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  • लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चर्चा…

    लोकसभा अध्यक्ष बिरला के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में चर्चा…


    नई दिल्ली।
    पूरे 39 वर्षों के बाद सोमवार को फिर संसद में लोकसभा अध्यक्ष (Lok Sabha Speaker) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। प्रस्ताव पर करीब दस घंटे तक चर्चा होने की उम्मीद है। बहस के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने पूरी तैयारी की है। केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू (Kiren Rijiju) ने जहां सत्तापक्ष की तरफ से चर्चा में हिस्सा लेने वाली सदस्यों के साथ बैठक की, वहीं कांग्रेस (Congress) ने भी बैठक कर रणनीति पर चर्चा की है।

    संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से की शुरुआत लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होगी। लोकसभा में सबसे पहले शिलांग से सांसद डॉ. रिकी एजे सिंगकॉन को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद सदन कुछ देर के लिए स्थगित हो सकता है। कार्यसूची में प्रस्ताव पर चर्चा को शामिल किया है, हालांकि सदन में हंगामे के पूरे आसार हैं।

    सूत्रों का कहना है कि सत्तापक्ष पूरी मजबूती के साथ विपक्ष के आरोपों का खंडन करेगा। सरकार की ओर से भी उन घटनाओं का हवाला दिए जाने की संभावना है जिनमें विपक्षी नेताओं ने कथित तौर पर राष्ट्रपति, राज्यपालों, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक अधिकारियों के प्रति अनादर दिखाया है। वहीं, विपक्षी पार्टियां भी सरकार को घेरने में कोई कसर बाकी नहीं रखेंगी।


    TMC ने भी किया समर्थन

    संसदीय सूत्रों के अनुसार, विपक्ष के 118 सांसदों ने प्रस्ताव के समर्थन में नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। नोटिस पर तृणमूल कांग्रेस ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, पर नए घटनाक्रम में टीएमसी ने भी प्रस्ताव का समर्थन करने का निर्णय लिया है। एनसीपी (शरद पवार) ने भी अभी तक अपना रुख साफ नहीं किया है, पर माना जा रहा है कि एनसीपी (एसपी) विपक्षी दलों के खिलाफ नहीं जाएगी।


    वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभावों को लेकर भी बढ़ सकता है गतिरोध

    लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभावों को लेकर भी गतिरोध बढ़ सकता है। कांग्रेस पहले ही विदेश नीति पर चर्चा की मांग कर चुकी है। अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिका के रूस से तेल खरीदनों को लेकर बयानों पर भी विपक्ष सरकार को घेर सकता है।


    अब तक तीन बार आए प्रस्ताव

    लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए अब तक तीन औपचारिक प्रस्ताव पेश किए गए हैं, पर कोई भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। सबसे पहले 1954 में तत्कालीन अध्यक्ष जीवी मावलंकर के खिलाफ समाजवादी नेता विग्नेश्वर मिश्रा ने पेश किया, पर इस पर सदन में पर्याप्त समर्थन नहीं मिला और प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया है। इसके बाद 1966 में सरदार हुकुम सिंह के खिलाफ समाजवादी नेता मधु लिमये ने पेश किया। इस पर चर्चा हुई और प्रस्ताव गिर गया।

    तीसरी बार 1987 में तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष बलराम जाखड़ के खिलाफ वामपंथी नेता सोमनाथ चटर्जी ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसको भी जरूरी बहुमत नहीं मिला और यह भी पारित नहीं हो सका। इसके बाद पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस देने की बात हुई थी, पर बाद में विपक्ष ने नोटिस देने का फैसला छोड़ दिया था।


    बिरला नहीं रहेंगे सदन में मौजूद

    लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि जब तक उनके खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का निपटारा नहीं हो जाता तब तक वे सदन में मौजूद नहीं रहेंगे।

  • नेपाल में बड़ा बदलाव…. आज हो रहा मतदान, ओली के गढ़ में चुनौती बने Gen Z नेता बालेन

    नेपाल में बड़ा बदलाव…. आज हो रहा मतदान, ओली के गढ़ में चुनौती बने Gen Z नेता बालेन


    काठमांडु।
    नेपाल (Nepal) में आज (गुरुवार) मतदान (Voting) हो रहा है और इस बार हिमालयी देश के राजनीतिक माहौल में एक बड़ा पीढ़ीगत बदलाव (Big Generational Change) देखने को मिल रहा है। यह चुनाव मुख्य रूप से नेपाल के पारंपरिक नेतृत्व और बदलाव की मांग कर रहे युवा मतदाताओं (Young Voters) के बीच का संघर्ष बन गया है।


    युवा आक्रोश और झापा-5 का महामुकाबला

    काठमांडू और नेपाल के अन्य शहरों में, ‘जेन जी’ यानी युवा मतदाताओं का वर्ग नेपाल के पुराने और पारंपरिक नेतृत्व से निराश व बेचैन हो चुका है। यह वही युवा वर्ग है जिसने केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था और 35 वर्षीय बालेन शाह जैसे युवा नेताओं को राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया था।

    तमाम उथल-पुथल के बावजूद, केपी शर्मा ओली नेपाल की राजनीति के सबसे कद्दावर और स्थायी चेहरों में से एक बने हुए हैं। पूर्वी नेपाल में भारत की सीमा से लगा उनका चुनाव क्षेत्र ‘झापा-5’ दशकों से उनके राजनीतिक करियर का मजबूत गढ़ रहा है। इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प है क्योंकि युवा नेता बालेन ने सीधे तौर पर झापा-5 से ओली को चुनौती देने का फैसला किया है, मानो वे कोई बड़ा संदेश देना चाहते हों।


    विद्रोही से सत्ता के शिखर तक का सफर

    1952 में जन्मे ओली का राजनीतिक सफर नेपाल के ‘पंचायत युग’ के दौरान शुरू हुआ, जब देश में राजनीतिक दलों पर प्रतिबंध था। 1970 में एक किशोर कम्युनिस्ट कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने राजशाही की दल-विहीन व्यवस्था का कड़ा विरोध किया। अक्टूबर 1973 में ‘झापा विद्रोह’ और राजशाही विरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने अपनी जिंदगी के 14 साल जेल में बिताए, जिनमें से चार साल उन्हें कालकोठरी में रखा गया था। 2018 में एक विश्लेषक ने बताया था कि पंचायत युग की जेलों से निकले नेताओं का मानना था कि सत्ता का प्रयोग निर्णायक रूप से होना चाहिए, क्योंकि उन्होंने देखा था कि इसे कितनी आसानी से कुचला जा सकता है।


