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  • वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर

    वर्ल्ड चैंपियन स्पेन को बड़ा झटका, कप्तान रोड्री कराएंगे सर्जरी, लंबे समय तक रह सकते हैं बाहर


    नई दिल्ली । फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन को ऐतिहासिक खिताब दिलाने वाले कप्तान रोड्री एक बार फिर चोट की वजह से सुर्खियों में हैं। शानदार नेतृत्व और दमदार प्रदर्शन से स्पेन को विश्व चैंपियन बनाने वाले इस स्टार मिडफील्डर को अब पीठ की गंभीर चोट के कारण सर्जरी करानी पड़ सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रोड्री की चोट इतनी गंभीर है कि उन्हें लंबे समय तक फुटबॉल से दूर रहना पड़ सकता है। यह खबर न केवल स्पेनिश फुटबॉल टीम बल्कि उनके क्लब मैनचेस्टर सिटी के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है।

    विश्व कप 2026 में रोड्री ने स्पेन के मिडफील्ड को मजबूती देते हुए पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया था। उनकी कप्तानी में स्पेन ने खिताब अपने नाम किया और उनके बेहतरीन खेल के लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। गोल्डन बॉल जीतकर उन्होंने यह साबित किया कि वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली मिडफील्डरों में शामिल हैं। लेकिन विश्व कप की इस सफलता के कुछ ही समय बाद चोट ने उनके करियर की रफ्तार पर फिर से ब्रेक लगा दिया है।

    रोड्री पिछले कुछ वर्षों से लगातार फिटनेस समस्याओं से जूझ रहे हैं। सितंबर 2024 में उन्हें लिगामेंट की गंभीर चोट लगी थी जिसके कारण वह लगभग पूरा 2024-25 सीजन नहीं खेल सके थे। इसके बाद हैमस्ट्रिंग और ग्रोइन की परेशानियों ने भी उनकी वापसी को प्रभावित किया। पिछले सीजन में वह सभी प्रतियोगिताओं में केवल 33 मुकाबले खेल पाए जबकि प्रीमियर लीग में भी सिर्फ 17 मैचों की शुरुआती एकादश का हिस्सा बने।

    चोट से वापसी के बाद भी रोड्री अपनी पुरानी लय हासिल नहीं कर सके। मैनचेस्टर सिटी के तत्कालीन कोच पेप गार्डियोला ने भी स्वीकार किया था कि उन्हें पूरी तरह फिट होने से पहले मैदान पर उतार दिया गया था। अब नई पीठ की चोट ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं तथा सर्जरी की संभावना ने उनके भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

    रोड्री की चोट ऐसे समय सामने आई है जब मैनचेस्टर सिटी के साथ उनके अनुबंध की अवधि भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि 30 वर्षीय स्टार मिडफील्डर अपने पुराने क्लब रियल मैड्रिड में वापसी करने के इच्छुक हैं। हालांकि उनकी मौजूदा फिटनेस और संभावित सर्जरी इस ट्रांसफर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

    रोड्री की अनुपस्थिति को देखते हुए मैनचेस्टर सिटी ने पहले ही अपने मिडफील्ड को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। क्लब ने नॉटिंघम फॉरेस्ट से इलियट एंडरसन को बड़ी रकम खर्च कर टीम में शामिल किया है ताकि रोड्री की गैरमौजूदगी का असर कम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर रोड्री के संभावित रियल मैड्रिड जाने की अटकलों के बीच ऑरेलियन चौमेनी और एडुआर्डो कैमाविंगा के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई प्रीमियर लीग क्लब इन खिलाड़ियों पर नजर बनाए हुए हैं।

    अब सभी की निगाहें रोड्री की सर्जरी और उनकी रिकवरी पर टिकी हैं। यदि वह जल्द स्वस्थ होकर मैदान पर लौटते हैं तो स्पेन और मैनचेस्टर सिटी दोनों को बड़ी राहत मिलेगी। लेकिन फिलहाल चोट ने विश्व फुटबॉल के इस स्टार खिलाड़ी के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल जरूर खड़े कर दिए हैं।

  • राघव जुयाल बोले- 'भाई तेरा स्टार है' से लौटेगी गोविंदा दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी, हर वर्ग के दर्शकों को हंसाने का दावा

