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  • ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर संभव, विराट कोहली बन सकते हैं नंबर-1 या फिर साई सुदर्शन बरकरार

    ऑरेंज कैप की रेस में बड़ा उलटफेर संभव, विराट कोहली बन सकते हैं नंबर-1 या फिर साई सुदर्शन बरकरार

    नई दिल्ली । आज आईपीएल 2026 में दो मैच खेले जाने हैं। पहला मैच पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होगा। वहीं दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स की टीम राजस्थान रॉयल्स से भिड़ेगी। इस दौरान विराट कोहली, केएल राहुल, वैभव सूर्यवंशी और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ी ऑरेंज कैप की रेस में आगे की तरफ बढ़ते हुए दिखाई देंगे। आईए एक नजर आईपीएल 2026 ऑरेंज कैप की लिस्ट पर डालते हैं-
    IPL 2026 ऑरेंज कैप लिस्ट
    गुजरात टाइटंस के सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन 554 रनों के साथ पहले पायदान पर पहुंच गए हैं। वहीं जीटी के कप्तान शुभमन गिल 552 रनों के साथ दूसरे पायदान पर हैं। हेनरिक क्लासेन इस सीजन 500 रन का आंकड़ा पार करने वाले तीसरे बल्लेबाज हैं, उनके नाम 508 रन है।
    ऑरेंज कैप की लिस्ट में चौथे पायदान पर आरसीबी के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली हैं। कोहली के नाम इस सीजन 484 रन दर्ज है। आज उनकी नजरें ऑरेंज कैप के साथ अपनी टीम को प्लेऑफ का टिकट दिलाने पर भी होगी। विराट कोहली को अगर ऑरेंज कैप हासिल करनी है तो कम से कम 71 रन बनाने होंगे, तभी वह साई सुदर्शन को लिस्ट में पछाड़ पाएंगे। लिस्ट में पांचवें पायदान पर अभिषेक शर्मा 481 रनों के साथ मौजूद हैं।
    ऑरेंज कैप की रेस में आज एक्शन में दिल्ली कैपिटल्स के केएल राहुल, राजस्थान रॉयल्स के वैभव सूर्यवंशी और पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह और कूपर कोनोली जैसे खिलाड़ी भी होंगे जो फिलहाल टॉप-5 से बाहर हैं।
    केएल राहुल के नाम इस सीजन अभी तक 477 रन दर्ज है, वह टॉप-5 से ज्यादा दूर नहीं है। वहीं वैभव सूर्यवंशी ने 11 मैचों में 440 रन बनाए हैं, उनकी टीम राजस्थान रॉयल्स को 3 और मैच खेलने हैं।
    पंजाब किंग्स के प्रभसिमरन सिंह 439 और कूपर कोनोली 436 रनों के साथ इस रेस में बने हुए हैं।
    इन सभी चारों बल्लेबाजों की नजरें आज टॉप-5 में अपनी जगह बनाने पर होगी। देखने वाली बात यह है कि इनमें से कौन कामयाब होता है और किसको इंतजार करना पड़ेगा।
  • एक सवाल और बड़ा हंगामा: मनु भाकर के बयान से ज्यादा चर्चा सवाल पूछने के तरीके पर

    एक सवाल और बड़ा हंगामा: मनु भाकर के बयान से ज्यादा चर्चा सवाल पूछने के तरीके पर


    नई दिल्ली । देश में खेलों को लेकर जुनून हमेशा से रहा है लेकिन कई बार यही जुनून बहस और विवाद का कारण भी बन जाता है कुछ ऐसा ही देखने को मिला जब ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर से युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल पूछा गया और देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया पर बड़ी बहस में बदल गया

    दरअसल दिल्ली में नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम के दौरान मनु भाकर से वैभव सूर्यवंशी के बारे में राय मांगी गई इस पर उन्होंने बेहद संतुलित और सकारात्मक जवाब देते हुए कहा कि अगर किसी खिलाड़ी को सही मार्गदर्शन और अच्छा माहौल मिले तो उम्र सिर्फ एक नंबर रह जाती है और प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं होती उन्होंने यह भी कहा कि सही मेंटरशिप के साथ वैभव आगे चलकर बड़ा स्टार बन सकते हैं

