Tag: weather update

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: 41℃ तापमान, लू से जनजीवन प्रभावित

    झांसी। झांसी में मंगलवार की सुबह से ही तेज गर्मी और लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सुबह 10 बजे तक तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे शहर में भीषण गर्मी का असर साफ दिखाई देने लगा। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग घरों से निकलते समय मुंह और सिर को कपड़े से ढककर बाहर निकलने को मजबूर हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार दोपहर तक हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं और तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। इसी वजह से जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिन के मध्य समय में हीटवेव का असर सबसे ज्यादा रहेगा, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

    गर्मी के कारण सुबह से ही शहर की सड़कों पर आवाजाही कम देखी गई। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे धूप से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर चलते नजर आए। बाजारों और चौराहों पर दोपहर से पहले ही सन्नाटा जैसा माहौल बन गया, जिससे गर्मी की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरत धूप में न निकलें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें ताकि डिहाइड्रेशन से बचा जा सके। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की भी अपील की गई है, क्योंकि इस मौसम में वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।

    प्रशासन ने भी नागरिकों से सतर्क रहने और लू से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि गर्मी के इस प्रकोप में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

  • 2026 का दुर्लभ पंचांग संयोग: दो ज्येष्ठ मास, लेकिन नौतपा देगा सिर्फ एक बार प्रचंड गर्मी

    2026 का दुर्लभ पंचांग संयोग: दो ज्येष्ठ मास, लेकिन नौतपा देगा सिर्फ एक बार प्रचंड गर्मी



    नई दिल्ली(New Delhi)।
     साल 2026 हिंदू पंचांग के लिहाज से बेहद दुर्लभ और चर्चा में रहने वाला वर्ष माना जा रहा है। इस बार अधिक मास (मलमास) के कारण ज्येष्ठ मास दो बार पड़ने वाला है, जिससे लोगों के बीच यह सवाल तेज हो गया है कि क्या नौतपा भी दो बार पड़ेगा और क्या गर्मी पिछले वर्षों से कहीं ज्यादा खतरनाक हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह स्थिति पंचांगीय दृष्टि से विशेष जरूर है, लेकिन इसका असर नौतपा पर अलग तरीके से ही देखने को मिलेगा।

    ज्येष्ठ मास दो बार, लेकिन नौतपा नहीं होगा डबल
    ज्योतिष विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि 2026 में ज्येष्ठ मास भले ही दो बार आए, लेकिन नौतपा केवल एक बार ही पड़ेगा। इसका कारण यह है कि नौतपा का संबंध महीनों से नहीं बल्कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश से होता है। सूर्य वर्ष में एक बार ही रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है और इसी अवधि में शुरुआती 9 दिन “नौतपा” कहलाते हैं। इसलिए पंचांग में बदलाव होने के बावजूद नौतपा की संख्या नहीं बदलती।

    कब पड़ेगा नौतपा और कितना रहेगा असर
    गणनाओं के अनुसार 2026 में नौतपा 25 मई से शुरू होकर 2 जून तक रहने की संभावना है। इस अवधि को उत्तर और मध्य भारत में सबसे अधिक गर्म माना जाता है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है।

    मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान कई क्षेत्रों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा सकता है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 48 से 50 डिग्री तक भी पहुंच सकता है। तेज धूप के साथ लू (Heatwave) का असर भी बढ़ेगा, जिससे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

    2026 का नौतपा क्यों माना जा रहा है खास
    ज्योतिषीय दृष्टि से 2026 का नौतपा एक और कारण से विशेष माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस अवधि में दो मंगलवार भी पड़ेंगे, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से “अग्नि तत्व” से जुड़ा माना जाता है। हालांकि वैज्ञानिक रूप से इसका तापमान पर सीधा प्रभाव साबित नहीं है, लेकिन परंपरागत मान्यताओं में इसे गर्मी की तीव्रता बढ़ाने वाला योग माना जाता है।

    मानसून से भी जुड़ी है मान्यता
    भारतीय परंपराओं में नौतपा को मानसून की तैयारी का संकेत भी माना जाता है। माना जाता है कि इस दौरान तेज गर्मी से लो प्रेशर सिस्टम बनता है, जो आगे चलकर मानसून को सक्रिय करने में मदद करता है। इसलिए नौतपा को सिर्फ गर्मी का समय नहीं बल्कि मौसम परिवर्तन का महत्वपूर्ण चरण भी माना जाता है।

    कुल मिलाकर 2026 का वर्ष पंचांग और मौसम दोनों दृष्टि से खास रहने वाला है। ज्येष्ठ मास के दो बार आने से जहां यह साल अनोखा बन रहा है, वहीं नौतपा अपने तय नियमों के अनुसार केवल एक बार ही भीषण गर्मी का असर दिखाएगा। इस दौरान लोगों को धूप, लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

