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  • सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, निवेशकों में हलचल, अब बाजार की अगली चाल पर टिकी नजरें

    सोने-चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट, निवेशकों में हलचल, अब बाजार की अगली चाल पर टिकी नजरें

    नई दिल्ली । सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ रही दोनों कीमती धातुओं के भाव में अचानक बड़ी टूट दर्ज की गई है। इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 10,577 रुपये प्रति किलोग्राम गिरकर 1,78,900 रुपये पर बंद हुई। वहीं, सोने की कीमत में 4,347 रुपये प्रति 10 ग्राम की कमी आई और यह 1,38,419 रुपये पर पहुंच गया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। स्पॉट गोल्ड की कीमत करीब 4 प्रतिशत गिरकर 3,875.55 डॉलर प्रति औंस रह गई, जबकि स्पॉट सिल्वर में लगभग 6 प्रतिशत की गिरावट आई और इसका भाव 49.12 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वैश्विक बाजारों में आई इस कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है।

    इस गिरावट की प्रमुख वजह कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा स्रोतों की कीमतों में बढ़ोतरी को माना जा रहा है। महंगी ऊर्जा के कारण दुनिया भर में महंगाई दोबारा बढ़ने की आशंका पैदा हुई है। इससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व सहित प्रमुख केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियों को लेकर बाजार की चिंताएं बढ़ गई हैं।

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रखा जा सकता है। दिसंबर में ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की संभावना भी बाजार की चिंता का हिस्सा बनी हुई है। इससे निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर हुई है।

    ब्याज दरें ऊंची रहने पर सोने और चांदी जैसी संपत्तियों का आकर्षण प्रभावित होता है। इन धातुओं से नियमित ब्याज या निश्चित आय नहीं मिलती। इसके विपरीत, फिक्स्ड इनकम और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्प बेहतर रिटर्न की संभावना पेश करते हैं। ऐसे माहौल में निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर दूसरे साधनों में निवेश करना पसंद कर सकते हैं। इसी बदलाव ने सोने-चांदी पर बिकवाली का दबाव बढ़ाया है।

    वैश्विक शेयर बाजारों में टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने भी स्थिति को प्रभावित किया है। बाजार में नुकसान झेल रहे बड़े निवेशकों और संस्थागत कारोबारियों ने नकदी जुटाने तथा घाटे की भरपाई के लिए सोने-चांदी जैसी आसानी से बेची जा सकने वाली संपत्तियों में बिकवाली की। बाजार में इस प्रक्रिया को लिक्विडेशन कहा जाता है।

    चीन से जुड़ी गतिविधियों ने भी दबाव बढ़ाया है। दुनिया के सबसे बड़े सोना उपभोक्ता देशों में शामिल चीन में निवेशकों द्वारा नकदी जुटाने के लिए सोने की बिक्री किए जाने की खबरों ने बाजार की धारणा प्रभावित की। चांदी में गिरावट सोने से अधिक रही, क्योंकि इसका इस्तेमाल निवेश के साथ सोलर पैनल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में भी होता है। औद्योगिक मांग में सुस्ती और शेयर बाजार की अस्थिरता ने इसकी कीमतों को ज्यादा प्रभावित किया।

    कीमतों में आई गिरावट का अंदाजा पुराने रिकॉर्ड से लगाया जा सकता है। जनवरी 2026 में चांदी 4,20,048 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी। मौजूदा भाव के आधार पर यह अपने शिखर से 50 प्रतिशत से अधिक नीचे आ चुकी है। वर्ष 2025 में चांदी ने करीब 170 प्रतिशत का रिटर्न दिया था। इसी तरह जनवरी 2026 में सोने का भाव 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। अब यह अपने उच्चतम स्तर से 42,321 रुपये नीचे आ चुका है। इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत घटकर 1,40,054 रुपये रह गई है।

    हालांकि, घरेलू बाजार में आने वाले दिनों में मांग बढ़ने से कीमतों को सहारा मिलने की उम्मीद है। नवंबर में धनतेरस, दिवाली और शादी-विवाह के सीजन के कारण आभूषणों तथा भौतिक सोने की खरीदारी बढ़ सकती है। 6 नवंबर को धनतेरस होने के कारण बाजार को त्योहारी खरीदारी से विशेष उम्मीद है।

    इसके अलावा, दुनिया के केंद्रीय बैंक लगातार अपने भंडार में सोना शामिल कर रहे हैं। उनकी खरीदारी से सोने की दीर्घकालिक मांग को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, निकट भविष्य में कीमतों की दिशा अमेरिकी ब्याज दरों, महंगाई, ऊर्जा कीमतों और वैश्विक शेयर बाजारों की स्थिति पर निर्भर करेगी। त्योहारी मांग और औद्योगिक खपत से सुधार की संभावना जरूर है, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने के आसार हैं।

  • इंदौर में चाचा-भतीजे को अगवा कर खदान में बेरहमी से पीटा, पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाया और तोड़ दिए मोबाइल

    इंदौर में चाचा-भतीजे को अगवा कर खदान में बेरहमी से पीटा, पता पूछने के बहाने बाइक पर बैठाया और तोड़ दिए मोबाइल


