जयपुर। राजस्थान (Rajasthan) के सलूम्बर जिले (Salumber district) के 2 गांवों में रहस्यमयी बीमारी (Mysterious Disease) से 5 बच्चों की मौत हो गई है। इसको लेकर सूबे के स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Chief Minister Bhajanlal Sharma) के निर्देश पर उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज और जयपुर से विशेषज्ञों की टीमें जांच के लिए भेजी गई हैं। मुख्य सचिव और स्वास्थ्य विभाग ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की कड़ी निगरानी करने के आदेश दिए हैं। बुखार के लक्षणों वाले बच्चों की सघन स्क्रीनिंग करने को कहा गया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सलूम्बर जिले के दो गांवों में रहस्यमयी बीमारी से पांच बच्चों की मौत की जानकारी सामने आई है। इसको लेकर राजस्थान सरकार की ओर से जिला प्रशासन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को वस्तुस्थिति पर नजर रखने को कहा गया है। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में बुखार के लक्षण वाले बच्चों की सघन मेडिकल जांच कराने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मांगी रिपोर्ट
रहस्यमय बीमारी के फैलने की बात सामने आने पर राजस्थान सरकार ने आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित कर गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सूत्रों ने बताया कि सलूम्बर में बच्चों की मौत का मामला सामने आने पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तत्काल अधिकारियों को वस्तुस्थिति पता करने को कहा है।
भेजी विशेषज्ञों की टीम
सीएम ने अधिकारियों से मौत की वजहों का पता लगाने के साथ ही बीमारी की रोकथाम के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं राज्य का स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया है। उसने तत्काल प्रभाव से आरएनटी मेडिकल कॉलेज, उदयपुर के चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम गठित की है। साथ ही टीमों को बीमारी से प्रभावित गांवों में भेजा है।
बच्चों की मौत का कारण पता करेंगी
विशेषज्ञों की ये टीमें बच्चों की मौत का कारण पता करेंगी। साथ ही बीमारी से बचाव के संबंध में भी जरूरी कार्यवाही सुनिश्चित करेंगी। स्वास्थ्य निदेशालय, जयपुर से भी एक टीम भेजी गई है। मुख्य सचिव वी श्रीनिवास ने भी सोमवार रात को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मामले की पूरी जानकारी ली।
रोकथाम के उपाय लागू करने के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन के साथ अन्य अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने को कहा है। साथ ही मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए एंटीलार्वा, सोर्स रिडक्शन, फोगिंग के साथ अन्य रोकथाम के उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं।
टीमें तैनात करने के आदेश
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने सलूम्बर जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वे प्रभावित गांवों और आस-पास के क्षेत्रों में स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें तैनात करें। यही नहीं बुखार के लक्षण वाले बच्चों की गहन जांच सुनिश्चित करें। किसी भी बच्चे में लक्षण मिलें तो तत्काल उपचार उपलब्ध कराएं। गंभीर बीमार बच्चों को तत्काल जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज से संबद्ध अस्पतालों में रेफर करें।
