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  • क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में 10 साल के लीप के बाद नई एंट्री, 'नागिन 7' फेम एक्ट्रेस निभा सकती हैं समायरा का अहम किरदार

    क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' में 10 साल के लीप के बाद नई एंट्री, 'नागिन 7' फेम एक्ट्रेस निभा सकती हैं समायरा का अहम किरदार

    नई दिल्ली । लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की कहानी 10 साल के लीप के बाद नए दौर में प्रवेश कर चुकी है। कहानी में आए इस बड़े बदलाव के साथ कई नए किरदारों की एंट्री की तैयारी भी की जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अभिनेत्री आंचल सोनी शो से जुड़ सकती हैं और वह समायरा के बड़े हो चुके किरदार को निभाती नजर आ सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक निर्माताओं या अभिनेत्री की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    शो में हाल ही में दिखाए गए घटनाक्रम के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई है। कथानक के अनुसार तुलसी ने अपने परिवार को बचाने के लिए एक गंभीर आरोप अपने ऊपर ले लिया, जिसके बाद उन्हें जेल जाना पड़ा। इसी घटनाक्रम के बाद कहानी में 10 वर्ष का लीप दिखाया गया है, जिससे कई पुराने किरदारों के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

    लीप के बाद नई पीढ़ी की कहानी पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसी क्रम में समायरा का किरदार भी अब वयस्क रूप में दिखाई देगा। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि इस भूमिका के लिए आंचल सोनी का चयन किया गया है। आंचल इससे पहले कई टीवी परियोजनाओं में नजर आ चुकी हैं और दर्शकों के बीच अपनी पहचान बना चुकी हैं। यदि यह खबर सही साबित होती है तो यह शो में उनकी महत्वपूर्ण एंट्री मानी जाएगी।

    नई कहानी के साथ शांतिनिकेतन का माहौल भी पूरी तरह बदलता हुआ दिखाई देगा। अब तक परिवार को एकजुट रखने वाली तुलसी की अनुपस्थिति में घर के भीतर रिश्तों और जिम्मेदारियों का स्वरूप बदल जाएगा। परिवार के सदस्यों के बीच अलग-अलग हिस्सों में रहने की स्थिति और नए समीकरण कहानी को नई दिशा देंगे।

    कथानक के अनुसार परिवार के विभिन्न सदस्य अब अलग-अलग परिस्थितियों में जीवन जीते नजर आएंगे। इससे रिश्तों में तनाव, नई चुनौतियां और पारिवारिक संघर्ष कहानी का प्रमुख हिस्सा बनेंगे। निर्माताओं ने लीप के जरिए नई पीढ़ी के किरदारों को प्रमुखता देकर दर्शकों के सामने एक नया अध्याय प्रस्तुत करने की कोशिश की है।

    धारावाहिक की लोकप्रियता को देखते हुए दर्शकों की नजर अब आने वाले एपिसोड पर टिकी हुई है। नए किरदारों की एंट्री और बदले हुए पारिवारिक समीकरणों से कहानी में कई नए मोड़ आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे बदलावों के जरिए निर्माता लंबे समय तक दर्शकों की रुचि बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं।

    आंचल सोनी की संभावित एंट्री को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं तेज हैं। हालांकि आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। यदि उनकी एंट्री की पुष्टि होती है तो वह नई पीढ़ी की कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती नजर आ सकती हैं और समायरा के किरदार के माध्यम से कहानी को आगे बढ़ाने में अहम योगदान देंगी।

    फिलहाल ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की कहानी नए मोड़ पर है और आगामी एपिसोड में कई नए रहस्यों तथा पारिवारिक घटनाक्रमों के सामने आने की उम्मीद की जा रही है। दर्शकों की दिलचस्पी अब इस बात पर बनी हुई है कि नई पीढ़ी के साथ यह लोकप्रिय पारिवारिक गाथा किस दिशा में आगे बढ़ती है।

  • क्षितिज ढोलकिया की कार पर गिरा भारी पेड़, हादसे की तस्वीरें और वीडियो वायरल, अभिनेता बोले- शुक्र है कोई घायल नहीं हुआ

    क्षितिज ढोलकिया की कार पर गिरा भारी पेड़, हादसे की तस्वीरें और वीडियो वायरल, अभिनेता बोले- शुक्र है कोई घायल नहीं हुआ

    नई दिल्ली । मुंबई में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच अभिनेत्री उर्वशी ढोलकिया के बेटे और अभिनेता क्षितिज ढोलकिया एक बड़े हादसे से बाल-बाल बच गए। तेज बारिश के दौरान उनकी पार्क की गई कार पर एक विशाल पेड़ गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय कार के भीतर कोई मौजूद नहीं था और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद क्षितिज ने स्वयं इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की।

