Tag: Vaibhav Suryavanshi

  • वैभव सूर्यवंशी पर दबाव न बनाएं भारत के लिए करेगा कमाल श्रीलंका के दिग्गज चमिंडा वास का बड़ा बयान

    वैभव सूर्यवंशी पर दबाव न बनाएं भारत के लिए करेगा कमाल श्रीलंका के दिग्गज चमिंडा वास का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । श्रीलंका के महान तेज गेंदबाज चमिंडा वास ने भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भविष्य का बड़ा सितारा बताते हुए क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों से अपील की है कि उन पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। वास का मानना है कि महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव ने जिस तरह की प्रतिभा और आत्मविश्वास दिखाया है वह उन्हें आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का अहम खिलाड़ी बना सकता है।

    तेलंगाना टी20 लीग के दौरान हैदराबाद में बातचीत करते हुए चमिंडा वास ने कहा कि भारत लगातार विश्व स्तर के युवा क्रिकेटर तैयार कर रहा है और वैभव सूर्यवंशी भी उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने और खुद को साबित करने के लिए समय की जरूरत होती है। इसलिए वैभव को भी बिना किसी अतिरिक्त अपेक्षा के अपने खेल पर ध्यान देने का अवसर मिलना चाहिए।

    वास ने विश्वास जताया कि वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारतीय टीम के लिए जरूर खेलेंगे और अपनी प्रतिभा से देश को कई यादगार जीत दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस युवा बल्लेबाज में सफल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने के सभी गुण मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ धैर्य और सही मार्गदर्शन की है।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले दो वर्षों में भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित युवा चेहरा बनकर उभरे हैं। आईपीएल 2025 में धमाकेदार शतक लगाने के बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद इंडिया ए और भारत की अंडर 19 टीम के लिए भी उन्होंने अलग अलग प्रारूपों में बेहतरीन बल्लेबाजी की। उनके प्रदर्शन का सिलसिला आईपीएल 2026 में भी जारी रहा जहां राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में भी जगह मिली।

    चमिंडा वास ने तेलंगाना टी20 लीग की भी सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के घरेलू टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच देते हैं। उनके अनुसार राज्य स्तर पर नियमित टी20 प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को निखारने के साथ उन्हें आईपीएल और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता भी तैयार करती हैं।

    उन्होंने कहा कि हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की यह पहल सराहनीय है क्योंकि इससे कई युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला है। वास ने अपनी टीम पलामुरु स्ट्राइकर्स के युवा खिलाड़ियों की भी तारीफ करते हुए कहा कि टीम भले उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी लेकिन कई खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी और खेल से प्रभावित किया है।

    भारतीय क्रिकेट व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए वास ने कहा कि देश के लगभग हर राज्य में टी20 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का मौका मिलता है और यही अनुभव उन्हें बड़े मंच पर सफल बनने में मदद करता है। उनका मानना है कि भारत की मजबूत घरेलू क्रिकेट संरचना ही लगातार नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सबसे बड़ा कारण है।

  • आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका

    आईपीएल में बरसाए रन फिर भी नहीं खुला टीम इंडिया का दरवाजा आखिर कब मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित युवा बल्लेबाजों में शामिल वैभव सूर्यवंशी का अंतरराष्ट्रीय डेब्यू फिलहाल एक बार फिर टल गया है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 श्रृंखला के पहले मुकाबले में भी टीम प्रबंधन ने उन्हें अंतिम एकादश में जगह नहीं दी। चेस्टर ले स्ट्रीट में जैसे ही कप्तान श्रेयस अय्यर ने प्लेइंग इलेवन का एलान किया वैसे ही करोड़ों भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की उम्मीदों को झटका लगा क्योंकि वैभव का नाम उसमें शामिल नहीं था। लगातार दूसरी श्रृंखला में मौका नहीं मिलने के बाद अब यह सवाल और तेज हो गया है कि आखिर इस युवा बल्लेबाज को भारतीय टीम के लिए पदार्पण करने के लिए और कितना इंतजार करना पड़ेगा।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले कुछ महीनों से अपने प्रदर्शन के दम पर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। आईपीएल 2026 में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के लिए विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए 16 पारियों में 776 रन बनाए और पूरे टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की। उनका स्ट्राइक रेट भी 237 से अधिक रहा जिसने क्रिकेट विशेषज्ञों को प्रभावित किया। इसके अलावा अंडर 19 विश्व कप में उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया जबकि हाल ही में भारत ए की ओर से खेलते हुए उन्होंने श्रीलंका में त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में केवल 29 गेंदों पर 94 रन बनाकर अपनी प्रतिभा का एक और शानदार उदाहरण पेश किया।

