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  • तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

    तमिलनाडु में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, सड़कें क्षतिग्रस्त, कई इलाकों में बिजली गुल

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह सड़कों और घरों में पानी भरने से आवागमन बाधित हुआ है, जबकि कुछ इलाकों में सड़कें क्षतिग्रस्त होने और लंबे समय तक बिजली आपूर्ति ठप रहने की समस्या सामने आई है। लगातार बारिश के कारण लोगों को दैनिक गतिविधियों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के पश्चिमी घाट से लगे जिलों और दक्षिणी हिस्सों में अगले दो दिनों के दौरान कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान जताया है।

    तिरुपत्तुर जिले के वायमपट्टू इलाके में भारी बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गईं। जलभराव के बीच वाहन चालकों को आवाजाही करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। पानी से भरे रास्तों के कारण यातायात प्रभावित हुआ और स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई।

    शिवगंगा के शहरी क्षेत्रों में भी तेज बारिश दर्ज की गई। यहां बिजली आपूर्ति 10 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। लंबे समय तक बिजली नहीं रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गईं। बारिश के कारण पहले से प्रभावित जनजीवन के बीच बिजली गुल रहने से सामान्य कामकाज भी प्रभावित हुआ।

    कोयंबटूर जिले के पुलियामारथुपलायम, सुलूर और वरपट्टी में मूसलाधार बारिश हुई। पुलियामारथुपलायम में बारिश के चलते डामर से बनी एक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और वहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

    मयिलादुथुराई जिले के तरंगमबाडी इलाके में भी बारिश का असर देखने को मिला। बारिश के बीच छात्र स्कूल पहुंचे, जिनमें कई बच्चे पूरी तरह भीग गए थे। सुबह के समय खराब मौसम के कारण बच्चों और उनके साथ जाने वाले लोगों को सफर करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    कोडैकनाल में भारी बारिश से सिल्वर कैस्केड झरने में पानी का बहाव काफी बढ़ गया। वहीं, थोप्पिकनल इलाके में पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया। घरों में जलभराव होने से लोगों की रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित हुईं। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश से पैदा हुई चुनौतियों के बीच उदगमंडलम जाने वाली सड़क के भूस्खलन प्रभावित हिस्से को साफ करने और उसकी मरम्मत का काम भी जारी रहा। इस कार्य में सेना के जवान जुटे रहे, ताकि बाधित मार्ग को दोबारा चालू किया जा सके।

    इस बीच मौसम विभाग ने पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ रहे चक्रवात के और तीव्र होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई है। विभाग के बुलेटिन के अनुसार, इसके आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के पास पहुंचने और तट से टकराने की संभावना है।

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार को तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों और दक्षिणी हिस्सों में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की उम्मीद है। बुधवार को पश्चिमी घाट के जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने का अनुमान है।

    राजधानी चेन्नई में मंगलवार को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में राज्य में बारिश का दायरा काफी सीमित रह सकता है। हालांकि, अलग-अलग जिलों में बारिश की तीव्रता और स्थानीय परिस्थितियों के कारण लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।

  • चक्रवात अर्नब का बिहार के मौसम पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, ऑरेंज अलर्ट जारी

    चक्रवात अर्नब का बिहार के मौसम पर दिखेगा असर, 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाओं का अनुमान, ऑरेंज अलर्ट जारी


    नई दिल्ली । 
    बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहा चक्रवाती तूफान अर्नब बिहार के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। इस दौरान तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। मौसम में बदलाव को देखते हुए 28 और 29 अक्टूबर के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए गए हैं।

    मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात अर्नब के 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, बिहार में इस तूफान के सीधे पहुंचने या लैंडफॉल होने का अनुमान नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी मौसमी गतिविधियां राज्य के कई जिलों में असर डाल सकती हैं। इसके कारण बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

