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  • सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

    सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की तूफानी पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    मैच की शुरुआत से ही वैभव का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए। उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि श्रीलंका ए के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा।

    सबसे खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्धशतक सिर्फ 11 गेंदों में पूरा कर दिया, जो लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2005-06 में कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। वहीं भारत के लिए यह रिकॉर्ड पहले सरफराज खान के नाम था, जिन्होंने 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी, लेकिन वैभव ने दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया।

    अपनी 29 गेंदों की पारी में वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 324 का रहा, जो उनकी विस्फोटक क्षमता को दर्शाता है। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा रुख भारत ए की ओर मोड़ दिया।

    वैभव ने प्रियांश आर्य के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की साझेदारी की, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत ए ने सिर्फ 6.3 ओवर में ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

    पारी के दूसरे ही ओवर में वैभव ने श्रीलंकाई गेंदबाज शिराज को निशाना बनाते हुए तीन छक्के और दो चौके जड़कर 26 रन बटोरे। इस ओवर ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया और विपक्षी टीम दबाव में आ गई।

    महज 15 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू 2024 में किया था और तब से लगातार अपने प्रदर्शन से प्रभावित कर रहे हैं। बिहार के लिए खेलते हुए भी उन्होंने 190 रनों की बड़ी पारी खेली थी, जो उनकी क्षमता को साबित करती है।

    फाइनल मुकाबले में उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है कि आने वाले समय में वह बड़े मंच पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

  • फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत

    फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत


    नई दिल्ली । दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में आज इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीमें आमने-सामने हैं। खिताबी मुकाबले में टॉस श्रीलंका-ए ने जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद इंडिया-ए ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए तेजी से रन बटोरने शुरू किए।

    मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती ओवरों में ही स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। सबसे ज्यादा चर्चा में रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी पारी का रुख बदल दिया। उन्होंने महज कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और चौके-छक्कों की बरसात कर दी।

    वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ फिफ्टी पूरी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी में लंबे-लंबे छक्के और क्लासिक चौके शामिल रहे, जिससे दांबुला का मैदान भारतीय समर्थकों की तालियों से गूंज उठा। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद वह एक बड़े शॉट की कोशिश में आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

    उनके आउट होने के बाद भी इंडिया-ए की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और टीम के अन्य बल्लेबाजों ने भी स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी। प्रियांश आर्य ने भी उपयोगी पारी खेली, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारत की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखी।

    इससे पहले ट्राई सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां दोनों ने एक-एक मैच जीता था। फाइनल से पहले दोनों टीमों का प्रदर्शन लगभग बराबर रहा, जिससे यह खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक बन गया है।

    इंडिया-ए की संभावित प्लेइंग इलेवन में तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है, जबकि श्रीलंका-ए की टीम भी संतुलित नजर आ रही है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि इंडिया-ए इस मजबूत शुरुआत को कितने बड़े स्कोर में बदल पाती है और क्या श्रीलंका-ए की टीम वापसी कर पाती है या नहीं। मैच का रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है और फैंस की नजरें हर गेंद पर टिकी हुई हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी विवाद में घिरे: श्रीलंकाई खिलाड़ियों से भिड़ंत के बाद कार्रवाई का खतरा, डेब्यू पर भी नजरें

    वैभव सूर्यवंशी विवाद में घिरे: श्रीलंकाई खिलाड़ियों से भिड़ंत के बाद कार्रवाई का खतरा, डेब्यू पर भी नजरें

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं बल्कि मैदान पर हुआ विवाद है। दांबुला में खेले गए इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के मुकाबले में सुपर ओवर की हार के बाद युवा बल्लेबाज का गुस्सा कैमरों में कैद हो गया। मैच खत्म होने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ उनकी तीखी बहस और कथित धक्का-मुक्की ने खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब 15 वर्षीय बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।