    हालांकि मनु भाकर का यह बयान प्रेरणादायक था लेकिन सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र उनका जवाब नहीं बल्कि उनसे पूछा गया सवाल बन गया कई यूजर्स और खेल से जुड़े लोगों ने इस बात पर नाराजगी जताई कि एक ओलंपिक मेडलिस्ट शूटर से क्रिकेटर के बारे में सवाल करना उनके खेल और उपलब्धियों के साथ न्याय नहीं है

    इस मुद्दे पर जॉय भट्टाचार्य ने भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि मनु भाकर जैसी खिलाड़ी से इस तरह का सवाल पूछना उनके योगदान को कम आंकने जैसा है उन्होंने तंज करते हुए कहा कि अगर ऐसा ही है तो अगली बार किसी क्रिकेटर से शूटिंग के उभरते खिलाड़ियों पर सवाल पूछा जाना चाहिए

    सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कभी क्रिकेटरों से अन्य खेलों के खिलाड़ियों के बारे में इस तरह सवाल किए जाते हैं लोगों का मानना है कि क्रिकेट को जरूरत से ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है जबकि अन्य खेलों के खिलाड़ी भी उतनी ही मेहनत और उपलब्धियां हासिल करते हैं

    वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे सामान्य मानते हैं उनका कहना है कि भारत में क्रिकेट सबसे लोकप्रिय खेल है इसलिए अन्य खेलों से जुड़े खिलाड़ियों से भी क्रिकेट पर राय लेना कोई नई बात नहीं है

    अगर बात करें वैभव सूर्यवंशी की तो वह इस समय क्रिकेट जगत में तेजी से उभरते सितारे हैं कम उम्र में उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं और Indian Premier League में शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा है

    यह पूरा विवाद एक बड़े मुद्दे की ओर इशारा करता है कि क्या भारत में खेलों के बीच संतुलन बन पाया है या नहीं क्या अन्य खेलों को भी क्रिकेट जितनी ही अहमियत मिलनी चाहिए यह बहस लंबे समय से चल रही है और इस घटना ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है फिलहाल यह मामला सिर्फ एक सवाल से शुरू हुआ था लेकिन अब यह खेल पत्रकारिता और खेलों के बीच समानता की बड़ी बहस का रूप ले चुका है

  • वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी गई बेकार, मैदान पर छलक आए आंसू तो दिग्गजों ने बढ़ाया हौसला!

    वैभव सूर्यवंशी की शानदार पारी गई बेकार, मैदान पर छलक आए आंसू तो दिग्गजों ने बढ़ाया हौसला!


    नई दिल्ली। कोलकाता नाइट राइडर्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने क्रिकेट प्रेमियों को भावुक कर दिया। महज 15 साल के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी मैच खत्म होने के बाद मैदान पर ही भावुक होकर रोते नजर आए। शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम को हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उनकी प्रतिक्रिया चर्चा का विषय बन गई।

    इस मैच में वैभव सूर्यवंशी ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में 46 रनों की तेज पारी खेली। उनकी इस पारी ने राजस्थान रॉयल्स को मजबूत शुरुआत दिलाई और लक्ष्य तक पहुंचने की उम्मीदें भी जगाईं। हालांकि मध्यक्रम के लड़खड़ाने के कारण टीम दबाव में आ गई और मुकाबले में पीछे रह गई।

    कोलकाता नाइट राइडर्स के गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण समय पर विकेट निकालकर मैच का रुख बदल दिया। खासकर स्पिन विभाग ने रन गति पर रोक लगाकर राजस्थान की रन चेज को मुश्किल बना दिया। अंतिम ओवरों में दबाव बढ़ने के साथ टीम लक्ष्य से दूर होती चली गई और मुकाबला उनके हाथ से निकल गया।

    मैच समाप्त होने के बाद मैदान का माहौल पूरी तरह बदल गया। जहां एक ओर जीतने वाली टीम में खुशी का माहौल था, वहीं दूसरी ओर राजस्थान रॉयल्स के खेमे में निराशा छा गई। इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी डगआउट में अकेले बैठे नजर आए और भावुक होकर रोने लगे। उन्होंने अपनी कैप से चेहरा छिपाने की कोशिश की, लेकिन उनकी निराशा साफ झलक रही थी।