    राघव जुयाल बोले- 'भाई तेरा स्टार है' से लौटेगी गोविंदा दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी, हर वर्ग के दर्शकों को हंसाने का दावा

    नई दिल्ली । अभिनेता राघव जुयाल अपनी आगामी फिल्म ‘भाई तेरा स्टार है’ के जरिए दर्शकों के सामने ऐसी पारिवारिक कॉमेडी पेश करने की तैयारी में हैं, जिसका केंद्र केवल मनोरंजन और सहज हास्य है। उनका मानना है कि मौजूदा दौर में दर्शकों के जीवन में बढ़ते तनाव के बीच ऐसी फिल्मों की जरूरत पहले से अधिक है, जिन्हें पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके और कुछ समय के लिए रोजमर्रा की चिंताओं से दूर होकर मुस्कुरा सके। राघव का कहना है कि उनकी कोशिश सिर्फ हंसाने तक सीमित नहीं है, बल्कि दर्शकों को पुराने दौर की साफ-सुथरी कॉमेडी का अनुभव कराना भी है।

    राघव जुयाल के अनुसार, इस फिल्म की सबसे बड़ी प्रेरणा उन फिल्मों की शैली रही है, जिनमें अभिनेता गोविंदा अपनी सहज अदाकारी, हास्य और पारिवारिक मनोरंजन के लिए पहचाने जाते थे। उनका मानना है कि उस दौर की फिल्मों में बिना किसी बनावटीपन के ऐसा हास्य होता था, जिससे हर उम्र का दर्शक जुड़ जाता था। इसी सोच को ध्यान में रखते हुए ‘भाई तेरा स्टार है’ की कहानी और प्रस्तुति तैयार की गई है ताकि परिवार के सभी सदस्य एक साथ बैठकर इसका आनंद उठा सकें।

    फिल्म में राघव अजय सिंह नाम के एक ऐसे युवक की भूमिका निभा रहे हैं, जो खुद को बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता मानता है और बड़े पर्दे का सुपरस्टार बनने के सपने देखता है। हालांकि उसकी अभिनय क्षमता उसके आत्मविश्वास के बिल्कुल विपरीत होती है। अपनी कमजोर अदाकारी के बावजूद वह लगातार खुद को साबित करने की कोशिश करता रहता है और इसी दौरान कई ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जो कहानी को हास्य और मनोरंजन से भर देती हैं। घटनाक्रम उसे एक प्रभावशाली डॉन के साथ ऐसे विवाद में पहुंचा देता है, जहां उसे आर्थिक और व्यक्तिगत दोनों तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

    राघव का कहना है कि फिल्म का हास्य किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक के दर्शक कहानी और किरदारों से जुड़ाव महसूस कर सकें। उनका मानना है कि जब दर्शक किसी पात्र में अपने आसपास के लोगों की झलक देखते हैं, तब मनोरंजन का प्रभाव और अधिक बढ़ जाता है। यही कारण है कि फिल्म के किरदारों और परिस्थितियों को सामान्य जीवन से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

    फिल्म में राघव के साथ निहारिका एनएम, संजय कपूर, बरखा सिंह, चंदन रॉय सान्याल, विवान भटेना, निकी अनेजा वालिया और विकल्प मेहता जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे। अनुभवी और युवा कलाकारों का यह संयोजन फिल्म को अलग रंग देने का प्रयास करता है, जिससे कहानी में विविधता और संतुलन बना रहे।

    निर्देशक विवेक बी. अग्रवाल के निर्देशन में बनी यह फिल्म पारिवारिक मनोरंजन, हल्के-फुल्के हास्य और छोटे शहरों की पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। निर्माताओं को उम्मीद है कि यह फिल्म ऐसे दर्शकों को आकर्षित करेगी जो लंबे समय बाद बिना किसी भारी संदेश या जटिल कथानक के केवल मनोरंजन से भरपूर कॉमेडी देखना चाहते हैं। ‘भाई तेरा स्टार है’ 30 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और इसके जरिए राघव जुयाल दर्शकों के बीच सहज, स्वच्छ और पारिवारिक कॉमेडी की उस परंपरा को फिर से मजबूत करने की उम्मीद लेकर आ रहे हैं।

  • रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम

    रोहित पर भरोसा बरकरार, शमी और संजू बाहर, अभिनव मुकुंद ने चुनी अपनी ड्रीम वर्ल्ड कप टीम