    इतने बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलना लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इससे पहले आयरलैंड दौरे पर भी उन्हें दोनों टी20 मुकाबलों में बाहर बैठना पड़ा था। उस श्रृंखला में भारतीय शीर्ष क्रम उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका और टीम को हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद माना जा रहा था कि इंग्लैंड दौरे पर वैभव को जरूर मौका मिलेगा लेकिन टीम प्रबंधन ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा जताना बेहतर समझा।

    क्रिकेट के कई पूर्व दिग्गज पहले ही संकेत दे चुके थे कि वैभव का डेब्यू तुरंत नहीं होगा। उनका मानना था कि टीम प्रबंधन युवा बल्लेबाज को सही समय पर मौका देना चाहता है ताकि उस पर अतिरिक्त दबाव न बने। हालांकि प्रशंसकों का तर्क है कि जब कोई खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट आईपीएल और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहा हो तो उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर भी मिलना चाहिए।

    बैटिंग कोच सितांशु कोटक पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतिम फैसला मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान श्रेयस अय्यर की रणनीति के अनुसार लिया जाएगा। ऐसे में यह साफ है कि वैभव को मौका कब मिलेगा इसका फैसला टीम प्रबंधन की योजनाओं पर निर्भर करेगा। फिलहाल भारतीय टीम ने पहले मुकाबले में संजू सैमसन अभिषेक शर्मा ईशान किशन श्रेयस अय्यर तिलक वर्मा शिवम दुबे अक्षर पटेल हर्षित राणा रवि बिश्नोई अर्शदीप सिंह और वरुण चक्रवर्ती के साथ मैदान में उतरने का फैसला किया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह इंतजार भले ही लंबा होता जा रहा हो लेकिन उनकी उम्र और प्रदर्शन दोनों यह संकेत देते हैं कि भविष्य पूरी तरह उनके पक्ष में है। यदि वह इसी तरह रन बनाते रहे और अपने खेल में निरंतरता बनाए रखी तो भारतीय टीम में उनका पदार्पण केवल समय की बात होगी। अब सभी की नजरें इंग्लैंड के खिलाफ अगले मुकाबलों पर रहेंगी जहां शायद भारतीय क्रिकेट को अपना नया युवा सितारा पहली बार नीली जर्सी में खेलते हुए देखने का मौका मिल जाए।

  • Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका

    Ind vs Ire : दूसरा T-20 आज… प्लेइंग-11 में संजू की जगह वैभव सूर्यवंशी को मिल सकता है मौका


    बेलफास्ट।
    आयरलैंड (Ireland) के खिलाफ पहले टी20 इंटरनेशनल (First T20 International) में मिली 34 रनों की हार के बाद भारतीय टीम (Indian team) आज (28 जून) दूसरे एवं आखिरी मुकाबले में सीरीज बराबर करने के इरादे से उतरेगी. यह मुकाबला बेलफास्ट के सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में भारतीय समयानुसार शाम 6 बजे से खेला जाएगा।

    यह पहली बार था, जब आयरलैंड ने किसी भी अंतरराष्ट्रीय मैच में भारतीय टीम को हराया. अब कप्तान श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली युवा भारतीय टीम के सामने सम्मान बचाने की चुनौती होगी. पहले मैच में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई थी. शीर्ष क्रम बड़ी साझेदारियां नहीं कर सका और टीम 183 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 148 रनों पर सिमट गई।