    लोकतंत्र की बहाली और ओली का उदय

    1990 के जन आंदोलन के बाद जब नेपाल में बहुदलीय लोकतंत्र बहाल हुआ, तो ओली ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी UML के जरिए खुली राजनीति में प्रवेश किया। संसद में उन्होंने जल्द ही अपनी स्पष्ट बयानबाजी और तीखे व्यंग्य के लिए पहचान बना ली। वे राजनीतिक बहसों को शांतिपूर्ण समझौते के बजाय “सहनशक्ति और हाजिरजवाबी की प्रतियोगिता” के रूप में देखते थे।


    2015 का संकट और ‘राष्ट्रवादी’ छवि

    राष्ट्रीय स्तर पर उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक छलांग 2015 में आई। जब नेपाल ने अपना नया संविधान अपनाया, तो भारत के साथ उसके रिश्ते काफी खराब हो गए। दक्षिणी सीमा पर हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण नेपाल में ईंधन, दवाओं और जरूरी चीजों की भारी कमी हो गई, जिसे नेपाल में भारत की ‘अघोषित नाकेबंदी’ के रूप में देखा गया। ओली ने इस संकट को नेपाल की संप्रभुता और राष्ट्रीय गौरव का मुद्दा बना दिया। इसी राष्ट्रवादी लहर के दम पर वामपंथी गठबंधन ने 2017 के चुनावों में भारी जीत हासिल की और ओली एक दुर्लभ संसदीय बहुमत के साथ सत्ता में लौटे।


    संवैधानिक संकट और सत्ता से बाहर

    उनके द्वारा किया गया राजनीतिक स्थिरता का वादा ज्यादा दिन नहीं टिक सका। अपनी ही पार्टी में विरोध का सामना करते हुए, ओली ने दिसंबर 2020 में संसद भंग कर दी (जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बाद में बहाल किया)। मई 2021 में उन्होंने फिर से संसद भंग कर दी, जिससे एक नया संवैधानिक संकट पैदा हुआ और आखिरकार उन्हें सत्ता से बाहर होना पड़ा। आलोचकों का कहना था कि जिस नेता ने राज्य की सत्ता का विरोध करते हुए वर्षों जेल में बिताए, वही अब सत्ता में बने रहने के लिए संवैधानिक सीमाओं को लांघ रहा था।


    बालेन का राजनीतिक सफर

    बालेन्द्र शाह (जिन्हें नेपाल में लोकप्रिय रूप से ‘बालेन’ कहा जाता है) का राजनीतिक सफर नेपाल के आधुनिक इतिहास की सबसे दिलचस्प कहानियों में से एक है। एक अंडरग्राउंड रैपर और स्ट्रक्चरल इंजीनियर से लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार बनने तक का उनका सफर, पारंपरिक राजनीति को सीधी चुनौती देने वाला रहा है। बालेन का जन्म 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में हुआ था। राजनीति में आने से पहले वे एक पेशेवर इंजीनियर रहे हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और फिर भारत (कर्नाटक) से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री (MTech) हासिल की। वर्तमान में वे काठमांडू विश्वविद्यालय से अपनी पीएचडी (PhD) भी कर रहे हैं।


    रैपर के रूप में लोकप्रियता और सामाजिक चेतना

    म्यूजिक और ‘रैप बैटल’: 2013 के आसपास नेपाल के अंडरग्राउंड हिप-हॉप और ‘रैप बैटल’ (जैसे ‘Raw Barz’) के जरिए बालेन को खासी पहचान मिली। उनके गानों के बोल कोई सामान्य गीत नहीं थे; वे अक्सर भ्रष्टाचार, असमानता और राजनीतिक कुव्यवस्था पर तीखा प्रहार करते थे। इसी संगीत ने उन्हें पहली बार युवाओं के बीच एक विद्रोही आइकन के रूप में स्थापित किया। राजनीति में उनका असली उदय 2022 के स्थानीय चुनावों में हुआ, जब उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर पद का चुनाव लड़ा।

    बिना किसी राजनीतिक पार्टी के समर्थन के, उन्होंने नेपाली कांग्रेस और सीपीएन-यूएमएल (CPN-UML) जैसी मजबूत पार्टियों के दिग्गज उम्मीदवारों को भारी अंतर से हराकर पूरे देश की राजनीति में भूचाल ला दिया। मेयर के रूप में बालेन ने कई कड़े और मुखर फैसले लिए। उन्होंने अवैध कब्जों को हटाने के लिए अभियान चलाया, दशकों पुरानी कचरा प्रबंधन की समस्या को सुलझाने की कोशिश की और नेपाल में पहली बार नगर निगम की बैठकों का सीधा प्रसारण शुरू किया। हालांकि, उनके कुछ आक्रामक फैसलों की आलोचना भी हुई, लेकिन युवाओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई।

    ‘Gen Z’ विरोध प्रदर्शन और राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम
    जब नेपाल में भ्रष्टाचार और कुशासन के खिलाफ युवाओं (Gen Z) का भारी विरोध प्रदर्शन हुआ- जिसके कारण अंततः केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा- तो बालेन ने मुखर होकर इस युवा क्रांति का समर्थन किया। प्रदर्शनों के दौरान वे एक अघोषित नेता के रूप में उभरे। हालांकि कई युवाओं ने उन्हें अंतरिम नेतृत्व संभालने को कहा, लेकिन बालेन ने स्पष्ट किया कि वे सत्ता हथियाने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके (बैलेट बॉक्स) से व्यवस्था में बदलाव लाना चाहते हैं।

    2026 का राष्ट्रीय चुनाव: पुराने दिग्गजों को सीधी चुनौती
    राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करने के इरादे से, बालेन ने जनवरी 2026 में काठमांडू के मेयर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पूर्व टीवी होस्ट रबि लामिछाने के नेतृत्व वाली युवाओं की लोकप्रिय ‘राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी’ (RSP) के साथ गठबंधन किया और इस चुनाव में पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बन गए। किसी आसान या सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने के बजाय, बालेन ने नेपाल के कद्दावर नेता और चार बार के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को उनके ही गढ़ ‘झापा-5’ में चुनौती देने का साहसिक फैसला किया।