    क्षितिज ढोलकिया द्वारा साझा किए गए वीडियो में उनकी कार पर एक बड़ा पेड़ गिरा हुआ दिखाई देता है। वाहन का अगला हिस्सा से लेकर पीछे तक का ढांचा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त नजर आता है। मौके पर मौजूद लोग और संबंधित कर्मचारी पेड़ को हटाने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

    हादसे के बाद क्षितिज ने बताया कि सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि दुर्घटना के समय कार खाली थी। उन्होंने कहा कि इस घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं पहुंची और सभी पूरी तरह सुरक्षित हैं। उन्होंने इसे बड़ी राहत बताते हुए सभी की कुशलता के लिए आभार भी व्यक्त किया। उनके इस संदेश के बाद प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने भी राहत जताई और उनके सुरक्षित रहने पर खुशी व्यक्त की।

    अभिनेता ने अपनी कार के अंदरूनी हिस्से की तस्वीर भी साझा की। तस्वीर में दिखाई देता है कि बाहरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचने के बावजूद कार का केबिन अपेक्षाकृत सुरक्षित बना हुआ है। उन्होंने वाहन की मजबूती की सराहना करते हुए लिखा कि पेड़ गिरने जैसी गंभीर घटना के बाद भी कार का अंदरूनी हिस्सा काफी हद तक सुरक्षित रहा। उनके इस अनुभव पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने भी वाहन की सुरक्षा तकनीक को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।

    मुंबई में इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, यातायात बाधित होने और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। तेज हवाओं और लगातार बारिश के चलते शहर के विभिन्न हिस्सों में प्रशासन को राहत एवं बचाव कार्य भी चलाने पड़ रहे हैं। ऐसे मौसम में लोगों को अनावश्यक रूप से पेड़ों के नीचे वाहन खड़ा करने या रुकने से बचने की सलाह भी दी जा रही है।

    क्षितिज ढोलकिया के साथ हुई यह घटना भी खराब मौसम के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अहमियत को रेखांकित करती है। हालांकि इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन वाहन को काफी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल अभिनेता पूरी तरह सुरक्षित हैं और घटना के बाद साझा किए गए उनके संदेश ने उनके प्रशंसकों को राहत दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और तस्वीरों के बीच लोग इस बात को सबसे बड़ी राहत मान रहे हैं कि एक संभावित बड़ा हादसा बिना किसी जनहानि के टल गया।

  • 'मातृभूमि' की रिलीज पर फैली अफवाहों पर विराम, सलमान खान फिल्म्स ने स्पष्ट किया- CBFC के पास अभी भेजी ही नहीं गई फिल्म

    'मातृभूमि' की रिलीज पर फैली अफवाहों पर विराम, सलमान खान फिल्म्स ने स्पष्ट किया- CBFC के पास अभी भेजी ही नहीं गई फिल्म

    नई दिल्ली । अभिनेता सलमान खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फिल्म के केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से जुड़े सर्टिफिकेशन में अड़चन आने के कारण इसकी रिलीज प्रभावित हो सकती है। अब इन सभी अटकलों पर फिल्म के निर्माताओं ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।

    सलमान खान फिल्म्स की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि फिल्म के CBFC सर्टिफिकेशन को लेकर सामने आ रही सभी खबरें पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं। निर्माण कंपनी ने स्पष्ट किया कि फिल्म को अभी तक प्रमाणन के लिए CBFC के पास प्रस्तुत ही नहीं किया गया है। ऐसे में सर्टिफिकेट रोके जाने या प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा आने की खबरों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है।

    निर्माताओं ने अपने आधिकारिक वक्तव्य में मीडिया और दर्शकों से अपील की कि वे अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें। साथ ही यह भी कहा गया कि फिल्म से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण जानकारी, रिलीज अपडेट या अन्य आधिकारिक घोषणा केवल सलमान खान फिल्म्स के अधिकृत माध्यमों से ही साझा की जाएगी। इस स्पष्टीकरण के बाद फिल्म के भविष्य को लेकर चल रही कई अटकलों पर विराम लग गया है।

    इससे पहले कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि फिल्म की संभावित रिलीज अगस्त में हो सकती है, लेकिन कथित सेंसर संबंधी कारणों से इसमें देरी होने की संभावना है। हालांकि निर्माताओं के ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि रिलीज में देरी को लेकर सामने आए दावों की फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। फिल्म की रिलीज तिथि का भी अभी औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है।

    गौरतलब है कि इस फिल्म की शुरुआत एक अलग शीर्षक के साथ हुई थी। प्रारंभिक चरण में इसे ‘बैटल ऑफ गलवान’ नाम से विकसित किया जा रहा था। बाद में निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘मातृभूमि: मे वॉर रेस्ट इन पीस’ कर दिया। इसके साथ ही कहानी और प्रस्तुति में भी कुछ बदलाव किए गए, जिससे फिल्म का स्वरूप पहले की तुलना में अलग हो गया।