    ऐसे में दूसरे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. इस मैच से पहले सबसे बड़ी चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को लेकर है. पहले टी20 में उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला था, लेकिन हार के बाद टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव कर सकता है. वैभव को संजू सैमसन (Sanju Samson) के स्थान पर मौका मिल सकता है. संजू को इस मुकाबले में रेस्ट दिया जा सकता है. ऐसे में ईशान किशन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे।


    इन दो खिलाड़ियों का भी हो सकता है डेब्यू

    दूसरी ओर, टीम मैनेजमेंट वॉशिंगटन सुंदर को दूसरे टी20 से बाहर रख सकता है. अगर ऐसा होता है तो भारत स्पिनर रवि बिश्नोई या ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे के साथ उतर सकता है. शेडगे ने अब तक अपना इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है. पहले टी20 मुकाबले में सुंदर गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में ही नाकाम रहे थे. गेंदबाजी में सुंदर ने एक ओवर में ही 19 रन दे दिए. वो बल्लेबाजी के दौरान भी महज 9 रन बनाकर आउट हो गए.

    इसके अलावा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की प्लेइंग-11 से छुट्टी हो सकती है. प्रसिद्ध ने पहले मुकाबले में 57 रन लुटाए थे. कृष्णा की जगह प्रिंस यादव को मौका मिल सकता है. प्रिंस ने अब तक अपना टी20 इंटरनेशनल डेब्यू नहीं किया है.

    कुल मिलाकर क्रिकेट फैन्स बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस मुकाबले में वैभव भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करेंगे? हालांकि, पूरी पिक्चर टॉस के बाद ही साफ होगी.

    भारत को गेंदबाजी में भी सुधार करना होगा. पहले मुकाबले में आयरलैंड के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में तेजी से रन बटोरे, जिससे मेजबान टीम मजबूत स्कोर तक पहुंचने में सफल रही. दूसरी ओर, आयरलैंड जीत की लय बरकरार रखते हुए पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज जीतना चाहेगा.

    बेलफास्ट के मैदान पर होने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम है. भारत के लिए यह सीरीज बचाने का मैच है, जबकि आयरलैंड के पास ऐतिहासिक सीरीज जीत दर्ज करने का सुनहरा मौका होगा. अभी आयरलैंड 1-0 से सीरीज में बढ़त बनाया हुआ है.


    मुकाबले में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई/सूर्यांश शेडगे, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    मुकाबले में आयरलैंड की संभावित प्लेइंग-11: टिम टेक्टर,
    रॉस एडायर, हैरी टेक्टर, लोर्कन टकर (विकेटकीपर/कप्तान), बेंजामिन कैलिट्ज, गैरेथ डेलानी, जॉर्ज डॉकरेल, लियाम मैकार्थी, मैथ्यू हम्फ्रीज, जय मूंदरा और मैथ्यू हॉलार्ड.

  • वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल

    वैभव–तिलक की तूफानी पारियां, भारत ए ने फाइनल में 377 रन ठोककर मचाया धमाल


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारत ए ने बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 377 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।

    इस पारी की सबसे बड़ी खासियत रही युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत, जिन्होंने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। वैभव और प्रियांश आर्या ने पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की तूफानी साझेदारी की। इस साझेदारी ने श्रीलंका ए के गेंदबाजों को शुरुआती झटका दे दिया।

    Vaibhav Suryavanshi ने मात्र 29 गेंदों में 94 रनों की पारी खेली। उनकी बल्लेबाजी इतनी आक्रामक रही कि उन्होंने 324 के स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 10 चौके और 8 छक्के लगाए। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट में नया इतिहास रच दिया।

    दूसरे छोर से कप्तान Tilak Varma ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम को स्थिरता प्रदान की। उन्होंने 90 गेंदों पर 67 रन बनाए और तीसरे विकेट के लिए ऋतुराज गायकवाड़ के साथ 84 रनों की साझेदारी की। इस साझेदारी ने भारत ए को शुरुआती झटकों के बाद मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    ऋतुराज गायकवाड़ ने 51 गेंदों में 40 रन बनाए, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। वहीं कुमार कुशाग्र ने 36 रनों का योगदान दिया। मध्यक्रम में भले ही कुछ बल्लेबाज बड़े स्कोर नहीं कर सके, लेकिन रन गति लगातार तेज बनी रही।

