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  • शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत

    शतक से चूके लेकिन गेंदबाजों को खूब धोया: वैभव सूर्यवंशी ने 81 गेंदों में जड़ा 92 रन का तूफान, ईस्ट जोन को मिली शानदार शुरुआत


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपने बल्ले की चमक दिखाई। सेंट्रल जोन की टीम को पहली पारी में 266 रनों पर समेटने के बाद बल्लेबाजी करने उतरी ईस्ट जोन को वैभव ने अभिमन्यु ईश्वरन के साथ मिलकर शानदार शुरुआत दिलाई। वैभव ने महज 81 गेंदों में 92 रनों की तूफानी पारी खेलकर सेंट्रल जोन के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। हालांकि वह शतक पूरा करने से सिर्फ 8 रन दूर रह गए लेकिन उनकी पारी ने मुकाबले में ईस्ट जोन की स्थिति मजबूत कर दी।

    मुकाबले के दूसरे दिन ईस्ट जोन की पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने की। दोनों बल्लेबाजों ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 153 गेंदों में 162 रनों की शानदार साझेदारी की। वैभव शुरुआत से ही बेहद आक्रामक नजर आए और उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाए। 81 गेंदों की अपनी पारी में उन्होंने 7 चौके और 7 छक्के जमाए। उनकी बल्लेबाजी में तेजी के साथ आत्मविश्वास भी साफ नजर आया और उन्होंने सेंट्रल जोन के गेंदबाजों को लगातार बैकफुट पर रखा।

    वैभव सूर्यवंशी की पारी का अंत हर्ष दुबे ने किया। बाउंड्री लगाने की कोशिश में वैभव अरशद खान के हाथों कैच आउट हो गए। शतक से चूकने के बावजूद उनकी 92 रनों की पारी ईस्ट जोन के लिए बेहद अहम साबित हुई। वैभव के आउट होने के बाद ईस्ट जोन को एक और झटका लगा जब कुमार कुशाग्र पहली ही गेंद पर पवेलियन लौट गए। इसके बावजूद अभिमन्यु ईश्वरन ने मोर्चा संभाले रखा और अपना अर्धशतक पूरा कर क्रीज पर डटे रहे। उनके साथ सुदीय कुमार पारी को आगे बढ़ाने में जुटे रहे।

    लंच ब्रेक तक ईस्ट जोन ने पहली पारी में 2 विकेट गंवाकर 183 रन बना लिए थे। इस तरह टीम ने सेंट्रल जोन के पहली पारी के स्कोर की ओर मजबूती से कदम बढ़ा दिए। ईस्ट जोन की शुरुआत में वैभव की विस्फोटक पारी की बड़ी भूमिका रही जिसने टीम को तेज रन गति के साथ मजबूत आधार दिया।

    इससे पहले ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी घातक गेंदबाजी के सामने सेंट्रल जोन की पूरी टीम पहली पारी में 266 रन पर सिमट गई। सेंट्रल जोन की ओर से रिंकू सिंह ने संघर्ष करते हुए 88 गेंदों पर 60 रन बनाए और अर्धशतक पूरा किया। उनके अलावा आर्यन जुयाल ने 46 रनों का योगदान दिया। हालांकि रिंकू को दूसरे छोर से लगातार मजबूत साझेदारी नहीं मिल सकी और टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में सफल नहीं हो पाई।

    ईस्ट जोन की गेंदबाजी में मुकेश कुमार और अभिजीत सरकार सबसे प्रभावी रहे। दोनों गेंदबाजों ने 3-3 विकेट अपने नाम किए। वहीं मोहम्मद शमी और मोहम्मद कौनेन कुरैशी ने 2-2 विकेट लेकर सेंट्रल जोन की पारी को समेटने में अहम भूमिका निभाई। अब मुकाबले में ईस्ट जोन की नजर बड़ी बढ़त हासिल करने पर है और वैभव सूर्यवंशी की 92 रनों की आतिशी पारी ने सेमीफाइनल मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया है।

  • महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान

    महज 15 साल की उम्र में कप्तानी का मौका ईशान किशन के चोटिल होते ही वैभव सूर्यवंशी बने ईस्ट जोन के कार्यवाहक कप्तान


