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  • 6 से 11 जुलाई तक प्रधानमंत्री मोदी का अहम विदेश दौरा, व्यापार, रक्षा और निवेश समेत कई मुद्दों पर होगी उच्चस्तरीय बातचीत

    6 से 11 जुलाई तक प्रधानमंत्री मोदी का अहम विदेश दौरा, व्यापार, रक्षा और निवेश समेत कई मुद्दों पर होगी उच्चस्तरीय बातचीत

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 से 11 जुलाई तक इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की बहुस्तरीय विदेश यात्रा पर रहेंगे। इस दौरे का उद्देश्य तीनों देशों के साथ भारत के रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री विभिन्न शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और व्यापार, निवेश, रक्षा, क्षेत्रीय सहयोग तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे अहम विषयों पर चर्चा करेंगे।

    प्रधानमंत्री अपनी यात्रा की शुरुआत इंडोनेशिया से करेंगे, जहां वह 6 से 8 जुलाई तक आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वह इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करेंगे और भविष्य के सहयोग के नए क्षेत्रों पर भी विचार-विमर्श करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    इंडोनेशिया प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री योग्याकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रंबानन मंदिर परिसर का भी दौरा करेंगे। यह यात्रा भारत और इंडोनेशिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को नई मजबूती देने का प्रतीक मानी जा रही है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री वहां भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे और प्रवासी भारतीयों के साथ संवाद करेंगे।

    इंडोनेशिया के बाद प्रधानमंत्री 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करेंगे। मेलबर्न में वह ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथोनी अल्बानीज़ के साथ उच्चस्तरीय वार्ता करेंगे। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। प्रधानमंत्री ऑस्ट्रेलिया की गवर्नर जनरल सैम मोस्टिन से भी मुलाकात करेंगे।

    ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम में भाग लेंगे, जहां दोनों देशों के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों और निवेशकों को संबोधित करेंगे। इस मंच पर व्यापारिक सहयोग बढ़ाने, निवेश के नए अवसर तलाशने और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर रहेगा। प्रधानमंत्री मेलबर्न में भारतीय समुदाय के एक बड़े कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।

    यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री 10 और 11 जुलाई को न्यूजीलैंड पहुंचेंगे। यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि लगभग चार दशक बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की न्यूजीलैंड की राजकीय यात्रा होगी। ऑकलैंड में प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ उनकी विस्तृत वार्ता होगी, जिसमें व्यापार, वाणिज्य, रक्षा, कृषि, शिक्षा और अन्य सहयोगी क्षेत्रों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में बढ़ते संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए नई पहल पर भी चर्चा होने की संभावना है।

    न्यूजीलैंड में प्रधानमंत्री व्यापार और खेल जगत की प्रमुख हस्तियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह भारतीय प्रवासी समुदाय को संबोधित कर दोनों देशों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत बनाने का संदेश देंगे। यह छह दिवसीय विदेश दौरा भारत की सक्रिय कूटनीतिक नीति, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की रणनीति और प्रमुख साझेदार देशों के साथ बहुआयामी संबंधों को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • वैश्विक नौसैनिक मंच पर भारत की बढ़ी रणनीतिक भागीदारी, RIMPAC 2026 में P-8I विमान के साथ भारतीय नौसेना करेगी संयुक्त युद्धाभ्यास

    वैश्विक नौसैनिक मंच पर भारत की बढ़ी रणनीतिक भागीदारी, RIMPAC 2026 में P-8I विमान के साथ भारतीय नौसेना करेगी संयुक्त युद्धाभ्यास

    नई दिल्ली। भारतीय नौसेना ने दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास RIMPAC 2026 में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराते हुए P-8I समुद्री गश्ती विमान को हवाई भेज दिया है। इस अभ्यास में भारत की मौजूदगी हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, साझेदारी और संयुक्त सैन्य सहयोग के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह अभ्यास विभिन्न देशों की नौसेनाओं को आधुनिक युद्धक परिस्थितियों में एक साथ प्रशिक्षण का अवसर प्रदान करता है।

