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  • रोग पंचक 2026: मौसम बदलते ही बढ़ी चिंता! 14 मई तक सेहत पर मंडरा सकता है खतरा, जानें क्या करें और क्या नहीं

    रोग पंचक 2026: मौसम बदलते ही बढ़ी चिंता! 14 मई तक सेहत पर मंडरा सकता है खतरा, जानें क्या करें और क्या नहीं


    नई दिल्ली। Rog Panchak 2026: मई की तेज गर्मी के बीच मौसम लगातार करवट बदल रहा है। कहीं बारिश तो कहीं उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। इसी बीच 10 मई 2026 से रोग पंचक की शुरुआत ने धार्मिक और ज्योतिष मान्यताओं को मानने वाले लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। ज्योतिष शास्त्र में रोग पंचक को स्वास्थ्य के लिहाज से संवेदनशील समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान संक्रमण, मौसमी बीमारियां और शारीरिक कमजोरी तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में बदलते मौसम और रोग पंचक का यह संयोग लोगों को विशेष सावधानी बरतने का संकेत दे रहा है।

    ज्योतिष गणना के अनुसार रोग पंचक 10 मई 2026 को दोपहर 12 बजकर 8 मिनट से शुरू होकर 14 मई 2026 की रात 10 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। पंचक तब बनता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करते हुए धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है। वहीं रविवार के दिन शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहा जाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचक काल को ऊर्जा परिवर्तन का समय माना गया है। इस दौरान शरीर और मन दोनों को संतुलित रखना बेहद जरूरी बताया गया है। मान्यता है कि इस समय लापरवाही करने पर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासकर जब मौसम तेजी से बदल रहा हो, तब सर्दी, वायरल, बुखार, एलर्जी और संक्रमण जैसी समस्याएं लोगों को अधिक परेशान कर सकती हैं।

    मौसम विभाग की ओर से कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है। दिन में तेज गर्मी और शाम को अचानक मौसम बदलने से लोगों की इम्यूनिटी पर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि रोग पंचक के दौरान स्वास्थ्य को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

    ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार रोग पंचक के समय बाहर का बासी और तला-भुना भोजन खाने से बचना चाहिए। नियमित रूप से हल्दी, तुलसी और गुनगुने पानी का सेवन लाभकारी माना गया है। साथ ही पूजा-पाठ, ध्यान और महामृत्युंजय मंत्र का जाप मानसिक तनाव कम करने और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, सगाई, दक्षिण दिशा की यात्रा और घर निर्माण जैसे शुभ कार्यों से भी बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि ज्योतिष और धार्मिक मान्यताएं आस्था का विषय हैं, इसलिए किसी भी स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना सबसे जरूरी माना जाता है।

  • मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी

    मध्य प्रदेश मौसम अपडेट: तेज गर्मी की दस्तक, 12 मई से लू चलने की चेतावनी जारी


    नई दिल्ली ।  मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला अब थमने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में अब धीरे-धीरे मौसम साफ हो रहा है और इसके साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। रविवार से ही प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और आने वाले दिनों में यह तेजी से ऊपर जाएगा।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 12 मई से प्रदेश में लू का असर शुरू हो सकता है। खासकर पश्चिमी मध्यप्रदेश के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिलेगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में दिन का तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ने की संभावना जताई गई है।

    शनिवार को हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की राहत देखने को मिली थी। एक ट्रफ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण भोपाल, बैतूल, सिवनी, पांढुर्णा, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, गुना, विदिशा, राजगढ़, सागर, जबलपुर, दमोह, बालाघाट, मंडला, उमरिया, शहडोल और छिंदवाड़ा में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा बनाए रखा। लेकिन यह राहत अब खत्म होती नजर आ रही है।

    रतलाम में शनिवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मई के पहले सप्ताह में लगातार पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के कारण बारिश का दौर बना रहा, जिससे तापमान सामान्य से नीचे रहा। लेकिन अब सिस्टम कमजोर पड़ चुका है और गर्म हवाएं प्रदेश में प्रवेश कर रही हैं।

    सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार 10 मई से प्रदेश में मौसम साफ होने लगा है और 12-13 मई के बीच कई जिलों में लू चलने की पूरी संभावना है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान में लगातार वृद्धि होगी और लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    विशेषज्ञों का कहना है कि मई के मध्य से जून तक प्रदेश में गर्मी अपने चरम पर पहुंच सकती है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को हिदायत दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और पर्याप्त पानी का सेवन करें।

    मौसम के इस बदलाव ने जहां एक ओर बारिश से राहत पाने वालों को झटका दिया है, वहीं अब लू और तपती धूप से जूझने की तैयारी शुरू हो गई है। आने वाले दिन मध्यप्रदेश के लिए गर्मी की बड़ी चुनौती लेकर आ रहे हैं।

  • आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज

    आंधी-बारिश का कहर: यूपी-बिहार में 31 की मौत, दिल्ली में ओले; कई राज्यों में मौसम ने बदला मिजाज



    नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर प्रदेश और बिहार में आंधी, बारिश और बिजली गिरने से पिछले 24 घंटे में 31 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। वहीं दिल्ली में मंगलवार को ओलावृष्टि हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली लेकिन जनजीवन प्रभावित हुआ।

    यूपी-बिहार में सबसे ज्यादा असर
    उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-बारिश के चलते 8 लोगों की मौत हो गई। पीलीभीत में ईंट-भट्ठे की ऊंची चिमनी गिरने से बड़ा हादसा हुआ।
    वहीं बिहार में 22 जिलों में खराब मौसम का असर देखने को मिला, जहां बिजली गिरने से 7 बच्चों समेत 23 लोगों की जान चली गई।

    हरियाणा-राजस्थान में तबाही और राहत
    हरियाणा में तेज तूफान के कारण 15 हजार से ज्यादा पेड़ उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में यातायात बाधित हुआ।
    वहीं राजस्थान में तापमान में 8 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली।

    पहाड़ों में ठंड बढ़ी
    हिमाचल प्रदेश के सोलन में तापमान गिरकर 4.8°C तक पहुंच गया, जो मई महीने के लिए असामान्य रूप से कम है।

    क्यों बदला मौसम?
    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर बने सिस्टम और दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश से लेकर तमिलनाडु तक बनी ट्रफ लाइन के कारण देश के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी का असर देखने को मिल रहा है।

    अगले 48 घंटे का अलर्ट
    मौसम विभाग ने कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। 
    पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश।
    बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बिजली गिरने का खतरा।
    असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश की आशंका।

    मध्य प्रदेश में भी असर
    मध्य प्रदेश में भी मौसम बदला हुआ है। भोपाल समेत 39 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे गर्मी के बीच राहत और चुनौती दोनों बनी हुई है।
    कुल मिलाकर, देशभर में मौसम का यह बदला रूप राहत और आफत दोनों लेकर आया है। जहां एक तरफ तापमान में गिरावट से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर आंधी-बिजली ने जनजीवन पर बड़ा असर डाला है।

  • MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर

    MP में मौसम का बड़ा बदलाव: 21 जिलों में आंधी-बारिश और ओले का अलर्ट, 5 मई तक रहेगा असर


    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राजधानी भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार को 21 जिलों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

    भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार इन जिलों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी संभावना जताई गई है। यह मौसम परिवर्तन 5 मई तक जारी रहने का अनुमान है।

    जिन जिलों में अलर्ट जारी किया गया है उनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, गुना, अशोकनगर, नीमच और मंदसौर शामिल हैं।

    वहीं दूसरी ओर इंदौर, उज्जैन, सीहोर, विदिशा, रायसेन, धार, खंडवा, खरगोन, रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा और अन्य जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा, हालांकि कुछ स्थानों पर दोपहर बाद मौसम बदल सकता है।

    बीते दिनों भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम खराब रहा। जबलपुर और दमोह में बारिश दर्ज की गई, जबकि खंडवा में तापमान 43.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।

    मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव साइक्लोनिक सर्कुलेशन और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके चलते नमी बढ़ रही है और आंधी-बारिश का दौर बना हुआ है।

    इस अचानक बदले मौसम का असर जनजीवन पर भी दिख रहा है। कई जगहों पर तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

  • एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    एमपी में बदला मौसम, भीषण गर्मी के बीच प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट

    भोपाल । मध्य प्रदेश में इन दिनों तेज गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। आसमान से आग बरसने जैसी स्थिति बनी हुई है। बुधवार को राजधानी भोपाल में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे ज्यादा रहा। खास बात यह है कि इसने पिछले 10 साल के रिकॉर्ड की बराबरी भी कर ली। हालांकि, अब मौसम में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अब तक सबसे गर्म रहे खजुराहो में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 से 4 दिनों में लू से राहत मिलने की संभावना है। गुरुवार के लिए लू का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम विभाग ने कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जबकि एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है, जिसके कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

    दूसरी ओर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, कटनी, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, सीहोर, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, खरगोन, बड़वानी, धार, रतलाम, झाबुआ और अलीराजपुर में गर्मी का असर अभी भी बना रहेगा।

    तापमान की बात करें तो बुधवार को सीधी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां पारा 43.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रायसेन में 43.6 डिग्री, नरसिंहपुर और खंडवा में 43 डिग्री, सतना में 42.9 डिग्री, टीकमगढ़ में 42.6 डिग्री, नौगांव और रीवा में 42.5 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और मंडला में तापमान 42 डिग्री के आसपास रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल 43.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं इंदौर में 40.1 डिग्री, ग्वालियर में 39.4 डिग्री, उज्जैन में 40 डिग्री और जबलपुर में 40.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।

    भोपाल में इस तापमान के साथ एक पुराना रिकॉर्ड भी दोहराया गया। अप्रैल महीने में 2016 से 2025 के बीच सिर्फ 30 अप्रैल 2019 को ही तापमान 43.7 डिग्री तक पहुंचा था। इससे पहले अप्रैल का सबसे अधिक तापमान 44.4 डिग्री 29 अप्रैल 1996 को दर्ज किया गया था।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 2 मई से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर पड़ सकता है। फिलहाल, लोगों को सलाह दी गई है कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें, क्योंकि इसी समय लू का प्रभाव सबसे ज्यादा रहता है। भोपाल सहित कई शहरों में गर्मी का असर फिलहाल जारी रहने की संभावना है।

  • एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद

    एमपी में तेज गर्मी का दौर जारी, आज 22 जिलों में लू की चेतावनी, कई जिलों में स्कूल बंद


    भोपाल। मध्य प्रदेश इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग में पारा चढ़ा हुआ है, वहीं मालवा-निमाड़ क्षेत्र (इंदौर-उज्जैन) के साथ भोपाल और नर्मदापुरम में भी तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है। शनिवार को प्रदेश के 6 शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।

    प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान खजुराहो में 44.6 डिग्री रहा। रविवार को ग्वालियर सहित 22 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि, मौसम में बदलाव के संकेत भी हैं। 27 अप्रैल से अगले तीन दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    जिन जिलों में रविवार को लू की चेतावनी दी गई है, उनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, रायसेन, नर्मदापुरम, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, धार और अलीराजपुर शामिल हैं। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी तापमान 41 डिग्री के पार बना रहने का अनुमान है।

    तेज गर्मी को देखते हुए इंदौर जिले में आंगनवाड़ी केंद्रों और कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूलों में 27 से 30 अप्रैल तक अवकाश घोषित किया गया है। वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित होंगी। ग्वालियर और उज्जैन में भी 8वीं तक के छात्रों के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, जबकि भोपाल के कुछ स्कूलों ने भी अवकाश का निर्णय लिया है।