    नई दिल्ली। दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के लिए रविवार का दिन बेहद खास रहा। ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के बीच खेले जा रहे मुकाबले में सूर्यवंशी को पहली बार सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला। ईस्ट जोन के नियमित कप्तान ईशान किशन चोटिल होने के कारण मैदान से बाहर चले गए जिसके बाद टीम के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने कुछ समय के लिए कार्यवाहक कप्तान की भूमिका निभाई। इतनी कम उम्र में सीनियर क्रिकेट में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलना सूर्यवंशी के लगातार बढ़ते कद को दर्शाता है।

    दरअसल सेंट्रल जोन की बल्लेबाजी के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन के दाहिने अंगूठे में चोट लग गई। चोट के कारण उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा। इसके बाद विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी कुमार कुशाग्र ने संभाली जबकि ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी को टीम की कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई। यह सूर्यवंशी का सीनियर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में कप्तानी का पहला अनुभव रहा। इससे पहले वह अपनी बल्लेबाजी और कभी कभी गेंदबाजी को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं।

    दलीप ट्रॉफी में सूर्यवंशी का प्रदर्शन पहले से ही चर्चा में रहा है। नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उनके बल्ले से केवल आठ रन निकले थे लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार योगदान दिया। उन्होंने महज 11 रन देकर दो विकेट हासिल किए थे। इस प्रदर्शन ने यह भी दिखाया कि सूर्यवंशी केवल बल्लेबाजी तक सीमित नहीं हैं बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंद से भी टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    सूर्यवंशी ने खुद अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प बात साझा की थी। उनका कहना था कि बल्लेबाजों को अक्सर गेंदबाजी करने में मजा आता है और गेंदबाजों को बल्लेबाजी करने में। ईस्ट जोन के पिछले मुकाबले में जब विरोधी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे तब उन्हें दो तीन ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया था। सूर्यवंशी ने खुद को विकेट लेने वाला खिलाड़ी बताते हुए मजाकिया अंदाज में कहा था कि ईशान किशन को शायद पता नहीं था कि वह विकेट लेने वाले खिलाड़ी हैं।

    ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन के सेमीफाइनल में टॉस जीतकर ईस्ट जोन ने रजत पाटीदार की कप्तानी वाली सेंट्रल जोन टीम को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। सेंट्रल जोन की टीम में सारांश जैन की भी वापसी हुई है। सारांश ने इसी महीने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो टेस्ट में भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था।

    पहले दिन के शुरुआती सत्र में ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने सेंट्रल जोन पर दबाव बनाए रखा। 32 ओवर के बाद सेंट्रल जोन का स्कोर 81 रन पर तीन विकेट था। अभिजीत के सरकार और मुकेश कुमार ने शानदार गेंदबाजी करते हुए विकेट हासिल किए। अभिजीत ने पहले घंटे में अमन मोखाडे और कुणाल चंदेला को पवेलियन भेजा जबकि भारतीय तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने दूसरे घंटे के अंत में कप्तान रजत पाटीदार को 12 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर दिया।

    वैभव सूर्यवंशी के लिए यह जिम्मेदारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह बेहद कम उम्र में लगातार बड़े मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं। आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से चर्चा में आए सूर्यवंशी अब कप्तानी और गेंदबाजी जैसे पहलुओं में भी अनुभव हासिल कर रहे हैं। ईशान किशन की चोट से पैदा हुई स्थिति ने उन्हें अचानक नेतृत्व की भूमिका में ला खड़ा किया लेकिन यह मौका उनके क्रिकेटिंग सफर में एक अहम पड़ाव साबित हो सकता है। आने वाले समय में उनके खेल के साथ नेतृत्व क्षमता पर भी सभी की नजर रहेगी।

  • टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा

    टी20 क्रिकेट में बटलर का नया कीर्तिमान, वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ; बोले- कई रिकॉर्ड तोड़ेगा