    अमेरिकी प्रशांत बेड़े के नेतृत्व में आयोजित होने वाला RIMPAC इस वर्ष अपने 30वें संस्करण में आयोजित किया जा रहा है। इसका आयोजन 24 जून से 31 जुलाई तक हवाई द्वीप समूह और उसके आसपास किया जा रहा है। इस बार अभ्यास की थीम ‘Partners: Integrated and Ready’ रखी गई है, जिसका उद्देश्य सहभागी देशों के बीच बेहतर समन्वय, साझा रणनीति और संयुक्त परिचालन क्षमता को विकसित करना है।

    भारतीय नौसेना का P-8I विमान समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रोधी अभियानों, खुफिया जानकारी जुटाने तथा लंबी दूरी की समुद्री गश्त के लिए अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म माना जाता है। इस विमान की भागीदारी से भारत को समुद्री निगरानी, सूचना साझा करने और सहयोगी नौसेनाओं के साथ संयुक्त संचालन का व्यावहारिक अनुभव मिलेगा। साथ ही इससे समुद्री क्षेत्र में अंतर-संचालन क्षमता को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

    इस वर्ष आयोजित अभ्यास में 30 देशों की नौसेनाएं और सैन्य बल हिस्सा ले रहे हैं। इसमें 30 से अधिक युद्धपोत, पांच पनडुब्बियां, 200 से अधिक सैन्य विमान, 15 देशों की थल सेनाएं तथा लगभग 30 हजार सैन्यकर्मी शामिल हैं। इतने बड़े पैमाने पर होने वाला यह अभ्यास वैश्विक समुद्री सुरक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण मंच माना जाता है, जहां विभिन्न देशों की सेनाएं आधुनिक युद्धक और मानवीय अभियानों का संयुक्त प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं।

    अभ्यास के दौरान प्रतिभागी देश समुद्र और जमीन दोनों क्षेत्रों में कई प्रकार के अभियानों का अभ्यास करेंगे। इनमें पनडुब्बी रोधी युद्ध, हवाई रक्षा, मिसाइल और तोप अभ्यास, समुद्री सुरक्षा अभियान, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत, समुद्री डकैती विरोधी अभियान, बारूदी सुरंग निष्क्रियकरण, विस्फोटक आयुध प्रबंधन, गोताखोरी तथा बचाव अभियान जैसे कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण शामिल हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य विभिन्न सेनाओं के बीच समन्वय और संचालन क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना है।

    सैन्य अधिकारियों का मानना है कि जटिल और वास्तविक परिस्थितियों में संयुक्त अभ्यास से सहभागी देशों की युद्धक तैयारी बेहतर होती है। इसके माध्यम से सैन्य बल आधुनिक रणनीतियों, तकनीकी प्रणालियों और परिचालन प्रक्रियाओं को साझा करते हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में मिलकर प्रभावी ढंग से कार्रवाई करने की क्षमता विकसित होती है। यह अभ्यास समुद्री मार्गों की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों के पालन को भी मजबूती प्रदान करता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सामरिक महत्व को देखते हुए भारत की सक्रिय भागीदारी उसके समुद्री हितों और क्षेत्रीय सहयोग की नीति को और मजबूत करती है। RIMPAC 2026 में भारतीय नौसेना की उपस्थिति न केवल उसकी पेशेवर क्षमता का प्रदर्शन है, बल्कि यह वैश्विक समुद्री सुरक्षा, मुक्त एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र और मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को नई दिशा देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • लखनऊ पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर वरिष्ठ नेताओं संग करेंगे मंथन

    लखनऊ पहुंचे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति पर वरिष्ठ नेताओं संग करेंगे मंथन

    नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचे। उनके दौरे को वर्ष 2027 में प्रस्तावित उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान वह पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी चुनावी रणनीति तथा संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

    लखनऊ पहुंचने पर नितिन नवीन का पार्टी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्ण स्वागत किया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान उनके काफिले के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उनका स्वागत किया और राज्य में उनके आगमन पर शुभकामनाएं दीं। दौरे के दौरान पार्टी नेतृत्व और राज्य सरकार के शीर्ष नेताओं के बीच कई महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है।