    उद्योग से जुड़ी चर्चाओं के अनुसार फिल्म की शुरुआती अवधारणा वास्तविक घटनाओं से प्रेरित थी, लेकिन बाद में पटकथा और शीर्षक दोनों में संशोधन किए गए। इसके बाद कथित तौर पर कुछ प्रत्यक्ष संदर्भों को भी बदला गया, जिससे फिल्म की कहानी को व्यापक और अलग रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

    फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। इसमें सलमान खान के साथ अभिनेत्री चित्रांगदा सिंह भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। फिल्म की घोषणा के बाद से ही दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता बनी हुई है और अब आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद प्रशंसकों की निगाहें इसके टीजर, ट्रेलर और रिलीज डेट की औपचारिक घोषणा पर टिकी हैं। फिलहाल निर्माताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि फिल्म के सर्टिफिकेशन को लेकर प्रसारित की जा रही खबरें तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल अधिकृत घोषणाओं पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।

  • रिटायर्ड हाईकोर्ट जज विनोद कुमार द्विवेदी संभालेंगे मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण की कमान सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश

    रिटायर्ड हाईकोर्ट जज विनोद कुमार द्विवेदी संभालेंगे मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण की कमान सरकार ने जारी किया नियुक्ति आदेश


    मध्यप्रदेश
      मध्यप्रदेश सरकार ने भू संपदा नियमन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी को मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस संबंध में नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को भोपाल से विधिवत नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। यह नियुक्ति राज्य शासन द्वारा रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम 2016 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए की गई है।
    जारी आदेश के अनुसार जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण के अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल पद ग्रहण करने की तिथि से अधिकतम पांच वर्ष तक रहेगा अथवा 67 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रभावी होगा। इनमें से जो भी स्थिति पहले आएगी उसी के अनुसार उनका कार्यकाल समाप्त माना जाएगा। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन्हें अध्यक्ष पद पर पुनर्नियुक्ति की पात्रता प्राप्त नहीं होगी।

    सरकार ने यह नियुक्ति भू संपदा विनियमन और विकास अधिनियम 2016 की धारा 45 तथा धारा 47 के प्रावधानों के तहत की है। आदेश के मुताबिक अध्यक्ष के वेतन भत्ते सेवा शर्तें और अन्य सुविधाएं मध्यप्रदेश भू संपदा विनियमन और विकास नियम 2017 के नियम 30 के अनुसार निर्धारित की जाएंगी। इससे स्पष्ट है कि उनकी नियुक्ति पूरी तरह वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की गई है।

    नगरीय विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि राज्यपाल के नाम से यह नियुक्ति स्वीकृत की गई है। आदेश पर विभाग के उप सचिव प्रमोद कुमार शुक्ला के डिजिटल हस्ताक्षर हैं। आदेश की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री कार्यालय मुख्य सचिव कार्यालय सामान्य प्रशासन विभाग वित्त विभाग विधि एवं विधायी कार्य विभाग मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित संबंधित विभागों को भी भेजी गई है ताकि नियुक्ति से जुड़ी सभी औपचारिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी की जा सकें।

    मध्यप्रदेश भू संपदा अपीलीय अधिकरण रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विवादों और अपीलों के निस्तारण का महत्वपूर्ण न्यायिक मंच है। यहां रेरा से जुड़े मामलों में अपीलों की सुनवाई की जाती है। ऐसे में अनुभवी न्यायिक अधिकारी की नियुक्ति से लंबित मामलों के त्वरित और प्रभावी निपटारे की उम्मीद जताई जा रही है। जस्टिस विनोद कुमार द्विवेदी न्यायिक सेवा में लंबे अनुभव के साथ उच्च न्यायालय में महत्वपूर्ण मामलों की सुनवाई कर चुके हैं। उनके अनुभव का लाभ अब भू संपदा अपीलीय अधिकरण को मिलेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने निवेशकों का विश्वास मजबूत करने और बिल्डर तथा खरीदारों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों के समयबद्ध समाधान को गति मिलेगी। राज्य सरकार का यह कदम रियल एस्टेट नियामक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • करियर, जिम्मेदारियां और सही साथी की तलाश ने रोक दी शादी, गीता कपूर बोलीं- बीमार पड़ो तो अकेलापन सबसे ज्यादा खलता है

    करियर, जिम्मेदारियां और सही साथी की तलाश ने रोक दी शादी, गीता कपूर बोलीं- बीमार पड़ो तो अकेलापन सबसे ज्यादा खलता है

    नई दिल्ली । मशहूर कोरियोग्राफर और टेलीविजन जज गीता कपूर ने अपनी निजी जिंदगी, शादी और रिश्तों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि जीवन में कई लोगों से मुलाकात और रिश्ते बनने के बावजूद उन्हें अब तक ऐसा साथी नहीं मिला, जिसके साथ वह पूरी जिंदगी बिताने का फैसला कर पातीं। उनका कहना है कि सही जीवनसाथी की तलाश और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण शादी का फैसला लगातार टलता गया।