    नई दिल्ली। टी20 क्रिकेट में नया इतिहास रचने वाले इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर ने भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर ऐसी भविष्यवाणी की है जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। क्रिकेट के सबसे छोटे प्रारूप में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बनने के बाद बटलर ने कहा कि भविष्य में यदि कोई खिलाड़ी उनका रिकॉर्ड तोड़ सकता है तो वह 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी हैं। बटलर का यह बयान युवा भारतीय खिलाड़ी की प्रतिभा और उसके उज्ज्वल भविष्य पर बड़ी मुहर माना जा रहा है।

    द हंड्रेड टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए जोस बटलर ने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ कीरोन पोलार्ड को पीछे छोड़ दिया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में बटलर ने कहा कि सबसे ज्यादा टी20 रन बनाने वाला खिलाड़ी कहलाना उनके लिए बेहद खास एहसास है लेकिन उन्हें पूरा भरोसा है कि एक दिन यह रिकॉर्ड कोई और खिलाड़ी तोड़ेगा और संभवतः वह खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी होंगे।

    बटलर ने मुस्कुराते हुए कहा कि यह सोचना बेहद रोमांचक है कि उन्होंने टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं लेकिन रिकॉर्ड हमेशा टूटने के लिए ही बनते हैं। उनके अनुसार वैभव सूर्यवंशी में इतनी क्षमता है कि वह भविष्य में इस उपलब्धि को अपने नाम कर सकते हैं। दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज से मिली यह तारीफ युवा भारतीय बल्लेबाज के लिए किसी बड़े सम्मान से कम नहीं मानी जा रही।

    वैभव सूर्यवंशी ने पिछले एक वर्ष में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों को लगातार प्रभावित किया है। कम उम्र में ही उन्होंने अपनी विस्फोटक शैली से अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में पदार्पण करने वाले खिलाड़ियों में शामिल वैभव ने अपने शुरुआती मुकाबलों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह साबित कर दिया कि उनमें बड़े मंच पर खेलने का आत्मविश्वास और क्षमता दोनों मौजूद हैं।

    हाल के मुकाबलों में वैभव ने तेज गति से रन बनाकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 श्रृंखला में बेहद कम गेंदों में अर्धशतक जड़कर सबका ध्यान खींचा था। इसके अलावा एक अन्य मुकाबले में उन्होंने दमदार पारी खेलते हुए शानदार स्कोर बनाया और टीम की जीत में अहम योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता और आत्मविश्वास दोनों साफ दिखाई देते हैं।

    घरेलू टी20 लीग में भी वैभव का प्रदर्शन लगातार चर्चा का विषय बना रहा। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। उनकी तेज रन बनाने की क्षमता और लंबे शॉट लगाने की कला ने उन्हें भारतीय क्रिकेट का नया सितारा बना दिया है।

    दूसरी ओर जोस बटलर भी इस समय शानदार फॉर्म में हैं। रिकॉर्ड बनाने वाले मुकाबले में उन्होंने केवल 20 गेंदों में 51 रन की तूफानी पारी खेली जिसमें दो चौके और छह शानदार छक्के शामिल रहे। इस पारी के साथ उन्होंने टी20 क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज का स्थान हासिल किया। बटलर के नाम अब 14833 टी20 रन दर्ज हैं जबकि कीरोन पोलार्ड 14803 रन के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इस सूची में वेस्टइंडीज के दिग्गज क्रिस गेल तीसरे स्थान पर मौजूद हैं।

    बटलर की यह भविष्यवाणी भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाली है। यदि वैभव सूर्यवंशी अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखते हैं तो आने वाले वर्षों में वह न केवल भारतीय क्रिकेट बल्कि विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में अपनी जगह बना सकते हैं।

  • शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे

    शुभमन गिल ने फिर हासिल किया वनडे का ताज, 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचे


    नई दिल्ली । भारतीय क्रिकेट के लिए आईसीसी की ताजा रैंकिंग खुशखबरी लेकर आई है। कप्तान शुभमन गिल ने एक बार फिर वनडे क्रिकेट में दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज का स्थान हासिल कर लिया है, जबकि 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में 230 पायदान की जबरदस्त छलांग लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां भारतीय क्रिकेट की मजबूत होती नई पीढ़ी की तस्वीर पेश करती हैं।

