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  • अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकला रनों का तूफान, न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद युवराज सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात

    अभिषेक शर्मा के बल्ले से निकला रनों का तूफान, न्यूजीलैंड को रौंदने के बाद युवराज सिंह को लेकर कही दिलचस्प बात


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में ऐसी विस्फोटक पारी खेली कि विरोधी टीम के गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं बचा। अभिषेक ने महज 35 गेंदों में शतक पूरा किया और 38 गेंदों पर 113 रन बनाकर भारतीय टीम को शानदार जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने इस मुकाबले में न्यूजीलैंड को छह विकेट से हराकर पांच मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हालांकि इस ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद अभिषेक की चर्चा उनकी बल्लेबाजी के साथ साथ अपने मेंटर युवराज सिंह को दिए गए मजेदार जवाब को लेकर भी हो रही है।

    मैच के बाद बातचीत के दौरान अभिषेक से युवराज सिंह की उस टिप्पणी के बारे में पूछा गया जिसमें उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि अभिषेक अभी तक 12 गेंदों में अर्धशतक बनाने का कमाल नहीं कर पाए हैं। इस पर अभिषेक ने हंसते हुए कहा कि उन्हें नहीं पता कि उस समय युवराज कौन सा क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन 12 गेंदों में 50 रन बनाना बिल्कुल आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई बल्लेबाज केवल मैदान पर उतरकर इतनी कम गेंदों में अर्धशतक नहीं बना सकता। इसके लिए परिस्थितियों का साथ और असाधारण प्रदर्शन दोनों जरूरी होते हैं। अभिषेक का यह जवाब सुनकर क्रिकेट प्रशंसकों को उनके और युवराज के बीच गुरु शिष्य के रिश्ते की मजेदार झलक देखने को मिली।

    अभिषेक ने अपनी शानदार पारी के दौरान 11 छक्के और नौ चौके लगाए। उन्होंने केवल 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था और इसके बाद भी उनकी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रही। दूसरी ओर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर जमकर हमला बोला। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए महज 7.1 ओवर में 133 रन जोड़ दिए। वैभव ने 19 गेंदों पर 45 रन बनाए और उनकी तेज शुरुआत ने भारतीय टीम के लिए लक्ष्य का पीछा बेहद आसान कर दिया।

    अभिषेक ने बताया कि इस मुकाबले से पहले उन्होंने पिच और मैदान की परिस्थितियों को समझने पर खास ध्यान दिया था। फील्डिंग के दौरान उन्होंने पिच पर अतिरिक्त उछाल को महसूस किया और इसके बाद वैभव के साथ मिलकर पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी करने की रणनीति बनाई। उन्होंने कहा कि दोनों का उद्देश्य व्यक्तिगत रिकॉर्ड बनाना नहीं बल्कि टीम को जीत दिलाने के लिए तेजी से रन बनाना था। अभिषेक ने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग स्टाफ और अभ्यास सत्रों को भी दिया। उनके मुताबिक मैच से पहले साइडआर्म गेंदों पर अभ्यास करने से उन्हें तेज गेंदों के खिलाफ बेहतर तैयारी करने में मदद मिली।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए डेरिल मिचेल की नाबाद 89 रन की पारी की बदौलत 20 ओवर में तीन विकेट पर 198 रन बनाए थे। फिन एलन ने 40 रन और बेवन जैकब्स ने नाबाद 39 रन का योगदान दिया। भारतीय टीम ने जवाब में आक्रामक शुरुआत की और शुरुआती ओवरों में ही मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। भारत ने 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड में लगातार तीसरी टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज जीतने का सिलसिला भी बरकरार रखा। अभिषेक का तूफानी शतक और वैभव के साथ उनकी साझेदारी इस मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। वहीं युवराज सिंह की टिप्पणी पर उनका मजेदार जवाब भी चर्चा का विषय बन गया। मैदान पर बल्ले से धमाल मचाने वाले अभिषेक ने यह साफ कर दिया कि उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि व्यक्तिगत रिकॉर्ड नहीं बल्कि टीम इंडिया की जीत है।

  • अभिषेक शर्मा का बल्ला बना आग का गोला, 11 छक्कों से मचाई तबाही, भारत ने रिकॉर्डतोड़ जीत के साथ सीरीज पर जमाया कब्जा

    अभिषेक शर्मा का बल्ला बना आग का गोला, 11 छक्कों से मचाई तबाही, भारत ने रिकॉर्डतोड़ जीत के साथ सीरीज पर जमाया कब्जा


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए छह विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने पांच मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। मुकाबले के सबसे बड़े हीरो अभिषेक शर्मा रहे जिन्होंने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को पूरी तरह बेबस कर दिया। भारत ने 199 रन के लक्ष्य को महज 13.2 ओवर में चार विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात करते हुए मुकाबले को एकतरफा बना दिया।

    न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में तीन विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए। टीम की ओर से डेरिल मिचेल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 88 रन की पारी खेली और भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। हालांकि न्यूजीलैंड की टीम को उम्मीद रही होगी कि उसके गेंदबाज इस स्कोर का बचाव कर सकेंगे लेकिन भारतीय सलामी बल्लेबाजों ने मैदान पर उतरते ही मैच की तस्वीर बदल दी। लक्ष्य का पीछा करने आए अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी ने पहले ओवर से ही आक्रामक रुख अपनाया और न्यूजीलैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर दबाव बना दिया।

    अभिषेक शर्मा ने केवल 38 गेंदों में 113 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस शानदार पारी में नौ चौके और 11 छक्के शामिल रहे। उन्होंने जिस अंदाज में गेंदबाजों पर हमला बोला उससे न्यूजीलैंड की टीम को वापसी का मौका ही नहीं मिला। अभिषेक ने मैदान के चारों ओर बड़े शॉट लगाए और रन गति को लगातार ऊंचा बनाए रखा। दूसरे छोर पर वैभव सूर्यवंशी ने भी उनका बेहतरीन साथ दिया। वैभव ने महज 19 गेंदों में 45 रन बनाए जिसमें चार चौके और चार छक्के शामिल थे। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 133 रन की तेज साझेदारी हुई जिसने भारतीय जीत की मजबूत नींव रख दी।