    क्या विद्रोही का भविष्य अब भी बाकी है?
    ओली 2024 में गठबंधन सरकार के हिस्से के रूप में एक बार फिर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर लौटे। लेकिन पिछले साल सितंबर में हुए हिंसक ‘जेन जी’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान उन्हें भारी जनआक्रोश का सामना करना पड़ा और अंततः उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। कई लोगों का मानना था कि उनका राजनीतिक करियर अब खत्म हो गया है। इसके बावजूद, ओली झापा-5 से एक बार फिर चुनावी मैदान में डटे हैं। जेल, राजनीतिक उथल-पुथल और सत्ता विरोधी लहरों को मात देने वाले इस नेता का सामना अब उन युवा मतदाताओं से है, जो यह तय करेंगे कि नेपाल की राजनीति में इस कद्दावर नेता का अब कोई भविष्य बचा है या नहीं।

  • इंग्लैंड के खिलाफ आज प्लेइंग XI में बदलाव कर सकती है टीम इंडिया… अभिषेक और रिंकू पर नजरें

    इंग्लैंड के खिलाफ आज प्लेइंग XI में बदलाव कर सकती है टीम इंडिया… अभिषेक और रिंकू पर नजरें


    मुम्बई।
    इंडिया वर्सेस इंग्लैंड (India vs England) टी20 वर्ल्ड कप 2026 ( T20 World Cup 2026) का दूसरा सेमीफाइनल (Semi Finals 2) आज यानी गुरुवार, 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। India vs England सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -सूर्यकुमार यादव और हैरी ब्रूक- आधा घंटा पहले यानी साढ़े 6 बजे मैदान पर उतरेंगे। टी20 वर्ल्ड कप में यह लगातार तीसरा मौका है जब भारत और इंग्लैंड की टीमें सेमीफाइनल में भिड़ रही है।

    लाख टके का सवाल यह है कि क्या भारतीय टीम आज को इंग्लैंड के ख‍िलाफ अपनी प्लेइंग 11 में बदलाव करेगी. क्योंकि टीम इंड‍िया के लिए अभी च‍िंता का व‍िषय प्लेइंग 11 में टॉप ऑर्डर है. वो तो भला हो वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ सुपर-8 मुकाबले में संजू सैमसन की 97 रनों की पारी आ गई. क्योंकि उस मुकाबले में अभ‍िषेक शर्मा (10 रन, 11 गेंद) पर आउट हो गए थे. इस तरह भारत को को पहला झटका 29 रन पर लगा था. इसके बाद ईशान किशन भी टीम के 42 रन के स्कोर पर 10 रन बनाकर चलते बने.

    ध्यान रहे संजू की टी0 वर्ल्ड कप में री-एंट्री ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ हुए सुपर-8 मुकाबले में हुई (उससे पहले वो नामीब‍िया के ख‍िलाफ एकमात्र मैच अभ‍िषेक के बीमार होने की वजह से द‍िल्ली में खेले ), उसके बाद ईशान किशन के बैट‍िंग ऑर्डर में ड‍िमोशन हुआ, लेकिन अभ‍िषेक शर्मा ओपन‍िंग पोजीशन में ही रहे.

    अब सवाल है क्या अब जब मौका इंग्लैंड के ख‍िलाफ सेमीफाइनल का है तो क्या भारतीय टीम बदलेगी? क्योंकि भारतीय टीम अपनी प्लेइंग 11 में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करती है. क्योंकि इस समय कोई भी बदलाव अगर सही साब‍ित नहीं हुआ तो टीम के साथ पूरा मैनेजमेंट सवालों के घेरे में होगा.

    भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार (5 मार्च) को मुंबई के वानखेड़े स्टेड‍ियम में खेले जाने वाले दूसरे सेमीफाइनल से पहले पूर्व भारतीय हेड कोच रवि शास्त्री ने प्लेइंग इलेवन को लेकर अहम राय दी है. शास्त्री का मानना है कि टीम प्रबंधन को मौजूदा फॉर्म को ध्यान में रखते हुए एक बदलाव पर विचार करना चाहिए.

    शास्त्री ने कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट को लगता है कि अभिषेक शर्मा मानसिक रूप से सहज नहीं हैं और लगातार कम स्कोर का असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ा है, तो इस पर गंभीरता से फैसला लेना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि यह आकलन नेट्स में उनकी बल्लेबाजी, बॉडी लैंग्वेज और बातचीत के आधार पर किया जाना चाहिए.अभिषेक शर्मा ने टूर्नामेंट में अब तक 6 पारियों में सिर्फ 80 रन बनाए हैं. उनका औसत 13.13 और स्ट्राइक रेट 131.15 रहा है. ऐसे में नॉकआउट मुकाबले से पहले उनकी फॉर्म चिंता का विषय बनी हुई है.


    ईशान को ओपनिंग, रिंकू को फिनिशर की भूमिका?

    शास्त्री ने सुझाव दिया कि यदि बदलाव किया जाता है तो ईशान किशन को संजू सैमसन के साथ पारी की शुरुआत करनी चाहिए. इसके साथ ही रिंकू सिंह को प्लेइंग इलेवन में वापस लाकर निचले क्रम में शामिल किया जा सकता है. ईशान किशन ने इस टूर्नामेंट में 7 पारियों में 224 रन बनाए हैं. उनका औसत 32 और स्ट्राइक रेट 185.13 का है. खास बात यह है कि उनके दोनों अर्धशतक ओपनिंग करते हुए आए हैं. हालांकि, संजू सैमसन की वापसी कबाद ईशान को नंबर-3 पर बल्लेबाजी करनी पड़ी.


    जब वानखेड़े में अभ‍िषेक ने बनाए 54 गेंदों में 135 रन

    अभिषेक शर्मा का इंग्लैंड के खिलाफ पिछला रिकॉर्ड शानदार रहा है. पिछले साल वानखेड़े में खेले गए पांचवें टी20 में उन्होंने 54 गेंदों पर 135 रन की विस्फोटक पारी खेली थी. इस पारी की याद दिलाए जाने पर शास्त्री ने साफ किया कि उनका सुझाव सिर्फ मौजूदा फॉर्म और टीम की बैटिंग में विस्फोटक विकल्प को ध्यान में रखकर है.हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह पूरी तरह अभिषेक को बाहर करने के पक्ष में नहीं हैं. उनके मुताबिक, भारतीय बल्लेबाजी क्रम में पर्याप्त फायरपावर है और ऐसे में टीम चाहें तो अभिषेक पर भरोसा कायम रख सकती है.


