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  • मौसम के बदले तेवर: हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, यूपी में सड़कों पर पानी, हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

    मौसम के बदले तेवर: हेमकुंड साहिब में बर्फबारी, यूपी में सड़कों पर पानी, हिमाचल-उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट

    नोएडा। मानसून की विदाई के बीच देश के उत्तर और मध्य हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, वहीं उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से कई शहरों में जलभराव की स्थिति है। हिमाचल प्रदेश में भी बादल सक्रिय हैं और कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तराखंड में तो 26 और 27 सितंबर के लिए कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट है।

    यूपी में बारिश से जनजीवन प्रभावित, 19 जिलों में स्कूल बंद
    उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार आधी रात के बाद शुरू हुआ बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहने के आसार हैं। प्रदेश के लगभग सभी हिस्सों में कहीं धीमी तो कहीं तेज बारिश हुई। लगातार बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    मौसम विभाग ने श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा 62 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अलर्ट है।

    बारिश के कारण मानसून सीजन में प्रदेश में रह गया करीब चार फीसदी बारिश का अंतर भी पूरा हो गया है। हालात को देखते हुए शनिवार को 19 जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। नर्सरी से लेकर डिग्री कॉलेज तक के शिक्षण संस्थान प्रभावित रहेंगे। चार जिलों में कक्षा आठ तक और अन्य जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए सरोजनीनगर विधायक राजेश्वर सिंह ने भी स्कूल बंद रखने के प्रशासन के फैसले का समर्थन किया है।

    बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से बढ़ी बारिश
    वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने नए मौसम तंत्र के पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलने से उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। शनिवार को भी बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान गिरा है। कई जगह अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया है।

    खेतों में बिछी धान की फसल
    लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी धान समेत दूसरी फसलें गिर गई हैं। जौनपुर, मिर्जापुर और आजमगढ़ में धान की फसल बिछने की सूचना है। इससे किसानों को फसल खराब होने और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।

    हिमाचल में चार दिन बारिश, 27 सितंबर को सबसे ज्यादा असर
    हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। प्रदेश में अगले चार दिन बारिश का दौर रहने का अनुमान है। राजधानी शिमला में सुबह धूप खिली, लेकिन दोपहर होते-होते घने बादल छा गए।

    मौसम विभाग के अनुसार 26 सितंबर की शाम या रात से 29 सितंबर की सुबह तक दक्षिण-पूर्वी हिमाचल और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। 27 सितंबर को बारिश की तीव्रता सबसे अधिक रहने का पूर्वानुमान है।

    मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक सिरमौर, शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर के कुछ हिस्सों में 26 सितंबर की शाम से 29 सितंबर की सुबह तक व्यापक बारिश हो सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ अंधड़ और बिजली चमकने की भी आशंका है।

    29 सितंबर को भी कई हिस्सों में बारिश हो सकती है, जबकि 30 सितंबर से 2 अक्टूबर तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है। पिछले 24 घंटे में धर्मशाला में 46.0 मिमी, भरेरी में 18.2 मिमी, धौलाकुआं में 11.0 मिमी और भरवाईं में 8.0 मिमी बारिश दर्ज की गई।

    हिमाचल में किस दिन कौन सा अलर्ट
    27 सितंबर: सिरमौर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और किन्नौर के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

    28 सितंबर: शिमला, सोलन और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा।
    27 और 28 सितंबर: ऊना, हमीरपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और स्पीति के कुछ हिस्सों में मध्यम बारिश की संभावना है।
    26 से 28 सितंबर के बीच शिमला, सोलन और सिरमौर तथा 27 सितंबर को किन्नौर, बिलासपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में कुछ स्थानों पर 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
    26 सितंबर को शिमला, सिरमौर और किन्नौर में कई जगह हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर तेज बारिश का अनुमान है। कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में हल्की बारिश हो सकती है।

    उत्तराखंड में हेमकुंड साहिब बर्फ से ढका, कई जिलों में रेड अलर्ट
    उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब में मौसम खराब होने के बाद लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते धाम में ठंड काफी बढ़ गई है। इसी बीच प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है।