  • देशभर में मौसम का डबल अटैक: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं लू का कहर, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट

    देशभर में मौसम का डबल अटैक: कहीं मूसलाधार बारिश तो कहीं लू का कहर, IMD ने जारी किया हाई अलर्ट

    नई दिल्ली ।देशभर में भीषण गर्मी के बीच अब मौसम ने अचानक करवट ले ली है। 22 मई को देश के कई हिस्सों में तेज आंधी, भारी बारिश और तूफान को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक कई राज्यों में मौसम बेहद खराब रहने की संभावना है। तेज हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। कई इलाकों में बिजली गिरने, पेड़ उखड़ने और फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। मौसम में इस अचानक बदलाव की वजह से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन तेज तूफान और बारिश नई परेशानियां भी खड़ी कर सकते हैं।

    मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हो गया है, जिसका असर कई राज्यों में दिखाई देगा। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर मणिपुर तक मौसम प्रणाली मजबूत हो रही है। इसी कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, असम, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में बारिश और तेज आंधी की चेतावनी जारी की गई है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का असर देखने को मिल सकता है। गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया, आजमगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं बिहार के गया, दरभंगा, पूर्णिया, किशनगंज, सुपौल और भागलपुर जैसे जिलों में भारी बारिश और तूफान का खतरा बना हुआ है। झारखंड में भी रांची, धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर समेत कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों में भी मौसम बिगड़ सकता है और कई जिलों में तेज आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।

    पहाड़ी राज्यों में भी मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। उत्तराखंड के नैनीताल, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि खराब मौसम के कारण भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।

    राजधानी दिल्ली में भी 22 मई की शाम मौसम अचानक बदल सकता है। यहां तेज धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हालांकि तापमान अभी भी काफी ऊंचा बना रहेगा और अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा। जयपुर, ग्वालियर, उज्जैन और इंदौर जैसे शहरों में गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं।

    दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय हो गया है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कई स्थानों पर तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं अंडमान-निकोबार क्षेत्र में भी मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ सकता है, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।

    मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि तेज आंधी और बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

  • एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट

    एमपी, यूपी और राजस्थान में पारा 47°C तक पहुंचने की आशंका, कई राज्यों में हीटवेव और बारिश दोनों के अलर्ट


    नई दिल्ली। मौसम विभाग के अनुसार इस बार मानसून सामान्य समय से पहले 26 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है, लेकिन इसके बावजूद देश में मौसम का मिजाज चिंताजनक बना हुआ है। अमेरिकी एजेंसी NOAA की रिपोर्ट के अनुसार इस साल सुपर अल-नीनो की स्थिति बनने की संभावना है, जिससे मानसून कमजोर रह सकता है और देश के कई हिस्सों में सूखा व भीषण गर्मी बढ़ सकती है।

    अल-नीनो एक जलवायु घटना है, जिसमें प्रशांत महासागर का तापमान बढ़ने से मानसूनी हवाओं की दिशा प्रभावित होती है, जिससे भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया में बारिश कम होने और तापमान बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण इस बार बारिश सामान्य से कम और गर्मी अधिक रहने का अनुमान लगाया जा रहा है।

    मौसम विभाग के मुताबिक इस बार मानसून केरल से 1 जून के बजाय 26 मई के आसपास प्रवेश कर सकता है, लेकिन इसके बाद अलग-अलग राज्यों में इसकी गति अलग-अलग रहेगी। अनुमान के अनुसार राजस्थान में 20 जून, मध्य प्रदेश में 12 जून, उत्तर प्रदेश में 18 जून और बिहार में 8 से 10 जून के बीच मानसून पहुंच सकता है।

    फिलहाल देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और विदर्भ में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है, जहां तापमान 46 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। कई इलाकों में रात के समय भी लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    मध्य प्रदेश के भोपाल में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया, जिससे सड़कों का डामर तक पिघलने की स्थिति बन गई। वहीं राजस्थान के फलौदी में 44.8 डिग्री और महाराष्ट्र के अमरावती में 45.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जिससे कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।

    इसके साथ ही मौसम विभाग ने अलग-अलग राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान के अलर्ट भी जारी किए हैं। झारखंड में ऑरेंज अलर्ट, बिहार और हरियाणा के कुछ जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है, जबकि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र में हीटवेव का असर अगले एक सप्ताह तक जारी रहने की आशंका है। कई राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
     

  • यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी

    यूपी में 18 जून तक मानसून की दस्तक संभव, भीषण गर्मी और लू से बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में मानसून इस बार 18 जून के आसपास दस्तक दे सकता है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून केरल में 26 मई के करीब पहुंचेगा और वहां से आगे बढ़ते हुए 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते यूपी में प्रवेश कर सकता है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों ने इसे संभावित तारीख बताया है और स्पष्टता मानसून की वास्तविक गति के आधार पर ही आएगी।

    लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक Atul Kumar Singh ने बताया कि मौजूदा मौसम परिस्थितियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया गया है। उन्होंने कहा कि जब मानसून केरल से आगे बढ़ेगा, तभी इसकी सटीक तारीख तय की जा सकेगी।

    फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्मी का असर तेज है और कई जिलों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। झांसी और ललितपुर सहित करीब 8 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है।

    पिछले 24 घंटों में कुछ जिलों में हल्की बारिश जरूर दर्ज की गई है, लेकिन उससे गर्मी में कोई खास राहत नहीं मिली। बांदा प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 47 डिग्री तक भी जा सकता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो चुका है, जिसके कारण अब दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म रहेंगी। हीटवेव की स्थिति और तेज होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम विभाग ने यह भी बताया कि इस साल मानसून सामान्य से कमजोर रह सकता है। इसके पीछे प्रशांत महासागर में अल नीनो जैसी परिस्थितियों का प्रभाव और उत्तरी गोलार्ध में कम बर्फबारी को कारण माना जा रहा है, जिससे वर्षा प्रभावित हो सकती है।

    हालांकि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर रहा था और सामान्य से 10 से 15 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस बार मौसम पैटर्न बदलने से बारिश कम होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कृषि और जलस्तर पर असर पड़ सकता है।

  • 16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    16 मई का मौसम अलर्ट: 15 राज्यों में भारी बारिश-तूफान की चेतावनी, 85 km/h तक चलेंगी हवाएं

    नई दिल्ली। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 16 मई को देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के करीब 15 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। कई जगहों पर हवा की रफ्तार 80 से 85 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम विभाग ने बताया है कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश और आंधी देखने को मिल सकती है। वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे किसानों को फसलों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

    दिल्ली में 16 मई की शाम बादल छाने और हल्की आंधी चलने की संभावना है, जबकि तापमान 39 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 60–65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है, जहां 80–85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।

    झारखंड, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा भी बढ़ सकता है। वहीं पंजाब और राजस्थान में भी गरज-चमक के साथ आंधी-बारिश का असर देखने को मिलेगा।

    मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में जहां एक ओर तेज गर्मी और लू जैसी स्थिति बनी रहेगी, वहीं कुछ जिलों में तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

    दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण भी मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण का भी असर देश के मौसम पैटर्न पर पड़ रहा है।

    कुल मिलाकर 16 मई को देश के बड़े हिस्से में मौसम काफी अस्थिर रहने वाला है। तेज बारिश, आंधी और तूफानी हवाओं को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

  • झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका

    झांसी में भीषण गर्मी का कहर: पारा 44°C पार, अगले हफ्ते 47°C तक पहुंचने की आशंका



    नई दिल्ली। झांसी में एक बार फिर भीषण गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर में तापमान लगातार बढ़ते हुए 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे दिन के समय सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

    मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और ज्यादा बढ़ सकती है। शुक्रवार से लू चलने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं अगले सप्ताह स्थिति और गंभीर हो सकती है, जब अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।

    कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह के अनुसार, दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं का असर और बढ़ेगा। दोपहर 1 से 3 बजे के बीच सड़कों पर आवाजाही काफी कम देखी जा रही है, क्योंकि तेज धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

    बृहस्पतिवार को झांसी में अधिकतम तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान भी 27.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल राहत के आसार नहीं हैं और आने वाले दिनों में लोगों को भीषण गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।

  • ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    ग्वालियर मौसम बदला-बदला: रात में ठंडक, सुबह निकलते ही धूप और उमस ने बढ़ाई परेशानी

    नई दिल्ली।  मध्य प्रदेश के Gwalior में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। कभी तेज बारिश और आंधी तो कभी चिलचिलाती धूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बीते कुछ दिनों से शहर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