    सेमीफाइनल से पहले बड़ा फैसला?

    अब नजर टीम मैनेजमेंट पर होगी कि वह अनुभव और पिछला रिकॉर्ड देखती है या मौजूदा फॉर्म के आधार पर साहसिक फैसला लेती है. मुंबई के वानखेड़े में होने वाला यह मुकाबला भारत के लिए फाइनल का टिकट तय करेगा, ऐसे में प्लेइंग इलेवन का चयन बेहद अहम साबित हो सकता है.

    भारत की संभावित प्लेइंग XI बनाम इंग्लैंड: ईशान किशन, संजू सैमसन, त‍िलक वर्मा , सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह/ अभ‍िषेक शर्मा, श‍िवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह

  • आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय

    आज साल का पहला चंद्रग्रहण… जानें टाइमिंग और सूतक काल का समय


    नई दिल्ली।
    आज साल का पहला चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026) लगने जा रहा है. खास बात यह है कि यह ग्रहण भारत (India) के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल (Sutak Period) भी मान्य होगा. ज्योतिष के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo Zodiac sign) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. चंद्रमा को मन का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए ग्रहण का सीधा असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है. ऐसे में इस ग्रहण से जुड़ी जरूरी जानकारी जैसे समय, सूतक काल के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है. तो आइए पंडित प्रवीण मिश्र द्वारा जानते हैं कि साल का पहला चंद्र ग्रहण कितने बजे से शुरू होगा, कहां कहां दिखाई देगा और सूतक काल कब से शुरू होगा।


    चंद्र ग्रहण का समय (Chandra Grahan 2026 Timing)

    साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च यानी आज दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा और शाम 6 बजकर 46 मिनट पर समाप्त होगा. इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट रहेगी।


    भारत में इतने बजे से दिखाई देगा चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2026 kitne baje lgega in India)

    गणनाओं के मुताबिक, 3 मार्च 2026 यानी आज फाल्गुन शुक्ल पक्ष पूर्णिमा पर चंद्रमा का उदय शाम 5 बजकर 59 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण की शुरुआत दोपहर 3 बजकर 20 मिनट पर होगी. ग्रहण का (मध्यकाल) मध्यान्ह समय शाम 5 बजकर 4 मिनट पर होगा और ग्रहण का मोक्ष काल शाम 6 बजकर 47 मिनट रहेगा. पूरे भारत में आज शाम 05 बजकर 59 के बाद ही सभी स्थानों में चंद्रग्रहण देखा जा सकेगा. केवल ग्रहण का मोक्ष काल ही दिखाई देगा, जबकि ग्रहण का प्रारंभ और मध्य काल भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा, क्योंकि चंद्रोदय से पहले ही ग्रहण का आरंभ हो जाएगा.


    चंद्र ग्रहण के सूतक काल की टाइमिंग (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Timing)

    यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दृश्यमान होगा इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा. ऐसे में आज इस पूर्ण चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो चुका है.

    कहां कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण? (Chandra Grahan 2026 When and Where to Watch)
    यह चंद्र ग्रहण भारत के पूर्वी हिस्सों में ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखाई देगा, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक रूप से नजर आ सकता है. भारत के अलावा यह ग्रहण ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत महासागर और अमेरिका के कुछ हिस्सों में भी दिखाई देगा.


    चंद्र ग्रहण 2026 का किन राशियों पर पड़ेगा प्रभाव (Chandra Grahan 2026 Effect)

    साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण से सिंह राशि, कर्क राशि और कुंभ राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है. जिनकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है, उन्हें मानसिक तनाव या चिंता का सामना करना पड़ सकता है.


    चंद्र ग्रहण 2026 देश-दुनिया पर प्रभाव

    यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है. इस ग्रहण से सिंह और कुंभ राशि प्रभावित होंगी. इस ग्रहण से दुनिया में सत्ता में उथल-पुथल होने की संभावना है. इस ग्रहण के बाद से युद्ध की स्थितियां ज्यादा नकारात्मक हो सकती हैं. इस ग्रहण की वजह से बड़े राजनेतों की सत्ता पर असर पड़ सकता है।


    सिंह राशि वालों के लिए सलाह

    चूंकि यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. आने वाले कुछ दिनों तक जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला न लें, विवादों से दूर रहें और सोच-समझकर ही कदम उठाएं.


    सूतक के दौरान क्या न करें (Chandra Grahan 2026 Sutak kaal Precautions)

    ग्रहण के दौरान धर्मशास्त्रों में सूतक की व्यवस्था बताई गई है. सूर्य ग्रहण में चार पहर पहले यानी 12 घंटें पहले तथा चंद्र ग्रहण में 3 पहर यानी 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है. सूतक के दौरान अन्न का त्याग कर देना चाहिए. किसी प्रकार के नकारात्मक कार्य को करना निषेध रहता है. इस दौरान आध्यात्मिक चिंतन और सात्विक आहार विहार रखना चाहिए।

    कच्चे पके हुए अन्न को ग्रहण के दौरान नहीं रखना चाहिए और तेल में तले पदार्थ और दूध-दही इत्यादि में तुलसी का पत्ता डाल देना चाहिए. इस चंद्रग्रहण का सूतक भारतीय समयानुसार 3 मार्च को सुबह 6 बजकर 20 से शुरू हो जाएगा. ग्रहण के दौरान पूरी तरह से अन्न-जल का त्याग कर देना चाहिए. अपने इष्टदेव का ध्यान और ओम नम: शिवाय का जप करना चाहिए।


    चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करें (Chandra Grahan 2026 Dos)

    1. चंद्र ग्रहण के दौरान सिर्फ भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए, जो कि दस गुना फलदायी माना जाता है.
    2. चंद्र ग्रहण के बाद शुद्ध जल से स्नान करके, गरीबों का दान देना चाहिए.
    3. चंद्र ग्रहण के बाद पूरे घर को शुद्ध करना चाहिए. ऐसा करने से घर की सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती है.
    4. ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरूरत मंदों को वस्त्र दान देने से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है।


    चंद्र ग्रहण का क्या हो सकता है प्रभाव

    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, चंद्र ग्रहण का असर सबसे ज्यादा मन और भावनाओं पर पड़ता है. इस दौरान तनाव, भ्रम और नकारात्मक सोच बढ़ सकती है. इसलिए इस समय शांत रहना और बड़े फैसलों से बचना बेहतर माना जाता है।


    क्या होता है चंद्र ग्रहण? (What is Lunar Eclipse?)

    चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक खगोलीय घटना है. जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और अपनी छाया चंद्रमा पर डालती है तो ऐसी स्थिति चंद्र ग्रहण कहलाता है.


    क्या होता है पूर्ण चंद्र ग्रहण?

    जब चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहते हैं. इस स्थिति में चंद्रमा का रंग तांबे या लाल रंग का दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।

  • USA ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर था… आज फिर होगी दोनों की भिड़ंत, फिर उलटफेर के आसार

    USA ने पिछले T20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को हराकर था… आज फिर होगी दोनों की भिड़ंत, फिर उलटफेर के आसार


    कोलंबो।
    आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 (ICC Men’s T20 World Cup 2026) में आज मंगलवार को पाकिस्तान और अमेरिका (Pakistan and America) के बीच ब्लॉकबस्टर मुकाबला होने वाला है. यह मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब (SSC) में शुरू होगा. लगभग 20 महीने पहले टी20 विश्व कप 2024 में अमेरिका (USA) ने पाकिस्तान को सुपर ओवर में हराया था. पाकिस्तानी टीम (Pakistani Team) और उसके फैन्स के जेहन में उस कड़वी हार की यादें अब भी मौजूद हैं.

    एक तरह से संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने पहले टी20 विश्व कप में ही पाकिस्तान को मात देकर अपने आगमन का संदेश दे दिया था. हालांकि मौजूदा वर्ल्ड कप में उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही है. भारत के खिलाफ अपने पहले मैच में हार का सामना करने के बाद अमेरिकी टीम कप्तान मोनांक पटेल की अगुवाई में शानदार वापसी की कोशिश करेगी.


    नीदरलैंड्स के हाथों हारने से बचा था PAK

    संयुक्त राज्य अमेरिका यदि पाकिस्तान को एक बार फिर धूल चटा दे, तो हैरानी की बात नहीं होनी चाहिए. पाकिस्तानी टीम की बल्लेबाजी जिस तरह से मिडिल ओवर्स में ढह रही है, वो अमेरिकी टीम के लिए प्लस पॉइंट हैं. पाकिस्तान ने नीदरलैंड्स के खिलाफ 148 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार शुरुआत की थी, लेकिन मध्यक्रम ने गच्चा दे दिया था।

    इसके बाद फहीम अशरफ की साहसिक पारी ने पाकिस्तानी टीम को किसी तरह जीत दिलाई थी. पाकिस्तान की बल्लेबाजी में पूर्व कप्तान बाबर आजम पर निगाहें रहेंगी, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में फिर से वापसी की है. ओपनर सैम अयूब से भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जो हाल ही में स्पिन गेंदबाजी में ज्यादा सक्रिय रहे हैं।

    कप्तान सलमान अली आगा ने नीदरलैड्स पर जीत के बाद कहा था, ‘हमने अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन विकेट गिरने से दबाव बढ़ गया. ऐसे मैचों में हमें दबाव को सहन करना सीखना होगा. एक बार जब कोई खिलाड़ी इनिंग्स में जम जाए, तो उसे सुनिश्चित करना होगा कि वह मैच को समाप्त करे।

    संयुक्त राज्य अमेरिका की टीम भी अपने ओपनिंग बल्लेबाजों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है. मोनांक पटेल ने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ पावरप्ले में उनके खिलाड़ी ढीले शॉट्स खेल रहे थे. वहीं तेज गेंदबाज सौरभ नेत्रवालकर भी पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने की लालसा रखेंगे. हालांकि, उनके साथी पेसर अली खान की फिटनेस पर सवाल हैं, जो भारत के खिलाफ मैच के दौरान मैदान से बाहर चले गए थे. अमेरिकी टीम की गेंदबाजी ने पहले मैच में कुछ उम्मीद जगाई थी. साउथ अफ्रीका में जन्मे शैडली वैन शल्कविक की अगुवाई में अमेरिकी टीम ने गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन किया था।

    मुकाबले में यूएसए की संभावित प्लेइंग-11: एंड्रीज गौस (विकेटकीपर), सैतेजा मुक्कमल्ला, मोनांक पटेल (कप्तान), मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शल्कविक, एहसान आदिल और सौरभ नेत्रवलकर.

    मुकाबले में पाकिस्तान की संभावित प्लेइंग-11: सैम अयूब, साहिबजादा फरहान, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, फहीम अशरफ, शाहीन आफरीदी, सलमान मिर्जा और अबरार अहमद

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका का फुल स्क्वॉड: मोनांक पटेल (कप्तान), एंड्रीज गौस (विकेटकीपर), सैतेजा मुक्कमल्ला, मिलिंद कुमार, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, अली खान, नोस्टुश केंजिगे, शायन जहांगीर, सौरभ नेत्रवलकर, शैडली वान शल्कविक, शेहान जयसूर्या, एहसान आदिल और संजय कृष्णमूर्ति.

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए पाकिस्तान का फुल स्क्वॉड: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफाय, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद सलमान मिर्जा, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, सैम अयूब, शाहीन शाह आफरीदी, शादाब खान, उस्मान खान और उस्मान तारिक.


    टी 20 वर्ल्ड कप में आज होने वाले मुकाबले

    10 फरवरी 2026. 11:00 AM. नीदरलैंड्स vs नामीबिया. दिल्ली
    10 फरवरी 2026. 3:00 PM. न्यूजीलैंड vs UAE. चेन्नई
    10 फरवरी 2026. 7:00 PM. पाकिस्तान vs USA. SSC. कोलंबो

  • Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ

    Maharashtra: सुनेत्रा अजीत पवार बनेंगी राज्य की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री, आज लेंगी शपथ


    मुंबई।
    राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजीत पवार) (Nationalist Congress Party – NCP Ajit Pawar) में शुक्रवार को तेजी से बदलते घटनाक्रम में महाराष्ट्र (Maharashtra) के दिवंगत पूर्व उप-मुख्यमंत्री की जगह पर उनकी पत्नी सुनेत्रा अजीत पवार (Sunetra Ajit Pawar) को सूबे की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री बनाए जाने का निर्णय लिया गया है। इस पर सुनेत्रा पवार ने अपनी सहमति दे दी है।

