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  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, जिला अस्पताल में भरा पानी, दुल्हन को गोद में उठाकर ले गया दूल्हा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार हो रही बारिश अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगी है। पिछले चौबीस घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कई इलाकों में सड़कें धंस गईं, नदी-नाले उफान पर आ गए, अस्पतालों और धार्मिक स्थलों में पानी भर गया, जबकि कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया। बारिश के बीच इंदौर में एक शादी समारोह का अनोखा दृश्य भी सामने आया, जहां पानी से लबालब मैरिज गार्डन में दूल्हे ने अपनी दुल्हन को गोद में उठाकर विवाह स्थल तक पहुंचाया।

    इंदौर से करीब तीस किलोमीटर दूर जेतकारण गांव में तेज बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर उफनते नाले के बीच से बच्चों को सुरक्षित पार कराया। वहीं शहर के कैट रोड स्थित एक मैरिज गार्डन में पानी भर जाने से शादी समारोह प्रभावित हुआ। पानी से भरे रास्ते को पार कराने के लिए दूल्हे ने दुल्हन को गोद में उठाया। इस दौरान गार्डन में जूते और चप्पल पानी में तैरते नजर आए, जिसका वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना।

    पन्ना जिले में लगातार बारिश के चलते जिला अस्पताल के सर्जिकल और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं हरसा-बागोहा नाला उफान पर होने के बावजूद लोग पुल के ऊपर बहते पानी के बीच जान जोखिम में डालकर आवागमन करते रहे। खजुराहो में चौबीस घंटे के दौरान सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा से खूडर नदी का जलस्तर बढ़ने पर खजुराहो-जटकरा मार्ग एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया, जबकि बमीठा स्थित नेशनल हाईवे पर करीब तीन फीट तक पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा।

    रायसेन जिले के बापौली धाम आश्रम में एक घंटे की तेज बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए। आश्रम परिसर, संस्कृत पाठशाला, शिव मंदिर और गोशाला में पानी घुस गया। प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से वहां रह रहे करीब साठ छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। उधर प्रदेश के एक अन्य इलाके में निदान वॉटरफॉल पर पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    लगातार बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। सुक्ता नदी उफान पर आने से हापला और दीपला गांव का संपर्क टूट गया तथा तेज बहाव में दो भैंसें बह गईं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, जलभराव वाले क्षेत्रों और कमजोर पुलों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है।

  • एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न

    एमपी में मानसून का कहर: इंदौर में सड़क धंसी, पन्ना जिला अस्पताल में घुसा पानी, रायसेन का आश्रम जलमग्न


    इंदौर । मध्य प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में झमाझम बारिश दर्ज की गई। कहीं सड़कें धंस गईं तो कहीं अस्पताल और आश्रम जलमग्न हो गए। कई स्थानों पर नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है।

    इंदौर जिले के जेतकारण गांव में भारी बारिश के कारण सड़क धंस गई। सड़क टूटने से स्कूली बच्चों का रास्ता बंद हो गया। ऐसे में ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को उफनते नाले से सुरक्षित पार कराया। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में मानसून के दौरान बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया।

    पन्ना जिले में बारिश का असर जिला अस्पताल तक पहुंच गया। अस्पताल के सर्जिकल वार्ड और डिलीवरी वार्ड की गैलरी में घुटनों तक पानी भर गया। जलभराव के कारण मरीजों और अस्पताल स्टाफ को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल परिसर में पानी भरने की तस्वीरों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रायसेन जिले के बरेली क्षेत्र स्थित बापौली धाम आश्रम में भी भारी बारिश के बाद पानी भर गया। आश्रम परिसर में मौजूद संस्कृत पाठशाला के करीब 60 छात्रों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। शिव मंदिर, गुरुदेव की कुटी और गोशाला में भी पानी घुस गया। समय रहते छात्रों को सुरक्षित निकाल लेने से बड़ा हादसा टल गया।

    खजुराहो में बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक 4.4 इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। एहतियात के तौर पर खजुराहो-जटकरा मार्ग बंद कर दिया गया, हालांकि इसके बावजूद कुछ लोग नदी पार करने की कोशिश करते नजर आए, जिससे प्रशासन ने लोगों से जोखिम नहीं उठाने की अपील की।

    पन्ना जिले का हरसा-बागोहा नाला भी तेज बारिश के बाद उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर नाला पार करते दिखाई दिए। प्रशासन ने लोगों से ऐसे स्थानों से दूर रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