    बिहार में पूर्वी हवाओं की गति बढ़ने और वातावरण में नमी का स्तर ऊपर जाने के संकेत मिले हैं। इसी बदलाव के कारण आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पूर्वानुमान के मुताबिक, 29 अक्टूबर को कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। उत्तर बिहार के जिलों में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक रहने का अनुमान है।

    मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को कुछ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अगले दिन यानी 29 अक्टूबर को पूरे बिहार के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका भी है। ऐसे मौसम में लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय स्तर पर जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की जरूरत होगी।

    हालांकि, 26 और 27 अक्टूबर को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य और शुष्क रहने की संभावना है। पटना, मुजफ्फरपुर सहित कई क्षेत्रों में धूप निकल सकती है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस होने का अनुमान है। इन दो दिनों के दौरान फिलहाल बारिश की संभावना नहीं जताई गई है।

    तापमान की बात करें तो अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। वातावरण में नमी का स्तर 55 से 75 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान है। मौसम प्रणाली के आगे विकसित होने के साथ नमी में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन सकती हैं।

    संभावित बारिश और तेज हवाओं का असर खेती और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। फलों के पेड़ों पर भी तेज हवाओं का असर हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम से जुड़ी सूचनाओं पर नजर रखें और अपनी फसलों के साथ कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएं।

    आंधी-तूफान के दौरान बिजली गिरने से लोगों, पशुओं और संपत्ति को खतरा हो सकता है। अस्थायी ढांचे, टीन की छत वाले घरों और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा बिजली कड़कने पर किसी मजबूत इमारत के भीतर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।

    बारिश और तेज हवाओं के कारण कुछ जिलों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। लोगों और किसानों को मौसम संबंधी आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं

    MP में रात के तापमान में गिरावट शुरू, अमरकंटक सबसे ठंडा, अगले 4 दिन आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले आठ दिनों से पश्चिमी हिस्से में जारी बारिश का दौर अब थम गया है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश में कहीं भी आंधी या बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, रात के तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। बीती रात अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में प्रदेश का सबसे कम तापमान रहा।

    मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट हो सकती है। रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री तक की कमी आने के आसार हैं। इससे सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ेगी।

    अमरकंटक में 13 डिग्री, कई शहरों में गिरा पारा

    अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं, कटनी के करौंदी में 13.1 डिग्री, दमोह में 14.5 डिग्री और शाजापुर में 15.6 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। नीमच के मरुखेड़ा, रीवा और उमरिया में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

    दिन के तापमान में भी 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। खजुराहो, रतलाम, गुना, खरगोन, भोपाल, खंडवा, छतरपुर, ग्वालियर, बालाघाट, राजगढ़, उज्जैन, मंडला और सागर में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।

    शुक्रवार को कहीं बादल, कहीं हुई बूंदाबांदी

    शुक्रवार को प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिला। चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) का प्रभाव इंदौर और उज्जैन संभाग में अधिक रहा। भोपाल और नर्मदापुरम संभाग के कुछ जिलों में तेज बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। वहीं, जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में धूप खिली रही।

    इंदौर संभाग के आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा और बैतूल में भी मौसम में बदलाव देखा गया। इन क्षेत्रों में कहीं बादल छाए रहे तो कहीं हल्की बूंदाबांदी हुई।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में फिर हो सकती है बारिश

    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना है। नए मौसम सिस्टम का असर खासतौर पर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने के आसार हैं। ऐसे में महीने के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ ठंडक का असर भी बढ़ सकता है।

  • MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा

    MP में 7 दिन से आंधी-बारिश का दौर, आज 5 जिलों में अलर्ट, रात का पारा 3 डिग्री तक गिरेगा


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी आंधी और बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले 7 दिनों से बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर संभाग के आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका असर 2 से 3 दिन बाद प्रदेश में दिखाई दे सकता है। फिलहाल साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण मौसम में बदलाव हो रहा है। गुरुवार को इंदौर, धार समेत पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। वहीं, भोपाल में दिनभर तेज धूप रहने के बाद शाम को बादल छा गए।