    भाजपा सूत्रों के अनुसार इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करना और संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने की रणनीति तैयार करना है। पार्टी नेतृत्व विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से फीडबैक लेकर भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर भी विचार करेगा।

    अपने दो दिवसीय कार्यक्रम के दौरान नितिन नवीन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ भी बैठक करेंगे। इसके अलावा उनकी प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेताओं, प्रदेश अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्रियों, विधायकों तथा विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग चरणों में चर्चा प्रस्तावित है। इन बैठकों में संगठन के विस्तार, जनसंपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों से जुड़े विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    पार्टी नेतृत्व क्षेत्रीय अध्यक्षों, जिला इकाई प्रमुखों और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों के साथ भी संवाद करेगा। माना जा रहा है कि इन बैठकों के माध्यम से जमीनी स्तर पर संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श होगा। भाजपा संगठन आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बूथ स्तर तक अपनी तैयारियों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

    दौरे के दौरान नितिन नवीन समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी निर्धारित है। पार्टी का मानना है कि ऐसे संवादों से विभिन्न वर्गों के सुझाव प्राप्त होंगे और संगठन को व्यापक जनसंपर्क अभियान में मदद मिलेगी।

    भाजपा अध्यक्ष का यह दौरा उत्तर प्रदेश में उनके हालिया दौरों की श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है। इससे पहले भी वह राज्य के विभिन्न शहरों का दौरा कर संगठनात्मक बैठकों में भाग ले चुके हैं। पार्टी नेतृत्व लगातार राज्य में संगठन की सक्रियता बढ़ाने और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद पर जोर दे रहा है।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राजनीतिक राज्य होने के कारण भाजपा की चुनावी रणनीति में केंद्रीय भूमिका निभाता है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह दौरा केवल संगठनात्मक समीक्षा तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की तैयारियों को नई दिशा देने वाले महत्वपूर्ण कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन बैठकों से निकले निर्णय भाजपा की चुनावी रणनीति को और स्पष्ट कर सकते हैं।

  • आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी कार्रवाई, जैश-लश्कर से जुड़े 23 आतंकियों को UAPA के तहत घोषित किया व्यक्तिगत आतंकवादी

    आतंकवाद के खिलाफ भारत की बड़ी कार्रवाई, जैश-लश्कर से जुड़े 23 आतंकियों को UAPA के तहत घोषित किया व्यक्तिगत आतंकवादी


    नई दिल्ली ।
    केंद्र सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और मजबूत करते हुए जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 23 व्यक्तियों को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित कर दिया है। गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से इन सभी के नाम अधिनियम की चौथी अनुसूची में शामिल किए गए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ कानूनी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्रवाई को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

    गृह मंत्रालय के अनुसार सूची में शामिल अधिकांश व्यक्ति पाकिस्तान या पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सक्रिय बताए गए हैं। इन पर भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों की साजिश रचने, आतंकियों की भर्ती करने, प्रशिक्षण देने, हथियारों और विस्फोटकों की आपूर्ति कराने, घुसपैठ में सहायता देने तथा ड्रोन के माध्यम से हथियार भेजने जैसे गंभीर आरोप हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ये सभी विभिन्न आतंकी संगठनों के संचालन और विस्तार में अलग-अलग भूमिकाएं निभाते रहे हैं।

    सरकार का मानना है कि UAPA के तहत किसी व्यक्ति को व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किए जाने से उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी हो जाती है। इससे संबंधित एजेंसियों को आतंकवादी गतिविधियों के वित्तीय, लॉजिस्टिक और परिचालन नेटवर्क पर कार्रवाई करने में भी सहायता मिलती है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय सहयोग और सूचना साझा करने की प्रक्रिया को भी मजबूती मिलती है।

    अधिसूचना में शामिल कई व्यक्तियों पर सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमलों की साजिश, सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ, हथियारों की आपूर्ति तथा भारत में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल को सहायता उपलब्ध कराने के आरोप लगाए गए हैं। कुछ व्यक्तियों के बारे में यह भी कहा गया है कि वे लंबे समय से पाकिस्तान में रहकर प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के लिए संचालन, भर्ती और प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं।