    मंगलवार शाम अचानक आई आंधी और बारिश के बाद रात के समय लोगों को हल्की राहत जरूर मिली, जब तापमान में गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री से घटकर 25.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक टिक नहीं सकी।
    बुधवार सुबह होते ही तेज धूप ने फिर से शहर को गर्मी की चपेट में ले लिया। हवा में लगभग 60 प्रतिशत नमी के कारण उमस और बढ़ गई, जिससे लोगों को भारी असहजता महसूस हुई। मौसम में इस बदलाव के चलते दिनभर बेचैनी का माहौल बना रहा।
    सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि सुबह के कुछ ही घंटों में तापमान में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। सुबह 5:30 बजे जहां तापमान 25.6 डिग्री था, वहीं 8:30 बजे तक यह बढ़कर 31.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह लगभग 5.8 डिग्री का उछाल दर्शाता है, जो मौसम में अस्थिरता का संकेत है।
    दिन के समय बढ़ती गर्मी का असर शहर की रफ्तार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दोपहर होते ही बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है। लोग तेज धूप से बचने के लिए छाते, गमछे और पानी की बोतलों का सहारा ले रहे हैं। चिकित्सकों ने भी सलाह दी है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों तक मौसम शुष्क बना रह सकता है और तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है। साथ ही लू जैसे हालात बनने की आशंका भी जताई गई है, जिससे लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
    फिलहाल मौसम का यह बदलता मिजाज लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आ रहा है, जहां रात की ठंडक के बाद दिन की गर्मी चुनौती बनती जा रही है।
  • झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल

    झांसी में गर्मी का कहर: 39°C पार तापमान, तेज धूप और लू से जनजीवन बेहाल



    नई दिल्ली। झांसी में मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर गर्मी का तीखा रूप दिखाया, जहां सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान कर दिया। शहर में सुबह 11 बजे तक तापमान 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे दिन की शुरुआत ही झुलसाने वाली गर्मी के साथ हुई। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, सड़कों पर गर्मी का असर और ज्यादा महसूस किया गया और दोपहर होते-होते लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई।

    भीषण गर्मी के कारण बाजारों और चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। तेज धूप और लू से बचने के लिए कई लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर या सिर ढककर बाहर निकलते दिखे। सबसे ज्यादा असर दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क पर काम करने वाले लोगों पर पड़ा, जो छांव और पेड़ों के नीचे राहत तलाशते नजर आए।

    गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। शिकंजी, जूस और ठंडे पेय की दुकानों पर लोगों की भीड़ देखी जा रही है, क्योंकि लोग गर्मी से राहत पाने के लिए इनका सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार दिन के आगे बढ़ने के साथ तापमान में और वृद्धि हो सकती है और दोपहर बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है।

    हालांकि मौसम विभाग ने थोड़ी राहत की संभावना भी जताई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दोपहर बाद आसमान में बादल छा सकते हैं और हल्की बारिश भी हो सकती है। यदि ऐसा होता है तो लोगों को कुछ समय के लिए गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है, लेकिन फिलहाल पूरे दिन तेज गर्मी और उमस बने रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पीते रहें और गर्मी से बचाव के सभी जरूरी उपाय अपनाएं, ताकि लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचा जा सके।

  • एमपी में आज 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी

    एमपी में आज 8 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में बढ़ेगी गर्मी


    भोपाल । मध्य प्रदेश में मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। प्रदेश में दो टर्फ और एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय होने की वजह से सोमवार को कई जिलों में आंधी और बारिश का असर देखने को मिलेगा। वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग के कई इलाकों में तेज गर्मी लोगों को परेशान करेगी।

    मौसम विभाग के अनुसार बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बारिश होने की संभावना है।

    कई जिलों में बदला मौसम
    रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला रहा। इंदौर, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के करीब 18 जिलों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, छतरपुर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर और शाजापुर में तेज गर्मी पड़ने की संभावना जताई है।

    रतलाम सबसे गर्म
    रविवार को रतलाम प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मई महीने में पहली बार यहां पारा 45 डिग्री के पार पहुंचा है। इसके अलावा शाजापुर में 44 डिग्री, धार में 42.4 डिग्री, खंडवा में 42.1 डिग्री और नर्मदापुरम में 42 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। रायसेन, नरसिंहपुर, सागर और गुना में भी तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहा। प्रदेश के बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म रहा, जहां 42.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। भोपाल में 40.4 डिग्री, इंदौर में 41.9 डिग्री, ग्वालियर में 38.4 डिग्री और जबलपुर में 38.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।

    12 मई से लू का असर
    मौसम विभाग ने 12 मई से प्रदेश में हीट वेव यानी लू चलने का अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में गर्म हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश में 30 अप्रैल से लगातार मौसम में बदलाव बना हुआ है। 10 मई तक कई जिलों में बारिश और आंधी का दौर जारी रहा। कभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस तो कभी टर्फ और चक्रवाती सिस्टम के कारण मई के पहले सप्ताह में बारिश होती रही।

    लोगों के लिए एडवाइजरी जारी
    गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने और दोपहर की तेज धूप से बचने की अपील की गई है। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई है।