    नई दिल्ली । वनडे विश्व कप 2027 को लेकर क्रिकेट जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं और इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेटर अभिनव मुकुंद ने अपनी पसंदीदा 15 सदस्यीय भारतीय टीम का चयन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मुकुंद की टीम में कई अनुभवी खिलाड़ियों को जगह मिली है जबकि कुछ बड़े नामों को बाहर रखकर उन्होंने चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबसे ज्यादा चर्चा तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन के बाहर रहने की हो रही है। इसके अलावा युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा और रिंकू सिंह को भी मुकुंद ने अपनी टीम में शामिल नहीं किया।

    ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बातचीत के दौरान अभिनव मुकुंद ने अपनी टीम का खुलासा किया। उन्होंने सलामी बल्लेबाज के रूप में शुभमन गिल और रोहित शर्मा को चुना। हाल के समय में रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं लेकिन मुकुंद का मानना है कि बड़े टूर्नामेंट में उनका अनुभव और नेतृत्व भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यही वजह रही कि उन्होंने रोहित पर भरोसा कायम रखा जबकि यशस्वी जायसवाल को अपनी टीम में जगह नहीं दी।

    मुकुंद ने तीसरे नंबर पर विराट कोहली को रखा है जबकि चौथे स्थान के लिए श्रेयस अय्यर को चुना। मध्यक्रम को मजबूत बनाने के लिए उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज के तौर पर केएल राहुल और ईशान किशन को शामिल किया है। संजू सैमसन को टीम से बाहर रखने का फैसला सबसे चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि हाल के वर्षों में उन्होंने सीमित ओवरों के क्रिकेट में कई प्रभावशाली पारियां खेली हैं।

    ऑलराउंडर विभाग में मुकुंद ने हार्दिक पांड्या अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर भरोसा जताया है। उनका मानना है कि ये तीनों खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन प्रदान कर सकते हैं। स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी उन्होंने कुलदीप यादव को सौंपी है जो पिछले कुछ समय से लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन कर रहे हैं।

    तेज गेंदबाजी आक्रमण में मुकुंद ने जसप्रीत बुमराह को मुख्य हथियार माना है। उनके साथ अनुभवी मोहम्मद सिराज को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्रसिद्ध कृष्णा हर्षित राणा और युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को भी टीम में जगह मिली है। गुरनूर बरार का चयन विशेष रूप से चर्चा में है क्योंकि उन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया है और मुकुंद ने उनके प्रदर्शन पर भरोसा दिखाया है।

    मोहम्मद शमी का टीम से बाहर होना क्रिकेट प्रशंसकों के लिए सबसे बड़ा आश्चर्य माना जा रहा है। शमी लंबे समय से भारत के सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाजों में शामिल रहे हैं और बड़े टूर्नामेंटों में उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है। इसके बावजूद मुकुंद ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए युवा गेंदबाजों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल अभिनव मुकुंद की व्यक्तिगत पसंद की टीम है और इसका भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड या राष्ट्रीय चयन समिति से कोई संबंध नहीं है। अंतिम टीम का चयन खिलाड़ियों की फॉर्म फिटनेस प्रदर्शन और चयनकर्ताओं की रणनीति के आधार पर किया जाएगा। फिर भी मुकुंद की इस टीम ने वनडे विश्व कप 2027 को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • तिमाही नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट, मजबूत मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

    तिमाही नतीजों के बाद इंडसइंड बैंक के शेयरों में बड़ी गिरावट, मजबूत मुनाफे के बावजूद निवेशकों ने दिखाई सतर्कता

    नई दिल्ली । पहली तिमाही के वित्तीय नतीजों के बाद निजी क्षेत्र के इंडसइंड बैंक के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बैंक ने मुनाफे और परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार के आंकड़े पेश किए, लेकिन इसके बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया नकारात्मक रही। निवेशकों ने बैंक से जुड़े व्यापक जोखिमों और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर शेयर की कीमत पर साफ दिखाई दिया।

    कारोबार के दौरान बैंक का शेयर तेज दबाव में आ गया और छह प्रतिशत से अधिक गिरकर दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती सत्र में ही स्टॉक में लगातार बिकवाली देखी गई, जिससे यह प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल हो गया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि केवल वित्तीय नतीजे ही नहीं, बल्कि निवेशकों की धारणा और बैंक से जुड़े अन्य मुद्दों ने भी इस गिरावट में भूमिका निभाई।

    वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बैंक का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा। प्रावधान और आकस्मिक खर्चों में कमी आने से बैंक के मुनाफे को मजबूती मिली। इसके साथ ही बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम में भी मामूली वृद्धि दर्ज की गई, जो मुख्य बैंकिंग कारोबार की स्थिरता का संकेत देती है।

    परिसंपत्ति गुणवत्ता के मोर्चे पर भी बैंक ने सुधार दिखाया। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात में कमी दर्ज की गई, जबकि नए फंसे हुए ऋणों की मात्रा भी पिछले वर्ष की तुलना में घटी। आम तौर पर ऐसे संकेत बैंक की वित्तीय स्थिति को बेहतर मानने के लिए सकारात्मक माने जाते हैं, लेकिन इस बार निवेशकों ने इन आंकड़ों के बावजूद सतर्कता बनाए रखी।

    बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के महीनों में बैंक से जुड़ी कुछ घटनाओं ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया है। जून में बैंक को लेकर विभिन्न स्तरों पर कथित कॉरपोरेट गवर्नेंस संबंधी शिकायतों की खबरें सामने आई थीं। इन रिपोर्टों में इनसाइडर ट्रेडिंग, वित्तीय रिकॉर्ड में कथित अनियमितताओं, ऑडिट प्रक्रियाओं और प्रबंधन से जुड़े कुछ आरोपों का उल्लेख किया गया था। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसी खबरों का असर निवेशकों की धारणा पर पड़ता है।

    इसी कारण बेहतर वित्तीय प्रदर्शन के बावजूद बाजार ने अपेक्षित सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। निवेशक केवल तिमाही लाभ पर नहीं, बल्कि बैंक की दीर्घकालिक विश्वसनीयता, प्रबंधन की पारदर्शिता और नियामकीय स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। आने वाले समय में इन पहलुओं पर स्पष्टता मिलने के बाद ही बाजार का रुख अधिक स्थिर हो सकता है।

    शेयर बाजार में किसी भी बैंक के मूल्यांकन पर वित्तीय नतीजों के साथ-साथ निवेशकों का भरोसा, जोखिम प्रबंधन और कॉरपोरेट गवर्नेंस का भी बड़ा प्रभाव होता है। इंडसइंड बैंक के मामले में पहली तिमाही के नतीजों ने परिचालन प्रदर्शन में सुधार का संकेत जरूर दिया है, लेकिन बाजार फिलहाल व्यापक तस्वीर को देखते हुए सावधानी बरत रहा है। अब निवेशकों की निगाह बैंक के आगामी तिमाही प्रदर्शन, नियामकीय घटनाक्रम और प्रबंधन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर रहेगी, जो आगे शेयर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला

    ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं खेलेंगे इबादत हुसैन, पारिवारिक कारणों से लिया बड़ा फैसला


    नई दिल्ली । ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगले महीने शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज इबादत हुसैन इस महत्वपूर्ण दौरे का हिस्सा नहीं होंगे। पारिवारिक कारणों की वजह से उन्होंने खुद को इस सीरीज से अलग रखने का फैसला किया है। उनकी पत्नी जल्द ही अपने पहले बच्चे को जन्म देने वाली हैं और इसी खास मौके पर परिवार के साथ रहने को प्राथमिकता देते हुए इबादत ने राष्ट्रीय टीम से अस्थायी दूरी बनाई है। ऐसे में बांग्लादेश को ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ अपने प्रमुख तेज गेंदबाज के बिना मैदान में उतरना पड़ेगा।

    बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 13 अगस्त से डार्विन में होगी जबकि दूसरा मुकाबला 22 अगस्त से खेला जाएगा। यह सीरीज आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है इसलिए दोनों टीमों के लिए हर मुकाबला बेहद अहम माना जा रहा है। इबादत हुसैन की गैरमौजूदगी बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर कर सकती है क्योंकि वह नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता रखते हैं और विदेशी परिस्थितियों में भी प्रभावी प्रदर्शन कर चुके हैं।

    इधर टीम के एक अन्य प्रमुख तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद ने भी बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया दौरे की बेहतर तैयारी के लिए लंका प्रीमियर लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। तस्कीन का मानना है कि यदि वह लीग क्रिकेट खेलते तो टेस्ट सीरीज की तैयारी के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में खेलने का अवसर बार बार नहीं मिलता इसलिए उन्होंने फ्रेंचाइजी क्रिकेट की बजाय राष्ट्रीय टीम को प्राथमिकता दी।