    गृह मंत्रालय के अनुसार सूची में ऐसे व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है जिन पर ड्रोन के माध्यम से हथियार और गोला-बारूद भारत भेजने, आतंकी हमलों की योजना तैयार करने तथा युवाओं को आतंकी संगठनों से जोड़ने का आरोप है। इसके अलावा कुछ नाम ऐसे भी हैं जिनके विभिन्न अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों से संपर्क होने का दावा किया गया है।

    सरकार लगातार आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती तंत्र और सीमा पार से संचालित आतंकी ढांचे के खिलाफ बहुस्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। इसी नीति के तहत समय-समय पर प्रतिबंधित संगठनों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती रही है। हालिया निर्णय को भी उसी अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित किए जाने के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी कार्रवाई की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ समन्वित कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले संगठनों और उनसे जुड़े व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

  • राजस्थान को ₹1.05 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, पीएम मोदी ने रिफाइनरी का उद्घाटन और जयपुर मेट्रो फेज-2 का किया शिलान्यास

    राजस्थान को ₹1.05 लाख करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, पीएम मोदी ने रिफाइनरी का उद्घाटन और जयपुर मेट्रो फेज-2 का किया शिलान्यास

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान को ऊर्जा, परिवहन और औद्योगिक विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं की सौगात देते हुए राज्य के बुनियादी ढांचे को नई गति देने का संदेश दिया। बालोतरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने लगभग 1.05 लाख करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और राष्ट्र को समर्पण किया। इन परियोजनाओं में ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर, जयपुर मेट्रो फेज-2, सौर ऊर्जा संयंत्र और सड़क अवसंरचना से जुड़े कार्य शामिल हैं।

    प्रधानमंत्री ने बालोतरा के पचपदरा में विकसित देश के पहले ग्रीनफील्ड एकीकृत रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल परिसर का उद्घाटन करते हुए इसे भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। अत्याधुनिक तकनीक से विकसित यह परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ-साथ पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस परियोजना के माध्यम से रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल उत्पादन की सुविधाओं को एक ही परिसर में विकसित किया गया है।

    उन्होंने कहा कि इस प्रकार की औद्योगिक परियोजनाएं न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती देंगी बल्कि बड़े पैमाने पर निवेश, रोजगार और सहायक उद्योगों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी। सरकार का लक्ष्य आधुनिक औद्योगिक ढांचा तैयार करना है, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक लाभ मिल सके।

    कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने जयपुर मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का भी शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत लगभग 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण मेट्रो कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इसके पूरा होने के बाद मौजूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ जयपुर मेट्रो की कुल लंबाई 50 किलोमीटर से अधिक हो जाएगी। नई लाइन शहर के प्रमुख औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगी, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होने की उम्मीद है।

    सरकार का मानना है कि मेट्रो विस्तार से शहर में यातायात का दबाव कम होगा, यात्रा का समय घटेगा और औद्योगिक क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और निवेश गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

    प्रधानमंत्री ने राजस्थान में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का भी उल्लेख किया और कहा कि राज्य हरित ऊर्जा उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। इस अवसर पर बीकानेर में स्थापित बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों को राष्ट्र को समर्पित किया गया। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के राष्ट्रीय लक्ष्य को मजबूत करेंगी।

    इसके अलावा जोधपुर क्षेत्र में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। प्रधानमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचना, ऊर्जा, परिवहन और रोजगार से जुड़ी ये परियोजनाएं राजस्थान के समग्र विकास को नई दिशा देंगी तथा राज्य को औद्योगिक, आर्थिक और हरित विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

  • बांग्लादेश से वनडे जंग के लिए तैयार जिम्बाब्वे नगारवा को कप्तानी इनोसेंट काइया और सिकंदर रजा पर बड़ी जिम्मेदारी

    बांग्लादेश से वनडे जंग के लिए तैयार जिम्बाब्वे नगारवा को कप्तानी इनोसेंट काइया और सिकंदर रजा पर बड़ी जिम्मेदारी