    गीता कपूर ने बताया कि करियर के शुरुआती दौर में उनकी प्राथमिकता परिवार की जिम्मेदारियां निभाना था। वह अपनी मां के लिए बेहतर जीवन सुनिश्चित करना चाहती थीं और इसी कारण उन्होंने पूरी ऊर्जा अपने काम और आर्थिक मजबूती हासिल करने पर लगाई। इस दौरान शादी का विचार पीछे छूटता चला गया और समय के साथ परिस्थितियां भी बदलती गईं।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा कभी नहीं था कि वह शादी या परिवार नहीं चाहती थीं। उनके मन में भी एक सामान्य परिवार बसाने, बच्चों के साथ जीवन बिताने और वैवाहिक जीवन जीने की इच्छा थी। हालांकि जिन लोगों के साथ उनका रिश्ता बना, उनमें उन्हें वह भरोसा और आत्मविश्वास महसूस नहीं हुआ, जो शादी जैसे बड़े फैसले के लिए जरूरी होता है। इसी वजह से उन्होंने कभी जल्दबाजी में विवाह करने का निर्णय नहीं लिया।

    गीता कपूर ने कहा कि उनके मन में हमेशा ऐसे जीवनसाथी की कल्पना रही, जिसमें भगवान शिव जैसे गुण हों। उनका मानना है कि जीवन में कुछ ऐसे लोग जरूर आए, जिनमें उन्हें उन गुणों की झलक दिखाई दी, लेकिन कोई भी व्यक्ति उनकी अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा नहीं उतर सका। यही कारण रहा कि उन्होंने विवाह का साहस नहीं जुटाया।

    उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ उनकी जिंदगी का नजरिया बदला है। टेलीविजन के विभिन्न डांस रियलिटी शो के जरिए उन्हें कई ऐसे प्रतिभागी मिले, जो उन्हें मां जैसा सम्मान और स्नेह देते हैं। यही अपनापन उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। इसके अलावा वह अपनी मां की देखभाल को भी अपनी सबसे बड़ी जिम्मेदारी मानती हैं और उसी में उन्हें संतोष मिलता है।

    गीता कपूर ने स्वीकार किया कि वर्तमान में वह अपने जीवन से संतुष्ट हैं, लेकिन भविष्य में एक ऐसे साथी की जरूरत महसूस हो सकती है जो उन्हें समझ सके और मुश्किल समय में उनका साथ निभाए। उनका कहना है कि जीवन में खुशियों के दौरान अकेलेपन का एहसास कम होता है, लेकिन कठिन परिस्थितियों में किसी अपने का साथ सबसे अधिक मायने रखता है।

    उन्होंने कहा कि बीमारी या परेशानी के समय जब आसपास कोई अपना मौजूद नहीं होता, तब अकेलापन सबसे ज्यादा महसूस होता है। ऐसे क्षण यह एहसास कराते हैं कि जीवन में भावनात्मक सहारा भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना पेशेवर सफलता या आर्थिक स्थिरता। गीता कपूर ने उम्मीद जताई कि यदि भविष्य में उन्हें ऐसा साथी मिला, जो उन्हें समझे और उनका साथ निभा सके, तो वह उस संभावना पर जरूर विचार करेंगी। उनके इस स्पष्ट और संतुलित बयान को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा मिल रही है।

  • 22 साल बाद 'इंडियन आइडल' के मंच पर लौटे अभिजीत सावंत, 'मोहब्बतें लुटाऊंगा' ने जगाईं सुनहरी यादें, अमित सना संग रीयूनियन बना

    22 साल बाद 'इंडियन आइडल' के मंच पर लौटे अभिजीत सावंत, 'मोहब्बतें लुटाऊंगा' ने जगाईं सुनहरी यादें, अमित सना संग रीयूनियन बना

    नई दिल्ली। लोकप्रिय संगीत रियलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ के 75वें एपिसोड, जिसे डायमंड जुबली स्पेशल के रूप में प्रस्तुत किया गया, में दर्शकों को एक भावुक और यादगार पल देखने को मिला। शो के पहले विजेता अभिजीत सावंत और पहले सीजन के चर्चित प्रतिभागी अमित सना करीब 22 साल बाद एक बार फिर उसी मंच पर साथ दिखाई दिए, जहां से उनके संगीत सफर की शुरुआत हुई थी। दोनों कलाकारों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया और दर्शकों के बीच पुरानी यादें ताजा हो गईं।