    प्रदेश में पहली बार रात का तापमान 14 डिग्री से नीचे
    मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश में रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। बीती रात इस सीजन में पहली बार न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने का अनुमान है। रात का पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क सकता है।

    कटनी के करौंदी में प्रदेश का सबसे कम न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अमरकंटक में 14.5, रीवा में 15, उमरिया में 15.4 और शहडोल के कल्याणपुर में 15.9 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। इंदौर और टीकमगढ़ में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है।

    अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश के साथ बढ़ेगी ठंड
    मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ का असर खासतौर पर उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश में दिखाई दे सकता है। इस दौरान रात के तापमान में भी गिरावट होने का अनुमान है। ऐसे में अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में प्रदेश में बारिश के साथ ठंड का असर बढ़ सकता है।

  • MP Weather: 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 24 अक्टूबर से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम

    MP Weather: 11 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, 24 अक्टूबर से फिर सक्रिय होगा नया सिस्टम


    भोपाल। मध्यप्रदेश में अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, 24 अक्टूबर से एक नया सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में मौसम बदलेगा। वहीं, अगले दो दिन इंदौर संभाग के जिलों के साथ नर्मदापुरम क्षेत्र में भी बारिश होने की संभावना है। आंधी-बारिश के बीच प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

    11 जिलों में बारिश के साथ 40 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

    मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, गुरुवार को प्रदेश के 11 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, हरदा, नर्मदापुरम और बैतूल शामिल हैं। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

    15 जिलों में हुई बारिश, गैरतगंज में सवा इंच पानी गिरा

    मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात प्रदेश के 15 जिलों में बारिश दर्ज की गई। इनमें धार, इंदौर, खरगोन, खंडवा, हरदा, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, भोपाल, रायसेन, गुना, सागर, सीहोर और रतलाम शामिल हैं।

    इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश रायसेन जिले के गैरतगंज में दर्ज की गई, जहां करीब सवा इंच पानी गिरा। खंडवा में एक इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। सीहोर में हवा की रफ्तार 37 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।

    गुरुवार को भी इंदौर, सीहोर और शाजापुर में दोपहर बाद तेज बारिश का दौर देखने को मिला। भोपाल में दिनभर बादल छाए रहे और रात में कई इलाकों में बूंदाबांदी हुई।

    अमरकंटक में पारा 15.8 डिग्री, अगले चार दिन में और गिरेगा तापमान

    आंधी-बारिश के असर से प्रदेश के कई शहरों में रात का तापमान नीचे आया है। मौसम विभाग के मुताबिक, बीती रात अनूपपुर के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रीवा में पारा 16 डिग्री, पचमढ़ी में 16.6 डिग्री, मंदसौर में 16.8 डिग्री और दतिया में 17 डिग्री सेल्सियस रहा।

    मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिन में प्रदेश के न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। दूसरी ओर, दिन में गर्मी का असर भी बना हुआ है। भोपाल, राजगढ़, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, खजुराहो, नर्मदापुरम और मंदसौर में अधिकतम तापमान 34.4 से 35.8 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    3 अक्टूबर को विदा हो चुका मानसून, फिर भी जारी है बारिश

    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को ही विदा हो गया था। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून की वापसी हो गई थी। इसके बावजूद सक्रिय मौसमी सिस्टम के कारण बारिश का सिलसिला जारी है।

    पिछले एक सप्ताह से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में आंधी-बारिश का असर देखने को मिल रहा है। पिछले छह दिनों में कई जिलों में तेज बारिश भी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को भी प्रदेश के 11 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, जबकि 24 अक्टूबर से सक्रिय होने वाला नया सिस्टम महीने के आखिरी सप्ताह में भी मौसम को प्रभावित कर सकता है।

  • दशहरे पर MP के 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

    दशहरे पर MP के 25 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, 50 किमी की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं


    भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर थम नहीं रहा है। दशहरे के दिन मंगलवार को प्रदेश के आधे हिस्से में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, नर्मदापुरम और सागर संभाग के 25 जिलों में बारिश हो सकती है। मौसम के इस मिजाज से दशहरा आयोजनों पर भी असर पड़ने की आशंका है।

    बारिश की संभावना को देखते हुए भोपाल में कलाकारों ने रावण के पुतलों को बरसाती से ढक दिया है। इससे पहले 2022 में बारिश के कारण रावण के पुतले ठीक से नहीं जल पाए थे। उस समय उन्हें जलाने के लिए केरोसिन और पेट्रोल का इस्तेमाल करना पड़ा था। इस बार आयोजक पहले से ही एहतियात बरत रहे हैं।

    इन 25 जिलों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर, उज्जैन, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, राजगढ़, रायसेन, सागर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश का अनुमान जताया है।

    मौसम में बदलाव की वजह चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) और ट्रफ को बताया गया है। इनके प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिन, यानी 23 अक्टूबर तक, कहीं-कहीं बारिश का दौर जारी रह सकता है। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की भी संभावना है।

    दूसरी ओर, प्रदेश के पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में धूप निकलने के आसार हैं।

    कई जिलों में रात का तापमान 20 डिग्री से नीचे

    बारिश के बीच प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है। बीती रात छिंदवाड़ा में न्यूनतम तापमान 17.4 डिग्री, कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री, आलीराजपुर और गुना में 18 डिग्री, अमरकंटक में 18.4 डिग्री तथा नीमच के मरुखेड़ा में 18.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    वहीं, दिन में कुछ जिलों में गर्मी का असर बना हुआ है। खंडवा, उज्जैन, खरगोन, रतलाम, राजगढ़ और रायसेन में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।

    गुना में एक दिन में साढ़े चार इंच बारिश

    प्रदेश में पिछले चार दिनों से आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। गुना में एक ही दिन में करीब साढ़े चार इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, शाजापुर, सीहोर, मंदसौर, उज्जैन, आगर-मालवा, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, बैतूल और छिंदवाड़ा में भी बारिश हुई।

    इंदौर में सोमवार को दिनभर रुक-रुककर पानी गिरता रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी इसी तरह का मौसम बना रहा। बीते सप्ताह पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-बारिश का असर देखा गया, जबकि पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी जारी बारिश


    मध्यप्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को ही हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ जैसे मौसमी सिस्टम सक्रिय होने के कारण बारिश जारी है।

  • दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत MP के पश्चिमी हिस्से में बारिश के आसार, 15 जिलों में अलर्ट

    दशहरे पर इंदौर-उज्जैन समेत MP के पश्चिमी हिस्से में बारिश के आसार, 15 जिलों में अलर्ट


    भोपाल। मध्यप्रदेश में दशहरे के दिन बारिश उत्सव के रंग में खलल डाल सकती है। मौसम विभाग ने 20 अक्टूबर को इंदौर, उज्जैन, रतलाम समेत पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। सोमवार को भी प्रदेश के 15 जिलों में बारिश का अनुमान है। इनमें भोपाल, उज्जैन, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर और दमोह शामिल हैं।

    मौसम विभाग के अनुसार, 20, 21 और 22 अक्टूबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं, पूर्वी हिस्से में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है।

    दशहरे पर इन जिलों में बारिश के आसार

    दशहरे के दिन इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की आशंका भी है। ऐसे में दशहरा आयोजन, रावण दहन और खुले मैदानों में होने वाले कार्यक्रमों के दौरान मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा।

    रविवार को तेज बारिश से पंडालों में भरा पानी

    रविवार को इंदौर, सीहोर और शाजापुर सहित कई इलाकों में तेज बारिश हुई। सीहोर में बारिश और हवा के कारण माता के पंडालों के टेंट उड़ गए। महू में गरबा और माता की स्थापना के लिए तैयार किए गए पंडालों में पानी भर गया। बारिश के कारण रावण के पुतले भी भीग गए।