    नई दिल्ली । बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। इस बार टीम की कमान पहली बार तेज गेंदबाज रिचर्ड नगारवा को सौंपी गई है। यह उनके करियर का बड़ा पड़ाव माना जा रहा है और अब उनकी अगुआई में जिम्बाब्वे मजबूत शुरुआत करने के इरादे से मैदान में उतरेगा।

    दोनों टीमों के बीच वनडे सीरीज की शुरुआत 6 जुलाई से होगी जबकि दूसरा मुकाबला 9 जुलाई और तीसरा व अंतिम मैच 11 जुलाई को खेला जाएगा। तीनों मुकाबले हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होंगे जहां घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश जिम्बाब्वे करेगा।

    टीम में हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में शानदार शतक लगाने वाले इनोसेंट काइया की वापसी हुई है। काइया ने उस मुकाबले में 140 रन की बेहतरीन पारी खेलकर चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीत लिया। उनके अलावा बेन कुरेन और ब्रायन बेनेट को भी वनडे टीम में शामिल किया गया है जिससे बल्लेबाजी क्रम और मजबूत नजर आ रहा है।

    जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अनुभवी क्रेग एर्विन और हरफनमौला खिलाड़ी सिकंदर रजा पर भी रहेगी। दोनों खिलाड़ी लंबे समय से टीम की रीढ़ बने हुए हैं और उनसे एक बार फिर बड़ी पारियों की उम्मीद होगी।

    गेंदबाजी विभाग में ब्लेसिंग मुजारबानी टीम के सबसे अहम हथियार होंगे। उनके साथ ब्रैड इवांस न्यूमैन न्यामहुरी और अर्नेस्ट मसुकु तेज गेंदबाजी आक्रमण को मजबूती देंगे। वहीं स्पिन विभाग की जिम्मेदारी रयान बर्ल वेस्ली मधेवेरे और वेलिंगटन मसाकाद्जा संभालेंगे। विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी तदिवानाशे मारुमानी और क्लाइव मडांडे को सौंपी गई है।

    हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में जिम्बाब्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक पारी और 85 रन से जीत दर्ज की थी। उस मुकाबले में इनोसेंट काइया के शतक के अलावा क्रेग एर्विन ने 60 रन ब्रायन बेनेट ने 59 रन और वेस्ली मधेवेरे ने नाबाद 77 रन बनाए थे। गेंदबाजी में ब्लेसिंग मुजारबानी ने दोनों पारियों में कुल छह विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभाई थी।

    यह सीरीज जिम्बाब्वे के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि पिछले वर्ष अगस्त में श्रीलंका के खिलाफ वनडे सीरीज खेलने के बाद टीम पहली बार इस प्रारूप में मैदान पर उतरेगी। नई कप्तानी और संतुलित टीम के साथ जिम्बाब्वे की नजर घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए सीरीज अपने नाम करने पर होगी।

    जिम्बाब्वे की वनडे टीम
    रिचर्ड नगारवा कप्तान ब्रायन बेनेट रयान बर्ल बेन कुरेन क्रेग एर्विन ब्रैड इवांस इनोसेंट काइया क्लाइव मडांडे वेस्ली मधेवेरे तदिवानाशे मारुमानी वेलिंगटन मसाकाद्जा अर्नेस्ट मसुकु ब्लेसिंग मुजारबानी न्यूमैन न्यामहुरी और सिकंदर रजा।

  • फीफा वर्ल्ड कप में कोलंबिया का अजेय अभियान जारी घाना को हराकर अब स्विट्जरलैंड से होगी टक्कर

    फीफा वर्ल्ड कप में कोलंबिया का अजेय अभियान जारी घाना को हराकर अब स्विट्जरलैंड से होगी टक्कर


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में कोलंबिया का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। टीम ने राउंड ऑफ 32 मुकाबले में घाना को 1-0 से हराकर न केवल अपनी अजेय लय बरकरार रखी बल्कि अंतिम 16 में भी जगह पक्की कर ली। कैनसस सिटी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में कोलंबिया ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और पूरे मैच के दौरान घाना पर दबाव बनाए रखा।