    कार्यक्रम के दौरान अभिजीत सावंत ने अपना लोकप्रिय गीत ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ प्रस्तुत किया, जिसने कभी उन्हें देशभर में अलग पहचान दिलाई थी। जैसे ही यह गीत शुरू हुआ, स्टूडियो में मौजूद दर्शकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी पुरानी यादों का सिलसिला शुरू हो गया। कई प्रशंसकों ने इसे शो का सबसे भावुक और यादगार क्षण बताया।

    अभिजीत सावंत ने इस अवसर को अपने जीवन का बेहद खास पल बताते हुए कहा कि ‘इंडियन आइडल’ ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी। उन्होंने कहा कि इसी मंच से उन्हें देशभर के लोगों का प्यार और पहचान मिली। वर्षों बाद उसी मंच पर लौटना उनके लिए भावनात्मक अनुभव रहा। उन्होंने यह भी कहा कि नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली गायकों को इसी मंच पर आगे बढ़ते देखना यह साबित करता है कि यह शो आज भी उतना ही प्रासंगिक और प्रेरणादायक है।

    अमित सना ने भी पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार इस प्रतियोगिता में शामिल हुए थे, तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वर्षों बाद फिर उसी मंच पर लौटने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि छोटे शहर से आने वाले एक साधारण युवा के लिए यह सफर किसी सपने के सच होने जैसा था। उनके अनुसार, उस समय किसी प्रतिभागी ने नहीं सोचा था कि शो भारतीय टेलीविजन के इतिहास का इतना बड़ा अध्याय बन जाएगा।

    कार्यक्रम में मौजूद संगीतकार और जज विशाल ददलानी ने भी दोनों कलाकारों की यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि पहले सीजन के प्रतियोगियों ने भारतीय संगीत उद्योग और टेलीविजन पर गहरा प्रभाव छोड़ा। उनके मुताबिक, उस दौर ने यह विश्वास मजबूत किया कि प्रतिभा के दम पर कोई भी कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। उन्होंने दोनों गायकों की उपलब्धियों को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक बताया।

    गौरतलब है कि ‘इंडियन आइडल’ का पहला सीजन वर्ष 2004-05 में प्रसारित हुआ था और उसने भारतीय टेलीविजन पर संगीत आधारित रियलिटी शो की लोकप्रियता को नई ऊंचाई दी थी। इसी मंच से अभिजीत सावंत, अमित सना, राहुल वैद्य और प्राजक्ता शुक्रे जैसे कई कलाकारों ने अपने करियर की शुरुआत की। पहले सीजन के विजेता बनने के बाद अभिजीत सावंत का पहला एल्बम रिलीज हुआ, जिसमें शामिल ‘मोहब्बतें लुटाऊंगा’ आज भी उनके सबसे लोकप्रिय गीतों में गिना जाता है।

    डायमंड जुबली स्पेशल एपिसोड ने यह दिखाया कि समय भले ही बदल गया हो, लेकिन अच्छी संगीत प्रतिभा और उससे जुड़ी यादें कभी पुरानी नहीं होतीं। अभिजीत सावंत और अमित सना की मंच पर वापसी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि दर्शकों के दिलों में उनके लिए आज भी वही अपनापन और सम्मान कायम है।

  • रितेश देशमुख संग पहली मुलाकात से लेकर अजय देवगन के साथ शूटिंग तक, 'धमाल 4' पर अंजलि आनंद ने साझा किए कई दिलचस्प अनुभव

    रितेश देशमुख संग पहली मुलाकात से लेकर अजय देवगन के साथ शूटिंग तक, 'धमाल 4' पर अंजलि आनंद ने साझा किए कई दिलचस्प अनुभव

    नई दिल्ली । अभिनेत्री अंजलि आनंद ने आगामी फिल्म ‘धमाल 4’ में काम करने के अपने अनुभव को बेहद खास बताते हुए कहा है कि इस लोकप्रिय फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने बताया कि बचपन में जिस फिल्म श्रृंखला को बड़े उत्साह के साथ देखा था, उसी का हिस्सा बनना उनके लिए आज भी अविश्वसनीय अनुभव है। उनका कहना है कि पूरी टीम के साथ काम करना उनके करियर की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल रहेगा।

    अंजलि के अनुसार जब उन्हें इस फिल्म का प्रस्ताव मिला तो शुरुआत में उन्हें इस पर विश्वास ही नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इतने बड़े बैनर और लोकप्रिय फ्रेंचाइजी से जुड़ना किसी भी कलाकार के लिए गर्व की बात होती है। उन्होंने बताया कि अपने अभिनय सफर में लगातार अलग-अलग तरह के प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना उनके लिए प्रेरणादायक रहा है और ‘धमाल 4’ ने इस यात्रा को नई पहचान दी है।