    इस भावुक पल के दौरान खेल भावना का भी एक सकारात्मक उदाहरण देखने को मिला, जब विपक्षी टीम के एक सदस्य ने आगे बढ़कर वैभव को सांत्वना दी और उनका हौसला बढ़ाया। यह दृश्य मैदान पर मौजूद लोगों और दर्शकों के लिए काफी भावुक कर देने वाला रहा।

    वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और निडर खेल शैली के लिए लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कम उम्र में ही उन्होंने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया है। उनका स्ट्राइक रेट काफी प्रभावशाली रहा है और वे हर मैच में तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं।

    हालांकि अपने खेल को लेकर उनकी गंभीरता भी साफ दिखाई देती है। आउट होने के बाद वे अक्सर निराश नजर आते हैं, जिससे यह पता चलता है कि वे अपने प्रदर्शन को लेकर कितने सजग और भावुक हैं। इतनी कम उम्र में इस तरह का समर्पण उनके भविष्य को और मजबूत बनाता है।

    यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि क्रिकेट सिर्फ जीत और हार का खेल नहीं है, बल्कि इसमें भावनाएं, मेहनत और उम्मीदें भी गहराई से जुड़ी होती हैं। वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए ऐसे अनुभव आगे चलकर सीख और मजबूती का आधार बनते हैं।

  • RR vs MI: सूर्यवंशी-यशस्वी का तूफान, मुंबई इंडियंस की करारी हार

    RR vs MI: सूर्यवंशी-यशस्वी का तूफान, मुंबई इंडियंस की करारी हार


    नई दिल्ली। गुवाहाटी में खेले गए बारिश से प्रभावित मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स ने मुंबई इंडियंस को 27 रन से हराकर लगातार शानदार प्रदर्शन जारी रखा। मैच 11-11 ओवर का खेला गया, लेकिन छोटे फॉर्मेट में भी राजस्थान के बल्लेबाजों ने ऐसी आंधी मचाई कि मुंबई की टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई।

    जायसवाल–सूर्यवंशी की जोड़ी ने बदल दिया मैच

    राजस्थान की जीत की नींव ओपनिंग जोड़ी ने रखी। यशस्वी जायसवाल ने सिर्फ 32 गेंदों में नाबाद 77 रन ठोकते हुए मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया। वहीं युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 14 गेंदों में 39 रन बनाकर आक्रामक शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 5 ओवर में 80 रन जोड़कर मुंबई के गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी।

    पंड्या बोले- गेंदबाजों ने बिगाड़ा खेल

    हार के बाद हार्दिक पंड्या ने साफ तौर पर अपनी टीम के गेंदबाजों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि पावरप्ले में टीम अपनी रणनीति के मुताबिक गेंदबाजी नहीं कर सकी, जिससे मैच हाथ से निकल गया। पंड्या ने यह भी माना कि राजस्थान के ओपनर्स ने बेहतरीन बल्लेबाजी की, लेकिन गेंदबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए।

    युवा वैभव की पंड्या ने भी की तारीफ

    हालांकि हार के बावजूद पंड्या ने युवा प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की निडर बल्लेबाजी को शानदार बताया और कहा कि इतनी कम उम्र में इस तरह का आत्मविश्वास काबिल-ए-तारीफ है। उन्होंने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।

    रियान पराग का बड़ा बयान

    वहीं रियान पराग ने अपनी ओपनिंग जोड़ी को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी बताया। उन्होंने कहा कि जायसवाल और वैभव के पास स्किल के साथ मैच्योरिटी भी है, जो उन्हें खास बनाती है। पराग ने टीम के गेंदबाजों की भी तारीफ करते हुए कहा कि उनके तेज गेंदबाज रफ्तार के साथ कंट्रोल भी बनाए रखते हैं।


    बदले नियमों में भी दिखा दम

    बारिश के चलते मैच के नियमों में बदलाव किया गया था। मुकाबला 11 ओवर का हुआ, जिसमें पावरप्ले 3.2 ओवर का रखा गया। चार गेंदबाजों को अधिकतम 2-2 ओवर और एक गेंदबाज को 3 ओवर डालने की अनुमति दी गई। ऐसे चुनौतीपूर्ण हालात में भी राजस्थान ने बेहतरीन खेल दिखाया।

    आगे क्या?