    मैच की शुरुआत से ही कोलंबियाई खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए लगातार आक्रमण किए। इसका फायदा टीम को 14वें मिनट में मिला जब लुइस जेवियर सुआरेज के शानदार पास पर जॉन एरियास ने बेहतरीन गोल दागकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। यह गोल अंत तक निर्णायक साबित हुआ और कोलंबिया की जीत की मजबूत नींव बन गया।

    पहले हाफ में कोलंबिया के पास बढ़त को दोगुना करने के कई अवसर आए। स्टार खिलाड़ी लुइस डियाज ने बॉक्स के भीतर से शानदार शॉट लगाया लेकिन गेंद लक्ष्य से बाहर निकल गई। इसके बाद जोहान मोजिका के हेडर को घाना के गोलकीपर लॉरेंस अती जिगी ने शानदार बचाव करते हुए गोल में जाने से रोक दिया। दूसरी ओर घाना ने भी कुछ जवाबी हमले किए लेकिन कोलंबिया की मजबूत रक्षापंक्ति के सामने उसके प्रयास सफल नहीं हो सके।

    दूसरे हाफ में भी कोलंबिया का दबदबा कायम रहा। 56वें मिनट में लुइस डियाज ने गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचाया लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया और गोल रद्द कर दिया गया। इसके बावजूद कोलंबियाई टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखे और घाना को वापसी का कोई बड़ा मौका नहीं दिया।

    घाना की टीम पूरे मुकाबले में संघर्ष करती नजर आई। कोलंबिया के सशक्त डिफेंस और मिडफील्ड ने उसे खुलकर खेलने का अवसर ही नहीं दिया। यही वजह रही कि पूरे मैच के दौरान घाना का एक भी शॉट गोलपोस्ट के निशाने पर नहीं लग सका। अंतिम मिनटों में कोलंबिया ने संतुलित रणनीति अपनाते हुए अपनी बढ़त को सुरक्षित रखा और घाना की हर कोशिश को नाकाम कर दिया।

    इस जीत के साथ कोलंबिया ने अंतिम 16 में जगह बना ली है जहां उसका मुकाबला 8 जुलाई को वैंकूवर में स्विट्जरलैंड से होगा। स्विट्जरलैंड ने अपने पिछले मुकाबले में अल्जीरिया को 2-0 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया था। अब दोनों मजबूत टीमों के बीच होने वाला मुकाबला विश्व कप के सबसे रोमांचक मैचों में से एक माना जा रहा है।

  • रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे लियोनेल मेसी वर्ल्ड कप में माराडोना का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ फिर चमके अर्जेंटीना के कप्तान

    रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रहे लियोनेल मेसी वर्ल्ड कप में माराडोना का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ फिर चमके अर्जेंटीना के कप्तान


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी लगातार नए इतिहास रच रहे हैं। काबो वर्डे के खिलाफ खेले गए राउंड ऑफ 32 मुकाबले में मेसी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम करते हुए विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा असिस्ट करने वाले खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने अर्जेंटीना के महान फुटबॉलर डिएगो माराडोना का वर्षों पुराना रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।

    इस मुकाबले में मेसी ने अपना नौवां विश्व कप असिस्ट दर्ज किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड डिएगो माराडोना के नाम था जिन्होंने अपने विश्व कप करियर में आठ असिस्ट किए थे। मेसी अब नौ असिस्ट के साथ इस सूची में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए हैं और एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ गोल करने वाले खिलाड़ी ही नहीं बल्कि अपनी टीम के लिए मौके तैयार करने में भी सबसे आगे हैं।

    मेसी ने काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए 29वें मिनट में अर्जेंटीना के लिए पहला गोल भी दागा। लिसेंड्रो मार्टिनेज के बेहतरीन पास को उन्होंने शानदार तरीके से गोल में बदलकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई। यह विश्व कप में उनके करियर का 20वां गोल भी रहा। इस उपलब्धि के साथ वह पहले ही विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं।

