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  • आयुष्मान योजना में अनियमितताओं पर योगी सरकार का एक्शन, दोषी अस्पतालों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना

    आयुष्मान योजना में अनियमितताओं पर योगी सरकार का एक्शन, दोषी अस्पतालों पर 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना


    लखनऊ।
    उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कदम उठा रही है। इसी क्रम में राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) ने प्रदेशभर में विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य लाभार्थियों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

    साचीज की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अर्चना वर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) से मान्यता प्राप्त प्रदेश के 800 अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया गया है। यह प्रशिक्षण राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, लखनऊ द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें अस्पतालों को डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

    प्रशिक्षण के दौरान अस्पतालों की तकनीकी समस्याओं और शिकायतों का भी मौके पर समाधान किया गया, ताकि उनकी कार्यप्रणाली और सेवा गुणवत्ता में सुधार हो सके। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की ओर से एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पतालों को गुणवत्ता मानकों के पालन के लिए प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत साचीज अस्पतालों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे मरीजों को सुरक्षित, मानक आधारित और सम्मानजनक उपचार मिल सके।

    गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई

    साचीज ने योजना में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के मामलों में सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना के तहत अवैध नकद वसूली, अपकोडिंग और अन्य वित्तीय गड़बड़ियों के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू की गई है।

    सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, जिन अस्पतालों के खिलाफ जांच में शिकायतें सही पाई गईं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की गई है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ऐसे अस्पतालों पर करीब 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। इनमें से लगभग 60 लाख रुपये की वसूली हो चुकी है, जबकि शेष राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अस्पतालों के भुगतान पर रोक लगा दी गई है।

    उन्होंने बताया कि जो अस्पताल लगातार नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उन्हें आयुष्मान भारत योजना के पैनल से निलंबित भी किया जा रहा है। साचीज का उद्देश्य केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना है जो गुणवत्ता, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के मानकों पर खरा उतरे।

    इसके साथ ही केंद्र सरकार के अस्पतालों को भी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। इससे प्रदेश के लाभार्थियों को भविष्य में और अधिक विशेषज्ञ एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।

  • झांसी की आबादी 125 साल में छह गुना बढ़ी, बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ा दबाव, तैयार हो रहा नया मास्टर प्लान

    झांसी की आबादी 125 साल में छह गुना बढ़ी, बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ा दबाव, तैयार हो रहा नया मास्टर प्लान

    झांसी। विश्व जनसंख्या दिवस (11 जुलाई) के अवसर पर सामने आए आंकड़े बताते हैं कि पिछले 125 वर्षों में झांसी जिले की आबादी लगभग छह गुना बढ़ चुकी है। हालांकि जनसंख्या के अनुपात में शहर का बुनियादी ढांचा विकसित नहीं हो सका, जिससे पेयजल, सीवर, सड़क, बिजली, आवास और स्वास्थ्य सेवाओं पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने मास्टर प्लान-2031 तैयार किया है, जिसके तहत करीब 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का नियोजित विकास किया जाएगा।

    अर्थ एवं संख्यायिकी विभाग के अनुसार वर्ष 1901 में झांसी जिले की आबादी 4.27 लाख थी, जबकि वर्ष 2026 तक इसके लगभग 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। यानी 125 वर्षों में जिले की आबादी में 20.73 लाख लोगों की बढ़ोतरी हुई है। इस अवधि में जनसंख्या 485.65 प्रतिशत यानी करीब 5.86 गुना बढ़ी। औसतन हर वर्ष लगभग 16,585 लोग जिले की आबादी में जुड़े हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंख्या वृद्धि का कारण केवल प्राकृतिक वृद्धि नहीं है, बल्कि बेहतर शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक सुविधाओं की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से शहर की ओर लगातार बढ़ते पलायन ने भी इसमें अहम भूमिका निभाई है।

    वर्तमान अनुमान के मुताबिक जिले की 58.3 प्रतिशत आबादी, यानी करीब 14.58 लाख लोग ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि 41.7 प्रतिशत आबादी, यानी लगभग 10.42 लाख लोग शहरी क्षेत्रों में निवास कर रहे हैं। शहरी आबादी तेजी से बढ़ी है, लेकिन उसी अनुपात में सड़क, सीवर, पेयजल, सार्वजनिक परिवहन और आवास जैसी आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं हो पाया है।

