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  • पश्चिम बंगालः कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना आज …. CAPF की 200 कंपनियां तैनात

    पश्चिम बंगालः कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना आज …. CAPF की 200 कंपनियां तैनात


    नई दिल्ली।
    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Assembly Election 2026) की मतगणना (Vote Counting) को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि काउंटिंग के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच मतगणना पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से कराई जाएगी। वोटों की गिनती से पहले हुई कई बैठकों में अग्रवाल ने साफ किया कि चुनाव आयोग ने कोई भी कसर नहीं छोड़ी है।

    पूरे राज्य में मतगणना केंद्रों (Counting centres) की सुरक्षा के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की 200 कंपनियों को मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया है। इसके अलावा राज्य पुलिस, राज्य सशस्त्र पुलिस और CAPF मिलकर सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। मतगणना केंद्रों के बाहर सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं।


    तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू

    मनोज अग्रवाल ने कहा, ‘सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। रिटर्निंग ऑफिसर (RO), असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर (ARO), मतगणना एजेंट और सुपरवाइजर पूरी तरह तैयार हैं और उन्हें कई बार प्रशिक्षण दिया जा चुका है। किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई संभावना नहीं है, सब कुछ नियमों के अनुसार ही होगा।’ उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर किसी स्तर पर लापरवाही या शरारत पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतगणना केंद्र के अंदर मौजूद कोई भी व्यक्ति अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी करता है, तो उसे जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों, एजेंटों और आम जनता से अपील की कि वे शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें, ताकि मतगणना बिना किसी बाधा के पूरी हो सके। अग्रवाल ने बताया कि चुनाव आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस महानिदेशक और अन्य सीनियर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की हैं, ताकि किसी भी संभावित अशांति को पहले ही रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पहले और दूसरे चरण के मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए थे और उम्मीद है कि मतगणना भी उसी तरह शांतिपूर्ण होगी।

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार

    पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज भी कोई बदलाव नहीं…. 5 रुपये तक की बढ़ोतरी के आसार


    नई दिल्ली।
    आज एक बार फिर से पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price) में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने कोई बढ़ोतरी नहीं की है। 2022 से ही सरकारी तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है। लेकिन मौजूदा परिस्थितियों की वजह से आने वाले दिनों में कीमतों में इजाफा हो सकता है। सरकार से जुड़े सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल के रेट (Petrol Diesel Price) को 4 से 5 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाया जा सकता है। इस पर आने वाले कुछ दिनों में फैसला हो जाएगा।


    1 अप्रैल को इंडियन ऑयल ने बढ़ाया था प्रीमियम पेट्रोल का रेट

    इंडियन ऑयल ने 1 अप्रैल को प्रीमियम पेट्रोल का रेट 11 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ा दिया था। जिसके बाद प्रीमियम पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, प्रीमियम डीजल का रेट 91.49 रुपये से बढ़कर 92.99 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है।

    आपके शहर में पेट्रोल का क्या है रेट? (Petrol Price in Your City)

    नई दिल्ली – 94.72 रुपये
    मुंबई – 104.21 रुपये
    कोलकाता – 103.94 रुपये
    चेन्नई – 100.75 रुपये
    अहमदाबाद – 94.49 रुपये
    बेंगलुरू – 102.92 रुपये
    हैदराबाद – 107.46 रुपये
    जयपुर – 104.72 रुपये
    लखनऊ – 94.69 रुपये
    पुणे – 104.04 रुपये
    चंडीगढ़ – 94.30 रुपये
    इंदौर – 106.48 रुपये
    पटना – 105.58 रुपये
    सूरत – 95 रुपये
    नासिक – 95.50 रुपये


    डीजल का रेट (Diesel Price in Your city)

    नई दिल्ली – 87.62 रुपये
    मुंबई – 92.15 रुपये
    कोलकाता – 90.76 रुपये
    चेन्नई – 92.34 रुपये
    अहमदाबाद – 90.17 रुपये
    बेंगलुरू – 95.70 रुपये
    जयपुर – 90.21 रुपये
    पुणे – 90.57 रुपये
    चंडीगढ़ – 82.45 रुपये
    इंदौर – 91.88 रुपये
    पटना – 93.80 रुपये
    सूरत – 89 रुपये
    नासिक – 89.50 रुपये


