनाया जा रहा है. इस दिन देश के विभिन्न हिस्सों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए जाते हैं. लेकिन भारत में कुछ जगह ऐसी भी हैं, जहां रावण दहन (Burning Ravana) नहीं किया जाता, बल्कि दशानन की पूजा (Worship) होती है. इसके पीछे स्थानीय इतिहास, धार्मिक आस्था और पीढ़ियों से चली आ रही मान्यताएं हैं. आइए जानते हैं कि रावण की पूजा देश में कहां-कहां होती है।


    1. बिसरख गांव (उत्तर प्रदेश)

    उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित बिसरख गांव का नाम रावण से जोड़ा जाता है. स्थानीय परंपरा के अनुसार, यह रावण के पिता ऋषि विश्रवा से संबंधित स्थान है. इसी वजह से गांव के लोग रावण को विशेष सम्मान देते हैं. यहां दशहरे के दिन रावण का पुतला जलाने के बजाए उसकी पूजा-अर्चना की जाती है. गांव में रावण का एक मंदिर भी है, जहां श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार पूजा करते हैं।


    2. मंदसौर (मध्य प्रदेश)

    मध्य प्रदेश का मंदसौर भी उन खास जगहों में से एक है, जहां रावण की पूजा होती है.मान्यता है कि रावण की पत्नी मंदोदरी इसी क्षेत्र की रहने वाली थीं. इसी वजह से मंदसौर को रावण का ससुराल कहा जाता है. स्थानीय परंपरा में दामाद को सम्मान देने की वजह से रावण की पूजा होती है. यही कारण है कि यहां के कुछ इलाकों में विजयादशमी पर रावण का पुतला जलाने के बजाय उसकी पूजा करते हैं।


    3. रावनग्राम (मध्य प्रदेश)

    मध्य प्रदेश के विदिशा से करीब 50 किलोमीटर दूर रावनग्राम में भी रावण के पुतले का दहन नहीं होता है. यहां भी रावण को पूजने की परंपरा है. स्थानीय लोगों की आस्था में रावण का विशेष स्थान है. इस गांव में उसकी विशाल प्रतिमा स्थापित होने की बात भी कही जाती है. रावनग्राम की परंपरा बताती है कि अलग-अलग क्षेत्रों में रामायण के पात्रों को लेकर धार्मिक मान्यताएं एक जैसी नहीं हैं।


    4. कानपुर (उत्तर प्रदेश)

    उत्तर प्रदेश के कानपुर में स्थित दशानन मंदिर रावण की पूजा के लिए प्रसिद्ध है. बताया जाता है कि इस मंदिर का इतिहास करीब 135 साल पुराना है. यहां मंदिर के कपाट सालभर खुले नहीं रहते, बल्कि दशहरे के दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाते हैं. शेष दिनों में रावण की प्रतिमा ढकी रहती है. विजयादशमी पर भक्त मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और तेल के दीपक जलाते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु रावण से बुद्धि, ज्ञान और शक्ति की कामना करते हैं।


    5. जोधपुर (राजस्थान)

    राजस्थान के जोधपुर में भी कुछ समुदाय रावण को अपने पूर्वज के रूप में देखते हैं. इनकी मान्यताओं में रावण का संबंध वंश परंपरा से जुड़ा हुआ है. इसी कारण दशहरे के अवसर पर ये लोग रावण का पुतला जलाने के बजाय उसकी पूजा करते हैं. यहां रावण को लेकर प्रचलित आस्था मुख्यधारा में दिखाई देने वाली रावण दहन की परंपरा से अलग है. यह स्थानीय समुदायों की धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा मानी जाती है।


    6. काकिनाडा (आंध्र प्रदेश)

    आंध्र प्रदेश के काकिनाडा में रावण को समर्पित एक मंदिर है. यहां उसे एक पराक्रमी शासक और भगवान शिव के परम भक्त के रूप में देखा जाता है. मंदिर में रावण के साथ भगवान शिव की पूजा किए जाने की परंपरा भी बताई गई है. स्थानीय मान्यताओं में रावण की शिवभक्ति और उसके सामर्थ्य को महत्व दिया जाता है. इस वजह से यहां रावण को देखने का नजरिया उन स्थानों से अलग है, जहां विजयादशमी पर उसके पुतले का दहन किया जाता है।


