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  • देशभर में आज अनंत चतुर्दशी की धूम…. जानिए बप्पा के विसर्जन का शुभ मुहूर्त

    देशभर में आज अनंत चतुर्दशी की धूम…. जानिए बप्पा के विसर्जन का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली।
    देशभर में 10 दिन का गणेश उत्सव (Ganesh Utsav) आज समाप्त होने जा रहा है। यानी आज गणेश जी का विसर्जन (Ganesh Visarjan 2026 Shubh Muhurat) किया जा रहा है। वहीं, आज अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) का त्योहार भी मनाया जा रहा है. अनंत चतुर्दशी के दिन केवल गणेश विसर्जन ही नहीं होता, बल्कि इस दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के ‘अनंत’ (असीम) रूप की पूजा भी की जाती है.

    पौराणिक मान्यता के मुताबिक, गणपति विसर्जन के दिन बप्पा दोबारा अपने धाम कैलाश पर्वत की ओर प्रस्थान कर जाते है और पीछे छोड़ जाते हैं सुख, समृद्धि और शुभता का आशीर्वाद. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर वेदव्यास जी द्वारा बोले गए महाभारत के लेखन कार्य को पूर्ण करने के बाद गणेश जी ने शीतल जल में स्नान किया था. साथ ही, यह दिन सृष्टि के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु के ‘अनंत’ रूप की आराधना का भी विशेष पर्व माना जाता है. आइए जानते हैं अनंत चतुर्दशी के इस महापर्व पर गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त और संपूर्ण पूजन विधि.।

    गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त

    – प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत)- सुबह 06 बजकर 11 मिनट से लेकर सुबह 10 बजकर 42 मिनट तक
    – अपराह्न मुहूर्त (चर)- शाम 4 बजकर 44 मिनट से लेकर 6 बजकर 14 मिनट तक
    – अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से लेकर 1 बजकर 43 मिनट तक
    – रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात 9 बजकर 14 मिनट से लेकर 10 बजकर 43 मिनट तक.
    – रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर)- 12:13 ए एम से 04:42 ए एम, सितम्बर 26


    गणेश विसर्जन तिथि

    द्रिक पंचांग के अनुसार, गणेश विसर्जन की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 25 सितंबर यानी आज रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगी.


    गणेश विसर्जन की सही एवं संपूर्ण विधि

    सबसे पहले विसर्जन से पूर्व गणेश जी की विधिवत अंतिम पूजा करें. गणेश जी को लाल चंदन, दूर्वा, मोदक, लड्डू, फूल और फल अर्पित करें. फिर, कपूर जलाकर गणेश जी की आरती गाएं. इसके बाद जाने-अनजाने में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए हाथ जोड़कर क्षमा मांगें.


    पूजा समाप्त होने पर कहें ये मंत्र-

    “गच्छ गच्छ सुरश्रेष्ठ स्वस्थाने परमेश्वर।
    यत्र ब्रह्मादयो देवाः तत्र गच्छ हुताशन॥”

    इसके बाद लकड़ी के पटरे (चौकी) को थोड़ा सा हिलाएं. यह इस बात का संकेत है कि बप्पा की स्थापना का समय समाप्त हो गया है. चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा को विराजमान करें. साथ ही, उनके साथ पूजा सामग्री, थोड़े से चावल, और मोदक की एक छोटी सी पोटली बांधकर रखें. बाप्पा को पूरे सम्मान के साथ सिर या हाथों में उठाकर विसर्जन स्थल तक ले जाएं. रास्ते भर “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या!” के जयकारे लगाएं. विसर्जन स्थल (नदी, तालाब या घर के कुंड) पर पहुंचकर एक बार फिर आरती करें. तत्पश्चात प्रतिमा को धीरे-धीरे और आदरपूर्वक जल में प्रवाहित करें।


    इको-फ्रेंडली विसर्जन

    – एक बड़े गमले, बाल्टी या टब में साफ जल भरें.
    – गणेश जी की प्रतिमा को मंत्रों और जयकारों के साथ जल में धीरे से डुबोएं.
    – जब मिट्टी पूरी तरह घुल जाए, तो उस जल और मिट्टी को घर के पौधों या बगीचे में डाल दें. इससे बप्पा का आशीर्वाद पेड़-पौधों के रूप में हमेशा आपके घर में रहेगा.

  • IND vs AFG : दूसरा T-20 आज…. संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

    IND vs AFG : दूसरा T-20 आज…. संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका


    नई दिल्ली।
    भारत और अफगानिस्तान (India vs Afghanistan) के बीच टी20 सीरीज (T20 Series) का दूसरा मुकाबला 15 सितंबर (मंगलवार) को खेला जाएगा. पहले मैच में टीम इंडिया (Team India) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अफगानिस्तान को 7 विकेट से मात दी और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है. अब दूसरे मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा प्लेइंग-11 को लेकर है।

    पहले टी20 में संजू सैमसन (Sanju Samson) को ओपनिंग का मौका मिला था, लेकिन वह 8 गेंदों पर सिर्फ 10 रन बना सके. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या टीम मैनेजमेंट युवा वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को मौका देने के लिए संजू को बाहर बैठा सकता है।

    वैभव पहले टी20 में प्लेइंग-11 का हिस्सा नहीं थे और संजू को प्राथमिकता दी गई थी. इस फैसले को लेकर पहले ही काफी चर्चा हुई थी. हालांकि, टीम मैनेजमेंट संजू सैमसन को दूसरे टी20 में एक और मौका जरूर देना चाहेगा.