    अंत के ओवरों में अनुकूल रॉय ने तेजी से रन जोड़ते हुए मात्र 15 गेंदों में 39 रनों की आतिशी पारी खेली। उनकी इस पारी में एक चौका और चार छक्के शामिल रहे, जिसने भारत ए को 370 के पार पहुंचा दिया। इसके अलावा यश ठाकुर नाबाद 2 रन पर रहे।

    श्रीलंका ए की ओर से गेंदबाजी में कुगाथास मथुलन, वानूजा साहन और रविंदु फर्नांडो ने दो-दो विकेट हासिल किए, लेकिन वे भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता को रोक नहीं सके।

    कुल मिलाकर यह पारी भारत ए की बल्लेबाजी गहराई और युवा प्रतिभा का शानदार उदाहरण रही। खासकर वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक शुरुआत ने इस मुकाबले को एकतरफा मोड़ दे दिया।

  • तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स

    तबाही का दूसरा नाम वैभव सूर्यवंशी, 15 साल की उम्र में ही तोड़े कई बड़े रिकॉर्ड्स


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट में एक नया नाम तेजी से सुर्खियों में है—वैभव सूर्यवंशी। महज 15 साल की उम्र में इस युवा बल्लेबाज ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी दुनिया को चौंका दिया है। उनकी बल्लेबाजी शैली इतनी आक्रामक और प्रभावशाली है कि उन्हें “तबाही का दूसरा नाम” कहा जाने लगा है।

    हाल ही में श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई सीरीज फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इससे पहले यह रिकॉर्ड 12 गेंदों में था, जिसे उन्होंने आसानी से पीछे छोड़ दिया। इस पारी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वैभव भविष्य के नहीं, बल्कि वर्तमान के भी स्टार हैं।

    वैभव का सबसे बड़ा कारनामा केवल यही नहीं है। उन्होंने बेहद कम उम्र में लिस्ट ए क्रिकेट में शतक लगाने का भी रिकॉर्ड बनाया है। मात्र 14 साल 272 दिन की उम्र में शतक जड़कर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की थी। उस मैच में उन्होंने 190 रनों की विशाल पारी खेलकर विपक्षी टीम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था।

    इसके अलावा, वैभव सूर्यवंशी विश्व क्रिकेट में सबसे तेज 150 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में सिर्फ 59 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी, जिसने एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज का रिकॉर्ड तोड़ दिया था।

    लिस्ट ए क्रिकेट में भारत की ओर से तीसरा सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है। उन्होंने मात्र 36 गेंदों में शतक पूरा कर यह कारनामा किया था। हालांकि भारत में उनसे तेज शतक ईशान किशन और अनमोलप्रीत ने लगाए हैं, लेकिन वैभव की उम्र को देखते हुए यह उपलब्धि बेहद खास मानी जाती है।

    यूथ क्रिकेट में भी वैभव का प्रदर्शन असाधारण रहा है। अंडर-19 टेस्ट में उन्होंने सिर्फ 58 गेंदों में शतक लगाकर इतिहास रचा था। यह अंडर-19 क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक है और भारत की ओर से सबसे तेज भी माना जाता है।

    उनका करियर सिर्फ बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने बेहद कम उम्र में रणजी ट्रॉफी में डेब्यू भी किया है। मात्र 12 साल 284 दिन की उम्र में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखकर खुद को भविष्य का सुपरस्टार साबित किया।

    आईपीएल में भी वैभव ने अपनी छाप छोड़ी है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ शानदार शतक लगाया था और मात्र 38 गेंदों में 101 रन बनाकर इतिहास रच दिया था। इसी सीजन में उन्होंने 72 छक्के लगाकर क्रिस गेल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया।