    तस्कीन ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीएल से हटने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान जरूर हुआ है लेकिन देश के लिए खेलने और टेस्ट क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने का मौका उनके लिए अधिक महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि अच्छी तैयारी के साथ मैदान में उतरना टीम के हित में होगा और यही फैसला भविष्य में बेहतर परिणाम देने में मदद करेगा।

    उधर बांग्लादेश टीम की चिंता केवल इबादत हुसैन तक सीमित नहीं है। तेज गेंदबाज नाहिद राणा की फिटनेस पर भी संशय बना हुआ है। उनकी चोट का स्कैन कराया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि वह पहले टेस्ट में खेल पाएंगे या नहीं। इसके अलावा अनुभवी बल्लेबाज लिटन दास भी पिंडली की चोट से उबर रहे हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह समय रहते पूरी तरह फिट होकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।

    बांग्लादेश की टीम अगले महीने की शुरुआत में ऑस्ट्रेलिया पहुंचेगी जहां 3 अगस्त से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इलेवन के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच खेला जाएगा। इस मुकाबले के जरिए खिलाड़ी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालने की कोशिश करेंगे। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ टेस्ट सीरीज बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती होगी और टीम चाहेगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के दम पर मजबूत प्रदर्शन कर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अहम अंक हासिल किए जा सकें।

  • पहले टी20 के लिए आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी, रिंकू सिंह को नहीं मिली जगह, हर्ष दुबे बने सरप्राइज पिक

    पहले टी20 के लिए आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी, रिंकू सिंह को नहीं मिली जगह, हर्ष दुबे बने सरप्राइज पिक


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का पहला मुकाबला गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेला जाएगा। इस मुकाबले से पहले पूर्व भारतीय क्रिकेटर और क्रिकेट विश्लेषक आकाश चोपड़ा ने अपनी पसंदीदा भारतीय प्लेइंग इलेवन का चयन किया है। उनकी टीम में युवा खिलाड़ियों पर खास भरोसा दिखाई देता है। खास बात यह रही कि उन्होंने ऑलराउंडर हर्ष दुबे को अंतिम एकादश में शामिल किया, जबकि रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों को जगह नहीं दी।

    आकाश चोपड़ा ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए वीडियो में टीम का चयन करते हुए सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को सौंपी है। वैभव ने हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। हालांकि शुरुआती तीन मैचों में वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन आकाश का मानना है कि जिम्बाब्वे दौरा उनके लिए खुद को साबित करने का अच्छा अवसर हो सकता है।

    तीसरे नंबर पर उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन को रखा है। इंग्लैंड के खिलाफ ईशान का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, लेकिन आकाश को भरोसा है कि वह इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर को चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी गई है। आकाश का मानना है कि अय्यर कप्तानी के साथ साथ बल्लेबाजी में भी टीम के लिए अहम भूमिका निभाएंगे।

    मध्यक्रम में उपकप्तान तिलक वर्मा को पांचवें स्थान पर रखा गया है। इसके बाद ऑलराउंडरों के रूप में शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे और हर्ष दुबे को मौका दिया गया है। हर्ष दुबे को टीम में शामिल करना आकाश चोपड़ा की सबसे बड़ी पसंद माना जा रहा है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार इतनी अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई गई है।

    गेंदबाजी विभाग में आकाश ने तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव पर भरोसा जताया है। दोनों अपनी रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं। स्पिन विभाग की जिम्मेदारी रवि बिश्नोई को सौंपी गई है, जिन्हें उन्होंने टीम का इकलौता विशेषज्ञ स्पिनर चुना है।

    आकाश चोपड़ा की इस संभावित प्लेइंग इलेवन में सबसे बड़ा फैसला रिंकू सिंह और प्रभसिमरन सिंह को बाहर रखना रहा। दोनों खिलाड़ी उनकी अंतिम एकादश में जगह नहीं बना सके। इससे साफ है कि उन्होंने इस मुकाबले के लिए संतुलित टीम संयोजन और ऑलराउंड विकल्पों को प्राथमिकता दी है।