    प्राइवेट कंपनियों ने किया है पेट्रोल और डीजल के रेट में इजाफा

    1 अप्रैल को ही शेल इंडिया ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया था। तब कंपनी ने 7.41 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल और 25.01 रुपये प्रति लीटर डीजल का इजाफा किया था। इससे पहले मार्च के महीने में नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का रेट 5 रुपये और डीजल का रेट 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया था। इन कंपनियों ने भी इसके बाद कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी।

    मौजूदा परिस्थितियों में कच्चे तेल का रेट सातवें आसमान पर है। यह लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। जिसकी वजह से कंपनियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

  • US-ईरान आज युद्धविराम को लेकर इस्लाबाद में होंगे आमने-सामने, ट्रंप बोले- अपने आप खुल जाएगा होर्मुज

    US-ईरान आज युद्धविराम को लेकर इस्लाबाद में होंगे आमने-सामने, ट्रंप बोले- अपने आप खुल जाएगा होर्मुज


    वाशिंगटन।
    दुनिया इस वक्त सांसें थामकर पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad.) की ओर देख रही है, जहां अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते (Ceasefire Permanent Peace Agreement) में बदलने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। हालांकि, बातचीत की मेज सजने से पहले ही बयानों की तल्खी और जमीन पर जारी हिंसा ने इस मिशन को ‘करो या मरो’ की स्थिति में ला खड़ा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने जहां विश्वास जताया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द अपने आप खुल जाएगा, वहीं ईरान ने अपनी पूर्व शर्तों पर अड़कर कूटनीतिक पेच फंसा दिया है।

    वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि उनके लिए एक अच्छा समझौता क्या होगा तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया, “कोई परमाणु हथियार नहीं। बस, 99% समझौता यही है।”

    ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा संकट की सबसे बड़ी वजह बने स्ट्रेट हॉर्मुज पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अपने आप खुल जाएगा। हम इसे बहुत जल्द खोल देंगे।” ट्रंप का यह बयान उन वैश्विक बाजारों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है जो तेल की आपूर्ति रुकने से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं।


    इस्लामाबाद में आमने-सामने

    शुक्रवार को ईरानी संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गया। दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के लिए पाकिस्तान के रास्ते में हैं।


    ईरान की शर्तें, अमेरिका की चेतावनी

    ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका लेबनान में इजराइली हमलों को रुकवाएगा और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करेगा। जेडी वेंस ने इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही तेहरान को चेतावनी दी है कि वह वाशिंगटन के साथ खेलने की कोशिश न करे।

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कहा, “अस्थायी युद्धविराम तो हो गया, लेकिन अब असली चुनौती इसे स्थायी शांति में बदलने की है। यह बातचीत का वह चरण है जिसे ‘मेक ऑर ब्रेक’ कहा जाता है।”


    शांति वार्ता के बीच 357 मौतें

    एक तरफ इस्लामाबाद में शांति की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ लेबनान में इजराइली हवाई हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को दक्षिणी शहर नबातीह में एक हमले में लेबनान के 13 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार से जारी बड़े हमलों में मरने वालों की संख्या 357 तक पहुंच गई है, जबकि 1,223 लोग घायल हुए हैं। हिंसा का यह दौर ईरान के लिए वार्ता की मेज पर सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है।


    क्या ईरान वाकई खत्म हो चुका है?