    इन सभी रिकॉर्ड्स को देखकर यह साफ है कि वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की भी सबसे बड़ी खोज बन चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और रिकॉर्ड तोड़ने की क्षमता उन्हें एक अलग ही श्रेणी में खड़ा करती है।

  • सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त

    सूर्यवंशी का ‘वैभव’ चमका, 11 गेंदों में अर्धशतक ठोककर 20 साल पुराना रिकॉर्ड ध्वस्त


    नई दिल्ली । दांबुला के रंगिरी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने ऐसी विस्फोटक पारी खेली जिसने क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए इस मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रनों की तूफानी पारी खेलते हुए कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए।

    मैच की शुरुआत से ही वैभव का आक्रामक अंदाज देखने को मिला। उन्होंने क्रीज पर आते ही गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और शुरुआत से ही बड़े शॉट लगाने शुरू कर दिए। उनकी बल्लेबाजी इतनी तेज थी कि श्रीलंका ए के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा।

    सबसे खास बात यह रही कि वैभव सूर्यवंशी ने अपना अर्धशतक सिर्फ 11 गेंदों में पूरा कर दिया, जो लिस्ट ए क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे तेज अर्धशतक है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2005-06 में कौशल्या वीररत्ने के नाम था, जिन्होंने 12 गेंदों में अर्धशतक बनाया था। वहीं भारत के लिए यह रिकॉर्ड पहले सरफराज खान के नाम था, जिन्होंने 15 गेंदों में फिफ्टी लगाई थी, लेकिन वैभव ने दोनों रिकॉर्ड्स को पीछे छोड़ दिया।

    अपनी 29 गेंदों की पारी में वैभव ने 10 चौके और 8 छक्के लगाए और उनका स्ट्राइक रेट 324 का रहा, जो उनकी विस्फोटक क्षमता को दर्शाता है। हालांकि वह शतक से चूक गए, लेकिन उनकी पारी ने मैच का पूरा रुख भारत ए की ओर मोड़ दिया।

    वैभव ने प्रियांश आर्य के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए सिर्फ 8.5 ओवर में 132 रनों की साझेदारी की, जिसने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। भारत ए ने सिर्फ 6.3 ओवर में ही 100 रन का आंकड़ा पार कर लिया था, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण है।

    पारी के दूसरे ही ओवर में वैभव ने श्रीलंकाई गेंदबाज शिराज को निशाना बनाते हुए तीन छक्के और दो चौके जड़कर 26 रन बटोरे। इस ओवर ने मैच का पूरा माहौल बदल दिया और विपक्षी टीम दबाव में आ गई।

    महज 15 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन करना वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाता है। उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में अपना डेब्यू 2024 में किया था और तब से लगातार अपने प्रदर्शन से प्रभावित कर रहे हैं। बिहार के लिए खेलते हुए भी उन्होंने 190 रनों की बड़ी पारी खेली थी, जो उनकी क्षमता को साबित करती है।

    फाइनल मुकाबले में उनकी यह पारी भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए एक मजबूत संकेत है कि आने वाले समय में वह बड़े मंच पर भी अपनी छाप छोड़ सकते हैं।

  • फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत

    फाइनल में वैभव का कहर, श्रीलंका-ए के खिलाफ इंडिया-ए की तेज शुरुआत


    नई दिल्ली । दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे ट्राई सीरीज फाइनल में आज इंडिया-ए और श्रीलंका-ए की टीमें आमने-सामने हैं। खिताबी मुकाबले में टॉस श्रीलंका-ए ने जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया, जिसके बाद इंडिया-ए ने धमाकेदार शुरुआत करते हुए तेजी से रन बटोरने शुरू किए।

    मैच की शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक रुख अपनाया और शुरुआती ओवरों में ही स्कोरबोर्ड को तेजी से आगे बढ़ाया। सबसे ज्यादा चर्चा में रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरी पारी का रुख बदल दिया। उन्होंने महज कुछ ही गेंदों में गेंदबाजों पर दबाव बना दिया और चौके-छक्कों की बरसात कर दी।