    इंदौर । इंदौर के खुड़ैल थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर चाचा और भतीजे के साथ अपहरण और बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। बाइक से जा रहे दोनों को आधा दर्जन बदमाशों ने रास्ते में रोक लिया और जबरन अपने साथ ले गए। आरोपी उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित एक खदान पर ले पहुंचे। वहां रितिक यादव के बारे में पूछताछ करते हुए दोनों के साथ डंडों और थप्पड़ों से मारपीट की गई। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे राहगीरों ने बीच-बचाव किया तो आरोपी दोनों को छोड़कर भाग निकले। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों और उनके अन्य साथियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के मुताबिक फरियादी रितिक सिंह उर्फ रुद्रसिंह निवासी ग्राम बिहाड़िया अपने भतीजे अभिषेक पटेल के साथ बाइक से सनन चाय कंपनी जा रहे थे। शनिवार दोपहर जब वे शिवाजी राव कदम कॉलेज तिल्लोरखुर्द के पास पहुंचे तो दो बाइकों पर सवार होकर आए बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोपियों में कुणाल उर्फ टीटू गुर्जर और अनुज गुर्जर निवासी ग्राम दूधिया तथा रोहित चौधरी निवासी तिल्लोर बामन टेकरी शामिल थे। इनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे।

    रास्ते में रोकने के बाद कुणाल गुर्जर ने रितिक सिंह से पूछा कि क्या वह रितिक यादव को जानता है। रितिक सिंह ने पहचान होने की बात स्वीकार की तो आरोपियों ने दोनों चाचा-भतीजे को अलग-अलग बाइक पर जबरन बैठा लिया। इसके बाद उन्हें नीलगिरी परिसर स्थित खदान पर ले जाया गया। वहां बदमाशों ने रितिक यादव को छिपाकर रखने के संबंध में पूछताछ शुरू कर दी। दोनों ने इस बारे में जानकारी होने से इनकार किया तो आरोपी नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।

    पीड़ितों के विरोध करने पर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। कुणाल अनुज रोहित और उनके साथियों ने खदान के पास पड़े डंडों से दोनों को पीटा। थप्पड़ भी मारे गए। अचानक हुए हमले से चाचा-भतीजे खुद को बचाने की कोशिश करते रहे लेकिन बदमाशों की संख्या अधिक होने के कारण वे उनका मुकाबला नहीं कर सके। इसी दौरान वहां से गुजर रहे आनंद यादव और अन्य राहगीरों की नजर दोनों पर पड़ी। उन्होंने बीच-बचाव करते हुए बदमाशों को रोकने की कोशिश की। लोगों को आता देखकर आरोपी मौके से भाग निकले।

    आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन भी तोड़ दिए। मारपीट और अफरा-तफरी के दौरान पीड़ितों का पर्स और हाथ की अंगूठी भी गिर गई। घटना के बाद दोनों पीड़ित खुड़ैल थाने पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस ने उनकी शिकायत के आधार पर मेडिकल परीक्षण कराया और तीन नामजद आरोपियों सहित उनके अन्य साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।

    पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के साथ मारपीट और जबरन ले जाने के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। दिनदहाड़े कॉलेज के पास से चाचा-भतीजे को जबरन ले जाकर खदान में पीटने की इस घटना से इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। राहगीरों के समय पर हस्तक्षेप के कारण दोनों को आरोपियों के चंगुल से निकलने का मौका मिला।

  • रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक का शक्ति प्रदर्शन, राहुल गांधी की अपील से गरमाई दिल्ली, SIR पर चुनाव आयोग से आर-पार

    रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक का शक्ति प्रदर्शन, राहुल गांधी की अपील से गरमाई दिल्ली, SIR पर चुनाव आयोग से आर-पार


    नई दिल्ली ।
    दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक की महारैली आयोजित की जा रही है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आयोजित इस कार्यक्रम में 19 विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं। विपक्ष ने इसे ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान का हिस्सा बताते हुए लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई करार दिया है।

    रैली से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर विपक्षी नेताओं की बैठक हुई। इसमें प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इसके बाद सभी प्रमुख नेताओं के मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से रामलीला मैदान तक पैदल मार्च करने की योजना बनाई गई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोगों से इस मार्च और महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग कनॉट प्लेस पहुंचकर उनके साथ पैदल चलें या सीधे रामलीला मैदान आएं, लेकिन कार्यक्रम में जरूर शामिल हों।

    रैली में 10 लाख लोगों के पहुंचने का दावा विपक्षी नेताओं की ओर से किया गया है। वहीं, दिल्ली पुलिस का अनुमान लगभग 50 हजार लोगों के आने का है। मंच, कुर्सियों और सुरक्षा व्यवस्था के कारण मैदान में 30 से 40 हजार लोगों के बैठने की क्षमता रहने की बात सामने आई है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अलग-अलग जोन में बांटकर निगरानी की व्यवस्था की है।

    कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेताओं ने रैली को लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ा आंदोलन बताया। सांसद सुखदेव सिंह भगत ने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से लोग दिल्ली पहुंच रहे हैं और उनके आने से होटल, दुकान तथा खानपान से जुड़े स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकता है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने बताया कि निर्धारित समय से पहले ही सुबह 9 बजे से कार्यकर्ताओं का मैदान में पहुंचना शुरू हो गया था। प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल ने भी तैयारियों का जायजा लिया।

    टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति के हित के लिए नहीं, बल्कि युवाओं, महिलाओं, किसानों और मजदूरों के लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में विपक्ष को जनता के मुद्दे उठाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने पर नेताओं को सड़क पर उतरना पड़ रहा है। सीपीआई सांसद पी. संतोष ने भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का दावा किया।

