टी20 वर्ल्ड कप के पीछे की कहानी, गंभीर बोले अगरकर ईमानदारी से काम कर रहे, अजीत ने रचा 'चक्रव्यूह'


नई दिल्ली। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस ऐतिहासिक जीत के पीछे टीम के लिए रणनीति तैयार करने वाले मास्टरमाइंड अजीत अगरकर थे, जिनके कड़े और साहसिक फैसलों ने टीम इंडिया को विजेता बनाया। हेड कोच गौतम गंभीर ने इस मौके पर कहा, “अगरकर की काफी आलोचना होती रही, लेकिन वह अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे हैं।” अगरकर के नेतृत्व में भारत ने पिछले तीन वर्षों में वनडे वर्ल्ड कप 2023, टी20 वर्ल्ड कप 2024, और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी जीत हासिल की थी।

सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष के रूप में अगरकर की रणनीति
अजीत अगरकर ने 2023 में सीनियर चयन समिति के अध्यक्ष का पद संभाला। इस दौरान उन्होंने टीम की लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को मौके दिए, फिटनेस और फॉर्म को प्राथमिकता दी और टीम में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को बाहर किया। अगरकर के फैसलों में एक खास रणनीति यह थी कि भविष्य की पीढ़ी को मजबूत आधार मिल सके। उनके इस दृष्टिकोण का असर टी20 वर्ल्ड कप 2026 में साफ नजर आया, जब टीम ने शानदार प्रदर्शन किया।

कप्तान और कोच के बीच तालमेल
टी20 वर्ल्ड कप में सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया, जबकि हार्दिक पंड्या पर भी दांव खेला जा रहा था। अगरकर ने सूर्या पर भरोसा जताया और वह तीसरे भारतीय कप्तान बने जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप जीताया। सूर्यकुमार ने बताया कि हेड कोच गंभीर के साथ उनका तालमेल शानदार रहा, जिससे प्लेइंग इलेवन तैयार करना आसान हुआ। अगरकर की यह रणनीति टीम के भीतर सामंजस्य और विजेता मानसिकता बनाने में सफल रही।

युवा सितारों को मिले मौके, टीम को मिले नायक
टी20 वर्ल्ड कप में ईशान किशन को टीम में मौका दिया गया, जिन्होंने 9 मैचों में 317 रन बनाए और चौथे नंबर पर सर्वाधिक रन बनाने वालों की सूची में स्थान पाया। इसके अलावा संजू सैमसन, जो पिछले साल खासा प्रभावित नहीं कर सके थे, को अगरकर ने टीम में शामिल किया। संजू ने वेस्टइंडीज (97*), इंग्लैंड (89) और न्यूजीलैंड (89) के खिलाफ शानदार पारियां खेली और 321 रन बनाकर ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ बने।

पर्दे के पीछे का मास्टरमाइंड
अजीत अगरकर ने पूरी टूर्नामेंट के दौरान पर्दे के पीछे टीम के लिए रणनीति बनाई और निर्णायक कदम उठाए। रोहित शर्मा के स्थान पर शुभमन गिल को वनडे टीम की कमान देना और युवा खिलाड़ियों को मौके देना उनके साहसिक फैसलों का हिस्सा था। अगरकर ने अपनी ईमानदारी और दूरदर्शिता से भारतीय क्रिकेट को नए बुलंदियों तक पहुंचाया।