    मेसी ने इस टूर्नामेंट में एक और खास उपलब्धि भी हासिल की। वह फीफा विश्व कप इतिहास के पहले खिलाड़ी बन गए जिन्होंने लगातार आठ मुकाबलों में गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा वह दो अलग अलग विश्व कप संस्करणों में सात सात गोल करने वाले पहले फुटबॉलर भी बन चुके हैं। विश्व कप 2026 में भी वह सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं जबकि फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एम्बाप्पे छह गोल के साथ उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी हैं।

    काबो वर्डे के खिलाफ मुकाबला अर्जेंटीना के लिए आसान नहीं रहा। निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर थीं और मैच अतिरिक्त समय में पहुंच गया। अतिरिक्त समय में मेसी के एक आक्रमण को रोकने की कोशिश में काबो वर्डे के खिलाड़ी डिने बोर्गस से आत्मघाती गोल हो गया जिसने मुकाबले का रुख बदल दिया। इसी गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने रोमांचक मुकाबला 3-2 से जीतकर अगले दौर में जगह बनाई।

    विश्व फुटबॉल में लियोनेल मेसी का यह शानदार प्रदर्शन एक बार फिर उनकी महानता की पुष्टि करता है। लगातार रिकॉर्ड तोड़ते हुए वह न केवल अर्जेंटीना बल्कि विश्व फुटबॉल के इतिहास में अपने नाम को और अधिक सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा रहे हैं।

  • दूसरे टी20 में भी बारिश बन सकती है विलेन भारत इंग्लैंड मुकाबले पर मौसम की टेढ़ी नजर

    दूसरे टी20 में भी बारिश बन सकती है विलेन भारत इंग्लैंड मुकाबले पर मौसम की टेढ़ी नजर


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला शनिवार को मैनचेस्टर के ऐतिहासिक ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा लेकिन मुकाबले से पहले सबसे बड़ी चिंता मौसम को लेकर बनी हुई है। पहले टी20 मैच में बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू ही नहीं हो सकी थी और मुकाबला रद्द करना पड़ा था। अब दूसरे मैच पर भी बारिश का खतरा मंडरा रहा है जिससे क्रिकेट प्रेमियों की चिंता बढ़ गई है।

    मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को मैनचेस्टर में पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है। रिपोर्ट के मुताबिक दिन में बारिश की संभावना करीब 57 प्रतिशत है जबकि मैच के दौरान भी वर्षा होने के करीब 55 प्रतिशत आसार बताए गए हैं। शाम के समय लगभग दो घंटे तक बारिश होने का अनुमान है। ऐसे में यदि मौसम ने साथ नहीं दिया तो लगातार दूसरा मुकाबला भी प्रभावित हो सकता है।

    हालांकि भारतीय टीम चाहेगी कि इस बार पूरा मैच खेला जाए ताकि पहले मुकाबले में दिखाई गई शानदार बल्लेबाजी का फायदा उठाया जा सके। पहले टी20 में भारतीय बल्लेबाजों ने दमदार प्रदर्शन करते हुए 20 ओवर में सात विकेट पर 189 रन बनाए थे। युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा ने विस्फोटक अंदाज में सिर्फ 24 गेंदों पर 59 रन की शानदार पारी खेली थी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए 47 गेंदों में 68 रन बनाए और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

    मध्यक्रम में शिवम दुबे ने भी शानदार फिनिशिंग करते हुए 21 गेंदों में नाबाद 42 रन बनाए। हालांकि संजू सैमसन सिर्फ एक रन बनाकर आउट हो गए जबकि ईशान किशन खाता भी नहीं खोल सके। तिलक वर्मा भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए। इसके बावजूद भारतीय बल्लेबाजों ने बड़ा स्कोर खड़ा किया था लेकिन लगातार बारिश के कारण इंग्लैंड की पारी शुरू नहीं हो सकी और मैच बेनतीजा समाप्त हुआ।

    ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर भारत का रिकॉर्ड संतुलित रहा है। टीम इंडिया ने यहां अब तक दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं जिनमें एक में जीत और एक में हार मिली है। इस मैदान पर भारत ने अपना आखिरी टी20 मुकाबला वर्ष 2018 में खेला था जहां टीम ने इंग्लैंड को आठ विकेट से हराया था। उस मैच में केएल राहुल ने नाबाद शतक लगाकर टीम को शानदार जीत दिलाई थी।