    राकांपा (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने पत्रकारों को बताया कि शनिवार दोपहर दो बजे उनकी पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई गई है। बैठक में पार्टी के सभी नेता उपस्थित रहेंगे। बैठक के बाद सारी जानकारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को दी जाएगी।

    राकांपा के सूत्रों ने बताया कि आज पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोरा बारामती में जाकर सुनेत्रा अजीत पवार और पार्थ पवार से मिले थे। इसके बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, पार्थ पवार के बीच वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई। इसके बाद नरेश अरोरा ने सुनेत्रा और पार्थ से इस संबंध में चर्चा की। इसपर दोनों सहमत हो गए हैं। नरेश अरोरा बारामती से मुंबई के लिए रवाना हो गए और शनिवार को सुबह अरोरा राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करेंगेे। इसके बाद सिर्फ औपचारिकता के लिए राकांपा एपी के विधायकों की बैठक होगी और शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

    इसकी पुष्टि करते हुए मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि विधायक दल के बैठक की तो सिर्फ औपचारिकता है, सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और राकांपा एपी का अध्यक्ष पद देना आम राकांपा कार्यकर्ताओं की इच्छा है। सुनेत्रा पवार को पार्टी कार्यकर्ता हर तरह से मदद करने को तैयार हैं।

    राकांपा एपी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल आज राकांपा नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले थे। इसके बाद प्रदेश कार्यालय में सुनील तटकरे ने राकांपा नेताओं के साथ बैठक की और राकांपा के सभी विधायकों को शनिवार को मुंबई में बुलाया गया है। शनिवार को दिन में ११ राकांपा विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

  • कैसा रहेगा आज मंगलवार का राशिफल, जानिए

    कैसा रहेगा आज मंगलवार का राशिफल, जानिए

    मेष राशि :- कर्ज तथा रोगों से मुक्ति भी संभव है। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। जमीन जायदाद का लाभ भी हो सकता है। आवास, मकान तथा वाहन की सुविधाएं मिलेंगी। अच्छे कार्य के लिए रास्ते बना लेंगे। रुपये पैसों की सुविधा मिल जाएगी। दैनिक सुख-सुविधा में वृद्धि व खर्चा बढ़ेगा। शुभांक-2-4-6

    वृष राशि :- बनते हुए कार्यों में बाधा आएगी। यात्रा प्रवास का सार्थक परिणाम मिलेगा। मेल-मिलाप से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। कुछ आर्थिक चिंताएं भी कम होगी। नियोजित धन से लाभ होने लगेगा। घर के सदस्य मदद करेंगे और साथ ही आर्थिक बदहाली से भी मुक्ति मिलने लगेगी। शुभांक-3-4-5

    मिथुन राशि :- बढ़ते घाटे से कुछ राहत मिलने लगेगी। व्यापार व व्यवसाय में स्थिति उत्तम रहेगी। नौकरी में पदोन्नति की संभावना है। मित्रों से सावधान रहें तो ज्यादा उत्तम है। ज्ञानार्जन का वातावरण बनेगा। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-2-4-5

    कर्क राशि :- खान-पान में सावधानी रखें। शत्रुभय, चिंता, संतान को कष्ट, अपव्यय के कारण बनेंगे। संतोष रखने से सफलता मिलेगी। नौकरी में स्थिति सामान्य ही रहेगी। शैक्षणिक क्षेत्र में उदासीनता रहेगी। मित्रों की उपेक्षा करना ठीक नहीं रहेगा। कार्यक्षेत्र में तनाव पैदा होगा। स्वास्थ्य मध्यम रहेगा। शुभांक-4-6-7

    सिंह राशि :- महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आय-व्यय की स्थिति समान रहेगी। कामकाज में आ रही बाधा दूर होगी। बाहरी और अंदरूनी सहयोग मिलता चला जाएगा। लेन-देन में आ रही बाधा को दूर करने के प्रयास सफल होंगे। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। शुभांक-4-6-8

    कन्या राशि :- शैक्षणिक कार्य आसानी से पूरे होते रहेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। परिश्रम प्रयास से काम बनाने की कोशिश लाभ देगी। व्यापार व व्यवसाय में ध्यान देने से सफलता मिलेगी। बुरी संगति से बचें। नौकरी में सावधानी पूर्वक कार्य करें। अपनों का सहयोग प्राप्त होगा। कोई धार्मिक यात्रा करेगें। शुभांक-2-5-7

    तुला राशि :- सुबह-सुबह की महत्वपूर्ण सिद्धि के बाद दिन-भर उत्साह रहेगा। किसी लाभदायक कार्य के लिए व्ययकारक स्थितियां आज पैदा होगी। प्रसन्नता के साथ सभी जरूरी कार्य बनते नजर आएंगे। सभा-सोसायटी में सम्मान मिलेगा। प्रतिष्ठा बढ़ाने वाले कुछ सामाजिक कार्य संपन्न होंगे। शुभांक-3-5-7

    वृश्चिक राशि :- कई प्रकार के हर्ष उल्लास के बीच आमोद-प्रमोद का दिन होगा। व्यावसायिक प्रगति भी होगी। स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार की अपेक्षा रहेगी। कुछ कार्य भी सिद्ध होंगे। व्यर्थ की भाग-दौड़ से यदि बचा ही जाए तो अच्छा है। ज्ञान-विज्ञान की वृद्धि होगी और सज्जनों का साथ भी रहेगा। शुभांक-2-4-6

    धनु राशि :- स्त्री-संतान पक्ष का सहयोग मिलेगा। प्रियजनों से समागम का अवसर मिलेगा। अवरुद्ध कार्य संपन्न हो जाएंगे। मनोरथ सिद्धि का योग है। महत्वपूर्ण कार्य को समय पर बना लें तो अच्छा ही होगा। आशा और उत्साह के कारण सक्रियता बढ़ेगी। आगे बढ़ने के अवसर लाभकारी सिद्ध हो रहे हैं। शुभांक-4-6-8

    मकर राशि :- सभा-गोष्ठियों में मान-सम्मान बढ़ेगा। कुछ आर्थिक संकोच पैदा हो सकते हैं। कोई प्रिय वस्तु अथवा नवीन वस्त्राभूषण प्राप्त होंगे। धार्मिक आस्थाएं फलीभूत होंगी। सुख-आनंद कारक समय है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। शुभांक-6-7-9