    वैभव ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए ताबड़तोड़ फिफ्टी पूरी की और श्रीलंकाई गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। उनकी पारी में लंबे-लंबे छक्के और क्लासिक चौके शामिल रहे, जिससे दांबुला का मैदान भारतीय समर्थकों की तालियों से गूंज उठा। हालांकि, अर्धशतक पूरा करने के बाद वह एक बड़े शॉट की कोशिश में आउट हो गए, लेकिन तब तक वह टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा चुके थे।

    उनके आउट होने के बाद भी इंडिया-ए की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा और टीम के अन्य बल्लेबाजों ने भी स्कोर को आगे बढ़ाने की कोशिश जारी रखी। प्रियांश आर्य ने भी उपयोगी पारी खेली, लेकिन वह ज्यादा देर टिक नहीं सके और पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारत की शुरुआत इतनी मजबूत रही कि टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ती दिखी।

    इससे पहले ट्राई सीरीज में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां दोनों ने एक-एक मैच जीता था। फाइनल से पहले दोनों टीमों का प्रदर्शन लगभग बराबर रहा, जिससे यह खिताबी मुकाबला और भी रोमांचक बन गया है।

    इंडिया-ए की संभावित प्लेइंग इलेवन में तिलक वर्मा, ऋतुराज गायकवाड़ और वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है, जबकि श्रीलंका-ए की टीम भी संतुलित नजर आ रही है।

    अब देखना दिलचस्प होगा कि इंडिया-ए इस मजबूत शुरुआत को कितने बड़े स्कोर में बदल पाती है और क्या श्रीलंका-ए की टीम वापसी कर पाती है या नहीं। मैच का रोमांच लगातार बढ़ता जा रहा है और फैंस की नजरें हर गेंद पर टिकी हुई हैं।

  • वैभव सूर्यवंशी विवाद में घिरे: श्रीलंकाई खिलाड़ियों से भिड़ंत के बाद कार्रवाई का खतरा, डेब्यू पर भी नजरें

    वैभव सूर्यवंशी विवाद में घिरे: श्रीलंकाई खिलाड़ियों से भिड़ंत के बाद कार्रवाई का खतरा, डेब्यू पर भी नजरें

    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Suryavanshi एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनका प्रदर्शन नहीं बल्कि मैदान पर हुआ विवाद है। दांबुला में खेले गए इंडिया-ए और श्रीलंका-ए के मुकाबले में सुपर ओवर की हार के बाद युवा बल्लेबाज का गुस्सा कैमरों में कैद हो गया। मैच खत्म होने के बाद श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ उनकी तीखी बहस और कथित धक्का-मुक्की ने खेल जगत में चर्चा छेड़ दी है। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब 15 वर्षीय बल्लेबाज को भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।

    सुपर ओवर की हार के बाद बढ़ा तनाव
    मुकाबला बेहद रोमांचक रहा और विजेता का फैसला सुपर ओवर में हुआ। श्रीलंका-ए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंडिया-ए लक्ष्य हासिल नहीं कर सकी। हार के बाद मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच माहौल तनावपूर्ण हो गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रीलंका-ए के एक खिलाड़ी की टिप्पणी के बाद वैभव सूर्यवंशी नाराज हो गए। टीवी फुटेज में उन्हें काफी आक्रामक अंदाज में देखा गया। कुछ समय के लिए दोनों पक्षों के खिलाड़ी आमने-सामने आ गए, जिसके बाद अनुभवी विकेटकीपर Niroshan Dickwella ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।

    अंपायर के फैसले पर भी जताई थी नाराजगी
    मैच के दौरान भी तनाव देखने को मिला था। सुपर ओवर में एक गेंद को नो-बॉल दिए जाने पर इंडिया-ए खेमे ने आपत्ति जताई थी। कप्तान Tilak Varma अंपायर के फैसले से असहमत नजर आए थे। उसी दौरान वैभव भी अंपायर से चर्चा करते दिखाई दिए। स्थिति को संभालने के लिए टीम प्रबंधन को हस्तक्षेप करना पड़ा और कोच ने युवा बल्लेबाज को वहां से हटाया।