    भारतीय पारी की शुरुआत भी रिकॉर्डतोड़ रही। न्यूजीलैंड की ओर से पहला ओवर डालने आए जैकब डफी के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों ने 26 रन बटोरे। इसमें अतिरिक्त रन भी शामिल थे। इसके बाद भारतीय टीम ने केवल 2.2 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए। शुरुआती छह ओवर में भारत ने बिना विकेट गंवाए 118 रन बनाकर मुकाबले पर पूरी तरह पकड़ बना ली। इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों की आक्रामकता ने न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया।

    अभिषेक के आउट होने के बाद भी भारतीय टीम की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। वैभव सूर्यवंशी के आउट होने के बाद संजू सैमसन ने 18 रन बनाए जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर पांच रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा तेजी से जारी रखा और 13.2 ओवर में ही जीत हासिल कर ली।

    इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बनाकर अपना दबदबा साबित किया। अभिषेक शर्मा का तूफानी शतक और वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी मुकाबले की सबसे बड़ी खासियत रही। भारतीय टीम ने जिस अंदाज में 199 रन का लक्ष्य हासिल किया उससे उसकी बल्लेबाजी की ताकत साफ नजर आई। अब टीम इंडिया की नजर सीरीज के बाकी मुकाबलों में भी इसी लय को बरकरार रखने पर होगी।

  • भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?

    भारत की जीत की तैयारी के बीच झटका, ईशान किशन तीसरे टी20 से बाहर, प्लेइंग इलेवन में किसे मिलेगा मौका?


    नई दिल्ली । न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन कर रही भारतीय टीम को तीसरे मुकाबले से पहले झटका लगा है। विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन चोट के कारण 27 अक्टूबर को वेलिंगटन में होने वाले तीसरे टी20 मैच में भी नहीं खेल पाएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उनकी फिटनेस को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईशान चोट से उबर रहे हैं लेकिन अभी मैच खेलने के लिए पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम प्रबंधन को प्लेइंग इलेवन के संयोजन पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।

    बीसीसीआई के मुताबिक ईशान किशन को न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले के दौरान दाहिनी जांघ में हल्की चोट लगी थी। मेडिकल भाषा में इसे लो ग्रेड एडडक्टर स्ट्रेन बताया गया है। चोट के बाद से उनकी रिकवरी पर लगातार नजर रखी जा रही है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि ईशान की स्थिति में सुधार हो रहा है लेकिन तीसरे मुकाबले तक उनके पूरी तरह फिट होने की संभावना नहीं है। बीसीसीआई की मेडिकल टीम उनकी प्रगति पर नजर बनाए हुए है। विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार कुशाग्र को भी तीसरे टी20 के लिए टीम के साथ बनाए रखा गया है।

    ईशान किशन की चोट के कारण दूसरे टी20 मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उन्हें नंबर तीन पर बल्लेबाजी का मौका मिला लेकिन वह इस अवसर को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। वैभव आठ गेंदों पर चार रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बावजूद उनकी प्रतिभा और आक्रामक बल्लेबाजी को देखते हुए टीम प्रबंधन उन्हें एक और मौका दे सकता है। यदि ईशान तीसरे मैच में उपलब्ध नहीं रहते हैं तो वैभव के पास अपनी उपयोगिता साबित करने का अवसर होगा। हालांकि अंतिम प्लेइंग इलेवन का फैसला टीम प्रबंधन ही करेगा।

    दूसरे टी20 में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के 181 रन के लक्ष्य को छह विकेट खोकर हासिल कर लिया था। भारत ने यह लक्ष्य मैच की आखिरी से पहले वाली गेंद पर पूरा किया। इस जीत में बल्लेबाजों ने अहम भूमिका निभाई और दबाव के बीच टीम को मुकाबले में बनाए रखा। तिलक वर्मा ने सिर्फ 26 गेंदों पर 51 रन की आक्रामक पारी खेलकर भारतीय पारी को मजबूती दी। उनकी बल्लेबाजी ने रन गति बढ़ाने के साथ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाने में मदद की।

    नमन धीर ने भी 17 गेंदों पर 31 रन बनाकर उपयोगी योगदान दिया। वहीं नीतीश कुमार रेड्डी ने 13 गेंदों पर नाबाद 26 रन बनाते हुए टीम को जीत तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारतीय बल्लेबाजों के इस प्रदर्शन से टीम ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है। अब तीसरे मुकाबले में भारत की कोशिश जीत हासिल कर सीरीज पर अपनी पकड़ और मजबूत करने की होगी।

    ईशान किशन की गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौती जरूर है लेकिन भारतीय टीम के पास बल्लेबाजी में कई विकल्प मौजूद हैं। युवा खिलाड़ियों के लिए यह खुद को साबित करने का मौका भी है। दूसरी ओर न्यूजीलैंड की टीम वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। ऐसे में तीसरा टी20 मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहने वाला है। भारतीय प्रशंसकों की नजरें ईशान की रिकवरी के साथ इस बात पर भी रहेंगी कि टीम प्रबंधन उनकी जगह किस खिलाड़ी को अंतिम एकादश में शामिल करता है।

  • Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?

    Ind vs NZ: दूसरा टी-20 आज….ईशान किशन हुए बाहर तो क्या वैभव सूर्यवंशी को मिलेगा मौका?