    वैभव को मिलेगा मौका?

    15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ समय में अपनी बल्लेबाजी से खूब सुर्खियां बटोरी हैं. ऐसे में दूसरे टी20 में उन्हें मौका देने का फैसला टीम इंडिया के लिए एक बड़ा चयन फैसला होगा. अगर वैभव को शामिल किया जाता है तो वह अभिषेक शर्मा के साथ ओपनिंग करते नजर आ सकते हैं. वहीं विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ईशान किशन को दी जा सकती है. इससे पहले वैभव को जिम्बाब्वे दौरे पर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ का खिताब मिला था. वैभव सूर्यवंशी ने जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे दौरे पर तीन पारियों में कुल 151 रन बनाए थे.।


    एक जीत और भारत के नाम सीरीज

    पहले टी20 में भारत ने 157 रनों के लक्ष्य को महज 13.4 ओवर में हासिल कर लिया था. अभिषेक शर्मा ने 32 गेंदों पर 82 रनों की तूफानी पारी खेली, जबकि ईशान किशन ने 42 रन बनाए। दूसरे टी20 में टीम मैनेजमेंट नीतीश कुमार रेड्डी की जगह वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग-11 में शामिल किया जा सकता है. नीतीश कुमार रेड्डी ने पहले टी20 मुकाबले में 2 ओवर गेंदबाजी करके 30 रन दिए थे. वहीं चोटिल वरुण चक्रवर्ती की जगह रवि बिश्नोई को मौका मिलने की संभावना है।

    अब भारत की नजर दूसरे मैच में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होगी. वहीं क्रिकेट फैन्स की नजर इस बात पर टिकी है कि संजू को एक और मौका मिलेगा या फिर वैभव सूर्यवंशी की टीम इंडिया में वापसी होगी.


    भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, वॉशिंगटन सुंदर, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और रवि बिश्नोई.


    अफगानिस्तान की संभावित प्लेइंग-11:
    इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, गुलबदिन नईब, मोहम्मद नबी, राशिद खान, मुजीब उर रहमान, नूर अहमद, फजलहक फारूकी।

  • किशाऊ बांध परियोजना को लेकर आज अमित शाह की मौजूदगी में 6 राज्यों के बीच होगा बड़ा समझौता

    किशाऊ बांध परियोजना को लेकर आज अमित शाह की मौजूदगी में 6 राज्यों के बीच होगा बड़ा समझौता


    चंडीगढ़/शिमला।
    किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना (Kishau Multipurpose Dam Project) को लेकर मंगलवार को छह राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन (Memorandum) पर हस्ताक्षर होंगे। इससे हरियाणा (Haryana) को सिंचाई के लिए 836.39 क्यूसेक पानी मिलेगा। इस परियोजना के लिए हरियाणा को करीब 579 करोड़ रुपये का खर्च उठाना होगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) की मौजूदगी में यह समझौता होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी शामिल होंगे। इंजीनियर इन चीफ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह समझौता हरियाणा को सिंचाई के क्षेत्र में दूरगामी लाभ देगा।

    किशाऊ बांध हिमाचल के सिरमौर और उत्तराखंड के देहरादून जिले की सीमा पर टोंस नदी पर प्रस्तावित है। टोंस यमुना की प्रमुख सहायक नदी है। परियोजना की कुल प्रस्तावित लागत करीब 15,624 करोड़ रुपये है। इसमें 12,096 करोड़ रुपये जल घटक पर खर्च होंगे, जिसका 90 फीसदी केंद्र सरकार वहन करेगी।


    हिमाचल की शर्तों पर समझौता

    मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश बिजली उत्पादन की लागत का वित्तीय बोझ नहीं उठाएगा। जून में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस पर सहमति बनी थी। दिल्ली और राजस्थान हिमाचल के बिजली घटक की लागत में हिस्सा देंगे। इसके बदले हिमाचल के हिस्से का पानी दिल्ली और राजस्थान को मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत हिमाचल को परियोजना से 211 मेगावाट बिजली मिलेगी और करीब 600 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ होने का अनुमान है।

  • MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी

    MP-UP से लेकर दिल्ली- NCR तक…… आज कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी…. अलर्ट जारी


    नई दिल्ली।
    देश के कई हिस्सों में 4 सितंबर को जन्मष्टामी (Janmashtami) के दिन मॉनसूनी गतिविधियां (Monsoon activities) तेज रहने का अनुमान है. मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में भारी बारिश (Heavy rain) की चेतावनी जारी की है. मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी बारिश और गरज-चमक का एक और दौर देखने को मिल सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटों में दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उससे सटे उत्तरी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है. इसके बाद इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है. इस सिस्टम के असर से मध्य और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।