    सुपर ओवर की हार के बाद बढ़ा तनाव
    मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और विजेता का फैसला सुपर ओवर में हुआ। श्रीलंका-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंडिया-ए लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। हार के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका-ए के एक खिलाड़ी की टिप्पणी के बाद वैभव सूर्यवंशी नाराज हो गए। टीवी फुटेज में उन्हें काफी आक्रामक अंदाज में देखा गया। कुछ समय के लिए दोनों पक्षों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए, जिसके बाद अनुभवी विकेटकीपर Niroshan Dickwella ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

    अंपायर के फैसले पर भी जताई थी नाराजगी
    मैच के दौरान भी तनाव देखने को मिला था। सुपर ओवर में एक गेंद को नो-बॉल दिए जाने पर इंडिया-ए खेमे ने आपत्ति जताई थी। कप्तान Tilak Varma अंपायर के फैसले से असहमत नजर आए थे। उसी दौरान वैभव भी अंपायर से चर्चा करते दिखाई दिए। स्थिति को संभालने के लिए टीम प्रबंधन को हस्तक्षेप करना पड़ा और कोच ने युवा बल्लेबाज को वहां से हटाया।

    क्या मिल सकती है सजा?
    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटना पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल मैच रेफरी की ओर से कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। यदि समीक्षा में यह पाया जाता है कि खिलाड़ी ने अनुचित शारीरिक संपर्क किया या खेल भावना के विपरीत व्यवहार किया, तो चेतावनी, जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि यह मुकाबला आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं था, इसलिए सीधे तौर पर आईसीसी की कड़ी अनुशासनात्मक प्रक्रिया लागू होने की संभावना कम मानी जा रही है। इसके बावजूद मैच अधिकारियों और संबंधित क्रिकेट बोर्ड के पास कार्रवाई का अधिकार रहता है।

    शानदार प्रदर्शन के बीच लगा विवाद का दा
    पिछले कुछ महीनों में Vaibhav Suryavanshi ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। कम उम्र में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उन्होंने भविष्य के बड़े सितारे के रूप में पहचान बनाई है। लेकिन खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर पर सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि संयम, अनुशासन और दबाव में खुद को नियंत्रित रखने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी होती है। ऐसे में यह घटना युवा खिलाड़ी के लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित हो सकती है।

    अब सबकी नजर रेफरी के फैसले पर
    क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं की निगाहें अब मैच रेफरी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि घटना को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और क्या इसका असर वैभव के संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर पड़ता है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि मैदान पर हुआ यह विवाद युवा बल्लेबाज के करियर की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है।

  • बेलफास्ट हिंसा से भारत के आयरलैंड दौरे पर संकट, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर भी मंडराया खतरा

    बेलफास्ट हिंसा से भारत के आयरलैंड दौरे पर संकट, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर भी मंडराया खतरा


    नई दिल्ली। भारत और आयरलैंड के बीच इस महीने होने वाली टी20 सीरीज पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट और आसपास के इलाकों में हाल ही में भड़की हिंसा ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिसके चलते क्रिकेट आयरलैंड और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सीरीज को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन मौजूदा हालात ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है।

    भारतीय टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला समाप्त करने के बाद आयरलैंड दौरे पर जाना है, जहां उसे दो मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होगी। ऐसे में आयरलैंड दौरा भारतीय टीम के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि बेलफास्ट में उत्पन्न सुरक्षा संकट ने इस पूरे कार्यक्रम को प्रभावित करने की आशंका पैदा कर दी है।

    उत्तरी आयरलैंड में हालात उस समय बिगड़ गए जब एक चाकूबाजी की घटना के बाद सामाजिक और नस्ली तनाव बढ़ गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद कई क्षेत्रों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहनों में आग लगाने, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने तथा सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और कई गतिविधियों पर असर पड़ा।