    क्राइस्टचर्च।
    भारतीय टीम (Indian Team) ने न्यूजीलैंड (Zealand) के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले (India vs New Zealand) में 4 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज में बढ़त बना ली है. वहीं रोमांचक अंदाज में मैच भी जीत लिया. लेकिन इस जीत के बाद टीम इंड‍िया की जीत के बाद भी कई सवाल उठ रहे हैं. गेंदबाजी तो इसके केंद्र में है ही, सवाल ‘बेबी बॉस’ वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की एंट्री को लेकर भी है. क्योंकि ईशान किशन (Ishan Kishan) इंजरी (दाह‍िने जांघ की मांसपेशी में ख‍िंचाव) की वजह से क्राइस्टचर्च में ही होने वाले दूसरे टी20 मुकाबले से बाहर हो गए हैं।

    आज (24 अक्टूबर) को एक बार फ‍िर क्राइस्टचर्च में टीम इंड‍िया के सामने कुछ सवाल होंगे और कुछ सुधार भी जरूरी रहेंगे। क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में गुरुवार को 226 रन के टारगेट का पीछा करते हुए टीम इंडिया एक समय मुश्किल में फंस गई थी. संजू सैमसन, श्रेयस अय्यर और नमन धीर की पारियों ने भारत को जीत दिलाई, लेकिन मुकाबले में कुछ ऐसी कमियां भी सामने आईं, जिन पर टीम को ध्यान देना होगा।

    भारत ने 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में खेले गए मुकाबले में न्यूजीलैंड के 225/4 के जवाब में 230/6 रन बनाकर जीत हासिल की. वेस्टइंडीज के खिलाफ हाई स्कोरिंग सीरीज के पांच दिन बाद भारतीय टीम एक बार फिर बड़े स्कोर वाले मुकाबले में उतरी. जीत के बावजूद फील्डिंग और गेंदबाजी के कुछ पहलुओं में सुधार की जरूरत दिखाई दी.


    1. फील्डिंग में सुधार जरूरी

    प‍िछले मैच में भारतीय फील्डर से कैच छूटा, म‍िसफील्ड‍िंंग हुई… न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में मयंक यादव की गेंद पर डेरिल मिचेल ने लॉन्ग ऑन की तरफ सीधा शॉट खेला. वहां तैनात अभिषेक शर्मा के पास कैच लेने का अच्छा मौका था, लेकिन वह इसे पकड़ नहीं सके. मिचेल को जीवनदान मिला और भारत के खाते में एक अहम विकेट जुड़ने से रह गया. म‍िचेल ने मैच में 10 गेंदों पर 28 रन बनाए।

    टी20 क्रिकेट में एक कैच मैच का रुख बदल सकता है. ऐसे में भारतीय टीम को फील्डिंग में अपनी चुस्ती और कैच पकड़ने की क्षमता पर काम करना होगा.


    2. शुरुआती ओवरों में लगाम लगानी होगी

    भारतीय गेंदबाजी में शुरुआती ओवर भी चिंता का विषय रहे. नई गेंद से विकेट निकालने और विपक्षी टीम के रनरेट पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी संभालने वाले अर्शदीप को शुरुआत में रन रोकने होंगे. न्यूजीलैंड जैसी आक्रामक बल्लेबाजी वाली टीम के खिलाफ शुरुआती ओवरों में ज्यादा रन देना आगे के गेंदबाजों पर दबाव बढ़ा सकता है.

    भारत को पावरप्ले में सही लाइन-लेंथ और बेहतर गेंदबाजी योजनाओं के साथ उतरना होगा, ताकि विरोधी बल्लेबाजों को शुरुआत से ही खुलकर खेलने का मौका न मिले. यहां ध्यान देना होगा भुवनेश्वर कुमार ने अपनी इंटरनेशनल वापसी में पहले ओवर में 4 रन द‍िए लेकिन अगले ओवर में 17 रन लुटवा द‍िए. इसी तरह अर्शदीप ने अपने पहले ओवर ओवर में 8 रन द‍िए, तो दूसरे ओवर में उनहों ने भी 17 रन पड़वाए. न्यूजीलैंड ने क्राइस्टचर्च में पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर्स) में 65 रन बनाए.

    भुवनेश्वर कुमार की वापसी के बाद शुरुआती ओवरों में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा और डेथ ओवर्स में भी उन्होंने ठीक गेंदबाजी की. हालांकि, बीच के ओवरों में वह महंगे साबित हुए. टी20 मुकाबलों में मिडिल ओवर्स का महत्व काफी बढ़ जाता है, क्योंकि इसी दौरान बल्लेबाज पारी को आगे बढ़ाने के साथ बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं.


    3. अक्षर पटेल को मिलेगा सेंटनर-ब्रेसवेल जैसा स्पिन पार्टनर?

    न्यूजीलैंड के स्पिनरों मिचेल सेंटनर और माइकल ब्रेसवेल ने भारतीय बल्लेबाजों को मिडिल ओवर्स में परेशान किया. दोनों ने दो-दो विकेट लेकर मैच में भारत की रफ्तार रोक दी. भारत 93 रन पर बिना विकेट गंवाए मजबूत स्थिति में था, लेकिन इसके बाद 22 गेंदों के भीतर 29 रन पर चार विकेट गंवा दिए. ब्रेसवेल ने हाईस्कोर‍िंग मुकाबले में 4 ओवर्स में 37 रन देकर 2 विकेट लिए, वहीं सेंटनर ने भी 4 ओवर में 39 रन देकर 2 विकेट लिए थे.

    ऐसे में सवाल है कि क्या भारत को अक्षर के साथ मिडिल ओवर्स में विकेट निकालने और रन रोकने वाला एक और प्रभावी स्पिन विकल्प उतारना चाहिए? सेंटनर और ब्रेसवेल ने जिस तरह भारतीय बल्लेबाजों को बांधा, उससे भारत के स्पिन विभाग के संतुलन पर चर्चा जरूर होगी. हालांकि अक्षर ने 4 ओवर्स में 51 रन देकर 1 विकेट हास‍िल किया. वो सबसे महंगे गेंदबाज रहे. अब देखना होगा कि कुलदीप यादव या वरुण चक्रवर्ती में से किसे टीम में जगह म‍िलेगी?