    दूसरी ओर, भाजपा और एनडीए नेताओं ने रैली के आयोजन तथा विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए। भाजपा की दिल्ली इकाई ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर जारी कर INDIA ब्लॉक की रैली को निशाना बनाया। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की आदत बन गई है। केशव प्रसाद मौर्य ने राहुल गांधी के नेतृत्व और रैली पर टिप्पणी करते हुए इसे लोकतंत्र तथा संविधान का मजाक बताया।

    बिहार में जेडीयू महासचिव श्याम रजक ने 10 लाख लोगों के जुटने के दावे को खोखला बताया। पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन ने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। बिहार के मंत्री राम कृपाल यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने भी रैली के मुद्दों तथा समय पर सवाल उठाए। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष पर व्यापारियों को परेशान करने और लोगों को रैली में लाने के लिए पैसे देने का आरोप लगाया।

    रैली के समय को लेकर व्यापारियों की चिंताओं पर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई। शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने कहा कि त्योहारों के दौरान राजनीतिक आयोजनों से कारोबार प्रभावित हो सकता है। उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी आरोप लगाया कि रैली से व्यापारियों की आजीविका पर असर पड़ सकता है। इस तरह SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे पर आयोजित महारैली में विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के साथ भाजपा और एनडीए के विरोधी बयान भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे।

  • दिल्ली में आज से पुराने वाहनों की एंट्री बंद, नियम तोड़ने पर लगेगा 20 हजार रुपये तक जुर्माना…

    दिल्ली में आज से पुराने वाहनों की एंट्री बंद, नियम तोड़ने पर लगेगा 20 हजार रुपये तक जुर्माना…


    नई दिल्ली ।
    दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों की आवाजाही पर सख्ती बढ़ा दी गई है। 1 नवंबर 2026 से राजधानी में दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS-6 से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लागू किया गया है। इस फैसले का सीधा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों पर भी पड़ेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन चालकों को 20 हजार रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।

    प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए गौतमबुद्धनगर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। इसमें लोगों से दिल्ली जाने से पहले अपने वाहन का उत्सर्जन मानक जांचने और लागू प्रतिबंधों की जानकारी लेने की अपील की गई है। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS-6 से कम मानक वाले वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। ऐसे में नोएडा और ग्रेटर नोएडा से राजधानी जाने वाले लोगों को अपनी गाड़ी के दस्तावेज और श्रेणी की जांच करना जरूरी होगा।

    नए प्रतिबंधों के तहत यात्री बसों और भारी माल ढोने वाले ट्रकों की आवाजाही पर भी पाबंदियां लगाई गई हैं। वहीं, BS-6 मानक वाले वाहनों के साथ CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को निर्धारित शर्तों के अनुसार दिल्ली में प्रवेश की अनुमति रहेगी। इससे पहले वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी गाड़ी संबंधित नियमों के दायरे में आती है या नहीं।

    पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को लेकर भी सख्ती बरती जा रही है। जारी एडवाइजरी के मुताबिक, 10 साल से अधिक पुराने डीजल और 15 साल से ज्यादा पुराने पेट्रोल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध का पालन कराया जाएगा। यह व्यवस्था ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत लागू प्रतिबंधों से जुड़ी है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त किया जा सकता है और उनके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है।

    BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल श्रेणी के ऐसे पुराने वाहन, जो दूसरे राज्यों में पंजीकृत हैं, यदि प्रतिबंध के बावजूद दिल्ली की सड़कों पर चलते पाए जाते हैं तो उन पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसलिए वाहन चालकों को केवल अपनी गाड़ी की उम्र ही नहीं, बल्कि उसका BS उत्सर्जन मानक भी जांचना होगा। दोनों के आधार पर लागू नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

    दिल्ली से होकर दूसरे राज्यों की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए वैकल्पिक मार्ग भी सुझाए गए हैं। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे या यमुना एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करके वाहन चालक जीरो पॉइंट, परी चौक, कस्बा कासना और सिरसा होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) तक पहुंच सकते हैं। इसके बाद वहां से अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सकते हैं। इस मार्ग से दिल्ली के प्रतिबंधित रास्तों पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

    ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने और संभव होने पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील की है। इससे सड़कों पर वाहनों का दबाव और प्रदूषण कम करने में मदद मिल सकती है। यातायात संबंधी जानकारी या परेशानी के लिए लोग हेल्पलाइन नंबर 9971009001 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा व्हाट्सऐप नंबर 7065100100 और आधिकारिक एक्स हैंडल @noidatraffic के जरिए भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

    ऐसे में नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए जरूरी है कि वे घर से निकलने से पहले अपने वाहन का BS मानक, पंजीकरण और लागू प्रतिबंधों की जानकारी जरूर जांच लें। लापरवाही की स्थिति में जुर्माने के साथ वाहन जब्त होने की कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।

  • इंदौर में वॉर्मअप करते समय अचानक गिरा 15 साल का छात्र, बड़े भाई ने CPR देकर बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बची जान

    इंदौर में वॉर्मअप करते समय अचानक गिरा 15 साल का छात्र, बड़े भाई ने CPR देकर बचाने की कोशिश की लेकिन नहीं बची जान