    सीवर नेटवर्क सबसे बड़ी चुनौती
    बढ़ती आबादी के बीच झांसी की सबसे बड़ी समस्या सीवर व्यवस्था को माना जा रहा है। शहर का बड़ा हिस्सा आज भी सीवर नेटवर्क से नहीं जुड़ा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए समय पर निवेश नहीं किया गया, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

    जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी (डीएसटीओ) अर्चना सिंह के अनुसार, वर्ष 1901 की तुलना में जिले की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। हालांकि वर्ष 2001 से 2011 के बीच जनसंख्या वृद्धि दर में कमी दर्ज की गई, जिसका प्रमुख कारण परिवार नियोजन के प्रति बढ़ती जागरूकता है।

    500 वर्ग किलोमीटर में होगा नियोजित विस्तार
    तेजी से बढ़ती शहरी आबादी को ध्यान में रखते हुए झांसी विकास प्राधिकरण ने मास्टर प्लान-2031 तैयार किया है। जेडीए के टाउन प्लानर विजय कुमार सिंह के अनुसार यह योजना लगभग 13 लाख की प्रस्तावित शहरी आबादी को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके तहत शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर करीब 500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का नियोजित विकास किया जाएगा। इनमें लगभग 19 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को शहरीकरण के लिए चिह्नित किया गया है।

    योजना के तहत निजी क्षेत्र में 250-250 एकड़ की दो टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जबकि जेडीए स्वयं 1000 एकड़ में एक एकीकृत टाउनशिप विकसित करेगा। यह परियोजना ग्वालियर-कानपुर हाईवे और ग्वालियर रोड स्थित अंबावाय क्षेत्र में प्रस्तावित है।

    मास्टर प्लान के साथ जोनल प्लान भी तैयार किया जा रहा है। इसके माध्यम से नई कॉलोनियों और विकसित होने वाले क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, सीवर, बिजली, अस्पताल, स्कूल, पार्क तथा अन्य नागरिक सुविधाओं का योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जाएगा।

  • यूपी में जल्द लागू होगी नई एग्रीगेटर पॉलिसी, ड्राइवर ने राइड कैंसिल की तो देना होगा किराया

    यूपी में जल्द लागू होगी नई एग्रीगेटर पॉलिसी, ड्राइवर ने राइड कैंसिल की तो देना होगा किराया

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कैब सेवाओं को लेकर नई एग्रीगेटर पॉलिसी तैयार हो गई है, जिसे जल्द लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कैब कंपनियां यात्रियों से मनमाने तरीके से किराया नहीं वसूल सकेंगी। परिवहन विभाग ने किराया तय कर दिया है और पीक आवर के दौरान भी कंपनियां निर्धारित किराए से अधिकतम 50 प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी कर सकेंगी।

    नई पॉलिसी के तहत यदि ड्राइवर बुकिंग रद्द करता है तो उसे संबंधित ट्रिप का किराया स्वयं वहन करना होगा। वहीं, यदि यात्री अपनी ओर से राइड कैंसिल करता है तो उस पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि अब तक एग्रीगेटर पॉलिसी नहीं होने के कारण कैब कंपनियां मनमाने तरीके से किराया वसूल रही थीं, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

    परिवहन विभाग ने पॉलिसी का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। इसके लागू होने के बाद राज्य में एग्रीगेटर के रूप में वाहन संचालन के लिए परिवहन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, बुकिंग स्वीकार करने के बाद ड्राइवर को निर्धारित समय पर पहुंचना होगा। तय समय का पालन नहीं करने पर कम से कम 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

    डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर (एसटीए) सगीर अहमद अंसारी के अनुसार, नई पॉलिसी में यात्रियों की सुविधाओं और शिकायतों का विशेष ध्यान रखा गया है। तय सीमा से अधिक वाहन संचालित करने पर जुर्माना लगाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर लाइसेंस भी रद्द किया जा सकेगा।