    मौसम विज्ञान केंद्र ने 26 से 28 सितंबर तक बारिश की गतिविधियों को लेकर चेतावनी जारी की है। मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार मौजूदा मौसम प्रणालियों के कारण 26 और 27 सितंबर को पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना अवदाब पिछले छह घंटे में 15 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। इसके प्रभाव से उत्तराखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।

    26 सितंबर को इन जिलों में रेड अलर्ट
    बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

    27 सितंबर को भी कई जिलों में खतरा
    27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट है।

    नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट है।

    28 सितंबर को उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून में कुछ स्थानों पर भारी बारिश और गर्जन के साथ तेज बारिश का दौर आने की संभावना है।

    भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा, यात्रा में सावधानी की अपील
    मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टानें गिरने से सड़क व राजमार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। बिजली और पानी जैसी सामुदायिक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।

    इसके अलावा नदियों का जलस्तर बढ़ने, नालों में अचानक बाढ़ आने और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा है। कच्चे मकानों, पुलों और निर्माणाधीन भवनों को भी नुकसान पहुंच सकता है। चारधाम यात्रा, पर्वतारोहण अभियान और हेली सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

    प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम को देखते हुए सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। लोगों से नदी-नालों और उफनती धाराओं में जाने, तैरने या नौका विहार से बचने को कहा गया है। भारी बारिश के दौरान घर के भीतर रहने और सक्रिय भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।

    गंगोत्री-यमुनोत्री यात्रा अस्थायी रूप से रोकी
    उत्तरकाशी जिले में रेड अलर्ट के मद्देनजर प्रशासन ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर यात्रियों को आगे जाने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू है।

    जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और स्मार्ट कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सभी तहसीलों से बारिश और भूस्खलन की सूचनाएं लगातार जुटाई जा रही हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की लाइव सीसीटीवी से भी निगरानी की जा रही है।

    एनएच, बीआरओ, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को मशीनरी और मैनपावर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क बंद होने की स्थिति में उसे जल्द से जल्द खोलने को कहा गया है। सभी तहसीलों को भी अलर्ट पर रहने और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल देने के निर्देश हैं।

  • भोपाल में 24 अगस्त का मौसम: दिनभर छाए रह सकते हैं बादल, बारिश के दौर से तापमान में आएगी नरमी

    भोपाल में 24 अगस्त का मौसम: दिनभर छाए रह सकते हैं बादल, बारिश के दौर से तापमान में आएगी नरमी


    भोपाल । राजधानी भोपाल में 24 अगस्त सोमवार को मानसून का असर एक बार फिर देखने को मिल सकता है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शहर में बारिश के दौर बने रहने की संभावना है और आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। दिन का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और नम रहने के आसार हैं। ताजा पूर्वानुमान में भोपाल के लिए 24 अगस्त को अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
    रविवार को भी भोपाल में बारिश और बादलों का असर बना हुआ है। ऐसे में सोमवार को भी मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आने के बजाय मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। दिन के समय बादल छाए रहने के साथ बीच बीच में बारिश या बौछारें देखने को मिल सकती हैं। बारिश होने की स्थिति में तापमान में और गिरावट आ सकती है जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम का यह मिजाज मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसूनी परिस्थितियों के बीच बना हुआ है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले दिनों बारिश का दौर जारी रहा है जबकि कुछ जिलों में भारी बारिश के कारण नदी नाले और जलस्रोत उफान पर भी रहे। भोपाल में हालांकि बारिश की तीव्रता कई अन्य जिलों की तुलना में कम रही है लेकिन मौसम विभाग के अनुसार राजधानी में आने वाले दिनों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    24 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। दिन बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर बारिश के दौर बन सकते हैं। कहीं हल्की बारिश हो सकती है तो कुछ इलाकों में तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मानसून के दौरान शहर में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहता इसलिए एक इलाके में तेज बारिश होने के दौरान दूसरे इलाके में केवल बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।