    इंदौर । इंदौर में खेल परिसर में व्यायाम करने पहुंचे दसवीं कक्षा के 15 वर्षीय छात्र की अचानक गिरने से मौत हो गई। शनिवार शाम अटल खेल परिसर में वॉर्मअप करते समय कनिष्क बोयक अचानक जमीन पर गिर पड़ा। उसके साथ मौजूद 17 वर्षीय बड़े भाई दिव्यांश ने तुरंत CPR देकर उसे होश में लाने की कोशिश की। काफी प्रयास के बाद भी कनिष्क की हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।

    जानकारी के मुताबिक कनिष्क अपने परिवार के साथ इंदौर की स्कीम नंबर 78 में रहता था। वह पिछले दो से तीन वर्षों से नियमित रूप से अटल खेल परिसर में व्यायाम करने जाता था। शनिवार को भी वह अपने बड़े भाई दिव्यांश के साथ परिसर पहुंचा था। शाम करीब पांच से छह बजे के बीच वह वॉर्मअप कर रहा था। इसी दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ी और वह गिर पड़ा। भाई ने उसे संभालने के साथ तत्काल CPR देने की कोशिश की। इसके बाद उसे अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके।

    परिवार के रिश्तेदार हरीश बोयक के अनुसार कनिष्क पहले भी दौड़ते समय गिर चुका था। परिचितों ने बताया कि कुछ साल पहले हुई उस घटना के बाद डॉक्टरों ने हार्ट संबंधी परेशानी की आशंका जताई थी। हालांकि इसके बाद उसकी तबीयत सामान्य बताई जा रही थी और वह नियमित रूप से व्यायाम करने जाता रहा। शनिवार को हुई घटना के बाद परिवार के सामने एक बार फिर स्वास्थ्य संबंधी पुरानी आशंका का सवाल खड़ा हो गया है। फिलहाल मौत के सटीक कारणों की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

    कनिष्क के परिवार पर पहले भी दुखों का पहाड़ टूट चुका है। करीब 12 साल पहले एक सड़क हादसे में उसके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से वह अपनी मां और बड़े भाई दिव्यांश के साथ रह रहा था। परिवार के लिए कनिष्क की मौत एक बड़ा सदमा है। जिस बेटे को परिवार ने बड़े होते और अपने सपने संजोते देखा था उसकी अचानक मौत ने सभी को गहरे दुख में डाल दिया है।

    घटना के समय बड़े भाई ने अपने स्तर पर भाई को बचाने की पूरी कोशिश की। CPR देकर उसे होश में लाने का प्रयास किया गया और फिर अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। इस हादसे के बाद खेल परिसर और आसपास के लोगों में भी शोक है। कनिष्क के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई है। परिजनों के मुताबिक रविवार दोपहर दो बजे उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

    कनिष्क की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में छोड़ दिया है। कम उम्र में अचानक हुई इस घटना से उसके परिचित और रिश्तेदार भी स्तब्ध हैं। परिवार के लिए यह ऐसा दुख है जिसकी भरपाई संभव नहीं है।

  • दीपावली के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, 9 नवंबर को छुट्टी और कोयंबेडु मंडी भी रहेगी बंद

    दीपावली के बाद तमिलनाडु सरकार का बड़ा फैसला, 9 नवंबर को छुट्टी और कोयंबेडु मंडी भी रहेगी बंद

    नई दिल्ली ।तमिलनाडु सरकार ने दीपावली के बाद राज्य के लोगों को राहत देते हुए 9 नवंबर को अतिरिक्त सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। यह छुट्टी सरकारी कार्यालयों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और शैक्षणिक संस्थानों में लागू होगी। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य त्योहार मनाने के लिए अपने गृहनगर जाने वाले लोगों को वापस लौटने के लिए अतिरिक्त समय देना है। इसी दिन चेन्नई की प्रमुख कोयंबेडु सब्जी मंडी भी बंद रहेगी। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों, विद्यार्थियों और सब्जी कारोबार से जुड़े लोगों को अपनी योजनाएं पहले से तय करनी होंगी।

    इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर को रविवार के दिन मनाई जाएगी। त्योहार के अगले दिन सोमवार, 9 नवंबर को सरकारी छुट्टी मिलने से लोगों को परिवार के साथ समय बिताने का अतिरिक्त अवसर मिलेगा। खासकर वे लोग जो नौकरी, पढ़ाई या अन्य कारणों से दूसरे शहरों में रहते हैं और दीपावली मनाने के लिए अपने पैतृक शहर या गांव जाते हैं, उन्हें वापसी की तैयारी के लिए एक दिन और मिल सकेगा।

    सरकार के आदेश के मुताबिक, 9 नवंबर का अवकाश पूरे तमिलनाडु में लागू रहेगा। इसके दायरे में सभी सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम, स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। इसका मतलब है कि इन संस्थानों में सोमवार को नियमित कामकाज और शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी। छुट्टी का लाभ सरकारी कर्मचारियों के साथ विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को भी मिलेगा।

    हालांकि, अतिरिक्त अवकाश के कारण सरकारी कामकाज के निर्धारित दिनों में बदलाव किया गया है। 9 नवंबर की छुट्टी की भरपाई के लिए 28 नवंबर को कार्यदिवस घोषित किया गया है। यह तारीख शनिवार को पड़ रही है। इसलिए संबंधित सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को इस संशोधित कार्यक्रम के अनुसार काम करना होगा। निर्धारित व्यवस्था के तहत 9 नवंबर को बंद रहने वाले संस्थानों में 28 नवंबर को सामान्य कामकाज किया जाएगा।