    फिल्म में अंजलि ‘पारो’ नाम का किरदार निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि इस किरदार की सबसे बड़ी विशेषता उसकी शांत लेकिन मजबूत सोच है। उनके मुताबिक पारो बेहद साफ दिल की इंसान है और उसकी आंतरिक शक्ति कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने माना कि वास्तविक जीवन में उनका स्वभाव पारो से काफी अलग है, लेकिन आत्मविश्वास और मजबूती जैसी कुछ विशेषताएं दोनों में समान रूप से मौजूद हैं।

    कॉमेडी शैली की फिल्मों को लेकर अंजलि ने कहा कि उन्हें अपनी कॉमिक टाइमिंग पर भरोसा है और उन्होंने इस फिल्म में पूरी ईमानदारी के साथ काम किया है। उनका मानना है कि दर्शकों को लंबे समय बाद एक ऐसी एडवेंचर कॉमेडी देखने को मिलेगी, जिसमें मनोरंजन, हास्य और पारिवारिक भावनाओं का संतुलित मेल होगा। उन्होंने कहा कि फिल्म में किसी प्रकार की अश्लीलता नहीं है और इसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है।

    अभिनेत्री ने अभिनेता रितेश देशमुख के साथ अपनी पहली मुलाकात का भी रोचक अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि वह लंबे समय से रितेश की फिल्मों की प्रशंसक रही हैं और पहली मुलाकात में उनकी पुरानी फिल्म के एक लोकप्रिय दृश्य का जिक्र कर बातचीत शुरू की थी। यह पल दोनों के बीच सहजता और दोस्ताना माहौल बनाने का कारण बना और आगे की शूटिंग भी बेहद आनंददायक रही।

    अंजलि ने बताया कि फिल्म के सेट पर हमेशा हंसी-मजाक और सकारात्मक माहौल बना रहता था। उनके अनुसार निर्देशक इंद्र कुमार पूरी टीम को एक परिवार की तरह साथ लेकर चलते हैं और शूटिंग के दौरान कलाकारों के बीच लगातार हल्का-फुल्का माहौल बना रहता था। उन्होंने अजय देवगन सहित पूरी स्टारकास्ट के साथ काम करने के अनुभव को भी बेहद यादगार बताया।

    फिल्म की शूटिंग के दौरान पहले ही दिन एक जटिल दृश्य की शूटिंग करनी पड़ी, जिसमें कई कलाकार एक साथ शामिल थे। अंजलि ने कहा कि शुरुआत में यह दृश्य चुनौतीपूर्ण लगा, लेकिन पूरी टीम के सहयोग से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया गया। उनके अनुसार इस अनुभव ने उन्हें एक कलाकार के रूप में और अधिक आत्मविश्वास दिया।

    ओटीटी और फिल्मों में काम करने के अनुभव पर अंजलि ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म ने कलाकारों को नए प्रयोग करने और विविध किरदार निभाने का अवसर दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी उन्हें अलग-अलग तरह की भूमिकाएं निभाने का मौका मिलेगा। साथ ही उन्होंने दर्शकों का आभार व्यक्त करते हुए अपील की कि वे ‘धमाल 4’ को सिनेमाघरों में देखें और यदि फिल्म पसंद आए तो इसे अपने परिवार और दोस्तों तक भी जरूर पहुंचाएं।

  • दिल्ली में ट्रायल में हुए रिजेक्ट, पिता ने तीन दिन में बदल दी किस्मत: संजू सैमसन ने सुनाया संघर्ष का प्रेरक किस्सा

    दिल्ली में ट्रायल में हुए रिजेक्ट, पिता ने तीन दिन में बदल दी किस्मत: संजू सैमसन ने सुनाया संघर्ष का प्रेरक किस्सा


    नई दिल्ली । टी20 विश्व कप 2026 में भारत की खिताबी जीत के अहम नायकों में शामिल विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने क्रिकेट करियर के शुरुआती संघर्षों का भावुक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि दिल्ली की टीम में बार-बार जगह नहीं मिलने के बाद उनके पिता ने ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।

    जियोस्टार के शो ‘सुपरस्टार्स’ में बातचीत के दौरान संजू ने कहा कि बचपन में वह अपने दोस्तों को डीडीसीए की जैकेट पहनकर दिल्ली की टीम के लिए खेलते देखते थे। इससे उनके मन में भी दिल्ली का प्रतिनिधित्व करने का सपना जगा। उन्होंने कई बार ट्रायल दिए, स्टेट कैंप तक पहुंचे और अच्छे रन भी बनाए, लेकिन अंतिम टीम में कभी जगह नहीं मिली।

    संजू ने बताया कि एक ट्रायल के बाद जब चयनित खिलाड़ियों की सूची जारी हुई तो उसमें उनका नाम नहीं था। वह और उनके पिता चुपचाप घर लौट आए। घर पहुंचते ही उनके पिता विश्वनाथन ने मां से कहा कि अब परिवार को केरल जाना होगा। मां ने बच्चों की पढ़ाई का हवाला देते हुए कुछ साल रुकने की सलाह दी, लेकिन पिता अपने फैसले पर अडिग रहे।