    ट्रंप प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि हफ्तों तक चले युद्ध में ईरानी सैन्य क्षमता पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 13,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें उसकी वायु सेना और हथियार फैक्ट्रियां शामिल हैं। हालांकि, स्वतंत्र डेटा और जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

    अमेरिकी ग्रुप ACLED के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से बुधवार तक ईरानी हमलों की रफ्तार में कोई बड़ी कमी नहीं आई है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ईरान को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन वह अब भी जवाबी हमला करने या अपना बचाव करने की क्षमता रखता है।

  • PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक

    PM मोदी आज पश्चिम एशिया संकट को लेकर मुख्यमंत्रियों के साथ करेंगे बैठक


    नई दिल्ली।
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) चुनाव वाले राज्यों को छोड़कर अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों (Chief Ministers) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing.) के जरिये आज शाम बातचीत करेंगे। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष (West Asia crisis) शुरू होने के बाद पीएम मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बार बैठक होगी। कैबिनेट सचिवालय चुनाव वाले राज्यों तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्य सचिवों के साथ अलग-अलग बैठक करेगा।

    केंद्र सरकार के सूत्रों ने बताया, प्रधानमंत्री शुक्रवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्रियों से जुड़ेंगे और इस दौरान संकट से निपटने में राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा भी होगी। इस पहल का उद्देश्य ‘टीम इंडिया’ की भावना से प्रेरित होकर सरकार के प्रयासों में तालमेल सुनिश्चित करना है।

    प्रधानमंत्री मोदी ईरान संघर्ष से उत्पन्न संकट पर लगातार सक्रिय हैं। सोमवार को उन्होंने लोकसभा सांसदों को इस बारे में सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी जबकि मंगलवार को राज्यसभा को इस बारे में संबोधित किया। बुधवार को सर्वदलीय बैठक में उनके वरिष्ठ मंत्रियों ने विपक्ष के सभी दलों के सवालों के जवाब दिए। चूंकि तेल-गैस की आपूर्ति से निपटने में राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है इसलिए इस बारे में अब मोदी मुख्यमंत्रियों से चर्चा करेंगे।

    पीएम मोदी लगातार यह कहते रहे हैं कि ईरान संघर्ष से पैदा संकट लंबा खिंच सकता है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि संकट की स्थिति में कुछ तत्व इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं और इससे निपटने में राज्यों को सख्त कदम उठाने होंगे। लोकसभा में अपने संबोधन में भी उन्होंने इस बात पर जोर दिया था।


    भारत के पास 60 दिन का ईंधन: सरकार

    इससे पहले सरकार ने नागरिकों को आश्वस्त किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। सरकार ने बताया कि देश के पास 60 दिनों का ईंधन उपलब्ध है। लोगों से ईंधन की कमी से जुड़ी अटकलों पर ध्यान न देने की अपील की गई। सरकार ने पुष्टि की कि देश की ऊर्जा आपूर्ति स्थिर और अच्छी तरह प्रबंधित है और मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त भंडार मौजूद है।

    पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, कच्चे तेल की आपूर्ति अगले लगभग दो महीने के लिए पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल बाजार कंपनियों ने पहले से ही आयात की व्यवस्था कर ली है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहे। होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधाओं के बावजूद भारत 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल खरीद रहा है, जिससे किसी एक मार्ग या क्षेत्र पर निर्भरता कम हो जाती है।

  • Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार

    Nepal के सबसे युवा प्रधानमंत्री होगे बालेंद्र शाह, आज ग्रहण करेंगे पदभार


    काठमांडू।
    राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) (Rashtriya Swatantra Party – RSP)) नेता बालेंद्र शाह (Balendra Shah) शुक्रवार को नेपाल (Nepal) के प्रधानमंत्री (Prime Minister) पद की शपथ लेंगे। वह देश के सबसे युवा पीएम होंगे। इससे पहले संसद के अस्थायी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नेपाल की प्रतिनिधि सभा के नए सांसदों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली।

    प्रतिनिधि सभा के वरिष्ठ सदस्य अर्जुन नरसिंह केसी ने सांसदों को शपथ दिलाई। 63 सांसदों ने नेपाली के अलावा अपनी मातृभाषा में शपथ ली। उधर, संघीय संसद सचिवालय ने दलों की सीट संख्या के आधार पर बैठने की व्यवस्था तय की। इसके तहत नेपाली कांग्रेस, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी(एमाले) और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा) के सांसदों को एक ही पंक्ति में बैठाया गया, जहां उन्होंने शपथ ग्रहण किया। सांसद विभिन्न पारंपरिक वेशभूषा में शपथ लेने के लिए सिंहदरबार पहुंचे।