    गुना शहर में रविवार शाम अचानक मौसम बदला और आधे घंटे से अधिक समय तक तेज बारिश हुई। बेमौसम बरसात से शहर की प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

    ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम

    मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर से एक ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव भी बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के कारण प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। अगले चार दिन तक इस क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है।

    3 अक्टूबर को लौट चुका है मानसून, फिर भी बारिश

    मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है, लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो गया है। बीते एक सप्ताह से पूर्वी और पश्चिमी, दोनों हिस्सों के कई जिलों में आंधी-बारिश दर्ज की गई है। पिछले चार दिनों में कुछ इलाकों में तेज बारिश भी हुई है।

    मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और रात के तापमान में गिरावट का मिला-जुला असर सामान्य तौर पर देखने को मिलता है। इस बार भी यही स्थिति बन रही है। महीने की शुरुआत में मौसम साफ होने और दिन में धूप निकलने के साथ रातों में ठंडक महसूस की गई, जबकि अब कई जिलों में फिर बारिश हो रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट.. पहाड़ों पर बर्फबारी और दिल्ली के आसपास बारिश… बढ़ी ठंड


    नई दिल्ली।
    उत्तर भारत (North India) में मौसम (Weather) ने अचानक ऐसी करवट ली है कि ठंड का एहसास बढ़ने लगा है. 15 अक्टूबर को दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) समेत आसपास के इलाकों में बारिश (Rain) और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे ला दिया. दोपहर की धूप का तीखापन कम हो गया है और हवा में ऐसी ठंडक घुल गई है कि अब दिन में भी पंखे की जरूरत महसूस नहीं हो रही. सुबह और रात के वक्त घर से बाहर निकलने पर हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।

    उत्तर भारत में मौसम बदलने का असर पहाड़ी इलाकों में भी दिखाई दिया है. हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी (Snowfall) दर्ज की गई. लाहौल-स्पीति, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और किन्नौर के कई इलाकों में ताजा बर्फ गिरी. कोकसर और केलांग में करीब 2 से 5 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई. पहाड़ों से आ रही ठंडी हवाओं और बारिश ने मैदानी इलाकों के मौसम को भी प्रभावित किया है. मौसम का यह बदला मिजाज संकेत दे रहा है कि उत्तर भारत में ठंड ने दस्तक दे दी है।


    दिल्ली-NCR में आज कैसा रहेगा मौसम?

    आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में मौसम का बदला मिजाज महसूस किया जा सकता है. आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और सुबह से दोपहर तक हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है. इस दौरान गरज-चमक भी हो सकती है. हालांकि, दिनभर लगातार बारिश होने के आसार नहीं हैं. हवा की रफ्तार सुबह करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटा और दोपहर में 18 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

    बारिश के बाद तापमान में आई गिरावट से सुबह और देर शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है. खासकर सुबह जल्दी दफ्तर जाने वाले लोगों और रात में बाहर निकलने वालों को मौसम में आई इस ठंडक का अहसास होगा. फिलहाल दिन में भारी सर्दी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन गर्मी की विदाई के संकेत जरूर दिखने लगे हैं. बारिश के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान गिरकर 28.3 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो इस महीने का अब तक का सबसे कम अधिकतम तापमान है. यह सामान्य से 4.9 डिग्री सेल्सियस कम रहा. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है।


    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ी ठंडक

    हिमाचल प्रदेश में 16 अक्टूबर को कई जगह बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है. 17 अक्टूबर को भी कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में 16 अक्टूबर को बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों और राजधानी देहरादून में गुरुवार सुबह बादल छाए रहे और कुछ जगह बारिश हुई. रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण एक व्यक्ति घायल हो गया. अधिकारियों के मुताबिक, उसे प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. उत्तराखंड में 18 अक्टूबर तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है।


    जम्मू-कश्मीर में कहां कितनी बारिश हुई?

    मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के उधमपुर में सबसे ज्यादा 59.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसके बाद पुंछ में 39.5 मिमी, सांबा में 34 मिमी, शोपियां में 34 मिमी, बारामूला में 29 मिमी और कटरा में 23.1 मिमी बारिश हुई. कश्मीर घाटी में भी व्यापक बारिश दर्ज की गई. श्रीनगर में 12 मिमी बारिश हुई. क्षेत्र के ज्यादातर हिस्सों में आसमान बादलों से ढका रहा. मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है. ऊंचाई वाले इलाकों में कुछ जगह हल्की बर्फबारी और ओलावृष्टि की भी आशंका है. वहीं, 16 अक्टूबर को जम्मू क्षेत्र में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क रहने का अनुमान है, हालांकि कुछ जगह थोड़े समय के लिए हल्की बारिश हो सकती है।


    हिमाचल प्रदेश में 30 सेंटीमीटर बर्फबारी

    हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में शिंकू ला, बारालाचा ला, कुंजुम ला, कोकसर, जिस्पा, केलांग और गोंदला में ताजा बर्फबारी हुई. चंबा जिले की सुराल घाटी और सच पास के अलावा कांगड़ा जिले की धौलाधार माउंटेन रेंज में भी बर्फ गिरी. सुराल में 7 सेंटीमीटर बर्फ दर्ज की गई, जबकि सच पास पर 30 सेंटीमीटर तक बर्फबारी हुई. गोंदला में 5 सेंटीमीटर और केलांग में 3 सेंटीमीटर बर्फ गिरी. भारी बर्फबारी के कारण सच पास को वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है. लाहौल-स्पीति में गोंदला के पास बर्फबारी के बाद फंसे करीब 100 वाहनों को पुलिस टीमों ने सुरक्षित बाहर निकाला. ताजा बर्फबारी से पर्यटन और इससे जुड़े कारोबार करने वाले लोगों में उत्साह है. उन्हें आने वाले दिनों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है. मौसम में बदलाव के कारण मनाली और धर्मशाला में तापमान भी काफी गिर गया है. बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकालने के साथ अलाव जलाना शुरू कर दिया है. मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश में शनिवार तक कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी जारी रहने का अनुमान जताया है।


    यूपी-एमपी-राजस्थान में बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम का असर बना रह सकता है. पूर्वी राजस्थान में कुछ जगह बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. हवा के झोंके कभी-कभी 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. पश्चिमी मध्य प्रदेश में 16 अक्टूबर और पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 अक्टूबर के बीच बारिश हो सकती है. बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है. ऐसे में कई इलाकों में बादल छाए रहने और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।


    दक्षिण भारत में भारी बारिश का है अलर्ट

    जहां उत्तर भारत में मौसम ठंडक की ओर बढ़ रहा है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर तेज हो सकता है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 18 अक्टूबर के बीच कुछ जगह भारी बारिश की संभावना है. केरल और माहे में भी बारिश बढ़ सकती है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 16 से 18 अक्टूबर तक बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर दिखाई दे सकता है. मौसम विभाग ने कई इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

    चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक वी. आर. दुरई ने बताया कि पिछले 24 घंटों में तमिलनाडु के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ जगह भारी बारिश दर्ज की गई. करूर जिले के थोगैमलाई में सबसे ज्यादा 11 सेंटीमीटर बारिश हुई. नागपट्टिनम और धर्मपुरी में 8-8 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई. राज्य के कई अन्य अंदरूनी इलाकों में भी मध्यम बारिश हुई. दुरई के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान पश्चिमी घाट और उससे सटे अंदरूनी जिलों में गरज-चमक के साथ कुछ जगह भारी बारिश हो सकती है. इनमें नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी, इरोड, तिरुप्पुर, सलेम, नमक्कल, धर्मपुरी और तिरुवन्नामलाई शामिल हैं. चेन्नई और आसपास के इलाकों में भी मध्यम बारिश होने की संभावना है।