    दिल्ली-NCR में पड़ सकते हैं बारिश के दौर

    दिल्ली-NCR में शुक्रवार को ज्यादातर समय आसमान में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बारिश के साथ गरज-चमक होने का अनुमान है. दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है. राजधानी के कई हिस्सों में बुधवार शाम हुई बारिश से उमस भरे मौसम से राहत मिली थी. बारिश के बाद कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई. हालांकि, 4 सितंबर को भी अचानक तेज बौछार, आंधी-तूफान और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 9 सितंबर तक कहीं-कहीं से लेकर बिखरी हुई बारिश जारी रह सकती है. इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश भी हो सकती है।


    मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश के आसार

    मध्य प्रदेश बारिश के प्रमुख केंद्रों में रह सकता है. पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कहीं-कहीं बेहद भारी बारिश भी हो सकती है. पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है. इससे पहले 3 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में जोरदार बारिश हुई. कई जगहों पर 10 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. राजनगर में 19 सेंटीमीटर और खजुराहो में 18 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. मध्य प्रदेश के अलावा विदर्भ और छत्तीसगढ़ में भी 9 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश में 3 से 5 सितंबर के दौरान गरज-चमक के साथ भारी बारिश की संभावना है।


    यूपी में भारी बारिश, फ्लैश फ्लड का खतरा

    उत्तर प्रदेश में भी 4 सितंबर को मौसम खराब रहने के आसार हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर बारिश, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में काफी बड़े से लेकर व्यापक इलाके में बारिश हो सकती है. कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। आईएमडी ने पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ के कम से मध्यम खतरे की भी चेतावनी दी है. यह खतरा खासतौर पर उन इलाकों में ज्यादा हो सकता है जहां जमीन पहले से गिली है और लगातार बारिश हो रही है।


    उत्तर भारत के इन राज्यों में भी है रेन अलर्ट

    जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है. उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ पहाड़ी इलाकों में अचानक बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है. ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखने की सलाह दी गई है।


    पूर्वोत्तर भारत में भी सक्रिय रहेगा मॉनसून

    पूर्वोत्तर भारत में भी 4 सितंबर को बारिश का दौर तेज रह सकता है. अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है. कई इलाकों में गरज और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।


    पश्चिम और दक्षिण भारत में होगी बारिश

    पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा में व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है. गुजरात, महाराष्ट्र और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में अलग-अलग से लेकर छिटपुट स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण भारत में फिलहाल बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत सीमित रहने की संभावना है. हालांकि, तटीय कर्नाटक में कई जगहों से लेकर व्यापक इलाकों में बारिश हो सकती है. आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

  • गैस सिलिंडर से लेकर दूध के दाम तक…. आज से हो रहे ये बड़े बदलाव

    गैस सिलिंडर से लेकर दूध के दाम तक…. आज से हो रहे ये बड़े बदलाव


    नई दिल्ली।
    आज यानी 1 सितंबर 2026 (1 September 2026) से नए महीने (New month) की शुरुआत हो चुकी है और ऐसे में हमारे लिए ये जानना जरूरी हो जाता है कि कौन से नियम बदल रहे हैं। दरअसल, हर महीने की शुरुआत में यानी पहली तारीख से कई नियम (Several Rules changes) बदलते हैं। ऐसे में कौन से नियम बदले हैं और इनका आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा? आप इस बारे में आगे जान सकते हैं…


    आज से क्या बदलाव हो रहे हैं?

    दरअसल, मुंबई में आज यानी 1 सितंबर से डेयरी फार्म से सप्लाई होने वाले भैंस के ताजा दूध की थोक कीमत 93 रुपये से बढ़कर 102 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी यानी दूध महंगा हो जाएगा मुंबई मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने दूध की थोक कीमत में 9 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है और ये नई कीमत 28 फरवरी 2027 तक जारी रहेगी।

    हालांकि, ये बढ़ोतरी दूध की थोक कीमत में हुई है। इसलिए ये जरूरी नहीं है कि हर ग्राहक के लिए दूध की कीमत सीधे 9 रुपये प्रति लीटर ही बढ़ जाए। खुदरा कीमत स्थानीय सप्लायर और दुकानदार के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।


    दूसरा बदलाव

    1 सितंबर 2026 से अगर आप भारत से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करते हैं, तो आपको इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास पर स्टांप लगवाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अपने मोबाइल में इलेक्ट्रॉनिक बोर्डिंग पास दिखा सकेंगे या फिर प्रिंटेड बोर्डिंग पास का इस्तेमाल भी कर पाएंगे। इससे डिपार्चर की प्रक्रिया पहले से आसान हो सकेगी।


    तीसरा बदलाव

    एलपीजी गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी करवाने के लिए कल यानी 31 अगस्त आखिरी तारीख थी। ऐसे में आज यानी 1 सितंबर से आपको गैस की बुकिंग, सब्सिडी और घरेलू दरों पर सिलेंडर मिलने में परेशानी आ सकती है। हालांकि, इससे गैस कनेक्शन नहीं कटेगा।