    बारिश के कारण शहर की सड़कों पर जलभराव और यातायात की परेशानी भी बढ़ सकती है। खासकर जिन इलाकों में पहले से सड़कें खराब हैं या गड्ढे बने हुए हैं वहां बारिश का पानी जमा होने से वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। दोपहिया वाहन चलाने वालों को फिसलन वाली सड़कों पर विशेष सतर्कता रखनी चाहिए। तेज बारिश के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचना बेहतर रहेगा।

    मौसम पूर्वानुमान में अगले कुछ दिनों तक भी भोपाल में बारिश का सिलसिला जारी रहने के संकेत मिल रहे हैं। 25 अगस्त को बारिश की गतिविधि और बढ़ सकती है जबकि 26 और 27 अगस्त को भी बारिश के दौर बने रहने का अनुमान है। ऐसे में राजधानी में मानसून की सक्रियता अभी खत्म होती नजर नहीं आ रही है।

    कुल मिलाकर 24 अगस्त को भोपाल का मौसम बादलों और बारिश के बीच सुहावना रहने की उम्मीद है। तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने से गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि बाहर निकलने वाले लोगों को बारिश को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारी के साथ घर से निकलना चाहिए। मौसम तेजी से बदल सकता है इसलिए स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले मौसम अलर्ट पर नजर रखना भी जरूरी होगा।

  • MP Weather Update: भोपाल में बारिश का दौर जारी, गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने किया अलर्ट

    MP Weather Update: भोपाल में बारिश का दौर जारी, गरज-चमक के साथ बरसेंगे बादल, मौसम विभाग ने किया अलर्ट


    भोपाल ।  भोपाल में शनिवार 8 अगस्त को मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ सकता है। मानसून की सक्रियता के बीच राजधानी में बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के लिए 8 अगस्त को गरज-चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई है। ऐसे में भोपाल और आसपास के इलाकों में लोगों को मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को भी राजधानी में मौसम नम रहा और वातावरण में नमी बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल क्षेत्र में बादलों की आवाजाही के बीच तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है।

    8 अगस्त को भोपाल में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रह सकते हैं। दिन के दौरान कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है जबकि कहीं कहीं गरज चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मानसून के दौरान स्थानीय स्तर पर बनने वाले बादल कई बार कुछ ही समय में मौसम का रुख बदल देते हैं। यही वजह है कि शहर के एक हिस्से में बारिश हो सकती है जबकि दूसरे हिस्से में कुछ समय तक केवल बादल छाए रह सकते हैं। राजधानी के निचले इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बनने की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    मौसम विभाग की चेतावनी केवल 8 अगस्त तक सीमित नहीं है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 अगस्त को भी गरज चमक और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश के साथ गरज चमक को लेकर चेतावनी जारी की गई है। इसका असर भोपाल सहित आसपास के क्षेत्रों के मौसम पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश का दौर और सक्रिय होने की संभावना बनी हुई है।

    बारिश के कारण भोपाल के तापमान में भी राहत बनी रह सकती है। राजधानी में इन दिनों उमस और बादलों के बीच मौसम का असर लगातार बदल रहा है। शुक्रवार को भोपाल के अरेरा हिल्स क्षेत्र में तापमान 26 डिग्री के आसपास दर्ज किया गया जबकि हवा की रफ्तार और नमी भी बनी रही। मौसम में नमी अधिक होने के कारण बारिश के बाद वातावरण ठंडा और सुहाना महसूस हो सकता है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

    शनिवार को घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। खासकर गरज चमक के दौरान खुले मैदानों पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए। दोपहिया वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि तेज बारिश के बाद सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है। वहीं बारिश के कारण यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है।

    कुल मिलाकर 8 अगस्त को भोपाल में मौसम सुहाना रहने के साथ बारिश के आसार हैं। बादलों की आवाजाही और गरज चमक राजधानी के मौसम को प्रभावित कर सकती है। मौसम विभाग की अगले कुछ दिनों की चेतावनी को देखते हुए यह साफ है कि भोपाल में मानसून अभी पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

  • जुलाई की तेज बारिश भी नहीं कर पाई भरपाई, एमपी के ज्यादातर डैम आधे खाली, 43 जिलों में कम बारिश