    मुंबई में बढ़ रही गर्मी, लू का येलो अलर्ट

    जहां उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान गिरने से ठंडक बढ़ रही है, वहीं महाराष्ट्र में सर्दी का कोई खास संकेत नहीं दिख रहा है. मुंबई और राज्य के दूसरे हिस्सों में तापमान बढ़ रहा है. कई इलाकों में पारा करीब 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जो अक्टूबर के लिहाज से असामान्य है. मौसम विशेषज्ञों ने इसके पीछे दिन में समुद्री हवाओं के देर से चलने और गुजरात तथा दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश के ऊपर बने एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन को प्रमुख कारण बताया है. मौसम विभाग ने 16 अक्टूबर को मुंबई में लू चलने की आशंका के मद्देनजर येलो अलर्ट जारी किया है।

  • MP में फिर बदलेगा मौसम, 20 जिलों में तीन दिन आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर में अलर्ट नहीं

    MP में फिर बदलेगा मौसम, 20 जिलों में तीन दिन आंधी-बारिश की संभावना, भोपाल-इंदौर में अलर्ट नहीं


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद अब एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और नए चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से 15 से 17 अक्टूबर के बीच प्रदेश के 20 जिलों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। हालांकि, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभाग में फिलहाल बारिश को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    मौसम केंद्र, भोपाल के अनुसार, अगले तीन दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। 15 और 16 अक्टूबर को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में बारिश की संभावना है। इसके बाद 17 अक्टूबर को मौसम का प्रभाव रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग तक पहुंच सकता है।

    इन 20 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 17 अक्टूबर को प्रदेश के 20 जिलों में आंधी और बारिश का असर रह सकता है। इनमें ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं।

    इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं, प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में फिलहाल इस सिस्टम का खास असर होने की संभावना नहीं है।

    मानसून विदा, फिर भी क्यों हो रही बारिश?

    मध्य प्रदेश से मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के अनुसार, पिछले 10 वर्षों के रुझानों से पता चलता है कि अक्टूबर में गर्मी, बारिश और हल्की ठंड का मिला-जुला असर रहता है।

    इस साल भी मौसम का यही मिजाज दिखाई दे रहा है। दिन में धूप और गर्मी महसूस हो रही है, जबकि रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ रही है। इसी बीच, मौसमी सिस्टम सक्रिय होने पर कुछ इलाकों में बारिश की स्थिति बन रही है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा।

    सामान्य से 4% कम हुई सीजन की बारिश

    जून से सितंबर तक चले मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच से करीब 4 प्रतिशत कम है। इस तरह प्रदेश में सामान्य के मुकाबले लगभग 1.5 इंच कम पानी बरसा।

    बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच अंतर भी रहा। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में औसत से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। इसके उलट पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन और भोपाल समेत अन्य क्षेत्रों में सामान्य से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश हुई।

    25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी

    प्रदेश के 25 जिलों में बारिश सामान्य या उससे अधिक रही। इनमें भोपाल, ग्वालियर, गुना, छतरपुर और रीवा समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रायसेन, देवास और धार समेत 30 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

    मानसून के शुरुआती दौर में कम बारिश का असर पूरे सीजन के आंकड़ों पर दिखाई दिया। जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। बाद के महीनों में हुई बारिश के बावजूद शुरुआती कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी।

  • दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक

    दिल्ली में बारिश से मौसम हुआ सुहाना, आज 23 राज्यों में अलर्ट…. उत्तर भारत में ठंड की दस्तक


    नई दिल्ली।
    गर्मी से परेशान लोगों को अब धीरे-धीरे राहत मिलने लगी है. कहीं बारिश (Rain) ने मौसम सुहाना (Pleasant Weather) कर दिया है, तो कहीं सुबह और रात की हवा में ठंडक महसूस होने लगी है. दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में रातभर हुई बारिश के बाद मंगलवार की सुबह गुलाबी ठंड के एहसास के साथ हुई. उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पहाड़ी राज्यों में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है।