    हालांकि यह केवल आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन है। अंतिम फैसला टीम प्रबंधन और कप्तान श्रेयस अय्यर मैच की परिस्थितियों और पिच को ध्यान में रखते हुए करेंगे। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि भारतीय टीम पहले मुकाबले में किस संयोजन के साथ मैदान पर उतरती है।

    आकाश चोपड़ा की संभावित प्लेइंग इलेवन:
    अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा, शिवम दुबे, सूर्यांश शेडगे, हर्ष दुबे, मयंक यादव, प्रिंस यादव, रवि बिश्नोई।

  • जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा संदेश, इलाज से लेकर शिकायतों तक हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा

    जनता दर्शन में सीएम योगी का बड़ा संदेश, इलाज से लेकर शिकायतों तक हर समस्या के समाधान का दिया भरोसा

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि जन समस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता तथा तत्परता के साथ कार्य करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को न्याय और राहत समय पर मिल सके।

    गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और हर मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर समाधान किया जाना चाहिए।

    मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़े मामलों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि लोगों की शिकायतें अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। पारिवारिक विवादों के मामलों में उन्होंने पहले आपसी संवाद और समझौते के प्रयास करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कानूनी प्रक्रिया अपनाने की बात कही। उनका कहना था कि हर शिकायत का समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे संबंधित व्यक्ति पूरी तरह संतुष्ट महसूस करे।

    जनता दर्शन में कई ऐसे लोग भी पहुंचे जिन्होंने गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें भरोसा दिलाया कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी जरूरतमंद का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र मरीजों के इलाज का अनुमानित खर्च जल्द तैयार कर शासन को भेजा जाए, ताकि आवश्यक धनराशि समय पर उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार गंभीर बीमारियों के उपचार में हरसंभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि सभी पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड समय पर बनाए जाएं, जिससे जरूरत पड़ने पर उन्हें सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी मामलों में किसी भी जरूरतमंद को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना चाहिए और प्रशासन को इस दिशा में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना चाहिए।

    गोरखपुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। उन्होंने सुबह गोरखनाथ मंदिर में गुरु गोरखनाथ का दर्शन और पूजन किया तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए गोशाला पहुंचे, जहां उन्होंने गायों और गोवंश को गुड़ खिलाया तथा उनकी देखभाल कर रहे कर्मचारियों से व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने गोवंश के बेहतर संरक्षण और देखभाल के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या उदासीनता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रशासन को जनता के प्रति जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।

  • भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का रोमांच शुरू, इन पांच खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का रुख

    भारत-जिम्बाब्वे टी20 सीरीज का रोमांच शुरू, इन पांच खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय कर सकता है मुकाबले का रुख


    नई दिल्ली । भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आगाज गुरुवार से होने जा रहा है। इंग्लैंड दौरे के बाद टीम इंडिया अब नई चुनौती के लिए तैयार है। इस बार टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है और उनका लक्ष्य कप्तान के रूप में विजयी शुरुआत करना होगा। सीरीज में कई युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा साबित करने का मौका मिलेगा, जबकि कुछ अनुभवी चेहरे भी टीम की जीत में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में पांच भारतीय खिलाड़ियों पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहने वाली है।

    सबसे पहले बात करें युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की। इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले वैभव उम्मीदों के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे। लगातार तीन मैचों में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहने के बाद अब उनके पास जिम्बाब्वे के खिलाफ खुद को साबित करने का शानदार अवसर है। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वैभव से टीम इंडिया को तेज शुरुआत की उम्मीद होगी।

    सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा भी इस सीरीज के सबसे अहम खिलाड़ियों में शामिल हैं। जिम्बाब्वे के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार रहा है और उन्होंने छह टी20 मुकाबलों में 179 रन बनाए हैं। हालांकि इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के अंतिम तीन मैचों में उनका बल्ला शांत रहा था। ऐसे में वह इस दौरे पर दमदार वापसी करने के इरादे से उतरेंगे। अभिषेक के पास कई व्यक्तिगत रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी मौका है।

    कप्तान श्रेयस अय्यर पर भी सभी की नजरें रहेंगी। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी की थी और अब उसी लय को टी20 प्रारूप में भी बरकरार रखना चाहेंगे। अय्यर की सबसे बड़ी ताकत परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करना है। वह जरूरत पड़ने पर पारी को संभाल भी सकते हैं और तेजी से रन भी बना सकते हैं। कप्तान के तौर पर उनका प्रदर्शन टीम इंडिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा।