    शनिवार को गर्मी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए। छतरपुर जिले का खजुराहो सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 44.6 डिग्री दर्ज किया गया। इसके अलावा रतलाम में 44.5 डिग्री, दतिया और धार में 44.1 डिग्री, नौगांव और श्योपुर में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। टीकमगढ़ और मंडला में 43.8 डिग्री, दमोह में 43.6 डिग्री, उमरिया में 43.5 डिग्री, नर्मदापुरम में 43.4 डिग्री और गुना-सतना में 43.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी पारा 43 डिग्री के आसपास रहा। ग्वालियर और उज्जैन में 43 डिग्री, भोपाल में 42.4 डिग्री, इंदौर में 42.2 डिग्री और जबलपुर में 42.6 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    इस बीच, तेज गर्मी के बीच मंदसौर में बारिश भी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं और एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखा गया।

    मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अप्रैल के अंतिम दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 28 और 29 अप्रैल को ग्वालियर, चंबल, जबलपुर और सागर संभाग के जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देखने को मिल सकता है।

  • एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा

    एमपी में 3 जिलों में लू का अलर्ट, 6 में बारिश की संभावना, रतलाम में पारा 44°C पहुंचा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार को जहां लू जैसी गर्म हवाएं चलीं, वहीं कई जिलों में बादलों की आवाजाही भी बनी रही। रतलाम में तापमान रिकॉर्ड 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि राजधानी भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे। रविवार को निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इसके साथ ही 6 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    अप्रैल महीने में यह दूसरी बार है जब प्रदेश में मौसम बदलने के संकेत मिले हैं। इससे पहले 1 से 9 अप्रैल के दौरान पूरे राज्य में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर देखने को मिला था। इसके बाद तेज गर्मी ने जोर पकड़ लिया। अब करीब 10 दिन बाद मौसम विभाग, भोपाल ने फिर से बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।

    पहली बार 44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान

    इस सीजन में पहली बार प्रदेश का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा है। मौसम विभाग के अनुसार, रतलाम में सबसे ज्यादा तापमान दर्ज किया गया। उमरिया में 43.8 डिग्री और मंडला में 43.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    खजुराहो (छतरपुर) में 42.9 डिग्री, गुना में 42.8 डिग्री, दतिया में 42.6 डिग्री, दमोह और नौगांव में 42.5 डिग्री, जबकि टीकमगढ़ और सतना में तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां पारा 41.9 डिग्री तक पहुंचा। भोपाल में 41.4 डिग्री, जबलपुर में 41.7 डिग्री, इंदौर में 40.4 डिग्री और उज्जैन में 40.6 डिग्री दर्ज किया गया।

    तेज गर्मी से बचाव के लिए सलाह जारी

    गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए मौसम विभाग ने एडवायजरी भी जारी की है। लोगों को दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और खुद को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में ज्यादा देर तक बाहर न रहने, हल्के और सूती कपड़े पहनने की भी अपील की गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त सावधानी बरतने के लिए कहा गया है।
  • एमपी में फिर बिगड़ा मौसम, 3 सिस्टम एक्टिव, 18 जिलों में बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट

    एमपी में फिर बिगड़ा मौसम, 3 सिस्टम एक्टिव, 18 जिलों में बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवाती सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ले ली है। इसके चलते आंधी और बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो गया है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मौसम काफी बिगड़ा रहा।

    मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर सहित कुल 18 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

    मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आया। भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश हुई। इसी दौरान शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं।

    मौसम विभाग के मुताबिक 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। विभाग ने यह भी बताया कि प्रदेश में तेज आंधी चलने की संभावना है। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में यह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। आमतौर पर दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

  • एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय

    एमपी में 4 दिन बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद, अब बढ़ेगी गर्मी, नया सिस्टम होगा सक्रिय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में बीते 4 दिनों करीब 98 घंटे से सक्रिय मजबूत मौसम प्रणाली के कारण 45 जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। इनमें से 17 जिलों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। अब यह सिस्टम आगे बढ़ चुका है और मौसम साफ होने के साथ तेज गर्मी बढ़ने का अनुमान है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक कहीं भी आंधी या बारिश की संभावना नहीं जताई है। हालांकि मार्च के आखिरी सप्ताह में एक नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से मौसम में फिर बदलाव हो सकता है।