    आईसीसी द्वारा जारी नई वनडे रैंकिंग में शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के डेरिल मिचेल को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया। डेरिल मिचेल जनवरी से नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए थे, लेकिन हाल के महीनों में अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेलने के कारण उनकी रेटिंग प्रभावित हुई। इसका फायदा शुभमन गिल को मिला और उन्होंने एक बार फिर दुनिया के सर्वश्रेष्ठ वनडे बल्लेबाज का ताज अपने नाम कर लिया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। भारत ने यह सीरीज 3-0 से अपने नाम की और वैभव ने तीन मैचों में 50.33 की शानदार औसत से 151 रन बनाए। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया। इसी प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईसीसी रैंकिंग में मिला, जहां उन्होंने एक साथ 230 स्थान की छलांग लगाते हुए 536 रेटिंग अंकों के साथ अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ 48वीं रैंक हासिल की। महज 15 वर्ष की उम्र में टी20 रैंकिंग के टॉप-50 में पहुंचना उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत माना जा रहा है।

    टी20 बल्लेबाजों की रैंकिंग में भारत के ईशान किशन अब भी दुनिया के नंबर-1 बल्लेबाज बने हुए हैं। उनके खाते में 910 रेटिंग अंक हैं। वहीं तिलक वर्मा दो स्थान की छलांग लगाकर छठे स्थान पर पहुंच गए हैं, जबकि श्रेयस अय्यर सात स्थान की बढ़त के साथ 24वें नंबर पर पहुंच गए हैं। भारतीय बल्लेबाजों का यह शानदार प्रदर्शन टीम की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को दर्शाता है।

    गेंदबाजी रैंकिंग में भी भारत को फायदा हुआ है। लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने जिम्बाब्वे सीरीज में तीन विकेट हासिल किए, जिसके बाद उन्होंने 31 स्थान की लंबी छलांग लगाकर टी20 गेंदबाजों की रैंकिंग में 41वां स्थान हासिल कर लिया।

    जिम्बाब्वे की टीम सीरीज हार गई, लेकिन उसके कुछ खिलाड़ियों के प्रदर्शन को भी आईसीसी ने सराहा। बल्लेबाज रयान बर्ल छह स्थान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 85वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजराबानी 10 स्थान की छलांग लगाकर 26वें नंबर पर पहुंच गए।

    वनडे गेंदबाजी रैंकिंग में भी बदलाव देखने को मिला है। नामीबिया के बाएं हाथ के स्पिनर बर्नार्ड शोल्ट्ज ने नेपाल और नीदरलैंड के खिलाफ आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 ट्राई सीरीज में शानदार प्रदर्शन के दम पर टॉप-7 गेंदबाजों में जगह बना ली है।

    ताजा आईसीसी रैंकिंग ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारतीय क्रिकेट केवल अनुभवी खिलाड़ियों पर ही नहीं, बल्कि युवा प्रतिभाओं के दम पर भी लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। शुभमन गिल की नंबर-1 रैंकिंग और वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक छलांग भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।

  • सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए

    सोशल मीडिया की चमक से दूर रख रहे सीनियर खिलाड़ी ईशान किशन बोले वैभव का पूरा ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर होना चाहिए


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा जिस युवा खिलाड़ी की हो रही है वह हैं महज 15 वर्ष के वैभव सूर्यवंशी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार शुरुआत करने वाले इस युवा बल्लेबाज ने जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में केवल 18 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सभी को प्रभावित किया। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने उन्हें रातोंरात सुर्खियों में ला दिया लेकिन भारतीय टीम के सीनियर खिलाड़ी इस बात का भी पूरा ध्यान रख रहे हैं कि इतनी कम उम्र में मिली लोकप्रियता उनके खेल पर असर न डाले।

    भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने दूसरे टी20 मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में वैभव सूर्यवंशी को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि पूरी टीम की कोशिश है कि युवा बल्लेबाज का ध्यान सोशल मीडिया की चर्चाओं और बाहरी शोर से हटाकर केवल क्रिकेट पर केंद्रित रहे। ईशान के अनुसार कम उम्र में प्रसिद्धि मिलने के साथ कई तरह के आकर्षण और दबाव भी आते हैं लेकिन सही मार्गदर्शन मिलने पर खिलाड़ी लंबा और सफल करियर बना सकता है।

    ईशान किशन ने कहा कि वैभव काफी समझदार खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि मैदान पर कैसे खेलना है और मैदान के बाहर किस तरह व्यवहार करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस माहौल और पृष्ठभूमि से वैभव आते हैं वहां कई बार दोस्त और सोशल मीडिया जैसी चीजें ध्यान भटका सकती हैं। ऐसे में टीम के सीनियर खिलाड़ी लगातार उन्हें सही दिशा दिखाने का प्रयास कर रहे हैं।

    उन्होंने बताया कि केवल वह ही नहीं बल्कि अभिषेक शर्मा अक्षर पटेल और टीम के कई अन्य खिलाड़ी भी वैभव से लगातार बातचीत करते रहते हैं। सभी का उद्देश्य यही है कि युवा बल्लेबाज सोशल मीडिया पर होने वाली चर्चाओं या आलोचनाओं से प्रभावित न हो। अगर किसी मैच में रन नहीं बनते हैं तो भी उसका असर उनकी बॉडी लैंग्वेज या आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए। सीनियर खिलाड़ी चाहते हैं कि वैभव अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दें क्योंकि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

    दूसरी ओर ईशान किशन ने भी दूसरे टी20 मुकाबले में शानदार प्रदर्शन कर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्होंने केवल 44 गेंदों में 81 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसमें नौ चौके और दो शानदार छक्के शामिल रहे। उनके साथ तिलक वर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 29 गेंदों पर नाबाद 60 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों की बेहतरीन साझेदारी की बदौलत भारत ने निर्धारित 20 ओवर में पांच विकेट पर 219 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

    भारतीय गेंदबाजों ने भी बल्लेबाजों का पूरा साथ दिया और जिम्बाब्वे की टीम को लक्ष्य तक पहुंचने का मौका नहीं दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के बीच बेहतर तालमेल भी देखने को मिला जो आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए बेहद सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

    वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों को सीनियर क्रिकेटरों का मार्गदर्शन मिलना भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अगर वह इसी तरह अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखते हैं तो आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट को एक और बड़ा सितारा मिल सकता है।

  • IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!

    IND vs ZIM: दूसरे टी20 में इन 5 खिलाड़ियों पर रहेंगी सबकी निगाहें, वैभव फिर मचा सकते हैं धमाल!


    नई दिल्ली। भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहले मुकाबले में शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरेगी और उसकी कोशिश होगी कि जीत हासिल कर सीरीज पर कब्जा जमा लिया जाए। दूसरी ओर जिम्बाब्वे के लिए यह मुकाबला करो या मरो जैसा होगा। यदि मेजबान टीम को सीरीज में बने रहना है तो उसे हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

    पहले मुकाबले में भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। उन्होंने केवल 19 गेंदों में अर्धशतक जड़ते हुए साबित कर दिया कि वह बड़े मंच पर भी बेखौफ अंदाज में खेलने का माद्दा रखते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों की रणनीति पूरी तरह बिगाड़ दी थी। दूसरे मुकाबले में भी उनसे इसी तरह की धमाकेदार शुरुआत की उम्मीद रहेगी। यदि उनका बल्ला फिर चला तो भारतीय टीम को बड़ी बढ़त मिल सकती है।

    विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी शानदार लय में दिखाई दे रहे हैं। पहले मैच में उन्होंने तेज गति से रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया था। इंग्लैंड दौरे पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद ईशान अब लगातार बड़ी पारियां खेलकर अपनी जगह और मजबूत करना चाहेंगे। उनकी तेज शुरुआत विपक्षी टीम पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    गेंदबाजी विभाग में सबसे बड़ी उम्मीद तेज गेंदबाज मयंक यादव से होगी। चोट से वापसी के बाद उन्होंने पहले ही मुकाबले में अपनी रफ्तार और सटीक लाइन लेंथ से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट झटके और प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यदि मयंक इसी लय में गेंदबाजी करते हैं तो जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान नहीं होगा।