    इसी क्रम में लिस्बर्न में आयोजित होने वाला इंटर-प्रोविंशियल टी20 फेस्टिवल भी रद्द कर दिया गया। क्रिकेट आयरलैंड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों, कोचों, मैच अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि आयरिश सीनियर कप और नेशनल कप के मैचों को लेकर अगले कुछ दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद फैसला लिया जाएगा।

    क्रिकेट आयरलैंड का कहना है कि वह स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इस बयान से साफ है कि बोर्ड फिलहाल कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

    दूसरी ओर, बीसीसीआई भी हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। रिपोर्टों के अनुसार भारतीय बोर्ड ने सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की समीक्षा शुरू कर दी है। बीसीसीआई के सूत्रों का कहना है कि मैचों के आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला क्रिकेट आयरलैंड को करना है। यदि आयरलैंड बोर्ड किसी बदलाव का प्रस्ताव रखता है तो भारतीय बोर्ड उस पर विचार करेगा।

    इस अनिश्चितता का असर भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी पर भी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि आयरलैंड दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता था। यदि सीरीज स्थगित होती है, रद्द होती है या कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया जाता है, तो उनके डेब्यू का इंतजार और लंबा हो सकता है।

    हालांकि अभी तक किसी भी बोर्ड ने सीरीज को रद्द करने या स्थानांतरित करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दोनों क्रिकेट बोर्ड स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब इस महत्वपूर्ण टी20 श्रृंखला के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला सामने आ सकता है। फिलहाल इतना तय है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी और उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

  • श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी

    श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी


    नई दिल्ली । श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार से ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत हो गई। इस मुकाबले में पहले मैच में India A और Sri Lanka A आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

    कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस के बाद कहा कि पिच सूखी है और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम 270 के आसपास का स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराछिगे ने कहा कि उनकी टीम की कोशिश विपक्ष को 250–260 के भीतर रोकने की होगी।

    वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सक
    आईपीएल 2026 के चर्चित युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। ओपनिंग करने उतरे सूर्यवंशी ने आक्रामक शुरुआत की और 12 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें 3 चौके शामिल रहे। लेकिन वह लंबी पारी नहीं खेल सके और मोहम्मद शिराज की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने से इंडिया ए की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ा गई, लेकिन मिडिल ऑर्डर से टीम को संभालने की उम्मीद है।

    पिच और मौसम का असर
    दांबुला की पिच को सूखा और हल्की दरारों वाला बताया गया है। शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को मदद मिलने की संभावना है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है। मौसम साफ है और धूप खिली हुई है, जिससे पूरे मैच में बिना रुकावट के खेल होने की उम्मीद है।

    मजबूत मिडिल ऑर्डर पर नजर
    इंडिया ए की टीम में ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, आयुष बडोनी जैसे बल्लेबाज शामिल हैं, जिनसे बड़ी साझेदारियों की उम्मीद है। टीम का लक्ष्य एक मजबूत स्कोर खड़ा कर श्रीलंका ए पर दबाव बनाना रहेगा। श्रीलंका ए की गेंदबाजी यूनिट में स्पिन और पेस दोनों का मिश्रण है, जिससे मिडिल ओवरों में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

    सीरीज में तीन टीमें शामिल
    इस ट्राई-नेशन सीरीज में इंडिया ए और श्रीलंका ए के अलावा Afghanistan A भी हिस्सा ले रही है। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा मौका मानी जा रही है।

  • तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव का विस्फोटक अंदाज, मुकाबला होगा रोमांचक

    तिलक वर्मा की कप्तानी और वैभव का विस्फोटक अंदाज, मुकाबला होगा रोमांचक


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस युवा खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह नाम है वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत को चौंकाने वाले वैभव अब एक नई परीक्षा के लिए तैयार हैं। श्रीलंका में आयोजित त्रिकोणीय सीरीज में इंडिया-ए की ओर से खेलते हुए उन्हें यह साबित करना होगा कि वे सिर्फ टी20 क्रिकेट के स्टार नहीं, बल्कि लंबे प्रारूप में भी टीम के भरोसेमंद बल्लेबाज बन सकते हैं।