    ऐसे में लोगों को अब एसी की ठंडक से ज्यादा मौसम की प्राकृतिक ठंडक राहत दे रही है. आने वाले दिनों में सुबह-शाम की ठंडक बढ़ी, तो पंखों की रफ्तार कम करने और रात में गर्म चादर या रजाई निकालने की जरूरत पड़ सकती है. हालांकि, दिन में धूप निकलने पर गर्मी का असर अभी बना रह सकता है।


    23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश की संभावना

    मौसम विभाग के 13 अक्टूबर के पूर्वानुमान के मुताबिक, देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश हो सकती है. अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और लक्षद्वीप में मध्यम बारिश के आसार हैं. इसके अलावा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु और कर्नाटक में हल्की बारिश हो सकती है. अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

    दिल्ली-एनसीआर में रविवार रात से ही बादल छाए हुए थे. इसके बाद तेज हवाओं और बारिश ने मौसम का रुख बदल दिया. राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में मंगलवार रात और सुबह भी बारिश का असर बना रहा. तापमान में गिरावट के चलते सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठंड महसूस हुई और उन्हें हल्के गर्म कपड़े पहनने पड़े. मौसम में आए इस बदलाव का असर अब रोजमर्रा की दिनचर्या पर भी दिखने लगा है. दिन में गर्मी से राहत मिलने के साथ सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ रही है।


    दिल्ली में आज कैसा रहेगा मौसम?

    मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में 13 अक्टूबर को भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है. लगातार बारिश के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, यह राहत पूरे दिन एक जैसी बनी रहेगी, इसकी संभावना नहीं है. बादलों की आवाजाही और धूप निकलने के साथ तापमान में उतार-चढ़ाव हो सकता है. आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. यानी दिन में अभी गर्मी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, लेकिन सुबह और रात के समय ठंडक रह सकती है।


    यूपी से राजस्थान तक बदला मौसम

    उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों के दौरान हुई बारिश से मौसम में बदलाव आया है. पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं के कारण ठंडक बढ़ी है. बुलंदशहर समेत कई इलाकों में सुबह हुई रिमझिम बारिश ने लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत दी. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी यूपी में 16 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है. अमरोहा, बागपत, बिजनौर, बुलंदशहर, गौतम बुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ और संभल समेत कई इलाकों में बारिश की संभावना है।

    पूर्वी यूपी में 15 और 16 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं. अगले कुछ दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. ऐसे में सुबह और शाम के समय मौसम में ठंडक महसूस हो सकती है. राजस्थान में भी नए वेदर सिस्टम के असर से बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिमी राजस्थान और राज्य के उत्तरी हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 13 और 14 अक्टूबर को बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की संभावना है।


    पंजाब, हरियाणा, पहाड़ों में मौसम सक्रिय

    उत्तर भारत के मैदानी इलाकों के साथ पहाड़ी राज्यों में भी मौसम बदला हुआ है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में बारिश की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय बना रह सकता है. जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की विदाई के बाद एक्टिव हुए नए वेदर सिस्टम के असर से उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं देखने को मिली हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है. हालांकि, अलग-अलग जिलों में मौसम का असर अलग रहेगा. ऐसे में पहाड़ों की यात्रा पर जाने वाले लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर निकलना चाहिए।


    दक्षिण भारत में भी बारिश के बने आसार

    बारिश का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है. तमिलनाडु के कई जिलों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, नीलगिरि, कोयंबटूर, इरोड, कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, थूथुकुडी, तेनकासी, मदुरै, शिवगंगा, सलेम और तिरुप्पुर में बारिश हो सकती है. पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार हैं. दक्षिण भारत में बारिश का यह दौर स्थानीय मौसम परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग इलाकों में असर दिखा सकता है।