    मुंबई इंडियंस के लिए यह हार जरूर चिंता का विषय है, लेकिन कप्तान पंड्या ने भरोसा जताया कि टीम अपनी गलतियों से सीखकर अगले मैच में बेहतर वापसी करेगी। वहीं राजस्थान की टीम जीत की हैट्रिक के साथ पूरे आत्मविश्वास में नजर आ रही है।

  • नाबालिग क्रिकेट स्टार का एडल्ट फिल्म देखने का कबूलनामा उठा सुरक्षा और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल

    नाबालिग क्रिकेट स्टार का एडल्ट फिल्म देखने का कबूलनामा उठा सुरक्षा और जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल


    नई दिल्ली:भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी इन दिनों अपने खेल से ज्यादा एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। दिल्ली में आयोजित एक प्रतिष्ठित समारोह के दौरान उनकी एक मासूम सी स्वीकारोक्ति ने सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। महज 14 साल के इस खिलाड़ी ने मंच पर अपनी पसंदीदा फिल्म के रूप में हाल ही में रिलीज हुई एक ऐसी फिल्म का नाम ले लिया जिसे केवल वयस्कों के लिए प्रमाणित किया गया है। इसके बाद से सवालों की झड़ी लग गई है और बहस का केंद्र बन गया है कि आखिर एक नाबालिग तक ऐसी फिल्म की पहुंच कैसे हुई।

    यह मामला केवल एक बच्चे के बयान तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने सिनेमाघरों की कार्यप्रणाली और नियमों के पालन पर भी गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। ए सर्टिफिकेट वाली फिल्मों के लिए स्पष्ट नियम है कि 18 वर्ष से कम आयु के दर्शकों को प्रवेश नहीं दिया जा सकता चाहे वे अभिभावकों के साथ ही क्यों न हों। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या थिएटर स्तर पर पहचान की जांच में लापरवाही हुई या फिर किसी विशेष स्थिति में नियमों को नजरअंदाज किया गया।

    सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस मुद्दे को लेकर नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यदि एक जाना पहचाना चेहरा होने के बावजूद उम्र की पुष्टि नहीं की गई तो आम दर्शकों के मामले में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। कुछ लोग यह भी मान रहे हैं कि कम भीड़ या ढीली निगरानी का फायदा उठाकर किशोर आसानी से ऐसे कंटेंट तक पहुंच बना लेते हैं जो उनकी उम्र के हिसाब से उपयुक्त नहीं होता।

    वहीं दूसरी ओर यह बहस केवल सिनेमाघरों तक सीमित नहीं है। डिजिटल युग में ओटीटी प्लेटफॉर्म और इंटरनेट के जरिए एडल्ट कंटेंट तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गई है। ऐसे में यह भी संभव है कि फिल्म घर पर देखी गई हो। यदि ऐसा है तो अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़े होते हैं। बच्चों की मीडिया खपत पर निगरानी रखना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है क्योंकि गलत कंटेंट उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर असर डाल सकता है।

    इस पूरे घटनाक्रम ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल नियम बनाना पर्याप्त नहीं है बल्कि उनका सख्ती से पालन होना भी उतना ही जरूरी है। सिनेमाघरों को अपनी जांच प्रक्रिया मजबूत करनी होगी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को भी आयु सत्यापन के बेहतर उपाय अपनाने होंगे। साथ ही अभिभावकों को भी सतर्क रहना होगा ताकि बच्चे उम्र के अनुसार ही कंटेंट देखें।

    वैभव सूर्यवंशी का यह मामला भले ही अनजाने में हुआ एक बयान हो लेकिन इसने समाज के सामने एक बड़ी सच्चाई रख दी है। आज के दौर में बच्चों तक किसी भी तरह का कंटेंट पहुंचाना बेहद आसान हो गया है और यही सबसे बड़ी चुनौती है। यह घटना एक चेतावनी की तरह है कि मनोरंजन के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है।