    4. क्या नीतीश की जगह श‍िवम दुबे अंदर आएंगे

    भारत ने इस मुकाबले में शिवम दुबे की जगह नीतीश कुमार रेड्डी को मौका दिया. इसके चलते अक्षर पटेल को छठे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए भेजा गया. अक्षर ने 14 गेंदों में 24 रन बनाकर श्रेयस अय्यर के साथ 24 गेंदों में 45 रन की साझेदारी की. इस साल 18 टी20 इंटरनेशनल पारियों में अक्षर का औसत 8.66 और स्ट्राइक रेट 106.55 रहा था, हालांकि वह ज्यादातर आठवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे. नीतीश ने गेंदबाजी में 4 ओवर्स में 40 रन द‍िए और 1 विकेट लिए, वहीं बल्लेबाजी में वो 2 रन पर नाबाद रहे. हालांक‍ि, नीतीश को बाहर कर श‍िवम दुबे के आने की संभावना कम है, लेक‍िन वो ईशान किशन की जगह टीम में आ सकते हैं. ऐसे में त‍िलक वर्मा नंबर 3 पर ही खेलते द‍िख सकते हैं.


    5. दूसरे टी20 में वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 पर नजर

    पहले मुकाबले में भारत की जीत के बावजूद दूसरे टी20 के लिए टीम कॉम्ब‍िनेशन चर्चाओं का बाजार गर्म. ईशान किशन के बाहर होने और वैभव सूर्यवंशी की प्लेइंग 11 में जगह को लेकर कंफ्यूजन के बीच भारतीय टीम को यह तय करना होगा कि बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी विकल्पों में किस तरह का बैलेंस रखा जाए. क्या ईशान की जगह श‍िवम दुबे को लाया जाएगा, या वैभव भी एक ऑप्शन के तौर पर ईशान किशन की जगह नंबर 3 पर खेलते द‍िख सकते हैं.

    पहले मैच ने दिखाया कि भारत के पास बड़े लक्ष्य का पीछा करने के लिए बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन फील्डिंग और गेंदबाजी में निरंतरता भी उतनी ही जरूरी है. सीरीज के अगले मुकाबले में टीम इंडिया इन कमियों को कितना सुधार पाती है, इस पर नजर रहेगी।


    क्राइस्टचर्च में होने वाले दूसरे टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग XI:
    वैभव सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, नमन धीर, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, अर्शदीप सिंह और मयंक यादव.


    क्राइस्टचर्च में होने वालेदूसरे टी20 में न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग XI:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, बेवन जैकब्स, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन.


    भारत का फुल स्क्वॉड:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (दूसरे मैच से बाहर), श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, नमन धीर, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, भुवनेश्वर कुमार, प्रिंस यादव, मयंक यादव, कुलदीप यादव, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह और वैभव सूर्यवंशी.


    न्यूजीलैंड का फुल स्क्वॉड:
    फिन एलन, टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), डेवोन कॉन्वे, ग्लेन फिलिप्स, डेरिल मिचेल, माइकल ब्रेसवेल, मिचेल सेंटनर (कप्तान), नाथन स्मिथ, काइल जेमिसन, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन, जोश क्लार्कसन, जैकब डफी, बेवन जैकब्स, एडम मिल्ने और ब्लेयर टिकनर.


    भारतीय टीम का न्यूजीलैंड दौरा

    पहला टी20: 22 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, भारत की 4 विकेट से जीत
    दूसरा टी20: 24 अक्टूबर, क्राइस्टचर्च, दोपहर 12:30 बजे
    तीसरा टी20: 27 अक्टूबर, वेलिंगटन, दोपहर 12:30 बजे
    चौथा टी20: 30 अक्टूबर, ऑकलैंड, दोपहर 12:30 बजे
    पांचवां टी20: 1 नवंबर, हैमिल्टन, दोपहर 12:30 बजे
    पहला वनडे: 4 नवंबर, ऑकलैंड, सुबह 7:30 बजे
    दूसरा वनडे: 7 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 7:30 बजे
    तीसरा वनडे: 10 नवंबर, हैमिल्टन, सुबह 7:30 बजे
    चौथा वनडे: 13 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पांचवां वनडे: 15 नवंबर, माउंट माउंगानुई, सुबह 7:30 बजे
    पहला टेस्ट: 19 से 23 नवंबर, वेलिंगटन, सुबह 3:30 बजे
    दूसरा टेस्ट: 27 से 1 द‍िसंबर, क्राइस्टचर्च, सुबह 3:30 बजे

  • वैभव सूर्यवंशी के इंतजार की कहानी, VVS ने बड़े मैच में उतारा अब GG क्यों रोक रहे हैं बेबी बॉस का बल्ला

    वैभव सूर्यवंशी के इंतजार की कहानी, VVS ने बड़े मैच में उतारा अब GG क्यों रोक रहे हैं बेबी बॉस का बल्ला


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी का नाम इन दिनों भारतीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले युवा खिलाड़ियों में शामिल है लेकिन वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिलने के बाद उनके फैंस का इंतजार और बढ़ गया है। लखनऊ में खेले गए मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा बनाए रखा। भारत ने मुकाबला आसानी से जीत लिया और ऐसे में इस संयोजन को बदलने की कोई तत्काल जरूरत भी नजर नहीं आई। इसके बावजूद अब रांची में होने वाले दूसरे टी20 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या गौतम गंभीर वैभव सूर्यवंशी को मौका देंगे या फिर उन्हें एक और मैच बेंच पर बैठकर देखना पड़ेगा।

    वैभव की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जिस तरह क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाई है उसने उन्हें सामान्य युवा खिलाड़ी से कहीं आगे पहुंचा दिया है। आईपीएल में उनके आक्रामक अंदाज ने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान खींचा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की झलक दिखाई है। जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में अर्धशतक लगाने के बाद यह साफ हो गया कि वैभव सिर्फ उम्र की वजह से चर्चा में नहीं हैं बल्कि उनके बल्ले में बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की क्षमता भी मौजूद है।