    अब भारतीय टीम की कोशिश होगी कि मौसम साफ रहे और सीरीज में बढ़त हासिल करने का मौका मिले। दूसरी ओर इंग्लैंड भी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाकर वापसी करना चाहेगा। ऐसे में यदि बारिश बीच में बाधा नहीं बनी तो क्रिकेट प्रशंसकों को एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

  • वैभव सूर्यवंशी पर दबाव न बनाएं भारत के लिए करेगा कमाल श्रीलंका के दिग्गज चमिंडा वास का बड़ा बयान

    वैभव सूर्यवंशी पर दबाव न बनाएं भारत के लिए करेगा कमाल श्रीलंका के दिग्गज चमिंडा वास का बड़ा बयान


    नई दिल्ली । श्रीलंका के महान तेज गेंदबाज चमिंडा वास ने भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भविष्य का बड़ा सितारा बताते हुए क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों से अपील की है कि उन पर अनावश्यक दबाव न बनाया जाए। वास का मानना है कि महज 15 वर्ष की उम्र में वैभव ने जिस तरह की प्रतिभा और आत्मविश्वास दिखाया है वह उन्हें आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट का अहम खिलाड़ी बना सकता है।

    तेलंगाना टी20 लीग के दौरान हैदराबाद में बातचीत करते हुए चमिंडा वास ने कहा कि भारत लगातार विश्व स्तर के युवा क्रिकेटर तैयार कर रहा है और वैभव सूर्यवंशी भी उसी कड़ी का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी युवा खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने और खुद को साबित करने के लिए समय की जरूरत होती है। इसलिए वैभव को भी बिना किसी अतिरिक्त अपेक्षा के अपने खेल पर ध्यान देने का अवसर मिलना चाहिए।

    वास ने विश्वास जताया कि वैभव सूर्यवंशी भविष्य में भारतीय टीम के लिए जरूर खेलेंगे और अपनी प्रतिभा से देश को कई यादगार जीत दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस युवा बल्लेबाज में सफल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने के सभी गुण मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ धैर्य और सही मार्गदर्शन की है।

    वैभव सूर्यवंशी पिछले दो वर्षों में भारतीय क्रिकेट का सबसे चर्चित युवा चेहरा बनकर उभरे हैं। आईपीएल 2025 में धमाकेदार शतक लगाने के बाद उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद इंडिया ए और भारत की अंडर 19 टीम के लिए भी उन्होंने अलग अलग प्रारूपों में बेहतरीन बल्लेबाजी की। उनके प्रदर्शन का सिलसिला आईपीएल 2026 में भी जारी रहा जहां राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए उन्होंने 776 रन बनाए और ऑरेंज कैप अपने नाम की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में भी जगह मिली।

    चमिंडा वास ने तेलंगाना टी20 लीग की भी सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के घरेलू टूर्नामेंट युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच देते हैं। उनके अनुसार राज्य स्तर पर नियमित टी20 प्रतियोगिताएं खिलाड़ियों को निखारने के साथ उन्हें आईपीएल और राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने का रास्ता भी तैयार करती हैं।

    उन्होंने कहा कि हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन की यह पहल सराहनीय है क्योंकि इससे कई युवा खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला है। वास ने अपनी टीम पलामुरु स्ट्राइकर्स के युवा खिलाड़ियों की भी तारीफ करते हुए कहा कि टीम भले उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी लेकिन कई खिलाड़ियों ने अपनी बल्लेबाजी और खेल से प्रभावित किया है।

    भारतीय क्रिकेट व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए वास ने कहा कि देश के लगभग हर राज्य में टी20 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। इससे खिलाड़ियों को लगातार प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने का मौका मिलता है और यही अनुभव उन्हें बड़े मंच पर सफल बनने में मदद करता है। उनका मानना है कि भारत की मजबूत घरेलू क्रिकेट संरचना ही लगातार नई प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का सबसे बड़ा कारण है।