    उन्होंने कहा कि पिता ने साफ शब्दों में कहा कि अब और इंतजार नहीं होगा। तीन दिन के भीतर टिकट बुक हुई और पूरा परिवार ट्रेन से केरल रवाना हो गया। वहीं से उनके क्रिकेट करियर का नया अध्याय शुरू हुआ और उन्होंने केरल की ओर से खेलना शुरू किया।

    संजू ने दिल्ली में अपने बचपन की यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके पिता दिल्ली पुलिस की फुटबॉल टीम से जुड़े थे और रोज अभ्यास के लिए जाते थे। खेल का माहौल देखकर बचपन से ही उन्हें भी खिलाड़ी बनने की प्रेरणा मिली। पुलिस कॉलोनी की सड़कों पर टेनिस बॉल से गली क्रिकेट खेलते-खेलते उनका क्रिकेट के प्रति जुनून बढ़ता गया।

    उन्होंने बताया कि उनके पिता ने कभी फुटबॉल खेलने के लिए मजबूर नहीं किया। हालांकि वे फुटबॉल भी खेलते थे, लेकिन पिता ने उनकी बल्लेबाजी देखकर महसूस किया कि क्रिकेट में उनका भविष्य बेहतर हो सकता है। इसके बाद उन्होंने संजू और उनके भाई दोनों को क्रिकेट पर पूरा ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

    संजू ने दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (तत्कालीन फिरोज शाह कोटला) से जुड़ी एक खास याद भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक बार उनके पिता की वहां ड्यूटी थी। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध कर उन्हें नेट्स में अभ्यास करने का मौका दिलाया। संजू, उनके भाई और पिता ने करीब एक घंटे तक नेट्स में अभ्यास किया। संजू ने कहा कि उन्हें आज भी समझ नहीं आता कि उस समय उनके पिता ने यह कैसे संभव किया, लेकिन वही पल उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।

    संजू सैमसन की यह कहानी बताती है कि प्रतिभा के साथ सही समय पर लिया गया साहसी फैसला और परिवार का अटूट विश्वास किसी भी खिलाड़ी की सफलता की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है।

  • गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान चंद्रचूड़ सिंह के घर के बाहर हुई कार्रवाई, अभिनेता का शांत व्यवहार बना चर्चा का विषय

    गुरुग्राम में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान चंद्रचूड़ सिंह के घर के बाहर हुई कार्रवाई, अभिनेता का शांत व्यवहार बना चर्चा का विषय

    नई दिल्ली । हरियाणा के गुरुग्राम में चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के आवास के बाहर भी प्रशासन ने कार्रवाई की। यह अभियान डीएलएफ फेज-1 से फेज-5 तक विभिन्न स्थानों पर कथित अवैध निर्माण हटाने के लिए चलाया गया। इसी दौरान अभिनेता के घर के बाहर भी बुलडोजर पहुंचा और प्रशासनिक टीम ने निर्धारित दायरे में कार्रवाई की। घटना के दौरान अभिनेता का शांत और संयमित व्यवहार सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।

    जानकारी के अनुसार प्रशासन की टीम जब चंद्रचूड़ सिंह के आवास के बाहर पहुंची तो अभिनेता स्वयं घर से बाहर आए और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने शांतिपूर्वक यह समझने का प्रयास किया कि कार्रवाई किस सीमा तक की जाएगी। बातचीत के दौरान उन्होंने किसी प्रकार का विरोध या विवाद नहीं किया और पूरी प्रक्रिया के दौरान संयम बनाए रखा।

    घटनास्थल पर मौजूद लोगों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। वीडियो में अभिनेता प्रशासनिक अधिकारियों से सामान्य तरीके से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। उनके व्यवहार को लेकर सोशल मीडिया पर अनेक लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई उपयोगकर्ताओं ने उनकी सादगी, शालीनता और संयम की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पूरी स्थिति को बेहद संतुलित तरीके से संभाला।

    गुरुग्राम प्रशासन इन दिनों शहर के विभिन्न इलाकों में अतिक्रमण हटाने और सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान चला रहा है। इसी क्रम में डीएलएफ क्षेत्र के कई हिस्सों में भी कार्रवाई की गई। प्रशासन का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप सार्वजनिक स्थानों और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई करना है।

    चंद्रचूड़ सिंह हिंदी सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल रहे हैं जिन्होंने 1990 के दशक में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने कई सफल फिल्मों में अभिनय कर दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। बाद के वर्षों में स्वास्थ्य और निजी कारणों से उन्होंने फिल्मी दुनिया से कुछ समय के लिए दूरी बना ली थी, लेकिन हाल के वर्षों में उन्होंने अभिनय में वापसी भी की।