    एशियन गेम्स के दौरान वीवीएस लक्ष्मण की कोचिंग में वैभव को पाकिस्तान के खिलाफ गोल्ड मेडल मुकाबले जैसे बड़े मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था। उस समय उम्र को उनकी कमजोरी नहीं माना गया और टीम ने उनकी क्षमता पर भरोसा जताया। अब भारतीय टीम की जिम्मेदारी गौतम गंभीर के पास है और उनका नजरिया मौजूदा संयोजन को मजबूत बनाए रखने पर ज्यादा दिखाई दे रहा है। लखनऊ में संजू और अभिषेक से बड़ी पारी नहीं आई लेकिन भारत ने मुकाबला आसानी से अपने नाम कर लिया। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के पास विजयी संयोजन को बरकरार रखने का मजबूत तर्क मौजूद है।

    फिर भी वैभव को लेकर सवाल इसलिए बना हुआ है क्योंकि किसी खिलाड़ी की वास्तविक क्षमता का अंदाजा उसे लगातार मौके देने के बाद ही लगाया जा सकता है। अगर टीम में जगह बनाने के लिए हर बार मौजूदा खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन ही कसौटी बनेगा तो फिर नए खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर कब मिलेगा। वैभव को टीम में शामिल करने का मतलब सिर्फ किसी खिलाड़ी को बाहर करना नहीं होगा बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य के एक बेहद रोमांचक विकल्प को आजमाना भी होगा।

    अब नजरें रांची पर टिक गई हैं। यहां वैभव को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है। बिहार से आने वाले इस युवा बल्लेबाज को देखने के लिए दर्शकों की दिलचस्पी साफ दिखाई दे रही है। रांची महेंद्र सिंह धोनी का शहर है और यहां क्रिकेट को लेकर जुनून किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में दर्शक चाहते हैं कि उन्हें इस नए युवा सितारे का बल्ला भी मैदान पर देखने को मिले।

    हालांकि टीम मैनेजमेंट को सिर्फ दर्शकों की मांग के आधार पर फैसला नहीं लेना चाहिए। क्रिकेट में संतुलन और टीम की जरूरत सबसे महत्वपूर्ण होती है। लेकिन वैभव जैसे एक्स फैक्टर को ज्यादा समय तक बाहर रखना भी सवाल खड़े करता है। फिलहाल वैभव तैयार हैं फैंस तैयार हैं और रांची का माहौल भी तैयार है। अब फैसला गौतम गंभीर और टीम मैनेजमेंट को करना है कि प्लेइंग इलेवन की पर्ची में इस बार बेबी बॉस का नाम आएगा या उनका इंतजार एक मैच और लंबा होगा।

  • संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव

    संजू सैमसन की लगातार नाकामी से फैन्स नाराज, 4 टी20 में 29 रन के बाद वैभव सूर्यवंशी की एंट्री को लेकर बढ़ा दबाव


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम ने वेस्टइंडीज के खिलाफ लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए पहले टी20 मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने यह मैच 8 विकेट से अपने नाम किया। मुकाबले में कप्तान श्रेयस अय्यर ने तूफानी शतक जड़कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हालांकि इस शानदार जीत के बीच विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का खराब फॉर्म एक बार फिर चर्चा में आ गया। संजू इस मुकाबले में भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और महज 11 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

    संजू सैमसन के लिए हालिया मुकाबले बेहद निराशाजनक रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ 9 गेंदों पर 11 रन बनाने से पहले वह पाकिस्तान के खिलाफ सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हुए थे। उससे पहले श्रीलंका के खिलाफ उनके बल्ले से 7 रन निकले थे जबकि जापान के खिलाफ वह 9 रन ही बना सके थे। इस तरह उनकी पिछली चार टी20 पारियों को देखें तो संजू के बल्ले से कुल 29 रन ही निकले हैं। लगातार चार मैचों में बड़ी पारी नहीं खेल पाने के कारण अब उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

    हालांकि इन खराब पारियों से पहले संजू ने अफगानिस्तान के खिलाफ 17 सितंबर को शानदार अर्धशतक लगाया था। उन्होंने 35 गेंदों पर 50 रन की पारी खेली थी। उस पारी के बाद उम्मीद थी कि संजू लगातार अपने बल्ले का दम दिखाएंगे लेकिन इसके बाद उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। लगातार छोटी पारियों ने टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज कर दी है।

    संजू की लगातार नाकामी के बाद सोशल मीडिया पर फैन्स का एक वर्ग अब युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को मौका देने की मांग कर रहा है। 15 साल के वैभव भारतीय क्रिकेट में अपनी कम उम्र और आक्रामक बल्लेबाजी के कारण पहले ही काफी चर्चा बटोर चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली और वह बाहर बैठकर मुकाबला देखते नजर आए। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई फैन्स ने टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल खड़े किए।

    कुछ यूजर्स का कहना है कि संजू को काफी मौके मिल चुके हैं और अगर उनका बल्ला लगातार खामोश है तो युवा खिलाड़ी को आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए। एक यूजर ने कहा कि अब संजू से आगे बढ़ने का समय आ गया है। वहीं कुछ फैन्स ने मुख्य कोच गौतम गंभीर और चयनकर्ताओं पर भी सवाल उठाए और पूछा कि आखिर वैभव को प्लेइंग इलेवन में मौका कब मिलेगा।

    हालांकि सिर्फ चार पारियों के आधार पर किसी खिलाड़ी के भविष्य पर फैसला करना आसान नहीं होता। संजू के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव है और वह कई मौकों पर अपनी बल्लेबाजी से टीम को मैच जिता चुके हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट उनके अनुभव पर भरोसा जारी रखता है या युवा वैभव को मौका देकर भविष्य की तैयारी शुरू करता है यह आने वाले मुकाबलों में साफ होगा।