    7. कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश)

    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में भी रावण को लेकर अलग धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं. यहां कुछ स्थानों पर रावण को भगवान शिव का बड़ा उपासक मानकर सम्मान दिया जाता है. मान्यता है कि रावण ने कठोर तपस्या से शिवजी को प्रसन्न किया था और उनकी कृपा प्राप्त की थी. कुछ स्थानीय परंपराओं में यह भी माना जाता है कि रावण को मोक्ष मिला था. इसी आस्था के चलते यहां कुछ लोग दशहरे पर रावण का दहन करने के बजाय उसकी पूजा-अर्चना करते हैं।

  • देशभर में आज दशहरे की धूम…. शाम को जलेंगे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले

    देशभर में आज दशहरे की धूम…. शाम को जलेंगे रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले


    नई दिल्ली।
    बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने वाला विजयादशमी (दशहरा) (Vijayadashami- Dussehra 2026) का पर्व इस साल आज यानी 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में दशहरे (Dussehra 2026) को धर्म की स्थापना, साहस और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण (Ravana) का अंत किया था। वहीं, देवी दुर्गा (Goddess Durga) ने महिषासुर का वध करके देवताओं और संसार को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इन घटनाओं की स्मृति में दशहरा देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन भी किया जाता है।

    पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विजयादशमी पर दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जरूरतमंदों की सहायता करने और उपयोगी वस्तुएं दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय परंपराओं में राशि के अनुसार दान करने का भी उल्लेख मिलता है। यदि आप दशहरे पर दान करने की योजना बना रहे हैं, तो अपनी राशि के मुताबिक इन वस्तुओं का चुनाव कर सकते हैं।


    राशि के अनुसार दशहरे पर क्या दान करें?

    – मेष राशि: मेष राशि के जातक विजयादशमी पर गेहूं और गुड़ का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में इन वस्तुओं का दान शुभ माना जाता है।

    – वृषभ राशि: इस राशि के लोगों के लिए चावल और आटे का दान करना अच्छा माना जाता है। जरूरतमंद परिवारों को ये खाद्य सामग्री दी जा सकती है।

    – मिथुन राशि: मिथुन राशि वाले साबुत मूंग और हरी सब्जियों का दान कर सकते हैं। इससे जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

    – कर्क राशि: कर्क राशि के जातक दूध और दही का दान कर सकते हैं। दान करते समय इनकी स्वच्छता और गुणवत्ता का ध्यान रखें।

    – सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए गुड़, मूंगफली और सेब का दान करना शुभ माना जाता है।

    – कन्या राशि: कन्या राशि के जातक हरे रंग के कपड़े और चूड़ियां दान कर सकते हैं। इन्हें जरूरतमंद महिलाओं को देना एक अच्छा विकल्प है।

    – तुला राशि: तुला राशि वाले सफेद वस्त्र और अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार धन का दान कर सकते हैं।

    – वृश्चिक राशि: इस राशि के लोगों के लिए सेब और कपड़ों का दान करना अच्छा माना जाता है।

    – धनु राशि: धनु राशि के जातक पीले रंग के वस्त्र और अनाज जरूरतमंदों को दान कर सकते हैं।

    – मकर राशि: मकर राशि वाले कपड़े, खाद्यान्न और धन का दान कर जरूरतमंदों की सहायता कर सकते हैं।

    – कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातक नीले रंग के वस्त्र या जरूरतमंद लोगों को जूते-चप्पल दान कर सकते हैं।

    – मीन राशि: मीन राशि के लोग दशहरे पर खिचड़ी बनाकर जरूरतमंदों को भोजन करा सकते हैं।

    विजयादशमी पर दान करते समय अपनी आर्थिक स्थिति और सामने वाले व्यक्ति की जरूरत को प्राथमिकता दें। दान का उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा निभाना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता करना भी होना चाहिए। भोजन, कपड़े, अनाज या दैनिक उपयोग की वस्तुएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान की जा सकती हैं। किसी भी तरह के दिखावे से बचें और सेवा भाव के साथ दान करें।

  • पैरा एशियन गेम्स 2026 की आज होगी भव्य शुरुआत… भारत के 168 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

    पैरा एशियन गेम्स 2026 की आज होगी भव्य शुरुआत… भारत के 168 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा


    आइची-नागोया।
    भारत (India) रविवार से शुरू हो रहे पैरा एशियन गेम्स (Para Asian Games) में अपने पिछले प्रदर्शन को पीछे छोड़ने के इरादे से उतरेगा। हालांकि, इस बार भारतीय दल का आकार पहले के मुकाबले काफी छोटा है। इसके अलावा पैरा निशानेबाजी और पैरा साइकिलिंग में चयन प्रक्रिया को लेकर उठे विवादों ने भी खेलों से पहले माहौल को प्रभावित किया है। ऐसे में भारत के लिए 2023 में जीते गए 111 पदकों की उपलब्धि को दोहराना एक बड़ी चुनौती होगी। भारत ने चीन के हांगझोउ में 2023 में आयोजित पिछले पैरा एशियन गेम्स में 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य सहित कुल 111 पदक जीते थे। यह इन खेलों में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस बार भारतीय खिलाड़ी (Indian players) इस रिकॉर्ड को बेहतर करने के लक्ष्य (New Medal Record) के साथ मैदान में उतरेंगे।


    303 से घटकर 168 हुआ भारतीय दल

    आइची-नागोया (Aichi-Nagoya) में आयोजित होने वाले इन खेलों में भारत ने 11 खेलों के लिए 168 खिलाड़ियों का दल भेजा है, जबकि हांगझोउ में भारत की ओर से 303 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। भागीदारी के लिए कड़े किए गए कोटे और खेल कार्यक्रमों में बदलाव के कारण भारतीय दल के आकार में कमी आई है। खिलाड़ियों की संख्या में आई इस गिरावट का असर पदकों की कुल संख्या पर भी पड़ सकता है। ऐसे में भारत की सफलता काफी हद तक अनुभवी पदक विजेताओं के प्रदर्शन और नए खिलाड़ियों की महाद्वीपीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने की क्षमता पर निर्भर करेगी। आधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले ही भारतीय खिलाड़ी पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस, बोकिया और दृष्टिबाधित फुटबॉल में अपने अभियान की शुरुआत कर चुके हैं।


    पैरा एथलेटिक्स से सबसे ज्यादा उम्मीदें

    हांगझोउ पैरा एशियन गेम्स में भारत ने पैरा एथलेटिक्स में 18 स्वर्ण सहित कुल 55 पदक जीते थे। इस बार भी एथलेटिक्स भारतीय दल के लिए पदकों का बड़ा स्रोत बन सकता है। हालांकि, इस स्पर्धा में भारत के खिलाड़ियों की संख्या 123 से घटकर 62 रह गई है। पैरालंपिक चैंपियन और विश्व रिकॉर्डधारी भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल से स्वर्ण पदक की उम्मीद होगी। ऊंची कूद में निषाद कुमार, फर्राटा दौड़ में प्रीति पाल और क्लब थ्रो में धरमबीर सिंह भारतीय चुनौती को मजबूती देंगे।


    तीरंदाजी, बैडमिंटन और निशानेबाजी पर नजर

    तीरंदाजी में भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी और पायल नाग से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। वहीं, पैरालंपिक रिकर्व चैंपियन हरविंदर सिंह और विश्व चैंपियन तोमान कुमार भी पदक के दावेदारों में शामिल हैं। पैरा बैडमिंटन में कई बार के चैंपियन प्रमोद भगत और सुहास एलवाई पर भारत की उम्मीदों का बड़ा दारोमदार होगा। निशानेबाजी में पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा भारतीय चुनौती की अगुवाई करेंगी। पैरा टेबल टेनिस में टोक्यो पैरालंपिक की रजत पदक विजेता भाविना पटेल से भी पदक की आस रहेगी।

    चयन प्रक्रिया पर विवाद से बढ़ी मुश्किलें
    खेलों से पहले पैरा निशानेबाजी और पैरा साइकिलिंग में चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आए हैं। करीब 150 पैरा निशानेबाजों ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) से कथित वित्तीय अनियमितताओं, वसूली और चयन संबंधी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझड़िया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई। वहीं, खेल मंत्रालय ने निशानेबाजी टीम के मुख्य कोच को दल से हटाकर उनकी जगह दूसरे कोच को शामिल किया। इस फैसले का कई प्रमुख निशानेबाजों ने विरोध किया। पैरा साइकिलिंग में भी चयन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी। संयुक्त चयन समिति ने छह साइकिलिस्ट का चयन किया था, लेकिन खेल मंत्रालय ने केवल अरशद शेख के नाम को मंजूरी दी।