    नई व्यवस्था के तहत सभी एग्रीगेटर कंपनियों को राज्य सरकार से लाइसेंस लेना होगा। इसके लिए पांच लाख रुपये का लाइसेंस शुल्क निर्धारित किया गया है। लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए 25 हजार रुपये शुल्क और 50 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी।

    पॉलिसी में ड्राइवरों के हितों का भी ध्यान रखा गया है। प्रत्येक ड्राइवर को कम से कम पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा और 10 लाख रुपये का टर्म इंश्योरेंस उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए जाने वाले ड्राइवरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • कुशीनगर में CM योगी ने विपक्ष पर बोला जमकर हमला, कहा- अब नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा

    कुशीनगर में CM योगी ने विपक्ष पर बोला जमकर हमला, कहा- अब नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा


    कुशीनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर, रामकोला हाटा विधानसभा क्षेत्र की 525 करोड़ की 464 परियोजनाओं का शनिवार को लोकार्पण व शिलान्यास करते हुए विपक्ष को विकास और कानून व्यवस्था पर घेरते हुए सीधा हमला बोला। कहा कि, पहले की सरकार के पास नीयत थी न नीति थी। सोच ही लकवाग्रस्त थी, ऐसे में विकास की बात ही बेमानी थी।

    इस दौरान टेकुआटार में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सपा पर हमला बोला और कहा कि, पहले उत्तर प्रदेश में त्योहारों पर दंगे होते थे, अब नो कर्फ्यू , नो दंगा, यूपी में सब चंगा। बिना राम मंदिर चढ़ावा चोरी का जिक्र करते हुए कहा कि मंदिरों पर कब्जा करने वाले अयोध्या, काशी और मथुरा के बारे में कैसे सोच सकते हैं। धर्म आस्था पर आज हमें आइना दिखाने वाले अपना चेहरा देखें।

    मुख्यमंत्री योगी ने कुशीनगर की इंसेफेलाइटिस से मासूमो के बचपन छिनने व मुसहरों की मौत का उदाहरण देते पूर्व की सरकारों को कठघरे में खड़ा किया तो कहा कि, अब इंसेफेलाइटिस से बचपन छिनता है और न कोई प्रदेश में भूख से मरता है। अब आवास, बिजली, गैस कनेक्शन, उपचार व रोजगार संग विकास की बात होती है।

    कुशीनगर से शीघ्र शुरू होगी उड़ान, गया और जेवर से जुड़ेगा
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि, पश्चिम एशिया संकट से दुनिया में मची उथल-पुथल के चलते नए नए एयरक्राफ्ट नहीं आ सके, जिससे कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान शुरू नहीं हो सकी। शीघ्र ही यहां से उड़ान शुरू होगी और गया और जेवर को जोड़ जाएगा। सरकार पूरी तरह संजीदा है।

    दियारा को मिलेगा 800 करोड़ का पुल
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारायणी उस पार दियारा के गांवों की दुर्दशा के लिए पूर्ववर्ती सरकारों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि डीपीआर बन रहा है। शीघ्र ही नारायणी पर 800 करोड़ का पुल बनेगा। दियारा के सभी गांव विकास की मुख्य धारा से जुड़ेगें। अंतिम व्यक्ति का विकास ही हमारी सरकार की सोच है। इस पर हम इमानदारी से कार्य भी कर रहे हैं।

  • फिरोजाबाद में मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा

    फिरोजाबाद में मासूम को पटककर मारने वाले हत्यारे को कोर्ट ने सुनाई फांसी की सजा


    फिरोजाबाद । फिरोजाबाद में डेढ़ साल के बच्चे के हत्यारे को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। युवक ने बच्चे को जमीन पर 8 बार पटक-पटक कर मार डाला था। वह एकतरफा प्यार में बच्चे की मां से शादी की जिद कर रहा था। बच्चे की मां के मना करने के बाद से युवक गुस्से में था।

    कोर्ट ने शुक्रवार को 2.45 बजे अपना फैसला सुनाया। बच्चे की हत्या का सीसीटीवी भी सामने आया था। इसमें युवक बच्चे की हत्या करते हुए देखा गया था। पुलिस ने आरोपी के दोनों पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था। घटना 30 मई की शिकोहाबाद क्षेत्र की है।