    दांबुला के रणगिरि दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में इंडिया-ए का पहला मुकाबला श्रीलंका-ए से होना है। इस मैच पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर होगी क्योंकि पहली बार वैभव सूर्यवंशी 50 ओवर के प्रारूप में इतनी बड़ी जिम्मेदारी के साथ मैदान पर उतरेंगे। आईपीएल में उनके बल्ले ने जिस तरह गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाई थीं, उसी प्रदर्शन की उम्मीद अब इंडिया-ए के समर्थक भी कर रहे हैं।

    वैभव के लिए यह सीरीज सिर्फ रन बनाने का मंच नहीं, बल्कि अपने क्रिकेटिंग व्यक्तित्व को साबित करने का अवसर भी है। टी20 क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करना और सीमित गेंदों में तेजी से रन जुटाना अलग बात है, लेकिन वनडे प्रारूप में धैर्य, तकनीक और परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। श्रीलंका की पिचें आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों की मददगार मानी जाती हैं, जहां बल्लेबाजों को हर रन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। ऐसे में वैभव की तकनीकी क्षमता और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होगी।

    चयनकर्ताओं की नजर भी इस युवा बल्लेबाज पर टिकी हुई है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ एशियाई खेलों के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह बना चुके वैभव यदि इस सीरीज में भी सफल रहते हैं, तो उनके लिए भारतीय क्रिकेट के दरवाजे और तेजी से खुल सकते हैं। शानदार प्रदर्शन उन्हें भविष्य के तीनों प्रारूपों के खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकता है।

    हालांकि टीम की जिम्मेदारी सिर्फ वैभव पर नहीं होगी। कप्तान तिलक वर्मा के सामने भी अपनी नेतृत्व क्षमता और बल्लेबाजी कौशल साबित करने की चुनौती होगी। अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़, प्रभसिमरन सिंह, आयुष बदोनी और अनुकूल रॉय जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती प्रदान करेंगे। वहीं गेंदबाजी विभाग में अंशुल कम्बोज, यश ठाकुर और अरशद खान विपक्षी बल्लेबाजों के लिए खतरा साबित हो सकते हैं।

    क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह त्रिकोणीय सीरीज भारतीय क्रिकेट के कई उभरते सितारों के लिए बड़ा मंच साबित हो सकती है। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा वैभव सूर्यवंशी को लेकर है। यदि उनका बल्ला श्रीलंका की धरती पर भी आईपीएल जैसा कहर बरपाता है, तो भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है। अब सभी की निगाहें दांबुला के मैदान पर टिकी हैं, जहां युवा प्रतिभा अपने करियर का नया अध्याय लिखने उतरने वाली है।

  • कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं

    कम उम्र में बड़ा सपना, वैभव सूर्यवंशी बोले- लंबे समय तक क्रिकेट पर राज करना चाहता हूं


    नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से धमाल मचाने वाले 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के नए सितारे बनकर उभरे हैं। शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्हें आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के साथ-साथ एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में जगह मिली है। चयन के बाद वैभव ने अपने भविष्य को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उनका लक्ष्य सिर्फ क्रिकेट खेलना नहीं, बल्कि लंबे समय तक इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखना है।

    राजस्थान रॉयल्स द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए एक इंटरव्यू में वैभव ने अपने क्रिकेट करियर को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसा खिलाड़ी बनना चाहते हैं, जिसे क्रिकेट प्रेमी वर्षों तक याद रखें। वैभव का मानना है कि एक महान खिलाड़ी वही होता है जो अपने दम पर मैच का रुख बदल दे और टीम को जीत दिलाए।