    अभिनेता का पारिवारिक संबंध एक प्रतिष्ठित परिवार से माना जाता है। उनके पिता भारतीय सेना में अधिकारी रह चुके थे और सार्वजनिक जीवन से भी जुड़े रहे, जबकि उनकी मां का संबंध पूर्व रियासती परिवार से बताया जाता है। इसके बावजूद अभिनेता का सरल और विनम्र स्वभाव अक्सर चर्चा का विषय रहा है।

    गुरुग्राम में हुई इस कार्रवाई के दौरान भी उनका शांत रवैया लोगों का ध्यान आकर्षित करता दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अधिकांश प्रतिक्रियाएं उनके संयमित व्यवहार की प्रशंसा करती नजर आ रही हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने का अभियान विभिन्न क्षेत्रों में जारी है और निर्धारित मानकों के अनुसार आगे भी कार्रवाई की जा रही है।

  • इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो करने से तेज हुईं चर्चाएं, प्रिंस नरूला और युविका चौधरी के रिश्ते पर उठे सवाल, आधिकारिक बयान का इंतजार

    इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो करने से तेज हुईं चर्चाएं, प्रिंस नरूला और युविका चौधरी के रिश्ते पर उठे सवाल, आधिकारिक बयान का इंतजार

    नई दिल्ली । टेलीविजन जगत के चर्चित दंपति प्रिंस नरूला और युविका चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार चर्चा उनके किसी नए प्रोजेक्ट या सार्वजनिक बयान को लेकर नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर हुई एक गतिविधि को लेकर शुरू हुई है। दोनों के इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो करने की जानकारी सामने आने के बाद उनके रिश्ते को लेकर विभिन्न तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अब तक इस विषय पर दोनों कलाकारों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

    सोशल मीडिया पर सक्रिय प्रशंसकों ने सबसे पहले यह बदलाव नोटिस किया कि दोनों अब एक-दूसरे की प्रोफाइल को फॉलो नहीं कर रहे हैं। इसके बाद कई प्लेटफॉर्म पर उनके वैवाहिक संबंधों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोगों ने इसे रिश्ते में दूरी का संकेत बताया, जबकि कई अन्य लोगों ने बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की सलाह दी।

    दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम पर अनफॉलो किए जाने के बावजूद कुछ संकेत ऐसे भी हैं जो अलग तस्वीर पेश करते हैं। प्रिंस नरूला की प्रोफाइल पर अब भी उनके नाम के साथ युविका का नाम जुड़ा हुआ दिखाई दे रहा है। इसके अलावा दोनों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक-दूसरे के साथ साझा की गई पुरानी तस्वीरें या यादगार पोस्ट हटाई नहीं हैं। यही वजह है कि कई प्रशंसकों का मानना है कि यह केवल सोशल मीडिया से जुड़ा बदलाव भी हो सकता है।

    प्रिंस नरूला और युविका चौधरी की प्रेम कहानी टेलीविजन के लोकप्रिय रियलिटी शो के दौरान शुरू हुई थी। शो में हुई दोस्ती समय के साथ गहरे रिश्ते में बदली और दोनों ने कई वर्षों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद वर्ष 2018 में विवाह किया। शादी के बाद यह जोड़ी मनोरंजन जगत की चर्चित जोड़ियों में शामिल रही और सोशल मीडिया पर भी दोनों की लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही।

    वर्ष 2024 में दोनों ने अपने जीवन के नए अध्याय की शुरुआत करते हुए बेटी का स्वागत किया। शुरुआत में उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को सार्वजनिक चर्चा से दूर रखने की कोशिश की, लेकिन बाद में एक विशेष अवसर पर अपनी बेटी की पहली झलक प्रशंसकों के साथ साझा की थी। इसके बाद से परिवार से जुड़ी उनकी तस्वीरों और वीडियो को भी दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिलता रहा।

    यह पहला अवसर नहीं है जब इस दंपति के रिश्ते को लेकर चर्चाएं सामने आई हों। इससे पहले भी युविका की गर्भावस्था के दौरान उनके अलग रहने को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई गई थीं। बाद में युविका ने स्पष्ट किया था कि वह स्वास्थ्य संबंधी सुविधा और घर में चल रहे काम के कारण कुछ समय अपनी मां के घर रह रही थीं। उस स्पष्टीकरण के बाद उन अफवाहों पर विराम लग गया था।

    फिलहाल इंस्टाग्राम पर एक-दूसरे को अनफॉलो किए जाने के आधार पर उनके रिश्ते को लेकर किसी भी प्रकार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी माना जा रहा है। जब तक प्रिंस नरूला या युविका चौधरी स्वयं इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं करते, तब तक सामने आ रही चर्चाओं को केवल अटकलों के रूप में ही देखा जा सकता है। प्रशंसकों की नजर अब दोनों की संभावित प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।