    एक महीने 10 दिन में कोर्ट ने फैसला सुनाया
    सरकारी वकील राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि कोर्ट ने 1 महीने 10 दिन में फैसला दिया है। पुलिस ने 6 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। बचाव की पक्ष की तरफ से दलील दी गई थी कि घटना के वक्त आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। लेकिन, कोर्ट ने विराज को आरोपी माना है।

    हत्यारे को फांसी की सजा सुनाने में सबसे अहम भूमिका सीसीटीवी फुटेज की रही। कोर्ट में जब फुटेज दिखाया गया तो आरोपी खुद अपने आप को थप्पड़ मारने लगा था। वह घटना से काफी दुखी प्रतीत हो रहा था। वकील ने कहा कि देश स्तर पर फैसले का संदेश जाएगा। साथ ही लोगों में भी विश्वास पैदा होगा।

    यह है मामला
    अरांव इलाके के बामई गांव की रहने वाली पिंकी बेटी रति और डेढ़ साल के नाती आरव के साथ यादव कॉलोनी में सहेली पुष्पलता पाठक से मिलने आई थीं। पुष्पलता हाल ही में एक सड़क हादसे में घायल हुई थीं। रति की शादी करीब 3 साल पहले बदायूं के सियारण नगर निवासी सुनीत से हुई थी, लेकिन पति-पत्नी के बीच पारिवारिक विवाद चल रहा।

    आरोप है कि सुनीत की बुआ का बेटा बदायूं के शेखूपुर निवासी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक लंबे समय से रति पर शादी का दबाव बना रहा था। परिवार वालों के मुताबिक, रति ने उसका प्रपोजल ठुकरा दिया था। इसके बाद से विराज नाराज था। 30 मई की दोपहर तीन बजे विराज भी पुष्पलता के घर पहुंच गया।

    टॉफी दिलाने के बहाने बच्चे को साथ ले गया
    विराज आरव को टॉफी दिलाने के बहाने अपने साथ ले गया। कुछ दूर जाकर गली में उसने सन्नाटा देखकर बच्चे को 8 बार जमीन पर पटका। इससे आरव के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसकी मौत हो गई। इसके बाद विराज आरव को गोद में लेकर आया। उसे घर के बाहर छोड़कर फरार हो गया।

    परिजनों की नजर पड़ी तो वह आरव को अस्पताल लेकर गए। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी चेक किए तो उसमें विराज बच्चे को पटकता हुआ दिखाई दिया।

  • झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी में 7 साल की बच्ची से दुष्‍कर्म, लोगों ने चप्पलों से पीटा, जमकर की धुनाई, आरोपी पुलिस गिरफ्त में

    झांसी । झांसी में एक युवक ने घर से 100 मीटर दूरी पर रहने वाली 7 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। 7 जुलाई को सुबह 9 बजे के करीब वह अपनी सहेली के साथ घर के बाहर खेल रही थी।

    तभी आरोपी आया और हाथी दिखाने के बहाने बच्ची को अपने साथ ले गया। सूनी गली में कार के पीछे बच्ची से दरिंदगी की। फिर लहूलुहान हालत में छोड़कर भाग गया। खून से सनी बच्ची को देखकर परिजन सकपका गए। उन्होंने बेटी से पूछताछ की। बेटी ने आरोपी के बारे में इनपुट दिया। जिसके बाद से परिजन आरोपी की तलाश कर रहे थे।

    उन्होंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी थी। उससे बात करने पर आरोपी का सुराग मिला। जिसके बाद शुक्रवार सुबह परिजन उसके घर पहुंचे। आरोपी को पकड़कर अपने घर ले आए। बेटी ने आरोपी को पहचान लिया। उसके बाद भीड़ ने आरोपी की चप्पलों से पिटाई की। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आज दोपहर 12:30 बजे दुष्कर्म का केस दर्ज कर लिया। उससे पूछताछ की जा रही है।