    अनुभवी खिलाड़ियों और नए चेहरों पर टिकी निगाहें

    भारतीय दल के सामने इस बार चुनौती केवल पदकों की संख्या बढ़ाने की नहीं, बल्कि सीमित खिलाड़ियों के साथ बेहतर प्रदर्शन करने की भी है। एक ओर सुमित अंतिल, अवनि लेखरा, प्रमोद भगत और भाविना पटेल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों से पदक की उम्मीदें हैं, तो दूसरी ओर नए खिलाड़ियों के पास बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका होगा। अब देखना होगा कि छोटा भारतीय दल विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हांगझोउ के 111 पदकों के रिकॉर्ड को पार कर पाता है या नहीं।

  • Ind vs WI: पांचवां T20 मैच आज बेंगलुरु में… भारत हारा तो 24 साल बाद वेस्टइंडीज टीम रचेगी इतिहास

    Ind vs WI: पांचवां T20 मैच आज बेंगलुरु में… भारत हारा तो 24 साल बाद वेस्टइंडीज टीम रचेगी इतिहास


    बेंगलुरु।
    भारत और वेस्टइंडीज (India vs West Indies) के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज (Five-match T20 series) का निर्णायक मुकाबला शनिवार, 17 अक्टूबर को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम (M. Chinnaswamy Stadium, Bengaluru) में खेला जाएगा. सीरीज फिलहाल 2-2 से बराबर है, लेकिन इस मुकाबले से पहले मौसम ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है। बारिश (Rain) के कारण मैच में रुकावट आने की आशंका है. अगर भारत (India) यह मुकाबला हार जाता है, तो वेस्टइंडीज (West Indies) के पास 24 साल बाद भारतीय जमीन पर किसी भी फॉर्मेट की सीरीज जीतने का मौका होगा।

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, शनिवार को बेंगलुरु में आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे. बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं। विभाग ने आकाशीय बिजली के साथ तूफान की चेतावनी भी दी है. मौसम विभाग के अनुसार, शहर में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री और अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

    वहीं, BBC की मौसम र‍िपोर्ट के मुताब‍िक- उपलब्ध प्रति घंटा पूर्वानुमान में भी बारिश की आशंका काफी ज्यादा दिखाई गई है. शाम 5 बजे बारिश की संभावना 66 फीसदी है. शाम 6 बजे यह 68 फीसदी, 7 बजे 69 फीसदी और रात 8 बजे 70 फीसदी तक पहुंच जाती है. रात 9 बजे भी बारिश की संभावना 70 फीसदी और 10 बजे 69 फीसदी दिखाई गई है. ऐसे में मैच शुरू होने के समय और उसके बाद भी बारिश खलल डाल सकती है।


    क्या बारिश धुलवा देगी पूरा मैच?

    बारिश का खतरा जरूर है, लेकिन अभी पूरे मैच के धुलने की पुष्टि नहीं की जा सकती. अगर बारिश थोड़ी देर के लिए होती है, तो मैदान खेलने लायक होने पर मुकाबला देरी से शुरू हो सकता है. हालांकि, लगातार बारिश या गरज-चमक के कारण ओवर कम करने की नौबत भी आ सकती है।

    एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की ड्रेनेज व्यवस्था पानी निकालने में मदद करती है. इसके बावजूद लगातार बारिश होने पर मैच समय पर शुरू कराना चुनौती बन सकता है. सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण दोनों टीमें हर हाल में निर्णायक मुकाबला पूरा करना चाहेंगी।

    बल्लेबाजों के लिए अच्छी पिच, ओस भी डाल सकती है असर
    बेंगलुरु की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए मददगार माना जाता है. IPL में भी यहां बड़े स्कोर देखने को मिलते हैं, बशर्ते पिच की तैयारी में कोई समस्या न हो. लेकिन इस बार खिलाड़ियों की रणनीति पर पिच से ज्यादा मौसम का असर पड़ सकता है।