    हालांकि भारतीय टीम को जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा से सतर्क रहना होगा। रजा बल्ले और गेंद दोनों से मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। इस साल टी20 क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है और घरेलू परिस्थितियों का उन्हें पूरा फायदा मिलता है। यदि वह लंबी पारी खेलने में सफल रहे तो भारत के लिए चुनौती बढ़ सकती है।

    तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजारबानी भी जिम्बाब्वे के सबसे प्रभावी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पहले मुकाबले में उन्होंने नई गेंद से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया था और दो अहम विकेट भी अपने नाम किए थे। उनकी अतिरिक्त उछाल और स्विंग भारतीय शीर्ष क्रम की परीक्षा ले सकती है।

    कुल मिलाकर दूसरे टी20 मुकाबले में भारत के पास सीरीज जीतने का शानदार मौका है, लेकिन जिम्बाब्वे भी वापसी के लिए पूरा दम लगाएगा। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, मयंक यादव, सिकंदर रजा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे खिलाड़ी इस मुकाबले के सबसे बड़े गेमचेंजर साबित हो सकते हैं।

  • सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती

    सीरीज जीतने उतरेगा भारत, वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी निगाहें; दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे की वापसी की चुनौती


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी भारतीय टीम इस मुकाबले में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं मेजबान जिम्बाब्वे की कोशिश वापसी करते हुए सीरीज को निर्णायक मुकाबले तक ले जाने की होगी।

    पहले टी20 में भारतीय टीम ने हर विभाग में शानदार प्रदर्शन किया था। तेज गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी करते हुए जिम्बाब्वे को महज 125 रन पर समेट दिया। युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी रफ्तार से बल्लेबाजों को परेशान करते हुए 18 रन देकर दो विकेट झटके। प्रिंस यादव ने भी दो सफलताएं हासिल कीं, जबकि अशोक शर्मा ने भी प्रभावशाली गेंदबाजी कर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई।

    स्पिन विभाग में रवि बिश्नोई ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरा। उनकी सटीक गेंदबाजी के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज खुलकर रन नहीं बना सके। भारतीय गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने मेजबान टीम को बड़ा स्कोर खड़ा करने का मौका नहीं दिया।

    बल्लेबाजी में सबसे ज्यादा चर्चा 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की रही। युवा बल्लेबाज ने केवल 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेलकर कई रिकॉर्ड अपने नाम किए और मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। ईशान किशन ने भी 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 28 रन बनाकर नाबाद लौटे और टीम को जीत तक पहुंचाया।

    दूसरी ओर, जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी पहले मुकाबले में उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी। वेस्ली मधेवेरे ने 39 रन और रयान बर्ल ने 26 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर किया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दो विकेट लेकर प्रभावित किया, लेकिन अन्य गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में नाकाम रहे।

    हरारे स्पोर्ट्स क्लब की पिच पहले मुकाबले में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित हुई थी। हालांकि शुरुआती झटकों के बाद बल्लेबाजों ने भी यहां खुलकर रन बनाए। इस मैदान पर अब तक 84 टी20 मुकाबले खेले जा चुके हैं, जिनमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 45 और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम ने 37 मैच जीते हैं। पहली पारी का औसत स्कोर 155 रन, जबकि दूसरी पारी का औसत 133 रन रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार दूसरे टी20 के दौरान हरारे में मौसम साफ रहने की संभावना है और बारिश की आशंका बेहद कम है। ऐसे में पूरे 20 ओवर का मुकाबला देखने को मिल सकता है।

    भारतीय टीम की सबसे बड़ी उम्मीद एक बार फिर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी, कप्तान श्रेयस अय्यर, ईशान किशन और तेज गेंदबाज मयंक यादव पर रहेगी। यदि टीम इंडिया पहले मैच जैसी लय बरकरार रखती है तो उसके पास सीरीज अपने नाम करने का शानदार मौका होगा। वहीं जिम्बाब्वे को मुकाबले में बने रहने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड

    वैभव की विस्फोटक फिफ्टी और गेंदबाजों का कमाल, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर रचा नया रिकॉर्ड


    नई दिल्ली । जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज की शुरुआत टीम इंडिया ने बेहद शानदार अंदाज में की। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए पहले मुकाबले में भारत ने मेजबान टीम को 7 विकेट से करारी शिकस्त देते हुए सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी रही जिन्होंने अपनी तूफानी पारी से मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मोड़ दिया। भारत ने 126 रन के लक्ष्य को सिर्फ 13.2 ओवर में हासिल कर लिया और 40 गेंद शेष रहते मुकाबला समाप्त कर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 120 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए गेंदों के लिहाज से अपनी चौथी सबसे बड़ी जीत दर्ज की।

    इस मुकाबले में पहले गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम की शुरुआत बेहद खराब रही और पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। इसके बाद भी विकेटों का पतन लगातार जारी रहा और 32 रन तक जिम्बाब्वे अपने चार प्रमुख बल्लेबाज गंवा चुका था। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद से सटीक लाइन और लेंथ के साथ मेजबान बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

    मुश्किल परिस्थिति में रेयान बर्ल और वेस्ली मधेवेरे ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम को कुछ हद तक संकट से बाहर निकाला। मधेवेरे ने बाद में तादिवानाशे मारुमानी के साथ भी उपयोगी रन जोड़े जिससे जिम्बाब्वे का स्कोर सम्मानजनक स्थिति तक पहुंच सका। मधेवेरे ने 39 रन बनाए जबकि मारुमानी 27 रन बनाकर नाबाद लौटे। रेयान बर्ल ने 26 रन का योगदान दिया और जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए।

    भारत की ओर से युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए दो-दो विकेट अपने नाम किए। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई ने भी एक-एक विकेट लेकर जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी को कभी खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। अनुशासित गेंदबाजी के दम पर भारतीय टीम ने लक्ष्य को सीमित रखने में अहम भूमिका निभाई।

    126 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत भले ही अभिषेक शर्मा के जल्दी आउट होने से हुई लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपने आक्रामक तेवर से मैच का रंग बदल दिया। उन्होंने ईशान किशन के साथ तेज साझेदारी करते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। वैभव ने सिर्फ 19 गेंदों में 50 रन की विस्फोटक पारी खेली जिसमें चार चौके और चार शानदार छक्के शामिल रहे। इस अर्धशतक के साथ उन्होंने इतिहास रचते हुए 15 साल 118 दिन की उम्र में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अर्धशतक लगाने वाले दुनिया के सबसे युवा पुरुष बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।

    वैभव के आउट होने के बाद ईशान किशन ने 35 रन की उपयोगी पारी खेली जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर ने नाबाद 28 रन बनाकर जीत की औपचारिकता पूरी की। अंत में तिलक वर्मा ने भी नाबाद रहकर टीम को आसान जीत तक पहुंचाया। जिम्बाब्वे की ओर से ब्लेसिंग मुजरबानी ने दो विकेट लिए जबकि रिचर्ड नगारवा को एक सफलता मिली।

    यह मुकाबला कप्तान श्रेयस अय्यर के लिए भी खास रहा क्योंकि बतौर कप्तान उन्हें लगातार निराशाओं के बाद पहली टी20 अंतरराष्ट्रीय जीत मिली। इससे पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब भारत की नजरें शेष दो मुकाबलों में जीत दर्ज कर सीरीज अपने नाम करने पर होंगी। 25 और 26 जुलाई को इसी मैदान पर खेले जाने वाले अगले दोनों मैचों में भारतीय टीम अपने शानदार प्रदर्शन को बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी जबकि जिम्बाब्वे वापसी की कोशिश करेगा।

  • वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

    वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया


    हरारे।
    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में भारत ने 126 रन का लक्ष्य केवल 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    मैच के सबसे बड़े आकर्षण वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अर्धशतक लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 16 वर्ष 56 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    यह जीत श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम की पहली अंतरराष्ट्रीय जीत भी रही। इससे पहले उनकी कप्तानी में भारत को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। टीम की ओर से वेस्ली मधेवेरे ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि तदिवानाशे मरुमानी ने नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट झटके। मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और बाद में डियोन मायर्स का विकेट भी अपने नाम किया। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली, जबकि मधेवेरे रन आउट हुए।

    आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी ने टीम की जीत सुनिश्चित करने के साथ भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा भी दे दिया।

  • इंग्लैंड दौरे की हार भुलाकर नई चुनौती को तैयार टीम इंडिया, 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज अब

    इंग्लैंड दौरे की हार भुलाकर नई चुनौती को तैयार टीम इंडिया, 23 जुलाई से जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज अब


    नई दिल्ली। इंग्लैंड दौरे पर टी20 और वनडे दोनों सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के पास ज्यादा आराम का समय नहीं है। टीम अब नई ऊर्जा और नए इरादों के साथ जिम्बाब्वे दौरे के लिए तैयार है जहां 23 जुलाई से तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज को भारतीय टीम के लिए सिर्फ वापसी का मौका ही नहीं बल्कि युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का बड़ा मंच भी माना जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों की सबसे ज्यादा नजर युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी पर रहेगी जिनसे विस्फोटक प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

    जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टीम की कमान श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है। इंग्लैंड दौरे का हिस्सा रहे खिलाड़ी सीधे वहीं से जिम्बाब्वे रवाना होंगे जबकि बाकी खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ पहले ही टीम के साथ जुड़ चुके हैं। अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण की देखरेख में टीम इस सीरीज में नई शुरुआत करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

    भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जाएंगे। पहला मैच 23 जुलाई दूसरा मुकाबला 25 जुलाई और तीसरा तथा अंतिम टी20 26 जुलाई को खेला जाएगा। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4 बजकर 30 मिनट पर शुरू होंगे जबकि टॉस आधा घंटा पहले होगा। लगातार तीन मुकाबलों की इस छोटी सीरीज में टीम इंडिया के पास अपनी गलतियों को सुधारने और आत्मविश्वास वापस हासिल करने का शानदार अवसर होगा।

    भारतीय टीम में अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा। कप्तान श्रेयस अय्यर के साथ उपकप्तान तिलक वर्मा बल्लेबाजी की जिम्मेदारी संभालेंगे। ईशान किशन और प्रभसिमरन सिंह विकेटकीपर की भूमिका में रहेंगे जबकि अभिषेक शर्मा रिंकू सिंह शिवम दुबे और वैभव सूर्यवंशी जैसे आक्रामक बल्लेबाज टीम की ताकत बढ़ाएंगे। गेंदबाजी विभाग में वरुण चक्रवर्ती मयंक यादव यश ठाकुर प्रिंस यादव अशोक शर्मा और हर्ष दुबे जैसे युवा गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देंगे।

    इंग्लैंड दौरे पर भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा था। पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में हार मिली फिर इंग्लैंड ने टी20 और वनडे दोनों सीरीज अपने नाम कर ली। ऐसे में जिम्बाब्वे दौरा टीम इंडिया के लिए आत्मविश्वास लौटाने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है। खासकर उन खिलाड़ियों के लिए जो आने वाले बड़े टूर्नामेंटों में अपनी जगह मजबूत करना चाहते हैं।

    इस सीरीज का एक बड़ा आकर्षण युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी होंगे जिन्होंने घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपने आक्रामक अंदाज से सभी का ध्यान खींचा है। फैंस को उम्मीद है कि वह जिम्बाब्वे के खिलाफ अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से टीम इंडिया को मजबूत शुरुआत दिलाएंगे और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ेंगे।

    भारतीय दर्शकों के लिए इस सीरीज की लाइव स्ट्रीमिंग फैनकोड के प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगी। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि इंग्लैंड दौरे की निराशा पीछे छोड़कर टीम इंडिया जिम्बाब्वे में जीत के साथ नए अभियान की शुरुआत करेगी और युवा सितारे अपने प्रदर्शन से भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश करेंगे।