    यह है पूरा मामला

    7 जुलाई को घर के बाहर से बुलाकर ले गया था
    बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी एक युवक ने बताया- मैं अपने परिवार के साथ एक कॉलोनी में रहता हूं। मेरे 3 बच्चे हैं। जिसमें 12 साल की बेटी, 10 साल का बेटा और सबसे छोटी बेटी 7 साल की है। मैं ई-रिक्शा चलाता हूं, जबकि पत्नी घरों में झाड़ू-पोछा का काम करती है।

    7 जुलाई को सुबह करीब 9 बजे मैं ई-रिक्शा चलाने गया था और पत्नी भी काम पर गई थी। 7 साल की बेटी उस समय घर के बाहर सहेली के साथ खेल रही थी। बाकी के दो बच्चे घर पर थे। तभी एक युवक आया और बेटी से कहने लगा कि चलो हाथी दिखाएंगे। झांसे में आकर बच्ची उसके साथ चली गई। जब सहेली भी साथ जाने लगी तो उसे डांटकर भगा दिया।

    पिता काम से लौटकर आए तो हुई घटना की जानकारी
    पिता ने आगे बताया- आरोपी बेटी को एक सूनी गली में ले गया और वहां पर खड़ी कार के पीछे रेप किया। फिर लहूलुहान हालत में बेटी को छोड़कर भाग गया। शाम लगभग 4 बजे मैं घर पहुंचा तो बेटी गेट पर खड़ी थी और रो रही थी। उसके कपड़ों पर खून लगा था।

    बेटी ने आरोपी के बारे में दिया था इनपुट
    मैंने पत्नी को फोन करके बुलाया। तब बेटी ने घटना के बारे में जानकारी दी। बेटी ने यह भी बताया कि आरोपी चेहरे पर तौलिया बांधे था और काले कपड़े पहने था। वो नाम और उसके बारे में जानकारी नहीं दे पाई। हम लोग भी डर गए थे। इसलिए उस समय किसी को कुछ नहीं बताया।

    मकान मालिक से बात करने पर आरोपी का मिला सुराग
    9 जुलाई को हिम्मत करके मैंने अपने मकान मालिक को घटना की जानकारी दी। तब पता चला कि कुछ देर पहले एक आरोपी ने इसी तरह घोड़ा दिखाने के बहाने बच्ची को ले जाने की कोशिश की। बच्ची के चिल्लाने पर वो भाग गया। तब हम लोगों ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

    बच्ची ने आरोपी को पहचाना
    पिता ने आगे बताया- आज सुबह करीब 11 बजे पता चला कि कुछ दिन पहले मोनू सिकरवार नाम का युवक किराए पर रहने आया था। वह 7 जुलाई को काले कपड़े पहने था। हम लोग उसे खोजते हुए उसके घर पहुंचे तो वो मिल गया। उसे पकड़कर अपने घर पर लाए। जहां पर मेरी बच्ची ने पहचान लिया कि इन्हीं अंकल ने मेरे कपड़े उतारकर गलत काम किया। इसके बाद भीड़ ने उसकी धुनाई कर दी। फिर पुलिस को बुलाया गया। इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी मध्य प्रदेश के गुना का रहने वाला है।

    पुलिस बोली- केस दर्ज किया, मेडिकल करा रहे
    सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया- आज परिजनों ने थाने आकर रेप की तहरीर दी है। जिस पर पॉक्‍सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पीड़िता का मेडिकल करवाया जा रहा है। आरोपी से भी पूछताछ की जा रही है।

  • महोबा: स्मार्ट क्लास में अश्लील भोजपुरी गाना चलाने का आरोप, हेडमास्टर निलंबित, जांच में शिकायतें सही मिलीं

    महोबा: स्मार्ट क्लास में अश्लील भोजपुरी गाना चलाने का आरोप, हेडमास्टर निलंबित, जांच में शिकायतें सही मिलीं

    महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में स्मार्ट क्लास की एलईडी स्क्रीन पर कथित रूप से अश्लील भोजपुरी गीत चलाने और अनुचित आचरण का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने जांच कराई, जिसमें आरोपों की पुष्टि होने पर हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया।