    चौथा बदलाव

    आज दिल्ली से पटना तक 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढोतरी हुई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडर के दामों में कोई इजाफा नहीं हुआ है ।

    पांचवां बदलाव

    अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR फाइल करते हैं, तो जान लें कि इसकी तारीख को लेकर बदलाव हो रहा है। दरअसल, जिन टैक्सपेयर्स की बिजनेस या प्रोफेशन से आय है और जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए Assessment Year 2026-27 का आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है।

    ये डेडलाइन मुख्य रूप से पात्र टैक्सपेयर्स के ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने से जुड़ी है। अगर आप इस समय तक रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं, तो इन नियमों के तहत आप बिलेटेड ITR दाखिल कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि इसके लिए लेट फाइलिंग से जुड़े नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं।
  • साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण आज… जानिए किस राशि पर इसका क्या होगा प्रभाव?

    साल 2026 का आखिरी चंद्र ग्रहण आज… जानिए किस राशि पर इसका क्या होगा प्रभाव?


    नई दिल्ली।
    आज 28 अगस्त को साल का आखिरी व दूसरा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लग चुका है. जिस चंद्र ग्रहण की हम बात कर रहे हैं, वह सामान्य या पूर्ण चंद्र ग्रहण नहीं है. यह उपच्छाया चंद्र ग्रहण (Penumbral Lunar Eclipse) है, जिसे मालिन्य चंद्र ग्रहण भी कहा जाता है. भारतीय समय के अनुसार, इसका समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा।

    ज्योतिषीय दृष्टि से यह उपछाया चंद्र ग्रहण कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा. शतभिषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, जबकि कुंभ राशि के स्वामी शनि हैं. ऐसे में ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस ग्रहण में शनि और राहु का प्रभाव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


    मेष राशि

    मेष राशि वालों के लिए यह ग्रहण अनुकूल माना जा रहा है. करियर में बड़ा अवसर मिल सकता है और लंबे समय से सफलता के लिए प्रयास कर रहे लोगों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है. स्थान परिवर्तन के योग भी बन सकते हैं और यह बदलाव आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है. हालांकि अगले 15 दिन से एक महीने के दौरान यात्राओं में सावधानी रखें. किसी भी यात्रा में लापरवाही न करें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद शिव मंदिर जाकर भगवान शिव को जल अर्पित करें. ऐसा करना आपके लिए शुभ माना जाता है.


    वृषभ राशि

    वृषभ राशि के लोगों के रुके हुए काम इस दौरान पूरे होने की संभावना है. लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान मिल सकता है. अगर कोई विवाद, झगड़ा या कानूनी मामला चल रहा है तो उसमें भी राहत मिलने की संभावना है. करियर के मामले में स्थिति सामान्य से बेहतर रह सकती है, लेकिन कोई बड़ा जोखिम लेने से बचें. अपने महत्वपूर्ण कार्यों को समय पर पूरा करने का प्रयास करें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद भगवान शिव को एक लोटा जल अर्पित करें.

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि के लोगों को अगले 15 दिन से एक महीने तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत हो सकती है. स्वास्थ्य का ध्यान रखें और बेवजह के विवाद या कानूनी मामलों से बचने का प्रयास करें. संतान को लेकर चिंता बढ़ सकती है. संतान के स्वास्थ्य या करियर को लेकर परेशानियां सामने आ सकती हैं. ऐसे में उनसे बातचीत करें और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करें. यात्राओं में विशेष सावधानी रखें. अगर बहुत जरूरी न हो तो लंबी यात्राओं से बचना बेहतर होगा.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का दान करें.


    कर्क राशि

    कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. करियर में अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है. नौकरी और व्यापार को लेकर सतर्क रहें और किसी तरह की लापरवाही न करें. स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें. चोट, दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचने के लिए सावधानी जरूरी है. परिवार की महिलाओं, विशेष रूप से माता, पत्नी, बेटी या बहन के स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें. अगले एक महीने तक काम का उतना ही दबाव लें, जितना आप आसानी से संभाल सकें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चीनी का दान करें.


    सिंह राशि

    सिंह राशि वालों को स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है. पाचन और हड्डियों से संबंधित समस्याओं पर ध्यान दें. चोट या फ्रैक्चर जैसी स्थिति से बचने के लिए सावधानी रखें. करियर में किसी तरह का जोखिम न लें. नौकरीपेशा लोग विशेष रूप से अपने काम में लापरवाही से बचें. पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में भी तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य से काम लें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल का दान करें.


    कन्या राशि

    कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य के मामले में सावधानी रखनी चाहिए. चोट या दुर्घटना से बचने के लिए सतर्क रहें. कान, नाक और गले से जुड़ी परेशानियों का ध्यान रखें. लिखापढ़ी, दस्तावेजों और पैसे के लेन-देन में विशेष सावधानी बरतें. किसी भी कागज पर बिना जांचे हस्ताक्षर न करें. पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों में भी सोच-समझकर व्यवहार करें, क्योंकि छोटी गलतफहमी विवाद का कारण बन सकती है.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का दान करें.


    तुला राशि

    तुला राशि वालों को धन के मामले में सावधान रहने की जरूरत है. अचानक खर्च या आर्थिक नुकसान की स्थिति बन सकती है. पैसों के लेन-देन में जल्दबाजी न करें. स्वास्थ्य के मामले में भी सावधान रहें. पाचन और पेट से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. चोट या दुर्घटना से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है. करियर में कोई लापरवाही न करें और नौकरीपेशा लोग अपने काम को गंभीरता से लें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चीनी का दान करें.


    वृश्चिक राशि

    वृश्चिक राशि के लोगों के पारिवारिक जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं. माता-पिता, पति-पत्नी या अन्य करीबी लोगों के साथ मतभेद हो सकते हैं. बेवजह का तनाव और विवाद बढ़ने की संभावना है. धन और संपत्ति के मामले में अगले एक महीने तक सावधानी रखें. प्रॉपर्टी खरीदने, बेचने या बड़ा निवेश करने में जल्दबाजी न करें. रिश्तों और मित्रता में भी धैर्य से काम लें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का दान करें.


    धनु राशि

    धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण अनुकूल परिणाम दे सकता है. करियर में लंबे समय से चली आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं. रुका हुआ काम पूरा होने और करियर में सफलता मिलने की संभावना है. आर्थिक मामलों में भी सुधार देखने को मिल सकता है. फंसा हुआ या लंबे समय से रुका पैसा मिलने की संभावना है. हालांकि भाई-बहन के साथ संबंधों का ध्यान रखें और उनके स्वास्थ्य को लेकर भी सजग रहें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद शिव मंदिर जाकर भगवान शिव को जल अर्पित करें.


    मकर राशि

    मकर राशि वालों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना चाहिए. आंख, कान, नाक और गले से जुड़ी परेशानियों से सावधान रहें. नौकरी या व्यापार जैसा चल रहा है, उसे फिलहाल स्थिरता से चलने दें. करियर में कोई बड़ा जोखिम न लें. नई नौकरी, स्थान परिवर्तन, प्रॉपर्टी खरीदने या अन्य बड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चावल का दान करें.

    कुंभ राशि

    यह ग्रहण कुंभ राशि में लग रहा है, इसलिए कुंभ राशि वालों को विशेष रूप से अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की जरूरत बताई जा रही है. स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें. रिश्तों और संबंधों में भी सतर्क रहें. गुस्से या विवाद की वजह से कोई करीबी रिश्ता प्रभावित न हो, इसका ध्यान रखें. महत्वपूर्ण कामों को टालने से बचें, क्योंकि देरी आपके लिए परेशानी का कारण बन सकती है.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दूध का दान करें.


    मीन राशि

    मीन राशि वालों के मन पर इस ग्रहण का असर पड़ने की बात कही जा रही है. मानसिक तनाव, चिंता और बेचैनी बढ़ सकती है. बेवजह की बातों को लेकर ज्यादा सोचने से बचें. स्थान परिवर्तन के योग भी बन सकते हैं. ऐसे में जीवन या करियर से जुड़े बदलाव सामने आ सकते हैं. भावनात्मक रूप से खुद को मजबूत रखें और जल्दबाजी में कोई फैसला न लें. यात्रा और दुर्घटना के मामलों में भी सावधानी बरतें.

    उपाय: ग्रहण समाप्त होने के बाद किसी जरूरतमंद व्यक्ति को चीनी का दान करें.

  • LPG e-KYC की 16 अगस्त आखिरी डेडलाइन, रात 12 बजे के बाद बुकिंग और सब्सिडी पर पड़ेगा असर

    LPG e-KYC की 16 अगस्त आखिरी डेडलाइन, रात 12 बजे के बाद बुकिंग और सब्सिडी पर पड़ेगा असर


    नई दिल्‍ली । अगर घर में खाना बनाने के लिए LPG गैस सिलेंडर (LPG Gas Cylinder) का इस्तेमाल करते हैं, तो 16 अगस्त की तारीख बेहद खास है. आज अगर रविवार की छुट्टी मनाने और आराम के चक्कर में पड़कर आप कुकिंग गैस (Cooking gas) से e KYC का काम भूलते हैं, तो सिलेंडर की कीमत आपके लिए बढ़ जाएगी. सिर्फ कीमत ही नहीं, LPG गैस मिलने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

    16 अगस्त LPG सिलेंडर के आधार बेस्ड e-KYC की डेडलाइन
    तेल कंपनियों ने गैस सिलेंडर की सप्लाई में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए घरेलू LPG सिलेंडर के लिए आधार बेस्ड e-KYC को अनिवार्य कर दिया है. 16 अगस्त की रात 12 बजे के बाद e-KYC नहीं कराने वाले ग्राहकों की मुश्किल बढ़ जाएगी. ग्राहकों को सिलेंडर के लिए ज्यादा दाम चुकाने पड़ सकते हैं.

    16 अगस्त की डेडलाइन मिस हुई, तो क्या होगा?
    अगर आप आज भी सिलेंडर की ई-केवाईसी नहीं करवाते हैं, तो आपके एलपीजी की सप्लाई अटक सकती है. गैस एजेंसियां आपकी बुकिंग रोक सकती हैं. गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी रुक जाएगी. उज्ज्वला कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए भी बिना ई-केवाईसी वाले कनेक्शन पर सब्सिडी बंद हो सकती है.