    युवा बल्लेबाज ने कहा कि उन्होंने अपने करियर को लेकर स्पष्ट लक्ष्य तय कर रखा है। उनका सपना है कि जब भी लोग उनके खेल को देखें या भविष्य में उनके बारे में चर्चा करें तो यह महसूस करें कि वह ऐसा बल्लेबाज था जो अकेले दम पर मुकाबले का नतीजा बदल सकता था। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ वह लगातार मेहनत कर रहे हैं और अपने खेल को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।

    वैभव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य कुछ साल क्रिकेट खेलकर संतुष्ट हो जाना नहीं है। वह चाहते हैं कि अगले 10 से 20 वर्षों तक उनके प्रदर्शन की चर्चा हो और उनका प्रभाव क्रिकेट जगत में बना रहे। उन्होंने कहा कि क्रिकेट उनके लिए केवल पेशा नहीं, बल्कि आनंद का माध्यम है। इसी कारण वह पूरी जिंदगी इस खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।

    भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने भी वैभव की प्रतिभा की सराहना की है। चयन समिति का मानना है कि युवा बल्लेबाज ने अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और टीम में जगह पाने का मजबूत दावा पेश किया। आईपीएल 2026 में उनकी बल्लेबाजी ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि विशेषज्ञों को भी प्रभावित किया।

    राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए वैभव सूर्यवंशी ने पूरे सीजन में शानदार निरंतरता दिखाई। उन्होंने 16 पारियों में विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने ऑरेंज कैप अपने नाम की और यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। इसके अलावा उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 72 छक्के जड़कर टी20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें वैभव सूर्यवंशी के अंतरराष्ट्रीय सफर पर टिकी हैं। कम उम्र में मिली सफलता ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जाना शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में आयरलैंड, इंग्लैंड और एशियन गेम्स के मंच पर उनके प्रदर्शन से यह तय होगा कि वह घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितनी मजबूती से आगे बढ़ा पाते हैं।

  • वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ

    वैभव के बल्ले ने जीता विदेशी स्टार का दिल, लिविंगस्टन ने की जमकर तारीफ


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से रिकॉर्ड बुक्स को हिला देने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi की तारीफ में अब विदेशी क्रिकेटर भी कसीदे पढ़ रहे हैं। इंग्लैंड के स्टार ऑलराउंडर Liam Livingstone ने वैभव की बल्लेबाजी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि उन्होंने अपने पूरे क्रिकेट करियर में ऐसी बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी।

    लिविंगस्टन ने ‘स्टिक टू क्रिकेट’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान कहा कि आईपीएल में यह उनका सातवां सीजन था और उन्होंने दुनिया के कई बेहतरीन बल्लेबाजों को करीब से देखा है, लेकिन वैभव की बल्लेबाजी कुछ अलग ही स्तर की थी। उन्होंने कहा, “मैंने इस तरह की बल्लेबाजी पहले कभी नहीं देखी। मैं कई महान खिलाड़ियों के साथ खेल चुका हूं, लेकिन वैभव जैसा प्रभाव किसी ने नहीं छोड़ा।”

    एलिमिनेटर में मचाया था तूफान
    वैभव सूर्यवंशी ने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए एलिमिनेटर मुकाबले में Sunrisers Hyderabad के खिलाफ सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन की विस्फोटक पारी खेली थी। इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 12 छक्के जड़कर विपक्षी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। उनकी इस पारी ने कई रिकॉर्ड तोड़े और क्रिकेट विशेषज्ञों को हैरान कर दिया। यही मैच लिविंगस्टन के लिए भी सबसे यादगार अनुभवों में से एक बन गया।

    ‘मिस हिट नाम की चीज नहीं थी’
    लिविंगस्टन ने वैभव की तकनीक और शॉट चयन की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि वैभव गेंद को इतनी सफाई से मारते हैं कि उनके शॉट्स में मिस हिट लगभग देखने को नहीं मिलती।