    इस फैसले से त्योहार के बाद एक साथ यात्रा करने वाले परिवारों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। रविवार को दीपावली मनाने के तुरंत बाद सोमवार को काम या पढ़ाई के लिए लौटने की बाध्यता नहीं रहेगी। लोग अपनी यात्रा को सुविधानुसार आगे बढ़ा सकेंगे। सरकार ने अवकाश के साथ उसकी भरपाई की तारीख भी तय कर दी है, जिससे संस्थानों के कामकाजी कार्यक्रम में संतुलन बनाए रखा जा सके।

    दूसरी ओर, चेन्नई स्थित कोयंबेडु सब्जी मंडी भी 9 नवंबर को एक दिन के लिए बंद रहेगी। यह फैसला बाजार से जुड़े व्यापारी संगठनों की बैठक में लिया गया है। एकीकृत बाजार संघ महासंघ के अध्यक्ष जीटी राजशेखरन की अध्यक्षता में हुई सलाहकार बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।

    बैठक में तय किया गया कि दीपावली तक बाजार की सभी सब्जी दुकानें सामान्य रूप से खुली रहेंगी। इससे त्योहार से पहले ग्राहकों को आवश्यक सब्जियां खरीदने और व्यापारियों को अपना कारोबार संचालित करने का अवसर मिलेगा। बाजार में खरीदारी करने वाले लोगों को 9 नवंबर की बंदी को ध्यान में रखते हुए अपनी जरूरत का सामान पहले ही खरीदना होगा।

    व्यापारी संघ के निर्णय के अनुसार, कोयंबेडु सब्जी मंडी मंगलवार, 10 नवंबर से दोबारा सामान्य रूप से खुल जाएगी। यह बंदी केवल दीपावली के अगले दिन के लिए निर्धारित की गई है। इस तरह 9 नवंबर को तमिलनाडु में सरकारी संस्थानों के साथ चेन्नई की प्रमुख सब्जी मंडी भी बंद रहेगी, जबकि अगले दिन से बाजार का कारोबार नियमित रूप से शुरू हो जाएगा।

  • 1 नवंबर से लागू हुए 18 बड़े बदलाव, LPG से लेकर पेंशन और दूध-दही तक जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

    1 नवंबर से लागू हुए 18 बड़े बदलाव, LPG से लेकर पेंशन और दूध-दही तक जानें आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर

    नई दिल्ली ।नवंबर महीने की शुरुआत आम लोगों के लिए कई नए बदलाव लेकर आई है। 1 नवंबर 2026 से देश के अलग-अलग राज्यों में रोजमर्रा की जरूरतों, परिवहन, बैंकिंग, बिजली, टैक्स और सरकारी सेवाओं से जुड़े 18 महत्वपूर्ण बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर घरेलू बजट से लेकर कारोबारियों के खर्च और सरकारी पेंशन प्राप्त करने वालों की प्रक्रियाओं तक दिखाई दे सकता है। कहीं दूध-दही और CNG महंगी हुई है, तो कहीं कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े हैं। इसके अलावा क्रेडिट कार्ड, बिजली कनेक्शन और यातायात से जुड़े नियम भी बदले हैं।

    दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए 1 नवंबर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी GRAP लागू किया गया है। इसके तहत दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। कुछ श्रेणियों के ट्रकों और बसों पर भी पाबंदियां लागू हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक का जुर्माना और वाहन जब्त होने की कार्रवाई हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में पार्किंग शुल्क बढ़ाने के साथ डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

    उत्तर प्रदेश के कई शहरों में CNG की कीमत बढ़ाई गई है। लखनऊ, आगरा, सुल्तानपुर और अयोध्या में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, जबकि उन्नाव में CNG 2.25 रुपये प्रति किलो महंगी हुई है। इससे गैस से चलने वाले वाहनों का परिचालन खर्च बढ़ेगा। वहीं, कर्नाटक में दूध की कीमत आठ रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है। इसमें सात रुपये किसानों और एक रुपया दूध यूनियनों को मिलेगा। राज्य में दही भी 14 रुपये प्रति किलो महंगा हो गया है।

    तमिलनाडु में शराब की बोतलों के दाम में 10 रुपये की वृद्धि की गई है। हालांकि, खाली बोतल सही स्थिति में वापस करने पर ग्राहकों को 10 रुपये लौटाने का प्रावधान है। दूसरी ओर, कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में भी बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2,820 रुपये का हो गया है, जो पहले 2,810 रुपये था। घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत 942 रुपये पर स्थिर रखी गई है।

    बैंकिंग सेवाओं में भी नए शुल्क लागू हुए हैं। पंजाब नेशनल बैंक के Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट रिडीम करने की पात्र रिक्वेस्ट के लिए 99 रुपये शुल्क लगेगा। एक बिलिंग साइकल में 50 हजार रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर एक प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है। SBI ने भी क्रेडिट कार्ड से संबंधित कुछ शुल्कों में बदलाव किया है।

    बिजली उपभोक्ताओं के लिए उत्तराखंड और बिहार में नए प्रावधान लागू किए गए हैं। उत्तराखंड में BPL कार्डधारकों के नए बिजली कनेक्शन का सर्विस लाइन शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये कर दिया गया है। हालांकि, प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वालों को कुछ राहत दी गई है। बिहार में 150 किलोवाट तक के सभी नए बिजली कनेक्शन के लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाना अनिवार्य होगा। कनेक्शन का शुल्क फेज के अनुसार तय किया जाएगा।