    यह मामला खरेला क्षेत्र के टिकरी प्राथमिक विद्यालय का है। ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर की गई जांच के बाद विभाग ने आरोपी हेडमास्टर रमेश चंद्र के खिलाफ कार्रवाई की है। साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई के लिए भी संस्तुति की गई है।

    स्कूल में कथित अनुचित हरकत का वीडियो वायरल
    जानकारी के अनुसार, जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर स्थित टिकरी प्राथमिक विद्यालय में रमेश चंद्र पिछले एक वर्ष से प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात हैं।

    ग्रामीणों का आरोप है कि 8 जुलाई को विद्यालय की छुट्टी के बाद वह शाम करीब 4 बजे स्कूल लौटे। उनके नशे की हालत में होने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के मुताबिक, उन्होंने स्मार्ट क्लास में लगी डिजिटल एलईडी स्क्रीन पर अश्लील भोजपुरी गीत चला दिए और कक्षा की बेंच पर लेट गए। तेज आवाज में गीत बजते रहे और वह वहीं आराम करते रहे।

    ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आवाज देने के बावजूद उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

    ग्रामीणों ने लगाए कई गंभीर आरोप
    ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) राहुल मिश्रा को फोन पर शिकायत करने के साथ लिखित शिकायत भी सौंपी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि हेडमास्टर अक्सर विद्यालय परिसर में ही रहते हैं, नशे की हालत में दिखाई देते हैं और बच्चों के सामने अनुचित वेशभूषा में घूमते हैं। शिकायत में अभद्र भाषा का प्रयोग करने, विद्यालय परिसर में रात के समय शराब पार्टी होने और विरोध करने वालों को धमकाने जैसे आरोप भी लगाए गए।

    जांच के बाद हुई कार्रवाई
    बीएसए राहुल मिश्रा ने बताया कि शिकायत और वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच कराई गई। उन्होंने कहा कि विद्यालय परिसर में इस तरह का व्यवहार पूरी तरह अनुचित है।

    खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अश्वनी यादव ने बताया कि जांच के दौरान वायरल वीडियो और शिकायतों में लगाए गए आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी गई, जिसके आधार पर हेडमास्टर रमेश चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही आगे की विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की गई है।

  • अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी

    अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति का कल्याण ही लक्ष्य', प्रशिक्षण महाअभियान में बोले CM योगी


    गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोरखपुर में दो दिवसीय ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान-2026’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विकास यात्रा को समर्पित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को भाजपा की वैचारिक नींव बताया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रशिक्षण शिविर केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों और आदर्शों को कार्यकर्ताओं के जीवन में उतारने का अभियान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में मिले संस्कारों के आधार पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय जनसंघ के संगठन महामंत्री के रूप में संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया।

    अंत्योदय को बताया विकास की मूल अवधारणा
    सीएम योगी ने कहा कि भारतीय राजनीति में ‘अंत्योदय’ का विचार पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सबसे बड़ी देन है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की नीतियों का केंद्र समाज के अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति होना चाहिए। जब तक विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचता, तब तक सुशासन की अवधारणा अधूरी रहती है।

    उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने भारतीय आर्थिक चिंतन को नई दिशा देते हुए अंत्योदय का सिद्धांत दिया, जिसे भारतीय जनता पार्टी अपने संगठन और शासन दोनों में आत्मसात करने का प्रयास कर रही है।

    कार्यकर्ताओं को दिए संगठनात्मक मूल्यों के संदेश
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश में चलाया जा रहा यह प्रशिक्षण महाअभियान कार्यकर्ताओं को राष्ट्रसेवा, संगठन, पारदर्शिता और जनकल्याण के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता इन आदर्शों को अपने व्यवहार और कार्यशैली का हिस्सा बनाए, यही इस अभियान का उद्देश्य है।

    सोशल मीडिया पर भी दी शुभकामनाएं
    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि भारतीय जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के महापुरुषों के आदर्श आज भी सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और राष्ट्रसेवा के प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए प्रशिक्षण शिविर के सफल आयोजन की कामना की।

    उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम संगठन को मजबूत बनाने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं में वैचारिक स्पष्टता और जनसेवा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं।