    कुंभ राशि :- दिन-भर का माहौल आडंबरपूर्ण और व्ययकारी होगा। वरिष्ठ लोगों से कहासुनी वातावरण में तनाव पैदा करेंगे। संयमित भाषा का इस्तेमाल करें। कुछ कार्यक्रम बदलने होंगे। आवेग में आकर किये गए कार्यों का म्लान, अवसाद रहेगा। भाई-बहनों का प्रेम बढ़ेगा। आध्यात्मिक रुचि बनेगी। शुभांक-3-5-7

    मीन राशि :- अधिकारी वर्ग से आपकी निकटता बढ़ेगी। व्यावसायिक अभ्युदय भी होगा और प्रसन्नताएं भी बढ़ेगी। कामकाज की व्यस्तता से सुख-आराम प्रभावित होगा। धर्म-कर्म के प्रति रुचि जागृत होगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। शुभांक-2-4-6
  • IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज

    IndW vs SLW : पांचवां और आखिरी T20I मैच आज…. जानें कैसा रहेगा पिच का मिजाज


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस श्रीलंका (India Women vs Sri Lanka Women) 5 मैच की टी20 सीरीज का पांचवां और आखिरी टी20 (5th T20I) मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है। इस सीरीज में जीत का चौका लगाने वाली हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुवाई वाली टीम इंडिया की नजरें आज मेहमानों का सूपड़ा साफ करने पर होगी। भारत ने आज तक श्रीलंका को 5 मैच की सीरीज में क्लीन स्वीप नहीं किया है, ऐसे में टीम इंडिया की नजरें इस मुकाम को भी हासिल करने पर होगी। तिरुवनंतपुरम में यह सीरीज का लगातार तीसरा मैच है। पिछले मुकाबले में रनों की खूब बरसात हुई थी। दोनों टीमों ने मिलकर 412 रन बनाए थे। आईए एक नजर आज के मैच की पिच रिपोर्ट (Pitch report) पर डालते हैं-

    तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में अभी तक खेले दोनों टी20 मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। पहले मुकाबले में भारत ने रेणुका सिंह ठाकुर की कातिलाना गेंदबाजी के दम पर जीता। रेणुका ने 4 ओवर में 21 रन खर्च कर 4 विकेट चटकाए, जिसके दम पर भारत श्रीलंका को 112 के स्कोर पर रोकने में कामयाब रहा। इस स्कोर का पीछा टीम इंडिया ने 13.2 ओवर में ही कर लिया था। शेफाली वर्मा ने 79 रनों की धमाकेदार पारी खेली। वहीं दूसरे मैच में टीम इंडिया ने टी20 में अपना सबसे बड़ा स्कोर बनाते हुए श्रीलंका के सामने 222 रनों का टारगेट रखा था, इस स्कोर का पीछा करते हुए श्रीलंका 191 पर ही रुक गया था। इन दोनों ही मैचों में भारतीय बल्लेबाजों ने कहर बरपाया। ऐसे में कहा जा सकता है कि आज के मैच में भी पिच बल्लेबाजों को फेवर कर सकती है। टॉस जीतने वाले कप्तान की नजरें पहले फील्डिंग करने पर होगी।


    इंडिया वर्सेस श्रीलंका स्क्वॉड

    भारत महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), हरमनप्रीत कौर (सी), हरलीन देयोल, दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, जेमिमा रोड्रिग्स, जी कमलिनी, क्रांति गौड़, स्नेह राणा

    श्रीलंका महिला टीम: हासिनी परेरा, चमारी अथापथु (कप्तान), इमेशा दुलानी, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, रश्मिका सेवंडी, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), मालशा शेहानी, काव्या कविंदी, निमाशा मदुशानी, मल्की मदारा, शशिनी गिम्हानी, विशमी गुणरत्ने, इनोका राणावीरा

  • आज अपना 60वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे सलमान खान… फैंस को एक दिन पहले दिया ये खास गिफ्ट

    आज अपना 60वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रहे सलमान खान… फैंस को एक दिन पहले दिया ये खास गिफ्ट


    मुम्बई
    । बॉलीवुड दबंग एक्टर (Bollywood’s Dabangg actor) सलमान खान (Salman Khan) की फैन फॉलोइंग आज देश ही नहीं बल्कि विदेश में भी काफी जबरदस्त है। अपने करियर में सलमान ने कई सुपरहिट फिल्में (Superhit movies) दी हैं। प्रोफेशनल लाइफ के साथ सलमान अपनी पर्सनल लाइफ (Personal Life) को लेकर भी खूब सुर्खियों में रहते हैं। ऐसे में अब सलमान खान के फैंस के लिए आज का दिन बेहद खास है। 27 दिसंबर को भाईजान अपना 60वां बर्थडे सेलिब्रेट करने वाले हैं। इस मौके पर उन्होंने अपने फैंस के लिए एक खास वीडियो शेयर किया है।


    बर्थडे पर फैंस को दिया सरप्राइज

    दरअसल, सलमान खान ने अपने बर्थडे के ठीक एक दिन पहले अपने फैंस को एक खास तोहफा दिया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो पेटिंग करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में आप देख सकते हैं कि सलमान ब्लैक टीशर्ट और डेनिम में नजर आ रहे हैं। सलमान इस दौरान एक खूबसूरत पेंटिंग बनाते हुए दिख रहे हैं। इस पेटिंग के साथ सलमान अपने बीइंग ह्यूमन ब्रांड को प्रमोट करते दिख रहे हैं। वो कहते हैं दिख रहे हैं कि उनके आर्टवर्क को देखने के लिए बीइंग ह्यूमन के पॉपअप स्टोर्स पर आएं।


    जल्द नजर आएंगे इस फिल्म में

    सलमान खान के फिल्मों की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म ‘सिकंदर’ में नजर आए थे। हालांकि, ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह से फ्लॉप रही थी। इसके अलावा सलमान, शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान की डायरेक्टोरियल डेब्यू सीरीज ‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ में स्पेशल कैमियो करते दिखे थे। भाईजान की अपकमिंग मूवी की बात करें तो वो जल्द ही ‘बैटल ऑफ गलवान’ में नजर आएंगे, जिसमें वह चित्रांगदा सिंह के साथ दिखेंगे। बता दें कि ये मूवी 2020 में गलवान वैली में भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प की कहानी है। इस फिल्म को अपूर्व लाखिया डायरेक्ट कर रहे हैं।