    सरकारी पेंशन पाने वाले 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से अपना वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसकी अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। निर्धारित समय में प्रमाण पत्र नहीं देने पर पेंशन भुगतान प्रभावित हो सकता है। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया एक अक्टूबर से शुरू हो चुकी है।

    आयकर से जुड़े बदलाव के तहत असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए उन करदाताओं को ITR दाखिल करने की तारीख में राहत मिली है, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी है। उनके लिए अंतिम तारीख बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी गई है। यह विस्तार उन सभी करदाताओं पर लागू नहीं होगा, जिनके खातों का ऑडिट अनिवार्य नहीं है। GST के नियमों में भी बिक्री के बाद मिलने वाली छूट, क्रेडिट नोट और टैक्स रिफंड से संबंधित बदलाव किए गए हैं। इनसे कारोबारियों को कुछ परिस्थितियों में राहत मिल सकती है।

    टेलीकॉम क्षेत्र में CNAP सुविधा शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से आने वाली कॉल के दौरान फोन की स्क्रीन पर कॉल करने वाले का नाम दिखाई दे सकता है। हालांकि, इसकी उपलब्धता नेटवर्क और टेलीकॉम ऑपरेटर पर निर्भर करेगी। FASTag के तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय लोगों के लिए सालाना पास की व्यवस्था की गई है। नगर सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए इसकी फीस 1,500 रुपये और नगर सीमा के अंदर स्थित टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये होगी।

    उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर भी गति सीमा घटाई गई है। कार और जीप जैसे हल्के वाहनों की अधिकतम रफ्तार 100 से घटाकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा कर दी गई है। भारी वाहनों के लिए यह सीमा 80 से घटाकर 60 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। सर्दियों में कोहरे के कारण दुर्घटनाओं को कम करना इसका उद्देश्य है।

    हवाई और रेल यात्रियों के लिए भी कुछ बदलाव किए गए हैं। आठ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के यात्रियों के लिए Digi Yatra सुविधा का ट्रायल शुरू किया जा रहा है। शुरुआत में एयर इंडिया और इंडिगो की चुनिंदा उड़ानों में इसका लाभ मिलेगा। ताज एक्सप्रेस अब नई दिल्ली स्टेशन के बजाय हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन से संचालित होगी।

    अयोध्या के राम मंदिर में भी दर्शन और पूजा का समय बदल गया है। एक नवंबर से मंदिर के पट सुबह चार बजे खुलेंगे और रात 10 बजे बंद होंगे। मंगला आरती सुबह 4:30 से 4:40 बजे तक होगी, जबकि श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह सात बजे से शुरू होंगे।

    पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर भी मासिक समीक्षा की प्रक्रिया जारी है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और रुपये की स्थिति के आधार पर तेल कंपनियां दरों की समीक्षा करती हैं। हालांकि, एक नवंबर को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में किसी बदलाव की पुष्टि के लिए आधिकारिक घोषणा जरूरी होगी। इन सभी बदलावों के बीच लोगों को अपने भुगतान, यात्रा, पेंशन और जरूरी दस्तावेजों से जुड़े नए प्रावधानों की जानकारी रखना जरूरी है।

  • भाजपा युवा मोर्चा की नियुक्तियों से संगठन में मचा घमासान, परिवारिक विवाद से लेकर निष्कासन तक के मामले आए सामने

    भाजपा युवा मोर्चा की नियुक्तियों से संगठन में मचा घमासान, परिवारिक विवाद से लेकर निष्कासन तक के मामले आए सामने


    भोपाल । मध्यप्रदेश में भारतीय जनता युवा मोर्चा के 19 जिलों के अध्यक्षों और महामंत्रियों की नियुक्तियों के बाद संगठन के भीतर विवाद गहराने लगे हैं। 29 अक्टूबर को घोषित की गई नियुक्तियों के एक-दो दिन के भीतर ही कई नवनियुक्त पदाधिकारी सवालों के घेरे में आ गए। बालाघाट में नए जिलाध्यक्ष की भाभी ने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मंडला में जिलाध्यक्ष बनाए गए उत्कर्ष यादव की पत्नी ने दहेज में थार गाड़ी मांगने के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं नर्मदापुरम में छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित किए गए नेता को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने पर सवाल उठ रहे हैं। सिवनी और इंदौर ग्रामीण में भी नियुक्तियों को लेकर असंतोष सामने आया है।

    बालाघाट में अमन गांधी को भाजयुमो जिलाध्यक्ष बनाए जाने के बाद पारिवारिक विवाद चर्चा में आ गया। नियुक्ति की घोषणा वाली रात ही विवाद सामने आया था। इसके बाद 30 अक्टूबर को उनकी भाभी पूजा गांधी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शराब के नशे में अमन गांधी उनके ससुर और परिवार के अन्य सदस्यों ने उनके और उनके पति के साथ मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी गई। पूजा गांधी ने पुलिस से खुद अपने पति और छह वर्षीय बच्चे की सुरक्षा की मांग की है। बताया गया है कि इसी परिवार के खिलाफ अगस्त में भी शिकायत दर्ज कराई गई थी। हालांकि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच पुलिस स्तर पर की जानी है।

    मंडला में उत्कर्ष यादव की नियुक्ति भी विवादों में है। उनकी पत्नी ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद ससुराल पक्ष की ओर से थार गाड़ी की मांग की जाने लगी और इसके लिए उन्हें प्रताड़ित किया गया। इस मामले में जून 2026 में लखनादौन थाने में उत्कर्ष यादव और उनके परिवार के तीन सदस्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 85 और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। ऐसे मामले के बीच जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने से नियुक्ति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

