महिलाओं की स्थिति से तय होती है राष्ट्र की प्रगति: न्यायाधीश दिलीप गुप्ता


भिण्ड। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय अस्मिता खेल कार्यक्रम का आयोजन राजीव गांधी स्टेडियम में किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से आई महिलाओं और छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और खेल गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। पूरे आयोजन में ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुटुम्ब न्यायालय के न्यायाधीश दिलीप गुप्ता द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति का वास्तविक आकलन वहां की महिलाओं की स्थिति से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि किसी समाज में महिलाएं शिक्षित, सुरक्षित और सशक्त हैं तो वह समाज निश्चित रूप से विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता है।

न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक औपचारिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के संघर्ष, साहस और उनकी असीम क्षमताओं को सम्मान देने का दिन है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब भी महिलाओं को अवसर मिला है, उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से हर क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने आगे कहा कि समाज की धुरी नारी है और उसके बिना किसी भी परिवार, समाज या राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। आज महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि न्यायपालिका, प्रशासन, शिक्षा, विज्ञान, खेल और रक्षा सहित हर क्षेत्र में अपनी योग्यता और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। उन्होंने छात्राओं और महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर जीवन में आगे बढ़ें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भागीदार बनें।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया, जिनमें छात्राओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियों ने अपनी खेल प्रतिभा और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया। आयोजन का उद्देश्य महिलाओं में खेल भावना को बढ़ावा देना, आत्मविश्वास विकसित करना और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाना था।

इस अवसर पर जिला प्रशासन के अधिकारी, खेल विभाग के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में छात्राएं और महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं और समाज में उनके प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के संदेश को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।