    जुलाई की तेज बारिश भी नहीं कर पाई भरपाई, एमपी के ज्यादातर डैम आधे खाली, 43 जिलों में कम बारिश


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में इस बार मानसून की रफ्तार उम्मीद के अनुरूप नहीं रही है। जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई तेज बारिश के बावजूद जून में हुई कमी की भरपाई नहीं हो सकी। परिणामस्वरूप प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। इसका सबसे बड़ा असर जलाशयों और बांधों पर दिखाई दे रहा है, जहां अधिकांश बड़े डैम आधे भी नहीं भर पाए हैं। यदि अगस्त में अच्छी बारिश नहीं हुई तो प्रदेश के कई हिस्सों में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है।

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 15.7 इंच बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक सामान्य वर्षा 18.1 इंच होनी चाहिए थी। यानी करीब 2.4 इंच की कमी बनी हुई है। प्रदेश के 55 जिलों में से 43 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है, जबकि पांच जिलों में तो 10 इंच से भी कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। सबसे कम बारिश मुरैना में केवल 6.3 इंच दर्ज हुई है।

    कम बारिश का असर प्रदेश के प्रमुख जलाशयों पर साफ दिखाई दे रहा है। कोलार, बाणसागर, बरना, कुंडालिया, ओंकारेश्वर, इंदिरा सागर, गांधीसागर और तिघरा जैसे बड़े बांध अभी तक आधे भी नहीं भर पाए हैं। पिछले वर्ष जुलाई के अंत तक अधिकांश जलाशय लगभग भर चुके थे और कई डैमों के गेट भी खोलने पड़े थे, लेकिन इस बार केवल बैतूल स्थित सतपुड़ा डैम के सात गेट ही खोले गए हैं। जलाशयों में पानी कम होने के कारण कई शहरों में नियमित जलापूर्ति भी प्रभावित होने लगी है।

    कृषि क्षेत्र पर भी मानसून की स्थिति का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। शाजापुर के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक एस.एस. धाकड़ के अनुसार वर्तमान मौसम सोयाबीन की फसल के लिए अनुकूल है क्योंकि अभी हल्की और मध्यम बारिश फसल के विकास में मददगार है। हालांकि दाना बनने के समय अधिक पानी की आवश्यकता होगी। दूसरी ओर खंडवा, खरगोन और बड़वानी जैसे जिलों में भारी बारिश के कारण खेतों में जलभराव हुआ है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं धान की खेती के लिए अब भी पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है।

    इस वर्ष मानसून भी प्रदेश में सामान्य से नौ दिन देरी से पहुंचा था। 24 जून को इसकी एंट्री हुई और अगले नौ दिनों में पूरे प्रदेश को कवर किया। शुरुआती देरी के कारण जून में वर्षा 30 प्रतिशत तक कम रही। जुलाई के पहले सप्ताह में स्थिति सुधरी और औसत वर्षा सामान्य से आठ प्रतिशत अधिक हो गई थी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून कमजोर पड़ गया। तीसरे और चौथे सप्ताह में तेज बारिश जरूर हुई, फिर भी शुरुआती कमी पूरी नहीं हो सकी।

    प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा बालाघाट जिले में करीब 24 इंच दर्ज की गई है, जबकि वर्षा प्रतिशत के लिहाज से बुरहानपुर सबसे आगे है, जहां सामान्य कोटे का लगभग 77 प्रतिशत पानी बरस चुका है। सीहोर, देवास, डिंडौरी और सिवनी जैसे जिलों में भी 20 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड हुई है। दूसरी ओर मुरैना, दतिया, श्योपुर, रीवा और अलीराजपुर जैसे जिलों में बारिश का आंकड़ा 10 इंच से भी नीचे बना हुआ है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त के पहले सप्ताह में भारी बारिश का दौर कुछ समय के लिए थमा है, लेकिन अगले सप्ताह से प्रदेश में फिर सक्रिय मानसून की संभावना है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है तो जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ किसानों और आम लोगों को भी बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल प्रदेश की नजरें अगस्त की बारिश पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यही आने वाले महीनों में पेयजल उपलब्धता, सिंचाई और खरीफ फसलों की स्थिति तय करेगी।