    अगर मैच शुरू होकर देर शाम तक चलता है, तो ओस भी भूमिका निभा सकती है. गीली गेंद के कारण गेंदबाजों को ग्रिप बनाने और गेंद पर नियंत्रण रखने में परेशानी हो सकती है. ऐसी स्थिति में लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को फायदा मिलने की संभावना रहेगी. टॉस के समय परिस्थितियों का आकलन करना दोनों टीमों के लिए अहम होगा।


    24 साल बाद इतिहास रचने का मौका

    वेस्टइंडीज ने 2002 के बाद से भारत में किसी भी फॉर्मेट की सीरीज नहीं जीती है. ऐसे में शनिवार का मुकाबला उसके लिए इस लंबे इंतजार को खत्म करने का मौका है. पांच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर होने के कारण दोनों टीमों के सामने जीत की चुनौती है।

    हालांकि, बारिश के कारण मुकाबला प्रभावित होता है, तो सीरीज का फैसला भी मौसम और मैच के नियमों पर निर्भर करेगा. फिलहाल भारत और वेस्टइंडीज दोनों की नजरें बेंगलुरु के आसमान पर रहेंगी. निर्णायक मुकाबले में बारिश सबसे बड़ा विलेन बन सकती है।

    कैसा है भारत का बेंगलुरु में टी20 र‍िकॉर्ड
    भारतीय टीम आख‍िरी बार जब बेंगलुरु में कोई टी20 इंटरनेशनल मैच खेली थी तो वो अफगान‍िस्तान के ख‍िलाफ ‘डबल सुपर ओवर’ वाला मैच था. तब हमारी टीम ने जीत दर्ज की थी. उस मैच के करीब 2 साल बाद बेंगलुरु के एम च‍िन्नास्वामी स्टेड‍ियम में टीम इंड‍िया के सामने वेस्ट इंडीज की टीम है, अभी सीरीज 2-2 से बराबरी पर है. अब शन‍िवार (17 अक्टूबर) को होने वाले मैच से यह तय होगा कि सीरीज कौन जीतेगा।

    भारतीय टीम यहां कुल म‍िलाकर 8 मैच खेली है, जिसमें उसने 4 मैच जीते (डबल सुपर वाला मैच भी शाम‍िल) हैं, 3 मैच में हार म‍िली है और एक मैच बेनतीजा रहा है।

  • सोनम वांगचुक आज कर सकते हैं बड़ा ऐलान, गिरफ्तार CJP नेताओं के विरोध में उठाएंगे कदम

    सोनम वांगचुक आज कर सकते हैं बड़ा ऐलान, गिरफ्तार CJP नेताओं के विरोध में उठाएंगे कदम


    नई दिल्ली। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक आज कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के विरोध में अगला कदम उठाने का ऐलान कर सकते हैं। उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों को रिहा करने और गिरफ्तारियों से जुड़े मामलों को सुलझाने के लिए 24 घंटे का समय दिया था। यह समयसीमा पूरी होने पर वांगचुक धरना, अनशन या पदयात्रा जैसे शांतिपूर्ण विरोध के विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

    वांगचुक ने दिल्ली में छात्र और युवा नेताओं, वकीलों, पत्रकारों तथा सांसदों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। उनका कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की अनुमति होनी चाहिए। उन्होंने सरकार से अपील की कि गिरफ्तारियों को वापस लेकर संबंधित मामलों का समाधान बातचीत के जरिए किया जाए।

    वांगचुक बोले- देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात

    सोनम वांगचुक ने कहा कि दिल्ली में छात्र नेताओं, युवा नेताओं, वकीलों, पत्रकारों और यहां तक कि सांसदों को भी हिरासत में लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान शांति और एकता बनाए रखने की अपील करने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध की अनुमति दी जाएगी।

    वांगचुक ने आरोप लगाया कि देशभर में अघोषित आपातकाल जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि दिन खत्म होने से पहले गिरफ्तारियों को समाप्त किया जाए और विवाद का समाधान निकाला जाए।

    उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 24 घंटे में गिरफ्तारियों को वापस नहीं लिया गया, तो उन्हें लेह या दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पर विचार करना पड़ेगा। इसके लिए धरना, अनशन या पदयात्रा जैसे विकल्प अपनाए जा सकते हैं। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार बातचीत के जरिए ही मामले को सुलझा लेगी और उन्हें आंदोलन का अगला कदम उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    7 हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का दावा