  • युवराज के 6 छक्कों से नहीं, क्रिस गेल के 175 रन के वर्ल्ड रिकॉर्ड से है वैभव सूर्यवंशी की नजर

    युवराज के 6 छक्कों से नहीं, क्रिस गेल के 175 रन के वर्ल्ड रिकॉर्ड से है वैभव सूर्यवंशी की नजर


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में उभरते युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी बेहद कम उम्र में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। महज 14 साल की उम्र में क्रिकेट जगत में तेजी से पहचान बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने अब अपना अगला बड़ा लक्ष्य भी तय कर लिया है। दिलचस्प बात यह है कि वह टी20 क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने के रिकॉर्ड को नहीं बल्कि क्रिस गेल के ऐतिहासिक 175 रनों के वर्ल्ड रिकॉर्ड को तोड़ना चाहते हैं।

    उत्साहित हाल ही में आयोजित भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सालाना आयोजन के दौरान मशहूर कमेंटेटर हर्षा भोगले ने वैभव सूर्यवंशी से एक दिलचस्प सवालपूछा। उनसे कहा गया कि अगर उन्हें तीन बड़े रिकॉर्ड्स में से किसी एक को तोड़ने का मौका मिले तो वह किसे चुनेंगे। इन विकल्पों में एक ओवर में छह छक्के लगाने का रिकॉर्ड आईपीएल में 175 रन की सबसे बड़ी पारी और आईपीएल में सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड शामिल था।

    इस सवाल के जवाब में वैभव सूर्यवंशी ने बिना ज्यादा सोचे सीधे क्रिस गेल के 175 रनों के रिकॉर्ड को तोड़ने की इच्छा जाहिर की। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में इतनी बड़ी पारी खेलना किसी भी बल्लेबाज के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले आईपीएल सीजन में डेब्यू करते ही सनसनी मचा दी थी। उन्होंने अपने पहले ही मैच की पहली गेंद पर छक्का लगाकर क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींचा था। अपने डेब्यू सीजन में उन्होंने शानदार शतक भी लगाया और सिर्फ 7 मैचों में 252 रन बनाकर अपनी धमाकेदार बल्लेबाजी का नमूना पेश किया।

    इसके बाद से उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। आईपीएल के बाद उन्होंने घरेलू क्रिकेट और अंतरराष्ट्रीय जूनियर स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने ICC अंडर-19 क्रिकेट विश्व कपका खिताब भी अपने नाम किया। इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर टीम इंडिया को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।

    वैभव के नाम आईपीएल में 35 गेंदों पर दूसरी सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। इस सूची में पहले स्थान पर क्रिस गेल हैं जिन्होंने 30 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था।टी20 क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने का कारनामा सबसे पहले भारतीय दिग्गज बल्लेबाज युवराज सिंह ने किया था। उन्होंने 2007 में आयोजित ICC T20 विश्व कप 2007 के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।

    वहीं क्रिस गेल ने 2013 के आईपीएल में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ 175 रनों की नाबाद पारी खेलकर टी20 क्रिकेट के इतिहास की सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड बनाया था। पिछले 13 सालों में टी20 क्रिकेट का स्तर काफी बदल चुका है लेकिन आज तक कोई भी बल्लेबाज इस रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है। हालांकि जिस तरह की आक्रामक बल्लेबाजी वैभव सूर्यवंशी करते हैं उसे देखकर क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि आने वाले समय में वह इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी पर भारी पड़ा BCCI का नियम: 14 साल की उम्र में ही खत्म हुआ अंडर-19 वर्ल्ड कप का सफर

    वैभव सूर्यवंशी पर भारी पड़ा BCCI का नियम: 14 साल की उम्र में ही खत्म हुआ अंडर-19 वर्ल्ड कप का सफर