  • बारिश का नया दौर शुरू 31 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम जानिए किन राज्यों में बरसेंगे बादल और कहां रहेगा बाढ़ जैसा खतरा

    बारिश का नया दौर शुरू 31 जुलाई को कैसा रहेगा मौसम जानिए किन राज्यों में बरसेंगे बादल और कहां रहेगा बाढ़ जैसा खतरा


    मध्य प्रदेश । 31 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। मध्य प्रदेश राजस्थान गुजरात महाराष्ट्र छत्तीसगढ़ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी है।

    मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय मानसून के कारण बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रदेश में मानसून ट्रफ साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन जैसे तीन मजबूत मौसम तंत्र सक्रिय हैं जिनके प्रभाव से भोपाल इंदौर उज्जैन नर्मदापुरम हरदा धार देवास बैतूल सीहोर रायसेन सागर छिंदवाड़ा और आसपास के जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। कई स्थानों पर जलभराव और नदी नालों के उफान पर आने की आशंका भी जताई गई है।

    राजस्थान के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में भी तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है। कोटा उदयपुर झालावाड़ और बारां जैसे क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात के दक्षिणी हिस्सों और सौराष्ट्र क्षेत्र में भी तेज बारिश के आसार हैं जबकि महाराष्ट्र के कोंकण विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र में भी बादल जमकर बरस सकते हैं।

    उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है क्योंकि पश्चिमी तट पर तेज हवाओं के साथ समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इसके अलावा निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से सतर्क रहने को कहा गया है। बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की सलाह भी दी गई है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी होगा। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।

  • 21 जुलाई का मौसम देगा राहत या बढ़ाएगा मुश्किलें देश के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज चमक का अलर्ट जारी

    21 जुलाई का मौसम देगा राहत या बढ़ाएगा मुश्किलें देश के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज चमक का अलर्ट जारी


    मध्यप्रदेश । 21 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा हो सकती है। लगातार सक्रिय बने मानसूनी सिस्टम के कारण कई राज्यों में जलभराव बाढ़ और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में पूरे दिन बादल छाए रहने और रुक रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिल सकती है। हालांकि कुछ निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। सुबह और शाम के समय तेज हवा के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई जिलों में गरज चमक के साथ तेज बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने से नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा कर्नाटक और केरल में भी मानसून पूरी मजबूती के साथ सक्रिय रहेगा। पश्चिमी घाट के आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

    हिमाचल प्रदेश उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कई हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। यात्रियों और श्रद्धालुओं को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र मानसून को लगातार मजबूती दे रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है इसलिए खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना चाहिए।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करें। किसानों को भी मौसम के अनुसार कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। कुल मिलाकर 21 जुलाई का दिन देश के कई हिस्सों में बारिश राहत और सतर्कता तीनों का संदेश लेकर आएगा। जहां एक ओर गर्मी और उमस से राहत मिलेगी वहीं दूसरी ओर भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी रहेगा।

  • आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

    आज का मौसम 14 जुलाई देशभर में मानसून रहेगा मेहरबान कई राज्यों में भारी बारिश और तेज आंधी का अलर्ट


    मध्य प्रदेश। 14 जुलाई को देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने के आसार हैं और मौसम विभाग के अनुसार कई राज्यों में बारिश का सिलसिला तेज हो सकता है। उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। गरज चमक और तेज हवाओं के कारण लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने के साथ रुक रुककर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। हालांकि सुबह और शाम के समय प्रमुख सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी।

    उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड और उत्तराखंड के कई जिलों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी बनी हुई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। भोपाल इंदौर जबलपुर ग्वालियर उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है।

    महाराष्ट्र गुजरात गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। मुंबई और आसपास के इलाकों में बीच बीच में तेज वर्षा के कारण जलभराव और यातायात पर असर पड़ सकता है। पश्चिमी तट पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है क्योंकि समुद्र में ऊंची लहरें उठने की संभावना बनी हुई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। पूर्वोत्तर भारत में असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ जैसी परिस्थितियों पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर बना रह सकता है। लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने तथा मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। यात्रा पर निकलने से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी अवश्य लें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