    दिल्ली में ‘जंतर-मंतर 2.0’ आंदोलन के दौरान पुलिस की भारी तैनाती और बैरिकेडिंग के बीच प्रदर्शन सीमित हो गया। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सात हजार से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इनमें सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके और चार पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल बताए गए हैं।

    सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान से ही हिरासत में ले लिया। जंतर-मंतर की ओर जा रहे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी, माकपा नेता पिनराई विजयन और माणिक सरकार सहित कई विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।

    इसके अलावा, ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से और आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली हाट से हिरासत में लिया गया।

    सीजेपी का ऐलान- मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

    सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया है। पार्टी ने रविवार सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन करने की घोषणा की।

    प्रेस वार्ता में सीजेपी के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी और आंदोलन की कमान संभाल रहे अजिंक्य शिंदे ने कहा कि दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बावजूद संगठन पीछे नहीं हटेगा। पार्टी ने अपने आंदोलन को जारी रखने की बात दोहराते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की है।

    सुप्रीम कोर्ट में आज अवमानना याचिका पर सुनवाई

    इस मामले से जुड़ा एक कानूनी घटनाक्रम भी सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट रविवार को उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें आरोप लगाया गया है कि 10 अक्टूबर को मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने संबंधी अदालत के आदेश का उल्लंघन हुआ।

    अधिवक्ता शैलेंद्र मणि त्रिपाठी ने यह अवमानना याचिका दाखिल की है। इसमें संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया गया है। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर भी नजर रहेगी।

  • Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर

    Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर


    लखनऊ।
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 (Aichi-Nagoya Asian Games 2026) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब टीम इंडिया (Team India) की नजरें वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ टी20 सीरीज (T20 Series) पर हैं. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर (मंगलवार) को लखनऊ (Lucknow) के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होगा।

    भारतीय टीम ने हाल ही में एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. फाइनल में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्ले से अहम योगदान दिया था. वहीं शिवम दुबे ने ऑलराउंड खेल दिखाया था।


    कप्तान श्रेयस अय्यर पर बड़ी जिम्मेदारी

    टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. एशियन गेम्स में भी अय्यर की अगुवाई में भारत ने गोल्ड जीता था. अब उनकी कोशिश वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने की होगी. हालांकि, वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता. वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की थी. ऐसे में कैरेबियाई टीम टी20 सीरीज में मजबूत वापसी करना चाहेगी।


    संजू-अभिषेक कर सकते हैं ओपनिंग

    पहले टी20 के लिए संभावित प्लेइंग-11 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है. नंबर-3 पर ईशान किशन उतर सकते हैं. इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा मध्यक्रम को मजबूती देंगे. एशियन गेम्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक और तिलक पर एक बार फिर नजरें रहेंगी।


    शिवम दुबे और नीतीश रेड्डी देंगे ऑलराउंड विकल्प

    मध्यक्रम में शिवम दुबे और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का विकल्प भी देंगे. वहीं अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. गेंदबाजी में कुलदीप यादव मुख्य स्पिनर होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभाल सकते हैं. दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर प्रिंस यादव को मौका मिलने की संभावना है।


    कोच गंभीर का वैभव पर बड़ा बयान

    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं और अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन कभी-कभी आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है क्योंकि हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।


    गोल्ड के बाद अब टी20 सीरीज पर नजर

    एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड जीतने के बाद टीम इंडिया के सामने अब नई चुनौती वेस्टइंडीज की है. लखनऊ में होने वाला पहला टी20 ना सिर्फ पांच मैचों की सीरीज का आगाज होगा, बल्कि गोल्ड मेडल मैच के बाद भारतीय टीम के नए अभियान की शुरुआत भी करेगा।


    पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    पहले टी20 में वेस्टस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग-11:
    शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर.

    भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, नमन धीर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।


    वेस्टइंडीज का स्क्वॉड:
    शाई होप (कप्तान), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर।


    टी20 सीरीज का फुल शेड्यूल

    पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 (लखनऊ)
    दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 (रांची)
    तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 (इंदौर)
    चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 (हैदराबाद)
    पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु)

  • एशियन गेम्स 2026: भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला आज…. मैच से दूर रहेंगे नकवी

    एशियन गेम्स 2026: भारत-पाकिस्तान के बीच फाइनल मुकाबला आज…. मैच से दूर रहेंगे नकवी


    नई दिल्ली।
    एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026 ) में भारत और पाकिस्तान (India vs Pakistan) के बीच मेन्स क्रिकेट प्रतियोगिता (Men’s cricket tournament) का फाइनल 3 अक्टूबर (शनिवार) को होना है. यह गोल्ड मेडल मुकाबला निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सुबह 10 से निर्धारित है. इस मुकाबले की शुरुआत से सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष के तौर पर मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) फाइनल में मौजूद रहेंगे या नहीं. इसकी एक वजह हाल के भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मुकाबलों में ट्रॉफी प्रेजेंटेशन को लेकर हुई घटनाएं हैं. हालांकि इसे लेकर सस्पेंस खत्म हो चुका है. फाइनल में एसीसी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के प्रमुख नकवी का साया नहीं होगा।

    एसीसी ने बताया कि मोहसिन नकवी पहले से तय प्रतिबद्धताओं के कारण एशियन गेम्स के फाइनल डे में शामिल नहीं हो पाएंगे. उन्होंने गोल्ड और ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उतरने वाली चारों टीमों को शुभकामनाएं दी हैं. नकवी ने भी कहा है कि उनकी पूर्व निर्धारित व्यस्तताएं उन्हें नागोया से दूर रखेंगी, हालांकि वह मुकाबलों के एक्शन का इंतजार कर रहे हैं।

    मेन्स एशिया कप 2025 और विमेंस एशिया कप 2026 में भारतीय टीम्स की खिताबी जीत के बाद ट्रॉफी प्रेजेंशन को लेकर विवाद हुआ था. भारतीय टीम्स ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेना स्वीकार नहीं किया था. उन दोनों टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने बगैर ट्रॉफी के ही जश्न मनाया. ऐसे में एशियन गेम्स के फाइनल में उनकी संभावित मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे थे. अब एसीसी की ओर से उनकी गैरमौजूदगी की पुष्टि हो चुकी है. यानी आज भारत-पाकिस्तान के गोल्ड मेडल मैच में नकवी स्टेडियम में मौजूद नहीं होंगे।


    सेमीफाइनल में पस्त हो गया था श्रीलंका

    भारत और पाकिस्तान दोनों को टूर्नामेंट में आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सीधे क्वार्टर फाइनल में जगह मिली थी. बारिश के कारण दोनों के क्वार्टर फाइनल मुकाबले रद्द हो गए और बेहतर सीडिंग के कारण दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच गईं. भारत का सेमीफाइनल श्रीलंका के खिलाफ हुआ. भारतीय टीम ने टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 169/7 का स्कोर बनाया. ईशान किशन ने 4 चौके और पांच छक्के की मदद से नाबाद 80 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 21 गेंदों में 38 रन बनाकर तेज शुरुआत दी. इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी को सिर्फ 45 रनों पर समेट दिया और भारत ने 124 रन से मुकाबला जीत लिया।

    उधर पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तानी टीम का सामना बांग्लादेश से हुआ था. बारिश के कारण मुकाबला वो 13-13 ओवर्स का कर दिया गया. बांग्लादेश ने 111/7 रन बनाए, जिसके जवाब में पाकिस्तान ने 11.3 ओवर में 6 विकेट से लक्ष्य हासिल कर लिया. अब दोनों टीमें गोल्ड मेडल के लिए आमने-सामने हैं।

    भारत एशियन गेम्स में मेन्स क्रिकेट का डिफेंडिंग चैंपियन है. टीम ने 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था. अब श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली भारतीय टीम के पास लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतने का मौका है. यह मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि एशियन गेम्समें पहली बार मेन्स क्रिकेट में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने हैं. इससे पहले एशियन गेम्स में दोनों की भिड़ंत नहीं हुई थी. भारतीय टीम में श्रेयस अय्यर, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, अक्षर पटेल, वॉशिंगटन सुंदर, जसप्रीत बुमराह और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. उधर पाकिस्तान की कमान साहिबजादा फरहान के हाथों में है।