    नई दिल्ली ।अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों में 175 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को छठा खिताब दिलाने वाले वैभव सूर्यवंशी आज हर भारतीय क्रिकेट प्रेमी की जुबान पर हैं। पूरे टूर्नामेंट में 439 रन और रिकॉर्ड 30 छक्के जड़ने वाले वैभव की उम्र अभी सिर्फ 14 साल है। कायदे से देखा जाए तो 27 मार्च को 15 साल के होने जा रहे वैभव 2028 और उसके बाद के भी अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने की उम्र रखते हैं, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI का एक नियम उनके इस मौके को छीन चुका है।

    बीसीसीआई का वो सख्त नियम क्या है? दरअसल, बीसीसीआई ने साल 2016 में जूनियर क्रिकेट के ढांचे में एक बड़ा बदलाव किया था। इस नियम के तहत कोई भी भारतीय खिलाड़ी अपने करियर में केवल एक ही बार अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले सकता है। बोर्ड का मानना है कि ऐसा करने से नए खिलाड़ियों को मौका मिलता है और टैलेंट पूल का दायरा बढ़ता है। यदि किसी खिलाड़ी को एक से ज्यादा बार मौका दिया जाए, तो वह नए टैलेंट का रास्ता रोकता है। यही कारण है कि वैभव सूर्यवंशी अब भविष्य में दोबारा कभी भी भारत की अंडर-19 विश्व कप टीम की जर्सी नहीं पहन पाएंगे।

    इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं ये नाम 2016 से पहले नियम अलग थे। उस समय कई खिलाड़ियों ने अपनी उम्र के आधार पर एक से अधिक बार इस टूर्नामेंट में भाग लिया था। भारतीय टीम के मौजूदा सितारे रवींद्र जडेजा, सरफराज खान, आवेश खान, विजय जोल और रिकी भुई ऐसे नाम हैं जिन्होंने एक से ज्यादा बार अंडर-19 वर्ल्ड कप खेला है। सरफराज खान ने तो दो वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन कर काफी सुर्खियां बटोरी थीं, लेकिन वैभव अब इस फेहरिस्त में शामिल नहीं हो सकेंगे।

    आगे क्या है वैभव का रास्ता? भले ही वैभव अब अंडर-19 वर्ल्ड कप न खेल पाएं, लेकिन उनकी इस उम्र में ऐसी परिपक्व बल्लेबाजी ने उनके लिए टीम इंडिया के सीनियर स्क्वॉड के दरवाजे खोल दिए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीसीसीआई अब उन्हें सीधे घरेलू क्रिकेट (रणजी ट्रॉफी) और इंडिया-ए के दौरों पर भेजकर सीनियर टीम के लिए तैयार करेगा। वैभव ने जो तबाही 14 साल की उम्र में मचाई है, उसने साबित कर दिया है कि वह ‘लंबी रेस के घोड़े’ हैं और अब उनका लक्ष्य सीधे नीली जर्सी पहनकर सीनियर वर्ल्ड कप में तिरंगा लहराना होगा।

  • रिकॉर्ड्स के सुल्तान बने वैभव सूर्यवंशी, फाइनल और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का दोहरा खिताब

    रिकॉर्ड्स के सुल्तान बने वैभव सूर्यवंशी, फाइनल और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का दोहरा खिताब


    नई दिल्ली । क्रिकेट के मैदान पर जब प्रतिभा और जुनून का संगम होता है तो इतिहास जन्म लेता है और दक्षिण अफ्रीका की धरती पर कुछ ऐसा ही करिश्मा 14 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कर दिखाया है। अंडर-19 वर्ल्ड कप के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में वैभव ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए वह कर दिखाया जो आज तक इस स्तर पर कोई नहीं कर सका था। वैभव की 175 रनों की तूफानी पारी की बदौलत भारत ने न केवल इंग्लैंड को 100 रनों से पटखनी दी बल्कि रिकॉर्ड छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी पर अपना कब्जा जमाया।