    उन्होंने बताया, “शुरुआत में हमने उन्हें बाउंसर पर आउट किया था, लेकिन इसके बाद उन्होंने जिस तरह अपने खेल में सुधार किया, वह अविश्वसनीय था। जब हम बाउंसर डालते तो वह गेंद को थर्ड मैन की दिशा में भेज देते। फुल लेंथ गेंद डालते तो उसे भी बाउंड्री के पार पहुंचा देते। हमें समझ ही नहीं आता था कि आखिर उन्हें गेंद कहां फेंकी जाए।”

    आईपीएल 2026 में बनाया नया इतिहास
    वैभव के लिए आईपीएल 2026 सपनों जैसा रहा। उन्होंने 16 मुकाबलों में 776 रन बनाए और 237 के शानदार स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इस प्रदर्शन के दम पर वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। इतना ही नहीं, उन्होंने टी20 दिग्गज Chris Gayle का बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। पूरे सीजन में 72 छक्के लगाकर वैभव आईपीएल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए।

    महज 15 साल की उम्र में जिस तरह वैभव सूर्यवंशी ने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ी है, उसे देखते हुए क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार मान रहे हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा

    वैभव सूर्यवंशी को लेकर आकाश चोपड़ा ने खोले पत्ते, बताया चयन में क्या है सबसे बड़ी बाधा


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में अपने विस्फोटक प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचने वाले युवा बल्लेबाज Vaibhav Suryavanshi को भारतीय टी20 टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। हालांकि पूर्व भारतीय क्रिकेटर और कमेंटेटर Aakash Chopra का मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में वैभव को राष्ट्रीय टीम में जगह मिलने के लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

    आकाश चोपड़ा ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में कहा कि भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग और टॉप ऑर्डर की जगहों के लिए पहले से ही कड़ा मुकाबला है। उनके अनुसार Sanju Samson और Abhishek Sharma लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे वैभव के लिए तत्काल अवसर बनना मुश्किल दिखाई देता है।

    चोपड़ा ने विशेष रूप से संजू सैमसन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने टी20 विश्व कप 2026 में बेहतरीन प्रदर्शन किया और टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे। ऐसे में उनकी जगह किसी युवा खिलाड़ी को मौका देना चयनकर्ताओं के लिए आसान फैसला नहीं होगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि अभिषेक शर्मा पिछले काफी समय से टी20 क्रिकेट में निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और दुनिया के शीर्ष बल्लेबाजों में गिने जा रहे हैं। ऐसे में टीम प्रबंधन उनके स्थान पर भी बदलाव करने की जल्दी में नहीं होगा।

    हालांकि आकाश चोपड़ा ने वैभव की प्रतिभा पर कोई सवाल नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बल्लेबाज असाधारण क्षमता रखते हैं और भविष्य में भारतीय क्रिकेट के बड़े सितारे बन सकते हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर पाने के लिए उन्हें थोड़ा धैर्य रखना होगा और लगातार प्रदर्शन जारी रखना होगा।

    आईपीएल 2026 में बनाया इतिहास
    वैभव सूर्यवंशी का आईपीएल 2026 सीजन बेहद शानदार रहा। उन्होंने 16 मैचों में 237 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। पूरे टूर्नामेंट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी चर्चा का विषय रही।

    इतना ही नहीं, वैभव ने टी20 दिग्गज Chris Gayle का एक बड़ा रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। उन्होंने एक सीजन में सबसे ज्यादा 72 छक्के लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। एलिमिनेटर और दूसरे क्वालिफायर में उनकी मैच जिताऊ पारियों ने उनकी लोकप्रियता और बढ़ा दी।

    अब श्रीलंका दौरे पर नजरें
    वैभव को श्रीलंका में होने वाली त्रिकोणीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। 9 जून से शुरू होने वाली इस प्रतियोगिता में उनका प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकता है। यदि वे यहां भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं, तो निकट भविष्य में राष्ट्रीय टी20 टीम के दरवाजे उनके लिए और मजबूती से खुल सकते हैं।