    कैसे करवा सकते हैं LPG की e-KYC ?
    एलपीजी सिलेंडर को आधार से लिंक करते हुए उसकी केवाईसी बेहद आसान है. आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से इसे पूरा कर सकते हैं.

    ऑनलाइन प्रोसेस: आपका कनेक्शन जिस गैस कंपनी का है, जैसे कि Indane, HP, Bharat Gas उसका ऐप डाउनलोड कर कुछ मिनटों में केवाईसी को पूरा किया जा सकता है. गैंस कंपनी के ऐप पर जाकर e-KYC का ऑप्शन चुनें. गैस कनेक्शन नबंर भरे. आधार नंबर भरने के बाद फेस ऑथेंटिफिकेशन के लिए Aadhaar FACE RD पर जाएं. ऐप के सामने के सामने अपना चेहरा स्कैन करें. स्कैनिंग पूरा होने के बाद सारी डिलीट सब्सिट करें. ओटीपी भरने के साथ ही आपका ई-केवाईसी पूरा हो जाएगा.

    ऑफलाइन प्रोसेस: आप ऑनलाइन नहीं कर पा रहे हैं, तो अपने LPG डिस्ट्रीब्यूटर या गैस एजेंसी में जाकर केवाईसी फॉर्म भरकर इसे पूरा कर सकते हैं. अगर गैस एजेंसी भी नहीं जाना चाहते हैं, तो गैस सिलेंडर लेकर आने वाले डिलीवरी ब्वॉय की मदद लें. डिलीवरी ब्वॉय के पास उपलब्ध आधिकारिक डिवाइस के जरिए भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन कराया जा सकता है.

    LPG eKYC से जुड़े मन में उठ रहे इन सवालों के जवाब जानिए…

    सवाल: क्या LPG ई-केवाईसी के लिए पैसे देने होंगे?
    जवाब: बिल्कुल भी नहीं, ई-केवाईसी पूरी तरह से निशुल्क है. गैस एजेंसी, डिलीवरी ब्वॉय कोई भी केवाईसी के लिए आपसे पैसे नहीं मांग सकता है.

    सवाल: अगर e-KYC नहीं कराया, तो क्या गैस कनेक्शन कैंसिल हो जाएगा?
    जवाब: नहीं,डेडलाइन खत्म होने के बाद भी अगर आपने ई-केवाईसी को पूरा नहीं करते हैं, तो कनेक्शन रद्द नहीं होगा, लेकिन सिलेंडर की डिलीवरी मिलने में दिक्कत हो सकती है. गैस सिलेंडर पर मिलने वाली छूट खत्म हो सकती है.

    सवाल: अगर ई-केवाईसी नहीं करवाया, तो क्या सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए जाएंगे?
    जवाब: गैस एजेंसियों की ओर से साझा किए गए पोस्ट के मुताबिक ई-केवाईसी न होने पर ग्राहकों को घरेलू के बजाय कॉमर्शियल दरों पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है. मतलब ये कि अगर आप दिल्ली में रहते हैं और 16 अगस्त तक अपने घरेलू सिलेंडर कनेक्शन का केवाईसी पूरा नहीं करते हैं, तो 942 रुपये के बजाए आपको 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम यानी करीब 2738 रुपये में सिलेंडर लेना होगा.

  • अतीक के टूटे पुश्तैनी घर से कब्रिस्तान तक जाएगा अबान का शव, आज पिता की कब्र के बगल में होगा दफन

    अतीक के टूटे पुश्तैनी घर से कब्रिस्तान तक जाएगा अबान का शव, आज पिता की कब्र के बगल में होगा दफन


    प्रयागराज। माफिया अतीक अहमद के सबसे छोटे बेटे अबान अहमद को शनिवार को प्रयागराज के कसारी-मसारी स्थित पैतृक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अबान का शव फिलहाल कसारी-मसारी के पास हटवा गांव में रखा गया है, जहां उसकी बुआ प्रवीन कुरैशी रहती हैं। शुक्रवार को आखिरी दीदार के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

    झांसी में पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार को अबान का शव हटवा गांव लाया गया था। अब शनिवार को अंतिम संस्कार से पहले शव को अतीक अहमद के उस पुश्तैनी घर की जगह पर भी रखा जाएगा, जो अब बुलडोजर कार्रवाई के बाद मलबे में तब्दील हो चुका है।

    मलबे में तब्दील घर में लगाया गया टेंट
    कसारी-मसारी स्थित अतीक अहमद का पुश्तैनी मकान कभी उसके परिवार की पहचान हुआ करता था। माफिया और बाहुबली के खिलाफ कार्रवाई के दौरान इस मकान को बुलडोजर से गिरा दिया गया था। अब यहां सिर्फ जमीन और मलबा बचा है।