    तेज गेंदबाज प्रिंस यादव भी इस सीरीज में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अपनी रफ्तार और सटीक यॉर्कर से प्रभावित किया था, हालांकि विकेट उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं मिले। जिम्बाब्वे के खिलाफ वह नई गेंद और डेथ ओवरों दोनों में टीम के लिए प्रभावी साबित हो सकते हैं। उनकी गति विपक्षी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।

    वहीं तेज गेंदबाज मयंक यादव की वापसी भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए उत्साह का विषय है। अपनी तेज रफ्तार के कारण आईपीएल में सुर्खियां बटोर चुके मयंक लंबे समय तक चोट से जूझते रहे हैं। अनुभवी गेंदबाजों की गैरमौजूदगी में उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलने की संभावना है। यदि वह अपनी पुरानी लय में दिखाई देते हैं तो भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को नई धार मिल सकती है।

    युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के इस संतुलित संयोजन के साथ टीम इंडिया जिम्बाब्वे के खिलाफ जीत के इरादे से मैदान में उतरेगी। अब देखना होगा कि इन पांच खिलाड़ियों में कौन अपने प्रदर्शन से सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ता है और भारत को सीरीज में बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।

  • रेलवे स्टेशन पर एक छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए कहां सबसे ज्यादा निशाना बनाते हैं चोर

    रेलवे स्टेशन पर एक छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए कहां सबसे ज्यादा निशाना बनाते हैं चोर

    नई दिल्ली । भारतीय रेलवे से हर दिन करोड़ों यात्री सफर करते हैं और इसी भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल और अन्य कीमती सामान चोरी करने वाले गिरोह सक्रिय रहते हैं। अधिकांश लोगों को लगता है कि चोरी का सबसे बड़ा खतरा केवल ट्रेन के अंदर होता है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार रेलवे स्टेशन के कुछ हिस्से भी ऐसे हैं जहां यात्रियों को सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। थोड़ी सी लापरवाही कुछ ही सेकंड में मोबाइल, पर्स या अन्य जरूरी सामान के नुकसान का कारण बन सकती है।

    रेलवे स्टेशन पर टिकट बुकिंग काउंटर ऐसी जगहों में शामिल है जहां यात्रियों का पूरा ध्यान टिकट लेने या भुगतान करने पर होता है। इसी दौरान जेबकतरे और मोबाइल चोर भीड़ का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश करते हैं। कई बार लोग मोबाइल हाथ में लेकर या जेब में ढीला रखकर लाइन में खड़े रहते हैं, जिससे चोरी का जोखिम और बढ़ जाता है। भीड़भाड़ वाले समय में यह खतरा और अधिक बढ़ जाता है।

    स्टेशन पर ट्रेन के रुकने या चलने के दौरान दरवाजों और खिड़कियों के पास भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कई मामलों में चोर प्लेटफॉर्म से अचानक हाथ बढ़ाकर यात्रियों के हाथ से मोबाइल छीन लेते हैं और भीड़ में तेजी से गायब हो जाते हैं। ऐसी घटनाएं खासकर तब होती हैं जब यात्री ट्रेन के दरवाजे या खिड़की पर खड़े होकर फोन पर बात कर रहे होते हैं या वीडियो बना रहे होते हैं। इसलिए ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर रुकते ही मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करना सुरक्षित माना जाता है।

    रेलवे स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर और अन्य भीड़भाड़ वाले रास्ते भी चोरी की घटनाओं के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। इन स्थानों पर यात्रियों का ध्यान अक्सर आगे बढ़ने या सामान संभालने में लगा रहता है। ऐसे में जेबकतरे बिना किसी शोर-शराबे के मोबाइल या पर्स निकाल लेते हैं। इसलिए यात्रा के दौरान बैग को हमेशा अपने सामने रखें और मोबाइल को सुरक्षित स्थान पर रखें।

    सुरक्षा के लिए यात्रियों को सलाह दी जाती है कि मोबाइल को हाथ में लेकर अनावश्यक रूप से न चलें और उसे बैग के सुरक्षित हिस्से में रखें। बैग की चेन हमेशा बंद रखें और उसे अपनी ओर रखें। यदि भीड़ अधिक हो तो अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर बनाए रखें। अपरिचित लोगों की अनावश्यक बातचीत या धक्का-मुक्की के दौरान विशेष सतर्कता बरतना भी जरूरी है।