    कुल मिलाकर 14 जुलाई का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बादलों के नाम रहने वाला है। जहां एक ओर बारिश गर्मी से राहत देगी वहीं दूसरी ओर भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी और सतर्कता बेहद जरूरी रहेगी।

  • मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    मानसून ने पकड़ी रफ्तार आज देशभर में बदल सकता है मौसम का मिजाज बारिश आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    मध्यप्रदेश । देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है और इसका असर अलग अलग राज्यों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार आज कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा तेज हवाएं और गरज चमक के साथ बारिश भी लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी लेना बेहद जरूरी हो गया है।

    उत्तर भारत के कई राज्यों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका भी बनी हुई है इसलिए यात्रियों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ राजस्थान और गुजरात के कई जिलों में भी मानसून सक्रिय रहेगा। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से नदियों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आई है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिए पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले इलाकों में खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

    पूर्वी भारत के बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है। कई स्थानों पर बिजली गिरने और तेज हवाओं का भी खतरा बना हुआ है इसलिए खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

    दक्षिण भारत के केरल कर्नाटक तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं इसलिए मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    कुछ क्षेत्रों में बारिश के बावजूद उमस लोगों को परेशान कर सकती है। जहां वर्षा कम होगी वहां दिन में गर्मी और नमी का असर महसूस होगा। ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीना हल्के कपड़े पहनना और धूप में लंबे समय तक रहने से बचना स्वास्थ्य के लिए बेहतर रहेगा।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई राज्यों में रुक रुक कर बारिश होती रहेगी जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। लोगों को सलाह दी गई है कि मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि किसी क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट जारी हो तो प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। सावधानी और सतर्कता ही बदलते मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।

  • Weather Update 11 July बारिश का डबल अलर्ट कई राज्यों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना

    Weather Update 11 July बारिश का डबल अलर्ट कई राज्यों में गरज चमक के साथ झमाझम बारिश की संभावना


    मध्यप्रदेश । 11 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पश्चिम भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कई स्थानों पर गरज चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड पश्चिम बंगाल महाराष्ट्र गुजरात कर्नाटक तमिलनाडु और केरल समेत कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। कुछ इलाकों में जलभराव बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका भी जताई गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और नदी नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी अच्छी बारिश होने की संभावना है जिससे किसानों को राहत मिल सकती है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत होगी।

    दक्षिण भारत में कर्नाटक तमिलनाडु और केरल के कई इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी तट के कोंकण और गोवा क्षेत्र में भी तेज बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने समुद्र में जाने वाले मछुआरों को स्थानीय चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय मानसून प्रणाली के कारण अगले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में 15 जुलाई के बाद वर्षा की तीव्रता में बदलाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने सुरक्षित स्थान पर शरण लेने और जलभराव वाले रास्तों से बचने की सलाह दी गई है।

  • Monsoon Alert: उत्तर से दक्षिण तक सक्रिय हुआ मानसून आज इन राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना

    Monsoon Alert: उत्तर से दक्षिण तक सक्रिय हुआ मानसून आज इन राज्यों में तेज बारिश और आंधी की संभावना


    मध्यप्रदेश । देशभर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। मानसून की सक्रियता के चलते कई राज्यों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज चमक भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत मध्य भारत पूर्वी भारत और पश्चिमी तटीय इलाकों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं।

    दिल्ली एनसीआर उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में आज बादल छाए रहने के साथ रुक रुक कर बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की भी संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।

    मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बिहार और झारखंड में भी कई स्थानों पर गरज चमक के साथ अच्छी बारिश होने के आसार हैं।

    पश्चिमी तट की बात करें तो महाराष्ट्र गोवा कर्नाटक और केरल में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और नदी नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने सतर्कता बरतने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बनी हुई है।

    पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। असम मेघालय अरुणाचल प्रदेश नागालैंड और मिजोरम में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और विकास के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

    मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान वाहन सावधानी से चलाएं और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करें। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। कुल मिलाकर आज का दिन देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश और बदलते मौसम के नाम रहेगा जिससे गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक होगा।