    बताया जाता है कि अतीक परिवार में किसी सदस्य की मौत होने पर कब्रिस्तान ले जाने से पहले शव को इसी घर में रखा जाता रहा है। वर्ष 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अतीक के बेटे असद का शव भी अंतिम संस्कार से पहले यहां लाया गया था। अबान के शव को रखने के लिए मलबे के बीच बची जमीन पर टेंट लगाया गया है। यहां डीप फ्रीजर की व्यवस्था भी की गई है। अंतिम संस्कार के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए पुलिस की तैनाती की गई है।

    अतीक की कब्र के ठीक बगल में खोदी गई कब्र
    अबान को कसारी-मसारी के खानदानी कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। इसी कब्रिस्तान में अतीक अहमद, उसके पिता हाजी फिरोज अहमद, मां, भाई अशरफ और बेटे असद अहमद की कब्रें हैं। अबान के लिए अतीक अहमद की कब्र के ठीक बगल में कब्र खोदी गई है।

    अंतिम संस्कार में शामिल होंगे अली और उमर
    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को जेल में बंद अतीक के दोनों बेटों अली और उमर को छोटे भाई अबान के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए पैरोल दी। अली झांसी जेल में, जबकि उमर लखनऊ जेल में बंद है।

    अदालत ने निर्देश दिया है कि अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद दोनों को पुलिस कस्टडी में संबंधित जेलों में वापस ले जाया जाएगा। दोनों भाइयों को किसी सार्वजनिक सभा को संबोधित करने और मीडिया, सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से बातचीत करने की अनुमति नहीं होगी। अदालत के आदेश के अनुसार, वे केवल अंतिम संस्कार कराने वाले व्यक्ति, अपनी बुआ और भाई अहजम अहमद से बातचीत कर सकेंगे।

    झांसी में सड़क हादसे में हुई अबान की मौत
    अबान अहमद की मौत गुरुवार को झांसी-कानपुर हाईवे पर सड़क हादसे में हुई थी। पूंछ थाना क्षेत्र के खिल्ली गांव के पास तेज रफ्तार कार अचानक सड़क पर आए जानवर को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई थी। हादसे में अबान और उसके साथी सोनू की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। सभी को झांसी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। अबान अतीक अहमद के पांच बेटों में सबसे छोटा था।

    असद की भी झांसी में हुई थी मौत
    अतीक अहमद का एक और बेटा असद अप्रैल 2023 में झांसी के पास पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था। उमेश पाल हत्याकांड में वांछित असद पर पुलिस ने इनाम घोषित किया था। इसके दो दिन बाद 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, तभी तीन हमलावरों ने उन पर हमला किया था।

  • TDS कट चुका तो कल तक फाइल करें ITR…. वरना हो सकता है नुकसान

    TDS कट चुका तो कल तक फाइल करें ITR…. वरना हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली।
    आपकी सैलरी (Salary), फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit-FD), प्रॉपर्टी बेचने या किसी अन्य ट्रांजेक्शन (Transaction) पर टीडीएस (TDS) कट चुका है। लेकिन आपने 31 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स रिटर्न (Income Tax Return- ITR) दाखिल नहीं किया है। तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें। सिर्फ टैक्स कट जाने या टैक्स जमा कर देने से आपकी जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। आईटीआर फाइल नहीं करने पर आपको लेट फीस, ब्याज, टैक्स नोटिस और कई दूसरे नुकसान उठाने पड़ सकते हैं।


    क्यों फाइल करें आईटीआर?

    टैक्स का पेमेंट करना और आईटीआर दाखिल करना दो अलग-अलग कानूनी जिम्मेदारियां हैं। अगर आपकी इनकम आईटीआर फाइल करने की लिमिट में आती है, तो टीडीएस कटने या पूरा टैक्स जमा होने के बावजूद रिटर्न फाइल करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं किया जाता, तो इनकम टैक्स विभाग के रिकॉर्ड में आपकी इनकम और टीडीएस का मिलान नहीं हो पाता, जिससे विभाग की ओर से नोटिस भेजा जा सकता है।

    नहीं मिलेगा रिफंड
    अगर आपकी कुल सालाना इनकम 2.5 लाख रुपये से कम है और टीडीएस कट चुका है, तो आईटीआर दाखिल करके आप उस रकम का टैक्स रिफंड ले सकते हैं। लेकिन अगर आपने रिटर्न ही दाखिल नहीं किया, तो यह पैसा वापस नहीं मिलेगा। यानी आपका ही पैसा सरकार के पास अटका रह सकता है।

    नहीं होगा ये नुकसान

    वहीं, अगर आपकी टैक्स देनदारी बनती है और आपने समय पर आईटीआर दाखिल नहीं किया, तो आपको ब्याज और लेट फीस का पेमेंट करना पड़ सकता है। इनकम टैक्स कानून की धारा 234F के तहत देरी से आईटीआर दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक की लेट फीस लग सकती है, अगर आपकी कुल इनकम 5 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा, बकाया टैक्स पर धारा 234A के तहत ब्याज भी देना पड़ सकता है।


    ये हैं नियम

    क्रिप्टो या अन्य वर्चुअल डिजिटल एसेट (VDA) में निवेश करने वालों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। इस तरह की इनकम पर 30 प्रतिशत की दर से टैक्स लगता है और यह नियम बेसिक छूट सीमा से अलग है। यानी अगर आपकी दूसरी कोई इनकम नहीं है और सिर्फ क्रिप्टो से कमाई हुई है, तब भी टैक्स और आईटीआर से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं।