    शाह को संसदीय दल के नेता का प्रस्ताव पारित

    राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) की केंद्रीय समिति ने संसदीय दल गठन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया है। पार्टी के प्रवक्ता और सांसद मनिष झा ने जानकारी दी कि जारी केंद्रीय समिति बैठक ने बालेन्द्र शाह को संसदीय दल का नेता चुनने का प्रस्ताव भी पारित कर दिया है।


    बालेंद्र शाह ने जारी किया अपना नया गाना

    अपने शपथ ग्रहण समारोह की पूर्व संध्या पर बालेंद्र शाह बालेन ने बृहस्पतिवार को अपना नया गाना जय महाकाली जारी किया। इस नए वीडियो गीत में बालेन के चुनावी अभियान के दृश्य दिखाए गए हैं। इस गीत का उद्देश्य देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश फैलाना है। यूट्यूब पर जारी होने के महज दो घंटे में ही इस गाने को 1.50 लाख दर्शकों ने देखा।

    गौरतलब है कि 5 मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा चुनाव में आरएसपी ने 182 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। पार्टी ने चुनाव से पहले ही बालेंद्र शाह को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।

  • Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक

    Bank Holiday: आज कई जगह राम नवमी की छुट्टी… इन शहरों में बंद रहेंगे बैक


    नई दिल्ली।
    आज यानी 26 मार्च को देश के कई हिस्सों में बैंकों की छुट्टी (Bank Holiday) है। यह हॉलीडे रामनवमी (Ram Navami) के अवसर पर घोषित किया गया है। इस दिन मुंबई, अहमदाबाद, कोलकाता समेत कई बड़े शहरों में बैंक शाखाएं (Bank Branches) बंद रहेंगी। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के कैलेंडर के अनुसार, आज इन प्रमुख शहरों अहमदाबाद, आइजोल, बेलापुर, चंडीगढ़, देहरादून, जयपुर, कानपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर और शिमला में बैंक बंद रहेंगे।

    ध्यान दें कि बैंक छुट्टियां राज्य और स्थानीय त्योहारों के अनुसार अलग-अलग होती हैं, इसलिए पूरे देश में एक साथ बैंक बंद नहीं रहते। बता दें उत्तर प्रदेश में राम नवमी के लिए सरकार ने दो दिन का अवकाश घोषित किया है।

    26 से 31 मार्च तक लंबी छुट्टियां, जानें पूरा शेड्यूल
    मार्च के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने वाला है। 26 मार्च से 31 मार्च के बीच लगातार छुट्टियों के कारण बैंक सिर्फ एक दिन ही खुलेंगे। ऐसे में ग्राहकों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटा लेने की सलाह दी जा रही है।

    दरअसल, 26 और 27 मार्च को रामनवमी के चलते कई राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 28 मार्च को महीने का चौथा शनिवार होने की वजह से देशभर में बैंकिंग सेवाएं बंद रहेंगी। 29 मार्च को रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इन लगातार छुट्टियों के बाद 30 मार्च (सोमवार) को ही बैंक खुलेंगे।

    हालांकि, राहत सिर्फ एक दिन की ही है, क्योंकि 31 मार्च को महावीर जयंती के अवसर पर फिर से बैंक बंद रहेंगे। यानी 26 से 31 मार्च के बीच पूरे 6 दिनों में बैंक सिर्फ 30 मार्च को ही खुलेंगे। इस दौरान ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम सेवाएं जारी रहेंगी, लेकिन शाखाओं से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए चेक क्लियरेंस, कैश डिपॉजिट या अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए ग्राहकों को पहले से योजना बनाने की जरूरत है।

    इससे पहले भी मार्च की शुरुआत में होली के मौके पर यूपी में लगातार 4 दिन बैंक बंद रहे थे, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर लंबी छुट्टियों का असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ने वाला है।

    RBI कैलेंडर के मुताबिक मार्च में 18 छुट्टियां
    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर साल बैंक हॉलिडे कैलेंडर जारी करता है। इसके मुताबिक मार्च 2026 में कुल 18 बैंक छुट्टियां निर्धारित हैं, जिनमें त्योहारों के अलावा रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर बित चुकी हैं।