  • CM योगी का देवरिया दौरा: 106 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, विपक्ष पर भी साधा निशाना

    CM योगी का देवरिया दौरा: 106 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ, विपक्ष पर भी साधा निशाना

    देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को देवरिया जिले को 456 करोड़ रुपये से अधिक की 106 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए कहा कि देवरिया में तेजी से निवेश बढ़ रहा है, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण विकास अब हर गांव और हर घर तक पहुंच रहा है।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के हर क्षेत्र का संतुलित विकास सुनिश्चित करना और आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

    अयोध्या और राम मंदिर मुद्दे पर विपक्ष को घेरा

    अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े हालिया विवादों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और इस पर अनावश्यक आक्षेप नहीं लगाए जाने चाहिए।

    उन्होंने कहा कि राम मंदिर से जुड़े मामले में विशेष जांच दल (SIT) अपनी रिपोर्ट दे चुका है और कार्रवाई शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि “दूध का दूध और पानी का पानी” होगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई ठोस प्रमाण है तो वह उसे एसआईटी के सामने प्रस्तुत करे, बेबुनियाद आरोप लगाने से बचना चाहिए।

    कांग्रेस पर भी साधा निशाना

    मुख्यमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कभी भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और “जय श्रीराम” के नारे पर आपत्ति जताते थे, वे आज आस्था की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को केवल लूटा ही नहीं, बल्कि उसकी व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाया।

    सोशल मीडिया पर भी दी जानकारी

    कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी यात्रा की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि बाबा दुग्धेश्वर नाथ, बाबा महेंद्र नाथ और महर्षि देवरहा बाबा की पावन भूमि देवरिया में 456 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर जिले के समग्र विकास को नई मजबूती दी गई है।

    उन्होंने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से देवरिया में निवेश लगातार बढ़ रहा है, युवाओं को रोजगार मिल रहा है और आधुनिक सड़क व अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से विकास अब लोगों के द्वार तक पहुंच चुका है।

  • भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    भीषण गर्मी की चपेट में उत्तर भारत, बांदा बना देश का सबसे गर्म शहर, कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट

    नई दिल्ली। उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लगातार बढ़ते तापमान के बीच उत्तर प्रदेश का बांदा जिला मंगलवार को देश का सबसे गर्म इलाका दर्ज किया गया, जहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग ने बांदा समेत कई शहरों में गंभीर लू की चेतावनी जारी की है।

    मौसम विभाग के अनुसार मैदानी क्षेत्रों में जब तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, तो उसे हीटवेव की स्थिति माना जाता है। इसी कारण उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया गया है।

    उत्तर प्रदेश में बांदा के अलावा उरई में 45.8 डिग्री, झांसी में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री, आगरा में 45.3 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राज्य के कई इलाकों में रात के समय भी गर्म हवाओं का असर बना रहा, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिल सकी।

    राजस्थान में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। श्रीगंगानगर राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीकानेर और फलोदी में 46 डिग्री, जैसलमेर में 45.6 डिग्री और कोटा में 45.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। राजधानी जयपुर में भी तेज गर्मी रही और अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

    महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया है। ब्रह्मपुरी में तापमान 46.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से 3.5 डिग्री अधिक रहा। चंद्रपुर में 46.4 डिग्री, वर्धा में 46 डिग्री, नागपुर के सोनेगांव क्षेत्र में 45.5 डिग्री और गोंदिया में 45.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    हरियाणा में सिरसा सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। रोहतक में पारा 45.6 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं पंजाब के बठिंडा में अधिकतम तापमान 45.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी भीषण गर्मी का असर देखने को मिला। सफदरजंग वेधशाला में अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली के आयानगर, रिज और लोधी रोड क्षेत्रों में तापमान हीटवेव के आधिकारिक मानक से मामूली कम रहा, अन्यथा पूरी राजधानी गंभीर लू की चपेट में आ सकती थी।

    हालांकि मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को जल्द राहत मिलने की संभावना जताई है। IMD के अनुसार 29 मई से राजधानी में आंधी और बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जिससे तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है।