बढ़ते व्यापारिक सहयोग के संकेत, भारत-ताइवान का कारोबार 12 अरब डॉलर से ऊपर


नई दिल्ली भारत और ताइवान के बीच सकल व्यापार 2025 के आधार पर 17 प्रतिशत अनुपात 12.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी ताइपे निकोलाईक एंड कल्चरल सेंटर (टीआइसीसी) ने जारी किये आंकड़े में दी। भारत का ताइवान 3.3 अरब डॉलर का है, जिसमें ईंधन, एल्यूमीनियम, लोहा, स्टील, जैविक रसायन और प्लास्टिक शामिल हैं। ताइवान का भारत 9.2 अरब डॉलर का है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटेग्रेटेड सर्किट, प्लास्टिक, बायोलॉजिकल केमिकल, इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रानिक्स, लोहा और स्टील प्रमुख हैं।

टीआईसीके के डायरेक्ट डिवीजन के डायरेक्टर एस्टेला चेन ने ‘ताइवान एक्सीलेंस’ एक्सपो के दौरान कहा कि ताइवान सेमीकंडक्टर, स्टूडियो सर्वर, प्लेसओटी टोटल सॉल्यूशन और एज लीडर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत-ताइवान व्यापार ने 12.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड स्तर गिरा दिया और दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार सहयोग मजबूत हुआ।

चेन ने आगे कहा कि ताइवानी उद्योगपति भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव सेक्टर में सक्रिय निवेश कर रहे हैं, जबकि भारतीय उद्योगपति ताइवान के आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान भारत के प्रमुख पहल जैसे डिजिटल इंडिया और इंडिया मिशन में शामिल होकर योगदान दे रहे हैं। टेक्नोलॉजी और आईओटी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस हाई-टेक उत्पाद डिजाइन तक ताइवान की विशेषज्ञता भारत के डिजिटल बदलाव में मदद कर रही है।

वर्तमान में भारत में 300 से अधिक ताइवानी पर्यटक सक्रिय हैं। हालाँकि, अमेरिका (246.43 अरब डॉलर), चीन (100.1 अरब डॉलर), दक्षिण कोरिया (90.2 अरब डॉलर) और जापान (84.85 अरब डॉलर) जैसे देशों के साथ ताइवान के व्यापार की तुलना में भारत के साथ व्यापार में और अधिक वृद्धि की संभावना है। यह बढ़ती आर्थिक और तकनीकी सहायता के लिए नई स्टैमिना का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।