    मौसम विभाग के मुताबिक 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाने की स्थिति बन सकती है। शनिवार को भी कुछ जिलों में मौसम बदला रहा और राजधानी भोपाल में बादल छाए रहने से दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।

    तापमान की बात करें तो पचमढ़ी में सबसे कम 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा और दतिया में 28.2 डिग्री, नौगांव और सतना में 28.3 डिग्री, सिवनी में 28.4 डिग्री, टीकमगढ़ और सीधी में 28.6 डिग्री, दमोह और उमरिया में 29 डिग्री, श्योपुर में 29.4 डिग्री तथा मंडला और खजुराहो में 29.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल का तापमान 29.4 डिग्री, जबलपुर 29.5 डिग्री, इंदौर 30.6 डिग्री, ग्वालियर 28.4 डिग्री और उज्जैन 31.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

    तेज आंधी और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर फसलों पर पड़ा है। केला, पपीता और गेहूं की फसलें प्रभावित हुई हैं। धार और खरगोन समेत कई जिलों में किसानों को भारी नुकसान हुआ है, जिसके चलते अब मुआवजे की मांग उठने लगी है।

    पिछले चार दिनों में इंदौर, धार, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, बुरहानपुर, खंडवा, भोपाल, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मऊगंज, श्योपुर, मुरैना, दतिया, अशोकनगर, रतलाम, उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, कटनी, उमरिया, मैहर, सतना, अनूपपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा और मंडला समेत कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई।

    वहीं अलीराजपुर, बड़वानी, विदिशा, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी, छतरपुर, शिवपुरी, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना और मंडला जिलों में ओले गिरे।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस साल अप्रैल और मई महीने सबसे अधिक गर्म रह सकते हैं। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है, जबकि भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का असर रहेगा।

  • मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना

    मार्च में तपने लगा मध्य प्रदेश, खरगोन में पारा 35°C के पार, रंगपंचमी पर बारिश की संभावना


    भोपाल । मार्च ने आते ही तेवर दिखा दिए हैं। महीने के पहले ही दिन प्रदेश में तेज धूप ने तापमान को ऊंचाई पर पहुंचा दिया। निमाड़ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा दिखा, जहां इंदौर संभाग के खरगोन में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी भोपाल समेत इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में भी दिनभर तेज धूप के कारण गर्मी महसूस की गई।

    अगले चार दिन और बढ़ेगा पारा

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। मार्च की शुरुआत साफ मौसम और तीखी धूप के साथ हुई, जिससे दिन के तापमान में उछाल आया है। पचमढ़ी को छोड़ दें तो प्रदेश के लगभग सभी शहरों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर दर्ज किया गया।

    धार, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, श्योपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर, सतना और सिवनी जैसे शहरों में तापमान 33 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं शनिवार-रविवार की रात भी अपेक्षाकृत गर्म रही। जबलपुर में रात का तापमान 19.3 डिग्री और सतना में 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धार, नर्मदापुरम, श्योपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया और मलाजखंड में रात का पारा 17 डिग्री से ऊपर रहा।

    रंगपंचमी पर बदल सकता है मौसम

    भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक 4 मार्च को एक नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बनने वाले वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर दो दिन बाद मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके प्रभाव से रंगपंचमी के आसपास या उससे पहले प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

    हालांकि इस सिस्टम के गुजरने के साथ ही दिन और रात दोनों के तापमान में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रह सकता है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि मार्च से मई के बीच प्रदेश में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है। गर्मी का असर मार्च से ही दिखने लगेगा, जबकि हीट वेव की तीव्रता अप्रैल और मई में ज्यादा रहने की आशंका है।

    अप्रैल-मई में चरम पर होगी गर्मी

    मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल अप्रैल और मई सबसे ज्यादा तपेंगे। ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में भी तेज गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। फिलहाल मार्च की शुरुआत ने ही संकेत दे दिए हैं कि इस बार गर्मी सामान्य से ज्यादा तीखी रहने वाली है, और आने वाले दिनों में तापमान का ग्राफ और ऊपर जा सकता है।