    नर्मदापुरम में कुलदीप रघुवंशी को जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर पार्टी के पुराने फैसले की चर्चा फिर शुरू हो गई है। वर्ष 2023 में इटारसी नगर मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर हुए विवाद के दौरान कुलदीप और उनके साथियों पर मारपीट का आरोप लगा था। पुलिस में मामला दर्ज होने के बाद तत्कालीन जिला अध्यक्ष माधवदास अग्रवाल ने उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। यह निष्कासन वर्ष 2029 तक बताया गया था। अब करीब साढ़े तीन साल में ही उनकी वापसी और सीधे जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि कुलदीप रघुवंशी का कहना है कि एक घटना में उनका नाम जुड़वा दिया गया था और डेढ़ महीने में ही वे उस मामले में दोषमुक्त हो गए थे। इसके बाद पार्टी में उनकी वापसी हुई थी।

    सिवनी में योगेश शिवहरे को जिलाध्यक्ष बनाए जाने पर संगठन के भीतर नाराजगी की बात सामने आई है। आरोप है कि जिला स्तर पर कोर ग्रुप की सहमति से तैयार पैनल को नजरअंदाज कर नियुक्ति की गई। पैनल में नाम नहीं होने के बावजूद जिम्मेदारी मिलने से कुछ युवा नेताओं में असंतोष है। वहीं इंदौर ग्रामीण में अजय सिंह पंवार की नियुक्ति को लेकर सामाजिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया गया है। लगातार तीसरी बार राजपूत समाज से अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा के बीच कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई। उम्र सीमा और अलग-अलग क्षेत्रों के दावेदारों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

    सागर में नवनियुक्त जिलाध्यक्ष जसवंत राठौर की नियुक्ति के बाद उनके परिवार से जुड़ी पुरानी आयकर विभाग की कार्रवाई भी चर्चा में है। 5 जनवरी 2025 को आयकर विभाग ने पूर्व भाजपा विधायक हरवंश सिंह राठौर के आवास सहित तीन ठिकानों पर छापेमारी की थी। यह कार्रवाई बीड़ी कारोबार संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच से जुड़ी थी। हालांकि उपलब्ध जानकारी के मुताबिक जसवंत राठौर के खिलाफ इस कार्रवाई में सीधे तौर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।

    इन घटनाओं के बाद भाजयुमो की नियुक्ति प्रक्रिया और संगठन के फैसलों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। अलग-अलग जिलों में सामने आए विवादों ने नए पदाधिकारियों के चयन और संगठन के भीतर सामाजिक तथा राजनीतिक संतुलन पर बहस तेज कर दी है। अब इन मामलों में संबंधित शिकायतों और संगठन की ओर से आने वाली प्रतिक्रिया पर सबकी नजर रहेगी।

  • तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    तमिलनाडु दिवस पर सीएम विजय की अपील, तमिल भाषा और सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए दिया खास संदेश..

    नई दिल्ली ।चेन्नई। तमिलनाडु दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विजय ने राज्य के नागरिकों से तमिल भाषा की रक्षा करने और अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने की अपील की। रविवार, 1 नवंबर को जारी अपने संदेश में उन्होंने तमिलनाडु की ऐतिहासिक पहचान, मातृभाषा के महत्व और राज्य के गठन के लिए हुए संघर्षों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति का संरक्षण समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक गौरव को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने संदेश में उन लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने तमिल भाषा की रक्षा और तमिल भाषी क्षेत्रों को एक राज्य के अंतर्गत लाने के लिए संघर्ष किया था। उन्होंने कहा कि इन लोगों के प्रयास और बलिदान तमिल समाज की एकता तथा साझा पहचान के लिए हमेशा प्रेरणा बने रहेंगे। उनके संघर्षों ने तमिलनाडु के गठन और उसकी विशिष्ट पहचान को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    उन्होंने तमिलनाडु दिवस को केवल राज्य स्थापना की वर्षगांठ तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसे राज्य के इतिहास, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को याद करने का अवसर भी माना। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह दिन उन ऐतिहासिक प्रयासों को सम्मान देने का मौका है, जिनके माध्यम से तमिल भाषी लोगों की पहचान को एकजुट स्वरूप मिला।

    विजय ने नागरिकों से तमिल थाई यानी मातृ तमिल भाषा के प्रति सम्मान बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाषा किसी भी समाज के इतिहास, संस्कृति और सामूहिक पहचान से गहराई से जुड़ी होती है। इसलिए तमिल भाषा की रक्षा करना अपनी सांस्कृतिक परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के समान है। उन्होंने लोगों से भाषा से जुड़ी परंपराओं को निरंतर आगे बढ़ाने का आग्रह किया।

    मुख्यमंत्री ने उन शहीदों और संघर्षकर्ताओं के योगदान को भी याद किया, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एकजुट करने तथा मातृभाषा के सम्मान के लिए प्रयास किए। उन्होंने कहा कि उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को अपनी भाषाई और सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूक करता रहेगा। ऐसे ऐतिहासिक प्रयासों को याद रखना समाज में एकता और अपनत्व की भावना को मजबूत करने के लिए जरूरी है।