    क्यों मनाई जाती है राम नवमी: राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जो भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। यह दिन देशभर में पूजा, व्रत और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

  • पश्चिम एशिया तनाव के बीच एयर इंडिया ग्रुप आज 30 उड़ानें संचालित करेगा

    पश्चिम एशिया तनाव के बीच एयर इंडिया ग्रुप आज 30 उड़ानें संचालित करेगा


    नई दिल्ली।
    अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी तनाव के बावजूद एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने 23 मार्च को पश्चिम एशिया के लिए कुल 30 उड़ानें संचालित करने का फैसला किया है। एयरलाइन के आधिकारिक बयान के अनुसार, यह उड़ानें निर्धारित (शिड्यूल्ड) और गैर-निर्धारित (नॉन-शिड्यूल्ड) दोनों श्रेणियों में होंगी।

    एयर इंडिया ग्रुप जेद्दा के लिए कुल 10 उड़ानें संचालित करेगा। इनमें दिल्ली और मुंबई से एयर इंडिया की उड़ानें शामिल हैं, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस बेंगलुरु, कोझिकोड और मंगलुरु से सेवाएं देगा।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस मस्कट के लिए चार और रियाद के लिए चार उड़ानें संचालित करेगा। इसके अलावा, 12 अतिरिक्त गैर-निर्धारित उड़ानें संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब के लिए चलाई जाएंगी, जो परिचालन स्थितियों और स्लॉट उपलब्धता पर निर्भर करेंगी।

    यूएई में दुबई, अबू धाबी और शारजाह के लिए विशेष उड़ानें संचालित की जाएंगी। एयर इंडिया दिल्ली-दुबई रूट पर सेवा देगा, जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस दिल्ली, मुंबई और मंगलुरु से कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा।

    हालांकि, दोहा, कुवैत सिटी और तेल अवीव समेत कई गंतव्यों के लिए उड़ानें फिलहाल स्थगित रहेंगी।

    एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों को बिना अतिरिक्त शुल्क के टिकट री-बुकिंग या पूर्ण रिफंड का विकल्प दिया है। साथ ही, व्हाट्सएप और कस्टमर सपोर्ट के जरिए सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

    एयर इंडिया ग्रुप ने कहा कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानें संचालित करने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।

  • मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर

    मप्र के मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के दौरे पर


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज रविवार को उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले के प्रवास पर रहेंगे। वे यहां परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल होंगे।

    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में अस्प प्रवास पर रीवा पहुंचेंगे और यहां से हेलीकाप्टर द्वारा अपरान्ह 1.40 बजे मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) जिले के परमहंस आश्रम शक्तेशगढ़ के लिए रवाना होंगे।

    मुख्यमंत्री दोपहर 2:15 बजे शक्तेशगढ़ स्थित परमहंस आश्रम हेलीपैड पर पहुंचेंगे। यहां वे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री शाम 4:30 बजे शक्तेशगढ़ से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे और 5:05 बजे रीवा एयरपोर्ट पहुंचेंगे और यहां से विमान द्वारा भोपाल के लिए प्रस्थान करेंगे।

  • देशभर में आज ईद-उल-फितर की धूम…. समाजन एक दूसरे को दे रहे मुबारकबाद

    देशभर में आज ईद-उल-फितर की धूम…. समाजन एक दूसरे को दे रहे मुबारकबाद


    नई दिल्ली।
    आज पूरे देश में ईद-उल-फितर (Eid Ul Fitr 2026) का त्योहार पूरे उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा है। एक महीने के रोज़ों (Roza) के बाद मुस्लिम समाज (Muslim Brotherhood) में खुशी का माहौल है और ईदगाहों व मस्जिदों (Eidgahs and Mosques) में विशेष नमाज़ अदा की जा रही है। सभी जगह ईद का खास उत्साह देखने को मिल रहा है. सुबह फज्र की नमाज़ के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।