    इसी बीच प्रदेश के एक जलप्रपात क्षेत्र में पिकनिक मनाने गए दो युवक अचानक जलस्तर बढ़ने से बीच धारा में फंस गए। सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस अभियान से बड़ा हादसा टल गया।

    मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों, जलभराव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।

  • मानसून ने बदली मध्य प्रदेश की तस्वीर: 35 जिलों में मेहरबान बादल, खजुराहो-मंडला में रिकॉर्ड बारिश, कई इलाकों में बढ़ा खतरा

    मानसून ने बदली मध्य प्रदेश की तस्वीर: 35 जिलों में मेहरबान बादल, खजुराहो-मंडला में रिकॉर्ड बारिश, कई इलाकों में बढ़ा खतरा


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में जुलाई की शुरुआत के साथ ही मानसून ने पूरी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के 35 से अधिक जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई जिससे एक ओर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली तो दूसरी ओर कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित हो गया। मौसम विभाग के अनुसार खजुराहो में 4.4 इंच और मंडला में 4.2 इंच बारिश दर्ज की गई जो प्रदेश में सबसे अधिक रही। लगातार छह दिनों से हो रही बारिश का असर यह हुआ कि प्रदेश की औसत वर्षा करीब 7 इंच तक पहुंच गई है। जून के आखिर तक जहां बारिश सामान्य से 33 प्रतिशत कम थी वहीं अब यह कमी घटकर महज 1 प्रतिशत रह गई है।

    सतना रतलाम सीधी उमरिया पन्ना पचमढ़ी रीवा श्योपुर नौगांव भोपाल नरसिंहपुर दमोह टीकमगढ़ बैतूल नर्मदापुरम इंदौर सिवनी सागर शिवपुरी बालाघाट छिंदवाड़ा रायसेन धार जबलपुर गुना उज्जैन खंडवा खरगोन दतिया मैहर शाजापुर सीहोर छतरपुर बुरहानपुर बड़वानी और पांढुर्णा सहित अनेक जिलों में दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। लगातार हो रही वर्षा से जलस्तर बढ़ा है और खेतों में भी पर्याप्त नमी पहुंचने लगी है जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं।

    बारिश के बीच कई स्थानों पर हादसे भी सामने आए। बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित सांदीपनि सीएम राइज स्कूल में कक्षा नौ की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया जिससे दो छात्राएं घायल हो गईं। दोनों के सिर में मामूली चोटें आईं और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया गया। इस घटना ने सरकारी स्कूलों की इमारतों की स्थिति पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

    उधर इंदौर के पास खुड़ैल रोड स्थित जेतकारण गांव में लगातार बारिश के कारण सड़क धंस गई जिससे स्कूली बच्चों का आवागमन बाधित हो गया। उफनते नाले को पार कराने के लिए ग्रामीणों ने मानव शृंखला बनाकर बच्चों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाया। यह दृश्य स्थानीय लोगों की सतर्कता और सहयोग की मिसाल बन गया।

    पन्ना जिले में भी तेज बारिश के कारण हरसा बागोहा नाला उफान पर आ गया। पुल के ऊपर से पानी बहने के बावजूद लोग जोखिम उठाकर नाला पार करते नजर आए जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। वहीं खजुराहो में लगातार बारिश के चलते खूडर नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया और एहतियात के तौर पर खजुराहो जटकरा मार्ग बंद करना पड़ा। प्रशासन लोगों से नदी नालों से दूर रहने की अपील कर रहा है।

    हरदा जिले में भी बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। इस मानसून सीजन में यहां अब तक 13 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की जा चुकी है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। कई जिलों में तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस से राहत मिली है।

    मौसम विभाग ने आने वाले घंटों के लिए भी चेतावनी जारी की है। गुना अशोकनगर विदिशा सागर और छतरपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है जबकि बड़वानी धार बुरहानपुर रतलाम टीकमगढ़ पन्ना सहित कई जिलों में भारी बारिश और गरज चमक के साथ वर्षा की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से नदी नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहा तो प्रदेश में खरीफ फसलों को बड़ा लाभ मिलेगा और जलाशयों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ेगा।

  • मौसम का बड़ा अलर्ट 7 जुलाई को कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार जानें आपके राज्य का हाल

    मौसम का बड़ा अलर्ट 7 जुलाई को कई राज्यों में झमाझम बारिश और तेज आंधी के आसार जानें आपके राज्य का हाल


    मध्य प्रदेश देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होता नजर आ रहा है और 7 जुलाई को कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर मध्य पूर्वी और पश्चिमी भारत के अनेक हिस्सों में तेज बारिश गरज चमक और तेज हवाओं की संभावना है। कई राज्यों के लिए भारी से अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

    उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश राजस्थान बिहार झारखंड दिल्ली हरियाणा पंजाब उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवा के साथ गरज चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार कई स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है जिससे पेड़ गिरने बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात में बाधा आने की आशंका है।

    पश्चिमी भारत की बात करें तो गुजरात महाराष्ट्र गोवा और कोंकण क्षेत्र में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

    दक्षिण भारत में केरल कर्नाटक और तटीय क्षेत्रों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। यहां कई जिलों में लगातार बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है इसलिए पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

    पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में भी हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है जिससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली और मानसूनी ट्रफ के उत्तर की ओर बढ़ने से बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि आने वाले कुछ दिनों तक देश के बड़े हिस्से में अच्छी वर्षा होने के संकेत मिल रहे हैं।

    विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें। आकाशीय बिजली चमकने पर सुरक्षित स्थान पर रहें। जलभराव वाली सड़कों से वाहन निकालते समय सावधानी बरतें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करना भी जरूरी होगा। कुल मिलाकर 7 जुलाई को देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा और कई राज्यों में अच्छी बारिश के साथ मौसम सुहावना रहने की संभावना है

  • 5 जुलाई का मौसम अलर्ट भारी बारिश से लेकर उमस तक जानिए आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम

    5 जुलाई का मौसम अलर्ट भारी बारिश से लेकर उमस तक जानिए आज कैसा रहेगा आपके शहर का मौसम


    मध्य प्रदेश । देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और 5 जुलाई को भी कई राज्यों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश राजस्थान उत्तर प्रदेश बिहार झारखंड छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में गरज चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई गई है।

    मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। भोपाल इंदौर उज्जैन जबलपुर ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में रुक रुककर तेज बारिश हो सकती है। नदियों और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में कहीं कहीं हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मानसून सक्रिय रहेगा तथा कई जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

    दिल्ली एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है। हालांकि बारिश के बीच उमस का असर भी महसूस हो सकता है।

    महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र गोवा कर्नाटक और केरल में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई स्थानों पर तेज वर्षा होने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने खुले स्थानों पर बिजली चमकने के समय न रुकने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

  • बारिश बनी आफत: झारखंड में आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मौत, मौसम विभाग का अलर्ट जारी

    बारिश बनी आफत: झारखंड में आकाशीय बिजली से 8 लोगों की मौत, मौसम विभाग का अलर्ट जारी


    नई दिल्ली ।झारखंड में मानसून की बारिश के साथ आकाशीय बिजली लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में हुई बारिश के दौरान वज्रपात की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने से आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग झुलसकर घायल हो गए। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है तथा लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

    खूंटी जिले में वज्रपात की दो दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पहली घटना कर्रा प्रखंड के कच्चाबारी पंचायत क्षेत्र के पतराटोली गांव में हुई, जहां क्रिकेट मैच के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बताया जा रहा है कि पतराटोली और लोधमा गांव की टीमों के बीच मैच खेला जा रहा था। मैच देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और युवा मैदान में मौजूद थे।

    खेल के दौरान मौसम अचानक खराब होने लगा। आसमान में काले बादल छा गए और तेज गर्जना होने लगी, लेकिन इसके बावजूद मैच जारी रहा। इसी दौरान अचानक तेज चमक और गर्जना के साथ आकाशीय बिजली मैदान में गिरी और वहां मौजूद खिलाड़ियों तथा दर्शकों को अपनी चपेट में ले लिया।

    इस दर्दनाक हादसे में पतराटोली निवासी 22 वर्षीय प्रेम बाखला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मैदान में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्रा पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्रेम बाखला को मृत घोषित कर दिया।

    हादसे में अंकित बाखला और जवकीम मिंज गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए खूंटी से रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर किया गया है। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है।

    खूंटी जिले में ही दूसरी घटना तोरपा थाना क्षेत्र के हूसीर पंचायत अंतर्गत रोन्हे गांव में हुई। यहां बारिश के दौरान खेत में काम कर रहे निस्तार टोपनो नामक ग्रामीण पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

    मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में झारखंड के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की संभावना बनी हुई है। विभाग ने 27 जून तक कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और खेतों में काम करने से बचें। साथ ही गरज-चमक शुरू होते ही सुरक्षित स्थान पर शरण लें।

    बारिश जहां किसानों और आम लोगों के लिए राहत लेकर आती है, वहीं आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं गंभीर खतरा भी पैदा करती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और सतर्क रहना बेहद जरूरी है ताकि जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।