    आईटीआर फाइल करने का फायदा

    अगर आप समय पर आईटीआर दाखिल नहीं करते हैं, तो भविष्य में होने वाले कुछ फायदे भी छूट सकते हैं। उदाहरण के लिए कुछ मामलों में आप अपने नुकसान को अगले सालों में एडजस्ट नहीं कर पाएंगे। साथ ही इनकम टैक्स विभाग के पास एक्सचेंज और अन्य संस्थानों से ट्रांजेक्शन की जानकारी पहले से पहुंच रही है, इसलिए रिटर्न नहीं फाइल करने पर जांच या नोटिस मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

  • लोकसभा में पास होने के बाद आज राज्यसभा में पेश होगा 'एंटी-पेपर लीक बिल….

    लोकसभा में पास होने के बाद आज राज्यसभा में पेश होगा 'एंटी-पेपर लीक बिल….


    नई दिल्ली।
    लोकसभा (Lok Sabha) में हंगामे के बीच पास होने के बाद, अब मोदी सरकार (Modi Government) गुरुवार यानी आज 30 जुलाई को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ (Public Examinations -Prevention of Unfair Means- Amendment Bill, 2026) राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश करने जा रही है। देशभर में छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद लाए गए इस नए और सख्त संशोधन विधेयक पर आज पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

    बुधवार को विपक्ष के भारी हंगामे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कड़े तेवरों के बावजूद सरकार ने इसे लोकसभा से ध्वनि मत से पारित करा लिया। अब सवाल यह है कि क्या उच्च सदन यानी राज्यसभा में सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई अड़चन आएगी? आइए समझते हैं राज्यसभा का ताजा ‘नंबर गेम’।


    राज्यसभा का नंबर गेम: क्या आसानी से पास होगा बिल?

    राज्यसभा की कुल संख्या 245 है, हालांकि अभी 242 सांसद हैं। अभी खास बहुमत के लिए 162 सांसदों की जरूरत है। वहीं साधारण बहुमत का आंकड़ा 123 है। एंटी-पेपर लीक वाले इस बिल के लिए साधारण बहुमत की ही जरूरत है।

    गठबंधन / दल – सांसदों की संख्या- बहुमत का आंकड़ा (123)

    NDA (सत्ता पक्ष) – 152 – बहुमत से 29 सांसद ज्यादा
    INDIA (विपक्ष) – 63 –
    अन्य दल – 29 –
    रिक्त सीट – 1 –
    कुल – 245 –

    राज्यसभा में NDA के पास अपने दम पर 152 सांसदों का मजबूत आंकड़ा है, जो बहुमत के जादुई आंकड़े (123) से काफी ज्यादा है। ऐसे में ‘एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल 2026’ को उच्च सदन से पास कराने में सरकार को कोई खास मुश्किल नहीं होगी, भले ही विपक्ष कितना भी हंगामा क्यों न करे।

    इस कानून का मकसद लोगों, संगठित समूहों और संस्थाओं को अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने और अपराध करने से प्रभावी ढंग से रोकना है, जिससे सार्वजनिक परीक्षाओं की पवित्रता बनी रहे।


    ‘एंटी-पेपर लीक संशोधन बिल 2026’ में नया क्या है?

    साल 2024 के मूल कानून को और अधिक सख्त बनाने के लिए इस 2026 के संशोधन विधेयक में कई कड़े प्रावधान जोड़े गए हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किए गए इस बिल की मुख्य बातें इस प्रकार हैं।
    – संगठित पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वाले गिरोह, संस्थानों या अधिकारियों को अब 10 साल तक की सख्त कैद होगी (पहले यह अधिकतम 5 साल थी)।
    – पेपर लीक सिंडिकेट और इसमें शामिल सर्विस प्रोवाइडर संस्थानों पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा।
    – इन मामलों को लंबा खिंचने से रोकने के लिए हर राज्य में ‘स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट’ बनाए जाएंगे, जहां रोजाना सुनवाई होगी।
    – किसी भी पेपर लीक मामले की जांच राज्य पुलिस या स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को अधिकतम 60 दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।


    लोकसभा में खूब हुआ हंगामा

    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष के सदस्यों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इस दौरान हुए हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। दोपहर ढाई बजे प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया। इसके बाद विधेयक को ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। विधेयक में पेपर लीक रोकने के कई कड़े प्रावधान किए गए हैं।


    क्यों मची है संसद में रार?

    इस बिल के लोकसभा में पास होने के दौरान भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। हाल ही में हुए NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में 36 दिनों तक छात्रों का प्रदर्शन चला था, जिसके दबाव में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा तक देना पड़ा।

    बुधवार को लोकसभा में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर पुलिस ने पैलेट गन का इस्तेमाल किया। इस पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई। सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राहुल के दावों को बेबुनियाद और तथ्यहीन बताते हुए खारिज कर दिया और स्पष्ट किया कि पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया था।