    ईद-उल-फितर (Eid Ul Fitr 2026) इस्लाम धर्म का बेहद खास त्योहार माना जाता है. पूरे महीने रोजे रखने के बाद जब नया चांद दिखाई देता है, तब शव्वाल महीने की शुरुआत होती है और उसी के पहले दिन ईद मनाई जाती है. इस दिन सुबह लोग ईद की नमाज अदा करते हैं और इसके साथ ही रोजों का सिलसिला समाप्त हो जाता है. यह त्योहार खुशियां बांटने और आपसी भाईचारे को बढ़ाने का संदेश देता है।


    ईद-उल-फितर का महत्व (Eid ul Fitr 2026 significance)

    इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, रमजान का महीना बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसी दौरान पहली बार कुरान शरीफ आई थी. माना जाता है कि इसी दिन से पैगंबर हजरत मुहम्मद के मक्का से मदीना आने के बाद ईद-उल-फितर मनाने की परंपरा शुरू हुई थी. तभी से यह दिन खुशियों के त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा।

    ईद के मौके पर घरों में तरह-तरह के मीठे पकवान बनाए जाते हैं, खासकर सेवइयां. मेहमानों का स्वागत मिठाई से किया जाता है और बच्चों व अपनों को ईदी दी जाती है. लोग एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई देते हैं. इस दिन दान का भी खास महत्व होता है, इसलिए जरूरतमंदों की मदद करना बेहद शुभ माना जाता है.


    ईद-उल-फितर क्यों मनाई जाती है?

    इस्लाम धर्म में ईद-उल-फितर का खास महत्व होता है. रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद लोग अल्लाह का शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें इबादत करने की ताकत दी. मान्यता है कि सच्चे मन से रखे गए रोजों से अल्लाह खुश होते हैं और अपनी रहमत बरसाते हैं. इसी खुशी और आशीर्वाद को ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है.


    ईद-उल-फितर कैसे मनाई जाती है?

    ईद के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर साफ-सुथरे और नए कपड़े पहनते हैं और मस्जिद या ईदगाह में जाकर नमाज अदा करते हैं. इसके बाद परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशियां बांटते हैं. घरों में सेवइयां और शीर खुरमा जैसे स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं और एक-दूसरे को मिठाई व तोहफे देकर ईद की मुबारकबाद दी जाती है. यह त्योहार प्यार, भाईचारे और खुशी का संदेश देता है।

  • भारत से पश्चिम एशिया के लिए आज संचालित होंगी 50 उड़ानें

    भारत से पश्चिम एशिया के लिए आज संचालित होंगी 50 उड़ानें


    नई दिल्ली।
    भारत से पश्चिम एशिया के लिए कल, 18 मार्च को कुल 50 उड़ानें संचालित की जाएंगी। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की ये उड़ानें वेस्ट एशिया के विभिन्न गंतव्यों को जोड़ेंगी।

    सूत्रों के अनुसार, इन उड़ानों में 14 शेड्यूल्ड फ्लाइट्स जेद्दा और 12 फ्लाइट्स मस्कट के लिए उड़ान भरेंगी। शेड्यूल्ड उड़ानों का संचालन दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, मैंगलोर, कोझिकोड, कन्नूर, कोच्चि, लखनऊ और तिरुवनंतपुरम जैसे प्रमुख शहरों से किया जाएगा।

    इसके अलावा, 24 नॉन-शेड्यूल्ड फ्लाइट्स यूएई और सऊदी अरब के लिए संचालित की जाएंगी। इन उड़ानों का उद्देश्य विशेष रूप से उन यात्रियों और भारतीय नागरिकों को सेवा देना है, जो मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अपने गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचना चाहते हैं।

    एयरलाइनों ने यात्रियों से समय पर एयरपोर्ट पहुंचने और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की अतिरिक्त उड़ानों से मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय नागरिकों की आवाजाही सुगम बनेगी।

    विशेष रूप से हाल के अंतरराष्ट्रीय तनाव और मध्य पूर्व में सुरक्षा परिस्थितियों को देखते हुए, यह कदम भारतीय नागरिकों और व्यापारिक यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है।