  • आज का मौसम अपडेट: दिनभर गर्मी का असर, दोपहर बाद बारिश की हल्की राहत की संभावना

    आज का मौसम अपडेट: दिनभर गर्मी का असर, दोपहर बाद बारिश की हल्की राहत की संभावना


    मध्यप्रदेश । आज सुबह से ही मौसम ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। आसमान साफ रहने और तेज धूप निकलने के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। गर्म हवाओं के चलते आम जनजीवन प्रभावित नजर आ रहा है और घर से बाहर निकलने वाले लोग धूप से बचने के उपाय करते दिख रहे हैं। सुबह के समय ही गर्मी का असर इतना तेज रहा कि वातावरण में नमी और उमस ने लोगों को और अधिक परेशान कर दिया।

    दोपहर में पारा 35 डिग्री के पार, गर्म हवाओं का असर जारी
    जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहा है, तापमान में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। दोपहर के समय पारा लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है, जिससे गर्मी का असर और अधिक तीव्र हो सकता है। वातावरण में मौजूद नमी के कारण उमस भरी गर्मी लोगों को ज्यादा असहज कर रही है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मौसम थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

     दोपहर बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज, बारिश की हल्की संभावना
    मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, दिन के दूसरे हिस्से में आसमान में बादल छाने लगेंगे और कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है। हालांकि यह बारिश व्यापक नहीं होगी, लेकिन जहां भी बारिश होगी वहां तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिलेगी और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

    हवा में नमी बरकरार, रात में भी रहेगी हल्की गर्मी
    दिनभर हवा में नमी का स्तर ऊंचा बना रहेगा, जिससे मौसम पूरी तरह ठंडा होने की संभावना कम है। रात के समय भी हल्की गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है। हालांकि बारिश होने की स्थिति में तापमान में कुछ गिरावट संभव है, लेकिन मौसम पूरी तरह ठंडा नहीं होगा।

     मौसम से जुड़ी सावधानियां जरूरी
    आज के मौसम को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। पानी का सेवन अधिक करें और हल्के, ढीले कपड़े पहनें। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है क्योंकि गर्मी और उमस का असर उनके स्वास्थ्य पर जल्दी पड़ सकता है।

    कुल मिलाकर आज का मौसम मिश्रित प्रभाव वाला रहेगा, जहां एक ओर तेज धूप और उमस लोगों को परेशान करेगी, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद हल्की बारिश थोड़ी राहत लेकर आ सकती है। मौसम का यह बदलता मिजाज पूरे दिन लोगों को सतर्क और सावधान रहने का संकेत देता है।

  • एमपी में मानसून की एंट्री 22–24 जून के बीच संभव, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद पहुंचेगा

    एमपी में मानसून की एंट्री 22–24 जून के बीच संभव, छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के बाद पहुंचेगा

     
    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून के लिए इंतजार अभी और बढ़ सकता है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रदेश में मानसून 22 से 24 जून के बीच दस्तक दे सकता है। फिलहाल मानसून पश्चिमी तट पर 8 जून से ही रुका हुआ है और अभी तक मुंबई तक भी नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में यह पहले छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में आगे बढ़ेगा, उसके बाद मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा।

    इस बीच प्रदेश में भीषण गर्मी और हीटवेव का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए अलर्ट जारी किया है। जून महीने में बारिश के आंकड़े भी कमजोर बने हुए हैं। 1 से 17 जून के बीच प्रदेश में औसतन 41.6 मिमी (करीब 1.6 इंच) बारिश होती है, लेकिन इस बार अब तक सिर्फ करीब 1 इंच बारिश ही दर्ज हुई है। यह सामान्य से लगभग 37 प्रतिशत कम है।

    सबसे खराब स्थिति अलीराजपुर जिले की है, जहां अब तक बारिश रिकॉर्ड ही नहीं की गई है, जिससे वहां आंकड़ा शून्य है। इसके अलावा बालाघाट, दमोह, कटनी, मैहर, रीवा, शहडोल, टीकमगढ़, बड़वानी, भिंड, दतिया, धार और खरगोन जैसे 13 जिलों में 12.5 मिमी (आधा इंच) से भी कम बारिश हुई है।

    वहीं, भोपाल एकमात्र ऐसा जिला है जहां अब तक सामान्य से बेहतर बारिश दर्ज हुई है। यहां 91.9 मिमी यानी साढ़े 3 इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है। आगर-मालवा, बुरहानपुर, देवास, गुना, हरदा, इंदौर, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, विदिशा, डिंडौरी, सतना और सीधी में 1 से ढाई इंच तक बारिश दर्ज हुई है।

    बुधवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। भोपाल और राजगढ़ में आधा इंच से ज्यादा बारिश हुई, जबकि बैतूल, गुना, इंदौर और छिंदवाड़ा में भी हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते तापमान में गिरावट भी देखने को मिली। बैतूल में एक ही दिन में तापमान 10 डिग्री गिरकर 26.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    अन्य जिलों में शिवपुरी-पचमढ़ी में 34 डिग्री, छिंदवाड़ा में 35.9 डिग्री, रायसेन में 26.6 डिग्री, सागर में 37 डिग्री, नर्मदापुरम में 37.2 डिग्री, श्योपुर-धार में 37.4 डिग्री और मंडला में 37.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    प्रदेश के प्रमुख शहरों में भोपाल में 34.8 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 39.3 डिग्री और ग्वालियर में 39.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।

    मौसम विभाग ने गुरुवार को रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। वहीं ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर में आंधी-बारिश की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया और शहडोल में गर्मी का असर बना रहेगा।

  • आज का मौसम 18 जून 2026: एमपी में बारिश और आंधी के आसार, कई इलाकों में बदलेगा मौसम का मिजाज

    आज का मौसम 18 जून 2026: एमपी में बारिश और आंधी के आसार, कई इलाकों में बदलेगा मौसम का मिजाज


    मध्य प्रदेश । 18 जून 2026 को देशभर में मौसम का मिजाज अलग-अलग रंग दिखा सकता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, जबकि मध्य भारत के कई हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार बढ़ सकती है, जिससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

    मध्य प्रदेश की बात करें तो राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग पहले ही संकेत दे चुका है कि 17-18 जून के आसपास मानसून राज्य के दक्षिणी हिस्सों में प्रवेश कर सकता है। ऐसे में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, नर्मदापुरम और आसपास के क्षेत्रों में मौसम का प्रभाव देखने को मिल सकता है।

    राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। वहीं जहां बारिश नहीं होगी, वहां उमस लोगों को परेशान कर सकती है। प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में मामूली गिरावट भी दर्ज की जा सकती है।

    देश के अन्य हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि कुछ इलाकों में तेज हवाओं और आंधी की चेतावनी भी जारी की गई है।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों को भी मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि खेती-बाड़ी के कार्यों की उचित योजना बनाई जा सके।

    कुल मिलाकर 18 जून का दिन मध्य प्रदेश में बदलते मौसम का संकेत दे सकता है। कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं से राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि कुछ इलाकों में गर्मी और उमस का असर बना रह सकता है।

  • MP: भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में आज ओलावृष्टि का अलर्ट, 17-18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून

    MP: भिंड-मुरैना समेत 6 जिलों में आज ओलावृष्टि का अलर्ट, 17-18 जून तक प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून


    भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री अब 3 से 4 दिन की देरी से होने के संकेत हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार मानसून 17 से 18 जून के बीच प्रदेश के दक्षिणी जिलों में पहुंच सकता है। अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो अगले 10 से 15 दिनों के भीतर यह पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।

    मानसून के आगमन से पहले प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लगातार सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के मुताबिक शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।

    इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है।

    इन जिलों में बरकरार रहेगा गर्मी का असर
    मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन जिलों में आंधी या बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। ऐसे में इन क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी रहने की संभावना है।

    ग्वालियर में आधा इंच बारिश, कई जिलों में बदला मौसम
    गुरुवार को प्रदेश में आंधी और बारिश के बीच गर्मी का प्रभाव भी बना रहा। ग्वालियर में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में शाम तक बारिश हुई। दूसरी ओर कई शहरों के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। प्रदेश के प्रमुख शहरों में ग्वालियर सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, भोपाल और उज्जैन में 39.7 डिग्री तथा इंदौर में 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    खजुराहो और नौगांव रहे सबसे गर्म
    प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो और नौगांव में 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़ और मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन और राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री तथा श्योपुर में 40 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

    ब्रेक के बाद फिर सक्रिय हुआ मानसून
    मौसम विभाग के अनुसार एक दिन के विराम के बाद 11 जून को दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से प्रगति की है। यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

    इन मौसम प्रणालियों का दिख रहा असर
    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के पूर्वी हिस्से से एक टर्फ लाइन गुजर रही है। इसके साथ ही ऊपरी हवा में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इन्हीं मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।