    ऐतिहासिक पारी और रिकॉर्ड्स की झड़ी मैच की शुरुआत से ही वैभव के इरादे साफ थे। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की ऐसी बारिश की कि विपक्षी टीम के पास कोई जवाब नहीं था। वैभव ने महज 71 गेंदों में अपना 150 रन पूरा किया जो अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज व्यक्तिगत स्कोर है। उनकी 175 रनों की पारी में 15 गगनचुंबी छक्के और 15 दर्शनीय चौके शामिल रहे। यह किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वैभव के इस प्रलयंकारी प्रदर्शन की मदद से भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    भावुक पल और समर्पण मैच के बाद जब प्रेजेंटेशन सेरेमनी में वैभव को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ के पुरस्कारों से नवाजा गया तो वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके। आंखों में खुशी के आंसू लिए वैभव ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय टीम के सपोर्ट स्टाफ को दिया। उन्होंने कहा कि मैं इस अहसास को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। पिछले 7-8 महीनों से हम सभी ने जो मेहनत की है यह उसका परिणाम है। हमारे सपोर्ट स्टाफ ने हर मोड़ पर हमारा साथ दिया चाहे बात हमारी फिटनेस की हो या मानसिक मजबूती की। वैभव ने अपना प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड समर्पित करते हुए कहा कि यह जीत और यह सम्मान उन्हीं के मार्गदर्शन का नतीजा है।

    मैच का लेखा-जोखा लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम वैभव के प्रहारों के सदमे से उबर नहीं पाई। हालांकि कालेब फाल्कनर ने 67 गेंदों में 115 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर उम्मीदें जगाईं लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर इंग्लैंड की पारी को 311 रनों पर समेट दिया। वैभव सूर्यवंशी ने न केवल बल्ले से बल्कि पूरे टूर्नामेंट में अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने कुल 439 रन बनाए और एक महत्वपूर्ण विकेट भी झटका।

    आईपीएल में अपनी छोटी सी झलक दिखाने वाले वैभव अब विश्व क्रिकेट के नए पोस्टर बॉय बनकर उभरे हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल भारतीय क्रिकेट के भविष्य को सुरक्षित दिखाया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि उम्र महज एक संख्या है जब आपके पास प्रतिभा और संकल्प की शक्ति हो।

  • अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त

    अंडर-19 क्रिकेट में नई सनसनी: वैभव सूर्यवंशी का शतक, कप्तानी पारी ने भारत को साउथ अफ्रीका पर दी जीत की बढ़त


    नई दिल्ली । दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 क्रिकेट टीम के कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने तीसरे वनडे मुकाबले में ऐसी पारी खेली कि वह चर्चा का केंद्र बन गए। बेनोनी के विलोमूर पार्क मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने अपने संयम और आक्रामकता के अद्भुत संतुलन से मैच की दिशा प्रारंभिक ओवरों में ही तय कर दी।

    भारतीय पारी की शुरुआत से ही वैभव ने शानदार खेल दिखाया। शुरुआती ओवरों में गेंद को भली-भांति समझने के बाद उन्होंने बड़े शॉट्स खेलना शुरू किया और मैदान के चारों ओर रन बटोरे। महज 63 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने साबित कर दिया कि वह केवल प्रतिभाशाली बल्लेबाज नहीं बल्कि मैच की परिस्थिति को समझने वाले लीडर भी हैं। उनकी 127 रन की पारी में लंबी हिटिंग सटीक टाइमिंग और आक्रामकता का शानदार मेल देखने को मिला।

    वैभव को इस पारी में ओपनिंग साथी आरोन जॉर्ज का भी साथ मिला। दोनों ने पहले विकेट के लिए 200 से अधिक रन की साझेदारी की, जिससे भारतीय टीम ने मजबूत स्कोर की नींव रखी। इस साझेदारी ने न केवल रन गति को तेज रखा, बल्कि दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस तरह की पारियों ने टीम के आत्मविश्वास को भी ऊँचाई पर पहुंचाया।तीसरे वनडे में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन व्यक्तिगत उपलब्धियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रहा। अंडर-19 वनडे में उनके कुल रन अब भारत के पूर्व कप्तान विराट कोहली के रिकॉर्ड के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। कम मैचों में लगातार रन बनाते हुए उनका औसत और खेल का संतुलन चयनकर्ताओं और क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