    तमिलनाडु दिवस का संबंध राज्यों के भाषाई आधार पर पुनर्गठन और राज्य के गठन की ऐतिहासिक प्रक्रिया से है। हर साल 1 नवंबर को यह दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर राज्य के गठन में योगदान देने वाले लोगों और उन संघर्षों को याद किया जाता है, जिन्होंने तमिल भाषी क्षेत्रों को एक अलग पहचान दिलाने में भूमिका निभाई।

    मुख्यमंत्री विजय ने अपने शुभकामना संदेश में इस ऐतिहासिक अवसर को तमिलनाडु की विशिष्ट पहचान और गौरव से जोड़ते हुए नागरिकों से अपनी विरासत के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया। उन्होंने भाषा, संस्कृति और इतिहास के संरक्षण को राज्य की पहचान बनाए रखने का महत्वपूर्ण आधार बताया। उनका संदेश तमिलनाडु दिवस के ऐतिहासिक महत्व के साथ मातृभाषा और सांस्कृतिक परंपराओं को सम्मान देने पर केंद्रित रहा।

  • धनतेरस से पहले बना दुर्लभ संयोग, रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदारी से जुड़ेगी समृद्धि की मान्यता

    धनतेरस से पहले बना दुर्लभ संयोग, रवि पुष्य और सर्वार्थ सिद्धि योग में खरीदारी से जुड़ेगी समृद्धि की मान्यता


    भोपाल । त्योहारों के मौसम में खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 1 नवंबर का दिन विशेष माना जा रहा है। धनतेरस से पांच दिन पहले रविवार को रवि पुष्य नक्षत्र का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन सोना चांदी वाहन मकान जमीन और कारोबार से जुड़ी वस्तुएं खरीदने से सुख समृद्धि आती है। यही वजह है कि बाजारों में भी इस दिन ग्राहकों की अच्छी आवाजाही रहने की उम्मीद है। इसे अबूझ मुहूर्त भी माना जाता है। यानी शुभ कार्य करने के लिए अलग से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती।

    भोपाल के ज्योतिष मठ संस्थान के पंचांग कार्यकर्ता पं. विनोद गौतम के अनुसार 1 नवंबर को सुबह 5 बजकर 39 मिनट से पुष्य नक्षत्र शुरू होगा। यह नक्षत्र 2 नवंबर की सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र होने से रवि पुष्य योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ही 1 नवंबर को सुबह 6 बजकर 33 मिनट से सर्वार्थ सिद्धि योग भी शुरू होगा जो अगले दिन सुबह 4 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन दोनों योगों को शुभ कार्यों और खरीदारी के लिए अच्छा माना जाता है।

    खरीदारी के लिए दिन में दो विशेष मुहूर्त बताए गए हैं। पहला अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। वहीं शाम को गोधूलि मुहूर्त 5 बजकर 36 मिनट से 6 बजकर 2 मिनट तक रहेगा। इन समयों में लोग अपनी सुविधा के अनुसार खरीदारी और नए कार्यों की शुरुआत कर सकते हैं। हालांकि पूरे दिन रवि पुष्य योग रहने की मान्यता के चलते इस दिन को खरीदारी के लिए विशेष महत्व दिया जा रहा है।

    पं. गौतम के मुताबिक 27 नक्षत्रों में पुष्य नक्षत्र को नक्षत्रों का राजा कहा जाता है। इसके देवता देवगुरु बृहस्पति और स्वामी शनिदेव माने गए हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार पुष्य नक्षत्र में किया गया निवेश लंबे समय तक लाभ देने वाला माना जाता है। इसी कारण इस दिन सोना चांदी लक्ष्मी गणेश की मूर्तियां और सिक्के खरीदने की परंपरा है। इसके अलावा नया वाहन खरीदने या मकान जमीन फ्लैट दुकान और फैक्ट्री के लिए मशीनरी लेने को भी शुभ माना जाता है।

    व्यापारियों के लिए भी यह दिन नई शुरुआत का अवसर लेकर आया है। वे नए खाते बही शुरू कर सकते हैं और दुकान या कारोबार का शुभारंभ कर सकते हैं। जिन लोगों का बजट बड़ी खरीदारी की अनुमति नहीं देता वे भी इस अवसर पर छोटी वस्तुएं खरीद सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार श्री यंत्र शंख कौड़ी चंदन इत्र और मिट्टी के दीये खरीदना भी शुभ माना गया है। इस तरह कम बजट में भी लोग इस विशेष योग से जुड़ी परंपराओं का पालन कर सकते हैं।

    इस बार 1 नवंबर को अहोई अष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा। इस दिन माताएं संतान की सुख समृद्धि और लंबी आयु की कामना के लिए व्रत करती हैं। पं. गौतम के अनुसार इस अवसर पर चांदी की अहोई और बच्चों के लिए चांदी के आभूषण खरीदने की भी परंपरा है। इसके साथ ही दान पुण्य और गुरु मंत्र का जाप करना भी शुभ फलदायी माना जाता है।

    धनतेरस और दीपावली से पहले आने वाला यह रवि पुष्य योग खरीदारी के लिहाज से खास महत्व रखता है। सोना चांदी और वाहन जैसे बड़े सामान खरीदने वालों के साथ ही छोटे बजट में खरीदारी करने वाले लोग भी इस दिन का लाभ उठा सकते हैं। हालांकि इन सभी शुभ फलों का आधार ज्योतिषीय मान्यताएं और धार्मिक परंपराएं हैं। खरीदारी करते समय अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखना भी जरूरी है।