    यदि किसी कारण से मोबाइल चोरी हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत आवश्यक कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले रेलवे हेल्पलाइन 139 या रेलवे सुरक्षा बल की हेल्पलाइन 182 पर घटना की सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई शुरू की जा सके। इसके अलावा मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार के सीईआईआर पोर्टल पर जाकर IMEI नंबर के माध्यम से फोन को ब्लॉक कराया जा सकता है। समय पर शिकायत दर्ज कराने और आवश्यक डिजिटल सुरक्षा उपाय अपनाने से मोबाइल का गलत इस्तेमाल रोकने में मदद मिल सकती है। रेलवे यात्रा के दौरान थोड़ी सतर्कता, सुरक्षित आदतें और समय पर उठाए गए कदम यात्रियों को आर्थिक नुकसान और अनावश्यक परेशानी से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

  • CJP प्रदर्शन से जुड़े मौत के दावों की पड़ताल, वायरल वीडियो को लेकर सामने आई आधिकारिक जानकारी

    CJP प्रदर्शन से जुड़े मौत के दावों की पड़ताल, वायरल वीडियो को लेकर सामने आई आधिकारिक जानकारी

    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट तेजी से वायरल हुए, जिनमें प्रदर्शन के दौरान लोगों की मौत होने और शवों को छिपाए जाने जैसे गंभीर दावे किए गए। इन दावों के व्यापक प्रसार के बीच प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक इकाई और दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए वायरल दावों को भ्रामक बताया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांचें।

    सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर साझा किए गए पोस्ट में दावा किया गया कि प्रदर्शन के दौरान कई लोगों की जान गई। कुछ पोस्ट में एक युवती की मौके पर मौत होने का भी दावा किया गया, जबकि कुछ वीडियो में घायल लोगों के दृश्य दिखाकर उन्हें मौत की घटना से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। इन पोस्टों के वायरल होने के बाद मामले ने व्यापक चर्चा का रूप ले लिया।

    प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई ने इन दावों की जांच के बाद स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत होने संबंधी दावा सही नहीं है। फैक्ट चेक इकाई ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही ऐसी जानकारी तथ्यों पर आधारित नहीं है। इसके साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें तथा भ्रामक सामग्री को आगे साझा करने से बचें।

    दिल्ली पुलिस ने भी इस संबंध में अपना पक्ष स्पष्ट किया है। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसी भी व्यक्ति की मृत्यु की सूचना दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर मौत और शव छिपाने जैसे दावे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने और किसी भी सूचना की पुष्टि आधिकारिक माध्यमों से करने की सलाह दी है।

    हालांकि प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस कार्रवाई के दौरान कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। उनका कहना है कि कुछ लोगों को सिर में चोट, फ्रैक्चर और अन्य गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन इन घटनाओं को लेकर सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में घायल होने की घटनाओं को मौत की खबरों के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हुई।

    इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ लोगों ने आधिकारिक स्पष्टीकरण का समर्थन किया, जबकि कुछ ने वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की वास्तविक स्थिति को लेकर सवाल उठाए। कई उपयोगकर्ताओं ने यह भी मांग की कि वायरल वीडियो और उसमें दिखाई देने वाली घटनाओं के बारे में अधिक स्पष्ट और प्रमाणिक जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके।

    विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील घटनाओं के दौरान सोशल मीडिया पर अपुष्ट दावे और पुराने या संदर्भ से हटकर वीडियो तेजी से फैलते हैं, जिससे गलत सूचना का प्रसार होता है। ऐसे मामलों में आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना और तथ्यात्मक जानकारी साझा करना बेहद आवश्यक होता है। इससे न केवल अफवाहों पर रोक लगती है, बल्कि सामाजिक तनाव और भ्रम की स्थिति भी कम होती है।

    इस पूरे मामले में आधिकारिक एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि वायरल दावों की सत्यता स्थापित नहीं हुई है। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी वीडियो, तस्वीर या संदेश को साझा करने से पहले उसकी पुष्टि करें और केवल प्रमाणित जानकारी पर ही भरोसा करें।