    क्या मिल सकती है सजा?
    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस घटना पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल मैच रेफरी की ओर से कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। यदि समीक्षा में यह पाया जाता है कि खिलाड़ी ने अनुचित शारीरिक संपर्क किया या खेल भावना के विपरीत व्यवहार किया, तो चेतावनी, जुर्माना या अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि यह मुकाबला आधिकारिक अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं था, इसलिए सीधे तौर पर आईसीसी की कड़ी अनुशासनात्मक प्रक्रिया लागू होने की संभावना कम मानी जा रही है। इसके बावजूद मैच अधिकारियों और संबंधित क्रिकेट बोर्ड के पास कार्रवाई का अधिकार रहता है।

    शानदार प्रदर्शन के बीच लगा विवाद का दा
    पिछले कुछ महीनों में Vaibhav Suryavanshi ने अपनी बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। कम उम्र में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए उन्होंने भविष्य के बड़े सितारे के रूप में पहचान बनाई है। लेकिन खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर पर सफलता केवल प्रतिभा से नहीं मिलती, बल्कि संयम, अनुशासन और दबाव में खुद को नियंत्रित रखने की क्षमता भी उतनी ही जरूरी होती है। ऐसे में यह घटना युवा खिलाड़ी के लिए एक महत्वपूर्ण सीख साबित हो सकती है।

    अब सबकी नजर रेफरी के फैसले पर
    क्रिकेट प्रेमियों और चयनकर्ताओं की निगाहें अब मैच रेफरी की रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि घटना को कितनी गंभीरता से लिया जाता है और क्या इसका असर वैभव के संभावित अंतरराष्ट्रीय डेब्यू पर पड़ता है या नहीं। फिलहाल इतना तय है कि मैदान पर हुआ यह विवाद युवा बल्लेबाज के करियर की सबसे चर्चित घटनाओं में शामिल हो गया है।

  • बेलफास्ट हिंसा से भारत के आयरलैंड दौरे पर संकट, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर भी मंडराया खतरा

    बेलफास्ट हिंसा से भारत के आयरलैंड दौरे पर संकट, वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर भी मंडराया खतरा


    नई दिल्ली। भारत और आयरलैंड के बीच इस महीने होने वाली टी20 सीरीज पर अनिश्चितता के बादल छा गए हैं। उत्तरी आयरलैंड की राजधानी बेलफास्ट और आसपास के इलाकों में हाल ही में भड़की हिंसा ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिसके चलते क्रिकेट आयरलैंड और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल सीरीज को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन मौजूदा हालात ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रशंसकों की चिंता बढ़ा दी है।

    भारतीय टीम को अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू श्रृंखला समाप्त करने के बाद आयरलैंड दौरे पर जाना है, जहां उसे दो मैचों की टी20 सीरीज खेलनी है। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे के लिए रवाना होगी। ऐसे में आयरलैंड दौरा भारतीय टीम के कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि बेलफास्ट में उत्पन्न सुरक्षा संकट ने इस पूरे कार्यक्रम को प्रभावित करने की आशंका पैदा कर दी है।

    उत्तरी आयरलैंड में हालात उस समय बिगड़ गए जब एक चाकूबाजी की घटना के बाद सामाजिक और नस्ली तनाव बढ़ गया। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार घटना के बाद कई क्षेत्रों में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए। प्रदर्शनकारियों द्वारा वाहनों में आग लगाने, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचाने तथा सार्वजनिक संपत्तियों को निशाना बनाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं और कई गतिविधियों पर असर पड़ा।

    इसी क्रम में लिस्बर्न में आयोजित होने वाला इंटर-प्रोविंशियल टी20 फेस्टिवल भी रद्द कर दिया गया। क्रिकेट आयरलैंड ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि वह प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों, कोचों, मैच अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि आयरिश सीनियर कप और नेशनल कप के मैचों को लेकर अगले कुछ दिनों में स्थिति की समीक्षा के बाद फैसला लिया जाएगा।