    फिलहाल भारत ने सीरीज में जीत के साथ शुरुआत कर दी है और अब नजर अगले मुकाबले पर है। एक तरफ संजू सैमसन के बल्ले से बड़ी पारी की उम्मीद होगी तो दूसरी तरफ फैन्स की निगाहें 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी। अगर टीम मैनेजमेंट प्लेइंग इलेवन में बदलाव करता है तो वैभव को मौका मिलना इस सीरीज की सबसे बड़ी चर्चाओं में से एक हो सकता है।

  • Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर

    Ind vs WI : पहला टी-20 आज लखनऊ में…. टीम में संजू सैमसन को फिर मौका, वैभव सूर्यवंशी बाहर


    लखनऊ।
    आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 (Aichi-Nagoya Asian Games 2026) में गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब टीम इंडिया (Team India) की नजरें वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ टी20 सीरीज (T20 Series) पर हैं. दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 6 अक्टूबर (मंगलवार) को लखनऊ (Lucknow) के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा. मुकाबला भारतीय समयानुसार शाम 7 बजे से शुरू होगा।

    भारतीय टीम ने हाल ही में एशियन गेम्स के मेन्स क्रिकेट फाइनल में पाकिस्तान को हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया था. फाइनल में अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्ले से अहम योगदान दिया था. वहीं शिवम दुबे ने ऑलराउंड खेल दिखाया था।


    कप्तान श्रेयस अय्यर पर बड़ी जिम्मेदारी

    टी20 सीरीज में श्रेयस अय्यर भारतीय टीम की कप्तानी करेंगे. एशियन गेम्स में भी अय्यर की अगुवाई में भारत ने गोल्ड जीता था. अब उनकी कोशिश वेस्टइंडीज के खिलाफ भी जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने की होगी. हालांकि, वेस्टइंडीज को हल्के में नहीं लिया जा सकता. वनडे सीरीज में भारत ने 2-1 से जीत दर्ज की, लेकिन तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बड़ी जीत हासिल की थी. ऐसे में कैरेबियाई टीम टी20 सीरीज में मजबूत वापसी करना चाहेगी।


    संजू-अभिषेक कर सकते हैं ओपनिंग

    पहले टी20 के लिए संभावित प्लेइंग-11 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी जा सकती है. नंबर-3 पर ईशान किशन उतर सकते हैं. इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और तिलक वर्मा मध्यक्रम को मजबूती देंगे. एशियन गेम्स के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करने वाले अभिषेक और तिलक पर एक बार फिर नजरें रहेंगी।


    शिवम दुबे और नीतीश रेड्डी देंगे ऑलराउंड विकल्प

    मध्यक्रम में शिवम दुबे और नीतीश कुमार रेड्डी टीम को बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी का विकल्प भी देंगे. वहीं अक्षर पटेल स्पिन ऑलराउंडर की भूमिका में नजर आ सकते हैं. गेंदबाजी में कुलदीप यादव मुख्य स्पिनर होंगे, जबकि तेज गेंदबाजी की कमान अर्शदीप सिंह संभाल सकते हैं. दूसरे तेज गेंदबाज के तौर पर प्रिंस यादव को मौका मिलने की संभावना है।


    कोच गंभीर का वैभव पर बड़ा बयान

    टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में कहा, ‘वैभव बहुत प्रतिभाशाली हैं और अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन कभी-कभी आपको अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है क्योंकि हम ड्रेसिंग रूम में वह सुरक्षा का माहौल बनाना चाहते हैं।


    गोल्ड के बाद अब टी20 सीरीज पर नजर

    एशियन गेम्स में पाकिस्तान को हराकर गोल्ड जीतने के बाद टीम इंडिया के सामने अब नई चुनौती वेस्टइंडीज की है. लखनऊ में होने वाला पहला टी20 ना सिर्फ पांच मैचों की सीरीज का आगाज होगा, बल्कि गोल्ड मेडल मैच के बाद भारतीय टीम के नए अभियान की शुरुआत भी करेगा।


    पहले टी20 में भारत की संभावित प्लेइंग-11:
    संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव.


    पहले टी20 में वेस्टस्टइंडीज की संभावित प्लेइंग-11:
    शाई होप (कप्तान/विकेटकीपर), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, गुडाकेश मोती, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर.

    भारत का फुल स्क्वॉड: श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन (विकेटकीपर), संजू सैमसन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा (उप-कप्तान), शिवम दुबे, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, नमन धीर, रवि बिश्नोई, नीतीश कुमार रेड्डी, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और मयंक यादव।


    वेस्टइंडीज का स्क्वॉड:
    शाई होप (कप्तान), रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, शिमरॉन हेटमायर, अकील हुसैन, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, गुडाकेश मोती, कीमो पॉल, कामिल पूरन, रोवमैन पॉवेल, शेरफेन रदरफोर्ड, क्वेंटिन सैम्पसन, रोमारियो शेफर्ड और शमर स्प्रिंगर।


    टी20 सीरीज का फुल शेड्यूल

    पहला टी20: 6 अक्टूबर 2026 (लखनऊ)
    दूसरा टी20: 9 अक्टूबर 2026 (रांची)
    तीसरा टी20: 11 अक्टूबर 2026 (इंदौर)
    चौथा टी20: 14 अक्टूबर 2026 (हैदराबाद)
    पांचवां टी20: 17 अक्टूबर 2026 (बेंगलुरु)

  • एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले ये हैं 5 भारतीय, वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा 8 साल पुराना रिकॉर्ड

    एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले ये हैं 5 भारतीय, वैभव सूर्यवंशी ने तोड़ा 8 साल पुराना रिकॉर्ड


    नई दिल्ली। 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ पुरुष टी20 फाइनल में भारतीय टीम की जीत के साथ वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए और उन्होंने निशानेबाज सौरभ चौधरी का करीब आठ साल पुराना रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।