  • वक्फ संपत्तियों को अपलोड करने का आज अंतिम दिन… अब तक आधा भी नहीं हुआ काम

    वक्फ संपत्तियों को अपलोड करने का आज अंतिम दिन… अब तक आधा भी नहीं हुआ काम


    नई दिल्ली।
    देशभर में फैली लगभग 8.8 लाख वक्फ संपत्तियों (8.8 lakh Waqf Properties) के डिजिटल रिकॉर्ड (Digital record) तैयार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार (Central government) द्वारा 6 जून को लॉन्च किए गए ‘UMMEED’ पोर्टल पर पंजीकरण की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। डेडलाइन से एक दिन पहले भी सबसे अधिक वक्फ संपत्तियों वाले राज्यों- उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु में सिर्फ 10 से 35 फीसदी संपत्तियां ही पोर्टल पर दर्ज हो पाई हैं।

    इसके मुकाबले पंजाब ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, जहां लगभग 80% वक्फ संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड अपलोड किए जा चुके हैं। हालांकि, पंजाब में वक्फ संपत्तियों की बजाय वक्फ एस्टेट्स पंजीकृत किए जा रहे हैं। यानी एक एस्टेट में कई संपत्तियां शामिल हो सकती हैं इसलिए प्रक्रिया अपेक्षाकृत आसान रही।


    राज्यवार स्थिति और चुनौतियां

    उत्तर प्रदेश- सर्वाधिक वक्फ संपत्तियां, अपलोड केवल 35%
    देश में सबसे अधिक वक्फ संपत्तियां उत्तर प्रदेश में हैं- कुल 1.4 लाख।
    सुन्नी वक्फ बोर्ड: 1.26 लाख में से 36% (45,574) संपत्तियां अपलोड
    शिया वक्फ बोर्ड: 15,386 में से 18.9% (2,909) संपत्तियां अपलोड

    एक रिपोर्ट के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि कई संपत्तियां सदियों पुरानी हैं, जिनके मूल दस्तावेज अनुपलब्ध हैं। एक अधिकारी ने कहा कि 20वीं सदी की शुरुआत में दर्ज किए गए वक्फ के कागज आखिर कहां से मिलेंगे? राजस्व रिकॉर्ड में यह वक्फ के रूप में दर्ज हैं, लेकिन पोर्टल दाखिल खारिज या रजिस्ट्रेशन के दस्तावेज मांग रहा है। बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने भी स्वीकार किया कि डेडलाइन से पहले पंजीकरण पूरा करना संभव नहीं है। बता दें कि बिहार UP के अलावा एकमात्र ऐसा राज्य है जहां सुन्नी और शिया बोर्ड अलग-अलग हैं, बाकी सभी राज्यों में एक ही वक्फ बोर्ड है।


    पश्चिम बंगाल- 12% पंजीकरण, तकनीकी और भाषाई दिक्कतें

    पश्चिम बंगाल की कुल 80480 वक्फ संपत्तियों में से सिर्फ 10000 यानी 12 फीसदी ही पंजीकृत हैं।
    मुख्य कारण:
    ग्रामीण क्षेत्रों में मुतवल्ली तकनीकी जानकारी से वंचित हैं।
    पोर्टल केवल अंग्रेजी में है, जबकि अधिकांश मुतवल्ली अंग्रेजी नहीं जानते।
    भूमि माप इकाइयों में अंतर है। एक बीघा बंगाल में अलग, बिहार-UP में अलग।
    TMC सरकार ने कई महीनों तक वक्फ संशोधन अधिनियम लागू करने से इनकार किया था, बाद में प्रशासन ने अपलोडिंग शुरू कराई।


    कर्नाटक- 10% पंजीकरण, सर्वर बार-बार क्रैश

    65242 वक्फ संपत्तियों में से सिर्फ 6000 अपलोड हुई हैं।
    अधिकारियों के अनुसार: पोर्टल अक्सर क्रैश हो जाता है। एक संपत्ति को अपलोड करने में 10-15 मिनट लगते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को कुछ करना चाहिए।
    पंजाब- 80% पंजीकरण, अलग मॉडल की वजह से रफ्तार
    कुल 25,000 वक्फ एस्टेट्स में से 20,000 पंजीकृत।
    कारण:
    यहां मुतवल्ली नहीं- सभी संपत्तियां बोर्ड सीधे प्रबंधन करता है।
    संपत्ति नहीं, सिर्फ एस्टेट्स अपलोड की जा रहीं, जो आसान है।


    तमिलनाडु – 10% पंजीकरण, दस्तावेज अस्पष्ट

    66092 संपत्तियों में से लगभग 6,000 अपलोड की गई हैं। TN वक्फ बोर्ड चेयरमैन नवास कानी ने कहा: अधिकांश मुतवल्ली को तकनीकी सहयोग नहीं मिला। कई संपत्तियों के दस्तावेज अस्पष्ट या अधूरे हैं। सरकार द्वारा भूमि सर्वे पूरा किए बिना सटीक रिकॉर्ड तैयार करना कठिन है।


    केंद्र सरकार की स्थिति और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

    वक्फ़ संशोधन अधिनियम के तहत पंजीकरण की अवधि कानून में निश्चित है, इसलिए केंद्र ने समय सीमा बढ़ाने से इनकार किया है। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा- मैं एक्ट बदले बिना तारीख नहीं बदल सकता। विशेष परिस्थितियों में वक्फ ट्रिब्यूनल ही समय बढ़ा सकते हैं।


    सांसदों और संगठनों की मांग

    सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि UP की 70% संपत्तियां पंजीकृत नहीं… सर्वर डाउन है… ऐसा लगता है जैसे धार्मिक अधिकार समाप्त हो गए हों। वहीं कांग्रेस MP इमरान मसूद ने कहा कि तकनीकी समस्याओं के कारण मुसलमान चिंतित हैं।


    सुप्रीम कोर्ट का रुख

    SC ने समय सीमा बढ़ाने से इनकार किया है। इसने कहा कि वक्फ ट्रिब्यूनल में जाएं, वही राहत दे सकते हैं। अब डेडलाइन पूरी न कर पाने की स्थिति में बोर्ड और मुतवल्ली राज्य के वक्फ ट्रिब्यूनल में जाकर कारण बता सकते हैं। यह बोर्ड विस्तार दे सकते हैं। लेकिन बोर्डों की चिंता है। उनका मानना है कि हजारों आवेदन आने पर ट्रिब्यूनल कैसे संभालेंगे?