    इस सीरीज में भारत पहले ही दोनों मुकाबले जीतकर बढ़त बना चुका था। तीसरे वनडे में भी टीम ने अपनी संतुलित बल्लेबाजी और रणनीति से यह स्पष्ट कर दिया कि टीम में आत्मविश्वास और खेल भावना की कमी नहीं है। प्लेइंग इलेवन में किए गए बदलावों के बावजूद भारतीय बल्लेबाजी क्रम मजबूत और संतुलित नजर आया।वैभव सूर्यवंशी का यह प्रदर्शन यह संकेत देता है कि भारतीय अंडर-19 टीम में नेतृत्व और व्यक्तिगत प्रतिभा का सही संतुलन है। उनकी कप्तानी में टीम का खेल और रणनीति दोनों बेहतर नजर आए। मौजूदा सीरीज में उनका लगातार योगदान भारत की सफलता में सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। युवा बल्लेबाज के रूप में उनकी यह पारी न केवल फैंस के लिए उत्साहजनक है, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की संभावनाओं को भी उजागर करती है।

  • Under-19, ODI: कैप्टेंसी डेब्यू में वैभव सूर्यवंशी का फ्लाप शो… ये दो खिलाड़ी बने संकटमोचक

    Under-19, ODI: कैप्टेंसी डेब्यू में वैभव सूर्यवंशी का फ्लाप शो… ये दो खिलाड़ी बने संकटमोचक


    नई दिल्ली।
    इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका (India vs South Africa) पहला अंडर-19 वनडे मैच (First Under-19 ODI match) बेनोनी के विलोमूर पार्क में खेला गया। यह वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) का बतौर भारतीय कप्तान पहला मैच था। इस मैच में उनका बल्ला तो नहीं चला, मगर इंद्रदेव की बदौलत टीम इंडिया 25 रनों (DLS) से इस मैच में जीत दर्ज करने में कामयाब रही। वैभव सूर्यवंशी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज के फ्लोप शो के बावजूद भारत ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 300 रन बोर्ड पर लगाए, जिसके सामने साउथ अफ्रीका ने बारिश की खलल तक 27.4 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 148 रन बनाए। DLS मैथड के हिसाब से टीम इंडिया 25 रन आगे चल रही थी। मैच शुरू ना हो पाने की कंडीशन की वजह से अंपायरों को मुकाबले को वहीं समाप्त करना पड़ा, जिस वजह से टीम इंडिया ने यह मैच 25 रनों से अपने नाम किया।

    साउथ अफ्रीका ने पहले वनडे में टॉस जीतकर बॉलिंग करने का फैसला लिया था। नियमित कप्तान आयुष म्हात्रे के टीम में ना होने की वजह से वैभव सूर्यवंशी को वनडे टीम की कप्तानी सौंपी गई है। वैभव के साथ आरोन जोर्ज ने पारी का आगाज किया और दोनों भारतीय सलामी बल्लेबाज सस्ते में पवेलियन लौटे। आरोन ने 7 गेंदों पर 5 तो वैभव सूर्यवंशी ने 12 गेंदों पर 11 रन बनाए।

    एक समय ऐसा था जब भारत 15वें ओवर तक 67 के स्कोर पर 4 विकेट खो चुका था, तब हरवंश पंगालिया (93) और आरएस अंबरीश (65) ने 5वें विकेट के लिए 137 रनों की साझेदारी कर बड़े स्कोर की राह दिखाई। टीम इंडिया 50 ओवर में 300 के स्कोर पर सिमट गई।

    301 के टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम की भी शुरुआत अच्छी नहीं रही। पहले 10 ओवर में टीम ने 62 के स्कोर पर 3 विकेट खो दिए थे। इसके बाद चौथे विकेट के लिए ओपनर जोरिच वान शाल्कविक (60*) और अरमान मनैक (46) के बीच 86 रनों की साझेदारी हुई। बारिश की वजह से मैच रुकने से पहले मनैक रन आउट हो गए, जिसका फायदा भारत को मिला। बारिश की वजह से मैच फिर शुरू नहीं हो पाया और भारत ने मुकाबले को 25 रनों (DLS) से अपने नाम किया। तीन मैच की इस सीरीज में भारत अब 1-0 से आगे है।