    वैभव ने यह उपलब्धि 15 साल, 6 महीने और 6 दिन की उम्र में हासिल की। इससे पहले यह रिकॉर्ड सौरभ चौधरी के नाम था, जिन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 16 साल, 3 महीने और 9 दिन की उम्र में गोल्ड जीता था। हालांकि, एक अहम फर्क है-सौरभ अब भी सबसे कम उम्र में व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन गेम्स गोल्ड जीतने वाले भारतीय हैं, जबकि वैभव का गोल्ड टीम स्पर्धा में आया है।

    एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र में गोल्ड जीतने वाले 5 भारतीय

    1. वैभव सूर्यवंशी – क्रिकेट
    वैभव इस सूची में पहले स्थान पर हैं। 2026 ऐची-नागोया एशियन गेम्स में पाकिस्तान के खिलाफ पुरुष क्रिकेट टीम की गोल्ड मेडल जीत के साथ उन्होंने 15 साल, 6 महीने और 6 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की। फाइनल में वैभव ने 9 गेंदों पर 15 रन बनाए, जिसमें दो छक्के शामिल थे।

    2. सौरभ चौधरी – शूटिंग
    2018 जकार्ता एशियन गेम्स में सौरभ चौधरी ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता था। उस समय उनकी उम्र 16 साल, 3 महीने और 9 दिन थी। वैभव के रिकॉर्ड से पहले करीब आठ साल तक यही सबसे कम उम्र में भारतीय गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड था।

    3. कुमकुम मोहोड – तीरंदाजी
    महाराष्ट्र की 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड ने 2026 ऐची-नागोया एशियन गेम्स में महिला व्यक्तिगत रिकर्व तीरंदाजी में गोल्ड जीता। वह एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रिकर्व गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। दक्षिण कोरिया की ओह येजिन के खिलाफ शूट-ऑफ में कुमकुम ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

    4. जी. कमलिनी – क्रिकेट
    तमिलनाडु की विकेटकीपर-बल्लेबाज जी. कमलिनी 18 साल की उम्र में 2026 एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा बनीं। भारत ने फाइनल में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का एशियन गेम्स गोल्ड जीता। कमलिनी का जन्म 20 जुलाई 2008 को मदुरै में हुआ था।

    5. पलक गुलिया – शूटिंग
    निशानेबाज पलक गुलिया ने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीता था। वह उस समय 17 साल, 10 महीने और 20 दिन की थीं। उन्होंने फाइनल में 242.1 अंक के एशियन गेम्स रिकॉर्ड स्कोर के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था।

    पाकिस्तान को 19 रन से हराकर भारत ने जीता गोल्ड

    वैभव का रिकॉर्ड भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए रोमांचक पुरुष टी20 फाइनल के बाद बना। जापान के निसिन स्थित कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 211 रन बनाए। इसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 192/6 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 19 रन से जीत लिया।

    भारत की पारी में अभिषेक शर्मा ने 28 गेंदों पर 61 रन की तेजतर्रार पारी खेली। इसके बाद तिलक वर्मा ने 22 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाकर टीम को 200 के पार पहुंचाया। वैभव ने भी पारी की शुरुआत करते हुए 9 गेंदों पर 15 रन बनाए।

    पाकिस्तान की ओर से हसन नवाज ने 51 गेंदों पर 96 रन बनाकर भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया, लेकिन भारत ने आखिरी ओवरों में संयम बनाए रखा और पाकिस्तान को 192 रन पर रोक दिया। इस जीत के साथ भारत ने पुरुष क्रिकेट में अपना एशियन गेम्स गोल्ड भी बरकरार रखा।

    वैभव की इस उपलब्धि के साथ एक और बात भी खास है। वह एशियन गेम्स में सबसे कम उम्र के भारतीय गोल्ड मेडलिस्ट तो बन गए हैं, लेकिन सबसे कम उम्र के भारतीय पदक विजेता का रिकॉर्ड अभी संजना बथुला के नाम है, जिन्होंने 2023 हांगझोउ गेम्स में 15 साल, 3 महीने और 11 दिन की उम्र में कांस्य पदक जीता था।

  • आईपीएल में दिग्गज गेंदबाजों पर बरसे वैभव अब न्यूजीलैंड की उछाल वाली पिच पर होगी परीक्षा

    आईपीएल में दिग्गज गेंदबाजों पर बरसे वैभव अब न्यूजीलैंड की उछाल वाली पिच पर होगी परीक्षा


    नई दिल्ली । भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में क्रिकेट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना ली है। आईपीएल से लेकर भारत ए और भारतीय अंडर 19 टीम तक अपने प्रदर्शन से प्रभावित करने वाले वैभव अब न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में खुद को साबित करते नजर आ सकते हैं। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक पांच टी20 मैचों की सीरीज खेली जानी है और इस सीरीज को लेकर न्यूजीलैंड के कोच रॉब वॉल्टर की नजर भी इस युवा बल्लेबाज पर है। वॉल्टर ने वैभव को रोमांचक खिलाड़ी बताते हुए कहा है कि वह उन्हें तेज और उछाल वाली पिचों पर बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहते हैं।

    न्यूजीलैंड की पिचों पर अक्सर तेज गेंदबाजों को अतिरिक्त उछाल और गति मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में वैभव के लिए यह परिस्थितियां एक अलग तरह की चुनौती हो सकती हैं। रॉब वॉल्टर का कहना है कि उन्होंने वैभव को आईपीएल में दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए देखा है। अब वह यह देखना चाहते हैं कि अलग परिस्थितियों में वैभव का खेल किस तरह सामने आता है और न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में उनके गेंदबाज इस युवा बल्लेबाज के सामने किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।