    क्रिकेट आयरलैंड का कहना है कि वह स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। इस बयान से साफ है कि बोर्ड फिलहाल कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

    दूसरी ओर, बीसीसीआई भी हालात पर करीबी नजर रखे हुए है। रिपोर्टों के अनुसार भारतीय बोर्ड ने सुरक्षा से जुड़े हर पहलू की समीक्षा शुरू कर दी है। बीसीसीआई के सूत्रों का कहना है कि मैचों के आयोजन स्थल को लेकर अंतिम फैसला क्रिकेट आयरलैंड को करना है। यदि आयरलैंड बोर्ड किसी बदलाव का प्रस्ताव रखता है तो भारतीय बोर्ड उस पर विचार करेगा।

    इस अनिश्चितता का असर भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी पर भी पड़ सकता है। माना जा रहा है कि आयरलैंड दौरे पर उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण का मौका मिल सकता था। यदि सीरीज स्थगित होती है, रद्द होती है या कार्यक्रम में बड़ा बदलाव किया जाता है, तो उनके डेब्यू का इंतजार और लंबा हो सकता है।

    हालांकि अभी तक किसी भी बोर्ड ने सीरीज को रद्द करने या स्थानांतरित करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। दोनों क्रिकेट बोर्ड स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब इस महत्वपूर्ण टी20 श्रृंखला के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला सामने आ सकता है। फिलहाल इतना तय है कि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि रहेगी और उसी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

  • श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी

    श्रीलंका में ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत, इंडिया ए ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी


    नई दिल्ली । श्रीलंका के दांबुला अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में मंगलवार से ट्राई-नेशन ए सीरीज की शुरुआत हो गई। इस मुकाबले में पहले मैच में India A और Sri Lanka A आमने-सामने हैं। टॉस जीतकर इंडिया ए ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

    कप्तान तिलक वर्मा ने टॉस के बाद कहा कि पिच सूखी है और शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना बेहतर विकल्प रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम 270 के आसपास का स्कोर खड़ा कर सकती है। वहीं श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराछिगे ने कहा कि उनकी टीम की कोशिश विपक्ष को 250–260 के भीतर रोकने की होगी।

    वैभव सूर्यवंशी की शुरुआत, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सक
    आईपीएल 2026 के चर्चित युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को इस मैच में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। ओपनिंग करने उतरे सूर्यवंशी ने आक्रामक शुरुआत की और 12 गेंदों में 14 रन बनाए, जिसमें 3 चौके शामिल रहे। लेकिन वह लंबी पारी नहीं खेल सके और मोहम्मद शिराज की गेंद पर आउट होकर पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने से इंडिया ए की शुरुआत थोड़ी लड़खड़ा गई, लेकिन मिडिल ऑर्डर से टीम को संभालने की उम्मीद है।

    पिच और मौसम का असर
    दांबुला की पिच को सूखा और हल्की दरारों वाला बताया गया है। शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजों को मदद मिलने की संभावना है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ेगा, स्पिन गेंदबाजों की भूमिका अहम हो सकती है। मौसम साफ है और धूप खिली हुई है, जिससे पूरे मैच में बिना रुकावट के खेल होने की उम्मीद है।

    मजबूत मिडिल ऑर्डर पर नजर
    इंडिया ए की टीम में ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, आयुष बडोनी जैसे बल्लेबाज शामिल हैं, जिनसे बड़ी साझेदारियों की उम्मीद है। टीम का लक्ष्य एक मजबूत स्कोर खड़ा कर श्रीलंका ए पर दबाव बनाना रहेगा। श्रीलंका ए की गेंदबाजी यूनिट में स्पिन और पेस दोनों का मिश्रण है, जिससे मिडिल ओवरों में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

    सीरीज में तीन टीमें शामिल
    इस ट्राई-नेशन सीरीज में इंडिया ए और श्रीलंका ए के अलावा Afghanistan A भी हिस्सा ले रही है। यह सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का बड़ा मौका मानी जा रही है।