    फिलहाल क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं, लेकिन टीम इंडिया में स्थायी जगह बनाने के लिए उन्हें अपने प्रदर्शन की निरंतरता बनाए रखनी होगी।

  • वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी

    वैभव सूर्यवंशी के ‘साये’ में कौन है यह शख्स? मैदान से लेकर डगआउट तक निभा रहा बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । आईपीएल 2026 में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने धमाकेदार प्रदर्शन से पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। लेकिन उनके रिकॉर्ड्स और सफलता के पीछे एक ऐसा शख्स भी है, जो कैमरों की चमक से दूर रहकर लगातार उनके साथ एक साये की तरह खड़ा रहा। यह शख्स है Romy Bhinder, जो न सिर्फ राजस्थान रॉयल्स के टीम मैनेजर हैं, बल्कि वैभव के गार्जियन और मेंटर की भूमिका भी निभा रहे हैं।

    आईपीएल के पूरे सीजन के दौरान रोमी भिंडर को अक्सर डगआउट, बाउंड्री लाइन, टीम बस और पोस्ट मैच इवेंट्स में वैभव के साथ देखा गया। जब भी युवा खिलाड़ी मैदान पर उतरे या किसी बड़े पल का हिस्सा बने, रोमी हमेशा उनके आसपास मौजूद रहे। यही वजह है कि फैंस के बीच यह सवाल लगातार उठता रहा कि आखिर यह शख्स कौन है जो हर जगह उनके साथ नजर आता है।

    असल में, नाबालिग खिलाड़ी होने के चलते BCCI और IPL नियमों के तहत वैभव सूर्यवंशी के लिए एक आधिकारिक गार्जियन का होना जरूरी था। बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर गांव से निकलकर अचानक क्रिकेट की दुनिया में सुर्खियां बटोरने वाले इस युवा खिलाड़ी के लिए रोमी भिंडर वही सहारा बने, जिन्होंने उन्हें आईपीएल की तेज रफ्तार, दबाव और ग्लैमर के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद की।

    रोमी भिंडर का क्रिकेट से जुड़ा अनुभव भी काफी लंबा है। वे इंग्लैंड में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और भारत में विदर्भ, महाराष्ट्र तथा नागपुर यूनिवर्सिटी स्तर पर क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट मैनेजमेंट और टैलेंट डेवलपमेंट में अपनी पहचान बनाई। वर्ल्ड क्रिकेट अकादमी से जुड़े रहने के साथ-साथ वे ग्रासरूट क्रिकेट और युवा खिलाड़ियों के विकास में भी अहम भूमिका निभाते रहे हैं।

    आईपीएल में भी उनका अनुभव करीब दो दशक पुराना है। राजस्थान रॉयल्स से उनका जुड़ाव पहले सीजन से ही रहा है, जहां उन्होंने लायजन ऑफिसर और असिस्टेंट मैनेजर जैसी भूमिकाएं निभाई हैं।

    हालांकि आईपीएल 2026 में एक मैच के दौरान उनका मोबाइल इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो सामने आने के बाद वे विवादों में भी आए थे। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट ने उन्हें नोटिस जारी किया और बाद में जुर्माना भी लगाया गया, हालांकि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मामला गंभीर नियम उल्लंघन का नहीं था।

    इसके बावजूद, मैदान के अंदर और बाहर रोमी भिंडर ने वैभव के लिए एक मजबूत सहारा बनकर काम किया। जब युवा खिलाड़ी शतक से चूककर भावुक हुए, तब भी रोमी ने उन्हें संभाला और हौसला बढ़ाया।

    आज जब वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन से नए रिकॉर्ड बना रहे हैं, तब उनके पीछे खड़े इस गुमनाम लेकिन महत्वपूर्ण शख्स की भूमिका भी उतनी ही बड़ी मानी जा रही है, जो उन्हें हर कदम पर मार्गदर्शन और सुरक्षा देता नजर आता है।