    वॉल्टर ने यह भी कहा कि एक कोच के तौर पर वह अपने खिलाड़ियों को दबाव वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन करते हुए देखना चाहते हैं। इसी नजरिए से वह वैभव की बल्लेबाजी का इंतजार कर रहे हैं। उनके बयान से यह भी संकेत मिलता है कि न्यूजीलैंड टीम इस युवा भारतीय बल्लेबाज को लेकर पूरी तरह सतर्क है और उसकी बल्लेबाजी को गंभीरता से देख रही है।

    वैभव के लिए भारतीय टीम तक पहुंचने का सफर भी बेहद खास रहा है। कम उम्र में आईपीएल में धमाकेदार बल्लेबाजी के बाद उन्होंने भारत ए और भारत अंडर 19 टीम के लिए भी अपनी क्षमता दिखाई। इसके बाद उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली। वह भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों में शामिल हैं। इसी साल उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी20 मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था।

    डेब्यू सीरीज वैभव के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं रही लेकिन इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर उन्होंने शानदार वापसी की। वहां उनके प्रदर्शन ने उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार दिलाया। अब तक वह छह टी20 मैचों की छह पारियों में 193 रन बना चुके हैं। उनके नाम दो अर्धशतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 81 रन है। इन आंकड़ों से साफ है कि कम उम्र के बावजूद वैभव ने टी20 क्रिकेट में तेजी से अपनी जगह बनाई है।

    वैभव फिलहाल एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम का भी हिस्सा हैं। हालांकि जापान के खिलाफ मुकाबले में उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया था। ऐसे में आने वाले मुकाबलों में उन्हें कितने मौके मिलते हैं यह भी देखने वाली बात होगी। इसके बाद न्यूजीलैंड दौरा उनके लिए एक और महत्वपूर्ण चुनौती बन सकता है।

    न्यूजीलैंड में तेज गति और उछाल वाली पिचों पर वैभव का प्रदर्शन इसलिए भी खास होगा क्योंकि वहां की परिस्थितियां भारतीय उपमहाद्वीप की पिचों से अलग होती हैं। रॉब वॉल्टर की नजरें भी इसी बात पर हैं कि आईपीएल में बड़े गेंदबाजों के खिलाफ बेखौफ बल्लेबाजी करने वाला यह युवा खिलाड़ी न्यूजीलैंड की परिस्थितियों और दबाव में किस तरह अपनी बल्लेबाजी को ढालता है। भारत और न्यूजीलैंड की टी20 सीरीज में वैभव को मौका मिलता है तो उनके प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रशंसकों के साथ न्यूजीलैंड टीम की भी नजर रहने की उम्मीद है।

  • वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा

    वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार! गौतम गंभीर ने साफ किया प्लान बोले मौका आएगा तो लंबे समय के लिए मिलेगा


    नई दिल्ली। वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने के बाद अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींचा है। महज कम उम्र में टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह बनाने वाले इस युवा बल्लेबाज के नाम छह मुकाबलों में दो अर्धशतक भी दर्ज हो चुके हैं। इसके बावजूद अफगानिस्तान के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने वैभव की स्थिति को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। गंभीर के मुताबिक वैभव को फिलहाल अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

    अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी सीरीज में भारत ने अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी। दोनों बल्लेबाजों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए शानदार प्रदर्शन किया। खासकर तीसरे टी20 मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 37 गेंदों में शतक जड़ दिया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान को 127 रन से हराया और तीन मैचों की सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया।

    सीरीज के बाद गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम मैनेजमेंट का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि वैभव के साथ इस विषय पर बातचीत बिल्कुल साफ है। उन्हें अपनी बारी का इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट उनकी प्रतिभा से पूरी तरह वाकिफ है और जानता है कि वह क्या कर सकते हैं लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अनुभव और लगातार प्रदर्शन की भी अपनी अहमियत होती है।

    गंभीर के मुताबिक जो खिलाड़ी पिछले दो तीन साल से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जिसने अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। ऐसे में फिलहाल अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन को हटाकर वैभव को मौका देने की जल्दबाजी नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि टीम मैनेजमेंट वैभव को नजरअंदाज कर रहा है बल्कि उन्हें सही समय पर मौका देने की योजना है।

    गंभीर ने यह भी संकेत दिया कि जब वैभव को प्लेइंग इलेवन में जगह मिलेगी तो उन्हें सिर्फ एक या दो मैचों का मौका नहीं दिया जाएगा। टीम मैनेजमेंट उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त अवसर देगा। यानी युवा बल्लेबाज को एक लंबी अवधि के मौके के लिए तैयार रहना होगा।

    गंभीर ने उम्र को लेकर भी अपनी बात रखी। उनका कहना है कि क्रिकेट में इंतजार की स्थिति खिलाड़ी की उम्र देखकर नहीं बदलती। खिलाड़ी 15 साल का हो या 30 साल का उसे अगर अपनी बारी का इंतजार करना है तो करना होगा। टीम में प्रतिस्पर्धा और प्रतिभा होना जरूरी है लेकिन हर खिलाड़ी को अपने मौके के लिए इंतजार करना पड़ता है।

    अभिषेक और संजू को लगातार मौका देने के पीछे एक और वजह भी है। गंभीर के मुताबिक टीम मैनेजमेंट अफगानिस्तान सीरीज में उस ओपनिंग कॉम्बिनेशन को दोबारा आजमाना चाहता था जिसने टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया था। सिर्फ तीन चार मैचों के खराब प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी को बाहर करना उचित नहीं माना गया। दोनों बल्लेबाजों ने अफगानिस्तान के खिलाफ फिर साबित किया कि उन्हें लगातार मौके क्यों दिए जा रहे हैं।

    वैभव ने जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया था। इसके बाद छह मुकाबलों में दो अर्धशतक लगाकर उन्होंने अपनी क्षमता दिखाई है। गंभीर के संदेश से इतना स्पष्ट है कि टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज की प्रतिभा पर भरोसा करता है। फिलहाल वैभव को इंतजार करना होगा और जब उनकी बारी आएगी तो उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे।